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मेरे गायनाकोलॉजिस्ट ने मुझे प्रेग्नेंसी के तीसरे महीने से लेकर डिलीवरी के छह हफ़्ते बाद तक आयरन (Iron) टैबलेट्स लेने की सलाह दी है, पर क्या डिलीवरी के बाद भी इसकी ज़रूरत होती है? कृपया, उचित सलाह दें. 
– सुखदा गिल, पटना.

हमारे देश में बहुत-सी महिलाएं आयरन (Iron) की कमी से होनेवाली बीमारी एनीमिया से पीड़ित रहती हैं. दरअसल, प्रेग्नेंसी के दौरान शरीर में बहुत-से बदलाव होते हैं और डिलीवरी के बाद भी महिलाओं को एक्स्ट्रा कैलोरीज़ की ज़रूरत पड़ती है. ऐसे में आयरन बच्चों में वज़न कम होने की समस्या को दूर करता है और मां को एनीमिया से भी बचाता है. यही वजह है कि आपके गायनाकोलॉजिस्ट ने डिलीवरी के बाद भी आयरन टैबलेट्स लेने की सलाह दी है. डिलीवरी के बाद भी टैबलेट्स के अलावा पोषणयुक्त बैलेंस डायट लें.

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हमारी शादी को 6 साल हो गए हैं, पर पति को अज़ूस्पर्मिया (स्पर्म्स न होना) होने के कारण अभी तक हमारा कोई बच्चा नहीं है. डॉक्टर ने हमें स्पर्म डोनर के ज़रिए प्रेग्नेंसी की सलाह दी है. पर यह हमें थोड़ा अजीब लग रहा है. कृपया, गाइड करें.
– माला नेगी, दुर्ग.

हर कपल की ज़रूरतें अलग-अलग होती हैं, इसलिए आपका निर्णय आपको ख़ुद लेना होगा. अगर आप बच्चा चाहती हैं, तो स्पर्म डोनेशन आपके लिए एक अच्छा ऑप्शन है. आप अकेले नहीं हैं, कई लोग इस समस्या से जूझ रहे हैं. आमतौर पर इंफर्टिलिटी क्लीनिक्स में स्पर्म बैंक होते हैं, जहां पर इंफर्टिलिटी स्पेशलिस्ट से आप मदद ले सकते हैं. फिर भी अगर आप कंफर्टेबल नहीं हैं, तो बच्चा गोद भी ले सकती हैं. अंतिम निर्णय तो आपको ही लेना होगा.

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डिलीवरी के बाद क्या खाएं, क्या नहीं?

– डिलीवरी के बाद कम से कम एक-डेढ़ महीने तक महिलाओं को गैस पैदा करनेवाली और पचने में हैवी चीज़ें, जैसे- चना, कच्चा केला, मीट, आलू, फूलगोभी, पत्तागोभी, मूंगफली और बेकरी प्रोडक्ट्स अवॉइड करने चाहिए.

– खाने में लाल मिर्च और गरम मसाले खाने से बचें. इनकी बजाय चुटकीभर कालीमिर्च पाउडर का इस्तेमाल करें.

– बहुत ज़्यादा खट्टी चीज़ें, जैसे नींबू और कच्चे आम न खाएं.

– खाने में हर पत्तेदार सब्ज़ियां, जैसे- पालक, मेथी, कमल ककड़ी और ब्रोकोली, टिंडा, परवल जैसी सब्ज़ियां लें.

– दाल में मूंग और मसूर की दालें खाएं.

– गोंद, सोंठ और मेथी के लड्डू बनाकर खाएं.

– खाने में अजवायन और काले तिल भी शामिल करें.

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डॉ. राजश्री कुमार
स्त्रीरोग व कैंसर विशेषज्ञ
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