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राष्ट्रपिता महात्मा गांधी से लेकर बिग बी अमिताभ बच्चन की तरह समय के पाबंद बनकर आप भी पा सकते हैं सफलता, लेकिन क़ामयाबी पाने के लिए पहले आपको समय का सही उपयोग करने की कला सीखनी होगी. हम सबके पास दिनभर में 24 घंटे का ही समय होता है, फर्क सिर्फ इतना होता है कि क़ामयाब लोग समय का सदुपयोग करके आगे बढ़ जाते हैं और समय बर्बाद करने वाले लोग पीछे रह जाते हैं. समय के पाबंद बनकर आप कैसे पा सकते हैं सफलता, आइए हम आपको इसके आसान उपाय बताते हैं.

इन 5 क़ामयाब हस्तियों से सीखें टाइम मैनेजमेंट

1) अमिताभ बच्चन
बॉलीवुड के महानायक सेट कभी लेट नहीं होते. वो अपने और दूसरों के समय की कीमत अच्छी तरह जानते हैं, इसलिए वो कभी समय बर्बाद नहीं करते. बिग बी अपना हर काम डिसिप्लिन और समय से करते हैं इसीलिए इस उम्र में भी वो फिट और हिट हैं.

2) आमिर खान
मिस्टर परफेक्शनिस्ट आमिर खान भी समय के बहुत पाबंद हैं. आमिर खान न तो कभी सेट पर लेट पहुंचते हैं और न ही कभी मीडिया को इंतज़ार करवाते हैं. आमिर खान हर फिल्म में अपना बेस्ट देते हैं, इसीलिए दर्शकों को उनकी हर फिल्म का बेसब्री से इंतज़ार रहता है.

3) अनुष्का शर्मा
बॉलीवुड ऐक्ट्रेस अनुष्का शर्मा भी समय की बहुत पाबंद हैं और समय की ये पाबंदी उन्होंने अपने परिवार से सीखी है. अनुष्का शर्मा के परिवार में अधिकतर लोग आर्मी में हैं इसलिए डिसिप्लिन और समय की पाबंदी उन्हें अपने अपने परिवार से सीखने को मिला है. अपने डिसिप्लिन और समय की पाबंदी के कारण अनुष्का शर्मा ने बहुत कम समय में बॉलीवुड में अपनी अलग पहचान बना ली है.

4) महात्मा गांधी
राष्ट्रपिता महात्मा गांधी समय की कीमत भलीभांति जानते थे, इसलिए वो समय को बिल्कुल भी बर्बाद नहीं करते थे. महात्मा गांधी सुबह दातुन करने से पहले आईने पर गीता का श्लोक चिपका लेते थे और दातुन करते हुए उसे याद कर लिया करते थे. इस तरह बापू ने गीता के 13 अध्याय याद कर लिए थे.

5) ईश्वरचन्द्र विद्यासागर
बंगाल के प्रसिद्ध दार्शनिक, शिक्षाविद, समाज सुधारक, लेखक, अनुवादक, मुद्रक, प्रकाशक, उद्यमी और परोपकारी व्यक्ति ईश्वरचन्द्र विद्यासागर जब कॉलेज जाते थे, तो रास्ते के दुकानदार उन्हें देखकर अपनी घड़ियां ठीक करते थे, क्योंकि वे जानते थे कि विद्यासागर कभी एक मिनट भी लेट नहीं होते.

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समय के पाबंद और कामयाब बनने के 3 अचूक मंत्र

1) सबसे पहले लक्ष्य निर्धारित करें
आपका लक्ष्य बड़ा है या छोटा, इससे कहीं ज़्यादा ज़रूरी ये है कि आपने अपना लक्ष्य निर्धारित किया है या नहीं. कोई भी काम को पूरा करने के लिए मन में दृढ निश्चय तभी किया जा सकता है, जब आप अपने लिए लक्ष्य निर्धारित करते हैं. अपनी प्राथमिकताओं के अनुरूप आप बड़ा या छोटा कोई भी लक्ष्य निर्धारित कर सकते हैं.

2) अपने लक्ष्य के लिए समय निर्धारित करें
जब भी आप कोई लक्ष्य निर्धारित करते हैं, तो उसे कितने समय में पूरा करना है, इस पर भी विचार करने लगते हैं. इस प्रोसेस में आपके काम की स्पीड अपने आप बढ़ जाती है और आप अपने लक्ष्य की ओर बढ़ते चले जाते हैं.

3) अपने लक्ष्य से भटके नहीं
अधिकतर लोग लक्ष्य तो निर्धारित कर लेते हैं, लेकिन उसे पूरा इसलिए नहीं कर पाते, क्योंकि वो लक्ष्य तक पहुंचने से पहले ही अपने लक्ष्य से भटक जाते हैं और किसी अन्य कार्य में व्यस्त हो जाते हैं. ऐसे लोग बार-बार लक्ष्य बदलते रहते हैं और कहीं भी नहीं पहुंच पाते. अतः अपनी मंज़िल तक पहुंचने तक प्रयास जारी रखें और समय बर्बाद न करें, आपको क़ामयाबी ज़रूर मिलेगी.

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आजकल नौकरी के लिए ऐड देने का तरीक़ा न्यूज़पेपर में क्लासीफाइड ऐड देने के पारंपरिक तरी़के की तुलना में काफ़ी बदल गया है. यही हाल करियर का भी है. अब आपके करियर और सुनहरे भविष्य की प्लानिंग के लिए ऐप्स व वेबसाइट्स आपकी मदद करने के लिए हर पल तैयार हैं. यूं तो करियर से जुड़े तमाम ऐप्स व गाइडलाइन्स मिल जाती हैं, पर इन सबमें आपके लिए कौन-सा बेस्ट है, यह जानना ज़रूरी है.

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करियर ऐप्स और वेबसाइट्स

– सेलरी डॉट कॉम में प्रकाशित दस बेस्ट जॉब हंटिंग ऐप टू गेट यू हायर्ड से आप रेज़्यूमे, इंटरव्यू, करियर को ऑर्गनाइज़ करने आदि के बारे में विस्तार से जान सकते हैं.
– स्विच ऐप- गूगल प्ले और ऐप्पल स्टोर से इस ऐप को आसानी से डाउनलोड कर सकते हैं. इस ऐप के ज़रिए आप मनोरंजक तरी़के से अपने लिए नौकरी पा सकते हैं, वो भी फोन से.
– जॉबआर (jobR) ऐप आपके प्रोफाइल, आपके सीवी को नए तरी़के से क्रिएट करने, अपलोड करने और जॉब सर्च करने में मदद करता है.
– फोर्ब्स ने क़रीब दो हज़ार वेबसाइट्स को खंगालने के बाद उनमें से करियर के लिए दस बेस्ट वेबसाइट्स की लिस्ट प्रकाशित की थी. इनमें से लिंक्डइन, सिंपलीहायर्ड, जॉबकेस विशेष तौर पर उपयोगी हैं.
– लिंक्डइन रिक्रूटर्स और हायरिंग मैनेजर जॉब कैंडिडेट के लिए किसी अन्य वेबसाइट्स की बजाय लिंक्डइन को अधिक प्राथमिकता देते हैं.
– लिंक्डइन सबसे अधिक प्रोफेशनल सोशल नेटवर्किंग साइट है. दो सौ से भी अधिक देशों में चार सौ मिलियन से भी अधिक इसके मेंबर्स हैं.
– लिंक्डइन जॉब्स एंड प्रोफेशनल सर्विसेस वेब पेज पर आप अपने करियर से जुड़ा संक्षिप्त विवरण और अपने कामकाज के बारे में पोस्ट कर सकते हैं.
– सिंपलीहायर्ड (simplyHired) भी जॉब के लिए इनडीड की तरह ही गूगल सर्च इंजन है.
– जॉबकेस (JobCase) भी एक ट्रैफिक रिसोर्स है.
– ग्लासडोर (Glassdoor)- जॉब सर्च करने के अलावा रिसर्च, सेलेरी और एम्प्लॉई द्वारा कंपनी रिव्यू भी लिखा देता है.
– द लैडर्स (The ladders) साइट एक बेसिक मेंबरशिप फ्री में ऑफर करता है.
– अपवर्क डॉट कॉम (UpWork.com), ऑन फोर्स डॉट कॉम (OnForce.com), फ्रीलॉन्स डॉट कॉम (Freelance.com) आदि करियर-जॉब से जुड़ी बेहतरीन साइट्स हैं.
– इनडीड- यह जॉब्स के लिए गूगल की तरह ही एक सर्च इंजन वेबसाइट है.

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ख़ुद की पसंद और इच्छा को जानें

– अपनी पसंद के मुताबिक़ ही काम ढू़ंढें.
– ख़ुद तय करें कि आप भविष्य में किस तरह का जॉब करना पसंद करेंगे.
– ध्यान रहे, जब आप ख़ुद अपनी ख़्वाहिश और लगाव को समझ सकेंगे, तभी आप अपने करियर को भी सही शेप दे सकेंगे.
– प्राथमिकताएं बदलती रहती हैं, पर अपने मुख्य लक्ष्य से न भटकें.
– जीवन के उतार-चढ़ाव को भी सकारात्मक ढंग से लें.

– रीटा गुप्ता

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शादी ख़ुशहाल जीवन के लिए ज़रूरी तो है ही, साथ ही एक सर्वे के अनुसार इसके कई मानसिक फ़ायदे (Better Mental Health) भी हैं. प्रस्तुत लेख में क़ामयाब शादी से जुड़े ऐसे ही कई मानसिक फ़ायदों के बारे में बताया गया है.

Marriage Leads To Better Mental Health

वाकई में सफल शादीशुदा जीवन बिताने वाले लोग ज़्यादा ख़ुश व लंबा जीवन जीते हैं? अविवाहित लोगों की तुलना में क्या वे मानसिक रूप से अधिक संतुष्ट और सुखी होते हैं? जी हां, यह काफ़ी हद तक सच है. हाल ही में हुए एक सर्वे के अनुसार, शादी व ख़ुशी के बीच एक पॉज़ीटिव रिलेशनशिप होता है, जिससे शादीशुदा लोग अविवाहितों की तुलना में अधिक ख़ुुश भी रहते हैं. आइए, जानें क़ामयाब शादी के मानसिक फ़ायदों के बारे में.
*    सफल शादी एक सुरक्षा कवच की तरह होती है, जो पति-पत्नी दोनों को एक निश्‍चिंत जीवन जीने का आश्‍वासन देती है.
* ऐसे कपल बहुत शांत और बेफ़िक्र ढंग से न स़िर्फ परिवार को सुखमय बनाने में क़ामयाब रहते हैं, बल्कि अपने करियर में भी निरंतर आगे बढ़ते रहते हैं.
* सफल शादी में शेयरिंग करने से पति-पत्नी दोनों जहां एक तरफ़ अपनी सारी परेशानियों से बाहर निकल आते हैं, वहीं फ़ाइनेंशियली भी बहुत सिक्योर महसूस करते हैं.
*  शारीरिक संतुष्टि अगर एक तरफ़ उन्हें कुंठा से बचाती है, तो दूसरी ओर साथ होने का विश्‍वास व एहसास, उन्हें मानसिक रूप से भी सक्षम बनाता है.
*  सुख-दुख में कोई उनके साथ है, यह एहसास इतना स्ट्रॉन्ग होता है कि वे किसी भी तरह की चुनौती का सामना करने को तत्पर रहते हैं.
* यदि उनके साथ कुछ ग़लत या बुरा हो भी गया, तो उनका पार्टनर उन्हें सपोर्ट करेगा और उस स्थिति से बाहर आने में मदद करेगा, यह बात उन्हें बड़े से बड़े फैसले लेने में भी मदद करती है.
*  पार्टनर का साथ पति-पत्नी दोनों को एक कॉन्फ़िडेंस देता है, जिसके बल पर वे कठिन से कठिन परिस्थितियों का सामना करने के लिए भी तैयार रहते हैं.
*  सफल शादी पति-पत्नी को हमेशा ख़ुशी के एहसास से भरे रहती है, जिससे उन्हें पॉज़ीटिव इमोशन्स का अनुभव होता है और अभाव या परेशानियां होने के बावजूद वे निराश या कुंठित नहीं होते हैं.
* उन्हें इस बात का डर नहीं सताता कि यदि कल किसी वजह से वे मुसीबत से घिर जाते हैं, तो उनका भविष्य ख़राब हो सकता है.
* जीवनसाथी किसी प्रकार की दुविधा होने या निर्णय लेने की स्थिति में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है. उस पर आंख बंद करके विश्‍वास किया जा सकता है कि वह उसका अहित नहीं करेगा, इसलिए उसके निर्णय से उलझन को सुलझाने में मदद मिलती है.
* सफल शादी से स्ट्रेस लेवल कम होता है.
* अकेला व्यक्ति जब घंटों किसी चीज़ में उलझा रहता है, तो उसका डिप्रेशन का शिकार होना स्वाभाविक है, पर सफल विवाहित जोड़ों के साथ ऐसा नहीं होता है.
* उसकी ख़ुशी न स़िर्फ उसके चेहरे, हाव-भाव, बातचीत करने के ढंग आदि से झलकती है, बल्कि वह उसकी परफ़ॉर्मेंस में भी दिखाई देती है.
* जब तनाव न हो, तो मन शांत रहता है और काम करना बोझ नहीं लगता. फिर चाहे वह घर का काम हो या ऑफ़िस का, व्यक्ति मन लगाकर करता है.
* काम से थकने पर पार्टनर से कुछ पल बात कर वह फ्रेश हो जाता है.
* घर का टेंशन फ्री माहौल उसे हमेशा दुखी व च़िड़चिड़ा होने से बचाता है.
* जहां पति-पत्नी दोनों वर्किंग होते हैं, वहां एक पार्टनर के बीमार होने या नौकरी छूट जाने पर भी टेंशन नहीं होती. पार्टनर का इमोशनल सपोर्ट भी लगातार मिलने से उसका मनोबल नहीं टूटता. जो साथी काम कर रहा है, उसकी आय से घर चलता रहता है.
* एक सर्वे के अनुसार, जिन पुरुषों का वैवाहिक जीवन सफल होता है, वे अपने वर्कप्लेस में भी सक्सेसफुल होते हैं. वे न तो ज़्यादा छुट्टियां लेते हैं और न ही ऑफ़िस देर से पहुंचते हैं.
* सफल शादीशुदा कपल्स की मेंटल हेल्थ पऱफेक्ट होती है.

स्ट्रेस-फ्री लाइफ़स्टाइल आपको फिज़िकली ही नहीं, मेंटली भी फ़िट रखता है.
* घर में अगर तनाव नहीं रहता, तो बाहर जाकर कुछ करने में झुंझलाहट महसूस नहीं होती है. तब पति-पत्नी दोनों की प्रतिभा खुलकर सबके सामने आती है.
सफल शादीशुदा जीवन बिताने वाली पत्नियों को होनेवाले कुछ ख़ास फ़ायदे
* जिन महिलाओं का वैवाहिक जीवन क़ामयाब रहता है, वे खुले मन और सोच के साथ काम कर पाती हैं, जिससे तरक़्क़ी करने के अवसर निरंतर उन्हें मिलते रहते हैं.
* पति का सहयोग मिलने व उनके काम की महत्ता व मांग को समझने के कारण उन्हें रात को देर से घर पहुंचने की टेंशन नहीं होती, जिससे वे अपना 100% काम को दे पाती हैं.
* सफल शादीशुदा जीवन का सबसे बड़ा मानसिक फ़ायदा यह है कि इस कारण पत्नी का एनर्जी लेवल हमेशा हाई रहता है.
* जीवन के प्रति सकारात्मक नज़रिया होने के कारण उन पर प्रेशर कम होते हैं.
* कोई घुटन या कुंठा न होने के कारण वह बेहतर ढंग से समाज में अपना योगदान दे पाती है.
* यदि पति कॉपरेटिव हो, तो पत्नी के सोशल रिलेशनशिप बेहतर होते हैं और वे अपनी क्षमताओं का प्रयोग पूरी तरह से कर पाती हैं.
* यदि पार्टनर समझदार हो, तो अधिक ज़िम्मेदारियां आसानी से पूरे किए जा सकते हैं. तब पत्नी घर व ऑफ़िस में बैलेंस बना पाती है, जिससे उसे मानसिक संतुष्टि होती है कि वह अपने उत्तरदायित्वों को ठीक से निभाने में सक्षम है.
* सुखी विवाहित महिला अपने व्यवहार व मुस्कान से सबका दिल जीत लेती है और प्रशंसा का पात्र बनती है.
* सफल विवाहित कपल्स को दूसरों को सहयोग व सम्मान देने में ख़ुशी मिलती है और इस तरह वे समाज में अपनी एक ख़ास पहचान व जगह बनाने में क़ामयाब हो पाते हैं.

– वत्सल बाजपेयी

क्या करें जब वर्कलोड आए सेक्स लाइफ के बीच? (How Workload Affects Your Sex Life?)

मेरे पास गाड़ी है.. बंगला है.. बैंक बैलेंस है, तुम्हारे पास क्या है? अब अगर आप भी इस क्या का जवाब देना चाहते हैं और दूसरे लोगों की तरह जीवन में सफलता का परचम लहराना चाहते हैं, तो आइए हम आपको बताते हैं कुछ ऐसे मूल मंत्र, जिसे अपनाकर आप भी करियर में बुलंदियों को छू सकते हैं.(Success mantra)business-woman-clip-art-png-2PHDN0-clipart

जॉब बदलने से बचें
करियर काउंसलर मालिनी शाह के अनुसार, ङ्गङ्घआज की युवा पीढ़ी ज़्यादा सैलरी के चक्कर में एक साल भी किसी कंपनी में टिक नहीं पाती. ऐसे में कई बार वो अच्छे अवसर से चूक जाते हैं. सफलता पाने के लिए बहुत ज़रूरी है कि बिना सही समय आए जॉब न छोड़ें. बार-बार जॉब बदलने से आपकी सैलरी तो बढ़ जाएगी, लेकिन आप अपने आप पर फोकस नहीं कर पाएंगे. करियर में ठहराव बहुत ज़रूरी है. जब तक अच्छे विकल्प ना मिलें एक कंपनी से दूसरी कंपनी में जंप करना उचित नहीं है, स़िर्फ पैसों की ख़ातिर अच्छी कंपनी से जंप करना करियर के लिए नुक़सानदायक हो सकता है.फफ

काम में माहिर बनें
ङ्गजैक ऑफ ऑलफ बनने की बजाय ङ्गमास्टर ऑफ वनफ बनना आज की दुनिया में सफल होने का मूल मंत्र है. दो नाव की सवारी करने पर आप पानी में गिर सकते हैं. इसलिए जितना मुमक़िन हो अपने काम में महारत हासिल करें. आगे जिस क्षेत्र में आपको अपना करियर बनाना है, उसी पर पूरा ध्यान दें. दोस्तों या आसपास के लोगों के कहने में आकर हर क्षेत्र में क़िस्मत आज़माने की ग़लती न करें.

लक्ष्य से अवगत हों
करियर में सफल होने के लिए बहुत ज़रूरी है कि आप अपने लक्ष्य से भलीभांति अवगत हों. हवा में तीर मारने और बार-बार लक्ष्य बदलने की प्रक्रिया आपको सफलता से कोसों दूर कर देती है. ज़माना भले ही बदल गया हो, लेकिन आज भी सफलता पाने के लिए आपको अर्जुन की तरह लक्ष्यभेदी चिड़िया की आंख पर निशाना साधना होगा, तभी आप अपने जीवन में सफल हो पाएंगे.

डिक्शनरी से No शब्द मिटाएं
जीवन में उतार-चढ़ाव आते रहते हैं. कभी जॉब से बहुत ज़्यादा उम्मीद तो कभी निराशा झलकती है और जॉब छोड़ने का मन करता है, लेकिन इन बातों से निराश नहीं होना चाहिए. आप कमज़ोर हैं या फिर उस काम को आप नहीं कर सकते. इस तरह की बेवजह व नकारात्मक बातों को अपने अंदर से निकाल दें. अपने मन के शब्दकोश से ङ्गनफ शब्द को हमेशा-हमेशा के लिए ख़त्म कर दें.

बी प्रैक्टिकल
व्यक्तिगत जीवन में इमोशनल होना अच्छी बात है, लेकिन कार्यक्षेत्र में प्रैक्टिकल होना बहुत ज़रूरी है. सफलता उसी को मिलती है जो कार्यस्थल पर प्रैक्टिकल रहता है. उदाहरण के लिए अगर आपकी पहली कंपनी सैलरी नहीं बढ़ा रही है और आपको किसी दूसरी कंपनी से अच्छा ऑफर मिल रहा है, तो तुरंत उस ऑफर की तरफ़ हाथ बढ़ाएं, न कि पहली कंपनी से जुड़ी अपनी यादों के घेरे में बंधे रहें.

अपनी क्षमता को ख़ुद पहचानें
राजू डॉक्टर बन गया… रमेश अमेरिका से मैनेजमेंट की पढ़ाई कर रहा है या फिर पारुल बड़े फर्म में अच्छे पे स्केल पर नौकरी कर रही है. इस तरह की बातें सोचकर ख़ुद भी उसी राह पर चलने से पहले ज़रा सोचिए कि क्या आप भी अपने उन्हीं दोस्तों की ही तरह शैक्षणिक, मानसिक और आर्थिक रूप से सक्षम हैं? जीवन में सफल होने के लिए बहुत ज़रूरी है कि आप अपनी क्षमता को ख़ुद परखें और जानें कि आप कितने पानी में हैं? दूसरों के कहने पर बिना सोचे-समझे उठाया गया आपका हर क़दम आपको पीछे की ओर ले जाएगा.

अच्छा नहीं, सबसे अच्छा करने की ज़िद्द
बीत गए वो दिन जब लोग एक जॉब पाकर उसी से संतुष्ट हो जाते थे और सारी ज़िंदगी एक ही कंपनी में बिता देते थे. आज अगर आपको सफल होना है तो करियर का बेस्ट देने की सोचें. किसी भी कंपनी में काम करते हुए स़िर्फ अच्छा करके संतुष्ट होने की बजाय सबसे अच्छा करने की सोचें. जब तक आप अपने सहकर्मियों से अच्छा नहीं करेंगे आप भी उन्हीं की श्रेणी में रह जाएंगे.

प्रेरणादायक है असफलता
जिस तरह से ठोकर लगने पर आप चलना सीखते हैं, ठीक उसी तरह सफलता का असली आनंद तभी आता है, जब आप अपनी असफलता से सीख लेकर आगे बढ़ने की सोचते हैं और सफलता के क़रीब पहुंचते हैं. पहले की गई अपनी ग़लतियों से प्रेरणा लेकर भविष्य में अच्छा करने की कोशिश करें.

ख़ुद का बिज़नेस
करियर काउंसलर मालिनी शाह के अनुसार, 8 से 9 घंटे किसी और के यहां काम करके महीने के अंत में सैलरी लेने की प्रक्रिया को जितनी जल्दी हो सके ख़त्म करें. जीवन की दौड़ में सबसे आगे निकलना है, तो जल्द ही अपना बिज़नेस शुरू करें. इससे न स़िर्फ आपका प्रॉफिट बढ़ेगा, बल्कि आपका स्किल और कॉन्फिडेंस भी

अपने मिशन में क़ामयाब होने के लिए आपको अपने लक्ष्य के प्रति एकचित निष्ठावान होना पड़ेगा- अब्दुल कलाम

जीतने वाले अलग चीज़ें नहीं करते, वो चीज़ों को अलग तरह से करते हैं- शिव खेड़ा

– श्वेता सिंह