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क्यों कहते हैं ताइवान को ‘हार्ट ऑफ एशिया’? (Taiwan: why it is known as ‘Heart of Asia’?)

अपनी गगनचुंबी इमारतों के लिए विश्‍व प्रसिद्ध ताइवान अपनी प्राकृतिक छटा व सुंदरता से पर्यटकों को आत्ममुग्ध कर देता है. इस देश का समृद्ध इतिहास दुनियाभर के इतिहास प्रेमियों को अपनी ओर आकर्षित करता है. इस देश की इन्हीं विविधताओं के कारण इसे ‘हार्ट ऑफ एशिया’ कहा जाता है. आइए देखें, इस देश की कुछ ऐसी ही ऐतिहासिक व प्राकृतिक विविधताओं को.

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सन मून लेक

सन मून लेक ताइवान की सबसे बड़ी और सबसे ख़ूबसूरत झील है. चारों ओर पहाड़ों से ढंकी व कोहरे के धुंध से घिरी इस झील के ऊपर से जब काले बादल तैरते हुए जाते हैं, तो लगता है, जैसे किसी चित्रकार की बेहतरीन चित्रकारी का नमूना सजीव हो उठा हो. हर साल लाखों की संख्या में लोग इस झील को देखने आते हैं. दरअसल, जब आप इस झील को पूरब की ओर से देखते हैं, तो यह सूरज के आकार की दिखाई देती है, जबकि पश्‍चिम की ओर से देखने पर इसका आकार अर्द्ध चंद्र जैसा दिखाई देता है, इसीलिए इस लेक का नाम सन मून लेक पड़ा है. दुनियाभर से नए शादीशुदा जोड़े इस झील पर अपनी नई ज़िंदगी की ख़ूबसूरत शुरुआत करने आते हैं, जिसके कारण यह ङ्गहनीमून लेकफ और ङ्गलवर्स लेकफ के नाम से भी जानी जाती है.

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द नेशनल पैलेस म्यूज़ियम

तायपई शहर में स्थित इस म्यूज़ियम में 5000 साल पुरानी कई ऐतिहासिक धरोहर सहेजकर रखी गई हैं. इसमें हर तरह की पेंटिंग्स, दुर्लभ व मूल्यवान ऐतिहासिक दस्तावेज़, क़िताबें, मिट्टी से बनी चीज़ें, विविध कलाकृतियां, जेड और तांबे से बनी अनूठी कलाकृतियां देखने को मिलेंगी. म्यूज़ियम में रखी लगभग 6 लाख 20 हज़ार से अधिक धरोहर व नमूने दुनियाभर के पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र रहती हैं.

 

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फो गुआंग शैन बुद्धा मेमोरियल सेंटर

आधुनिकता व प्राचीनता का संगम, पूर्व और पश्‍चिम की संस्कृति और सभ्यता की झलक लिए फो गुआंग शैन बुद्धा मेमोरियल सेंटर के मुख्य हॉल में चार स्तूप हैं, जो बोध गया के महाबोधी मंदिर की याद दिलाते हैं. भगवान बुद्ध की विशाल मूर्ति पर्यटकों को सम्मोहित कर देती है. इस सेंटर में भगवान बुद्ध की जीवनगाथा, बौद्ध धर्म को दर्शाती आर्ट गैलरीज़, फो गुआंग शैन का ऐतिहासिक म्यूज़ियम, बौद्ध धर्म से जुड़े त्योहारों आदि की मनोहर झलक देखने को मिलती है. चाइनीज़ पैलेस स्टाइल में बनी यहां की इमारतें पर्यटकों को काफ़ी लुभाती हैं. यहां मौजूद 8 पगौड़ा भगवान बुद्ध के पवित्र मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित करते हैं.

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तायपेई 101

दुनिया की सबसे ऊंची इमारत का ख़िताब सालों तक अपने नाम रखनेवाली तायपेई 101 ताइवान की मशहूर स्काई हाई है. 508 मीटर लंबा यह टावर ताइवान का फाइनेंशियल सेंटर है, जिसमें 101 फ्लोर हैं. हालांकि इसमें कुल 106 फ्लोर हैं, पर 5 फ्लोर अंडरग्राउंड हैं, इसलिए यह 101 के नाम से ही मशहूर है. 2003 में बना यह टावर 2004 से 2010 तक दुनिया का सबसे ऊंचा टावर रहा है. यह टावर कितना ऊंचा होगा, इसका अंदाज़ा इसी बात से लगाया जा सकता है कि 30 किलोमीटर दूर पहाड़ियों से भी इस टावर को देखा जा सकता है. इस टावर में कुल 50 एलिवेटर्स हैं, जो 1010 मीटर/प्रति मिनट की स्पीड से चलते हैं. इस टावर में एंटी-अर्थक्वेक स्ट्रक्चर्स का इस्तेमाल किया गया है, ताकि किसी भी तरह के भूकंप के झटकों को यह आसानी से सह सके.

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फोर्ट प्रोविंशिया (चिहकन टावर्स)

ताइवान के ताइनान में स्थित फोर्ट प्रोविंशिया ताइवान की सबसे पुरानी व ऐतिहासिक इमारत है. यह चिहकन टावर्स के नाम से भी प्रसिद्ध है. 1653 में पुर्तगालियों द्वारा बनवाई गई यह इमारत ताइवान के उपनिवेशवाद के समय को दर्शाती है. सन 1945 में इसका नाम बदलकर चिहकन टावर्स रख दिया गया, जो पुर्तगालियों के यहां आने से पहले इस स्थान का नाम था.

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चियांग कई शेक मेमोरियल हॉल

नेशनल चियांग कई शेक मेमोरियल हॉल रिपब्लिक ऑफ चाइना के पूर्व राष्ट्रपति चियांग कई शेक की याद में बनाया गया है. ताइपेई के
ज़ोंगज़िंग ज़िले में स्थित यह ताइवान की राष्ट्रीय धरोहर है. इसमें एक लाइबे्ररी और म्यूज़ियम है, जहां चियांग कई शेक की जीवन गाथा, चीन का इतिहास, ताइवान का इतिहास और उसके विकास को देखा जा सकता है. दर्शकों के लिए यह एक सुनहरा मौक़ा होता है, जब उन्हें ताइवान के साथ-साथ चीन के इतिहास की झलक भी देखने को मिलती है.

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नेशनल म्यूज़ियम ऑफ मरीन बायोलॉजी एंड एक्वेरियम

यह ताइवान के पिंगटुंग काउंटी के शेशेंग टाउनशिप में स्थित है. ताइवान की धरती व समुद्र पर पाई जानेवाली अनेक प्रजातियों को देखने और समझने का यह म्यूज़ियम एक वर्च्युअल वर्ल्ड है. इस म्यूज़ियम में तीन एक्ज़िबिट्स हैं- वॉटर्स ऑफ ताइवान, कोरल किंगडम और वॉटर्स ऑफ द वर्ल्ड. इस म्यूज़ियम में 81 मीटर लंबा अंडरवॉटर टनल मूविंग ट्रैक है, जो एशिया का सबसे लंबा अंडरवॉटर टनल है.

वॉटर्स ऑफ ताइवान

1 मिलियन गैलन पानी से बना यह टैंक हर पर्यटक को समुद्री जीवन को क़रीब से देखने का मौक़ा देता है. इसमें टच पूल्स भी हैं, जहां लोग स्टारफिश, क्रैब्स, सी कुकुंबर आदि को छूकर देख सकते हैं.

कोरल किंगडम

यहां आप कई वेरायटी के कोरल रीफ देख सकते हैं, साथ ही इसमें अंडरवॉटर टनल और डुबा हुआ जहाज लोगों को आकर्षित करता है.

वॉटर्स ऑफ द वर्ल्ड

इस एक्ज़िबिट में पर्यटकों को थ्रीडी एनिमेशन के ज़रिए समुद्री जीवन से जुड़ी कई दिलचस्प जानकारियां देखने को मिलती हैं.

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नाइट मार्केट्स की चहल-पहल 

पॉप्युलर डेस्टिनेशन्स के साथ-साथ ताइवान अपने नाइट मार्केट्स के लिए काफ़ी लोकप्रिय है. दुनियाभर से लोग यहां के नाइट मार्केट्स का लुत्फ़ उठाने आते हैं. नाइट मार्केट्स में ताइवानी फूड से लेकर फैशन व स्टाइल से जुड़ी कई चीज़ें आप ख़रीद सकते हैं. ताइवान में 100 से भी ज़्यादा नाइट मार्केट्स हैं.

– अनीता सिंह

ताइवान: “हार्ट ऑफ एशिया” एक्साइटिंग वेकेशन डेस्टिनेशन्स (Taiwan: Heart of Asia, Exciting & Beautiful Vacation Destinations)

हार्ट ऑफ एशिया के नाम से मशहूर इस देश में चारों ओर विविधताओं का भंडार है. कहीं दूर-दूर तक फैले पहाड़ और झीलें प्राकृतिक छटा बिखेरती हैं, तो कहीं बड़ी-बड़ी इमारतें और स्मारक पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करते हैं. जहां एक ओर यहां के संग्रहालयों में इस देश के संपन्न इतिहास की झलक देखने को मिलती है, तो वहीं दूसरी ओर हाई स्पीड ट्रेन इनके आधुनिक अस्तित्व को दुनिया के सामने प्रस्तुत करती हैं. ताइवान की ऐसी ही कुछ ख़ूबियों और लोकप्रिय टूरिस्ट डेस्टिनेशन्स की यहां हमने एक झलक दी है.

 

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नेशनल म्यूज़ियम ऑफ मरीन बायोलॉजी एंड एक्वेरियम

यह ताइवान के पिंगटुंग काउंटी के शेशेंग टाउनशिप में स्थित है. ताइवान की धरती व समुद्र पर पाई जानेवाली अनेक प्रजातियों को देखने और समझने का यह म्यूज़ियम एक वर्च्युअल वर्ल्ड है. इस म्यूज़ियम में तीन एक्ज़िबिट्स हैं- वॉटर्स ऑफ ताइवान, कोरल किंगडम और वॉटर्स ऑफ द वर्ल्ड. इस म्यूज़ियम में 81 मीटर लंबा अंडरवॉटर टनल मूविंग ट्रैक है, जो एशिया का सबसे लंबा अंडरवॉटर
टनल है.

 

वॉटर्स ऑफ ताइवान

1 मिलियन गैलन पानी से बना यह टैंक हर पर्यटक को समुद्री जीवन को क़रीब से देखने का मौक़ा देता है. इसमें टच पूल्स भी हैं, जहां लोग स्टारफिश, क्रैब्स, सी कुकुंबर आदि को छूकर देख सकते हैं.

कोरल किंगडम

यहां आप कई वेरायटी के कोरल रीफ देख सकते हैं, साथ ही इसमें अंडरवॉटर टनल और डुबा हुआ जहाज लोगों को आकर्षित करता है.

वॉटर्स ऑफ द वर्ल्ड

इस एक्ज़िबिट में पर्यटकों को थ्रीडी एनिमेशन के ज़रिए समुद्री जीवन से जुड़ी कई दिलचस्प जानकारियां देखने को मिलती हैं. इसमें एंशियंट ओशियन, केल्प फॉरेस्ट, डीप सी, पोलार सी और बच्चों के लिए डिस्कवरी ज़ोन भी हैं.

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चियांग कई शेक मेमोरियल हॉल

 

नेशनल चियांग कई शेक मेमोरियल हॉल रिपब्लिक ऑफ चाइना के पूर्व राष्ट्रपति चियांग कई शेक की याद में बनाया गया है. ताइपेई के ज़ोंगज़िंग ज़िले में स्थित यह ताइवान की राष्ट्रीय धरोहर है. इसमें एक लाइबे्ररी और म्यूज़ियम है, जहां चियांग कई शेक की जीवन गाथा, चीन का इतिहास, ताइवान का इतिहास और उसके विकास को देखा जा सकता है. दर्शकों के लिए यह एक सुनहरा मौक़ा होता है, जब उन्हें ताइवान के साथ-साथ चीन के इतिहास की झलक भी देखने को मिलती है. इस धरोहर के चारों तरफ़ गार्डन है. साथ ही इसमें नेशनल थियेटर और नेशनल कॉन्सर्ट हॉल भी है.

 

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फोर्ट प्रोविंशिया (चिहकन टावर्स)

ताइवान के ताइनान में स्थित फोर्ट प्रोविंशिया ताइवान की सबसे पुरानी व ऐतिहासिक इमारत है. यह चिहकन टावर्स के नाम से भी प्रसिद्ध है. 1653 में पुर्तगालियों द्वारा बनवाई गई यह इमारत ताइवान के उपनिवेशवाद के समय को दर्शाती है. सन 1945 में इसका नाम बदलकर चिहकन टावर्स रख दिया गया, जो पुर्तगालियों के यहां आने से पहले इस स्थान का नाम था.

 

‘हार्ट ऑफ एशिया’ ताइवान के लिए एक्सक्लूसिव ट्रैवेल गाइड

हार्ट ऑफ एशिया के नाम से मशहूर इस देश में चारों ओर विविधताओं का भंडार है. कहीं दूर-दूर तक फैले पहाड़ और झीलें प्राकृतिक छटा बिखेरती हैं, तो कहीं बड़ी-बड़ी इमारतें और स्मारक पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करते हैं. जहां एक ओर यहां के संग्रहालयों में इस देश के संपन्न इतिहास की झलक देखने को मिलती है, तो वहीं दूसरी ओर हाई स्पीड ट्रेन इनके आधुनिक अस्तित्व को दुनिया के सामने प्रस्तुत करती हैं. ताइवान की ऐसी ही कुछ ख़ूबियों और लोकप्रिय टूरिस्ट डेस्टिनेशन्स की यहां हमने एक झलक दी है.

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फो गुआंग शैन बुद्धा मेमोरियल सेंटर

 

आधुनिकता व प्राचीनता का संगम, पूर्व और पश्‍चिम की संस्कृति और सभ्यता की झलक लिए फो गुआंग शैन बुद्धा मेमोरियल सेंटर के मुख्य हॉल में चार स्तूप हैं, जो बोध गया के महाबोधी मंदिर की याद दिलाते हैं. भगवान बुद्ध की विशाल मूर्ति पर्यटकों को सम्मोहित कर देती है. इस सेंटर में भगवान बुद्ध की जीवनगाथा, बौद्ध धर्म को दर्शाती आर्ट गैलरीज़, फो गुआंग शैन का ऐतिहासिक म्यूज़ियम, बौद्ध धर्म से जुड़े त्योहारों आदि की मनोहर झलक देखने को मिलती है. चाइनीज़ पैलेस स्टाइल में बनी यहां की इमारतें पर्यटकों को काफ़ी लुभाती हैं. यहां मौजूद 8 पगौड़ा भगवान बुद्ध के पवित्र मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित करते हैं. तालाब के बीचोबीच बने दो मंज़िला गुंबजदार इमारतें यहां की पवित्र शांति को पर्यटकों के दिलों में उतार देती हैं. मानसिक शांति की तलाश में अक्सर लोग यहां आते हैं. अगर आप भी भगवान बुद्ध की जीवनी, उनके ज्ञान और शिक्षा को समझना चाहते हैं, तो
यहां एक बार ज़रूर आएं.

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तायपेई 101

 

दुनिया की सबसे ऊंची इमारत का ख़िताब सालों तक अपने नाम 1रखनेवाली तायपेई 101 ताइवान की मशहूर स्काई हाई है. 508 मीटर लंबा यह टावर ताइवान का फाइनेंशियल सेंटर है, जिसमें 101 फ्लोर हैं. हालांकि इसमें कुल 106 फ्लोर हैं, पर 5 फ्लोर अंडरग्राउंड हैं, इसलिए यह 101 के नाम से ही मशहूर है. 2003 में बना यह टावर 2004 से 2010 तक दुनिया का सबसे ऊंचा टावर रहा है. यह टावर कितना ऊंचा होगा, इसका अंदाज़ा इसी बात से लगाया जा सकता है कि 30 किलोमीटर दूर पहाड़ियों से भी इस टावर को देखा जा सकता है.
इस टावर में कुल 50 एलिवेटर्स हैं, जो 1010 मीटर/प्रति मिनट की स्पीड से चलते हैं. इस टावर में एंटी-अर्थक्वेक स्ट्रक्चर्स का इस्तेमाल किया गया है, ताकि किसी भी तरह के भूकंप के झटकों को यह आसानी से सह सके. दुनिया की सबसे ऊंची इमारत के लिए 2011 में इसे यूएस ग्रीन बिल्डिंग काउंसिल के लीडरशिप इन एनर्जी एंड एंवायरन्मेंटल डिज़ाइन की तरफ़ से प्लेटिनम सर्टिफिकेट दिया गया.

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ताइवान: हार्ट ऑफ एशिया (Taiwan: Heart of Asia)

एशिया का दिल कहे जानेवाले इस देश में चारों ओर विविधताओं का भंडार है. कहीं दूर-दूर तक फैले पहाड़ और झीलें प्राकृतिक छटा बिखेरती हैं, तो कहीं बड़ी-बड़ी इमारतें और स्मारक पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करते हैं. जहां एक ओर यहां के संग्रहालयों में इस देश के संपन्न इतिहास की झलक देखने को मिलती है, तो वहीं दूसरी ओर हाई स्पीड ट्रेन इनके आधुनिक अस्तित्व को दुनिया के सामने प्रस्तुत करती हैं. ताइवान की ऐसी ही कुछ ख़ूबियों और लोकप्रिय टूरिस्ट डेस्टिनेशन्स की यहां हमने एक झलक दी है.

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सन मून लेक

सन मून लेक ताइवान की सबसे बड़ी और सबसे ख़ूबसूरत झील है. चारों ओर पहाड़ों से ढंकी व कोहरे के धुंध से घिरी इस झील के ऊपर से जब काले बादल तैरते हुए जाते हैं, तो लगता है, जैसे किसी चित्रकार की बेहतरीन चित्रकारी का नमूना सजीव हो उठा हो. हर साल लाखों की संख्या में लोग इस झील को देखने आते हैं. दरअसल, जब आप इस झील को पूरब की ओर से देखते हैं, तो यह सूरज के आकार की दिखाई देती है, जबकि पश्‍चिम की ओर से देखने पर इसका आकार अर्द्ध चंद्र जैसा दिखाई देता है, इसीलिए इस लेक का नाम सन मून लेक पड़ा है.
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दुनियाभर से नए शादीशुदा जोड़े इस झील पर अपनी नई ज़िंदगी की ख़ूबसूरत शुरुआत करने आते हैं, जिसके कारण यह ङ्गहनीमून लेकफ और ङ्गलवर्स लेकफ के नाम से भी जानी जाती है. हांलाकि सन-मून लेक में स्विमिंग की मंज़ूरी नहीं है, पर सालाना यहां 3 किलोमीटर का स्विमिंग कार्निवल मनाया जाता है, जिसमें हज़ारों की संख्या में लोग हिस्सा लेते हैं. इसी समय यहां लेज़र शोज़ और कॉन्सर्ट्स किए जाते हैं.

 

द नेशनल पैलेस म्यूज़ियम

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तायपई शहर में स्थित इस म्यूज़ियम में 5000 साल पुरानी कई ऐतिहासिक धरोहर सहेजकर रखी गई हैं. इसमें हर तरह की पेंटिंग्स, दुर्लभ व मूल्यवान ऐतिहासिक दस्तावेज़, क़िताबें, मिट्टी से बनी चीज़ें, विविध कलाकृतियां, जेड और तांबे से बनी अनूठी कलाकृतियां देखने को मिलेंगी. म्यूज़ियम में रखी लगभग 6 लाख 20 हज़ार से अधिक धरोहर व नमूने दुनियाभर के पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र रहती हैं. अगर आपको ऐतिहासिक कलाकृतियों को देखने का शौक़ है, तो द नेशनल पैलेस म्यूज़ियम आपके लिए परफेक्ट टूरिस्ट स्पॉट है.

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