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लॉकडाउन एक्टिविटीज के तौर पर देखें, तो जैसे-जैसे वक़्त बीतता जा रहा है, वैसे-वैसे कई अभिनेता, कलाकार, फिल्मी लोग सहयोग और मदद के हाथ बढ़ाते जा रहे हैं. अब एकता कपूर ने बालाजी टेलीफिल्म्स के फ्रीलांसर और दिहाड़ी मजदूरों यानी डेली वेजेस वर्कर्स के लिए अपने सालभर की सैलरी, जो तक़रीबन ढाई करोड़ बनती है देने की घोषणा की. उनका कहना है कि इन दिनों वैसे तो हम सभी कई तरह की परेशानियों से जूझ रहे हैं. लेकिन सबसे ज़्यादा संघर्ष डेली वेजेस वर्कर लोगों को करना पड़ रहा है. इन सबको देखते हुए मेरा अपने सभी काम करनेवाले लोगों को सहयोग देना व उनकी मदद करना ज़रूरी हो जाता है, क्योंकि सबकी तरह मेरी भी सभी सीरियल की शूटिंग बंद है, इस कारण इनमें काम करनेवाले वर्कर्स को तो रोज़मर्रा की चीज़ों के लिए भी काफ़ी संघर्ष करना पड़ रहा है, इसलिए मैं अपना सालभर का वेतन उनकी मदद के लिए दे रही हूं. एकता कपूर का यह कदम वाक़ई प्रशंसनीय और उनके सभी वर्कर्स के लिए काफ़ी राहत भरा है. 

अक्षय कुमार ने महाराष्ट्र सरकार, बीएमसी और एम पावर द्वारा शुरू किए गए फ्री हेल्पलाइन को शेयर किया. इस लॉकडाउन में जो लोग अकेलापन महसूस कर रहे हैं, घबराहट, डर, बेचैनी या किसी और मानसिक परेशानियों से जूझ रहे हैं, वे सभी इस फ्री हेल्पलाइन फोन नंबर पर कॉल करके मेंटल हेल्थ प्रोफेशनल्स से बात कर सकते हैं और अपनी समस्याओं का समाधान पा सकते हैं. अक्षय कुमार ने उनके नंबर और डिटेल्स अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर शेयर किए हैं, क्योंकि लॉकडाउन के इस समय में कोरोना वायरस को लेकर एक अनजाने डर से हर कोई गुज़र रहा है. कई लोग बेचैनी, घबराहट व भय की शिकायत कर रहे हैं. ऐसे लोगों की मानसिक समस्याओं व परेशानियां को दूर करने के लिए ही इस फ्री हेल्पलाइन की शुरुआत की गई है, ताकि लोग अपनी परेशानियों, समस्याओं, बेचैनी, डर आदि से घबराएं ना और मेंटल हेल्थ प्रोफेशनल से सही और उचित सलाह और मदद ले सकें.

अमिताभ बच्चन ने अपने अंदाज़ में हेल्थ के इन कोरोना फाइटर लोगों को सैल्यूट किया है. उन्होंने एक सिंबॉलिक फोटो शेयर किया है, जिसमें डॉक्टर ने पूरी दुनिया के बोझ को अपने कंधे पर उठाया है. साथ में उन्होंने कैप्शन भी दिया है- सारी दुनिया का बोझ हम उठाते हैं… यह उनकी ही फिल्म कुली का गाना है, जो आज की तारीख में डॉक्टर, नर्स, पुलिस, हॉस्पिटल के कर्मचारी, सिक्योरिटी से जुड़े हर व्यक्ति पर फिट बैठता है. वैसे भी अमिताभ बच्चन अपने बाबूजी हरिवंश राय बच्चन की कविता के ज़रिए, सेल्फी के ज़रिए, कई अलग ढंग की तस्वीरों, सिंबॉलिक फोटो, देवी-देवताओं की तस्वीर आदि से एक पॉजिटिव माहौल बना रहे हैं. साथ ही कोरोना वायरस के हमारे योद्धाओं की भी हौसलाअफजाई भी कर रहे हैं.
इन्हीं लोगों का हेमा मालिनी ने भी अपने अलग अंदाज़ में कविता के रूप में आभार प्रकट किया है. दिल उन सबका आभारी है… कविता के ज़रिए डॉक्टर और कोरोना से लड़नेवाले हमारे कर्मवीरों के प्रति उन्होंने कृतज्ञता व्यक्त करते हुए सैल्यूट किया है.

शिल्पा शेट्टी ने लोगों को फिट रहने और ख़ुश रहने की कई टिप्स बताए हैं, साथ ही कई ऐसे ऐप्स भी बताए हैं, जिनका इस्तेमाल करके लोग घर पर आराम से एक्सरसाइज करके फिट रह सकते हैं. उन्होंने मेडस्केप इंडिया द्वारा वी डॉक्टर कैम्पेन में डॉक्टरों के लिए ख़ास रिलीफ फंड में सहयोग देने की भी अपील की है.
हमें नहीं भूलना चाहिए कि ये डॉक्टर ही हैं, जो अपनी जान ख़तरे में डालकर सबका इलाज कर रहे हैं. उन्हें भी कई तरह के फाइनेंशियल क्राइसिस से गुज़रना पड़ रहा है. ऐसे में हम सभी का फर्ज बनता है कि हम उनकी भी अपनी सामर्थ्य अनुसार मदद करें. इस शेयर वीडियो में कई डॉक्टरों ने अपनी राय भी व्यक्त की है. शिल्पा शेट्टी ने लोगों से कहा कि वे अपनी इच्छाअनुसार इसमें सहयोग दें.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदीजी की आज की अपील कि 5 अप्रैल को रात नौ बजे, नौ मिनट तक घर की लाइट बंद कर सभी दीये, मोमबत्ती, टॉर्च, मोबाइल की लाइट जलाएंगे… पर अनुपम खेर ने ज़बर्दस्त प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने पीएम के भक्तों व कमबख्तों की सोच पर अपना नज़रिया भी पेश किया व मोदीजी की प्रकाश पर्व के अपील की सराहना की… याद रहे, 5 अप्रैल, नौ बजे, नौ मिनट घर की बत्ती बुझा, दीये जलाने है, रोशनी करनी है… देशवासी निराशा व अंधकार में ना उलझ जाए, बल्कि आशाओं की रोशनी में एकता व संकल्प के साथ कोरोना से लड़े… शायद इसलिए कुछ ऐसी ही कोशिश की है पीएम ने.

लॉकडाउन का एक गुड इफेक्ट यह भी रहा है कि सितारे घरेलू काम करना सीख गए. आमतौर पर इन सभी के घरों में कई काम करनेवाले रहते हैं, जिससे उन्हें कभी भी कोई भी काम करने की ना जरूरत पड़ती है, न हीं आदत होती है. लेकिन कोरोना वायरस और लॉकडाउन ने उन सभी फिल्मी सितारों को घर के कई छोटे-छोटे काम करना सिखा दिया. अब विकी कौशल को ही ले लीजिए, जो अपने पंखे से रू-ब-रू हुए हैं. उससे बात कर रहे हैं और अपने घर का पंखा साफ़ कर रहे हैं. इसी तरह कैटरीना कैफ कभी झाड़ू लगा रही, तो कभी बर्तन धो रही हैं. मलाइका अरोड़ा बेसन के लड्डू बना रही हैं, तो रश्मि देसाई अपनी मां को घर के कामों में मदद कर रही हैं. वे खाना बनाने, घर की सफ़ाई करने, सब्ज़ियां लाने जैसे काम कर रही हैं. कह सकते हैं कि लॉकडाउन ने सितारों को घरेलू काम करना सिखा दिया.

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Rujuta Diwekar
आर्ट ऑफ ईटिंग राइट: सही खाना और कैलोरीज़ गिनना एक-दूसरे के विपरीत है- रुजुता दिवेकर (Indian Food Wisdom And The Art Of Eating Right By Rujuta Diwekar)

वेटलॉस को लेकर बहुत-से मिथ्स हैं. जब तक इन्हें दूर कहीं करेंगे, ग़लतियों करते रहेंगे. इस विषय पर जानीमानी स्पोर्ट्स साइंस और न्यूट्रिशन एक्सपर्ट रुजुता दिवेकर ने बहुत कुछ बताया और लोगों को सही मार्गदर्शन दिया है. रुजुता दिवेकर न स़िर्फ भारत बल्कि विश्‍व के सबसे अधिक फॉलो किए जानेवाले न्यूट्रिशनिस्ट्स में से एक हैं. वो बेस्ट सेलिंग ऑथर भी हैं और हेल्थ व वेलनेस पर बेहतरीन स्पीकर भी. यही वजह है कि उन्हें एशियन इंस्टिट्यूट ऑफ गैस्ट्रोएनटेरोलॉजी द्वारा न्यूट्रिशन अवॉर्ड से भी नवाज़ा जा चुका है.
जी हां, हम अक्सर डायटिंग और वेटलॉस का मतलब यही समझते हैं कि कैलोरीज़ गिन-गिनकर खाओ और कम खाओ. बहुत-सी चीज़ें न खाओ, जबकि यह सोच ही ग़लत है. सही खाना और सही एक्सरसाइज़ ही आपको सही रिज़ल्ट दे सकते हैं. यही नहीं हर किसी की ज़रूरत व शरीर अलग होता है. अगर कोई डायबिटीज़ या हार्ट पेशेंट है तो उसका खान-पान अलग होगा.

क्या है सही खाना और सही डायट प्लान?
– लोकल फूड खाएं. आप जहां रहते हैं, वहां के वातावरण व लाइफस्टाइल के हिसाब से खाना आपको अधिक सूट करता है. भारत में रहकर यदि आप विदेशी फल व सब्ज़ियां खाएंगे, तो आपको उतना लाभ नहीं मिलेगा, जितना भारतीय फल व सब्ज़ियां खाने से मिलेगा.
– मौसमी चीज़ें खाएं. मौसमी फल व सब्ज़ियां खाने से हिचकें नहीं.
– अपने हाथों से बनाकर हेल्दी खाना खाएं.
– अपनी ज़रूरतों व आसपास के वातावरण के अनुसार अपना डायट प्लान बनाएं.
– हर किसी का शरीर अलग होता है, क्योंकि उनके रहन-सहन का तरीक़ा, उनका स्ट्रेस लेवल, उनकी ईटिंग हैबिट्स, डायट पैटर्न आदि भी अलग होता है.
– ऐसे में उनके सभी बातों को ध्यान में रखते हुए सही डायट प्लान और एक्सरसाइज़ प्लान सिलेक्ट करना ज़रूरी है.
– आपको एक्सपर्ट बता पाएंगे कि आपके लिए क्या सही है.
– बिना सोचे-समझे खाना कम कर देने से फ़ायदे की जगह नुक़सान हो सकता है. हो सकता है सही पोषण न मिलने पर कमज़ोरी आ जाए. बेतहर होगा पूरी सजगता व सही जानकारी के आधार पर ही डायट व एक्सरसाइज़ करें.

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कैलोरीज़ नहीं, प्राण गिनें…
जहां एक तरफ़ वेस्टर्न कल्चर ने हमें कैलोरीज़ गिनना सिखाया है, वहीं हमारी सांस्कृतिक धरोहर ने हमें प्राणों यानी प्राणिक वैल्यू का महत्व बताया है. पेड़, पौधों और फसलों को प्राण कहां से मिलता है- हवा, पानी, सूर्य और मिट्टी में जो पोषक तत्व हैं उससे. जब उन्हें यह सही मात्रा में नहीं मिलेगा, तो ज़ाहिर है वो बीमार होंगे. ठीक इसी तरह हमें भी यदि ज़रूरी तत्व सही मात्रा में नहीं मिलेंगे, तो हम भी बीमार होंगे. प्राण क्या है? वो जीने का तत्व यानी जीने की ऊर्जा है. लेकिन यह ऊर्जा पश्‍चिम के शब्द एनर्जी से बिल्कुल अलग है. उनके लिए एनर्जी कैलोरीज़ होती हैं, जिन्हें गिनना ज़रूरी है, जबकि प्राण वो जीवनी शक्ति है, जो आपको संतुलित ऊर्जावान, ताज़ा व हल्का महसूस कराती है. इस वीडियो से आप इसे बेहतर तरी़के से समझ सकते हैं और हेल्दी लाइफ की ओर बढ़ सकते हैं.

सौजन्य: https://www.rujutadiwekar.com

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Green Vegetable

खाने में हर दिन स्पेशल खाने की लत और कुछ स्पेशल बनाने की इच्छा आपको हर दिन स्पाइसी खाने की ओर आकर्षित करती है. आप माने या न माने, लेकिन हफ़्ते के सातों दिन आप मसाला खाने से ख़ुद को नहीं रोक पाते. इससे पेट से जुड़ी कई समस्याओं से आप परेशान रहते हैं. रहना है स्वस्थ तो खाएं ग्रीन वेजीटेबल.

हीमोग्लोबिन बढ़ता है
अक्सर महिलाओं को ख़ून की कमी की समस्या होती है. हीमोग्लोबिन का स्तर कम रहना एक आम समस्या हो गई है. इसके बाद भी महिलाएं मसाला छोड़ने को राज़ी नहीं. उन्हें लगता है कि हरी सब्ज़ियां तो फीकी होती हैं. आप भी अगर उन्हीं महिलाओं में से एक हैं, तो अपनी इस आदत को बदलिए और धीरे-धीरे ही सही अपने डायट में ग्रीन वेजीटेबल को शामिल कीजिए. हरी सब्ज़ियां आयरन से भरपूर होती हैं, जो शरीर के लिए आवश्यक होती हैं.

आंखों की रोशनी बढ़ती है
बिज़ी लाइफ, तेज़ धूप, बहुत ज़्यादा कंप्यूटर पर काम करना आदि से आंखों की कई समस्याएं उत्पन्न होती हैं. हरी सब्ज़ियों में विटामिन्स के साथ और भी कई तरह के पोषक तत्व पाए जाते हैं, जो आंखों की रोशनी को बढ़ाने के साथ ही आंकों को कई तरह की बीमारियों से भी बचाते हैं.

हड्डियां मज़बूत होती हैं
हरी सब्ज़ियों में कैल्शियम भरपूर मात्रा में पाया जाता है, जो हड्डियों के लिए बहुत ही ज़रूरी और फ़ायदेमंद होता है. उम्र बढ़ने के साथ ही हड्डियों की समस्याएं शुरू हो जाती हैं. इसके लिए डॉक्टर हमें कैल्शियम की दवाई खाने को कहते हैं. ज़रा सोचिए अगर आप रोज़ाना हरी सब्ज़ियां खाएंगे तो आपको कैल्शियम की गोलियां खाने की ज़रूरत नहीं पड़ेगी.

एनर्जी बढ़ाती है
आपको अगर हमारी बातों पर विश्‍वास नहीं होता, तो ज़रा सोचिए जब आप बीमार होते हैं औऱ चलने-फिरने की ताक़त नहीं रह जाती, तो डॉक्टर मसालेदार खाना खाने से मना करते हैं और हरी सब्ज़ियों को खाने के लिए कहते हैं. इसका मतलब ये हुआ कि ग्रीन वेजीटेबल आपके लिए पूरी तरह से फ़ायदेमंद होती हैं. ये शरीर को बीमारियों से दूर रखने के साथ ही आपको ऊर्जा भी प्रदान करती हैं.

चेहरे पर ताज़गी
हरी सब्ज़ियां सेहत के साथ-साथ आपकी सुंदरता का भी बख़ूबी ध्यान रखती हैं. एंटी-ऑक्सिडेंट के गुणों से भरपूर हरी सब्ज़ियों आपके चेहरे पर ताज़गी बनाए रखती हैं. तो अब मसालेदार खाने को कहिए ना और हरी सब्ज़ियों को कहिए हैं.

हरी सब्ज़ियों में कैल्शियम, मैगनीज़, पोटैशियम, आयरन, विटामिन आदि पाए जाते हैं, जो शरीर को स्वस्थ रखने के साथ ही त्वचा को भी पिंपल्स आदि से मुक्त रखते हैं.

कैंसर से बचाव
हरी सब्ज़ियों के ज़रिए पेट में कैल्शियम, फाइबर और आयरन पहुंचता है, जो पेट की अंदरुनी सफ़ाई करते हैं. इससे पेट में होने वाली बीमारियां न के बराबर होती हैं. कोलोन कैंसर से बचाव के लिए कई तरह के मिनरल्स की ज़रूरत होती है, जो हमें हरी-पत्तेदार सब्ज़ियों में मिलती हैं.