suicide

सुशांत के निधन के बाद से कई सेलेब्स अपने डिप्रेशन के बारे में खुलकर बात कर रहे हैं. एक बार फिर मानसिक स्वास्थ्य और भावनाओं को व्यक्त करने के महत्व पर हर तरफ चर्चा हो रही है. और अब सुष्मिता ने भी एक बेहद इमोशनल पोस्ट के ज़रिए मेंटल हेल्थ पर बात की है. उनका कहना है, आप जिसे प्यार करते हैं या जिसके करीब हैं, उसे पूरी तरह से जानिए. साथ ही उन्होंने लोगों से ये भी कहा है कि जिंदगी उतार-चढ़ाव से भरी होती है. बस हमें कभी भी हार नहीं माननी चाहिए.

मेंटल हेल्थ पर बात करना बहुत जरूरी है

Sushmita Sen


सुष्मिता ने कहा कि जैसे हम दूसरे टॉपिक्स पर बातें करते हैं, वैसे ही हमें मेंटल हेल्थ पर भी खुलकर बोलना चाहिए. ”सुशांत और उन जैसे अन्य युवा हमें बताने की कोशिश कर रहे हैं कि हमें दूसरे लोगों को दोष देना शुरू करने से पहले अपनी चीजों की जिम्मेदारी लेनी होगी. जब मैंने यूट्यूब चैनल शुरू किया तो हर कोई चाहता था कि मैं मेंटल हेल्थ पर बोलूं. मैं भी सोचती रही कि ठीक है मैं मेंटल हेल्थ पर कुछ करूंगी. मैंने तय किया कि ब्लॉग लिखूंगी, लेकिन शुरू नहीं कर पाई, लेकिन जब मैंने सुशांत की खबर सुनी, तो मैंने बस लगातार लिखना शुरू कर दिया है.”

सुष्मिता भी गुज़री हैं डिप्रेशन से

Sushmita Sen

मैंने भी बहुत डिप्रेशन झेला है. मुझे पता है वह बहुत रियल इमोशन होता है. उस वक्त हंसना बहुत मुश्किल है, फिर भी हमें जीवन चुनना पड़ता है, जीना पड़ता और हमें जीना भी चाहिए. हर इंसान अलग होता है. प्रतिदिन उससे निकलने की कोशिश करनी चाहिए. यादें रखें कि आप अकेले नहीं हैं. हम सब के अंदर कोई न कोई तकलीफ है, जो हमें डिप्रेशन की ओर ले जाता है, फिर चाहे क्लीनिकल हो या जिंदगी के रास्ते आपको उस मोड़ तक ले आते हैं. मैं उस दर्द को बांटना चाह रही थी. हम सबकी जिंदगी में अलग-अलग तरह की समस्याएं हैं। हमें उससे हार नहीं माननी चाहिए. ये भी सच है कि हर इंसान अलग होता है. कुछ लोगों को दोस्तों और परिवार के सपोर्ट की ज़रूरत होती है, तो कुछ डॉक्टर या मानसिक चिकित्सक के पास जाकर बेहतर महसूस करते हैं. बस आपको किसी भी हाल में अपनी ज़िंदगी का उद्देश्य नहीं भूलना चाहिए. मेरी जिंदगी के कई उद्देश्य हैं. मेरी दो बेटियां हैं, जिनका उनका पालन पोषण मैं अकेले कर रही हूं. मैं सिंगल मदर हूं. तो मैं सोच भी नहीं सकती कि जिंदगी खत्म हो गई.

जब भी ज़रूरत हो, डॉक्टर से मिलें, दोस्तों से मिलें

Sushmita Sen


सुष्मिता ने आगे कहा, ‘मुझे अगर लगता था कि मेरा डिप्रेशन बढ़ रहा है तो मैं सीधे डॉक्टर से मदद लेती थी. उनसे ट्रीटमेंट पूछती थी. अगर आपका मन नहीं अच्छा है, आपको रोना आ रहा है, तकलीफ हो रही है तो इसका मतलब है कि आपको मेडिकल हेल्प की ज़रूरत है, मुझे जब भी ऐसा महसूस हुआ, तो मैंने अपने डॉक्टर से कंसल्ट किया. क्योंकि मैं जानती हूँ कि मैं खुश रहने वाली इंसान हूं. अगर मुझे रोने का मन कर रहा है, तो मतलब मेरा मन ठीक नहीं है और मुझे मदद की ज़रूरत है. कई बार मेडिटेशन और मनोचिकित्सक ये दोनों आपको ठीक कर देते हैं. आपके पास हारने का विकल्प नहीं होता है. मेरे पास भी नहीं था. मुझे जिंदगी में बहुत कुछ अकेले दम पर करना पड़ा है. मुझे अकेलेपन से डर नहीं लगता. इसलिए मैं एक ही बात सोचती हूं मुझे ठीक होना ही है.”

डिप्रेशन पर लिखा इमोशनल पोस्ट

Sushmita Sen

सुशांत की डेथ के बाद सुष्मिता ने अपने इंस्टाग्राम पर भी एक बेहद इमोशनल पोस्ट किया था, जिसमें उन्होंने लिखा था- अच्छा दिखो. अच्छा दिखाओ और हर समय अच्छे रहो, यही रील और रियल लाइफ को एक जैसा बना देता है. ऑन स्क्रीन और ऑफ स्क्रीन का प्रोजेक्शन बन जाता है. कई बार शोहरत मिलने के साथ, बैंक बैलेंस बढ़ने के साथ असुरक्षा भी बढ़ती है. ये सभी एक्टर की जिंदगी में ट्रिगर के रूप में जाना जा सकता है, लेकिन वास्तव में ये हम सभी की जिंदगी की सच्चाई है. आपको जो भी तकलीफ में है, बस सिर्फ एक बात का ख्याल रखें कि आपको बहुत से लोग प्यार करते हैं. आपकी ज़िंदगी कीमती है और आपकी खुशियां भी…. अपनी खुशियों की ज़िम्मेदारी हमारी अपनी है और हमें उस ज़िम्मेदारी से भागना नहीं चाहिए. तकलीफ चाहे जितनी बड़ी हो, बस गुज़र जाएगी. ये जिंदगी खूबसरत तोहफा है, न जाने कितनी सम्भावनाएं, न जाने कितने ख्वाब हैं इसमें. इसलिए कभी हार मत मानें. अभी तो न जाने कितने अमेजिंग मोमेंट्स भी जीने हैं हमें… इसलिए बस आगे बढ़ते रहिए.

क्या हम दर्द छिपाने में एक्सपर्ट हो गए हैं

Sushmita Sen


अक्सर हम अपने मन की बात सिर्फ ये सोचकर कह नहीं पाते कि कैसे कहें? क्या हम अपने दर्द को छिपाने में एक्सपर्ट हो गए हैं.. या फिर किसी के पास इतना समय नहीं है कि वो हमारे दर्द को समझे, सुने या महसूस करे. हर किसी की ज़िंदगी मे अनगिनत प्रेशर है. उतार चढ़ाव हैं, लेकिन हमें हमेशा लड़ना चाहिए, कभी हार नहीं माननी चाहिए. अगर आप थक रहे हैं तो आराम करना सीखिए, क्विट करना नहीं. हम दुनिया नहीं बदल सकते, लेकिन अपने विचारों को बदल सकते हैं. ईश्वर पर यकीन करिए. हम अपनी जिंदगी में खुशियां खुद ला सकते हैं, इसलिए कभी हार मत मानिए.

प्रोटेक्ट योर पीस
सुष्मिता ने कड़े शब्दों में अपने प्रशंसकों और दर्शकों को जीवन में कभी भी हार न मानने के लिए कहा और अंत तक लड़ते रहने और जरूरत पड़ने पर हमेशा मदद लेने के लिए भी कहा. उन्होंने अपनी पोस्ट के साथ एक फोटो भी शेयर की, जिसमें लिखा था, ‘प्रोटेक्ट योर पीस’ यानि कि अपनी शांति की रक्षा करो.

सुशांत के लिए कही ये बात

Sushmita Sen

सुशांत बहुत ही प्रतिभाशाली कलाकार थे. उन्होंने बहुत कम समय में शोहरत हासिल की थी. उनकी मौत की खबर सुनकर शॉक लगा मुझे. मैं उन्हें पर्सनली तौर नहीं जानती थी. काश मैं उनसे मिली होती. मैं उनके काम की मुरीद रही हूं. जब उनके निधन की खबर आई तो मुझसे रहा नहीं गया. यह सिर्फ एक सुशांत या एक कलाकार का सच नहीं है. बहुत सारे ऐसे लोग ऐसे मानसिक शोर से गुजर रहे हैं जिनकी आवाज हम तक पहुंच नहीं रही है. कलाकार के लिए अपनी बात को कहना और दिखाना काफी मुश्किल होता है, अगर आप अपनी यह आवाज को दबाकर रखते हैं. यह भी सच है कि कई बार लोग आपकी कही बातों का मजाक उड़ाते हैं. मेरा मानना है कि तब भी आपको अपना सच बोलना चाहिए. आपको मेडिकल या इमोशनल मदद मांगनी चाहिए.’

बता दें कि सुष्मिता ने लंबे समय बाद वेब सीरीज आर्या से कमबैक किया है और उनकी एक्टिंग की हर कोई जमकर तारीफ कर रहा है. सुष्मिता की पिछली फिल्म निर्बाक थी जो कि 2015 में रिलीज हुई थी. यह एक बंगाली फिल्म थी. बॉलीवुड की फिल्म में सुष्मिता दस साल पहले नजर आई थी फिल्म ‘नो प्रॉब्लम’ जो कि 2010 में रिलीज हुई थी. हालांकि सुष्मिता बताती हैं कि ये 10 साल भी उनके लिए मुश्किल ही रहे, लेकिन उन्होंने कभी हिम्मत नहीं हारी.

कुछ लोग एक अजीब सी बेचैनी में जीते हैं और इन्हीं बेचैनियों में पागलपन भरा कदम उठा लेते हैं. वे जिंदगी भर जैसे किसी तलाश में भटकते रहते हैं. कोई भी चीज उन्हें सुकून नहीं देती. कई बार यह बेचैनी उनके साथ ही जाती है और कई बार उन्हें अपने साथ लेकर ही.

Guru Dutt

गुरु दत्त भी जीवनभर ऐसी ही बेचैनी के साथ जीते रहे और इसी बेचैनी के साथ इस दुनिया को अलविदा भी कह दिया, जिसने 39 साल की उम्र में ही उनकी जान ले ली. जिसके बारे में आज तक ठीक से कहना मुश्किल है कि वह सचमुच आत्महत्या ही था या कुछ और.

Guru Dutt

उनकी खामोश नज़रों में दर्द ही नज़र आता
महलों ये तख्तों ये ताजों की दुनिया, ये दौलत के भूखे रवाजों की दुनिया, ये दुनिया अगर मिल भी जाए तो क्या है… आज तक ये गाना हर किसी की ज़ुबान पर गाहे बगाहे आ ही जाता है. इतने दर्द भरे गीत के पीछे एक आदमी का दर्द था, जिसे बॉलीवुड ने अपनी आंखों से देखा और महसूस किया था. वो था गुरुदत्त का दर्द. शायद यही कारण था कि गुरुदत्त ने दो बार सुसाइड की असफल कोशिशें की, लेकिन फिर एक बार तीसरी बार में वो कामयाब हो गए. दर्द में डूबे गुरुदत्त ने अपना जीवन, शराब के नशे में डुबो लिया था. नींद की गोलियां, उनकी रोज़मर्रा की ज़िंदगी का बेशुमार हिस्सा बन गई थीं.

Guru Dutt

जब उन्हें गीता रॉय से प्यार हुआ
जब गुरुदत्त ‘बाज़ी’ बना रहे थे, तो फ़िल्म के ही सेट पर उनकी मुलाकात गायिका गीता रॉय से हुई और उन्हें उनसे प्यार हो गया. उस समय गीता रॉय एक गायिका के रूप में मशहूर हो चुकी थीं और अक्सर गुरुदत्त से मिलने उनके माटुंगा वाले फ़्लैट पर आया करती थीं. सरल इतनी थीं कि रसोई में सब्ज़ी काटने बैठ जाती थीं.
उस दौरान राज खोसला गुरुदत्त के असिस्टेंट हुआ करते थे. उन्हें गाने का बहुत शौक था. गुरुदत्त के यहां होने वाली बैठकों में राज खोसला और गीता रॉय डुएट गाया करते थे और पूरा दत्त परिवार बैठ कर उनके गाने सुनता था. दोनों एक दूसरे को प्रेमपत्र भी लिखा करते थे, जिन्हें गुरुदत्त की छोटी बहन ललिता लाजमी एक दूसरे तक पहुंचाती थीं. तीन साल तक प्यार करने के बाद आखिरकार 1953 में गुरुदत्त और गीता रॉय विवाह बंधन में बंध गए.

पजेसिव गुरुदत्त ने गीता दत्त पर कई पाबंदियां लगा दीं

Guru Dutt

कहा जाता है कि गुरुदत्त इमोशनल होने के साथ साथ ओवर पजेसिव भी थे, जिन्हें न सुनना कतई पसंद नहीं था. कहते हैं शादी के बाद गुरुदत्त ने गीता पर बाहर की फिल्मों पर गाने पर पाबंदी लगा दी, इसके बावजूद चोरी चोरी गीता दूसरे बैनर्स के लिए गाती रहीं. फिर भी दोनों में सब ठीक ठाक चलता रहा और उनके तीन बच्चे भी हुए, जिनसे गुरुदत्त बेशुमार प्यार करते थे. दोनों की जिंदगी में दिक्कतें तब आने लगीं जब मशहूर एक्ट्रेस वहीदा रहमान की एंट्री हुई. ‘प्यासा’ फिल्म के दौरान वहीदा रहमान से गुरुदत्त का नाम जुड़ने लगा, जिसके चलते दोनों में दूरियां बढ़ने लगीं और विवाद इतना बढ़ा कि गीता अपने बच्चों को लेकर मायके चली गईं.

वहीदा रहमान से बढ़ीं नज़दीकियां

Guru Dutt

बेहद ही खूबसूरत शख्सियत के मालिक गुरुदत्त की लाइफ का एक कड़वा सच यह भी था कि वो वहीदा रहमान से बेइंतहा मोहब्बत भी करने लगे थे. ऐसा कहा जाता है कि वहीदा और गुरुदत्त एक-दूसरे से बहुत प्यार करते थे लेकिन गुरुदत्त शादीशुदा थे और वहीदा की वजह से दोनों के रिश्ते बिगड़ रहे थे, ये देखकर वहीदा परेशान रहने लगीं, वो नहीं चाहती थीं कि उनकी वजह से उनका परिवार टूटे. और जब वहिदा को पता चला कि गुरुदत्त अपनी पत्नी से अलग हो गए और इसका कारण उन्हें माना जा रहा है तो उन्होंने गुरुदत्त से दूरियां बना लीं. उनके ही एक करीबी दोस्त के अनुसार उन्होंने इसलिए अपने कदम पीछे खींच लिए थे कि उन्हें एहसास हो चुका था कि गुरुदत्त की जिन्दगी में गीता दत्त की जगह कोई नहीं ले सकता. उन्हें लगा कि वे पीछे लौट जाएंगी और सब सुधर जाएगा. पर ऐसा हो न सका.

गीता गुरुदत्त पर नज़र रखने लगीं
गुरुदत्त ज़्यादा समय स्टूडियो में बिताने लगे थे. गीता को उन पर शक हो गया था. वो उन पर नज़र रखतीं, उनका पीछा करतीं. एक बार तो गीता दत्त उनके करीबी दोस्त अबरार अल्वी के घर पहुंच गईं और उनसे वहीदा रहमान और गुरुदत्त के बारे में पूछताछ करने लगीं. वो नर्वस थीं, रो रही थीं. अल्वी साहब ने उन्हें समझाया कि गुरुदत्त सिर्फ़ फ़िल्म और काम से मुहब्बत करते हैं, बेफ़िक्र रहो. लेकिन गीता दत्त समझ ही नहीं पाईं.

जब वहीदा की चिट्ठी मिली कि मैं तुम्हारे बिना नहीं रह सकती

Guru Dutt

इतना ही नहीं, दोनों के बीच शक़ इस हद तक बढ़ गया कि एक दिन गुरुदत्त को एक चिट्ठी मिली, जिसमें लिखा था कि, “मैं तुम्हारे बिना नहीं रह सकती. अगर तुम मुझे चाहते हो तो आज शाम को साढ़े छह बजे मुझसे मिलने नरीमन प्वॉइंट आओ. तुम्हारी वहीदा.” जब गुरुदत्त ने ये चिट्ठी अपने दोस्त अबरार को दिखाई तो उन्होंने कहा कि मुझे नहीं लगता कि ये चिट्ठी वहीदा ने लिखी है. दोनों ने सच जानने की योजना बनाई. अबरार अपनी फ़िएट कार में नरीमन प्वॉइंट पहुंचे, तो देखा कि गीता दत्त अपनी एक दोस्त के साथ एक कार की पिछली सीट पर बैठी किसी को खोजने की कोशिश कर रही हैं. पास की बिल्डिंग से गुरुदत्त भी ये सारा नज़ारा देख रहे थे. घर पहुंच कर दोनों में इस बात पर ज़बरदस्त झगड़ा हुआ और दोनों के बीच बातचीत तक बंद हो गई.

दो बार आत्महत्या की कोशिश की

Guru Dutt

इधर पत्नी-बच्चे उन्हें छोड़कर जा चुके थे, उधर वहीदा ने भी उनका साथ छोड़ दिया. इस वजह से गुरुदत्त डिप्रेशन में रहने लगे… खुद को एकदम खामोश कर लिया उन्होंने. वह हमेशा आत्महत्या करने के बारे में सोचते रहते थे और दो बार आत्महत्या की कोशिश भी कर चुके थे. वे हमेशा गीता और अपने बच्चों को याद करते रहते थे. पहली बार आत्महत्या की कोशिश में तो गुरुदत्त बिल्कुल सुरक्षित बच गए, लेकिन जब दूसरी बार उन्होंने आत्महत्या करने की कोशिश की थी तो तीन दिन के लिए कोमा में चले गए थे. और वह जब कोमा से बाहर आए थे तो कहते हैं उन्होंने सबसे पहले जो नाम लिया था, वह ‘गीता’ था.

गुरु दत्त अक्सर मरने के तरीकों पर बातें करने लगे

Guru Dutt

अबरार अल्वी ने ही एक बार बताया था कि गुरुदत्त अक्सर मरने के तरीकों के बारे में बातें किया करते थे. एक बार गुरुदत्त ने उनसे कहा था, “नींद की गोलियों को उस तरह लेना चाहिए जैसे मां अपने बच्चे को गोलियां खिलाती है…पीस कर और फिर उसे पानी में घोल कर पी जाना चाहिए.” अबरार ने बताया कि उस समय उन्हें लगा वो मज़ाक में ये बातें कर रहे थे. उन्हें क्या पता था कि गुरुदत्त इस मज़ाक का अपने ही ऊपर परीक्षण कर लेंगे.

और आखिर हमेशा के लिए बिछड़ गए गुरुदत्त

Guru Dutt

एक तो गीता दत्त की वजह से वहीदा को वो प्रेमिका के रूप में अपना नहीं पाये और वहीदा रहमान के उनकी जिंदगी से निकल जाने के बाद भी गीता दत्त गुरु दत्त के घर वापस लौट आने की पुकार को अनसुना करती रहीं. ऐसे में गुरुदत्त डिप्रेशन में चले गए, बिल्कुल अकेले हो गए. गुरुदत्त के अकेले पड़ जाने का एक कारण यह भी था कि वे अति की सीमा तक ‘पजेसिव’ थे. अपनी बनाई कैद में लोगों को बांधकर रखते हुए वे यह भी भूल जाते थे कि सामने वाला भी उनकी ही तरह एक इंसान और कलाकार है. इसी दौरान उनकी फिल्म ‘कागज के फूल’ भी बुरी तरह फ्लॉप हो गयी. गुरूदत्त मन और धन दोनों से दिवालिया हो गये और बुरी तरह टूट गए और शराब व नींद की गोलियों को अपना साथी बना लिया.

ऐसा कहा जाता है कि जिस दिन गुरुदत्त ने दुनिया को अलविदा कहा उस दिन उन्होंने कुछ भी नहीं खाया था और शाम से ही शराब पी रहे थे. उन्होंने गीता को फोन किया और बच्चों से मिलने की इच्छा जताई, लेकिन गीता ने साफ इंकार कर दिया. गुरुदत्त ने गीता से कहा भी कि अगर आज बच्चों को नहीं भेजा तो मेरा मरा हुआ मुंह देखोगी, पर गीता ने उनकी बात नहीं मानी. कहते हैं उस रात गुरुदत्त सुबह पांच बजे तक शराब पीते रहे और सुबह अपने कमरे में मृत पाए गए. ऐसा कहा जाता है कि उन्होंने पहले खूब शराब पी. उसके बाद ढेर सारी नींद की गोलियाँ खा लीं और यही उनकी मौत की वजह बनी.

इस तरह सामने वाले की आंखों के भावों को लगातार टोहता हुआ, छूता हुआ… उन्हें रुपहले परदे पर उतारता हुआ सिल्वर स्क्रीन का सबसे गोल्डन ख्व़ाब बहुत छोटी उम्र में हमेशा के लिए खामोश हो गया.

बॉलीवुड से एक बहुत ही शॉकिंग न्यूज़ आई है. एक्टर सुशांत सिंह राजपूत ने बांद्रा, मुंबई स्थित अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली है. उनके नौकर ने पुलिस को फोन करके ये जानकारी दी.

Sushant Singh Rajput


ये खबर बेशक बहुत चौंकाने वाली है और पूरी इंडस्ट्री इससे सदमे में है. इतने सफल और पॉपुलर एक्टर आत्महत्या जैसा कदम भी उठा सकता है, इस बात पर लोगों को यकीन नहीं हो रहा है.
खबर लिखे जाने तक आत्महत्या के कारणों का पता नहीं चल पाया है. फिलहाल पुलिस उनके घर पहुंच चुकी है और ज़रूरी तहकीकात की जा रही है.
जहां तक सुशांत के करियर की बात है तो वे बॉलीवुड के बेहद लोकप्रिय एक्टर थे. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत टीवी एक्टर के तौर ‘किस देश में है मेरा दिल’ धारावाहिक से की थी. लेकिन पॉपुलैरिटी उन्हें मिली एकता कपूर के धारावाहिक ‘पवित्र रिश्ता’ से. इसके बाद उन्हें फिल्मों का सफर शुरु किया था. वे डांस रियलिटी शो ‘जरा नच के दिखा 2′ और ‘झलक दिखला जा 4’ में भी नज़र आ चुके हैं.

Sushant Singh Rajput

12 फिल्मों में काम किया
टेलीविज़न पर सफल पारी के बाद सुशांत ने बॉलीवुड की ओर रुख किया और अब तक वो 12 फिल्में कर चुके थे.
काय पो चे, शुद्ध देसी रोमांस, पीके, डिटेक्टिव व्योमकेश बख्शी, एमएस धोनी: अनटोल्ड स्टोरी, राब्ता, वेल्कम टू न्यू यॉर्क, केदारनाथ, सोनचिड़िया, छिछोरे, ड्राइव और दिल बेचारा जैसी फिल्मों में बेहतरीन एक्टिंग की और बॉलीवुड में भी अपनी पहचान बनाई. उनकी आखिरी फिल्म ‘केदारनाथ’ थी जिसमें वे सारा अली खान के साथ दिखे थे.

Sushant Singh Rajput

34 वर्षीय सुशांत सिंह राजपूत का जन्म पटना में हुआ था. 2000 के शुरुआत में उनका परिवार दिल्ली में बस गया था. सुशांत की 4 बहनें हैं. उनमें से एक मीतू राज्य स्तर की क्रिकेट खिलाड़ी हैं.

Sushant Singh Rajput

बता दें कि अभी पांच-छः दिन पहले ही सुशांत सिंह राजपूत की एक्स मैनेजर दिशा सालियान की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी. रिपोर्ट्स के अनुसार उन्होंने 14वीं मंजिल से कूदकर आत्महत्या की थी.

प्रत्यूषा बनर्जी: बालिका वधू की आनंदी घर घर की प्यारी थीं. उनका भोलापन और मासूमियत सबको इतनी भाई कि वो टेलीविज़न का एक जाना माना नाम बन गईं. प्रत्युषा फ़िल्मों में आना चाहती थीं, नाम कमाना चाहती थीं तो फिर आख़िर ऐसा क्या हुआ कि 24 साल की छोटी सी उम्र में उन्हें ज़िंदगी से इतनी नफ़रत हो गई कि घर में पंखे से लटककर उन्होंने खुद को ख़त्म करना सही क़दम लगा? प्रत्युषा की आत्महत्या की ख़बर ने सबको सकते में डाल दिया था. एक एप्रिल 2016 को जब टेलीविज़न पर इस ख़बर ने फ़्लैश किया तो किसी को यक़ीन नहीं हुआ. कहा गया कि वो अपने बॉयफ़्रेंड राहुल के साथ अनबन के चलते परेशान थीं. वहीं काम ना मिलना और क़र्ज़ के चलते पैसों की तंगी को भी उनकी आत्महत्या की वजह बताया गया.

Pratyusha Banerjee

सूत्रों से जो ख़बर सामने आई वो यही थी कि प्रत्युषा राहुल के किसी और को डेट करने से आहत थीं. दोनों में अनबन भी बढ़ती जा रही थी. प्रत्युषा दिन ब दिन चिड़चिड़ी होती जा रही थीं और यही बातें उनकी मौत की वजह बनी.

कुशल पंजाबी: कुशल की मौत की ख़बर भी कम आहत करनेवाली नहीं थी. कुशल टीवी का जानामाना नाम थे. वो अपनी ज़िंदादिली, हंसमुख स्वभाव और फ़िटनेस को लेके काफ़ी फ़ेमस थे और ऐसे में उनका आत्महत्या करना किसी सदमे से कम ना था.

Kushaal Punjabi

कुशल ने भी अपने घर में फांसी लगा ली थी और उनकी मौत के बाद किसी ने कहा कि वो अपनी पर्सनल लाइफ़ को लेकर परेशान थे तो किसी ने कहा अपने करीयर को लेके वो डिप्रेशन में थे. उनकी पत्नी विदेशी हैं और वो भारत में नहीं रहतीं. उनका एक छोटा बेटा है जिसे कुशल बेहद प्यार करते थे और उसको मिस करते थे. बताया जाता है कि बेटे से ना मिल पाने का दर्द और शादी में अनबन ही कुशल की परेशानी की वजह थी, हलांकि कुशल ने अपने सूसाइड नोट में कीसी को भी अपनी मौत का ज़िम्मेदार नहीं बताया और दुनिया को अलविदा कह दिया.

नफीसा जोसेफ: मिस इंडिया, कामयाब मॉडल और बेहद ख़ूबसूरत… नफीसा को सब कुछ मिला था ज़िंदगी से लेकिन कुछ तो था जो बहुत अधूरा था, तभी तो मात्र 26 साल की उम्र में पंखे से लटककर अपनी ज़िंदगी का अंत कर लिया.

Nafisa Joseph

यहां भी मामला प्यार मोहब्बत का ही निकला. नफीसा के माता पिता ने बताया था कि दो हफ़्तों बाद ही नफीसा की शादी एक जाने माने बिज़नेसमैन से होनेवाली थी, लेकिन वो व्यक्ति शादी को टालना चाहता था. नफीसा को यह पता चाला था कि उसने अपनी पहली पत्नी से तलाक़ लिया ही नहीं. इन्हीं उलझनों के बीच बात इतनी बिगड़ी कि नफीसा ने अपनी जान ले ली.

सेजल शर्मा: दिल तो हैप्पी है जी की ऐक्ट्रेस सेजल ने भी छोटी सी उम्र में इतना कठोर कदम उठा लिया. सेजल के घर से जो सुसाइड नोट मिला उसमें निजी कारणों को आत्महत्या की वजह बताया गया था. जानकरों के अनुसार भी सेजल डिप्रेशन में थी.

sejal sharma

सेजल पहले मिडलिंग करती थीं और उन्होंने बड़े बड़े ब्रैंड्स और स्टार्स के साथ विज्ञापनों में काम किया था. वो एक वेब सिरीज़ में भी काम कर रही थीं. लेकिन उन्हें किस बात की तकलीफ़ थी यह पूरी तरह साफ़ नहीं हो पाया.

कुलजीत रंधावा: ख़ूबसूरत अदाकरा और उतनी ही कामयाब भी. बड़े बड़े सीरीयल्स में काम कर चुकी कुलजीत के पास वो सब कुछ था जो किसी भी लड़की की ख्वाहिश होती है. लेकिन एक चीज़ कम पड़ गई और वो था प्यार.

Kuljeet Randhawa

प्यार में कामयाबी ना मिलने पर उन्होंने फांसी लगाकर अपनी ज़िंदगी ख़त्म कर ली. अपने सुसाइड नोट में भी उन्होंने यही लिखा कि वो ज़िंदगी का सामना नहीं कर पा रही हैं. माना जाता है प्यार में अनबन के चलते ही कुलजीत ने यह कदम उठाया.