Spicy Sex Life

यूं तो आपने अनेक तरह के फूड के बारे में सुना होगा, जैसे- चाइनीज़ फूड, मुगलई फूड, इटालियन फूड, थाई फूड आदि. लेकिन क्या आपने ‘लव फूड’ (Love Food) के बारे में सुना है? आइए, ऐसे ही कुछ लव रेसिपीज़, लव फ्रूट्स और ड्रिंक्स के बारे में जानें मुंबई की डायटीशियन ममता शर्मा से.

Love Foods

लव रेसिपीज़

अ‍ॅायस्टर ड्रमस्टिक करी: ड्रमस्टिक यानी सहिजन में लव फीलिंग्स को बढ़ाने की ख़ूबियां होती हैं और अ‍ॅायस्टर के साथ ड्रमस्टिक मिलकर रोमांटिक फीलिंग्स को दोगुना कर देती है.

खीर: दूध और ड्राय़फ्रूट्स से बनी इस स्वीट डिश का मीठा टेस्ट मूड को हल्का करता है. ड्राय़फ्रूट्स का ए़फ्रोडिसियक (प्यार की कामना) नेचर दूध के साथ मिलकर लव फीलिंग्स को बढ़ाता है.

हलवा: सूजी या बेसन और ड्रायफ्रूट्स से बनी इस स्वीट डिश से लव हार्मोन रिलीज़ होने में मदद मिलती है और रोमांटिक फीलिंग्स बढ़ती है.

आइस्क्रीम विद नट्स: आइस्क्रीम में मिले नट्स- बादाम, अखरोट आदि रोमांटिक फीलिंग्स को बढ़ाने में सहायक होते हैं.

चीज़ केक विद स्ट्रॉबेरी: स्ट्रॉबेरी को चीज़ केक के साथ मिलाकर भी रोमांटिक फूड के रूप में सर्व किया जाता है.

स्ट्रॉबेरी विद चॅाकलेट: स्ट्रॉबेरी के साथ चॅाकलेट मिलाकर सर्व करना सबसे अधिक रोमांटिक माना जाता है. चॅाकलेट इंसान के मूड को हल्का-फुल्का बनाता है, जबकि स्ट्रॉबेरी उत्तेजना को बढ़ाता है. इसलिए स्ट्रॉबेरी को शैंपेन के साथ सर्व करते हैं. इसे किसी अन्य ड्रिंक के साथ सर्व नहीं किया जाता.

चॅाकलेट: यह इंसान के मूड को जॅाली और फ्रेश करती है. इसलिए इसको ‘मूड चेंजिंग फूड’ भी कहते हैं. इससे व्यक्ति के अंदर रोमांटिक फीलिंग्स बढ़ती है.

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Sex Foods
लव फ्रूट्स

स्ट्रॉबेरी: इसमें विटामिन ‘सी’ होता है, जो एंटी-अ‍ॅाक्सीडेंट का काम करता है. यह एंटी-अ‍ॅाक्सीडेंट शरीर की मांसपेशियों और टिशू के लिए आवश्यक होता है.

केला: केले में पोटैशियम और विटामिन ‘बी’ होता है, जो सेक्सुअल हार्मोन बनाने में मदद करता है.

पपीता: इसमें ऐसे केमिकल होते हैं, जो फीमेल हार्मोन के प्रोडक्शन में मदद करतेे हैं और ये हार्मोन रोमांटिक फीलिंग्स बढ़ाने में सहायक होते हैं.

एवोकेडो: इसके आकार की वजह से इसे लव फूड कहते हैं. इसमें विटामिन ई और बी6 होता है, जो रोमांटिक फीलिंग्स और एनर्जी के लिए ज़रूरी है.

अंजीर: मॅाडेस्टी और सेक्सुअलिटी का प्रतीक है अंजीर. इसमें बहुत अधिक मात्रा में पोषक तत्व होते हैं, जो स्वस्थ शरीर और लव फीलिंग्स के लिए अनिवार्य हैं.

रसबेरी: गुलाब की फैमिली का होने के कारण इसे ‘फ्रूट अ‍ॅाफ़ लव’ भी कहते हैं. इसमें फ़ायबर, विटामिन ‘सी’ और मैग्नीज़ होते हैं, जो शरीर को स्वस्थ रखने और रोमांटिक फीलिंग्स को बढ़ाने के लिए ज़रूरी होते हैं. इसका प्रयोग केक, शेक और आइस्क्रीम में किया जाता है

अनार: इसको फ़र्टिलिटी का प्रतीक मानते हैं. इसका प्रयोग कस्टर्ड और शेक के साथ किया जाता है. इसमें आयरन होता है, जो मेल हार्मोन के लिए अनिवार्य होता है.

लव वेजीटेबल्स

स्वीट पोटैटो: इसमें पोटैशियम होता है, जो महिलाओं में रोमांटिक फीलिंग्स को बढ़ाने में सहायक होता है. इसे ज़्यादा नमक के साथ नहीं खाना चाहिए, क्योंकि नमक पोटैशियम के असर को कम कर देता है.

ड्रायफ्रूट्स

पाइन नट्स: इसको न्यूट्रीशन का ‘पावर हाउस’ कहते हैं, क्योंकि इसकी न्यूट्रीशियस वैल्यू बहुत अधिक होती है. इसका सेवन भी प्यार की भावनाओं को बढ़ाता है.

अखरोट: इसमें आर्जीनीन होता है. यह एक अमीनो एसिड है, जो मेल हार्मोन के प्रोडक्शन में मदद करता है. इसका प्रयोग केक, शेक आदि में किया जाता है.

बादाम: इसमें आयरन, मैग्नीज़ और विटामिन्स होते हैं, जो लव फीलिंग्स को बढ़ाने में सहायक होते हैं.

– अभिषेक शर्मा

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अगर आप सेक्स पावर बढ़ाना चाहते हैं या आपको कोई सेक्स प्रॉब्लम है, तो ये सेक्स बूस्टर रेसिपीज़ आज़माएं, जो आसानी से घर पर ही तैयार की जा सकती हैं. ये रेसिपीज़ न स़िर्फ आपकी सेक्स पावर को बढ़ाएंगी, बल्कि आपको सेहतमंद भी बनाएंगी.

1. जामुन की गुठली को सुखाकर उसका चूर्ण बना लें. इस चूर्ण को 3-4 ग्राम की मात्रा में सुबहशाम पानी के साथ सेवन करने से कुछ ही दिनों में स्वप्नदोष रोग दूर हो जाता है.

2. इलायची के दानों का चूर्ण और मिश्री या शक्कर को सम भाग मेें लेकर आंवले के रस में खरल करके बेर के बराबर गोलियां बना लें और छाया में सुखाकर रख लें. 1-1 गोली सुबहशाम ताज़े पानी के साथ लेने से स्वप्नदोष की शिकायत दूर हो जाती है.

3. सूखा आंवला और मिश्री बराबर मात्रा में लेकर कपड़छान बारीक चूर्ण बना लें. 10-10 ग्राम की मात्रा में इस चूर्ण का सुबह और रात को सोने से पहले पानी के साथ सेवन करें. इससे स्वप्नदोष की शिकायत दूर हो जाएगी. दवा का सेवन एक महीने तक करें.

4. मुलहठी को कूटपीसकर कपड़छान चूर्ण बना लें. इसे 3 ग्राम की मात्रा में एक चम्मच शहद के साथ मिलाकर चाटने से स्वप्नदोष का शमन होता है.

5. पुरानी सेमल वृक्ष की जड़ का स्वरस मिश्री मिलाकर एक सप्ताह तक पीने से शुक्र की वृद्धि होती है और शुक्रक्षय की शिकायत दूर हो जाती है.

6. साठी चावल का भात उड़द की दाल के साथ घी मिलाकर सुबहशाम खाने से शुक्रक्षय की शिकायत दूर हो जाती है. यह उत्तम शुक्रवर्द्धक नुस्ख़ा है.

7. काकड़ासिंगी को पानी में पीसकर दूध में मिलाकर पीएं तथा शक्कर, दूध एवं घी का सेवन अधिक करें. इससे शुक्र की वृद्धि होती है और संभोगशक्ति बढ़ती है.

8. गोखरू, तालमखाना, शतावर, कौंच बीज, खरेटी, गंगेरनसभी का सम मात्रा में चूर्ण बनाकर 5 ग्राम की मात्रा में रात को सोने से पहले दूध के साथ सेवन करें. इससे शुक्रक्षय की शिकायत दूर हो जाएगी.

9. दालचीनी का सूक्ष्म चूर्ण 2-3 ग्राम की मात्रा में सुबहशाम दूध के साथ सेवन करें. इससे वीर्य बढ़ेगा और शुक्राणु की कमज़ोरी दूर होगी.

10. कपूर एवं पारद की भस्म अथवा सुहागा व पारद की भस्म को एक साथ मिलाकर शहद या पानी के साथ मलहम बना लें. सेक्स करते समय लिंग में इसे लगाने से इसमें कठोरता आती है और स्तंभनशक्ति बढ़ती है.

11. अश्‍वगंधा के सूक्ष्म चूर्ण को चमेली के तेल में मलहम बनाकर पेनिस (शिश्‍न) पर लगाने से उसकी शिथिलता दूर होती है तथा उसमें कड़ापन आता है.

12. अश्‍वगंधा, कूट, जटामांसी, बाराहीकंदसभी को सम मात्रा में लेकर पानी के साथ पीसकर शिश्‍न पर लेप करने से वह स्थूल तथा कठोर हो जाता है.

13. तुलसी की जड़ का चूर्ण बनाकर रख लें. 10 ग्राम चूर्ण को रात को पानी में भिगोकर रख दें. सुबह उसे मसलछानकर पीएं. सात दिन तक ऐसा करने से धातुस्राव एवं प्रमेह रोग ठीक हो जाता है.

14. बरगद का पका हुआ 10 फल प्रतिदिन खाने से धातुस्राव से छुटकारा मिलता है, मर्दाना ताक़त बढ़ती है व वीर्य गाढ़ा होता है. इस नुस्ख़े का प्रयोग कम से कम 40 दिनोें तक करना चाहिए.

15. भिंडी की जड़ को सुखाकर चूर्ण बनाकर रख लें. इसे 5 ग्राम की मात्रा में दिन में एक बार गर्म दूध या ताज़े पानी के साथ 21 दिन तक सेवन करें. इससे पुरानी से पुरानी धातुस्राव की बीमारी ठीक हो जाती है.

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16. गोखरू, कौंच बीज, शतावर, बीजबंद, स़फेद मूसली, काली मूसली, सोंठ, सालम मिश्री, सालम पंजा, गिलोय, विदारीकंद और वंशलोचनप्रत्येक को सम भाग में लेकर कपड़छान चूर्ण बना लें. फिर सभी चूर्ण के बराबर मिश्री मिलाकर रख लें. 5 ग्राम की मात्रा में प्रतिदिन दूध के साथ इसका डेढ़ महीने तक सेवन करें. इससे धातुपुष्ट होकर कामोत्तेजना बढ़ती है.

17. रात को नियमित रूप से त्रिफला चूर्ण 5 ग्राम की मात्रा में सादे पानी से लें. इससे पेट साफ़ होगा और कामोत्तेजना में कमी आएगी.

18. शतावर, गोखरू, कौंच के बीज, खरेंटी के बीजसभी का चूर्ण सम मात्रा में लेकर एक साथ मिलाएं, फिर संपूर्ण चूर्ण के बराबर मिश्री का चूर्ण मिलाकर रख लें. इस चूर्ण को 5-5 ग्राम की मात्रा में दूध के साथ सेवन करने से वीर्य की तरलता दूर होती है और कामोत्तेजना बढ़ती है. 

19. 30 ग्राम अखरोट को पीसकर 250 ग्राम दूध में मिलाएं, फिर इसमें एक रत्ती केसर और आवश्यकतानुसार मिश्री मिलाकर प्रतिदिन सुबह (दिन में एक बार) पीएं. यह वीर्य की तरलता व शीघ्रपतन में अत्यंत लाभप्रद नुस्ख़ा है.

20. 5 ग्राम प्याज़ का रस, 2 ग्राम घी और 5 ग्राम शहद मिलाकर नियमित सुबहशाम सेवन करें और ऊपर से एक ग्लास दूध पीएं. इससे वीर्य का पतलापन दूर होता है, साथ ही वीर्य वृद्धि भी होती है.

21. वीर्य की तरलता को दूर करने में मूली के बीज अधिक प्रभावकारी हैं. इसके लिए मूली के बीजों का चूर्ण 5 ग्राम लेकर 100 ग्राम दूध की मलाई में मिलाकर नियमित 21 दिनों तक सेवन करें. इससे वीर्य का पतलापन दूर हो जाता है और यौनशक्ति भी बढ़ती है.

22. सूखे सिंघाड़े के आटे का हलवा बनाकर प्रतिदिन सुबह सेवन करें और ऊपर से एक ग्लास गुनगुना दूध पीएं. इससे वीर्य की पुष्टि होती है.

23. दूध में 3-4 छुहारे उबालकर खाएं और ऊपर से वही दूध पी जाएं. यह वीर्य की तरलता में लाभदायक है.

24. अश्‍वगंधा और शतावर को सम मात्रा में लेकर चूर्ण बनाकर रख लें. इसे 10 ग्राम की मात्रा में प्रतिदिन गर्म मीठे दूध के साथ सेवन करें.

25. शतावर के चूर्ण को दूध में खीर बनाकर अथवा पाक बनाकर सेवन करने से वीर्य गाढ़ा होता है और सेक्सुअल पावर बढ़ता है.

अनंत

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