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सफलता के 10 सूत्र (10 Ways To Achieve Your Dream)

सफलता के 10 सूत्र आपकी ज़िंदगी बदल सकते हैं. सफल बनने और अपने सपनों को पूरा करने के लिए आप भी अपनाएं सफलता के 10 सूत्र.

10 Ways To Achieve Your Dream

1) निर्धारित लक्ष्य के बिना आप जीवन के किसी भी क्षेत्र में सफल नहीं हो सकते. यदि आपको अपनी मंजिल का ही पता नहीं होगा तो भला रास्ता कैसे तय करेंगे? स्पष्ट लक्ष्य के अभाव में आप अंजान रास्तों पर यूं ही भटकते रहेंगे. अतः क़ामयाबी पाने के लिए सबसे पहले अपना लक्ष्य निर्धारित करिए और फिर पूरी ईमानदारी और मेहनत से उसे हासिल करने में जुट जाइए.

2) कठिनाइयों में भी अपने लक्ष्यों का पीछा करते रहें, और विपत्तियों को अवसरों में बदल दें.
– धीरूभाई अंबानी

3 ) कोई लक्ष्य मनुष्य के साहस से बड़ा नहीं, हारा वही जो लड़ा नहीं.
– अज्ञात

4) आप कभी भी लक्ष्य निर्धारित करने या नया सपना देखने के लिए बहुत बूढ़े नहीं होते.
– सी.एस. लुईस

5) अपने मिशन में क़ामयाब होने के लिए आपको अपने लक्ष्य के प्रति एकचित्त निष्ठावान होना पड़ेगा.
– अज्ञात

यह भी देखें: अपने सपनों को पूरा कैसे करें?

 

6) लक्ष्यों के बारे में सबसे महत्वपूर्ण चीज़ है उनका होना.
– जेफ्री ऍफ ऐबर्ट

7 ) स्पष्ट और लिखित लक्ष्य जिनके होते हैं, वे कम समय में ही इतनी सफलता प्राप्त करते हैं जितनी कि बिना ऐसे लक्ष्यों वाले सोच भी नहीं सकते.
– ब्रायन ट्रेसी

8 ) लक्ष्य न होने के साथ समस्या ये है कि आप अपना समस्त जीवन मैदान में ऊपर नीचे दौड़ते रहने के बाद भी कोई जीत हासिल नहीं कर पाते.
– बिल कोपलेंड

9 )जब कोई व्यक्ति अपने लक्ष्य को इतनी गहराई से चाहे कि वह उसके लिए अपना सब कुछ दांव पर लगाने के लिए तैयार हो, तो उसका जीतना सुनिश्‍चित है.
– नेपोलियन हिल

10 ) मुट्ठीभर संकल्पवान लोग जिनकी अपने लक्ष्य में दृढ़ आस्था है, इतिहास की धारा को बदल सकते हैं.
– महात्मा गांधी

जानें ड्रीम गर्ल हेमा मालिनी की सफलता का राज़, देखें वीडियो:

 

10 छोटी बातों में छुपी हैं 10 बड़ी ख़ुशियां (10 Little Things Can Change Your Life)

Little Things Can Change Your Life

आजकल लोग समय की कमी का रोना रोकर जीवन की छोटी-छोटी ख़ुशियों से भी हाथ धोने लगे हैं, जबकि सच्चाई ये है हम जिस चीज़ को ज़रूरी समझते हैं उसके लिए समय निकाल ही लेते हैं. अतः जिंदादिली से जीने के लिए अपनी प्राथमिकताएं तय करें और उनके अनुरूप अपने समय को विभाजित करें, क्योंकि यही है जीने की सही कला. साथ ही इन छोटी-छोटी बातों पर ध्यान देकर रहें ख़ुश, संतुष्ट और ऊर्जावान.

1) अक्सर लोग क़ीमती चीज़ों में ख़ुशियां ढूंढ़ते हैं और उनकी चाह में दुखी रहते हैं, जबकि सच्चाई ये है कि सर्वश्रेष्ठ चीज़ें अक्सर मु़फ़्त ही मिलती हैं. प्रेम, वात्सल्य, संतान, हवा, पानी आदि के बिना हम जीवन की कल्पना भी नहीं कर सकते, लेकिन इन्हें पाने के लिए हमें पैसे ख़र्च नहीं करने पड़ते, ये तमाम चीज़ें हमें मु़फ़्त मिलती हैं. अत: छोटी-छोटी चीज़ों में ख़ुशियां ढूंढ़ें, फिर बड़ी ख़ुशियां आपके पास अपने आप आ जाएंगी.

2) हम ख़ुद अपनी शक्ति को नहीं पहचानते इसलिए कोई भी नया या चैलेंजिंग काम करते समय ख़ुद को कम न आंकने लगते हैं. आप ऐसा न करें. यदि आपकी सोच सकारात्मक है और आपको ख़ुद पर विश्‍वास है, तो आपकी आंतरिक शक्ति भी खुलकर सामने आएगी और आप बड़े से बड़ा काम कर पाएंगे.

3) दूसरों को समझने या उनसे प्यार करने से पहले ख़ुद से प्यार करें. यकीन मानिए, ज़िंदगी को देखने का आपका नज़रिया ही बदल जाएगा.

4) जिन चीज़ों से आपको चिढ़ है या जो चीज़ें आपके व्यवहार को नकारात्मक बनाती हैं, उनसे उलझने की बजाय उनसे किनारा कर लें. उनके बारे में सोचना ही छोड़ दें. इससे आप बहुत हल्का महसूस करेंगे.

5) समय सदा एक-सा नहीं रहता, ये सोचकर जीवन में आए हर बदलाव को बेख़ौफ़ स्वीकारें और परिस्थिति के अनुरूप ख़ुद को ढालने की कोशिश करें. ऐसा करने से आपको कठिनाइयों से जूझने की शक्ति मिलेगी.

यह भी पढ़ें: शरीर ही नहीं, मन की सफ़ाई भी ज़रूरी है

6) आपके पास क्या नहीं है, उसके बारे में सोचकर कुढ़ने की बजाय आपके पास क्या है, उसे देखकर ख़ुश होएं और आगे बढ़ने की कोशिश करते रहें. ऐसा करके आप जीवन का पूरा लुत्फ़ उठा पाएंगे.

7) हमारे शौक हमारे लिए टॉनिक का काम करते हैं. इनसे हमें ख़ुशी मिलती है और हम जीवन को नए उत्साह से जीते हैं. अतः अपने शौक़ के लिए ज़रूर टाइम निकालें.

8) हम जैसा सोचते हैं, जैसी भावना रखते हैं, हमारा शरीर, हमारी त्वचा भी वैसा ही रूप लेने लगती है. अतः अच्छा सोचें और स्वस्थ व ख़ूबसूरत नज़र आएं.

9) महान व कामयाब व्यक्ति एक दिन में उपलब्धि हासिल नहीं कर लेते, इसके लिए वो लगातार मेहनत करते हैं. अत: आप भी जीवन में आगे बढ़ने के लिए रोज़ थोड़ी मेहनत करें. परिस्थिति चाहे जैसी भी हो, आप हार न मानें. आपका ख़ुद पर विश्‍वास ही आपको आगे बढ़ाएगा.

10) कुछ पाने से पहले देना सीखें. प्रकृति का ये नियम है कि हम जो देते हैं, वही पाते हैं. जब आप देना सीख जाते हैं, तो आप में संतुष्टि का भाव आ जाता है और आप विनम्र बन जाते हैं. यही विनम्रता ही आपको जीवन में आगे ले जाती है.

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ख़ुश रहना है तो सीखें ये 10 बातें (10 Easy Things Successful People Do To Stay Happy)

Easy Things Successful People Do To Stay Happy

ख़ुशी और क़ामयाबी- अच्छा जीवन जीने के लिए ये 2 चीज़ें बेहद ज़रूरी हैं. लेकिन ये 2 चीज़ें हासिल करने के लिए आपको 10 चीज़ें सीखनी होंगी. ख़ुश रहना चाहते हैं, तो आप भी सीखें ये 10 चीज़ें.

1) जब भी ग़ुस्सा आए या किसी बात से नाराज़ हों तो अपनी भावनाओं को काग़ज़ पर उतार दें. जिस तरह कह देने से मन हल्का हो जाता है, उसी तरह अपनी भावनाओं को लिख देने से भी बहुत सुकून महसूस होता है. ज़रूरी नहीं कि आप नकारात्मक बातें ही लिखें, जब कोई बात या चीज़ अच्छी लगे, उसके बारे में भी अपनी डायरी में ज़रूर लिखें.

2) ज़रूरी नहीं कि हमेशा कुछ पाकर ही ख़ुशी मिले, कई बार दूसरों के चेहरे की मुस्कान भी बेइंतहा ख़ुशी देती है इसलिए दूसरों के लिए जितना कर सकें, ज़रूर करें.

3) स्थितियां हमेशा आप के अनुरूप ही हों ये मुमकिन नहीं, कई बार आपको विपरीत स्थितियों में मन मारकर भी रहना पड़ सकता है. ऐसी स्थिति में हालात को कोसने के बजाय उनसे सामंजस्य बिठाने की कोशिश करें. ऐसा करके आप तनाव को कुछ हद तक कम कर सकते हैं.

4) कई लोग पहले काम को टालते जाते हैं, फिर एक साथ बहुत सारा काम देखकर तनावग्रस्त हो जाते हैं. ऐसी स्थिति से बचने के लिए अपना हर काम समय पर पूरा करें.

5) दूसरों की क़ामयाबी से कुढ़ने वाले कभी ख़ुश नहीं रहते. ऐसा करने की बजाय दूसरों की क़ामयाबी से प्रेरणा लेकर उन जैसा बनने का प्रयास करें.

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6) यदि आप अपने करियर से ख़ुश नहीं हैं, तो कोई पसंदीदा पार्ट टाइम कोर्स करें और नए सिरे से करियर की शुरुआत करें.

7) सुबह की शुरुआत ईश्‍वर के स्मरण और योग या एक्सरसाइज़ से करें. इससे मन की शांति तो मिलती ही है, आप दिनभर के लिए नई ऊर्जा भी मिलती है.

8) छोटी-छोटी चीज़ों में ख़ुशियां ढूंढ़ने की कोशिश करें यानी ख़ुश होने के मौ़के तलाशें. ऐसा करने से जीवन में आई हर छोटी-बड़ी समस्या से लड़ने का हौसला मिलता है.

9) हमारी अधिकतर समस्याएं हमारे अहम् के चलते शुरू होती हैं. यदि हम अहम् को त्याग दें तो न ही हम छोटी-छोटी बातों पर आहत होंगे और न ही तनावग्रस्त.

10) ख़ुश रहने के लिए सही लाइफ़ स्टाइल भी ज़रूरी है इसलिए रात में जल्दी सोएं और सुबह जल्दी उठ जाएं. साथ ही अच्छा खाएं, अच्छा सोचें और अच्छा महसूस करें.

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हेमा मालिनी… हां, सपने पूरे होते हैं…! देखें वीडियो (Hema Malini… Yes, Dreams Do Get Fulfilled…! Watch Video)

Hema Malini

कौन कहता है आसमान में सुराख़ नहीं हो सकता
एक पत्थर तो तबीयत से उछालो यारों

हां, मैंने भी कुछ हसीन सपने देखे थे और ज़िंदगी ने मुझे ड्रीम गर्ल का ख़िताब दे डाला. मैंने आसमान छूने की ख़्वाहिश की और मेरे चाहनेवालों ने मुझे फलक पर बिठा दिया. मैंने ज़िंदगी में अपने हर क़िरदार को पूरी शिद्दत से निभाया और ज़िंदगी ने हमेशा मुझे मेरी ख़्वाहिश से ज़्यादा ही दिया है. हम दुनिया में आते हैं… बड़े होते हैं, फिर आंखों में कई नए-नए सपने पलने लगते हैं… उन्हें देखते हैं और जुट जाते हैं उन्हें पूरा करने में… दिल में कई अरमान जागते हैं… हम भागने लगते हैं उन्हें मुकम्मल करने के लिए… हसरतों के दायरे फिर हमें धीरे-धीरे कैद करने लगते हैं अपनी परिधि में… ये तो है इंसानी फ़ितरत, लेकिन इसमें भी यदि हम बात करें एक औरत की, तो उसके दायरे तो व़क्त के साथ-साथ और भी सिमटने लगते हैं… लेकिन जहां तक मेरी बात है, तो मुझे न तो अपने दायरे समेटने पड़े और न ही सपनों पर पाबंदी लगानी पड़ी, क्योंकि मेरे प्रयास सच्चे थे और मुझे अपनों का भी भरपूर साथ मिला.

Hema Malini

मैं यही कहूंगी कि बेशक, हर सपना पूरा होता है, यदि आप सही दिशा में काम कर रहे हों और आपने अपने सपने को पूरा करने की हर मुमकिन कोशिश की हो. यदि हम अपने अतीत पर नज़र डालेंगे, तो पाएंगे कि आज हम जो कुछ भी हैं, वो अतीत में हमारे द्वारा किए गए प्रयासों का ही नतीजा है.
ख़्वाहिशें, अरमान, अपेक्षाएं, इच्छाएं… ये तमाम तत्व इंसानी फ़ितरत का हिस्सा हैं. ख़्वाहिशें रखना ग़लत भी तो नहीं है. किसी चीज़ को पाने की ख़्वाहिश रखना बहुत अच्छी बात है और ये भी सच है कि आप पूरी ईमानदारी के साथ जितने बड़े सपने देखते हैं, ज़िंदगी आपको उससे कहीं ज़्यादा देती है, लेकिन उसके लिए आपका अपने सपनों के प्रति ईमानदार होना ज़रूरी है. जैसे आप यदि मर्सिडीज़ ख़रीदने का लक्ष्य रखते हैं, तो उसके बाद आपका मस्तिष्क उसी दिशा में सोचना शुरू कर देता है, आप उसे पाने के रास्ते तलाशने लगते हैं, आपके हालात भी उसी के अनुरूप बदलने लगते हैं और आख़िरकार आप मर्सिडीज़ ख़रीद लेते हैं. इसलिए जीवन में लक्ष्य का होना बहुत ज़रूरी है.

Hema Malini dreamgirl

हमें बचपन से अपने बच्चों को ये बात सिखानी चाहिए कि बड़े लक्ष्य रखो, बड़े सपने देखो और उन्हें पूरा करने के लिए जी जान से मेहनत करो, फिर आपको वो चीज़ पाने से कोई नहीं रोक सकता. अक्सर मैं लोगों को देखती हूं, जिन्हें ज़िंदगी से बहुत शिकायत रहती है… बहुत कुछ होने के बाद भी वो संतुष्ट नहीं होते. उन्हें शायद ख़ुद भी यह नहीं पता होता कि उन्हें आख़िर क्या चाहिए. यही वजह है कि न तो उनके पास कोई लक्ष्य होता है और न ही उसे हासिल करने के लिए कोई प्रेरणा. मन की चंचलता उन्हें ताउम्र असंतुष्ट रखती है और वो भटकते रहते हैं, इसलिए सबसे ज़रूरी है कि आपके मन में यह बात पूरी तरह से साफ़ होनी चाहिए कि आपकी मंज़िल क्या है और आपको उस तक किस तरह से पहुंचना है. आपके प्रयास किस तरह के होने चाहिए और आपके त्याग कितने बड़े हो सकते हैं.

Hema Malini award
अगर मैं अपनी बात करूं, तो मैं भी एक बेहद आम-सी लड़की थी, लेकिन मेरी मां ने मेरे लिए बड़े सपने देखे और उन्हें पूरा करने के लिए मुझे सही दिशा दी. अगर मेरी मां कोई और होती, तो शायद मैं आज यहां न होती. मेरी मां ने मेरी ज़िंदगी को सही दिशा दी और मुझे उसके लिए मेहनत करने की हिम्मत भी दी. आज मैं जो कुछ भी हूं, उसमें मेरी मां का बहुत बड़ा रोल है.

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Hema Malini daughters
आज जब मैं अपने बचपन को याद करती हूं, तो पाती हूं कि मेरी परवरिश बहुत अच्छे माहौल में हुई. मेरी मां ने मुझे कला के प्रति समर्पित होना सिखाया, इसीलिए मेरी कला आज मेरी पहचान बन गई है. मां ने मेरे लिए जो सपने देखे थे, उन्हें पूरा करने के लिए उन्होंने मुझे सही राह दिखाई, इसीलिए आज मैं यहां पहुंच पाई हूं. बचपन में जब मैं अपनी खिड़की से बाहर देखती थी कि मेरे फ्रेंड्स बाहर खेल रहे हैं और मैं घर में डांस की प्रैक्टिस कर रही हूं, तो मुझे मां पर बहुत ग़ुस्सा आता था, लेकिन आज जब मैं देखती हूं कि वो लड़कियां कहां हैं और मैं कहां हूं, तब समझ में आता है कि मेरी मां ने मेरे लिए कितने बड़े सपने देखे और उन्हें पूरा करने के लिए कितनी मेहनत की. आज मैं जो कुछ भी हूं, अपनी मां की वजह से हूं. बच्चों को प्यार देना जितना ज़रूरी है, उन्हें अनुशासन में रखना भी उतना ही ज़रूरी है. मां ने मेरे साथ भी ऐसा ही किया, उन्होंने मुझे सिखाया कि आपके पास यदि हुनर है, तो उसे इतना निखारो कि आपका हुनर ही आपकी पहचान बन जाए. मैंने यदि कला की साधना की है, तो कला ने भी मुझे नाम-शोहरत सब कुछ दिया है.

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hema malini dance
हर पैरेंट्स को अपने बच्चों को सपने देखना और गोल सेट करना सिखाना ही चाहिए, फिर उन्हें आगे बढ़ने से कोई नहीं रोक सकता. वैसे भी आजकल इतने
छोटे-छोटे बच्चे रियालिटी शोज़ में कितना कुछ कर दिखाते हैं, उनके इस टैलेंट के पीछे उनके पैरेंट्स की मेहनत साफ़ दिखाई देती है. बच्चा पढ़ाई में ही अच्छा हो ये ज़रूरी नहीं, बच्चे के टैलेंट को पहचानें और उसे उसी फील्ड में आगे बढ़ने दें.यक़ीन मानिए, आप जिस भी चीज़ को शिद्दत से चाहते हैं, वो आपको मिलती है, आपको बस मेहनत करते रहना चाहिए.

हेमा मालिनी के बारे में और ज़्यादा पढ़ने के लिए क्लिक करें

नम्रता ही असली कामयाबी है (Modesty Is The Real Success)

Jeene ki kala

नम्रता से आप क्या हासिल कर सकते हैं, इसका बेहतरीन उदाहरण हैं सचिन तेंदुलकर, मदर टेरेसा, अमिताभ बच्चन जैसी हस्तियां, जिनके नम्र स्वभाव ने लाखों दिलों में अपनी ख़ास जगह बनाई है. आप कितने भी ज्ञानी, कितने भी क़ाबिल क्यों न हों, यदि आप में नम्रता नहीं है, तो आप लोगों का दिल जीतने में कभी क़ामयाब नहीं हो सकते. अतः सफलता के शिखर पर पहुंचकर भी नम्र बने रहें, तभी आप सही मायने में क़ामयाब कहलाएंगे.

नम्रता मान देती है, योग्यता स्थान देती है.
                                          – अज्ञात

नम्रता और मीठे वचन ही मनुष्य के आभूषण होते हैं.
                                                – तिरुवल्लुवर

नम्रता सारे गुणों का दृढ़ स्तंभ है.
                         – कन्फ्यूशस

विनम्रता एक आध्यात्मिक शक्ति है.
                      – रवींद्रनाथ ठाकुर

प्रार्थना नम्रता की पुकार है.
              – महात्मा गांधी

महान पुरुष की पहली पहचान उसकी नम्रता है.
                                              – अज्ञात

नम्रता की ऊंचाई का नाप नहीं.
                     – विनोबा भावे

विनम्रता शरीर की अंतरात्मा है.
      – एडीसन

कठोरता से अधिक शक्तिशाली नम्रता है.
                                       – अज्ञात

विनम्रता एक गुण है और यह गुण अतिथियों में स्वाभाविक रूप से होता है.
                                                                            – मैक्स बीरबोह्म

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सफलता के लिए ज़रूरी है लक्ष्य (Set Your Goal First)

Life Goal

Life Goal

निर्धारित लक्ष्य के बिना आप जीवन के किसी भी क्षेत्र में सफल नहीं हो सकते. यदि आपको अपनी मंज़िल का ही पता नहीं होगा, तो भला रास्ता कैसे तय करेंगे? स्पष्ट लक्ष्य के अभाव में आप अनजान रास्तों पर यूं ही भटकते रहेंगे. अतः क़ामयाबी पाने के लिए पहले लक्ष्य निर्धारित कीजिए, फिर पूरी ईमानदारी और मेहनत से उसे हासिल करने में जुट जाइए.

जीवन की त्रासदी ये नहीं है कि आप अपने लक्ष्य तक
नहीं पहुंच पाए, त्रासदी तो पहुंचने के लिए लक्ष्य ही न होने में है.
                                                       – बेंजामिन मेस

आप कभी भी लक्ष्य निर्धारित करने या नया
सपना देखने के लिए बहुत बूढ़े नहीं होते.
                                  – सी.एस. लुईस

कठिनाइयों में भी अपने लक्ष्य का पीछा करते
रहें और विपत्तियों को अवसरों में बदल दें.
                                 – धीरूभाई अंबानी

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लक्ष्य के बारे में सबसे महत्वपूर्ण चीज़ है उसका होना.
                                              – जेफ्री एफ ऐबर्ट

स्पष्ट और लिखित लक्ष्य जिनके होते हैं, वे कम समय में ही इतनी
सफलता प्राप्त करते हैं जितनी बिना ऐसे लक्ष्यों वाले सोच भी नहीं सकते.
                                                                        – ब्रायन ट्रेसी

लक्ष्य न होने के साथ समस्या ये है कि आप अपना समस्त जीवन मैदान में
ऊपर-नीचे दौड़ते रहने के बाद भी कोई जीत हासिल नहीं कर पाते.
                                                                        – बिल कोपलेंड

जब कोई व्यक्ति अपने लक्ष्य को इतनी गहराई से चाहे कि वह उसके
लिए अपना सब कुछ दांव पर लगाने के लिए तैयार हो, तो उसका जीतना सुनिश्चित है.
                                                                                                   – नेपोलियन हिल

मुट्ठीभर संकल्पवान लोग जिनकी अपने लक्ष्य में दृढ़ आस्था है,
इतिहास की धारा को बदल सकते हैं.
                                                                                                           – महात्मा गांधी

अपने मिशन में क़ामयाब होने के लिए आपको अपने लक्ष्य के प्रति निष्ठावान
होना पड़ेगा.
                                                                                – अज्ञात

कोई लक्ष्य मनुष्य के साहस से बड़ा नहीं, हारा वही जो लड़ा नहीं.
                                                                              – अज्ञात

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GRAND PARTY! रईस की शानदार सक्सेस पार्टी! (Raees Success Bash: Shahrukh khan And Sunny Leone celebrates Film’s success)

रईस 100 करोड़ के क्लब में शामिल होने को तैयार है. शाहरुख खान की इस फिल्म ने 5 दिनों में 93.24 करोड़ का बिज़नेस कर लिया है. शाहरुख खान ने इस अपनी फिल्म की सफलता को सेलिब्रेट करने के लिए रखी सक्सेस पार्टी, जहां फिल्म की पूरी स्टारकास्ट पहुंची बेहद ही अलग अंदाज़ में. जीप में शाहरुख खान, सनी लिओनी, नवाज़ुद्दीन सिद्दीक़ी मौजूद थे. सनी लिओनी जहां गोल्डन ड्रेस में हॉट लग रही थीं, वहीं शाहरुख और नवाज़ुद्दीन ने फिल्म के डायलॉग्स वाली टी-शर्ट पहन रखी थी. देखें तस्वीरें. raees raees

raees raees raees raees raees– प्रियंका सिंह

चाहते हैं गुडलक और सक्सेस, तो घर में रखिए एलिफेंट सिंबल (Fengshui Tips: Elephant Symbol for good luck & Success)

चाहते हैं गुडलक और सक्सेस, तो घर में रखिए एलिफेंट सिंबल (Fengshui Tips: Elephant Symbol for good luck & Success)

घर में हाथी की प्रतिमा यानी एलिफेंट सिंबल रखना बहुत शुभ होता है. एलिफेंट सिंबल आपकी कई इच्छाओं को पूरा कर सकता है, लेकिन इसके लिए आपको इसे सही जगह पर रखना होगा.

 

सौभाग्य के लिए
अगर आप गुड लक यानी सौभाग्य के लिए अपने घर में हाथी की प्रतिमा रखना चाहती हैं, तो हाथी के जोड़े को मेन डोर की ओर अंदर की तरफ़ रखें, ताकि ऐसा प्रतीत हो, जैसे- हाथी अंदर की ओर आ रहा है.

नकारात्मक ऊर्जा से बचने के लिए
नकारात्मक ऊर्जा से घर की रक्षा करने के लिए हाथी के जोड़े को मेन डोर के ठीक बाहर रखें, ऐसे जैसे हाथी बाहर की ओर जा रहा हो. इससे नेगेटिव एनर्जी घर में प्रवेश नहीं कर पाएगी.

सफलता के लिए
अगर आप और आपका पार्टनर दोनों एक ही ऑफिस में काम करते हैं, तो ऐसी स्थिति में ऑफिस में हाथी की प्रतिमा रखने से पति-पत्नी के बीच प्रेम भी बढ़ता है और व्यापार में मुनाफ़ा भी होता है.

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संतान प्राप्ति के लिए
अगर आप चाहती हैं कि नन्हा-मुन्हा बच्चा आपकी गोद में खेले और आपका आंगन बच्चे की किलकारी से गूंज उठे, तो अपने बेडरूम में ठीक बेड के बगल में हाथी की प्रतिमा रखें.

मां और बच्चे के बीच प्रेम बढ़ाने के लिए
मां और बच्चे के बीच अच्छे संबंध स्थापित करने के लिए हाथी और उसके बच्चे की प्रतिमा को एक साथ एक ओर घर में रखें. इससे मां और बच्चे के बीच प्रेम बढ़ता है.

बच्चों को बुद्धिमान बनाने के लिए
हाथी की प्रतिमा बच्चों की पढ़ाई में भी मददगार साबित होती है. अतः अगर आपका बच्चा पढ़ने में कमज़ोर है, तो उसके स्टडी टेबल पर हाथी की प्रतिमा रखें.

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युवाओं को क्यों है हर बात की जल्दबाज़ी? (Why is the younger generation in a big hurry?)

Young Generation

सड़क पर ते़ज रफ़्तार गाड़ी चलाने से लेकर करियर, रिश्ते… हर जगह युवाओं की जल्दबाज़ी साफ़ नज़र आती है. न तो वो ज़्यादा समय तक एक नौकरी में टिक पाते हैं और न ही एक रिश्ता निभा पाते हैं. ऐसा लगता है आज की यंग जनरेशन ज़िंदगी की सहज रफ़्तार को भूल चुकी है. 2 मिनट नूडल्स की तरह उन्हें ज़िंदगी में भी हर चीज़ तुरंत चाहिए. आख़िर क्यों जल्दबाज़ हो रही है युवा पीढ़ी? जानने की कोशिश की मेरी सहेली (Meri Saheli)  ने.

फास्ट फूड और रेडी टु ईट फूड के इस ज़माने में युवाओं की ज़िंदगी भी इंस्टेंट होती जा रही है. स्थायित्व, भावनात्मक जुड़ाव, संवेदनाएं, समर्पण, धैर्य आदि उनके लिए बेकार की बातें हैं. ख़ुद को प्रैक्टिकल बताने वाली ये पीढ़ी मेहनती और स्मार्ट है इस बात में दो राय नहीं है, मगर ज़रूरत से ज़्यादा जल्दबाज़ भी है. पढ़ाई से लेकर नौकरी और रिश्ते तक हर चीज़ में ये जल्दबाज़ी करते हैं, ज़िंदगी को उसकी सहज रफ़्तार से चलने नहीं देते. यही कारण है कि इनके पास बहुत-सी छोटी-छोटी चीज़ें, जो उनके माता-पिता और परिवार के लिए बहुत बड़ी होती हैं, जैसे- अपनों के साथ समय बिताना, एक-दूसरे की भावनाओं को समझना आदि… के लिए व़क्त ही नहीं रहता और न ही ये इन्हें तवज्जो देते हैं.

चाहते हैं तुरंत क़ामयाबी
अपने पिता, चाचा, मामा आदि को आपने एक ही कंपनी में सालों काम करते हुए देखा होगा, मगर आज स्थितियां बदल चुकी हैं. आज के युवाओं को स्लो मोशन में तरक्क़ी बिल्कुल पसंद नहीं, वे तुरंत अमीर और सफल बन जाना चाहते हैं और इसके लिए नौकरी बदलना इन्हें बेहतर विकल्प लगता है. कुछ फील्ड में तो युवा मुश्किल से एक साल भी एक कंपनी में नहीं टिक पाते. हाल ही में रिक्रूटमेंट एजेंसी माइकल पेज के एम्पलॉय इंटरनेशनल सर्वे के मुताबिक़, देश में नौकरी बदलने वालों की तादाद काफ़ी बढ़ रही है. इस सर्वे के मुताबिक़, क़रीब 82 फ़ीसदी कर्मचारी नौकरी बदलने के इच्छुक हैं. क़रीब 73 प्रतिशत कर्मचारियों ने नौकरी बदलने के लिए इंटरव्यू दिए हैं. इस सर्वे के अनुसार, करियर में ग्रोथ के लिए 65 प्रतिशत एम्पलॉई नौकरी बदलेंगे, जबकि 56 फ़ीसदी कर्मचारी सैलरी में बढ़ोतरी के लिए दूसरी नौकरी तलाशेंगे. आजकल ज़्यादातर युवा प्रोफेशनल कोर्स करने के बाद प्लेसमेंट के ज़रिए तुरंत जॉब ज्वाइन कर लेते हैं. फिर इनमें अपने साथियों से आगे निकलने की होड़ लग जाती है. अगर किसी दोस्त का पैकेज 20 लाख है, तो वो 30 लाख पाने की चाह में जल्दी-जल्दी नौकरी बदलते रहते हैं, क्योंकि उन्हें लगता है कि एक ही कंपनी में सालों रहने पर उन्हें उतना पे हाइक नहीं मिलेगा जितना नौकरी बदलने पर मिल जाता है. हालांकि बार-बार नौकरी बदलने से उनकी स्टेब्लिटी (स्थिरता) पर सवालिया निशान लग जाता है, परंतु उन्हें इससे कोई फ़र्क़ नहीं पड़ता. 30 वर्षीय सौरभ 5 सालों में 3 नौकरियां बदल चुके हैं, सौरभ कहते हैं, “एक ही कंपनी में रहने पर सैलरी उतनी फास्ट नहीं बढ़ती, मगर नौकरी बदलने पर आपको 20 से 30 फ़ीसदी हाइक मिल जाता है.”

रिश्तों में खोखलापन
जिस तरह आग में तपकर सोना कुंदन बनता है, उसी तरह जो चीज़ जितनी मुश्किल और धीमी गति से मिलती है उसकी अहमियत भी ज़्यादा होती है, मगर आज के युवाओं की डिक्शनरी में पेशेंस (सब्र) नाम का कोई शब्द ही नहीं. उन्हें तो बस, सब इंस्टेंट चाहिए. फास्टफूड की तरह उनकी ज़िंदगी और रिश्ते सब इतने फास्ट हो गए हैं कि उनमें जुड़ाव ही नहीं रह गया. आपको बहुत से ऐसे कपल्स दिख जाएंगे जो कहने को तो पति-पत्नी हैं, मगर उनके बीच भी एक प्रोफेशनल रिश्ता ही लगता है. उनके बीच भावनात्मक व संवेदनात्मक लगाव कहीं भी नहीं दिखता. नतीजतन, छोटी-छोटी बातों पर दोनों के बीच मनमुटाव व झगड़े शुरू हो जाते हैं और किसी दिन ग़ुस्से में एक हमसफ़र दूसरे को तलाक़ का नोटिस थमा देता है. वो अपने रिश्ते को सेकंड चांस देने की ज़हमत भी नहीं उठाते हैं, क्योंकि उन्हें ज़िंदगी में बस आगे बढ़ने की जल्दी होती है. पार्टनर ही नहीं, पैरेंट्स से भी इनका भावनात्मक जुड़ाव बहुत गहरा नहीं होता है. तृप्ति कहती हैं, “अभी कुछ दिन पहले की ही बात है, मेरे ऑफिस से अचानक फोन आ गया और मुझे जाना था, इसलिए पहले से ही बेटे के साथ बना बाहर जाने का प्रोग्राम कैंसल करना पड़ा. मैंने बेटे से कहा सॉरी बेटा, अर्जेंट काम से जाना है, आप पापा के साथ चले जाओ, मैं नहीं आ सकती, तो उसने कहा इट्स ओके मम्मा, कोई बात नहीं. अब तो मुझे आपके बग़ैर हर जगह जाने की आदत पड़ गई है. सच कहूं तो बेटे के कहे ये शब्द मेरे दिल में तीर की तरह चुभ गए. ऐसा लगा, कुछ पाने के लिए बहुत कुछ खो रही हूं. बेटे की मुझसे इमोशनल बॉन्डिंग उतनी मज़बूत नहीं है, जितना कि हमारे पैरेंट्स की हमसे थी.”

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हर चीज़ के एक्सपेरिमेंट की चाह
आज के युवाओं को दोस्तों के साथ मौज-मस्ती और ज़िंदगी में हर चीज़ के एक्सपेरिमेंट की जल्दी रहती है, फिर चाहे वो सिगरेट, शराब का स्वाद चखना हो या किसी से अंतरंग रिश्ते बनाना. उन्हें इन सबमें कोई बुराई नज़र नहीं आती. उन्हें तो ये सब कूल लगता है, मगर व़क्त से पहले ही हर चीज़ जान लेने और हर तरह का एक्सपेरिमेंट कर लेने पर उनकी ज़िंदगी से रोमांच जल्द ही ख़त्म हो जाता है. यंग एज में ही कई पार्टनर के साथ अंतरंग हो जाने वाले युवाओं के लिए शादी की अहमियत भी ख़त्म हो जाती है और यदि ऐसे लोग शादी कर भी लेते हैं, तो उनकी मैरिड लाइफ में प्यार का रूहानी एहसास और रोमांच नहीं रह जाता, क्योंकि ये सब तो वो पहले ही कर चुके हैं. एक ही पार्टनर के साथ ईमानदार रहने वाले व्यक्ति का रिश्ता ऐसे लोगों से कहीं ज़्यादा मज़बूत होता है, जो कपड़ों की तरह पार्टनर बदलते हैं और आजकल के युवाओं में ऐसा ज़्यादा देखा जा रहा है. डॉक्टर प्रवीण कहते हैं, “पता नहीं आजकल की यंग जनरेशन को क्या हो गया है जो किसी एक के साथ रिश्ता निभा ही नहीं पाते. पार्टनर तो ऐसे बदलते हैं जैसे कि वो इंसान न होकर कोई कपड़ा हो. मेरे एक दोस्त ने हाल ही में शादी की थी, मगर शादी के 1 महीने बाद ही उसका तलाक़ हो गया. मेरे फ्रेंड सर्कल में मैंने ऐसे कई लोगों को देखा है जिनका जितनी जल्दी अफेयर होता है उतनी ही जल्दी ब्रेकअप भी हो जाता है. प्यार नाम की कोई चीज़ रह ही नहीं गई है.”

प्रोफेशन में आगे रिश्तों में पीछे
इस बात में कोई दो राय नहीं है कि आज की युवा पीढ़ी करियर के मामले में अपने पैरेंट्स से कहीं ज़्यादा आगे है. रिलेशनशिप एक्सपर्ट डॉ. राजीव आनंद कहते हैं, “उनके पास ज्ञान का भंडार है, बड़ी-बड़ी डिग्रियां औैर बड़ा पैकेज है. कई तो यंग एज में ही कंपनी में ग्रुप लीडर या सीनियर मैनेजर से लेकर वाइस प्रेसिडेंट तक की ऊंची पोस्ट पर पहुंच जाते हैं. ज़ाहिर है, इतनी कम उम्र में ये बहुत बड़ी उपलब्धि है और यही वजह है कि वो ख़ुद को बहुत जानकार/समझदार मानने लगते हैं. बड़ी पोस्ट व पैकेज जैसी चीज़ें ज़िंदगी के छोटे-मोटे निर्णय लेने में सहायक ज़रूर होती हैं, जैसे- इस कॉफी शॉप में जाएं या कहीं और… वो फिल्म देखें या कोई और… अगर नहीं जमी तो छोड़ देंगे, बाहर आ जाएंगे.. स़िर्फ पैसे ही तो जाएंगे. अपना टाइम क्यों बर्बाद करें. आज के युवा रिश्तों को भी कमॉडिटी (सामान) की तरह ट्रीट करते हैं.” दरअसल, यंग जनरेशन के लिए करियर और अपनी ग्रोथ सबसे ज़्यादा मायने रखती है और रिश्तों की बारी बाद में आती है.

शक़ और शर्तों के साथ शुरू होता रिश्ता
आज की यंग जनरेशन ज़रूरत से ज़्यादा प्रैक्टिकल भी होती जा रही है. उनका प्रैक्टिकल होना प्रोफेशनल लाइफ के लिए तो अच्छा है, मगर पर्सनल के लिए नहीं. हमसफ़र के प्रति प्यार, लगाव और अपनेपन की भावना से ज़्यादा इनके लिए मायने रखता है पार्टनर का पैकेज और प्रॉपर्टी. ये बात दोनों पर लागू होती है. लड़के भी ऐसी लड़की से शादी करना चाहते हैं, जो वर्किंग हो और जिसकी सैलरी अच्छी ख़ासी हो. शादी से पहले आमतौर पर इनके सवाल कुछ ऐसे होते हैं… तुम कितना कमाते/कमाती हो, फ्लैट है या नहीं, पहले किसी से अफेयर था या नहीं, अभी फ्री हो कि नहीं, मेरा ख़्याल रखोगे, किसी और को तो नहीं चाहोगे, बीच में छोड़कर तो नहीं जाओगे? और अगर तुमने किसी भी बात से मुकरने की कोशिश की तो मैं तुम्हें छोड़ दूंगी/दूंगा. अमूमन ऐसी शर्तों के साथ ही रिश्ता शुरू होता है. ज़ाहिर है, बिना विश्‍वास के संदेह और शर्तों के बल पर शुरू हुआ रिश्ता ज़्यादा दिन टिक नहीं पाता.

पैरेंट्स कितने ज़िम्मेदार?
युवाओं के इस रवैये के लिए पैरेंट्स भी ज़िम्मेदार हैं, क्योंकि उन्हें हमेशा डर रहता है कि कहीं उनका बेटा/बेटी प्रतिस्पर्धा की दौड़ में पिछड़ न जाए, इसलिए उन पर हमेशा और अच्छे अंक लाने और बेहतर परफॉर्म करने के लिए दबाव डालते रहते हैं ताकि वो गर्व कर सकें और ज़्यादा और, और की ये ख़्वाहिश बच्चे की कोमल भावनाओं को मार देती है. वो संवेदनहीन बनते जाते हैं, जिसका असर उनके रिश्ते पर भी होता है. दूसरों से आगे बढ़ने की अपनी इस अंधाधुंध ज़िद्द में वो क्या खो रहे हैं इस बात का एहसास युवाओं को यंग एज में नहीं होता, क्योंकि तब तो स्कोर, मार्क्स, पैकेज ही ज़्यादा मायने रखता है. इमोशन जैसी चीज़ें उनके लिए मायने नहीं रखतीं. रिलेशनशिप एक्सपर्ट डॉ. राजीव आनंद कहते हैं, “लोगों से जुड़ने और रिश्ते बनाने/निभाने का गुण यंग जनरेशन में नहीं है, इसलिए उनके जल्दी-जल्दी ब्रेकअप और दूसरी शादी होती है.” साइकोलॉजिस्ट माधवी सेठ कहती हैं, “इस बात में कोई दो राय नहीं है कि युवाओं के इस बदलते रवैये का कारण पैरेंट्स की एक्सपेक्टेशन्स और उन्हें हमेशा हर चीज़ में बेस्ट करने के लिए दबाव डालना है. देखा जाए तो स़िर्फ युवाओं को ही नहीं, हम सबको फ्लेक्सिब्लिटी और एडजस्टमेंट सीखने की ज़रूरत है.”

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तकनीक और लाइफस्टाइल ने बदली ज़िंदगी
इंटरनेट और वाईफाई के साथ दिन की शुरुआत करने वाली यंग जनरेशन को एक क्लिक पर ही पढ़ाई से लेकर अन्य ज़रूरी जानकारियां मिल जाती हैं. इतना ही नहीं, आजकल तो खाने की चीज़ें भी इंस्टेट या रेडी टु ईट मिलने लगी हैं. अब जब रोज़मर्रा की छोटी-मोटी ज़रूरतें भी इस तरह पूरी होने लगी हैं, तो ज़ाहिर है युवा हर जगह जल्दबाज़ी और स्पीड की ही उम्मीद करेगा, क्योंकि बचपन से ही वो जिस माहौल में रहा है, वहां इंतज़ार और धैर्य जैसी चीज़ें थीं ही नहीं, तो भला अचानक वो ये सब कैसे सीख सकता है. 22 वर्षीय राहुल कहते हैं, “मुझे लाइन में लगना बिल्कुल पसंद नहीं है, इसलिए मैं ट्रेन/फ्लाइट की टिकट से लेकर मूवी टिकट और रेस्टोरेंट की बुकिंग भी ऑनलाइन ही करा लेता हूं. इससे काम जल्दी होता है और मेरा टाइम भी बच जाता है.” निश्‍चय ही टेक्नोलॉजी ने कुछ चीज़ें आसान बना दी हैं, मगर संतुलन के अभाव में ज़िंदगी की सहज़ रफ़्तार प्रभावित हो रही है. साइकोलॉजिस्ट माधवी सेठ कहती हैं, “आज जब हम बच्चों को दो मिनट में नूडल्स सर्व कर रहे हैं, तो ज़ाहिर है वो हर चीज़ दो मिनट में ही मिलने की उम्मीद करेंगे.
आज की जनरेशन किसी भी चीज़ को देर तक खींचने में विश्‍वास नहीं करती, उन्हें तुरंत नतीजा चाहिए. वो बहुत ज़्यादा प्रैक्टिकल हैं, यही वजह है कि उनका भावनात्मक पक्ष कमज़ोर होता जा रहा है. उनका प्रैक्टिकल डिसिज़न उन्हें इमोशनलेस बना रहा है.”

ख़त्म होती ज़िंदगी की सहज रफ़्तार
पहले बच्चे धीरे-धीरे बड़े होते थे, मगर अब तो वो छोटी उम्र में ही ज़रूरत से ज़्यादा समझदार बनने लगे हैं. माता-पिता दोनों के वर्किंग होने के कारण छोटी उम्र से ही बच्चे आत्मनिर्भर बन जाते हैं, अपना काम ख़ुद करने लगते हैं. फिर कॉलेज ख़त्म होते-होते किसी बड़ी कंपनी में अच्छे ख़ासे पैकेज पर प्लेसमेंट मिल जाती है, कम उम्र में बड़ी पोस्ट और पैकेज… शुरू-शुरू में तो बहुत ख़ुशी मिलती है, मगर कुछ ही दिनों में ये सब बोर लगने लगता है, क्योंकि उनके पास नया करने के लिए कुछ बचा ही नहीं होता. ढेर सारी दौलत होेने के बावजूद उनकी ज़िंदगी में सुकून व ख़ुशी नहीं मिलती, क्योंकि जल्दबाज़ी और सबसे आगे निकलने की होड़ में वो अपनों का साथ और छोटी-छोटी ख़ुशियों को एन्जॉय करना भूल जाते हैं. दोस्तों के साथ कॉलेज टाइम में मस्ती न कर पाना, पढ़ाई के कारण पिकनिक के लिए ना करना, पहली वेडिंग एनिवर्सरी मिस करने का दुख बरसों बाद जब महसूस होता है, तब लगता है ज़िंदगी के बेहद अनमोल पल खो दिए, मगर तब तक बहुत देर हो चुकी होती है.
यदि तकनीक, ज्ञान, क़ामयाबी और रिश्तों में थोड़ा-सा समन्वय स्थापित कर लिया जाए, तो शायद ज़िंदगी की सहजता को बनाए रखा जा सकता है.

आई क्यू नहीं, ई क्यू है ज़रूरी
आपने आई क्यू (बौद्धिक स्तर) के बारे में तो सुना ही होगा, हर इंसान का आई क्यू लेवल अलग-अलग होता है. मगर नए-नए गैजेट्स ने आई क्यू की अहमियत घटा दी है, क्योंकि अब शब्दावली, गणना और चीज़ें याद रखने की ज़रूरत नहीं पड़ती, सब कुछ एक क्लिक पर उपलब्ध है. अब आई क्यू से ज़्यादा ज़रूरी हो गया है ई क्यू (इमोशनल क्वोशन्ट). यानी चीज़ों को याद रखना इतना ज़रूरी नहीं है जितना कि दूसरों की भावनाओं को समझना और रिश्तों को मैनेज करना. हो सकता है, अगले कुछ सालों में हमें अपनी यंग जनरेशन को भावनाओं और रिश्तों के बारे में एजुकेट करना पड़े.
– माधवी सेठ, साइकोलॉजिस्ट

 

– कंचन सिंह

सफलता के मंत्र (Success Mantras)

Success Tips

Success Tips

यदि हम अपने अतीत पर नज़र डालेंगे, तो पाएंगे कि आज हम जो कुछ भी हैं वो अतीत में हमारे द्वारा किए गए प्रयासों का ही नतीजा है. जी हां, सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता. भाग्य कुछ समय के लिए भले ही आपका साथ दे, लेकिन सफलता की लंबी पारी खेलने के लिए आपको कड़ी मेहनत करनी ही होगी. यही सफलता का सबसे बड़ा मंत्र है.

शॉर्टकट से नहीं मिलती सफलता
कई लोग मेहनत करने की बजाय भाग्य के भरोसे बैठे रहते हैं या फिर ईश्‍वर की पूजा-प्रार्थना में लगे रहते हैं और जब कामयाबी नहीं मिलती, तो भाग्य को कोसने लगते हैं या फिर कहते हैं कि ईश्‍वर उनका साथ नहीं देता. अब बिना मेहनत किए कुछ भी कैसे हासिल हो सकता है. आप किसी भी कामयाब व्यक्ति के जीवन पर नज़र डालिए, आपको इस बात का अंदाज़ा हो जाएगा कि सफलता पाने के लिए उन्होंने कितनी मेहनत की है. सफलता भाग्य या शॉर्टकट से नहीं मिलती, उसे हासिल करने के लिए कड़ी मेहनत और लगन की ज़रूरत होती है.

कल कभी नहीं आता
ज़्यादातर लोग अच्छे मौ़के इसलिए चूक जाते हैं, क्योंकि वो अपने काम कल पर टाल देते हैं. उनका कल कभी नहीं आता और मौक़ा हाथ से निकल जाता है. अतः किसी भी काम को करने के लिए कल का इंतज़ार कभी नहीं करना चाहिए. हम अगले पल के बारे में नहीं जान सकते, तो कल के बारे में कैसे जान सकते हैं कि कल क्या होगा. अतः काम को कल पर टालने की बजाय हर समय मेहनत से काम करें और हर काम को अपना शत-प्रतिशत दें, फिर आपको सफल होने से कोई नहीं रोक सकता.

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सफल व्यक्ति के गुण

ऐसा नहीं है कि सफल व्यक्ति में कोई विशेष गुण होता है, हम सभी में वो गुण हैं, लेकिन हम कभी उनका उचित प्रयोग नहीं करते. सफल व्यक्ति भी हम सबकी तरह सपने देखता है, लेकिन वो स़िर्फ सपने नहीं देखता, बल्कि दिन-रात अपने सपने का पीछा करता है और उसे पूरा करके ही दम लेता है. अपने सपने को पूरा करने के लिए वो पहले लक्ष्य निर्धारित करता है, फिर उस लक्ष्य को पूरा करने के लिए कड़ी मेहनत करता है, पूरी लगन से उससे जुड़ा हर काम सीखता है और उसमें महारत हासिल कर लेता है. फिर जब वो अपने काम में पारंगत हो जाता है, तो सफलता अपने आप उसके पास खिंची चली आती है. बस, यही है सफलता का मंत्र और उसे हासिल करने का सही तरीक़ा.

एक विचार लें. उस विचार को अपनी ज़िंदगी बना लें. फिर उस विचार के बारे में सोचिए, उसके सपने देखिए, उस विचार को जीएं. आपका मन, आपकी मांसपेशियां, आपके शरीर का प्रत्येक अंग, सभी उस विचार से भरपूर हों और आप सभी दूसरे विचारों को छोड़ दें, यही सफलता का तरीक़ा है.
                                                                                                                                                            – स्वामी विवेकानंद

इंतज़ार करने वाले को उतना ही मिलता है जो कोशिश करने वाले छोड़ देते हैं.
                                                                               – अब्दुल कलाम

कुछ करने की इच्छा रखने वाले व्यक्ति के लिए इस दुनिया में कुछ भी असंभव नहीं है.
                                                                             – अब्राहम लिंकन

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समृद्धि व सफलता के लिए बेहतरीन टिप्स (Useful Tips for Prosperity & Success)

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दीपावली के मौ़के पर अपने घर-आंगन व जीवन में सुख-समृद्धि व सफलता के लिए कुछ बातों का ध्यान रखना ज़रूरी है.

 

* लक्ष्मीजी साफ़-सुथरे घर में ही प्रवेश करती हैं, इसलिए पहले पूरे घर की सफ़ाई करें. इसमें मकड़ी के जाले और सारा पुराना कबाड़ निकाल दें.  बालकनी, पोर्च, सीढ़ियां एवं बेसमेंट भी साफ़ करें. इससे पॉज़िटिव एनर्जी आती है.

* घर की टूटी एवं बेकार चीज़ें, जैसे- टूटी हुई क्रॉकरी, अनुपयोगी क़िताबें, अख़बार, चप्पल-जूतों के खाली बॉक्सेस, अन्य खाली डिब्बे निकाल दें.

* ऐसी चीज़ें, जिनका आप काफ़ी समय से उपयोग नहीं कर रहे हैं, ना ही भविष्य मेंं करेंगे, उन्हें हटा दें, क्योंकि ऐसी चीज़ें पॉज़िटिव एनर्जी को घर के  अंदर आने से रोकती हैं.

* दिवाली के समय सारे घर के दरवाज़े व खिड़कियां कुछ देर के लिए खुली रखें.

* घर के सारे दरवाज़ों और खिड़कियों की ऑयलिंग करवा लें, ताकि उनके खोलने-बंद करने में आवाज़ ना हो.

* मुख्य द्वार पर सिल्वर स्वस्तिक और अष्टमंगल का चित्र लगाएं.

* लक्ष्मीजी के पैरों के फुटप्रिंट्स बाज़ार में मिलते हैं. उन्हें मुख्यद्वार पर बाहर से अंदर की ओर आती हुई दिशा में लगाएं.

* मुख्यद्वार पर बंदनवार/तोरण सजाएं.

* घंटियोंवाले तोरण ना लगवाएं. आम, कनेर, पीपल और अशोकवृक्ष के पत्तों के बने तोरण लगवाएं. ये वातावरण को शुद्ध करने के अलावा निगेेटिव  एनर्जी को घर से दूर रखते हैं.

* एक पात्र में पानी भरकर उसमें फूलों की पंखुड़ियां डालकर उसे पूर्व या उत्तर दिशा में रखें. काफ़ी फ़ायदा होगा.

* स्वस्तिक, ओम और रंगोली की सजावट उत्तर या पूर्व दीवार पर करें.

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* ऐसी रंगोली जिस पर मिट्टी के दीये प्रज्ज्वलित किए गए हो, उत्तर-पूर्व दिशा में बनाई जाए, तो ये ख़ूबसूरत तो दिखती ही है, साथ ही परिवार में सुख-समृद्धि भी आती है.

* एक पात्र में पानी भरकर फ्लोटिंग कैंडल्स और गुलाब की पंखुड़ियां डालें. इसे घर के मध्य में रखें. पॉज़िटिव एनर्जी आएगी.

* भगवान की मूर्तियां और फोटो नए कपड़े से साफ़ करें.

* दिवाली की लक्ष्मी पूजा हमेशा घर के उत्तर क्षेत्र में करनी चाहिए. यह एरिया धन से जुड़ा है.

* पूजा में लक्ष्मी, विष्णु, गणेश, इंद्र भगवान एवं कुबेर की मूर्तियां इस तरह रखें कि पूजा करते समय पूजन करनेवाले का मुंह उत्तर-पूर्व, पूर्व या उत्तर  दिशा में हो. अपने पूर्वजों या मृत्यु प्राप्त हो चुके लोगों के फोटो कभी भी पूजाघर में ना रखें.

* गणेश भगवान की मूर्ति लक्ष्मीजी के बाईं ओर तथा विष्णु भगवान की मूर्ति लक्ष्मीजी की दाईं ओर होनी चाहिए. ध्यान रहे, मूर्तियों के सामने घर का  दरवाज़ा ना हो.

* दीवाली में भगवान को नए कपड़े पहनाएं और मंदिर की सजावट करें.

* हमेशा कलश पूजाघर के उत्तर या पूर्व में रखें.

* सेंधा नमक को पानी में घोलकर घर के कोने-कोने में छिड़काव करें. वास्तु शास्त्र के अनुसार, नमक में घर की बुरी ऊर्जाओं को अवशोषित करने का  गुण होता है.

* इसी तरह घर का पोंछा लगानेवाले पानी में सेंधा नमक घोलकर उस पानी से पोंछा लगाएं. यह नकारात्मकता को दूर करता है. एक कांच के बाउल में  सेंधा नमक डालकर उसे ऑफिस या घर के चारों कोनों में रख दें.

* दीपावली में रोशनी का बहुत महत्व है. यह घर की ख़ूबसूरती बढ़ाने के साथ-साथ नकारात्मक ऊर्जा को दूरकर घर में ख़ुशहाली लाती है. दिवाली के  लिए उत्तर में ज़्यादातर पीले, हरे लाइटवाली लाइटिंग, पूर्व में अधिकतर लाल, ऑरेंज और पीले बल्बवाली लाइटिंग, पश्‍चिम में पीले, ऑरेंज, पिंक, ग्रे  बल्बवाली व दक्षिण में स़फेद, इंडिगो, जामुनी और लाल रंग की लाइटिंग लगाएं.

* वास्तु शास्त्र के अनुसार, दीपावली में सोने या बर्तन की ख़रीददारी करें.

 
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* ध्यान रहे, दिवाली की रात पूरे घर में और घर के हर कोने में रोशनी रहे. कहीं भी अंधेरा ना हो. यहां तक कि बाथरूम, किचन, सीढ़ियां और अन्य    जगहों की लाइट्स भी ऑन रखें.

* पूजा किए गए सोने या चांदी के सिक्के लाल रंग के पाउच में रख सुनहरे धागे से बांध दें. इसे संभालकर रखें. यह लक्ष्मीजी का आशीर्वाद है, जिससे
घर-परिवार में सुख-समृद्धि व खुशहाली आती है.

* दिवाली के दिन अपने आर्थिक लक्ष्य की योजना बनाएं और इसे लिखकर रखें. इसके अलावा तीन सिक्के लेें. उन्हें लाल कपड़े में बांधें और उत्तर दिशा   में पानी से भरकर रखे गए बाउल के पास रख दें. इस एरिया को हमेशा साफ़-सुथरा रखें. रोज़ाना अपने लक्ष्य पर फोकस करें. मनोकामना अवश्य  पूरी  होगी.

* घर की उत्तर और पूर्व दीवारों पर शीशे लगवाएं. ये पॉज़िटिव एनर्जी को बढ़ाते हैं.

* बेहतर होगा कि दिवाली के दिन काले कपड़े ना पहनें. स़फेद, लाल, पीला, बैंगनी, क्रीम व नीला कलर पहनें. घर में ख़ुशहाली बनी रहेगी.

* त्योहारों पर मिठाई बांटना अच्छा शगुन समझा जाता है. मिठाइयों के अलावा ड्रायफ्रूट्स बांटना भी शुभ होता है. इससे आपको तो ख़ुशी मिलती ही है.   पानेवाला भी प्रसन्न होकर आपका मुरीद हो जाता है.

इस दिवाली ख़ास परिणामोें और सकारात्मकता के लिए नीचे दिए गए प्रयोग निम्न दिशाओं में करें.

उत्तर- इस दिशा में लगाया गया पानी का चित्र या आकृति आपको नए प्रोजेक्ट शुरू करने में सहायक होगा.

दक्षिण- इस दिशा में रखी गई चट्टानों और पहाड़ोंवाली आकृतियां या चित्र आपको प्रेरणा देंगे.

उत्तर-पूर्व- इस दिशा में ताज़े पानी से भरा हुआ बाउल सौ डॉलर के नोट पर रखें.

पश्‍चिम- अपनी बचत बढ़ाने के लिए पीले फूलोंवाला मिट्टी का गमला इस दिशा में रखें.

उत्तर-पश्‍चिम- काम के प्रति एनर्जी बढ़ाने और पैसे बनाने के लिए इस दिशा में पिग्गी बैंक रखें.

दक्षिण-पश्‍चिम- तबीयत जल्दी ठीक होने और पैसों का प्रवाह बना रहे, इसके लिए इस दिशा में क्रिस्टल बॉल लगाएं. अपने बैंक/इंवेस्टमेंट पेपर्स इस  दिशा में उत्तर की ओर मुंह करके रखें.

पूर्व- नाम और प्रसिद्धि पाने के लिए उगते सूरज का चित्र इस दिशा में लगाएं.

दक्षिण-पूर्व- नौ डंडियोंवाला बैम्बू प्लांट इस दिशा में रखें. संपत्ति बढ़ेगी.

 

बिज़नेस में तरक्क़ी के लिए फेंगशुई टिप्स (Fengshui Tips for Success in Business )

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फेंगशुई के अनुसार ऑफिस में कौन-सा लकी चार्म रखने से व्यापार में तरक्क़ी हो सकती है? आइए, जानते हैं.

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ड्रैगन
ड्रैगन ऊर्जा का प्रतीक माना जाता है. यह व्यक्ति की क्रियाशीलता एवं सृजनात्मक क्षमता कोभी सकारात्मक रूप से प्रभावित करता है.

महत्व
ड्रैगन की मौज़ूदगी से सफलता और संपन्नता की प्राप्ति होती है. इसे ऑफिस में रखने से व्यवसाय में वृद्धि होती है.

कैसे करें चुनाव?
* लकड़ी, मिट्टी या क्रिस्टल से बने हुए ड्रैगन ख़रीदें. धातु से बना हुआ ड्रैगन न लें, क्योंकि पूर्व दिशा का तत्व काष्ठ है और ऐसे ड्रैगन को पूर्व दिशा में रखना अशुभ होता है.
* आप चाहें तो ड्रैगन की पेंटिंग या ड्रॉइंग भी लगा सकते हैं. ये भी असरदार होते हैं.

कहां रखें?
* पूर्व दिशा और ड्रैगन का आपस में बहुत गहरा संबंध है.
इस दिशा का तत्व काष्ठ है. अतः लकड़ी पर नक्काशी द्वारा बनाए हुए ड्रैगन ऑफिस की पूर्व दिशा में रखें. इससे व्यापार में तरक्क़ी होगी.
* रेस्टॉरेंट, दुकान, डिपार्टमेंटल स्टोर जैसी जगहों पर अधिक एनर्जी की आवश्यकता होती है. ऐसी जगहों की पूर्व दिशा में ड्रैगन का चित्र लगाना बेहद शुभ होता है.

फेंगशुई अलर्ट
* अगर आप घर में ड्रैगन की प्रतिमा रखना चाहते हैं, तो बेडरूम में ड्रैगन न रखें, क्योंकि बेडरूम आराम करने की जगह है और यहां ड्रैगन रखना उचित नहीं माना जाता.
* ध्यान रहे, घर के हर एक कमरे में ड्रैगन की प्रतिमा न रखें केवल एक ही प्रतिमा काफ़ी है.
* बाथरूम, अलमारी या गैराज जैसी कम एनर्जी वाली जगहों पर ड्रैगन न रखें.

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सोने के सिक्कोंवाला पोत (सुमद्री जहाज़)
फेंगशुई के अनुसार सोने के सिक्कों से भरा समुद्री जहाज़ व्यवसाय में सफलता का प्रतीक माना जाता है.

महत्व
इसकी मौज़ूदगी से व्यापार में वृद्धि होती है और संबंधित व्यक्ति का करियर ग्राफ़ तेज़ी से ऊंचाई की ओर बढ़ता जाता है.

कैसे बनाएं सोने के सिक्कों से भरा समुद्री जहाज़?
* बाज़ार में सोने के सिक्कों से भरे जहाज़ की कई प्रतिमाएं मिलती हैं. आप चाहें तो उन प्रतिमाओं को भी ऑफिस में रख सकते हैं या फिर ख़ुद ही सोने के सिक्कों से भरा जहाज़ बना सकते हैं.
* इसके लिए बाज़ार से सामान्य-सा पानी वाला जहाज ख़रीदकर ले आएं.
* इसमें कुछ नकली सुनहरे सिक्के, तो कुछ असली सिक्के व रुपए भर दें. इससे सिक्कों से भरा जहाज़ तैयार हो जाएगा.

कहां रखें सोने के सिक्कों से भरा समुद्री जहाज़?
सोने के सिक्के से भरे समुद्री जहाज़ को ऑफिस में इस तरह रखें, जिससे लगे कि जहाज़ बाहर से ऑफिस के अंदर की तरफ़ आ रहा है, न कि बाहर की तरफ़ जा रही है. ऐसा करने से आनेवाला सौभाग्य उल्टे पैर वापस जा सकता है और व्यापार में भारी नुक़सान हो सकता है. इसे भूल से भी ऑफिस के मुख्य द्वार के ठीक सामने न रखें, वरना सारी संपत्ति दरवाज़े से होकर बाहर जा सकती है.

फेंगशुई अलर्ट
टाइटैनिक या किसी डूबते हुए जहाज़ का प्रतिरूप भूल से भी ऑफिस में न रखें, वरना टाइटैनिक जहाज़ की तरह ही आपकी व्यवसायिक ज़िंदगी भी डूब सकती है. अतः हमेशा सफल एवं प्रभावशाली जहाज़ का ही प्रतिरूप रखें.

ऑफिस में आपके बैठने की स्थिति
ऑफिस में अपनी कुर्सी के पीछे पर्वत यानी पहाड़ का चित्र लगाएं. फेंगशुई के अनुसार, अपनी कुर्सी के पीछे पर्वत की पेंटिंग लगाना अत्यंत शुभ होता है. पर्वत मज़बूती का प्रतीक माना जाता है, नतीजतन व्यवसाय को भी मज़बूती मिलती है.

फेंगशुई अलर्ट
* ऑफिस के मुख्य द्वार की ओर पीठ करके न बैठें.फेंगशुई के अनुसार ऐसे बैठने से संबंधित व्यक्ति के साथ विश्‍वासघात या धोखाधड़ी होने की संभावना होती है.
* ऑफिस में खिड़की की ओर पीठ करके न बैठें. फेगशुई के अनुसार, इस तरह बैठने से शरीर में निहित सकारात्मक ऊर्जा खिड़की से बाहर की ओर चली जाती है, जिससे आत्मविश्‍वास में कमी आती है और व्यवसायिक जीवन तनावपूर्ण बना रहता है.
* व्यवसाय में सफलता प्राप्ति के लिए खाली दीवार की ओर मुंह करके न बैठें. इससे व्यवसायिक लाभ प्राप्त होने में अड़चनें आती हैं.

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फीनिक्स पक्षी
फेंगशुई के अनुसार, व्यापार में तरक्क़ी के लिए
फीनिक्स पक्षी भी बेहद शुभ माना जाता है.

महत्व
ऑफिस की दक्षिण दिशा में फीनिक्स पक्षी की तस्वीर या पेंटिंग लगाने से व्यवसाय में सफलता प्राप्त होती है.

क्यों है लाभदायक?
* फेंगशुई के अनुसार फीनिक्स सौभाग्यवर्धक और
दूरदर्शिता का प्रतीक माना जाता है.
* फीनिक्स की उपस्थिति से शुभफल की प्राप्ति व
इच्छाओं की पूर्ति होती है.
* फीनिक्स की प्रतिमा बुद्धिमान व्यापारियों के लिए अत्यंत शुभ होती है. ऐसे में इसे ऑफिस में रखने से सुअवसरों की प्राप्ति होती है, साथ ही प्रसिद्धि व मान-सम्मान भी हासिल होता है.

कैसे करें पहचान?
* फीनिक्स एक तरह का काल्पनिक पक्षी है, इसलिए इसकी प्रतिमा भी पक्षी की तरह दिखाई देती है.
* फीनिक्स की यह प्रतिमा रेड या क्रिम्सन कलर की होती है.
* इसके दोनों पंख फैले हुए होते हैं, जिसे देखकर ऐसा प्रतीत होता है, जैसे यह पक्षी हवा में उड़ रहा है.

कहां रखें इसे?
फीनिक्स की प्रतिमा को रखने के लिए दक्षिण दिशा अत्यंत शुभ होती है. अतः शुभफल प्राप्ति के लिए इसे घर या ऑफिस की दक्षिण दिशा में रखें.

फोटोग्राफ्स
व्यवसाय में सफलता, यश और कीर्ति के लिए अपने ऑफिस की दक्षिण दिशा में लाल रंग के फ्रेम में अपना फोटो मंढ़वाकर टांग दें. ऐसा करने से व्यापार में सुअवसरों की प्राप्ति होती है.

फेंगशुई अलर्ट
फेंगशुई के अनुसार, दक्षिण दिशा का संबंध अग्नि से होता है, इसलिए इस दिशा को लाल रंग से सजाना बेहद शुभ होता है. अतः फोटो की फ्रेम लाल रंग का हो, इस बात का ख़ास ध्यान रखें.

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फर्नीचर्स
व्यवसाय में उन्नति की इच्छा रखनेवाले भूल से भी अपने ऑफिस में नुकीले फर्नीचर्स न रखें, जैसेः त्रिकोण या चौकोर. फेंगशुई के अनुसार ऑफिस में गोलाकार फर्नीचर रखना शुभ होता है.

फेंगशुई अलर्ट
ऑफिस के संपूर्ण फर्नीचर को चेंज करवाने की बजाय फर्नीचर्स के त्रिकोण या चौकोर कोणों को गोल आकार दे दें.

ऑफिस की बनावट
व्यापार में तरक्क़ी के लिए ऑफिस की बनावट पर ख़ास ध्यान दें, जैसेः

रिसेप्शन काउंटर
ऑफिस का रिसेप्शन काउंटर उत्तर दिशा में बनवाएं. यह दिशा बेहद शुभ होती है.

विज़िटर्स सिटिंग अरेंजमेंट के लिए
ऑफिस में आनेवाले विज़िटर्स के सिटिंग अरेंजमेंट की सुविधा पश्‍चिम दिशा में करें. इससे लाभ होगा.

अकाउंट व एडमिनिस्ट्रेशन डिपार्टमेंट के लिए
ऑफिस के अकाउंट व एडमिनिस्ट्रेशन डिपार्टमेंट का पूर्व दिशा में मुंह करके काम करना अच्छा माना जाता है.

मार्केटिंग स्टाफ के लिए सिटिंग अरेंजमेंट
मार्केटिंग स्टाफ के सिटिंग अरेंजमेंट के लिए उत्तर-पश्‍चिम दिशा चुनें. इससे सकारात्मक परिणाम हासिल होंगे.

टॉप मैनेजमेंट के लिए
ऑफिस की दक्षिण-पश्‍चिम दिशा ऑफिस के टॉप मैनेजमेंट के सिटिंग अरेंजमेंट के लिए बेस्ट होती है.

स्टोरेज के लिए
ऑफिस के ज़रूरी दस्तावेज़ों को रखने के लिए दक्षिण दिशा का चुनाव करें. इन्हें रखने के लिए यह दिशा शुभ होती है.

टॉयलेट के लिए
ऑफिस की पूर्व या उत्तर दिशा में भूल से भी टॉयलेट न बनवाएं. वरना हानि निश्‍चित है.