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बॉलीवुड की खूबसूरत अभिनेत्री शिल्पा शेट्टी और उनके पति राज कुंद्रा की जोड़ी को बॉलीवुड की सबसे कामयाब व रोमांटिक जोड़ियों में से एक माना जाता है. शिल्पा शेट्टी और राज कुंद्रा के बीच की स्पेशल बॉन्डिंग फैन्स को बहुत पसंद आती है. बॉलीवुड का यह मोस्ट रोमांटिक और लविंग कपल कई कपल्स को रिलेशनशिप गोल्स भी देता है, लेकिन क्या आप यह जानते हैं कि राज और शिल्पा के सक्सेसफुल रिलेशनशिप का राज़ क्या है? जी हां, आपके मन में भी कई बार ऐसा सवाल तो आया ही होगा? दरअसल, हाल ही में राज कुंद्रा ने पत्नी शिल्पा शेट्टी के साथ अपने अटूट रिश्ते का सीक्रेट बताया है.

दरअसल, राज कुंद्रा ने हाल ही में अपने ऑफिशियल इंस्टाग्राम अकाउंट से एक पोस्ट शेयर किया है, जिसमें उन्होंने अपने सक्सेसफुल रिलेशनशिप का सीक्रेट बताया है. राज कुंद्रा ने अपनी पत्नी शिल्पा शेट्टी के साथ एक रोमांटिक तस्वीर शेयर की है, जिसमें कपल का रोमांटिक अंदाज़ देखते ही बन रहा है. तस्वीर में शिल्पा और उनके हसबैंड ब्लैक आउटफिट में नज़र आ रहे हैं.

Raj Kundra and Shilpa Shetty

इस तस्वीर में लिखा है- ‘कोई भी रिश्ता अपने आप अच्छा नहीं होता है. इसके लिए समय और धैर्य की ज़रूरत होती है. राज कुंद्रा ने इसके साथ कैप्शन लिखा है- न कभी तुम्हारे ऊपर, न कभी तुम्हारे ऊपर, न कभी तुम्हारे नीचे, हमेशा तुम्हारे साथ… यह एक सक्सेसफुल पार्टनरशिप की चाबी है.’ यह भी पढ़ें: अक्षय कुमार ने दिया राम मंदिर निर्माण के लिए चंदा, कहा- ‘अब आपकी बारी, जय सियाराम’ (Akshay Kumar donates for construction of Ayodhya’s Ram Mandir, Says, It’s Our Turn Now’)

Raj Kundra and Shilpa Shetty

बता दें कि शिल्पा शेट्टी और राज कुंद्रा साल 2009 में शादी के बंधन में बंधे थे. शिल्पा की यह पहली शादी थी, लेकिन राज दूसरी बार दूल्हा बने थे. शिल्पा से पहले राज ने कविता से शादी की थी और दोनों की एक बेटी भी है. हालांकि दोनों का रिश्ता काफी समय तक नहीं चल सका और कपल ने तलाक ले लिया. कविता से तलाक लेने के बाद राज कुंद्रा और शिल्पा शेट्टी के बीच नज़दीकियां बढ़ने लगीं और करीब तीन साल तक दोनों ने एक-दूसरे को डेट किया.

Raj Kundra and Shilpa Shetty

तीन साल के रिलेशनशिप के बाद दोनों ने शादी कर ली. शादी के करीब 3 तीन साल बाद शिल्पा ने साल 2012 में बेटे विहान को जन्म दिया, जबकि साल 2020 में सरोगेसी के ज़रिए शिल्पा और राज बेटी समीशा के पैरेंट्स बनें.

Raj Kundra and Shilpa Shetty

कुछ समय पहले ही राज कुंद्रा ने एक मैगज़ीन में दिए गए इंटरव्यू के दौरान शिल्पा के लिए अपना प्यार ज़ाहिर किया था. उन्होंने कहा था कि जब उन्होंने शिल्पा को पहली बार देखा था, तभी से उन्हें अपनी लाइफ पार्टनर बनाना चाहते थे.

Raj Kundra and Shilpa Shetty

उनका कहना है कि पहली नज़र में ही उन्हें शिल्पा से प्यार हो गया था. राज की मानें तो शिल्पा एक बहुत अच्छी पत्नी और मां हैं. इसके साथ ही उन्होंने अपनी कामयाबी का श्रेय भी शिल्पा को दिया है. राज कहते हैं कि हम दोनों एक-दूजे की ताकत हैं और हमेशा एक-दूसरे का सपोर्ट सिस्टम बनने की कोशिश करते हैं. यह भी पढ़ें: बॉलीवुड के इन 5 मशहूर एक्टर्स ने रखा परिवार का मान, अरेंज मैरिज कर बसाया घर (5 Famous Bollywood Actors Who Had An Arranged Marriage)

Raj Kundra and Shilpa Shetty

गौरतलब है कि शिल्पा और राज ने 22 नवंबर 2020 को अपनी शादी के 11 साल पूरे किए थे. एक-दूसरे के साथ 11 सालों का सफर तय करने की खुशी में शिल्पा ने पति राज के साथ एक फोटो शेयर की थी. इसके साथ ही एक प्यार भरा मैसेज भी लिखा था. एक्ट्रेस ने कैप्शन लिखा था- नो फिल्टर लव, रियल डील. आज हम जब 11 साल पूरे कर रहे हैं तो मेरी नज़रें आज भी सिर्फ आपको देखती हैं. कुछ चीज़ें कभी नहीं बदलतीं. हैप्पी एनिवर्सरी, मेरे कुकी. बहरहाल, हम यही उम्मीद करते हैं कि शिल्पा और राज का प्यार हमेशा यूं ही बरकरार रहे.

रिश्तों को और बेहतर बनाना मुश्किल काम नहीं. बस कुछ छोटी-छोटी बातों का ख़्याल रखना होगा और इसकी शुरुआत आपको रिश्ते में बंधने के पहले दिन से ही करनी होगी.

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1. इस दुनिया में कोई भी परफेक्ट नहीं होता. इसलिए अपने पार्टनर से भी परफेक्शन की उम्मीद न करें. ध्यान रखें कि दूसरों को उनकी कमियों के साथ स्वीकारना ही सच्चा प्यार है.
2. ये सच है कि शादी के बाद भी आपकी अपनी ज़िंदगी होती है, कुछ ़फैसले आपके अपने होते हैं, फिर भी ऐसे फैसले, जिसका असर दोनों पर पड़ता हो, उसे अकेले न लें, जैसे नौकरी बदलना, लोन लेना या किसी बड़ी चीज़ की ख़रीदारी- इन ़फैसलों में अपने पार्टनर को भी शामिल करें.
3. शादी होते ही एक-दूसरे को बदलने की मुहिम न छेड़ दें. ये विचार दिमाग से निकाल दें कि अब पार्टनर को आपके अनुसार चलना होगा. इससे मन-मुटाव हो सकता है. एक-दूसरे को कमियों-ख़ूबियों के साथ स्वीकार करें.
4. अगर पार्टनर में आप कुछ बदलाव चाहती भी हैं, जो उनके हित में हो, तो इसकी शुरुआत आलोचना से न करें. इसे बड़े केयरफुली हैंडल करें. उन्हें प्यार से समझाएं. साथ ही एक ही रात में बदलाव की उम्मीद भी न करें.
5. छोटी-छोटी ख़ुशियां बांटना भी सीखें. चाहे रिमझिम फुहारों में भीगना हो या ढलते सूरज को देखना- इसमें भी एक ख़ास ख़ुशी छिपी होती है. इसे एन्जॉय करें. किसी बड़ी ख़ुशी के इंतज़ार में न बैठे रहें. ज़िंदगी की हर छोटी-बड़ी ख़ुशियों का लुत्फ उठाएं.
6. रिश्ते में कभी कम्युनिकेशन गैप न आने दें. रिश्तों में ख़ामोशी प्यार की सबसे बड़ी दुश्मन होती है. इसलिए हर हाल में कम्युनिकेशन बनाए रखें. अपने पार्टनर से अपने मन की बात, अपनी भावनाएं शेयर करें. उनकी कोई बात अच्छी लगने पर उनकी तारीफ़ करें. उन्हें कॉम्प्लीमेंट देना न भूलें.
7. समय की कमी का रोना न रोएं. अगर आपको लगता है कि आपके बिज़ी शेड्यूल की वजह से रिश्ते प्रभावित हो रहे हैं तो फौरन कोई सोल्यूशन निकालें और रिश्ते को समय देने की कोशिश करें.
8. इसके अलावा मोबाइल, टीवी, लैपटॉप या सोशल नेटवर्किंग साइट्स पर ही बिज़ी न रहें, न ऑफिस और दोस्तों के चक्कर में फैमिली को अनदेखा करें. हर हाल में बैलेंस बनाए रखें, तभी 9. ज़िंदगी में उतार-चढाव तो आते ही रहते हैं. फाइनेंशियल या फैमिली प्रॉब्लम भी आ सकती है, लेकिन इसके लिए पार्टनर को दोष देने की बजाय उसका सोल्यूशन निकालने की कोशिश करें. मन में किसी प्रकार का फ्रस्ट्रेशन न आने दें. बल्कि हंसी-ख़ुशी रहने की कोशिश करेंगे तो आपको पता भी नहीं चलेगा कि प्रॉब्लम कैसे चुटकियों में दूर हो गई.
10. जिन मुद्दों पर आपके विचार नहीं मिलते, उन पर अनावश्यक बहस करने या अपनी बात मनवाने की ज़िद करने से बचें. इससे रिश्ते में बेवजह स्ट्रेस बढता है.
11. इस बात का ध्यान रखें कि आप जो भी समय साथ बिता रहे हैं वो क्वांटिटी टाइम न हो, बल्कि क्वालिटी टाइम हो.
12. आप एक-दूसरे से अपने एहसास, अपने आइडियाज़, विचार शेयर करें, लेकिन इस बात का ध्यान रखें कि शेयरिंग के नाम पर स़िर्फ शिकायतें ही करने न बैठ जाएं. इससे रिश्ते में कड़वाहट और खीझ बढती है.
13. अपने रिश्ते का, स्वयं का मूल्यांकन करें. यह जानने की कोशिश करें कि आपके व्यवहार में कौन-सी ऐसी बातें हैं जो आपके लाइफ पार्टनर को पसंद नहीं हैं. ख़ुद से ये वादा करें कि ऐसा कुछ भी नहीं करेंगे, जिससे आपके साथी की भावनाओं को ठेस पहुंचे.
14. रिश्तों के बीच ईगो न आने दें. इससे रिश्तों में दूरियां आते देर नहीं लगती.
15. ज़िम्मेदारियां लेने से घबराएं नहीं और उन्हें पूरी ईमानदारी के साथ निभाएं.
16. बेहतर होगा कि घर-परिवार को लेकर अपनी ज़िम्मेदारियां बांट लें. अगर एक ही पार्टनर पर ज़्यादा ज़िम्मेदारियां होंगी तो फ्रस्ट्रेशन बढेगा और ये फ्रस्ट्रेशन रिश्ते में भी नज़र आएगा.
17. चाहे बच्चों की पढाई हो या छोटे-मोटे काम, आपका रवैया सहयोगात्मक होना चाहिए, ख़ासकर वर्किंग कपल्स के लिए तो ये बेहद ज़रूरी है. इससे सामंजस्य बढता है और आपसी रिश्ता मजबूत होता है.
18. पति-पत्नी के बीच शिष्टाचार ज़रूरी है. इसलिए बातचीत में हमेशा शिष्टाचार बनाए रखें. हर पति-पत्नी में छोटे-मोट झगड़े और मतभेद तो होते ही हैं, लेकिन इतना भी आपा न खो दें कि आपके मुंह से बुरे शब्द निकल जाएं.
19. एक-दूसरे से वादा करें कि कोई भी झगड़ा अगले दिन की सुबह नहीं देखेगा. झगड़ों को बिस्तर पर जाने से पहले ही निपटा लें.
20. हर बार साथी से ही झुकने की अपेक्षा न करें. एक बार आप भी झुककर देखें. मिनटों में सारे झगड़े और गुस्सा गायब हो जाएगा.
21. लड़ाई-झगड़े को अधिकार जमाने के अधिकार के तौर पर इस्तेमाल न करें, क्योंकि पार्टनर को कंट्रोल करना प्यार नहीं है और इससे आप दोनों में दूरियां ही बढेंगी.
22. लड़ाई जीतने की बजाय दिल जीतने की कोशिश करें. इसके लिए भले ही आपको लड़ाई में हारना पड़े तो कोई हर्ज़ नहीं.
23. भले ही कितने भी बिज़ी क्यों न हों, एक-दूसरे के लिए समय ज़रूर निकालें. साथ ही नो सेक्स की स्थिति भी रिश्तों के लिए ख़तरनाक होती है. इसलिए ऐसी स्थिति भी न आने दें.
24. क्वालिटी टाइम और पर्सनल स्पेस के बीच सही संतुलन बनाने की कोशिश करें. एक-दूसरे के लिए क्वालिटी टाइम निकालें यानी रोज़ाना फुर्सत के कुछ ऐसे पल ज़रूर निकालें, जब आप बैठकर कुछ देर बात कर सकें, अपनी भावनाएं बांट सकें. पर्सनल स्पेस का मतलब है कि अपने साथी को कुछ देर के लिए अकेला छोड़ दें, ताकि वो भी रिलैक्स होकर अपनी पसंद का काम कर सके

25. एक-दूसरे को स्पेस दें. शादी के बंधन के नाम पर पति को हर बार बंधन में बांधने की कोशिश न करें. पति अपने फ्रेंड्स के साथ पार्टी में जाना चाहते हैं तो ख़ुशी-ख़ुशी जाने दें. उसी तरह पत्नी मायकेवालों या अपनी फ्रेंड्स के साथ फोन पर बात करती है तो उस पर रोक-टोक न करें.
26. खाना अच्छा नहीं बना, तुम तो कोई काम ढंग से नहीं करते, मेरी कोई बात नहीं सुनते… हमेशा शिकायतों का पुलिंदा लेकर ही न बैठ जाएं. इससे रिश्तों में चिढ बढती है.
27. आपकी उनसे क्या अपेक्षा है, आप तोहफे में क्या चाहती हैं, बेहतर होगा सीधे-सीधे बताएं. पति हैं, इतना तो उन्हें पता होना ही चाहिए वाली सोच आपको दुखी कर सकती है. आप कहां जाना चाहती हैं, उन्हें स्पष्ट बताएं. आपको इतना भी नहीं पता या आप तो मेरे दिल की बात समझते ही नहीं वाली दलील बेकार है.

 

इन बातों का भी ख़याल रखें-
28. कम्प्रोमाइज़ करना भी सीखें.
29. कई अवसरों पर सहनशीलता ज़रूरी होती है. इसलिए सहनशीलता न खोएं.
30. पार्टनर की कुछ आदतों और ग़लतियों को नज़रअंदाज़ करना भी सीखें.
31. अगर आपका पार्टनर कुछ शेयर करना चाहे तो बिना उसकी बात काटे या अपना कमेंट दिए उसकी पूरी बात सुनें और अगर वो 32. पार्टनर पर विश्‍वास करें. उसकी इच्छाओं का सम्मान करें.
33. एक-दूसरे को बराबरी का दर्जा दें. कोई भी पार्टनर ख़ुद को सुपीरियर बताने की कोशिश न करें.
34. परिवार के प्रति ज़िम्मेदार बनें. हर वादे को दिल से निभाएं.
35. पार्टनर के लक्ष्य का पूरा सपोर्ट करें. ज़िंदगी में आगे बढने के लिए उसे प्रोत्साहित करें.

प्रतिभा तिवारी

 

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