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Sania Mirza Birthday

* हैदराबाद के निजाम क्लब में सानिया ने छह साल की उम्र से टेनिस खेलना शुरू किया.
* महेश भूपति के पिता सी. के. भूपति की देखरेख में उनकी ट्रेनिंग शुरू हुई.
* उन्होंने अमेरिका एस. टेनिस एकेडमी से भी प्रशिक्षण लिया.
* साल 1999 में वर्ल्ड जूनियर टेनिस चैंपियनशिप से उन्होंने अपने करियर की शुरुआत की.
* साल 2003 से लेकर 2013 तक सानिया ने टेनिस खेल के सिंगल व डबल्स में भारतीय शीर्ष में अपना दबदबा बनाए रखा.

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पर्सनल शॉट्स
* सानिया का जन्म 15 नवंबर, 1986 को मुंबई में हुआ.
* उन्होंने हैदराबाद के एनएएसआर से स्कूली पढ़ाई और सेंट मैरी कॉलेज से ग्रेजुएशन किया.
* साल 2008 में चेन्नई में एमजीआर
शैक्षिक और अनुसंधान संस्थान विश्‍वविद्यालय से डॉक्टरेट की मानद उपाधि प्राप्त की.
* उनके पिता इमरान स्पोर्ट्स जर्नलिस्ट और मां नसीमा प्रिंटिग बिज़नेस से जुड़ी हुई हैं.
* उनकी एक छोटी बहन अनम भी है.
* उन्होंने साल 2010 में पाकिस्तानी क्रिकेटर शोएब मलिक के साथ शादी की.

Sania Mirza Birthday

अवॉर्ड्स व उपलब्धियां
+ सानिया ने 17 साल की उम्र में विंबलडन जूनियर डबल्स का ख़िताब अपने नाम किया.
+ 2003 में एलिसा लेबनोवा के साथ मिलकर विंबलडन का जूनियर डबल्स जीता.
+ उन्होंने जूनियर खिलाड़ी के रूप में 10 सिंगल और 13 मिक्स डबल्स जीते हैं.
+ 2006 के दोहा एशियन गेम में लिएंडर पेस के साथ डबल्स का गोल्ड मेडल जीता.
+ इसी गेम में उन्होंने वुमन सिंगल व वुमन टीम में सिल्वर मेडल भी जीता.
+ साल 2009 में भारत की तरफ़ से ग्रैंड स्लेम जीतनेवाली पहली महिला खिलाड़ी बनकर उन्होंने इतिहास रच दिया.
+ 2009 में ऑस्ट्रेलियन ओपन में महेश भूपति के साथ मिक्स डबल्स और 2012 में फ्रेंच ओपन जीता.

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+ उन्हें डब्लूटीए द्वारा मोस्ट एम्प्रेसिव न्यूकमर अवॉर्ड अमेरिका में दिया गया.
+ 2005 में उन्हें अर्जुन अवॉर्ड से नवाज़ गया.
+ 2006 में पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित किया गया.
+ खेल में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए उन्हें 2014 में हैदराबाद महिला दशक अचीवर्स अवॉर्ड दिया गया.
+ 2015 में उन्हें राजीव गांधी खेल रत्न अवॉर्ड से सम्मानित किया गया.

 

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डिफरेंट स्ट्रोक्स
* सानिया एक बेहतरीन स्विमर भी हैं.
* भारतीय टेनिस खिलाड़ियों को विश्‍वस्तरीय ट्रेनिंग देने के लिए सानिया ने साल 2013 में सानिया मिर्ज़ा टेनिस अकादमी खोली.
* 22 जुलाई, 2014 को तेलंगाना राज्य ने उन्हें अपना ब्रांड एम्बेसडर बनाया.
* साल 2015 में उनके बेहतरीन परफॉर्मेंस व नंबर वन रैंकिंग हासिल करने की उपलब्धियों के कारण सीएनएन न्यूज़ 18 द्वारा इंडियन ऑफ द ईयर 2015 के अवॉर्ड से सम्मानित किया.

– ऊषा गुप्ता

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जानें बर्थडे गर्ल पीवी सिंधु की ये दिलचस्प बातें… (Happy Birthday: Do You Know These Interesting Facts About P V Sindhu): भारतीय महिला टेनिस में आज सबसे बड़ा नाम हैं सिंधु, उनके जन्मदिन पर मेरी सहेली की ओर से उन्हें शुभकामनाएं! उम्मीद है वो देश का नाम रोशन करती रहेंगी, लेकिन अपनी पर्सनल पसंद-नापसंद के बारे में क्या सोचती हैं सिंधु, आइये उन्हीं से जानें 

अगर आप बैडमिंटन प्लेयर न होतीं, तो क्या होतीं?
हूं… जब मैं छोटी थी, तो डॉक्टर बनना चाहती थी, लेकिन अब बैडमिंटन के अलावा कोई दूसरा सपना नहींहै. इसी में आगे… बहुत आगे जाना चाहती हूं.

आपका फेवरेट फूड क्या है?
(मुस्कुराती हुई) इटैलियन. मुझे इटैलियन फूड बहुत पसंद है. इसके अलावा मुझे बिरयानी बहुत पसंद है. मां के हाथ की बिरयानी की बात ही कुछ और होती है.

लाखों प्रशंसकों की फेवरेट हैं आप. क्या आपका भी कोई फेवरेट प्लेयर है? 
(हंसती हुई) हां, बिल्कुल. टेनिस स्टार रॉजर फेडरर मेरे फेवरेट प्लेयर हैं.

इंडियन प्लेयर में किसी का नाम बताइए.
विराट कोहली, धोनी और सचिन तेंदुलकर पसंद हैं.

मैच प्रैक्टिस के अलावा क्या करना अच्छा लगता है?
वैसे तो मेरा बहुत-सा समय प्रैक्टिस में ही जाता है, लेकिन इससे समय मिलने पर मैं फैमिली के साथ फिल्म देखना, कज़िंस से मिलना और दोस्तों के साथ एंजॉय करना पसंद करती हूं.

 

 

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पहली बार ओलिंपिक में हिस्सा लिया आपने और पहली बार में ही देश को सिल्वर मेडल दिलाया, लेकिन आपके कोच गोपीचंद कहते हैं कि आप अभी भी अनफिनिश्ड प्रोडक्ट हैं. क्या ये सुनकर बुरा लगता है?
बिल्कुल नहीं. अभी तो मेरी शुरुआत है. मुझे बहुत से टूर्नामेंट खेलने हैं. कोच सर जो कहते हैं सही कहते हैं.

आपका स्ट्रॉन्ग पॉइंट क्या है?
अटैक. मैं अपने गेम में विरोधी खिलाड़ी पर शुरुआत से ही अटैक करने की कोशिश करती हूं, ताकि शुरुआत से ही मेरा प्रेशर उस पर बना रहे.

आपका वीक पॉइंट क्या है?
(सोचते हुए) फिलहाल तो ऐसा कुछ भी नहीं है.

कोर्ट पर और कोर्ट के बाहर भी आपको काफ़ी शांत प्लेयर के रूप में देखा जाता है. रियल सिंधु कैसी हैं?
हूं… सच कहूं तो रियल में भी मैं बहुत शांत हूं. हां, ये बात अलग है कि कोर्ट पर अब मैं अटैक के मूड में रहती हूं. ऐसा पहले नहीं था.

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फेवरेट फिल्म कौन-सी है?
मुझे सारी फिल्में अच्छी लगती हैं. चाहे वो बॉलीवुड हो या तेलगु या तमिल.

आपका पसंदीदा बॉलीवुड ऐक्टर कौन है?
(ख़ुश होते हुए) मुझे ऋतिक रोशन पसंद हैं. और हां, रणबीर कपूर भी.

आपकी फेवरेट बॉलीवुड एक्ट्रेस कौन हैं?
दीपिका पादुकोण.

घर पर रहने पर क्या करना पसंद करती हैं आप?
टीवी देखना और गाना सुनना. इससे मुझे बहुत सुकून मिलता है.

बाहर जाते समय पर्स में क्या रखना पसंद करती हैं?
(हंसती हुई) पैसा. वैसे मुझे लिपग्लॉस बहुत पसंद है. मेरे पर्स में ये रहता ही है.

क्या आप गैजेट्स लवर हैं?
(मुस्कुराती हुई) हां, मुझे मेरा मोबाइल बहुत पसंद है. रियो ओलिंपिक में मुझे इससे दूर रखा गया था.

आज की लड़कियों को क्या संदेश देना चाहेंगी?
अच्छा करो. जो जी में आए, उसी फील्ड में करियर बनाओ.

लड़कियों के पैरेंट्स के लिए कोई संदेश?
हां, बेटों की ही तरह अपनी बेटियों को प्रोत्साहित कीजिए. उन्हें आपके सपोर्ट की ज़रूरत है. उन पर विश्‍वास कीजिए और उन्हें आगे बढ़ने में मदद कीजिए. वो आपको कभी निराश नहीं करेंगी.

 

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टेनिस में भारत को पुरुषों में रिप्रेज़ेंट करनेवाले दो दिग्गज खिलाड़ी आजकल आपस में ही भिड़े हुए हैं. कहने को तो दोनों ही भारतीय हैं, लेकिन जिस तरह से वो नेट प्रैक्टिस कर रहे हैं, उससे तो यही लगता है कि न केवल दोनों भारत के दुश्मन हैं, बल्कि खेल भावना का भी अनादर कर रहे हैं. ये कोई पहली बार नहीं है जब इन दो बड़े खिलाड़ियों के बीच इस तरह की बहस हुई है, लेकिन इस बार ये खेल मैदान के बाहर भी उतना ही खेला जा रहा है, जितना कि अंदर.

The Davis Cup trophy

टेनिस का वर्ल्डकप है डेविस कप. इसमें दुनिया की टीमें हिस्सा लेती हैं. टेनिस खिलाड़ियों के लिए यह एक ऐसा मौक़ा होता है, जब वो कप जीतकर अपनी दावेदारी इस कप पर दिखाते हैं. यहां टीम वर्क काम करता है. भारत में टेनिस को लेकर कभी एकजुटता नहीं दिखती है. लिएंडर पेस देश के सीनियर खिलाड़ी हैं, लेकिन महेश भूपति से उनकी कहासुनी होती रहती है. वैसे तो भूपति टेनिस में पेस से ज्यूनियर हैं, लेकिन वो भी शायद ख़ुद को पेस से बड़ा खिलाड़ी समझते हैं.
दोनों के बीच उठा विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है और पेस ने इस मामले में कहा है कि उन्हें यह कभी नहीं कहा गया था कि वो उज़्बेकिस्तान के साथ मुकाबले में नहीं खेलेंगे.

इतना ही नहीं भूपति ने अपने और पेस के बीच हुई व्हाट्सअप चैट को भी पब्लिक कर दिया, जो पेस के हिसाब से ग़ैर ज़िम्मेदाराना रवैया है. इन दोनों प्लेयर की राइवलरी कब ख़त्म होगी ये तो नहीं पता, लेकिन इन दोनों के इस तरह के व्यवहार से देश और खेल को शर्मिंदगी ज़रूर झेलनी पड़ रही है. किसी भी देश के दो खिलाड़ी जब आपस में भिड़ते हैं, तो इससे देश का नाम बदनाम होता है और बाकी खिलाड़ियों का मनोबल गिरने के साथ ही उस खेल की साख भी गिरने लगती है.

Serena Williams

रोम का माहौल तब और रोमांटिक हो गया, जब टेनिस सनसनी सेरेना विलियम्स ने घुटनों पर बैठकर शादी के लिए प्रपोज़ करने वाले एलेक्सिस को हां कह दिया. सेरेना और एलेक्सिस ने रोम में कर ली सगाई. इस तरह अचानक सगाई करने वाली सेरेना ने अपने इस ़फैसले से टेनिस जगत और अपने फैन्स को आश्‍चर्यचकित कर दिया, लेकिन सेरेना की इस ख़बर से उनके फैन्स बहुत ख़ुश हैं.

आख़िर कौन है ये लकी मैन?
आप भी सोच रहे होंगे कि अचानक से शादी के लिए हां करने वाली सेरेना का वो लकी मैन कौन है? तो चलिए हम आपको बता ही देते हैं. सेरेना के दूल्हे का नाम है एलेक्सिस ओहानियन. ये रेडिड के को-फाउंडर हैं.

पोयम लिखकर सेरेना ने हाल-ए-दिल किया बयां
क्या अब भी आप सोशल मीडिया पर सेरेना के उस लकी मोमेंट को ढूंढ़ रहे हैं, तो भूल जाइए, नहीं मिलने वाला. असल में सेरेना ने इस ख़ास पल को रेडिट पर ही शेयर किया. आप भी पढ़िए आख़िर टेनिस स्टार से कैसे पोयट बन गईं सेरेना. रेड्डिट पर शादी के प्रस्तावों के बारे में कहानियां साझा करनेवाले ग्रुप आईसेडयस में सेरेना ने लिखा कि एलेक्सिस उन्हें रोम में उसी मेज पर ले गए, जहां पहली बार दोनों की मुलाकात हुई थी और अपने घुटनों पर बैठकर शादी का प्रस्ताव दिया.
Serena Williams

2 साल छोटे हैं सेरेना की लकी मैन
जी हां, एलेक्सिस सेरेना से 2 साल छोटे हैं. सेरेना विलियम्स के हां कहते ही एलेक्सिस ने फेसबुक पर इसे पोस्ट किया.

रेडिट पर दिखा क्यूट ग्राफिक
सेरेना ने एक ग्राफिक भी जारी किया है, जिसमें वह टेनिस ड्रेस में दिख रही हैं और अहेनियन उन्हें डायमंड दे रहे हैं. आप भी देखें ये क्यूट ग्राफिक.

 

 

 

Serena Williams

श्वेता सिंह 

 

Vijay Amritraj

इंडियन टेनिस को दुनिया में पहचान दिलानेवाले विजय अमृतराज को जन्मदिन की बहुत-बहुत बधाई! विजय का जन्म 14 दिसंबर 1953 को चेन्नई में मैगी और रॉबर्ट अमृतराज के घर हुआ था. वर्ल्ड टेनिस में इंडिया को रिप्रेज़ेंट करनेवाले विजय पहले भारतीय खिलाड़ी हैं. विजय ने अपने करियर में काफ़ी उपलब्धियां हासिल कीं. 16 सिंगल्स और 13 डबल्स खिताब जीतनेवाले अमृतराज को डेविस कप टूर्नामेंट का हीरो कहा जाता था, क्योंकि उन्होंने डेविस कप में कई विश्‍व प्रसिद्ध दिग्गज खिलाड़ियों को मात दी थी.

टेनिस खेलते हुए विजय वर्ल्ड रैंकिंग में 16वें स्थान तक पहुंचे थे, जो कि भारत के लिए गर्व की बात थी. वैसे भी टेनिस का माहौल तब भारत में अनुकूल नहीं था. उसके लिए कोर्ट, और कोच, दोनों ही मिलना बहुत मुश्किल होता था. ऐसे में देश का नाम दुनिया में रोशन करनेवाले विजय अमृतराज देश के लिए एक बेहतरीन उपलब्धि साबित हुए. विजय अमृतराज देश के दूसरे खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा स्रोत बन गए. अपने खेल के साथ-साथ उन्होंने देश के नवोदित खिलाड़ियों को काफ़ी सहयोग किया.

टेनिस कोर्ट ही नहीं, बल्कि फिल्मों में भी विजय ने क़िस्मत आज़माया. जेम्स बांड फिल्म ऑक्टोपसी और स्टार र्टैक फोर में वो नज़र आए थे. इसके साथ ही विजय अमृतराज एक बेहतरीन कमेंटेटर भी हैं. उनकी कॉमेंट्री दुनिया के दिग्गज कॉमेंटेटरों में से एक है.

– श्वेता सिंह 

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टेनिस को स्पोर्ट्स जगत का सबसे ग्लैमरस खेल माना जाता है और यह सच भी है. यहां प्लेयर अपने खेल के साथ-साथ अपने लुक्स का भी पूरा ध्यान रखते हैं. स्टेडियम में बैठकर मैच देखनेवाले हों या टीवी पर सभी को ये प्लेयर बड़ी ही आसानी से आकर्षित करते हैं. खेल और आकर्षण का मिश्रण टेनिस गेम के इतिहास में कुछ ऐसा हुआ, जो पहले कभी नहीं हुआ. आप सोच भी नहीं सकते कि इस तरह की घटना कभी हो भी सकती है.

डब्ल्यूटीए फाइनल्स में खेले गए अपने मुकाबले में जीत हासिल करने के लिए उत्सुक रूस की महिला टेनिस खिलाड़ी स्वेतलाना कुजनेत्सोवा ने अपनी चोटी को ही काट दिया. फाइनल खेलना और जीतना अपने आप में एक प्रेशर की तरह होता है. एग्निएस्का रदवांस्का के साथ चल रहे इस फाइनल मैच में कुजनेत्सोवा ने ने बड़ी ही मशक़्क्क़त के साथ पहला सेट जीता, लेकिन रदवांस्का ने दूसरा सेट सीधे सेट में कुजनेत्सोवा को हरा दिया. दूसरा सेट हारने के बाद कुजनेत्सोवा को बर्दाश्त नहीं हुआ और उन्होंने अंपायर से इजाज़त लेकर कोर्ट पर ही एक कैंची मंगवाई और अपने सुनहरे बालों को काट दिया. यह देखकर कोर्ट पर मौजूद सभी लोग आश्‍चर्य से कुजनेत्सोवा को देखने लगे, लेकिन कुजनेत्सोवा के चेहरे पर किसी तरह के भाव नहीं थे. बड़ी ही आसानी से उन्होंने अपने बाल काटे और फिर तीसरे सेट का मैच शुरू कर दिया.

देखिए कैसे काटा कुजनेत्सोवा ने अपने बाल? एक नज़र इस वीडियो पर.

बाल काटते ही जीता मैच
आपको जानकर हैरानी होगी कि बाल काटने के बाद कोर्ट पर वापसी करते हुए कुजनेत्सोवा ने मैच में वापसी की और तीसरा सेट जीतने के साथ ही ट्रॉफी पर अपना हक़ जमाया. लगता है कुजनेत्सोवा को पहले ही अंदर से यह फील हो गया था कि उनके बाल ही उनेक दुश्मन हैं. तभी तो बाल काटते ही वो जीत गईं.

कैंची देखकर क्या डर गई थीं रदवांस्का?
चलते मैच के बीच मेडिकल ट्रीटमेंट लेना, तो सभी जानते हैं, लेकिन जब कुजनेत्सोवा ने अंपायर से कैंची मांगी, तो स़िर्फ अंपायर ही नहीं, बल्कि कुजनेत्सोवा की विरोधी खिलाड़ी रदवांस्का भी हैरान रह गईं. कोर्ट पर मौजूद सभी लोग हैरानी से देख रहे थे. अंपायर ने कैंची मांगने की बात की स्वीकृति रदवांस्का भी ली. रदवांस्का ने हामी भर दी. पोस्ट मैच के बाद दिए गए इंटरव्यू में रदवांस्का ने कहा कि उन्हें डर तो नहीं लगा, लेकिन हां, इस घटना का उन्हें ज़रा भी अंदेशा नहीं था.

बाल काटने के बाद क्या कहा कुजनेत्सोवा ने?
खेल के बाद एक संवाददाता सम्मेलन में कुजनेत्सोवा ने कहा, हर बार अच्छा शॉट लगाने के बाद मेरी चोटी बार-बार मेरी आंखों पर आ जाती. इससे मुझे परेशानी होने लगी. तब मैंने सोचा कि आख़िर इस समय मेरे लिए क्या ज़रूरी है- मेरे बाल या मैच? तब मैंने निर्णय लिया किया कि बाल तो बढ़ सकते हैं, लेकिन मैच… मैंने बहुत ज़्यादा नहीं सोचा इसके बारे में और अपने बाल काट दिए. मुझे कोर्ट पर अच्छा प्रदर्शन करना था. सच कहूं तो मुझे भी नहीं पता कि मैंने कितने बाल काटे.

कोर्ट पर बाल काटकर कुजनेत्सोवा ने यह तो बता ही दिया है कि खेल के बीच वो किसी ऐसी चीज़ को बर्दाश्त नहीं करेंगी, जो खेल में बाधा सिद्ध होगी. इसके अलावा उन्होंने अपने प्रतिद्वंदियों को यह भी दर्शा दिया है कि उनके लिए खेल ज़्यादा मायने रखता है, न कि खेल के दौरान लुक्स.

 

ब्यूटी विद ब्रेन रूसी टेनिस प्लेयर मारिया शारापोवा के फैंस के लिए ख़ुशखबरी है. मारिया के फैंस बहुत जल्द अपनी इस खिलाड़ी को कोर्ट पर खेलते हुए देख सकेंगे. जी हां, द कोर्ट ऑफ आर्बिट्रेशन ऑफ स्पोर्ट (उअड) ने शारापोवा पर लगे प्रतिबंध की समयसीमा को कम कर दिया है. शारापोवा के डोप टेस्ट में पॉज़ीटिव पाए जाने के बाद उन पर दो साल का बैन लगाया गया था, जो अब कम करके 15 महीने कर दिया गया है. इससे मारिया शारापोवा और उनके प्रशंसकों को काफ़ी राहत मिली होगी. (Maria Sharapova)

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कब लगा था बैन?
29 वर्षीया शारापोवा पर इसी साल जनवरी में डोप टेस्ट में पॉज़ीटिव पाए जाने के बाद 2 साल का बैन लगाया गया था. हालांकि शारापोवा अपने ऊपर लगे बैन को कई दिनों तक मानने की स्थिति में नहीं थीं. उनका कहना था कि ये दवाएं वो पहले से खाती आ रही हैं और इस बारे में उन्हें पता नहीं था कि इस पर अब बैन लग गया है, जबकि स्पोर्ट्स अथॉरिटी ने पहले ही मारिया को एक मेल के ज़रिए प्रतिबंधित दवाओं की लिस्ट भेज दी थी, लेकिन शारापोवा का कहना था कि उन्होंने मेल चेक नहीं किया था, जिससे उन्हें पता नहीं चला. उल्लेखनीय है कि शारापोवा को डोप टेस्ट से पहले पांच बार प्रतिबंधित दवा के प्रयोग को लेकर चेतावनी दी गई थी. इसके बावजूद वह डोप टेस्ट में पॉज़ीटिव पाई गईं.

विनिंग ग्रैंड स्लैम
मारिया शारापोवा सिंगल्स में कुल 5 ग्रैंड स्लैम जीत चुकी हैं. मारिया ने ग्रैंड स्लैम के चारों टाइटल जीता है.

डोपिंग में आगे है रूस!
हाल ही में संपन्न हुए रियो ओलिंपिक से पहले भी रूस के सभी खिलाड़ियों पर बैन लगने की बात सामने आयी थी. ख़बरों की मानें, तो रूस के खिलाड़ी अच्छा प्रदर्शन करने के लिए कई ऐसी दवाइयों का प्रयोग करते हैं, जो प्रतिबंधित होती हैं. किसी समय तो हाल ऐसा था कि रूस में प्रैक्टिस करने से भी खिलाड़ी कतराते थे. इसका मुख्य कारण था डोपिंग. एक ख़बर के मुताबिक़ 2016 रियो ओलिंपिक में कुल 68 खिलाड़ियों पर बैन लगाया गया था, जिन्हें रियो ओलिंपिक में हिस्सा नहीं लेने दिया गया. पिछले कुछ सालों से रूस डोपिंग स्कैंडल में फंस रहा है.

बैन ख़त्म होते ही ख़त्म हो जाएगा मारिया का करियर?
जानकारों की मानें तो लंबे समय तक बैन का ठप्पा लग जाने से खिलाड़ियों की प्रैक्टिस पर असर होने के साथ ही सबसे ज़्यादा चोट उनके मन पर पड़ती है. मानसिक रूप से वो कमज़ोर हो जाते हैं और पहले जैसा प्रदर्शन नहीं कर पाते. तो क्या बैन ख़त्म होने के बाद जब मारिया कोर्ट पर उतरेंगी, तो उनका पहले वाला दम-खम ख़त्म हो जाएगा, क्या वो फिर से दर्शकों द्वारा मारिया…मारिया की गूंज क्रिएट नहीं कर पाएंगी, क्या टेनिस जगत का एक चमचमाता सितारा यूं ही अंधेरे में ग़ुम हो जाएगा? ऐसे बहुत से सवाल हैं, जो प्रशंसकों के मन में कौंध रहे हैं. अब तो आनेवाला समय ही तय करेगा कि मारिया शारापोवा का फ्यूचर क्या होगा.

भारत भी नहीं रहा अछूता
ऐसा नहीं है कि स़िर्फ रूस या दुनिया के बाकी देशों पर ही डोप में पॉज़ीटिव पाए जाने पर बैन लगता है और भारत इससे अछूता है. समय-समय पर भारतीय खिलाड़ी भी डोप के शिकार होते रहे हैं. रियो ओलिंपिक के दौरान रेसलर नरसिंह यादव पर बैन लग गया था. हालांकि नाडा ने नरसिंह यादव को ये कहते हुए बरी कर दिया था कि उन्हें किसी साज़िश के तहत फंसाया गया है, लेकिन उअड ने नाडा के फैसले को मानने से इनकार कर दिया. उन्होंने फैसला सुनाया कि उनके खाने या पीने में मिलावट की बात सही नहीं है और रियो में जाने के बाद भी उन्हें खेलने की अनुमति नहीं मिली.

टॉप 5 प्लेयर, जो हुए बैन

  • आंद्रे अगासी
  • मार्टिना हिंगिस
  • शेन वॉर्न
  • लांस आर्मस्ट्रॉन्ग
  • टायसन गे

नेशनल एंटी डोपिंग एजेंसी (नाडा) की एक रिपोर्ट के मुताबिक़ 2009 से अब तक कुल 687 भारतीय
एथलीट के ऊपर किसी न किसी तरह का बैन लग चुका है.

 – श्वेता सिंह