Tag Archives: tax saving tips

टैक्स सेविंग के 7 स्मार्ट टिप्स (7 Smart Ways for Save Tax)

Smart Ways for Save Tax

जैसे-जैसे वित्तीय वर्ष समाप्त होने लगता है, वैसे-वैसे हम टैक्स प्लानिंग करने के लिए सक्रिय होने लगते हैं, जो सही नहीं है. फाइनेंशियल एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगर वित्तीय वर्ष के आरंभ से ही टैक्स प्लानिंग कर लें, तो साल के अंत में आपको परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा और आप विभिन्न विकल्पों के बारे में पूरी जानकारी प्राप्त करके उनमें निवेश कर सकेंगे. आयकर नियमों के अनुसार ऐसे कई स्मार्ट तरी़के हैं, जिनमें निवेश करके आप टैक्स का भुगतान करने से बच सकते हैं.

Smart Ways for Save Tax
पीपीएफ

अगर टैक्स बचाना चाहते हैं, तो पीपीएफ आपके लिए बेस्ट ऑप्शन है. पब्लिक प्रॉविडेंट फंड का सबसे बड़ा लाभ यह है कि टैक्स में लाभ मिलने के साथ-साथ यह लॉन्ग टर्म इंवेस्टमेंट के लिए बेहतरीन विकल्प है. अगर आपने अभी तक पीपीएफ अकांउट नहीं खुलवाया है, तो उपरोक्त फ़ायदों को ध्यान में रखते हुए तुरंत पीपीएफ अकांउट खुलवा लें. इसमें ब्याज़ की दर 8.7 है. इस योजना के तहत आप कम से कम पांच सौ रुपए से लेकर ज़्यादा से ज़्यादा 1 लाख रुपए तक जमा कर सकते हैं. कुल मिलाकर पीपीएफ सेफ्टी, रिटर्न, टैक्सेबिलिटी और इंवेस्टमेंट के लिहाज़ से बेस्ट ऑप्शन है. पीपीएफ अकाउंट किसी भी पोस्ट ऑफिस और सरकारी बैंकों में खोला जा सकता है. अब तो कुछ प्राइवेट बैंक भी पीपीएफ अकाउंट खोलने की सुविधा देते हैं.

स्मार्ट आइडिया: अपना ही नहीं, बल्कि नाबालिग बच्चे या पत्नी के नाम से भी पीपीएफ अकांउट खुलवा सकते हैं. ऐसी स्थिति में टैक्स बेनीफिट्स सभी अकांउट्स में जमा रक़म को मिलाकर छूट केवल 1 लाख रुपए पर ही मिलेगी.

नेशनल पेंशन स्कीम (एनपीएस)

आप इस स्कीम में निवेश करके न केवल अपने रिटायरमेंट की प्लानिंग कर सकते हैं, बल्कि टैक्स में भी लाभ ले सकते हैं. यदि आप सरकारी कर्मचारी हैं और नेशनल पेंशन स्कीम में निवेश करना चाहते हैं, तो आप अपने बजट के अनुसार कितनी भी राशि जमा कर सकते हैं, लेकिन आपको केवल 10% राशि पर ही टैक्स का लाभ मिलेगा. यहां पर सैलरी का मतलब बेसिक सेलरी और डीए से है. अगर आप प्राइवेट कंपनी में काम करते हैं और एनपीएस में निवेश करने की सोच रहे हैं, तो आप अपनी इच्छानुसार कितनी भी राशि जमा कर सकते हैं. लेकिन टैक्स का लाभ आपको टोटल ग्रॉस सैलरी के 10% राशि का ही मिलेगा. यहां पर टोटल ग्रॉस सैलरी का अर्थ सालभर में होनेवाली कुल आमदनी से.

स्मार्ट आइडिया: आप सरकारी या प्राइवेट सेक्टर के आधार पर एनपीएस का चुनाव कर सकते हैं.

Smart Ways for Save Taxसुकन्या समृद्धि योजना 

अगर आप अपनी बेटी का भविष्य सुरक्षित करना चाहते हैं, तो सुकन्या समृद्धि योजना आपके लिए बेस्ट ऑप्शन है. इस योजना के अंतर्गत आप अपनी 10 साल से कम उम्र की बेटी के लिए निवेश कर सकते हैं. यह योजना बैंक डिपॉज़िट, पब्लिक प्रॉविडेंट फंड और अन्य चाइल्ड प्लान्स की तुलना में बेस्ट है, क्योंकि इस योजना में अन्य बैंक योजनाओं, पीपीएफ व दूसरे चाइल्ड प्लान्स में मिलनेवाले ब्याज़ की दर से अधिक है. इस योजना को आप पोस्ट ऑफिस या पब्लिक सेक्टर की किसी भी ब्रांच में खोल सकते हैं. यह योजना टैक्स फ्री है, जिसमें आप न्यूनतम राशि 1 हज़ार से लेकर डेढ़ लाख तक जमा कर सकते हैं. बेटी के 14 साल की होने तक इसमें निवेश कर सकते हैं और उसके 21 साल के होने पर यह योजना मैच्योर हो जाएगी. अगर आपको बेटी की पढ़ाई, करियर आदि के लिए पैसों की ज़रूरत है, तो 18 साल के होने के बाद आप 50% विड्रॉ भी कर सकते हैं.

स्मार्ट आइडिया: पब्लिक प्रॉविडेंट फंड में जमा करने की बजाय सुकन्या समृद्धि योजना में निवेश करें, क्योंकि इस योजना में आप 50 रुपए से लेकर अधिकतम कितनी भी राशि जमा कर सकते हैं.

और भी पढ़ें: वाइफ वर्किंग है, तो डबल होगी टैक्स सेविंग

नेशनल सेविंग्स सर्टिफिकेट्स

(एनएससी)टैक्स बचाने के लिए एनएससी भी बढ़िया विकल्प है, इसमें फिक्स्ड डिपॉज़िट्स की तुलना में अधिक ब्याज़ मिलता है, इसलिए लोग एनएससी में निवेश करना पसंद करते हैं. इसमें आयकर की धारा 80सी के तहत टैक्स बेनीफिट मिलता है.

स्मार्ट आइडिया: अगर आपके पास अन्य विकल्पों का आकलन करने का समय नहीं है, तो एनएससी बेस्ट ऑप्शन है.

सीनियर सिटीज़न सेविंग्स

टैक्स बचाने के लिए निवेश का यह ऑप्शन केवल 60 साल या उससे अधिक उम्र के लोगों के लिए है, जो सेवानिवृत (रिटायर्ड) हो चुके हैं. उनके लिए यह बेस्ट टैक्स सेविंग्स स्कीम है. इस स्कीम की अवधि पांच साल की है, लेकिन इसे 3 साल के लिए आगे बढ़ाया जा सकता है. इस स्कीम की यह विशेषता है कि इसमें डाकघर की सभी योजनाओं की तुलना में अधिक ब्याज़ मिलता है. इस योजना में आप 15 लाख रुपए तक निवेश कर सकते हैं. इस योजना के तहत एक निश्‍चित तारीख़ पर ब्याज़ का त्रैमासिक भुगतान किया जाता है.

स्मार्ट आइडिया: सेवानिवृति के बाद इस योजना में निवेश करके आप अपना और अपने पार्टनर के बुढ़ापे को सुरक्षित बना सकते हैं. इस स्कीम को अपने पार्टनर के नाम पर निवेश करके उन्हें सरप्राइज़ गिफ्ट भी दे सकते हैं.

Smart Ways for Save Tax
लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसी

लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसी भी टैक्स सेविंग्स के बेहतरीन विकल्पों में से एक है. लेकिन टैक्स सेविंग के लिए लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसी में निवेश करते समय लोग एक अहम् भूल कर बैठते हैं कि दिसंबर-जनवरी के महीने में एक्चुअल इंवेस्टमेंट की तारीख़ आने पर जल्दी-जल्दी में बिना सोचे-समझे पॉलिसी ख़रीदने लगते हैं. यहां पर यह बात ध्यान देने योग्य है कि पॉलिसी ख़रीदने का उद्देश्य केवल टैक्स बचाना ही नहीं होना चाहिए, बल्कि लाइफ कवर करना भी होना चाहिए.

स्मार्ट आइडिया:  यह टैक्स बचाने का पारंपरिक तरीक़ा है. इसमें ट्रिपल बेनीफिट्स- लाइफ इंश्योरेंस कवर, लॉन्ग टर्म इंवेस्टमेंट और टैक्स बेनीफिट्स मिलता है. अगर प्रीमियम का भुगतान नहीं कर सकते हैं, तो बीमा योजना को पेड-अप पॉलिसी में बदल सकते हैं.

Smart Ways for Save Taxमेडिकल इंश्योरेंस

क्या आप जानते हैं कि मेडिकल इंश्योरेंस पर टैक्स में छूट मिलती है. इसमें जमा की गई प्रीमियम की राशि पर सेक्शन 80डी के तहत अधिकतम 15 हज़ार रुपए की कर छूट मिलती है.अगर आप अपनी फैमिली के अलावा पैरेंट्स की इंश्योरेंस पॉलिसी का प्रीमियम भरते हैं, तो यह छूट 30 हज़ार रुपए तक मिलती है.

स्मार्ट आइडिया: कंपनी की ओर से दी जानेवाली इंश्योरेंस पॉलिसी के अलावा अपनी पर्सनल इंश्योरेंस पॉलिसी ज़रूर लें. आप टैक्स बचाने के लिए उपरोक्त विकल्पों के अलावा फंड्स (म्युचुअल फंड और स्टॉक मार्केट) में भी निवेश कर सकते हैं, लेकिन इन फंड्स में निवेश करने से पहले वित्तीय सलाहकारों की सलाह ज़रूर लें.

कुछ अन्य विकल्प, जिनमें निवेश करके आप टैक्स बचा सकते हैं

  • पीपीएफ के अलावा आप ईपीएफ (एम्प्लाई प्रॉविडेंट फंड) में निवेश करके टैक्स बचा सकते हैं.
  • अगर आप और आपकी पत्नी दोनों ने मिलकर घर ख़रीदा है और दोनों ही अलग-अलग होम लोन का भुगतान कर रहे हैं, तो आप दोनों को अलग-अलग 2-2 लाख रुपए तक छूट मिलेगी.
  • अगर आप किराए के घर में रहते हैं, आप हाउस रेंट अलाउंस (एचआरए) पर टैक्स छूट के लिए क्लेम कर सकते हैं. लेकिन इसके लिए आपको कंपनी से यह जानकारी हासिल करनी होगी कि एचआरए के तहत कितनी राशि पर टैक्स में छूट मिल सकती है.

और भी पढ़ें: टैक्स बचाने के स्मार्ट तरीके

– पूनम नागेंद्र शर्मा

टैक्स बचाने के स्मार्ट तरीके (Smart Way OF Tax Saving)

Tax Saving Tips

Tax Saving Tips

हर कोई अपनी मेहनत की गाढ़ी कमाई बचाने का प्रयास करता है, मगर आपने यदि सही तरी़के से, सही जगह पर इन्वेस्टमेंट नहीं किया है, तो टैक्स के रूप में आपकी आमदनी का बहुत बड़ा हिस्सा चला जाता है. अतः अपनी मेहनत की कमाई बचाने के लिए ऐसा इन्वेस्टमेंट करें जो टैक्स फ्री हो और आपको रिटर्न भी मिले.

सुकन्या समृद्धि योजना
सरकार द्वारा ख़ासतौर से स़िर्फ बेटियों के लिए शुरू की गई सुकन्या समृद्धि योजना से आप बेटी का भविष्य सुरक्षित करने के साथ ही टैक्स भी बचा सकते हैं. बैंक या पोस्ट ऑफिस में सुकन्या समृद्धि अकाउंट खुलावाई. इसमें आप हर साल कम से कम 1000 और अधिकतम डेढ़ लाख रुपए तक की बचत कर सकते हैं. इस पर 9.2 फीसदी की दर से ब्याज़ मिलता है और बेटी के 21 साल के होने पर ही आप ये पैसे निकाल सकते हैं.

एनपीएस
सेक्शन 80 सी के तहत डेढ़ लाख टैक्स बचाने के साथ ही आप एनपीएस (नेशनल पेंशन सिस्टम में सालाना 50,000 रुपए तक निवेश करके टैक्स छूट का फ़ायदा उठा सकते हैं. 2015 के बजट में सरकार ने इनकम टैक्स एक्ट 1961 की धारा 80 सीसीडी के तहत सालाना 50,000 एनपीएस में निवेश को करमुक्त कर दिया.

पीपीएफ
टैक्स बचाने के लिए पीपीएफ (पब्लिक प्रोविडेंट फंड) हमेशा से लोगों की पहली पसंद रहा है, क्योंकि पीपीएफ में 15 साल का लॉक इन पीरियड होता है, तो इसमें पैसे डालकर आप अपना भविष्य सुरक्षित करने के साथ ही टैक्स भी बचा सकते हैं. पीपीएफ में निवेश की गई राशि का 50 फीसदी हिस्सा आप 7 साल बाद निकाल सकते हैं. पीपीएफ में किया गया इन्वेस्टमेंट तो टैक्स फ्री होता ही है, इस पर मिलने वाले इंटरेस्ट पर भी किसी तरह का टैक्स नहीं लगता. साथ ही मैच्योरिटी के समय मिलने वाली राशि भी करमुक्त होती है.

यह भी पढ़ेंफाइनेंशियली कितनी फिट हैं आप?

इंश्योरेंस प्रीमियम
अपने, पत्नी या बच्चों के नाम पर इंश्योरेंस पॉलिसी लेकर भी आप टैक्स बचा सकते हैं. इंश्योरेंस पॉलिसी के लिए दिए जाने वाले प्रीमियम पर आपको सेक्शन 80सी के तहत टैक्स छूट का फ़ायदा मिलता है. इश्योरेंस निवेश के हिसाब से बहुत फ़ायदेमंद भले ही न हो, मगर आपात स्थिति से निपटने के लिए ये ज़रूरी है.

मेडिकल इंश्योरेंस
यदि आप अपने, पत्नी या बच्चों के लिए मेडिकल इंश्योरेंस लेते हैं, तो इस पर भी आप टैक्स छूट का फ़ायदा उठा सकते हैं. इनकम टैक्स एक्ट की धारा 80 डी के तहत 25,000 तक का प्रीमियम टैक्स फ्री है. यदि आपने अपने माता-पिता का भी मेडीक्लेम किया है और उनकी उम्र 60 साल से ज़्यादा है, तो 30,000 तक की प्रीमियम राशि करमुक्त होगी यानी साल में आप 55 हज़ार टैक्स बचा सकते हैं.

फिक्स्ड डिपॉज़िट (एफडी)
यदि आप ये सोचते हैं कि हर तरह की एफडी टैक्स फ्री है, तो ऐसा नहीं है. 5 साल की लॉक इन पीरियड वाली एफडी ही टैक्स फ्री होती है. आमतौर पर बैंक अधिकतम 10 साल के निवेश की सुविधा देते हैं. ब्याज़ की रकम 10,000 रुपए से अधिक होने पर टीडीएस कटता है. इससे कम राशि टैक्स फ्री है.

होम लोन
यदि आपने घर ख़रीदने के लिए लोन लिया है, तो आपको टैक्स छूट का फ़ायदा मिलेगा. होम लोन के लिए अदा किए गए ब्याज़ पर सालाना 2 लाख रुपए तक की टैक्स छूट है. यदि पति-पत्नी दोनों वर्किंग है, तो दोनों के नाम पर लोन होने से दोनों को टैक्स बेनिफिट मिलेगा.

स्मार्ट टिप्स
* 80 सी के तहत आप कुल डेढ़ लाख रुपए तक टैक्स छूट का फ़ायदा उठा सकते हैं.
* बच्चों की स्कूल फीस (ट्यूशन फीस) पर भी टैक्स छूट मिलती है. इसकी लीमिट 2 बच्चों तक है. यदि आप 80 सी के तहत इन्वेस्टमेंट नहीं कर पाए हैं, लेकिन बच्चे की फीस भर रहे हैं, तो आपको टैक्स छूट का लाभ मिलेगा.
* 80 सीसीडी के तहत एनपीएस के रूप में 50,000 का निवेश टैक्स फ्री है.
* ख़ुद की प्रॉपर्टी ख़रीदने के लिए होम लोन पर दिया गया 2 लाख तक का ब्याज करमुक्त होगा.
* यदि कंपनी आपको ट्रैवलिंग अलाउंस देती है, तो 19,200 रुपए तक की राशि पर टैक्स नहीं लगेगा.
* हाउस रेंट अलाउंस यानी एचआरए भी टैक्स सेविंग का ज़रिया है. यदि आप किराए के मकान में रहते हैं, तो रेंट स्लिप दिखाकर एक निश्‍चित सीमा तक टैक्स में छूट का लाभ उठा सकते हैं.

– कंचन सिंह

अधिक फाइनेंस आर्टिकल के लिए यहां क्लिक करें: FINANCE ARTICLES 

[amazon_link asins=’8170949947,B00HIGBQ84,190730259X’ template=’ProductCarousel’ store=’pbc02-21′ marketplace=’IN’ link_id=’56382a9b-b4ae-11e7-bb60-0d222a883b5e’]