Tag Archives: strong

सज्जनता- कमज़ोरी नहीं मज़बूती है (Sajjanata Kamzori nahin mazbooti hai)

सज्जन

सज्जन

आज समाज के बदलते स्वरूप में सज्जन लोगों को कमज़ोर समझा जाता है, जबकि धर्मदृष्टि से सज्जन व्यक्ति स्वभाव से निर्भय और दृढ़ होते हैं. सज्जनता का अनुकरण करके आप जीवन के हर क्षेत्र में सफल साबित होते हैं. जिस समाज में सज्जनता के अनुगामी होते हैं, वो समाज सफलता की राह पर अग्रसर रहता है.

जिसने शीतल एवं शुभ सज्जन संगति रूपी गंगा में स्नान कर लिया,
उसको दान, तीर्थ, तप तथा यज्ञ से क्या प्रयोजन?

                                                                         वाल्मीकि

सज्जनों की संगति होने पर दुर्जनों में भी सज्जनता आ ही जाती है.
                                                                    क्षत्रचूड़ामणि

लाख विपत्ति आने पर भी सज्जन अपनी सज्जनता नहीं छोड़ते.
इसी सज्जनता से समूचे विश्‍व का कल्याण होता है.

                                                                      अज्ञात

मनुष्य जिस संगति में रहता है, उसकी छाप उस पर पड़ती है.
उसका निज गुण छुप जाता है और वह संगति का गुण प्राप्त कर लेता है.

                                                                               एकनाथ

परमेश्‍वर विद्वानों की संगति से प्राप्त होते हैं.
                                            ऋृगवेद

यह भी पढ़ें: जीवन है जीने के लिए


तीर्थों के सेवन का फल समय आने पर मिलता है,
किंतु सज्जनों के संगति का फल तुरंत मिलता है.

                                                  चाणक्य

अच्छी संगति बुद्धि के अंधकार को हरती है, वचनों को
सत्य के धार से सींचती है, मान को बढ़ाती है, पाप को
दूर करती है, चित्त को प्रसन्न रखती है और चारों ओर
यश फैलाकर मनुष्यों को क्या-क्या लाभ पहुंचाती है?

                                                         भर्तृहरि

विद्वानों की संगति से ज्ञान मिलता है, ज्ञान से विनय, विनय से
लोगों का प्रेम और लोगों के प्रेम से क्या नहीं प्राप्त होता?

                                                            अज्ञात

जिस तरह काजल अपना कालापन, मोती अपनी
स़फेदी नहीं त्यागता, उसी तरह दुर्जन अपनी
कुटिलता और सज्जन अपनी सज्जनता नहीं त्यागता.

                                                             कबीर

मनुष्य जन्म, मोक्ष की इच्छा और महापुरुषों की संगति,
ये तीनों दुर्लभ हैं और ईश्‍वर के अनुग्रह से ही प्राप्त होते हैं.

                                                         शंकराचार्य

अधिक जीने की कला के लिए यहां क्लिक करें: JEENE KI KALA

दांपत्य जीवन में ज़रूरी है शिष्टाचार (How to Live a Happy Married Life)

पति-पत्नी के बीच छोटी-छोटी बातों पर तकरार या झगड़ा होना आम बात है. झगड़ा करते समय अक्सर पति-पत्नी असभ्य भाषा का प्रयोग करते हुए एक-दूसरे को अपमानित करते हैं, जिससे उनके दांपत्य जीवन में दरार आ सकती है. ख़ुशहाल दांपत्य जीवन की सफलता में शिष्टाचार और बेसिक मैनर्स (How to Live a Happy Married Life) की भूमिका भी अहम् होती है. इससे पार्टनर्स में एक-दूसरे के प्रति प्यार और सम्मान की भावना बढ़ती है.

How to Live a Happy Married Life

शादी दो लोगों के बीच एक ऐसा खट्टा-मीठा रिश्ता है, जो जितना पुराना होता जाता है, उनके बीच प्यार और विश्‍वास की नींव उतनी ही गहरी होती जाती है. इस नींव की मज़बूती तभी कायम रह सकती है, जब उनके रिश्ते में एक-दूसरे के लिए आदर, सम्मान और शिष्टाचार की भावना हो. आज तलाक़ लेनेवाले दंपतियों की संख्या जिस तेज़ी से बढ़ रही है, उसके पीछे एक मुख्य कारण यह भी है कि उनके दांपत्य जीवन से ‘शिष्टाचार’ और ‘एटीकेट्स’ जैसे शब्द गायब होते जा रहे हैं. पति-पत्नी के बीच अशिष्ट भाषा का चलन तेज़ी से बढ़ रहा है, जो धीरे-धीरे उनके सुखी वैवाहिक जीवन को खोखला बना रहा है.

क्यों ज़रूरी है दांपत्य जीवन में शिष्टता?

– आपसी रिश्ते में मज़बूती लाने के लिए.

– एक-दूसरे के प्रति आदर-सम्मान का भाव बनाए रखने के लिए.

– एक-दूसरे के लिए प्यार बनाए रखने के लिए.

How to Live a Happy Married Life

शिष्टाचार संबंधी कुछ ज़रूरी बातें

पतियों के लिए

– कुछ पतियों की आदत होती है कि घर के कामों में पत्नियों की मदद नहीं करते, बल्कि उनके कामों को और बढ़ा  देते हैं. यदि आप घर के कामों में पत्नी की मदद नहीं कर सकते हैं, तो उनके कामों को और बढ़ाएं भी नहीं.

– यदि आप पत्नी की मदद करना चाहते हैं, तो पहले उनसे पूछ लें कि आप किस तरह से उनकी मदद कर सकते हैं.

– ऐसा करने से पति का सम्मान कम नहीं होता है, बल्कि उन्हें अच्छा लगता है कि पति उन्हें सपोर्ट करना चाह रहे हैं.

– पति अपनी चीज़ों की देखभाल, साज-संभाल स्वयं करें.

– हर छोटे-छोटे काम के लिए पत्नी को बोलने की बजाय कुछ काम ख़ुद करें.

– कुछ व्यक्तियों की काम को टालने की आदत होती है. बेहतर होगा कि काम को टालने की बजाय पत्नी को पहले ही स्पष्ट रूप से बता दें कि आप उनकी मदद नहीं कर सकते, क्योंकि यदि आप काम टालते रहेंगे, तो आपकी इस आदत से परेशान होकर वह धीरे-धीरे आप पर विश्‍वास खोने लगेगी, जो दांपत्य जीवन के लिए ठीक नहीं है.

– पत्नी चाहे हाउसवाइफ हो या वर्किंग, बातचीत के दौरान शिष्टता बनाए रखें. अधिकतर पतियों की यह आदत होती है कि वे पत्नियों के साथ सही ढंग से बात नहीं करते. उन्हें यह नहीं भूलना चाहिए कि वह आपकी पत्नी है. वह भी आपसे उतना ही सम्मान चाहती है, जितना आप उनसे. यदि आप उनसे बेसिक मैनर्स, शिष्टाचार और आदर-सम्मान की उम्मीद रखते हैं, तो वे भी आप से ऐसे ही व्यवहार की अपेक्षा रखती हैं.

– पत्नी के साथ बाहर जाते समय कुछ छोटी किंतु महत्वपूर्ण शिष्टाचार संबंधी बातों का ध्यान ज़रूर रखें, जैसे- शॉपिंग बैग्स उठाना, कार में बैठने से पहले उनके लिए दरवाज़ा खोलना, बाहर लंच या डिनर के समय चेयर ऑफर करना आदि. ये बेसिक मैनर्स महिलाओं को, ख़ासकर पत्नियों को बेहद अच्छे लगते हैं. पत्नियों को भी यह एहसास होता है कि वे अपने पति के लिए ‘स्पेशल’ हैं.

– समय-समय पर पत्नी को उपहार ज़रूर दें. ज़रूरी नहीं कि उपहार में डायमंड-गोल्ड की ज्वेलरी, डिज़ाइनर साड़ियां, क़ीमती सामान आदि ही दिए जाएं. उपहार देकर उन्हें यह एहसास कराएं कि वे आपके लिए ख़ास हैं.

– पत्नी के सामने कभी भी उनकी सहेलियों की तारीफ़ न करें, न ही उनसे ज़्यादा घुलने-मिलने की कोशिश करें. पत्नियों को पति की यह आदत बिल्कुल अच्छी नहीं लगती.

– समय-समय पर पत्नी को ‘मिस यू’, ‘लव यू’ ज़रूर कहें. अच्छा काम करने पर उन्हें कॉम्प्लीमेंट्स दें या एप्रिशिएट करें.

– ऑफिस के काम को घर में न लाएं.

– घर या बाहर, जब भी पत्नी आपके साथ हो, तो मोबाइल, लैपटॉप आदि को नज़रअंदाज़ करें. नहीं तो उन्हें यह महसूस होगा कि आप उन्हें अनदेखा कर रहे हैं.

– आप चाहे कितने ही व्यस्त क्यों न हों, परिवार के लिए समय ज़रूर निकालें.

– शारीरिक स्वच्छता का ध्यान रखें.

– गंदे मोजे, गंदी बनियान और गंदा रुमाल आदि चीज़ें कहीं भी फेंकने की बजाय लॉन्ड्री बैग में रखें.

– गीला तौलिया बिस्तर पर छोड़ने की बजाय सूखने के लिए डाल दें.

How to Live a Happy Married Life

शिष्टाचार संबंधी कुछ ज़रूरी बातें

पत्नियों के लिए

– पतियों को यह बिल्कुल अच्छा नहीं लगता कि पत्नियां उन्हें बात-बात पर टोकें, उनमें कमी निकालें.

– पति को स्पेस दें. हर समय उन पर शक करने या जासूसी करने से आपका दांपत्य जीवन ख़तरे में पड़ सकता है.

– अपनी सहेलियों, पति के दोस्तों, ससुराल व मायकेवालों के सामने पति की बुराई न करें. इससे न केवल पति की इमेज ख़राब होगी, बल्कि आपका इम्प्रेशन भी ख़राब होगा.

– घर हो या बाहर, दोस्तों, रिश्तेदारों के सामने पति को रिसपेक्ट दें. उनकी कमियों के बारे में दूसरों से न बोलें, न ही ताने मारें.

– हर समय पति के सामने ससुराल व बच्चों की शिकायतों का रोना न रोएं. आपके ऐसे व्यवहार से परेशान होकर पति आपसे बचने की कोशिश करने लगेंगे.

– पति को हर छोटी-छोटी बात के लिए फोन या एसएमएस करके परेशान न करें.

– भावनात्मक तौर पर ब्लैकमेल करने की कोशिश न करें.

– छोटी-छोटी तकरार होने पर बार-बार मायके जाने या बच्चों को छोड़कर जाने की धमकी न दें.

– व़क्त-बेव़क्त पति के सामने उनकी कम तनख़्वाह और महंगाई का रोना न रोएं.

– छोटी-छोटी बातों की ज़िद न करें, जैसे- मुझे आज ही शॉपिंग के लिए जाना है या आज डिनर के लिए हम बाहर जाएंगे आदि.

– पति व बच्चों के साथ बाहर जाते समय पहनावे का ख़ास ध्यान रखें.

– पति के लिए कुछ समय ज़रूर निकालें, जैसे- साथ बैठकर कॉफी पीएं, वॉक पर जाएं.

– घर-बाहर की ज़िम्मेदारियां निभाते हुए अपनी फिटनेस व ब्यूटी का भी ध्यान रखें.

– देवांश शर्मा

छोटी-छोटी बातें, जो रिश्ते को कमज़ोर बनाती हैं (Little things that make relationship weak)

Little things that make relationship weak

ऑफिस में काम का बढ़ता बोझ, टेक्नोलॉजी के प्रति बढ़ता लगाव, हार्मोंस में असंतुलन, समय का अभाव और धैर्य की कमी आदि अनेक ऐसे कारण हैं, जिनकी वजह से वैवाहिक रिश्ते की नींव कमज़ोर पड़ती जा रही है. रिलेशनशिप एक्सपर्ट्स का मानना है कि वैवाहिक रिश्ता समर्पण, प्यार और विश्‍वास पर निर्भर करता है. यदि पार्टनर्स के बीच इन तीनों चीज़ों का अभाव होगा, तो वैवाहिक रिश्ते की जड़ें समय के साथ-साथ कमज़ोर पड़ने लगेंगी.

कुछ बातें, जो वैवाहिक रिश्ते को कमज़ोर बनाती हैं

– एक-दूसरे को बदलने की कोशिश करना.

– पार्टनर्स का एक-दूसरे को ताना मारना.

– आपस में मीनमेख निकालना.

– ज़रूरत से ज़्यादा अपेक्षाएं रखना.

– पार्टनर की पसंद को बार-बार नकारना.

– छोटी-छोटी बातों पर झगड़ा करना या पार्टनर की बेइज़्ज़ती करना.

समय के साथ यही छोटी-छोटी बातें वैवाहिक जीवन में दरार पैदा करती हैं, जिसके कारण दिनोंदिन तलाक़ लेनेवाले दंपतियों की संख्या तेज़ी से बढ़ती जा रही है.

किन बातों पर निर्भर करती है वैवाहिक रिश्ते की नींव?
वैवाहिक रिश्ते की डोर बहुत नाज़ुक धागे से बंधी होती है, जिसे टूटने में देर नहीं लगती. यदि दंपति थोड़ी-सी समझदारी से काम लें, तो अपने रिश्ते को टूटने से बचा सकते हैं.

दांपत्य जीवन में भरें तारीफ़ की मिठास
रिलेशनशिप एक्सपर्ट का मानना है कि एक-दूसरे के प्रति तारीफ़ के शब्द न केवल पार्टनर्स को एक-दूसरे के क़रीब लाते हैं, बल्कि उदासीन रिश्तों में ताज़गी का एहसास कराते हैं. वैवाहिक जीवन की सफलता काफ़ी हद तक इस बात पर निर्भर करती है कि आप अपने पार्टनर की तारीफ़ किस अंदाज़ में करते हैं.

हेल्दी रिलेशनशिप टिप्स: पति-पत्नी को चाहिए कि पार्टनर द्वारा अच्छा काम या अच्छा व्यवहार किए जाने पर दिल खोलकर पार्टनर की तारीफ़ करें. ऐसा करने से उनके बीच आपसी प्यार तो बढ़ेगा ही, साथ ही बोझिल रिश्तों में गर्मजोशी का एहसास भी होगा.

– पत्नी के बनाए हुए भोजन और पहनावे की तारीफ़ करें.

– एक-दूसरे के सेंस ऑफ ह्यूमर की प्रशंसा करें.

– रोज़ाना पार्टनर को एक अच्छा कॉम्पिलीमेंट दें, चाहे वह आपकी बात पर विश्‍वास करे या न करे. आपकी यही अदा धीरे-धीरे रिश्ते में मिठास घोलने में अहम् भूमिका निभाएगी.

एक-दूसरे को बदलने की कोशिश न करें
जब पार्टनर एक-दूसरे में कमियां निकालने लगते हैं या फिर एक-दूसरे को बदलने की कोशिश करने लगते हैं, तो वैवाहिक रिश्तों में दरार आने लगती है. दोनों पार्टनर्स को यह बात समझनी चाहिए कि वैवाहिक रिश्तेे की सफलता एक-दूसरे को बदलने में नहीं, बल्कि एक-दूसरे को उनकी कमियों सहित अपनाने में है.

हेल्दी रिलेशनशिप टिप्स: यदि एक पार्टनर दूसरे पार्टनर की कोई आदत बदलना चाहता है, तो पहले उन्हें उस बदलाव के फ़ायदे बताएं.

– आदतें छोड़ने या बदलने में समय लगता है, इसलिए नाराज़ होने की बजाय पार्टनर को कुछ समय दें.

– बार-बार बदलाव की अपेक्षा न रखें.

– यदि पार्टनर आपकी कोई बात मानने को तैयार नहीं है, तो उनके साथ विवाद न करें.

– पार्टनर की पसंद-नापसंद और भावनाओं को समझने की कोशिश करें.

things that make relationship weak

आदतों में लाएं सुधार
रिलेशनशिप एक्सपर्ट के अनुसार, वैवाहिक रिश्तों को कमज़ोर बनानेवाले कारणों में से एक है- पार्टनर की रोज़मर्रा की आदतें, जो उनके व्यवहार से झलकती हैं. पतियों को पत्नियों की बहुत-सी आदतें बुरी लगती हैं, जैसे- बात-बात पर टोकना, शक करना, ताने मारना, बात-बात पर अपने मायकेवालों की तारीफ़ करना आदि. इसी तरह से पत्नियों को भी पतियों की बहुत सारी बातें बुरी लगती हैं, जैसे- बिस्तर पर गीला तौलिया छोड़ना, हर समय मोबाइल या लैपटॉप पर व्यस्त रहना, घर के कामों में सहयोग न करना व काम को टालना आदि. रोज़मर्रा की यही छोटी-छोटी आदतें रिश्ते में तकरार का कारण बनती हैं.

हेल्दी रिलेशनशिप टिप्स: पार्टनर्स को यदि एक-दूसरे की कोई आदत बुरी लगती है, तो व़क्त-बेव़क्त उस पर बहस करने से बचें.

– बुरी आदतों को अनसुना करने की बजाय उन पर एक बार ग़ौर ज़रूर करें.

– बार-बार टोकें नहीं, न ही व्यंग्य करें.

– ग़लत आदत छोड़ने पर उन्हें सरप्राइज़ गिफ्ट दें.

– सफल वैवाहिक जीवन में अहं की कोई भूमिका नहीं होती है. यदि पार्टनर की कोई बुरी आदत छुड़ाना चाहते हैं, तो उन्हें प्यार से समझाएं.

वैवाहिक रिश्तों में दें वास्तविकता को महत्व
वैवाहिक रिश्तों की नींव कल्पना पर नहीं, वास्तविकता पर निर्भर करती है. इसलिए पार्टनर्स एक-दूसरे से ऐसी कोई अपेक्षा न रखें, जिसे आसानी से पूरा न किया जा सके. अधिकतर पत्नियां जन्मदिन या एनीवर्सरी पर यह उम्मीद रखती हैं कि उनके पति उपहार में डायमंड-गोल्ड की ज्वेलरी, डिज़ाइनर साड़ी या अन्य क़ीमती सामान उपहार में देंगे. इसी तरह से पति भी पत्नियों से अपेक्षाएं रखते हैं, जिन्हें वास्तविक जीवन में आसानी से पूरा नहीं किया जा सकता. पार्टनर्स को चाहिए कि जीवन के प्रति व्यावहारिक दृष्टिकोण रखें और वास्तविकता को महत्व दें.

हेल्दी रिलेशनशिप टिप्स: छोटी-छोटी बातों पर ज़िद न करें, जैसे- मुझे आज ही डिनर पर बाहर जाना है, मुझे गिफ्ट में ज्वेलरी ही चाहिए… आदि छोटी-छोटी बातें ही रिश्ते में झगड़ों का कारण बनती हैं.

– भावनात्मक रूप से ब्लैक मेल करने की कोशिश न करें.

– पार्टनर्स एक-दूसरे के सामने अपने शिकवे-शिकायतों का रोना न रोएं.

पार्टनर के लिए ज़रूरी है क्वालिटी टाइम
घर-ऑफिस की ज़िम्मेदारियां निभाने में दंपति इतने व्यस्त हो जाते हैं कि उनके पास एक-दूसरे के लिए व़क्त ही नहीं होता, जिसके कारण वैवाहिक जीवन में नीरसता आने लगती है. पति-पत्नी के बीच रिश्तों की गर्माहट कम होने लगती है. पार्टनर्स के बीच रिश्तों की मज़बूती बनी रहे, इसके लिए ज़रूरी है कि रोज़मर्रा की जिंदगी में व्यस्तता चाहे कितनी भी हो, लेकिन एक-दूसरे के साथ क्वालिटी टाइम ज़रूर बिताएं.

हेल्दी रिलेशनशिप टिप्स: डिनर के बाद वॉक के लिए जाएं. उदासीन होते रिश्ते के लिए थोड़ी देर की यह वॉक टॉनिक का काम करेगी.

– पार्टनर के साथ लॉन्ग ड्राइव पर जाएं, इस दौरान कुछ रोमांटिक बातें करें.

– साथ-साथ व़क्त बिताते समय एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोेप न करें.

– पार्टनर को काम में सहयोग करते हुए उनके साथ रोमांटिक बातें करें.

– कभी-कभी दोनों एक-दूसरे को सरप्राइज़ दें.

– यदि दंपति कामकाजी हैं, तो व़क्त निकालकर घूमने के लिए जाएं.

छोटी-छोटी बातों पर तकरार से बचें
दांपत्य जीवन में छोटी-छोटी बातों पर नोंकझोंक होना लाज़िमी है, पर इसका अर्थ यह नहीं कि यही छोटी-छोटी नोंकझोंक बड़े झगड़ों का रूप ले लें. पार्टनर्स की समझदारी इस बात में है कि झगड़े की स्थिति में बहस करने की बजाय शांत व संयमित रहें. वरना यही तकरारें धीरे-धीरे वैवाहिक रिश्ते को खोखला कर देंगी.

हेल्दी रिलेशनशिप टिप्स: झगड़े के दौरान अपशब्दों व असभ्य भाषा का प्रयोग न करें.

– बहस करने की बजाय अपनी बात पार्टनर को प्यार से समझाएं.

– परिवार, दोस्तों व रिश्तेदारों के सामने पार्टनर्स एक-दूसरे का सम्मान करें.

– पिछली ग़लतियों के लिए पार्टनर को बार-बार दोषी न ठहराएं.

– तकरार के दौरान ऐसी बातें न बोलें, जिससे एक-दूसरे की भावनाएं आहत हों.

– ध्यान रखें, छोटी-छोटी तकरार कहीं बड़े झगड़े बनकर घर की चारदीवारी से बाहर न जाए.

– नागेश चमोली

रिलेशनशिप को हेल्दी रखने के लिए ज़रूरी है फिट रहना (Stay healthy to keep relationship healthy)

Keep Relationship Healthy

फिटनेस को अब तक हेल्थ से ही जोड़कर देखा जाता रहा है, लेकिन सच तो यह है कि आपकी फिटनेस आपके रिश्ते को भी प्रभावित कर सकती है. आप फिट रहेंगे, तो आपका रिश्ता भी हेल्दी और फिट(Keep Relatioship Healthy) बना रहेगा. अगर आप भी अपने रिश्ते को हेल्दी रखना चाहते हैं, तो आज से ही अपनी फिटनेस पर ध्यान देना शुरू कर दें. शादी से पहले ही नहीं, शादी के बाद भी फिट रहना ज़रूरी है.

Keep Relationship Healthy

– हेल्थ और फिटनेस को पर्सनल फिटनेस से न जोड़ें, इसका प्रभाव आपके पार्टनर व आपके रिश्ते पर भी पड़ता है.

– एक अध्ययन से यह बात सामने आई कि कुछ कपल्स ने यह महसूस किया कि फिटनेस से उनके व्यक्तित्व व रिश्ते पर सकारात्मक प्रभाव पड़ा.

– अपने अनुभव के बारे में बताते हुए एक शख़्स ने कहा- पहले मुझे लगता था कि एक्सरसाइज़ और फिटनेस स़िर्फ पर्सनल केयर के अंतर्गत आता है, लेकिन मुझे किसी ने सलाह दी कि इसे इस तरह से देखो कि तुम्हें अपनी फैमिली, अपने पार्टनर के लिए भी फिट रहना है. इस सोच के साथ जब मैंने वर्कआउट और डायट वगैरह पर ध्यान देना शुरू किया, तो वाकई मेरा कॉन्फिडेंस भी बढ़ा और जब-जब मैंने अपनी बेटी और पत्नी को कहा कि मुझे तुम्हारे लिए फिट रहना है, ताकि मैं भी तुम्हारी तरह यंग और फिट नज़र आऊं. यह सुनकर मेरी फैमिली भी बेहद ख़ुश हुई और हमारी बॉन्डिंग और स्ट्रॉन्ग हो गई.

– शादी के बाद फिटनेस का ख़्याल रखना और भी ज़रूरी हो जाता है, क्योंकि इससे आप में और आपके पार्टनर दोनों में यह एहसास बढ़ता है कि आप एक-दूसरे के लिए हेल्दी और आकर्षक नज़र आना चाहते हैं. इसके अलावा आप अधिक उत्साह व उमंग का अनुभव भी करते हैं.

– अमूमन लोगों की, ख़ासतौर से भारतीय लोगों की यह सोच रहती है कि जब तक शादी न हो जाए, तक तक ही आपको फिट और अट्रैक्टिव लगना है, लेकिन शादी के बाद वो इस पहलू को इस कदर नज़रअंदाज़ कर देते हैं कि उनमें न स़िर्फ बेहिसाब मोटापा बढ़ जाता है, बल्कि वे कई बीमारियों के भी शिकार होने लगते हैं. जिस वजह से रिलेशनशिप और यहां तक कि सेक्स लाइफ भी प्रभावित होती है.

– मुंबई में रहनेवाले एक कपल- ज्योत्सना (40) व हरी (45) ने रिलेशनशिप में फिटनेस के महत्व को बताते हुए कहा- “हमारी लव मैरिज हुई थी. शादी के दो साल बाद एक बेटा हुआ और फिर तीन साल बाद दूसरा बच्चा. बच्चों की देखभाल और अपनी प्रोफेशनल लाइफ ने हमारी ज़िंदगी को बोरिंग बना दिया था. हम इतने थक जाते थे कि एक-दूसरे से बात करने की भी एनर्जी नहीं होती थी. इस बीच हम दोनों का ही वज़न भी तेज़ी से बढ़ रहा था. वीकेंड पर एक दिन हम यूं ही अपने पुराने फोटोग्राफ्स देख रहे थे और तब हमें एहसास हुआ कि हमने इस क़दर ख़ुद को नज़रअंदाज़ किया हुआ है कि हमारी लाइफ में अब रोमांस, हेल्थ और एनर्जी है ही नहीं. स़िर्फ बच्चों का भविष्य और पैसा कमाना ही हमारी ज़िंदगी का उद्देश्य बन गया. तब हमने डिसाइड किया कि चाहे जो हो, हम अपनी अगली एनीवर्सरी तक फिट और एनर्जेटिक बनने की कोशिश करेंगे, यही हमारा एक-दूसरे को गिफ्ट भी होगा. अब इस निर्णय के कितने फ़ायदे हुए, यह भी जान लें-

– हम रोज़ सुबह जल्दी उठते, साथ-साथ जॉगिंग, एक्सरसाइज़ और योग करते. इससे हम अधिक समय एक-दूसरे के साथ बिताते.

– हम एक-दूसरे को चैलेंज भी करते और मोटिवेट भी, जिससे और भी जोश व उत्साह महसूस करते.

– हमारा खाना हेल्दी बनने लगा था अब. सुबह जल्दी उठने के लिए रात को जल्दी सोने की भी आदत पड़ने लगी थी.

श्र हमारे साथ-साथ हमारे बच्चे भी हेल्दी हैबिट्स सीख रहे थे. अगली एनीवर्सरी तक हम सच में ख़ुद को फिट महसूस कर रहे थे.”
36 वर्षीया कंचन ने भी अपना अनुभव बताया, “मेरे पति अपनी फिटनेस पर बहुत ज़्यादा ध्यान देते हैं, जबकि मैं थोड़ी आलसी हूं. लेकिन मुझे इसका एहसास तब हुआ, जब मेरी बेटी स्कूल के किसी भी फंक्शन या मीटिंग में हमेशा पापा के साथ जाने की बात कहती और मुझे बोलती थी कि मम्मी आप मुझे स्कूल में लेने मत आया करो. जब हमने उससे इसका कारण पूछा, तो उसने कहा कि पापा जब भी आते हैं, तो हर कोई कहता है कि तेरे पापा कितने फिट और हैंडसम हैं. मम्मी तो उनकी आंटी लगती हैं. इस अनुभव ने मेरी आंखें खोल दीं. अब मैं भी अपने पति के साथ रोज़ सुबह योगा क्लास जाती हूं और हेल्दी डायट भी लेती हूं. मैं काफ़ी हद तक फिट हो गई हूं. इसके लिए मैं अपनी बेटी को थैंक्स भी कहती हूं कि सही व़क्त पर उसने अंजाने व मासूमियत में ही सही, पर मुझे फिटनेस का महत्व समझा दिया. अब तो मैं अपने पति के साथ पार्टीज़ में भी कॉन्फिडेंस के साथ जाती हूं और मुझे काफ़ी कॉम्प्लीमेंट्स भी मिलते हैं. हम सच में पहले से और क़रीब आए हैं.”

Keep Relationship Healthy

अगर एक्सपर्ट्स की बात करें, तो उनके अनुसार-

– शादी और फिटनेस में बहुत गहरा संबंध है. फिट और हेल्दी रहने से आप अधिक ऊर्जा व उत्साह का अनुभव करते हैं, जिससे आप अपने रिश्ते में भी अधिक उत्साह का अनुभव करते हैं.

– फिटनेस से आपका कॉन्फिडेंस बढ़ता है, जिसका सीधा-सीधा असर आपके रिश्ते पर भी पड़ता है.

– एक साथ वर्कआउट करने से आप अपने साथी के क़रीब आते हैं. आप दोनों में आपसी समन्वय व सामंजस्य बेहतर होता है. शेयरिंग की भावना बढ़ती है.

– सेक्स लाइफ भी बेहतर होती है. बढ़ी हुई ऊर्जा और बेहतर बॉडी इमेज आपसी आकर्षण को बढ़ाते हैं.

– हेल्दी रहने और रेग्युलर एक्सरसाइज़ से आपका स्ट्रेस लेवल कम होता है. एक्सपर्ट्स बताते हैं कि तनाव आपको शारीरिक व भावनात्मक रूप से कमज़ोर बनाकर रिश्तों की आत्मीयता को धीरे-धीरे ख़त्म करता है. यहां तक कि सेक्स लाइफ पर भी इसका असर होता है. ऐसे में जब तनाव कम होगा, तो आपका रिश्ता भी तनाव से मुक्त होगा.

– यदि आपको जिम की मेंबरशिप या योगा क्लासेस की टाइमिंग्स सूट नहीं करती या महंगी लगती है, तो दूसरे तरी़के से फिटनेस प्रोग्राम प्लान किया जा सकता है, जैसे- आप दोनों सुबह जल्दी उठकर वॉक पर जाएं या टेरेस पर स्किपिंग व स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज़ करें.

– शाम को ऑफिस से आते समय या घर आने के बाद ही साथ में बाहर वॉक करते हुए मार्केट जाएं और सब्ज़ी व ज़रूरी सामान साथ लाएं.

– लिफ्ट का इस्तेमाल न करें, सीढ़ियों से जाएं. घर के काम में साथ-साथ हाथ बंटाएं.

– वीकेंड पर साइकलिंग, स्विमिंग या डांस क्लास जाएं. इससे आपकी हॉबी भी पूरी होगी और आप दोनों साथ-साथ रहकर अपनी फिटनेस को अधिक एंजॉय करेंगे.

– इन सबके अलावा नियमित रूप से अपना ब्लड शुगर लेवल, बीपी, कोलेस्ट्रॉल व अन्य टेस्ट्स करवाएं.

– ब्रह्मानंद