tips

ख़ूबसूरत तो हम सभी दिखना चाहते हैं, ऐसे में अगर कुछ छोटी-छोटी बातों का ख़्याल रखा जाए, तो ख़ूबसूरत बने रहना मुश्किल नहीं होगा. इन ब्यूटी बेसिक्स को समझिए और अपने ब्यूटी रूटीन में शामिल कर लीजिए, ताकि आप दिखें ब्यूटीफुल और सुपरकूल!

बदलें अपना ब्यूटी रूटीन: मौसम को देखते हुए हमारा शरीर भी बदलाव की डिमांड करता है. ऐसे में मौसम को देखते हुए अपने ब्यूटी रूटीन को प्लान करें, जैसे- सर्दियों में ज़्यादा मॉइश्‍चराइज़िंग क्रीम व लोशन्स अपनी ब्यूटी लिस्ट में शामिल कर लें और गर्मियों में एसपीएफ का इस्तेमाल ज़रूर करें.

बाउंसी और कर्ली बाल के लिए: अगर आपके बालों में नेचुरल कर्ल्स हैं, तो उन्हें हेयर ब्रश से ब्रश न करें. बेहतर होगा कि उंगलियों से ही सुलझाएं, इससे उन्हें बाउंस मिलेगा.

नेलपेंट रिमूव करना है, पर रिमूवर नहीं है, तो कैसे करें: आपको नेलपेंट रिमूव करनी है, लेकिन नेल पेंट रिमूवर ख़त्म हो गया तो एक कोट नेलपेंट लगाकर फ़ौरन कॉटन से रिमूव करें. इससे पुरानी नेल पॉलिश भी निकल जाएगी.

बेवजह सप्लीमेंट्स न लें: अच्छी स्किन और बालों की चाह में अक्सर लोग सप्लीमेंट्स का सहारा लेते हैं, लेकिन बिना डॉक्टरी सलाह के यह ख़तरनाक हो सकता है. कुछ तरह के विटामिन्स और मिनरल्स को मिक्स करने पर उनका विपरीत प्रभाव भी पड़ सकता है.

ब्लश ऑन का ज़्यादा इस्तेमाल न करें: ब्लश ऑन आपकी ब्यूटी को भले ही बड़ा देता है, लेकिन अगर यह बहुत ज़्यादा हो जाए, तो आर्टिफिशियल लुक मिलेगा. ब्लश हमेशा ही सोच-समझकर लगाएं. दो उंगलियों जितनी चौड़ाई रखें, नाक से दूर और स़िर्फ गालों के उभार पर ही अप्लाई करें. इससे नेचुरल लुक मिलेगा.

Basic Beauty Rules

हेयरकलर को फेड होने से बचाएं: महीने में एक बार डीप कंडीशनिंग ट्रीटमेंट करवाएं. इससे कलर लॉक हो जाएगा और बाल भी ड्राय व डैमेज होने से बचेंगे, क्योंकि हेयरकलर जब फेड होने लगता है, तो वो बहुत भद्दा लगने लगता है.

बालों को फुल और बाउंसी दिखाने के लिए करें हेयर लिफ्ट: ब्लो ड्राई करने से पहले बालों की जड़ों में वॉल्युमाइज़िंग स्प्रे लगाएं, उसके बाद ब्लो ड्राई करें.

हफ़्ते में एक बार क्लैरिफाई शैंपू ज़रूर यूज़ करें: क्लैरिफाइंग शैंपू से डैंड्रफ, केमिकल्स से जमा हुआ वेस्ट निकल जाएगा और बालों की शाइन वापस आएगी. यह स्काल्प को भी हेल्दी रखता है. हफ़्ते में एक बार यह ज़रूर यूज़ करें. 

दोमुंहे बाल यानी स्प्लिट एंड्स का इंस्टेंट सॉल्यूशन: दोमुंहे बालों को छिपाने का कारगर तरीक़ा है कि बालों को आयरन करने या ब्लो ड्राय से पहले भी और बाद में भी हैवी हेयर रिपेयर क्रीम लगाएं. इससे मॉइश्‍चर लॉक हो जाएगा और दोमुंहे बाल नज़र नहीं आएंगे.

Basic Beauty Rules

अगर आपके बाल चिपचिपे हैं, तो ये करें: बाल अगर ग्रीसी या चिपचिपे हैं, तो कंडीशनर को बालों की जड़ों में अप्लाई न करें. बेहतर होगा कि आप बालों के सिरों पर हैवी मॉइश्‍चराइज़िंग क्रीम लगाएं. 

अगर स्किन ऑयली है, तो कैसे मैनेज करें: ज़्यादा ऑयल फील होने पर ब्लॉटिंग पेपर का इस्तेमाल करें. इससे सारा एक्सट्रा ऑयल तो वो सोख ही लेगा, साथ ही ऑयल सेक्रिशन को भी कम करेगा और आपको फ्रेश लुक मिलेगा. 

अनचाहे बालों से छुटकारा पाने के लिए करें सही तरी़के से शेविंग: अनचाहे बालों से छुटकारा पाने के लिए अगर शेव करना हो, तो कुछ देर तक गुनगुने पानी से स्किन को वॉश करें. इससे फॉलिकल्स खुल जाते हैं और शेव अच्छी व आसान होती है. इसके अलावा शेविंग के बाद होनेवाले रैशेज़ से भी आप बच जाते हैं. 

फाउंडेशन का राइट शेड पहचानें: फाउंडेशन सिलेक्ट करना हो, तो उसे जॉ लाइन के पास अप्लाई करके देखें और वो भी नेचुरल लाइट में. आपके चेहरे की स्किन टोन आपकी गर्दन की नेचुरल स्किन टोन से बहुत ज़्यादा अलग नहीं होनी चाहिए. अगर आपको लगता है कि वो पैची नहीं लग रहा, तो आपका सही शेड वही है. 

Basic Beauty Rules

रेग्युलर एक्सफॉलिएट करें: फ्रेश लुक के लिए ज़रूरी है डेड स्किन और टॉक्सिन्स निकल जाएं.  आप रोज़ाना धूल-मिट्टी को सहते हैं, तो ऐसे में रोज़ाना एक्सफॉलिएट करना भी ज़रूरी है. लेकिन यह बहुत ही माइल्ड होना चाहिए. 

ऑयली स्किन को ओवर क्लीन न करें और उस पर भी ऑयल ज़रूर करें अप्लाई: जी हां, यह सच है, क्योंकि स्किन क्लींज़िंग के लिए या मेकअप रिमूव करने के लिए भी ऑयल बेस्ड प्रोडक्ट के इस्तेमाल से आपकी नेचुरल स्किन और अच्छी बनेगी. ओवर क्लींनिंग से तेल-ग्रंथियां ज़्यादा तेल का निर्माण करने लगती हैं, जिससे स्किन और ऑयली हो सकती है.

स्किन की नमी और सॉफ्टनेस के लिए: नहाने के फ़ौरन बाद स्किन पर कोई मॉइश्‍चराइज़िंग क्रीम या लोशन ज़रूर लगाएं, क्योंकि पानी से स्किन के नेचुरल ऑयल धुल जाते हैं. ऐसे में नमी बरक़रार रखने और स्किन को ड्राई होने से बचाने केलिए क्रीम लगाना बेहद ज़रूरी है. शरीर जब हल्का गीला हो, तो मॉइश्‍चराइज़ करना बेहतर होता है. इससे मॉइश्‍चर स्किन में लॉक हो जाता है. 

अपने लुक को लॉक करें: जब भी आप क्रीम बेस्ड प्रोडक्ट यूज़ करें, चाहे लिपस्टिक या फाउंडेशन, तो ऊपर से ड्राई फेस पाउडर ज़रूर अप्लाई करें. इससे मेकअप या आपका लुक लॉक हो जाएगा. इसी तरह क्रीम ब्लश के बाद भी उस पर पाउडर ब्लश अप्लाई करें. न स़िर्फ आपका लुक लॉक होगा, बल्कि आपको मिलेगा क्लीन और फ्रेश लुक और मेकअप ज़्यादा समय तक टिकेगा. 

Basic Beauty Rules

सेक्सी और फुलर लिप्स के लिए: अगर आपके लिप्स पतले हैं और आप उन्हें फुल और सेक्सी दिखाना चाहती हैं, तो न्यूट्रल टोन की लिप लाइनर पेंसिल से लिप्स की नेचुरल लाइन से बाहर लाइन ड्रॉ करें. लिपस्टिक अप्लाई करें. यहां यह ध्यान रखें कि आउटलाइन नेचुरल लाइन बहुत ज़्यादा भी बाहर न हो. चाहें तो लिपग्लॉस अप्लाई करें या फिर ग्लास का एक डॉट सेंटर में लगाएं. 

फेक आईलैशेज़ पर भी मस्कारा लगाएं: इससे आपको मिलेगा नेचुरल लुक, क्योंकि फेक आईलैशेज़ आपके नेचुरल लैशेज़ के साथ ब्लेंड हो जाएंगे और आंखें सुंदर नज़र आएंगी.

मस्कारा को फ्लेकी होने से ऐसे बचाएं: अगर आपका मस्कारा अप्लाई करने के बाद सूखकर चेहरे पर यहां-वहां बिखर जाता है, तो यह सिग्नल है कि मस्कारा या तो पुराना हो गया या फिर आप उसे यूज़ करने के बाद सील पैक नहीं करतीं. हमेशा उसका कैप टाइट बंद करें, ताकि वो ज़्यादा समय तक चले और बिखरे भी नहीं और आपका लुक भी ख़राब न हो. 

हेयर इनग्रो से कैसे बचाव करें: विच हेज़ल या फिर एज़ुलेनयुक्त प्रोडक्ट अप्लाई करें. विच हैज़ल एक तरह का एंस्ट्रिंजेंट होता है और एज़ुलेन दरअसल गहरे नीले रंग काकैमोमॉइल एक्स्टैक्ट होता है. ये हर्बल रेमिडीज़ और कॉस्मेटिक्स दोनों में इस्तेमाल किए जाते हैं. इन्हें अप्लाई करने से इनग्रो से होनेवाली सूजन व जलन कम होगी. यह अप्लाई करने के बाद ट्वीज़र की मदद से इनग्रो हेयर को बाहर निकालें, पर उसे उखाड़ें नहीं, वरना वो दोबारा उसी तरह इनग्रो होगा. यह प्रोडक्ट्स आपको आसानी से एरोमा सेंटर, ब्यूटी क्लीनिक या केमिकल ऑयल सप्लायर्स के पास से मिल जाएंगे. आप इन्हें ऑनलाइन भी ख़रीद सकती हैं. 

इस तरह करें पेडिक्योर का ख़र्चा कम: अगर आप रोज़ाना अपने पैरों की नियमित देखभाल करेंगी, तो पार्लर में जाकर पेडिक्योर की ज़रूरत नहीं पड़ेगी. रोज़ाना नहाते समय एड़ियों को स्क्रब करें और नहाने के बाद पैरों पर मॉइश्‍चराइज़िंग क्रीम अप्लाई करें. इससे आपके पैर लंबे समय तक सुंदर बने रहेंगे और पेडिक्योर कम करना पड़ेगा.

Basic Beauty Rules

अलग से क्यूटिकल क्रीम की ज़रूरत नहीं, आपकी आई क्रीम भी कर सकती है ये काम: अलग से क्यूटिकल क्रीम ख़रीदने की बजाय ड्राई क्यूटिकल्स पर आई क्रीम लगाएं. यह उन्हें हाइड्रेट व मॉइश्‍चाइज़ करेगी और आपका ख़र्चा भी बचेगा. 

क्लीन लुक के लिए ब्रॉन्ज़र को यूं करें इस्तेमाल: ब्रॉन्ज़र लगाने से पहले उसमें दो-तीन ड्रॉप्स मॉइश्‍चराइज़िंग लोशन की मिक्स करके ब्लेंड करें और फिर ब्रॉन्ज़र को अप्लाई करें. इससे वो स्किन में अच्छी तरह से ब्लेंड हो जाएगा और स्किन को क्लीन लुक भी मिलेगा.

पिंपल्स से परेशान हैं, तो ये है इंस्टेंट सॉल्ूशन: पिंपल्स पर टूथपेस्ट लगाने से वो जल्दी सूखते हैं. आप माने या न माने, लेकिन यह सच है. बेहतर होगा कि व्हाइट टूथपेस्ट अप्लाई करें और अगर यह नहीं करना चाहतीं, तो ब़र्फ रगड़ें, इससे उसकी लालिमा कम हो जाएगी. 

चीकबोन को सेक्सी लुक देने के लिए: चीकबोन को और उभार व शेप देने के लिए ब्रॉन्ज़र सीधे-सीधे चीकबोन के नीचे अप्लाई करें. चाहें तो चीकबोन पर हाईलाइटर का इस्तेमाल भी कर सकती हैं. इससे आपका लुक अट्रैक्टिव लगेगा. 

मेकअप टूल्स को नियमित तौर पर क्लीन करें और बदलें भी: जो भी टूल्स हों, चाहे रेज़र, मेकअप ब्रश, फेस स्पॉन्ज आदि इन्हें इस्तेमाल करने के कुछ समय बाद ही इनमें बैक्टिरिया पनपने लगते हैं, ऐसे में अगर उन्हें नियमित रूप से साफ़ नहीं किया गया या बदला नहीं गया, तो स्किन इंफेक्शन या त्वचा संबंधी अन्या समस्या हो सकती है. बेहतर होगा हाईजीन का ख़्याल इनमें भी रखा जाए.

Basic Beauty Rules

मेकअप व ब्यूटी प्रोडक्ट्स को नियमित रूप से बदलते रहें: मेकअप टूल्स की तरह ही ब्यूटी प्रोडक्ट्स पर भी समय व बार-बार इस्तेमाल के साथ बैक्टिरिया जमा हो जाते हैं, इसलिए उनकी शेल्फ लाइफ को ध्यान में रखते हुए उन्हें समय पर बदल दें और लंबे समय तक उन्हें इस्तेमाल करने से बचें. 

एक्सपेरिमेंट करने से बचें और फेक ब्यूटी लेबल्स के दावों के झांसे में न आएं: कोई भी प्रोडक्ट अगर इंस्टेंट ग्लो या गोरापन का दावा करता है या यह दावा करता है कि वो पूरा दिन सन प्रोटेक्शन देगा, तो ज़रूरी नहीं कि सच में वो ऐसा करिश्मा कर दिखाएगा. इसलिए स्किन प्रोडक्ट्स में बहुत ज़्यादा एक्सपेरिमेंट न करके वही यूज़ करें, जो आपको सूट करता हो. कोई भी नया प्रोडक्ट मार्केट में आता है, जो ज़रूरी नहीं कि आपको भी वो सूट करे, बेहतर होगा जिस ब्रांड को आप ट्रस्ट करती हैं और जिससे आपको अब तक कोई परेशानी नहीं हुई उसी पर स्टिक करें. 

एक्सपायरी डेट ज़रूर चेक और एक्सपायर्ड प्रोडक्ट्स यूज़ न करें: अक्सर हम ब्यूटी या मेकअप प्रोड्क्ट्स में उन्हें ख़रीदते समय इतना एक्साइटेड रहते हैं कि एक्सपायरी डेट तक चेक नहीं करते, जबकि ऐसा न करना काफ़ी ख़तरनाक और रिस्की हो सकता है, ये आपकी स्किन व अन्य पार्ट्स को डैमेज तक कर सकता है, इसके अलावा अधिकांश महिलाओं की आदत होती है कि वो जब तक प्रोडक्ट पूरा ख़त्म नहीं हो जाता, उसे यूज़ करती ही रहती है, फिर चाहे उसकी शेल्फ लाइफ उतनी न हो, इस लालच से ख़ुद को बचाएं, क्योंकि ये काफ़ी रिस्की है. आपकी स्किन, लिप्स, बाल और आंखें तक दाव पर लग सकती हैं. अवेयर रहें, अलर्ट रहें और ज़िम्मेदारी से काम लें. 

बिट्टू शर्मा 

यह भी पढ़ें: 50+ ब्यूटी ट्रिक्स और टिप्स, जो आपकी डेली ब्यूटी प्रॉब्लम्स को फटाफट करेंगे सॉल्व! (50+ Beauty Tricks And Tips To Solve Daily Beauty Problems)

कोई भी रिश्ता हो, वो कुछ न कुछ चाहता है, कुछ वादे, कुछ सपने, कुछ शर्तें, तो कुछ सामंजस्य व बदलाव भी… रिश्ते एक तरह से ख़ूबसूरत बंधन होते हैं… लेकिन ये बंधन तब तक ही अच्छे लगते हैं, जब तक आप इनमें बंधकर भी एक सुकून व ख़ुशी महसूस करते हैं, लेकिन जब यही बंधन बोझ लगने लगे, तो समझ जाएं कि आप कुछ ज़्यादा ही बंध गए हैं और अपने रिश्तों को पाने और जीने के लिए आप ख़ुद को खाते जा रहे हैं और ख़ुद के लिए जीना तक भूलते जा रहे हैं. जब कभी ऐसी नौबत आ जाए, तो एक बार रुक जाएं, ठहर जाएं और सोचें ज़रूर कि क्या इस तरह से रिश्ते आगे बढ़ पाएंगे और कब तक आप अपनी तरफ़ से इन्हें आगे बढ़ा पाएंगे?

– यह सच है कि रिश्तों में कभी अपनी पसंद पर, तो कभी अपनी ख़्वाहिशों से कॉम्प्रोमाइज़ करना पड़ता है, क्योंकि रिश्तों का दूसरा नाम ही एडजेस्टमेंट है. 
– रिश्तों को निभाने के लिए कॉम्प्रोमाइज़ भी ज़रूरी है और बदलाव भी. आपको बदलना पड़ता है और इसमें कोई बुराई भी नहीं, लेकिन ऐसा करते-करते कहीं ऐसा न हो कि आपके लिए ये बदलाव बोझिल साबित होने लगें?
– आप ही अगर अपनी तरफ़ से हर बात पर समझौता करते हैं, तो ज़ाहिर है आप सामने वाले की अपेक्षाएं बढ़ा रहे हैं. 
– माना रिश्तों की उम्र बढ़ाने के लिए कई बातों पर, कई चीज़ों पर समझौता करना पड़ता है, लेकिन हर बात पर आपको ही समझौता करना पड़े, तो हर किसी की अपेक्षाएं बढ़ जाती हैं, उन्हें लगता है कि यह काम तो इसकी ज़िम्मेदारी है. 
– लेकिन एक व़क्त ऐसा आता ही है, जब आपके द्वारा किया गया यह एकतरफ़ा बदलाव भारी पड़ने लगता है और आप अपने ही फैसले पर पछताते हैं. 
– ज़ाहिर-सी बात है कि ये बदलाव अधिकांश मामलों में महिलाओं को ही करने पड़ते हैं, जिससे उन पर रिश्तों का बोझ, काम व ज़िम्मेदारियों का बोझ बढ़ता ही जाता है और उनसे उम्मीदें भी बढ़ती ही जाती हैं.
– लेकिन अक्सर महिलाएं अपने रिश्तों को पाने व बचाने के लिए ख़ुद को खो देती हैं.

Relationship Problems


– वो न स़िर्फ ज़िम्मेदारियों ओढ़ती चली जाती हैं, बल्कि अपनी हेल्थ, अपने निर्णय, अपने सपने और अपनी ख़ुशी तक को भूलती व कुर्बान करती चली जाती है. 
– अपने स्वास्थ्य को इतना नज़रअंदाज़ करने लगती है कि आगे चलकर उसे ही भारी पड़ता है.
– यहां तक कि ख़ुद बीमार भी हो जाए, तो उसे जल्दी ठीक स़िर्फ इसलिए होना होता है कि उसे अन्य घरवालों व घर के कामों की फिक्र होने लगती है. 
– वो बीमार होकर भी ख़ुद को अपराधबोध से ग्रस्त कर लेती है कि उसके स्वास्थ्य के चलते घरवालों को इतनी परेशानी झेलती पड़ रही है. 
– ये सब आख़िर कहां तक जायज़ है? आप रिश्तों को नहीं पा रही होती हैं, बल्कि ख़ुद को खो रही होती हैं, क्योंकि रिश्ते तो दोनों तरफ़ से बराबरी से निभाए जाएं और ज़िम्मेदारियों को बंटवारा भी बराबरी से हो, तभी रिश्तों का मतलब है, वरना वो बेमानी हैं. 
ऐसे में सवाल यह उठता है कि किया क्या जाए?
– शुरू से ही अपने काम व ज़िम्मेदारियों के प्रति क्लीयर रहें. 
– आप यह ज़रूर जताएं कि हां, आप बदलेंगी, लेकिन उतना ही सामनेवाले को भी बदलना होगा.

Relationship Problems


– हर बार और हर परिस्थिति में स़िर्फ आपसे ही बदलाव की उम्मीद न की जाए. 
– रिश्तों में संतुलन ज़रूरी है. स़िर्फ आप ही न बदलें, अपने पार्टनर व अन्य सदस्यों को भी कहें कि वो भी सहयोगपूर्ण रवैया अपनाकर आपका साथ दें. 
– रिश्ते व घर से जुड़ी सभी ज़िम्मेदारी ख़ुद न ओढ़ें. 
– अन्य लोगों को भी उनके ज़िम्मेदारियों का एहसास कराएं. ज़िम्मेदारियों को बांट दें. इसके लिए एक सभी घरवाले एक टाइम टेबल बना लें और फॉलो करें. 
– हर काम व हर बात प्यार से करें, ताकि किसी को बुरा भी न लगे, क्योंकि प्यार से भी बहुत कुछ किया और करवाया जा सकता है. 
– बेहतर होगा कि आप सबसे पहले पार्टनर से पहले बात करें, उन्हें विश्‍वास में लें, उनका सहयोग होगा और वो आपके लिए बदलेंगे, तो आसान होगा.

Relationship Warning


– कुछ बातों पर ना कहना भी सीखें. आप अगर शुरू से ही सभी को आदत डाल देंगी कि आप हर बात पर समझौता करने को तैयार हैं, तो हर बार आपसे ही उम्मीद की जाएगी.
– बेहतर होगा ख़ुद के लिए भी समय निकालें. अपने सपनों को भी उड़ान दें. आप ख़ुश रहेंगी, तभी तो बेहतर तरी़के से काम कर सकेंगी. हर बात पर अगर आप झुकती चली जाएंगी, तो ख़ुद को मुसीबत में ही डालेंगी.
– ख़ुद को पैंपर करें. सहेलियों के साथ मूवी या डिनर पर जाएं. ज़रूरी नहीं कि हर बार पति या बच्चों के साथ ही आप बाहर जाएं. 
– कभी खाना न बनाकर बाहर से मंगवाएं. 
– अपनी फिटनेस और ब्यूटी का भी पूरा ख़्याल रखें. 
– अगर आपसे हर बात की उम्मीद की जाती है, तो कभी-कभी उम्मीदें तोड़ना भी ज़रूरी है. 
– यह आपको तय करना है कि आपको कोई कैज़ुअली न ले. ख़ुद से प्यार करना सीखें. 
– आप भी दिनभर काम करती हैं, तो आपको भी आराम करने का पूरा हक है. अपने लिए वीकली ऑफ डिसाइड करें और घरवालों को भी बता दें. उस दिन खाना या तो कोई और बनाए या बाहर से मंगवाए इस पर चर्चा करके हर कोई अपने लिए ऑफ और काम करने की ज़िम्मेदारी बांट ले. 
– ज़रूरी नहीं सबकी फरमाइशें हर बार पूरी की जाएं. क्या कभी ऐसा भी हुआ है कि आपकी फरमाइशों पर किसी का ध्यान गया हो?
– आपने जितना भी रिश्तों को दिया है, क्या घरवालों को उसका एहसास भी है? अगर नहीं, तो एहसास आपको कराना होगा. 
– रिश्तों को बनाए व बचाए रखने की ज़िम्मेदारी सभी की होती है, तो ज़िम्मेदारी भी सभी को लेनी होगी. आप ही अपने सपनों को छोड़कर सब कुछ क्यों करती या करते चले जाएं?
– ये तमाम बातें स़िर्फ महिलाओं के लिए ही नहीं, बल्कि हर उस सदस्य के लिए हैं, जो अपना सब कुछ रिश्तों को दे देते हैं, लेकिन बदले में उन्हें सराहा तक नहीं जाता और जाने-अंजाने उनका फ़ायदा उठाया जाने लगता है और उन्हीं से उम्मीद की जाती है.

Relationship Problems


– जहां तक आप सहज महसूस करें और बात रिश्ते टूटने पर आ जाए, वहां कॉम्प्रोमाइज़ करने या दो क़दम पीछे हटने में भी बुराई नहीं, लेकिन अगर आपको निराशा और घुटन लगने लगे, तो अपने लिए ज़रूर सोचें, इसमें कोई बुराई नही. 
– अक्सर ऐसा भी होता है कि जो शख़्स उम्मीदें पूरी करता चला जाता है और एक व़क्त के बाद वो अपने लिए कुछ कहना या करना चाहता है, तो उसे स्वार्थी करार दिया जाता है, क्योंकि सबको यह लगने लगता है कि इसे तो हमारे लिए ही सब करना चाहिए, यही इसकी ज़िम्मेदारी है, तो ये अपने लिए कैसे सोच सकता है? 
– बेहतर होगा ऐसी सोच पनपने से पहले ही आप लोगों की उम्मीदें इतनी न बढ़ा दें और ख़ुद को इतना न खो दें कि दूसरे तो दूसरे ख़ुद आप भी ख़द को ढूंढ़ न पाएं. 
– दूसरों के स्वास्थ्य से पहले अपने स्वास्थ्य का भी ध्यान रखें, दूसरों के सपने ज़रूर पूरे करें, लेकिन अपने सपनों को पूरी तरह से दबा न दें. जीना न भूल जाएं, अपने लिए, ख़ुद को ख़ुश करने के लिए भी कुछ करें, ये स्वार्थ नहीं, बल्कि रिश्तों को पाने और ख़ुद को न खाने के लिए संजीवनी का काम करेगी. आगे आपकी मर्ज़ी.


– बिट्टु शर्मा

यह भी पढ़ें: रोमांटिक क्विज़: जानिए कितने रोमांटिक कपल हैं आप (Romantic Quiz: How Much Romantic Couple Are You)

ख़ूबसूरती को तो बस एक मुहब्बत भरी नज़र की ही ज़रूरत होती है. आपके हुस्न को कोई सराहे, इसके लिए ज़रूरी है अपने हुस्न की कशिश को बरक़रार रखा जाए. तो आप भी यह जाने लें उन ब्यूटी टिप्स को जिन्हें हर महिला को ज़रूर जानना चाहिए, ताकि आप बनी रहें हमेशा ब्यूटीफुल.

  • अपनी काजल पेंसिल को जेल आईलाइनर में बदलें. इसके लिए काजल पेंसिल को लाइटर की फ्लेम के सामने 10 सेकंड तक रखें और 15 सेकंड तक उसे ठंडा होने दें. उसके बाद उसे अप्लाई करें, फ़र्क़ अपने आप महसूस होगा.
  • किसी भी आईशैडो शेड को पॉप लुक देने के लिए अपनी अपर आईलिड को व्हाइट लाइनर से कवर करें. अगर आपका आईशैडो शीयर या लाइट शेड का है, तो व्हाइट आईलाइनर के ऊपर उसे अप्लाई करें. वो एकदम ब्राइट लुक देगा.
Beauty Tricks And Tips
  • लूज़ आईशैडो में पेट्रोलियम जेली मिक्स करके लिप ग्लॉस बनाएं. अगर आपको अपना कोई आईशैडो का शेड इतना पसंद है कि उसी कलर का लिप कलर भी आप चाहती हैं, तो उसे ही एक स्पून में पेट्रोलियम जेली के साथ मिक्स करके लिप पर अप्लाई करें.
  • पफी आईज़ और डार्क सर्कल्स को कवर करने का सबसे अच्छा तरीक़ा है कि अपने कंसीलर को आंखों के नीचे त्रिकोणाकार में अप्लाई करें, जिसका पॉइंट नीचे की तरफ़ गालों पर हो. उसके बाद इसे ब्लेंड करें. यह तरीक़ा न स़िर्फ सबसे बेहतर कवरेज देता है, बल्कि पूरे चेहरे को ब्राइट लुक देता है.
  • शीयर लुक के लिए फाउंडेशन को फिंगर टिप्स से अप्लाई करें और पॉलिश्ड लुक के लिए मेकअप ब्रश का इस्तेमाल करें.
  • फेस के सबसे शाइनी हिस्से (टी ज़ोन) पर हमेशा और बाकी हिस्से के मुकाबले सबसे पहले पाउडर अप्लाई करें. उसके बाद पूरे चेहरे पर हल्का पाउडर अप्लाई करें.
  • ब्रॉन्ज़र स़िर्फ चेहरे पर लगाने की बजाय गर्दन और गर्दन से नीचे जो भी खुला हिस्सा है, वहां भी अप्लाई करें. अप्लाई करने के बाद यह देख लें कि आपका स्किन कलर एक जैसा लग रहा है या नहीं.
  • ब्लश अप्लाई करते समय सबसे पहले स्माइल करें और फिर गालों के उभरे हिस्से पर अप्लाई करें. ब्लेंड करते व़क्त पहले कानों से ऊपर की दिशा की तरफ़ करें, उसके बाद नीचे जॉलाइन की तरफ़.
  • चेहरे को लिफ्ट करने के लिए हमेशा आईब्रो पेंसिल या पाउडर आईब्रो के ऊपरी भाग पर ही अप्लाई करें.
  • लिपस्टिक अप्लाई करने के बाद टिश्यू पेपर पर होंठों को प्रेस करें, ताकि एक्स्ट्रा लिप कलर हट जाए और पूरे होंठों पर कलर एक जैसा हो. उसके बाद वापस लिपस्टिक अप्लाई करें.
  • लिप कलर देर तक टिके इसके लिए होंठों पर पहले फाउंडेशन लगाएं और उसके बाद लिपस्टिक अप्लाई करें.
  • आंखों की लालिमा को कम करने के लिए आंखों में व्हाइट आईलाइनर लगाएं.
  • अगर आंखों का आकार बड़ा दिखाना हो, तो भी व्हाइट आईलाइनर अप्लाई करें.
  • अपना समर मेकअप हमेशा हल्का और नेचुरल ही रखें, वर्ना मेल्ट होकर वो आपका लुक ख़राब करेगा.
  • अपने नाख़ूनों को मज़बूत करने के लिए क्यूटिकल्स पर आई क्रीम लगाएं. आप जितना अधिक क्रीम लगाएंगी, नाख़ून उतने ही मज़बूत होंगे.
Beauty Tips
  • आई मेकअप को स्मज प्रूफ बनाने के लिए ब्लॉटिंग टिश्यू से आंखों के आसपास का एक्स्ट्रा ऑयल और एक्स्ट्रा मेकअप क्लीन कर लें. उसके बाद थोड़ा-सा क्रीम कंसीलर अप्लाई करें, ताकि मेकअप सेट रहे.
  • गर्मियों में हेयर कलर को फेड होने से बचाने के लिए हर हफ़्ते या 15 दिन में कंडीशनिंग ट्रीटमेंट लें.
  • ब्लश हमेशा नाक से दो उंगली की दूरी से लगाना शुरू करें.
  • मेकअप से पहले प्राइमर ज़रूर लगाएं.
  • अपने शिमर मेकअप को बैलेंस करें, जैसे- अगर आपका आई मेकअप शाइनी है, तो मैट लिपस्टिक लगाएं.
  • आपका मेनीक्योर अधिक समय तक चले, इसके लिए हर दो दिन में क्लीयर पॉलिश (बेस कोट) का पतला लेयर नेल्स पर लगाएं. नाख़ून अधिकतर ऊपर से टूटते हैं, तो वहां कोट थोड़ा ज़्यादा लगाएं.
  • होंटों को अटैक्टिव व पाउटी लुक देने के लिए ऊपर व नीचे के लिप्स के सेंटर में शिमरी ग्लॉस अप्लाई करें.
  • परफेक्ट कैट आई लुक के लिए आई लाइनर का ब्रश पतला होना चाहिए और ख़ासतौर से आगे से पॉइंटेड और अधिक पतला हो, तो लाइन ड्रॉ करने में आसानी होती है.
Beauty Tricks And Tips
  • बालों को ब्लो ड्राय करने से पहले वॉल्यूमाइज़िंग स्प्रे या लाइट जेल अप्लाई करें, ताकि बालों की जड़ों को थोड़ा लिफ्ट मिले. वॉल्यूम बढ़ाने के लिए बालों को ऊपर की तरफ़ ब्रश करें.
  • अगर पिंपल हो जाए, तो उसे छिपाने के लिए फ़ौरन टी ट्री ऑयल अप्लाई करें. इससे वो नज़र नहीं आएगा.
  • अगर रेड लिपस्टिक सिलेक्ट करनी हो, तो हमेशा अपनी स्किन टोन को ध्यान में रखकर ही उसका शेड सिलेक्ट करें. वॉर्म अंडरटोन के लिए वॉर्म कलर्स और कूल के लिए कूल रेड शेड्स सिलेक्ट करें.
  • मुंहासों से छुटकारा पाने के लिए ऐसा क्लींज़र सिलेक्ट करें, जिसमें सैलिसिलिक एसिड या बेंज़ॉइल परऑक्साइड हो.
  • जो भी सनस्क्रीन्स यह दावा करते हैं कि वो दिनभर आपको प्रोटेक्ट करते हैं और वॉटर रेज़िस्टेंस भी हैं, उनके दावे ग़लत होते हैं. बेहतर होगा चाहे कोई भी सनस्क्रीन हो, आप हर 2-3 घंटे में उसे अप्लाई करते रहें.
  • अपने टी ज़ोन से शाइन और एक्स्ट्रा ऑयल हटाने के लिए ब्लॉटिंग पेपर्स का इस्तेमाल करें. इससे आपको फ्रेशनेस भी महसूस होगी.
  • अगर आपको एलर्जी है और स्किन ड्राई है, तो हैवी फाउंडेशन की जगह टिंटेड मॉइश्‍चराइज़ का इस्तेमाल करें.
  • बालों को कर्ल करने जा रही हैं और चाहती हैं कि कर्ल ज़्यादा समय तक टिके, तो ध्यान रखें कि कर्लिंग से पहले बाल पूरी तरह से सूखे हों. बालों को हीट व डैमेज से बचाने के लिए जब वो हल्के गीले हों, तब हीट प्रोटेक्टेंट स्प्रे भी लगा लें.
  • चेहरे व शरीर की मृत त्वचा को हटाने के लिए स्क्रब का इस्तेमाल ज़रूर करें, लेकिन यह भी ध्यान रहे कि हफ़्ते में 2-3 बार से अधिक एक्सफोलिएट न करें. बेहतर होगा, सौम्य स्क्रब का इस्तेमाल करें. चेहरे व शरीर के लिए भी अलग-अलग स्क्रब ही यूज़ करें.
  • सोने से पहले अपना पूरा मेकअप ज़रूर हटा लें, वर्ना स्किन काफ़ी डैमेज होगी. अगर आप ऐसा नहीं करतीं, तो यह एजिंग प्रोसेस को भी तेज़ कर सकता है.
  • अगर आपकी स्किन पेल (पीली) है, तो बहुत अधिक ब्रॉन्ज़र के इस्तेमाल से बचें, क्योंकि यह आपको बहुत ही भद्दा लुक देगा. ग्लो लाने के लिए आप ब्रॉन्ज़र की जगह इल्युमिनेटिंग क्रीम या लाइट पाउडर का इस्तेमाल करें.
  • बालों को डैमेज होने से बचाने के लिए सल्फेट फ्री शैंपू का इस्तेमाल करें, क्योंकि सल्फेट हेयर क्यूटिकल्स को ड्राई करता है.
  • अगर आपके बाल तैलीय हैं, तो जड़ों में कंडीशनर कभी अप्लाई न करें. बेहतर होगा कानों के पास से लेकर सिरों तक कंडीशन करें.
Beauty Tricks
  • रोज़ाना शैंपू करने से बचें, क्योंकि इससे बाल ड्राई होंगे और आपका स्काल्प नमी को बनाए रखने के लिए और ज़्यादा तेल का निर्माण करेगा. बेहतर होगा आप बालों को स्टाइल करने के लिए ड्राई शैंपू का इस्तेमाल करें और यदि बाल अधिक तैलीय लगें, तो चोटी या पोनी करें.
  • अगर बालों का वॉल्यूम अधिक देर तक बनाए रखना है, तो बार-बार बालों में उंगलियां न डालें. इससे वो फ्लैट हो जाएंगे.
  • हमेशा एसपीएफ युक्त मॉइश्‍चराइज़र का ही इस्तेमाल करें, यहां तक कि सर्दियों में भी.
  • 6-8 हफ़्तों में बालों को ट्रिम करवाते रहें, ताकि दोमुंहे बाल न आएं और बाल हमेशा हेल्दी नज़र आएं.
  • अगर ट्रिम करवाने में देरी हो जाए, तो दोमुंहे बालों को छिपाने के लिए आयरन से बालों के सिरों को स्ट्रेट करें और हेयर रिपेयर क्रीम अप्लाई करें.
  • अपने मेकअप टूल्स और ब्रश को नियमित रूप से बदलती व साफ़ करती रहें, ताकि उन पर बैक्टिरिया आदि न पनपने पाए और उसकी वजह से आपको पिंपल्स व अन्य त्वचा संबंधी रोग न हो जाएं. गर्म पानी और माइल्ड सोप के घोल में ब्रशेज़ को डालें और फिर उन्हें सूखने दें.
  • अपने मेकअप बैग को भी समय-समय पर साफ़ करें, ताकि आप जान पाएं कि कौन-से प्रोडक्ट्स की एक्सपाइरी डेट निकल चुकी और कौन-सी चीज़ें आपके इस्तेमाल की नहीं हैं.
  • सर्दियों में बालों को रूखा होने से बचाने के लिए एवोकैडो ऑयल हेयर मास्क का इस्तेमाल करें.
  • गर्मियों में एसपीएफ युक्त लिप बाम का इस्तेमाल करें. यह होंठों के कालेपन को रोकेगा.
  • बेहतर होगा हैवी फाउंडेशन के प्रयोग से हमेशा बचें. अच्छे रिज़ल्ट के लिए लिक्विड फाउंडेशन को हल्के गीले मेकअप स्पॉन्ज की सहायता से लगाएं.
  • रोमछिद्रों में कसाव लाने के लिए पोर-मिनिमाइज़िंग फेस वॉश का इस्तेमाल करें और उसके बाद टोनर अप्लाई करें. ध्यान रखें कि टोनर अल्कोहल फ्री हो, वर्ना स्किन ड्राई होगी.
Beauty Tips
  • जब भी कोई क्रीम प्रोडक्ट यूज़ करें, जैसे- क्रीम आईशैडो या ब्लश, तो उसे लॉक करने के लिए ऊपर से ट्रांसल्युसेंट पाउडर ज़रूर अप्लाई करें.
  • फेस पर फ्रेश ग्लो के लिए हाइलाइटर या इल्युमिनेटर को चीक बोन्स के ऊपर और ब्रो बोन पर यानी आईब्रो के नीचे अप्लाई करें.
  • नेल पेंट जल्दी नहीं सूख रहा हो, तो कुछ देर बर्फ के पानी में नेल्स को डुबाकर रखें. इससे नेल पॉलिश जल्दी सूखेगी.
  • नेल पेंट या नेल आर्ट ट्राई करने से पहले नाख़ूनों पर ऑलिव ऑयल रब करें, इससे पॉलिश या डिज़ाइन नेल्स के बाहर लग जाए, तो उसे निकालना बेहद आसान होगा.
  • अपनी नेल पॉलिश को पॉप या और भी ब्राइट कलर देने के लिए नेल्स पर पहले व्हाइट पॉलिश का कोट लगाएं. इसके ऊपर जो भी कलर लगाएंगे, वो और भी ब्राइट लगेगा.
  • चिप्ड नेल्स को छिपाने का सबसे बेहतर तरीक़ा है कि उस पर ग्लिटर पॉलिश लगा लिया जाए.
  • आपकी लिपस्टिक देर तक टिके इसके लिए पहले लिप्स पर लिप लाइनर से अप्लाई करें यानी लिप लाइनर से लिप्स को फिल करें, उसके बाद लिपस्टिक लगाएं.
  • अपना लिप स्क्रब ख़ुद तैयार करें. शक्कर में नारियल का तेल या ऑलिव ऑयल मिलाएं और लिप्स पर कुछ देर मसाज करें. इससे आपके लिप्स को मिलेगी इंस्टेंट सॉफ्टनेस.

-कमलेश शर्मा

यह भी पढ़ें: क्या आपने लिपस्टिक का गलत शेड खरीद लिया है? उसे ऐसे इस्तेमाल करें (Have You Bought The Wrong Lipstick? Here’s How You Can Fix It And Use)

Health Benefits Of Grapes

खट्टे-मीठे स्वाद से भरपूर अंगूर सेहत के लिए काफ़ी फ़ायदेमंद होते है. है. अंगूर में पर्याप्त मात्रा में कैलोरी, फाइबर और विटामिन ई होता है. अंगूर में साइट्रिक एसिड, ग्लूकोज़, मैग्नीशियम जैसे कई पोषक तत्व भी पाए जाते हैं. अपने औषधीय गुणों के कारण अंगूर सेहत के लिए उपयोगी होने के साथ-साथ तुरंत एनर्जेटिक भी करता है. हेल्दी रखने के साथ ही अंगूर त्वचा और बालों के लिए भी फ़ायदेमंद है. अंगूर में मौजूद एंटी-ऑक्सीडेंट्स शरीर को न केवल कैंसर से, बल्कि अल्जाइमर और फंगल इंफेक्शन से लड़ने की ताक़त देता है. अंगूर मे प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट फैट, सोडियम, फाइबर, विटामिन सी और के, कैल्शियम, मैग्नीशियम और आयरन भरपूर मात्रा में होते हैं. सिरदर्द की समस्या के लिए भी अंगूर उपयोगी है. अंगूर बाल और स्किन को भी शाइनी बनाता है. फोड़े-फुंसी और पिंपल्स को दूर करने में भी मदद करता है. एनीमिया के मरीज़ों के लिए अंगूर बेस्ट मेडिसिन है.

घरेलू नुस्ख़े

  • ब्रेस्ट फीड करानेवाली महिलाओं को हर रोज़ सौ ग्राम अंगूर खाना चाहिए. इससे दूध बढ़ता है और मांएं अच्छी तरह से स्तनपान करा सकती हैं.
  • खून की कमी को दूर करने के लिए एक ग्लास अंगूर के रस में एक टेबलस्पून शहद मिलाकर पीने से खून की कमी दूर होती है और हीमोग्लोबिन को बढ़ाता है.
  • एक ग्लास अंगूर का जूस पीने से तुरंत चुस्ती-फुर्ती आती है और आप फ्रेश महसूस करते हैं. इसलिए कह सकते हैं कि इंस्टेंट एनर्जी के लिए अंगूर का सेवन करना चाहिए.
  • यदि एसिडिटी की समस्या हो, तो 2 मिलीलीटर पानी में पाव किलो अंगूर भिगोकर मसलकर छान लें. फिर इसमें एक चम्मच शक्कर मिलाकर पिएं. एसिडिटी में आराम मिलेगा.
  • यदि आपको थकान और कमज़ोरी महसूस होती है, तो 25 ग्राम अंगूर खा ले और उसके ऊपर आधा लीटर दूध पी लें. इससे न केवल थकान और कमज़ोरी दूर होगी, बल्कि एनर्जी लेवल भी बढ़ जाएगा.


यह भी पढ़ें: औषधीय गुणों से भरपूर लौकी के 31 बेहतरीन फ़ायदे…(31 Health Benefits Of Lauki Or Bottle Gourd)

  • यूरिन में गर्मी, जलन की परेशानी होने पर 50 ग्राम काले अंगूर को रातभर पानी में भिगोकर रखें. सुबह मसलकर छान लें. फिर इसमें थोड़ा-सा जीरा पाउडर मिलाकर पी लें. ऐसा करने से पेशाब की गर्मी दूर हो जाएगी.
  • यदि पथरी यानी स्टोन की समस्या है, तो अंगूर के बीज को पीसकर पाउडर बना लें. इस पाउडर को खाकर, इसके ऊपर एक ग्लास दूध पी ले. ऐसा करने से पथरी गल कर बाहर निकल जाएगी.
  • शरीर के किसी भी हिस्से से ख़ून निकलने पर एक ग्लास अंगूर के रस में दो टीस्पून शहद मिलाकर पिएं. इससे खून बहना बंद हो जाता है. साथ ही खून की कमी की प्रॉब्लम हो, तो वो भी दूर हो जाती है.
  • अंगूर भूख ना लगने की समस्या को भी दूर करती है. अंगूर में ग्लूकोज़, विटामिन ए पर्याप्त मात्रा में होता है, इसलिए अंगूर खाने से भूख बढ़ती है और पाचन शक्ति ठीक रहती है.
  • अंगूर के रस से गरारे करने से मुंह के छाले से राहत मिलती है.
  • उल्टी आने पर या जी मिचलाने पर अंगूर में कालीमिर्च पाउडर और नमक मिलाकर खाएं.
  • अंगूर को रात को पानी में भिगोकर सुबह इसमें शक्कर मिलाकर पीने से पेट की गर्मी दूर होती है.
  • खाने के आधे घंटे बाद अंगूर का रस पीने से ख़ून बढ़ता है.
  • मुट्ठीभर अंगूर खाने से या फिर आधा ग्लास अंगूर का रस पीने से तुरंत ऊर्जा मिलेगी और आप कम थका हुआ महसूस करेंगे.
  • कब्ज़ियत महसूस हो, तो 100 ग्राम अंगूर रोज़ खाएं या फिर ताज़ा अंगूर का आधा ग्लास जूस पिएं. यदि ताज़ा अंगूर न मिले, तो पानी में भिगोए किशमिश का सेवन भी किया जा सकता है. सुबह में खाली पेट भिगोए किशमिश को पानी का साथ ही खा लें.
  • अंगूर सुबह के वक़्त खाना या इसका जूस पीना फ़ायदेमंद रहता है. अंगूर में मौजूद चीनी शरीर को ऊर्जा प्रदान करती है. अंगूर दिनभर हाइड्रेट रहने में सहायता करता है. साथ ही सुबह के समय अंगूर खाने से पाचन अच्छा रहता है.


यह भी पढ़ें: पौष्टिकता से भरपूर दूध… (Benefits Of Milk…)

  • अंगूर का सेवन करना त्वचा के लिए भी बहुत फ़ायदेमंद होता है. इसका सेवन सनबर्न से भी छुटकारा दिलाता है. साथ ही त्वचा पर हुए निशानों को हल्का करने के लिए अंगूर का उपयोग किया जाता है.
  • नियमित रूप से अंगूर का सेवन करने पर बालों का झड़ना, रूसी से छुटकारा और बालों को घना बनाने में मदद मिलती है.
  • अंगूर में पोटैशियम मौजूद होता है, जो हाई ब्लड प्रेशर, हाई कोलेस्ट्रॉल और हृदय बीमारियों की रोकथाम या कम करने में मदद करता है. अंगूर का सेवन शरीर में हुई कुछ प्रकार की सूजन को कम करने में भी मदद करता है.

हेल्थ अलर्ट
अंगूर को पकाकर खाने से बचें, क्योंकि इससे पोषक तत्व नष्ट हो जाते हैं.
यदि अंगूर से बनी हुई लाल वाइन का सेवन कर रहे हैं तो इसका सेवन अधिक मात्रा में ना करें. स्त्रियों को एक दिन में एक ग्लास व पुरुषों को दो ग्लास से अधिक नहीं लेना चाहिए.
गहरे रंगवाले अंगूर शरीर में आयरन की मात्रा और थकान से लड़ने के लिए उतने सक्षम नहीं होते हैं, लेकिन हल्के और पीले रंग के अंगूर थकान को कम करने में श्रेष्ठ माने जाते हैं.
अंगूर के सही और भरपूर लाभ लेने के लिए इसे साबुत ही खाएं.
इसके ताज़े रस का ही सेवन करें.


यह भी पढ़ें: सोंठ- नेचुरल पेनकिलर (Dry Ginger- Natural Painkiller)

रिसर्च
हाल में हुए एक शोध के अनुसार, ब्रेस्ट कैंसर की रोकथाम में अंगूर का सेवन करना बेहद उपयोगी है. साथ ही दिल से जुड़ी बीमारियों के लिए भी ये ख़ासतौर से लाभदायक है.

– ऊषा गुप्ता

कोरोना के कारण महामारी के इस दौर में मास्क अब हर किसी के जीवन का एक अभिन्न हिस्सा बन चुका है, क्योंकि कोविड-19 महामारी में मास्क पहनना वायरस के प्रसार को रोकने का सबसे अच्छा तरीक़ा है. हेल्थ केयर प्रोफेशनल्स अब किसी भी मरीज़ की जांच के लिए मास्क पहनने लगे है. ये पूरा विश्व कर रहा है. आम जनता को भी कही भी जाने पर आज मास्क पहनने के अलावा कोई उपाय नहीं है, क्योंकि भारत जैसे घनी आबादीवाले देश में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना बहुत कठिन है.
इसके बारे में स्ट्रेटेजिक मेडिकल एफेयर एड्रोइट बायोमेड लिमिटेड के डायरेक्टर डॉ. अनिश देसाई का कहना है कि इस समय मास्क पहनना ज़रुरी है. लेकिन सही मास्क का भी पहनना बहुत आवश्यक है, जब आप बाहर जा रहे है, तो घंटों मास्क पहनकर रहना पड़ता है, जिससे सामान्य समस्या आ सकती है.

  • टाइट मास्क से चेहरे की त्वचा का डैमेज होना.
  • मास्क एरिया पर एक्ने का बढ़ना.
    खासकर हेल्थ केयर से जुड़े लोगों को टाइट मास्क पहनना पड़ता है. ऐसे में मास्कवाले जगह पर लाल धारियों का उभरना, इरीटेशन होना, पिम्पल्स का बढ़ना, स्किन का डार्क हो जाना आदि होता है. क्योंकि चेहरे की त्वचा नरम होती है और बार-बार मास्क के किनारों के रगड़ से उस स्थान पर इन्फ्लेमेशन होने लगता है. जिससे वहां की स्किन सेंसेटिव हो जाती है. सेंसरी नर्व्स एक्टिव हो जाते है. इसका अधिक प्रभाव सेंसेटिव स्किन पर पड़ता है. लोशन और क्रीम भी इसे कम करने में असमर्थ होता है.
    डॉक्टर अनिश कहते है कि असल में मास्क पहनने से त्वचा पर डायरेक्ट फ्रिक्शन होता है, जिससे इरीटेशन और इन्फ्लेमेशन का होता है. इसके अलावा मास्क अपने अंदर नमी, सेलाइवा, म्यूकस, ऑयल, गन्दगी और पसीने को बाहर आने से रोकती है. इससे माइल्ड से मॉडरेट एक्ने, एक्जिमा आदि कई त्वचा सम्बंधित बीमारियां हो सकती है. सेंसेटिव त्वचावाले व्यक्ति को फेशियल रेडनेस, रोजेसिया और स्केलिंग का सामना करना पड़ सकता है. ये अधिकतर उन व्यक्तियों को होता है, जिनकी स्किन अधिक सेंसेटिव हो या उनके आसपास नमी युक्त या अधिक शुष्क वातावरण हो.

इन बातों का रखें ख़ास ख़्याल…

  • मास्क त्वचा को चोट पहुंचाए बिना नाक और मुंह को अच्छी तरह से ढकी हुई होनी चाहिए, लेकिन टाइट न हो.
  • चेहरे को माइल्ड सोप से दिन में दो बार धोने की कोशिश करें.
  • अगर आप हेल्थ केयर से जुड़े नहीं है, तो मास्क लंबी अवधि के लिए पहनने से परहेज करें. जब आपको इसे पहनने की ज़रूरत न हो, तो अपना मास्क उतार दें, जैसे कि घर पर, अपनी कार चलाते समय.
  • मास्क के गीले हो जाने पर इसे उतारकर दूसरा पहने.
  • अगर आपको अधिक समय तक मास्क पहननी है, तो एक्स्ट्रा मास्क साथ में लें और इस्तेमाल किए हुए मास्क को एक अलग प्लास्टिक बैग में जमाकर घर आने पर अच्छी तरह से धोकर सुखा लें.
  • कॉटन के फेस मास्क त्वचा के लिए अच्छे होते हैं. इसे निकालने के बाद गर्म पानी और साबुन से धो लें.
  • मास्क उतारने के बाद हाइपो एलर्जेनिक माॅइश्चराइज़र चेहरे पर लगाए. ऑइंटमेंट बेस्ड माॅइश्चराइज़र न लगाएं, क्योंकि ये पसीने और ऑयल को अपने में समेटती है.
  • मास्क से स्किन इरीटेशन को कम करने के लिए नाक और सेंट्रल चीक के पास जहां नोजपीस होता है. वहां ठंडक पहुंचानेवाले क्रीम का प्रयोग करें.
  • त्वचा को हाइड्रेट रखने के लिए क्लींजिंग के बाद माॅइश्चराइज़ करें. ऑयल फ्री माॅइश्चराइज़र दिन में कई बार त्वचा की इन्फ्लेमेशन को कम करने के लिए प्रयोग करें.
  • स्क्रब और एक्सफोलिएटर्स का प्रयोग इस समय चेहरे पर न करें.
  • पेट्रोलियम जेली या माइल्ड क्रीम से त्वचा की ड्राईनेस को कम किया जा सकता है.
  • अगर ये सब करने के बाद भी कुछ समस्या आती है तो स्किन स्पेशलिस्ट से तुरंत संपर्क कर दवा लें.
  • मास्क पहनने से पहले भूलकर भी हैवी मेकअप या फाउंडेशन न लगाएं, क्योंकि इससे दाग़-धब्बे के अलावा एक्ने होने की संभावना बढ़ जाती है.

ऊषा गुप्ता

यह भी पढ़ें: हल्दी वाले दूध के ये 10 हेल्थ बेनिफिट्स नहीं जानते होंगे आप (10 Health Benefits Of Turmeric Milk)

Health Alert

फोरहेड रिंकल्स यानी माथे की झुर्रियां दूर करने के लिए डर्मेटोलॉजिस्ट और एस्थेटिक फिजिशियन डॉ. अजय राणा, जो आईएलएएमईडी (ILAMED) के संस्थापक और निदेशक है ने उपयोगी टिप्स बताएं.

  • इसके लिए नियमित रूप से चेहरे की मालिश करें. यह चेहरे के तनाव से राहत देती है और ब्लड फ्लो को बढ़ाती है. यह डेड सेल्स को भी हटाता है.
  • बोटॉक्स और इंजेक्टेबल फिलर्स गहरी रिंकल्स को ख़त्म करने के लिए लोकप्रिय विकल्प हैं.
  • अपनी स्किन को सूरज की हानिकारक किरणों से बचाएं. जब भी बाहर जाएं, तो डर्मटोलाॅजिस्ट की सलाह से बताए सनस्क्रीन का इस्तेमाल करें.
  • शरीर को आवश्यक पोषक तत्वों की ज़रूरत होती है, इसीलिए खाने में हेल्दी डाइट ले.
  • यह विषाक्त पदार्थों का मुक़ाबला करने और नए स्किन सेल्स को प्रोत्साहित करने के लिए
    एंटीऑक्सिडेंट की आपूर्ति भी करता है.
  • ग्लाइकोलिक एसिड एक अल्फा हाइड्रॉक्सी एसिड है, जिसका उपयोग स्किन को स्वस्थ, छोटी
    दिखनेवाली स्किन को प्रकट करने के लिए किया जाता है. इसीलिए एक्सफोलिएट के लिए
    ग्लाइकोलिक एसिड का इस्तेमाल करें, इससे रिंकल्स को कम किया जा सकता है.
  • चेहरे के भाव रिंकल्स के लिए एक बहुत बड़ा कारण हैं, चेहरा योग एक ऐसी तकनीक है, जो इन
    नकारात्मक प्रभावों को कम करने में मदद कर सकती है.
  • माथे के रिंकल्स को कम करने के लिए अपनी बॉडी को हमेशा हाइड्रेट रखें.

ऊषा गुप्ता

यह भी पढ़ें: नारियल तेल के 17 ईज़ी और अमेज़िंग ब्यूटी बेनीफिट्स (17 Amazing Beauty Benefits Of Coconut Oil)

Forehead Wrinkles

Tips To Look Slim In A Saree

साड़ी में कैसे नज़र आएं स्लिम? (Easy Tips To Look Slim In A Saree)

लिपटी है तुम्हारी काया जिस पैरहन में, समेटा है जैसे तुमने ख़ुद को शर्मोहया के दामन में… आंचल पर लिखा है शबाब… तुम्हारा हर अंदाज़ है लाजवाब… लिबास पर बिखरी हैं ढेरों ग़ज़ल, अंग-अंग पर खिले हैं लाखों कंवल… अपनी अदाओं में मत बांधों मेरे लफ़्ज़ों को, मेरा हर गीत महक जाता है… अपनी निगाहों से मत छुओ मेरी धड़कनों को, मेरा इश्क़ बहक जाता है… पलकों पर सजा लो मुझे, तुम्हारा ही ख़्वाब हूं मैं, जिसे ढूंढ़ रही हो कब से वही तो जवाब हूं मैं!

  • अगर आप भी इस डर से साड़ी पहनने से कतराती हैं कि कहीं आप उसमें मोटी न लगें, तो ट्राई करें ये टिप्स और साड़ी में भी नज़र आएं स्लिम… सेक्सी….अपनाएं ये ईज़ी ट्रिक्स
  • बड़े प्रिंटवाली साड़ी से बचें. छोटे प्रिंटवाली साड़ी सिलेक्ट करें. इसमें आप स्लिम नज़र आएंगी.
  • वर्कवाली साड़ी पहन रही हैं, तो ध्यान रखें कि डेलीकेट वर्कवाली साड़ी ही पहनें.
  • अगर आप स्लिम दिखना चाहती हैं तो शिफॉन, जॉर्जेट जैसा हल्का फैब्रिक ही चुनें.

Tips To Look Slim In A Saree

  • ऑर्गेन्जा, सिल्क, साउथ सिल्क में शरीर भारी दिखता है. ऐसे फैब्रिक से बचें.
  • डार्क कलर्स की साड़ी पहनकर भी आप स्लिम दिख सकती हैं. ऐसे में ब्राउन, ब्लैक, रेड और ब्लू रंग की साड़ी पहनें.
  • चौड़े बार्डर की साड़ी हैवी लुक देती है.
  • साड़ी में स्लिम नज़र आना चाहती हैं, तो हमेशा पतले बॉर्डरवाली साड़ी पहनें.
  • स्लीवलेस या शॉर्ट स्लीव्सवाले ब्लाउज़ अवॉइड करें. लॉन्ग स्लीव्स के ब्लाउज ही पहनें.
  • पल्लू को खुला छोड़ने की बजाय पिनअप करें. साथ ही पल्लू की प्लेट्स छोटी-छोटी बनाएं. इससे आप स्लिम दिखेंगी.
  • पतली-पतली प्लीट्स बनाएं, ताकि कमर और पेट के पास साड़ी फूली-फूली नज़र न आए.

यह भी पढ़ें: अनारकली ड्रेस ख़रीद रही हैं तो एक्सपर्ट्स के 10 फैशन टिप्स करेंगे आपकी मदद (10 Expert Anarkali Dress Shopping Tips For Every Woman)

Tips To Keep Vagina Healthy

रखें वेजाइनल हेल्थ का ख़्याल (Easy Tips To Keep Your Vagina Healthy)

जागरूकता की कमी और शर्म-झिझक के कारण महिलाएं अक्सर वेजाइनल हेल्थ (Vagina Health) को अनदेखा कर देती हैं. नतीजा उन्हें कई तरह की हेल्थ प्रॉब्लम्स (Health Problems) की तकलीफ़ झेलनी पड़ती है. इसलिए ज़रूरी है कि वेजाइना (Vagina) की हेल्थ का भी ख़्याल रखा जाए और इसके लिए सबसे ज़रूरी है वेजाइनल हाइजीन (Vaginal Hygiene) का ख़्याल रखना.

कैसे रखें हाइजीन का ख़्याल?

क्लीनिंग के लिए सोप का इस्तेमाल न करें
कई लोग वेजाइना क्लीन करने के लिए परफ्यूमयुक्त साबुन या वेजाइनल डूशिंग का इस्तेमाल करते हैं, जो वेजाइनल हेल्थ के लिए ठीक नहीं. दरअसल, वेजाइना हानिकारक बैक्टीरिया से सुरक्षा के लिए अपने अंदर एक पीएच बैलेंस, नमी और तापमान बनाए रखती है, लेकिन साबुन और वेजाइनल डूशिंग के इस्तेमाल से ये पीएच संतुलन बिगड़ जाता है, जिससे कई हेल्थ प्रॉब्लम्स हो सकती हैं. इसलिए ऐसा करने से बचें. इसकी बजाय सादे पानी का इस्तेमाल करें.

केमिकल्स का इस्तेमाल ना करें
वेजाइना में केमिकल बेस्ड क्रीम और लुब्रिकेशन का इस्तेमाल ना करें. वेजाइना सेल्फ लुब्रिकेटिंग होती है और इसमें नेचुरल नमी होती है, इसलिए आपको यहां आर्टिफिशियल लुब्रिकेंट इस्तेमाल करने की कोई ज़रूरत ही नहीं. अगर आप ऐसा करती हैं, तो इससे पीएच लेवल का संतुलन बिगड़ सकता है और बैक्टीरियल इंफेक्शन हो सकता है.

सेफ सेक्स संबंध बनाएं
अनसेफ सेक्स से आपको वेजाइनल इंफेक्शन हो सकता है, इसलिए सुरक्षित यौन संबंध बनाएं. सेक्स के दौरान प्रोटेक्शन का इस्तेमाल करें, ताकि आप एचआईवी, जेनिटल हर्पीस आदि बीमारियों से सुरक्षित रहें.

जेनिटल एरिया को ड्राई रखें
अधिक पसीना आने और हवा न लगने से जेनिटल एरिया में नमी के कारण हानिकारक बैक्टीरिया पनपने की संभावना होती है, जिससेे खुजली और रैशेज़ की समस्या हो सकती है, इसलिए जेनिटल एरिया को हमेशा ड्राई रखने की कोशिश करें. कॉटन की पैंटी ही पहनें, ताकि वो पसीना सोख सके. साथ ही गीली पैंटी पहनने से बचें.

किसी भी तरह के इंफेक्शन को नज़रअंदाज़ ना करें
वेजाइना में छोटे-मोटे इंफेक्शन को भी अनदेखा न करें. ये इंफेक्शन कई बार भविष्य में गंभीर समस्या बन सकते हैं. इसलिए आपको जैसे ही वेजाइना में कोई एब्नॉर्मेलिटी या इंफेक्शन महसूस हो, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें.
प्रोबायोटिक्स लेंः अपनी वेजाइनल हेल्थ को बरक़रार रखने के लिए बेहतर होगा कि अपने डायट में दही या प्रोबायोटिक्स शामिल करें. इंफेक्शन से लड़ने के लिए आपके वेजाइना को हेल्दी बैक्टीरिया की ज़रूरत होती है. प्रोबायोटिक्स से वेजाइना में अच्छे बैक्टीरिया बने रहेंगे और आपका मूत्राशय भी शेप  में रहेगा.

इन बातों का भी रखें ख़्याल

1. पब्लिक टॉयलेट के इस्तेमाल के समय हमेशा सतर्क रहें. एंटर होने से पहले फ्लश ज़रूर करें.

2. बहुत ज़्यादा टाइट पैंटी न पहनें. साथ ही बेहतर होगा कि रात में पैंटी निकालकर ही सोएं.

3. पैंटी की सफ़ाई किसी अच्छे डिटर्जेंट से करें.

4. पैंटी को अपने अन्य कपड़ों के साथ कभी न धोएं. उसे अलग से साफ़ करें.

5. पैंटी को हमेशा धूप में ही सुखाएं. इससे पैंटी बैक्टीरिया फ्री रहेगी.

6. रोज़ पहननेवाली पैंटी पर एक बार आयरन ज़रूर करें. आयरन की गर्मी से बैक्टीरिया पूरी तरह से ख़त्म हो जाते हैं और पैंटी इंफेक्शन से मुक्त हो जाती है.

7. पीरियड्स के दौरान हर छह घंटे के अंतराल पर पैड्स बदलें. इससे किसी तरह का इंफेक्शन होने का डर नहीं रहता.

8. डिटर्जेंट से धोने के बाद पैंटी को पानी में एंटीसेप्टिक की कुछ बूंदें डालकर ज़रूर साफ़ करें. ऐसा करने से आप फंगल या ऐसे किसी संक्रमण से सुरक्षित रहेंगी.

9. सिंथेटिक की बजाय कॉटन की पैंटी इस्तेमाल करें और पैंटी हर तीन महीने में चेंज करें.

10. एक्सरसाइज़ या धूप से आने के बाद पसीने से भीगी पैंटी को तुरंत बदल लें. नमी के कारण उसमें बैक्टीरिया पनपने का ख़तरा बढ़ जाता है.

11. वेजाइना को गुनगुने पानी से अच्छी तरह से साफ़ करें.

12. प्राइवेट पार्ट्स में टैल्कम पाउडर का इस्तेमाल न करें. इससे ओवेरियन कैंसर का ख़तरा बढ़ जाता है.

मेंस्ट्रुअल हाइजीन की 5 बातें
पीरियड्स के दौरान भी महिलाओं को हाइजीन का विशेष ध्यान रखना चाहिए. फर्टिलिटी संबंधी अधिकतर प्रॉब्लम्स की वजह पीरियड्स के दौरान हाइजीन का ख़्याल न रखना है, इसलिए पीरियड्स के दौरान हाइजीन से जुड़ी इन बातों का ख़्याल रखें.

1. सैनिटेशन का तरीक़ा: गांवों में आज भी लोग सैनिटरी पैड्स का इस्तेमाल नहीं करते, नतीजा उन्हें प्रजनन संबंधी कई तरह की प्रॉब्लम्स झेलनी पड़ती हैं, इसलिए पीरियड्स के दौरान सही सैनिटेशन का इस्तेमाल ज़रूरी है. आज मार्केट में कई तरह के साधन उपलब्ध हैं, जैसे- सैनिटरी नैपकिन, टैंपून्स और मैंस्ट्रुअल कप, ये पीरियड्स के दौरान हाइजीन का ध्यान रखते हैं.

2. रोज़ नहाएं: आज भी कई जगहों पर यह मान्यता है कि पीरियड्स के दौरान महिलाओं को नहाना नहीं चाहिए. लेकिन ये सही नहीं है, नहाने से न स़िर्फ बॉडी क्लीन होती है, बल्कि गर्म पानी से स्नान करने से पीरियड्स के दौरान होनेवाली ऐंठन, दर्द, पीठदर्द, मूड स्विंग जैसी परेशानियों से भी राहत मिलती है.

3. साबुन इस्तेमाल न करें: पीरियड्स के दौरान साबुन से वेजाइना की सफ़ाई करने पर अच्छे बैक्टीरिया के नष्ट होने का ख़तरा रहता है, जो इंफेक्शन का कारण बन सकता है. लिहाज़ा, इस दौरान वेजाइना की सफ़ाई के लिए सोप की बजाय गुनगुना पानी इस्तेमाल करें.

4. हाथ धोना ज़रूरी: सैनिटरी पैड, टैंपून या फिर मैंस्ट्रुअल कप बदलने के बाद हाथ ज़रूर धोएं. हाइजीन की इस आदत का हमेशा पालन करें. इसके अलावा इस्तेमाल किए गए पैड या टैंपून को पेपर में अच्छे से रैप करके डस्टबिन में ही डालें, फ्लश न करें.

5. अलग अंडरवियर यूज़ करें: पीरियड्स के दौरान अलग अंडरवियर का इस्तेमाल करें. इन्हें स़िर्फ पीरियड्स के दौरान ही इस्तेमाल करें और अलग से गुनगुने पानी और साबुन से धोएं. एक एक्स्ट्रा पैंटी साथ ज़रूर रखें, ताकि ज़रूरत पड़ने पर उसका इस्तेमाल किया जा सके.

हेल्दी वेजाइना के लिए ईज़ी एक्सरसाइज़
कीगल एक्सरसाइज़ः घुटने मोड़कर आराम की स्थिति में बैठ जाएं. अब पेल्विक मसल्स को टाइट करके स्क्वीज़ यानी संकुचित करें. 5 तक गिनती करें. फिर मसल्स को रिलीज़ कर दें. ध्यान रखें ये एक्सरसाइज़ भरे हुए ब्लैडर के साथ न करें. यूरिन पास करने के बाद ही करें.
लेग लिफ्टिंगः सीधे लेट जाएं. दोनों हाथ बगल में हों. अब एक पैर ऊपर उठाएं. थोड़ी देर इसी स्थिति में रहें. पूर्व स्थिति में आ जाएं. यही क्रिया दूसरे पैर से भी दोहराएं. अब दोनों पैरों को एक साथ लिफ्ट करके यही क्रिया दोहराएं. इससे पेल्विक एरिया के मसल्स मज़बूत होते हैं.
स्न्वैट्सः सीधे खड़े रहें. दोनों हाथ सामने की ओर खुले रखें. अब घुटनों को मोड़ते हुए ऐसे बैठें जैसे आप किसी कुर्सी पर बैठ रहे हों. थोड़ी देर इसी अवस्था में रहें. पूर्वस्थिति में आ जाएं.

– प्रतिभा तिवारी

Tricks To Sleep Better At Night

सुकूनभरी गहरी नींद के लिए अपनाएं ये स्मार्ट ट्रिक्स (Smart Tricks To Sleep Better At Night)

अगर आप भी बिस्तर पर पहुंचकर देर रात तक करवटें बदलते रहते हैं या फिर रात को बार-बार आपकी नींद (Sleep) खुल जाती है, तो इन छोटे-छोटे स्मार्ट ट्रिक्स (Smart Tricks) से आपकी यह समस्या (Problem) दूर हो जाएगी.

–    सोने से एक घंटे पहले कमरे में मौजूद सभी ब्लू लाइट्स को बंद कर दें. दरअसल जब रात को हम सोने जाते हैं, तो हमारे शरीर से मेलाटोनिन नामक हार्मोन का स्राव होता है, जो हमें सुकूनभरी नींद देता है, लेकिन मोबाइल, कंप्यूटर, टीवी, आईपैड और वीडियोगेम से निकलनेवाली ब्लू लाइट के कारण मेलाटोनिन का स्राव तुरंत बंद हो जाता है.

–    दोपहर के बाद कैफीन न लें. कैफीन आपकी नींद को प्रभावित करता है, क्योंकि उसे पचने में चार से छह घंटे का समय लगता है. अगर गहरी नींद चाहते हैं, तो शाम को चाय या कॉफी पीना छोड़ दें.

–    दिन में आधे घंटे से ज़्यादा की नींद आपके रात की नींद को डिस्टर्ब करती है. दरअसल, दिन में ज़्यादा देर तक सोने से हमारा बॉडी क्लॉक डिस्टर्ब हो जाता है, इसलिए रात की नींद ख़राब होती है. अगर दिन में नींद लेने की आदत है, तो स़िर्फ आधे घंटे का पावर नैप लें.

–    आपका बिस्तर भी आपकी नींद में बाधा डाल सकता है. अगर बेडशीट, गद्दे और तकियों की क्वालिटी ख़राब हो गई हो, तो वो भी आपको ठीक से सोने नहीं देंगे.

–    स्टडी में यह बात साबित हो चुकी है कि जो लोग रोज़ाना एक्सरसाइज़ करते हैं, उन्हें बाकी लोगों के मुक़ाबले अच्छी नींद आती है. इसलिए कोशिश करें कि कम से कम हफ़्ते में पांच दिन फिज़िकल एक्टिविटीज़ करें.

–    आप चाहें, तो अच्छी नींद के लिए एरोमा थेरेपी का भी इस्तेमाल कर सकते हैं. तकिये पर लैवेंडर एसेंशियल ऑयल स्प्रे करें. इससे नींद काफ़ी अच्छी आती है.

–    दिनभर का तनाव भी आपके मस्तिष्क को अशांत किए रहता है, जिसके कारण आप चाहकर भी सुकून से सो नहीं पाते. इसके लिए सुबह-शाम जब भी समय मिले थोड़ी देर मेडिटेशन करें. ध्यान मस्तिष्क को शांत करता है, जिससे आप गहरी नींद सो पाते हैं.

–    सोने से एक घंटे पहले ही बेडरूम की लाइट मद्धिम कर दें. इससे बॉडी को सिग्नल मिलता है कि सोने का व़क्त करीब आ रहा है.

–   बेड पर जाने से पहले पार्क या खुले में वॉक करें. पेड़-पौधे और खुली हवा आपके शरीर को रिलैक्स कर देते हैं, जिससे आप अच्छी तरह सो पाते हैं.

–    सोने से दस मिनट पहले गुनगुने पानी में पैरों को डुबोकर रखें. पैर गर्म रहने पर नींद जल्दी और अच्छी आती है.

–    गुनगुने सरसों के तेल से पैरों के तलवों में मालिश करें.

–    सोने से पहले गुड़ खाना भी फ़ायदेमंद होता है.

–    गुनगुना मीठा दूध पीने से भी अच्छी नींद आती है.

–    सोते समय नाभि में सरसों के तेल की कुछ बूंदें डालें.

यह भी पढ़ें: अगर ये 15+ लक्षण हैं तो फौरन थायरॉइड टेस्ट करवाएं (15+ Symptoms Of Thyroid)

 

Winter Health Care

सर्दियों में यूं रखें सेहत का ख़्याल (Winter Health Care)

ठंड का मौसम अपने साथ सर्दी-ज़ुकाम और कई तरह की एलर्जी (Allergies) और इंफेक्शन्स (Infections) लेकर आता है. ऐसे में ज़रूरी है कि आप अपना और अपनों का ख़ास ख़्याल रखें, ताकि सर्दियों (Winter) के सुहाने मौसम का लुत्फ़ उठा सकें.

विंटर हेल्थ प्रॉब्लम्स

सर्दी के मौसम में गठिया और अस्थमा के मरीज़ों की द़िक्क़तें काफ़ी बढ़ जाती हैं. किसी को सालभर पुरानी चोट परेशान करने लगती है, तो किसी को मसल पेन. इनके अलावा और

कौन-कौन-सी बीमारियां हैं, जो सर्दियों के मौसम में आपको परेशान कर सकती हैं, आइए जानें.

सर्दी-खांसी

सर्दी-खांसी एक आम समस्या है, लेकिन सर्दी के मौसम में यह आपको काफ़ी परेशान कर सकती है. यह  रोग काफ़ी संक्रामक होता है, इसलिए अगर घर में किसी को सर्दी है, तो वह  छींकते-खांसते व़क्त रुमाल का इस्तेमाल करे. बहती नाक, सीने में जकड़न, छींकें आना, सिरदर्द, गले में खराश और हल्का बुख़ार इसके लक्षण हैं.

होम रेमेडीज़

–    जिनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता कमज़ोर होती है, वे बार-बार सर्दी-ज़ुकाम से परेशान रहते हैं. ऐसे लोगों को, ख़ासतौर से सर्दियों में, आंवले का मुरब्बा खाना चाहिए.

–     आधा टीस्पून शहद में कुछ बूंदें नींबू का रस और चुटकीभर दालचीनी पाउडर मिलाकर दिन में दो बार लें.

–    गुनगुने नींबू पानी में शहद मिलाकर लेने से सर्दी-खांसी से राहत मिलती है.

–     सर्दी-खांसी से राहत पाने के लिए एक कप पानी में थोड़ी-सी अलसी मिलाकर उबालें. पांच मिनट बाद आंच से उतार लें. छानकर उसमें नींबू का रस और शहद मिलाकर पीएं.

–    घी में लहसुन की कुछ कलियां गरम करके खाएं. गरम-गरम लहसुन खाने से खांसी में काफ़ी राहत मिलती है.

–     रात को सोने पर खांसी की समस्या बढ़ जाती है, क्योंकि लेटने पर नाक में मौजूद कफ़ धीरे-धीरे गले तक जाने लगता है, जिससे खांसी बढ़ जाती है. इसके लिए बेहतरीन उपाय है कि आप सिर को थोड़ा ऊंचा रखें. इससे खांसी कम होगी और आप सो भी पाएंगे.

गले में इंफेक्शन

गले में खिचखिच और ड्राईनेस, जो धीरे-धीरे दर्द का कारण बनता है, यह गले के इंफेक्शन के कारण होता है. मौसम में आई ठंडक और इंफेक्शन्स के कारण ऐसा होता है.

होम रेमेडीज़

–    इसके लिए हमारी दादी-नानी का फेवरेट नुस्ख़ा है गरारा करना. गुनगुने पानी में चुटकीभर नमक डालकर गरारा करने से बैक्टीरिया निकल जाते हैं, जिससे गले की खराश से छुटकारा मिलता है. इसे दिन में दो-तीन बार करें.

–     हल्दीवाला दूध भी एक ऐसा ही रामबाण नुस्ख़ा है. यह गले की सूजन और दर्द से राहत दिलाता है. बार-बार होनेवाली खांसी में भी हल्दीवाला दूध काफ़ी राहत पहुंचाता है.

–     एप्पल साइडर विनेगर को आप हर्बल टी या गरारेवाले पानी में डालकर इस्तेमाल करें.

–     लहसुन की एक कली चूसने से भी गले के इंफेक्शन और दर्द से राहत मिलती है.

–     इसके अलावा हर्बल टी और गरमागरम सूप आपके लिए काफ़ी फ़ायदेमंद साबित होगा.

यह भी पढ़ें: पुरुषों में नपुंसकता के कारण व लक्षण (Male Infertility – Symptoms And Causes)

अस्थमा

यह फेफड़े की बीमारी है, जिसमें श्‍वासनली में जलन और दर्द होने लगता है. सीने में जकड़न, छींकें आना, खांसी और सांस फूलना इसके लक्षण हैं. यह दो तरह का होता है, एलर्जिक और नॉन एलर्जिक. एलर्जिक अस्थमा धूल, धुएं, पेंट आदि के कारण होता है, जबकि नॉन एलर्जिक अस्थमा कोल्ड, फ्लू, स्ट्रेस और ख़राब मौसम के कारण होता है.

होम रेमेडीज़

–    एक कप पानी में आधा टीस्पून मुलहठी पाउडर और आधा टीस्पून अदरक मिलाकर चाय बनाकर पीएं.

–     एक ग्लास दूध में आधा टीस्पून कद्दूकस अदरक और आधा टीस्पून हल्दी पाउडर डालकर दिन में दो बार लें.

–     एक कप उबलते पानी में एक टीस्पून दालचीनी पाउडर और 1/4 टीस्पून कालीमिर्च, पिप्पली और सोंठ का समान मात्रा में मिलाया हुआ चूर्ण मिलाकर 10 मिनट तक उबालें. पीने से पहले एक टीस्पून शहद मिलाएं. यह अस्थमा अटैक्स से काफ़ी राहत देता है.

–    एक बाउल गरम पानी में पांच-छह बूंदें लैवेंडर ऑयल डालकर भाप लें.

इन्फ्लूएंज़ा

सर्दियों के मौसम में सर्दी और फ्लू कभी भी किसी को भी अपनी गिरफ़्त में ले सकते हैं. यह एक ऐसी समस्या है, जिसमें आपकी सारी एनर्जी ख़त्म हो जाती है. नाक बहना, सिरदर्द, बदनदर्द, बुख़ार और थकान फ्लू के आम लक्षण हैं.

–     आधा टीस्पून गिलोय को पीसकर एक कप पानी में उबालकर पीएं. इससे फ्लू के लक्षणों से काफ़ी राहत मिलती है.

–     समान मात्रा में शहद और प्याज़ का रस मिलाकर दिन में तीन बार फ्लू जाने तक लें.

–     एक टीस्पून शहद में 10-12 तुलसी की पत्तियों का रस मिलाकर दिन में एक बार लेने से भी राहत मिलती है.

–     गरम पानी में कुछ बूंदें नीलगिरी तेल की डालकर भाप लेने से काफ़ी राहत मिलेगी.

–    एक कप पानी में कालीमिर्च पाउडर, जीरा और गुड़ डालकर उबालें. यह चाय फ्लू के लक्षणों से राहत दिलाती है. आप चाहें, तो गुड़ में तिल मिलाकर उसके लड्डू बनाकर खाएं.

जोड़ों में दर्द

ठंड के कारण मसल्स और हड्डियों में अकड़न-सूजन के कारण यह मौसम कुछ लोगों के लिए कष्टदायक बन जाता है. इसके लिए सबसे अच्छा उपाय है कि सोकर उठने पर आप स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज़ करें.

हल्की-फुल्की एक्सरसाइज़ आपको जोड़ों के दर्द से छुटकारा दिला सकती है.

–     आधी बाल्टी गरम पानी में दो कप सेंधा नमक मिलाकर उसमें टॉवेल डुबोकर प्रभावित जोड़ की सिंकाई करें.

–    रोज़ाना सुबह एक टीस्पून मेथी पाउडर फांककर एक ग्लास गुनगुना पानी पीएं.

–     नीलगिरी के तेल से जोड़ों पर मालिश करें. इससे दर्द और जलन दोनों में आराम मिलता है.

–    रात को सोने से पहले गुनगुने सरसों के तेल से जोड़ों पर मसाज करें. यह प्रभावित जोड़ों में रक्तसंचार बढ़ाता है, जिससे दर्द और अकड़न से राहत मिलती है.

–     एक कप गुनगुने पानी में एक टीस्पून एप्पल साइडर विनेगर और थोड़ा-सा शहद मिलाकर दिन में दो बार खाने से पहले लें.

हार्ट प्रॉब्लम्स

आपको जानकर हैरानी होगी कि ठंड में हार्ट अटैक्स के मामले बढ़ जाते हैं, क्योंकि ठंड के कारण हार्ट की कोरोनरी आर्टरीज़ सिकुड़ने लगती हैं, जिससे ब्लड प्रेशर कम हो जाता है.

–     जिन्हें हार्ट प्रॉब्लम्स हैं, उन्हें ख़ासतौर से सर्दियों में रोज़ाना चार-पांच लहसुन की कलियां खानी चाहिए. यह खून को पतला करने का काम करता है, जिससे ब्लड फ्लो सही तरी़के से होता है.

–     एक ग्लास गुनगुने पानी में आधा टीस्पून अर्जुन की छाल का पाउडर और शहद मिलाकर लें. इससे आपको काफ़ी राहत मिलेगी.

–     अदरक-लहसुन के रस में शहद या गुड़ मिलाकर खाने से भी हार्ट प्रॉब्लम्स में राहत मिलती है.

–     इसके अलावा खानपान का ध्यान रखें. दो बार में हैवी खाने की बजाय चार-पांच बार में थोड़ा-थोड़ा खाएं. अपने वज़न को नियंत्रित रखें. अगर वज़न अचानक से बढ़ने लगे, तो डॉक्टर को बताएं.

– सुनीता सिंह

यह भी पढ़ें: सेहत का हाल बताता है मुंह (What Your Mouth Says About Your Health)

 

बी पार्टी रेडी… (Be Party Ready)

थोड़ी-सी बारिश, थोड़े-से बादलों के टुकड़े, एक सर्द हवा का झोंका और ढेर सारे जुगनुओं का साया… तुम्हारा ज़िक्र भी
कुछ-कुछ ऐसा ही है… कभी महकती हवा की तरह, कभी बरसती फ़िज़ा की तरह… कभी रंगों से भरे मौसम जैसा, कभी रौशनी के ख़ुमार जैसा… कभी फूलों की तरह, कभी बहार जैसा…

सितारे भी टूटकर तुम्हारे दामन में सिमट आए… चांद से छनकर चांदनी भी तुम्हारे आंचल से लिपट गई… मोतियों का नूर, तुम्हारे शबाब का सुरूर… बेहद दिलकश है तुम्हारे अंदाज़ का ग़ुरूर…सितारे भी टूटकर तुम्हारे दामन में सिमट आए… चांद से छनकर चांदनी भी तुम्हारे आंचल से लिपट गई… मोतियों का नूर, तुम्हारे शबाब का सुरूर… बेहद दिलकश है तुम्हारे अंदाज़ का ग़ुरूर…

जी हां, पार्टी सीज़न है, तो आप भी क्यों पीछे रहें. पार्टीज़ की रौनक़ बनना चाहती हैं, तो सितारों की तरह चमकती रहें, ताकि हर नज़र आप पर ही ठहर जाए.

– जब बात पार्टी की आती है, तो शिमर और ब्लिंग से बेहतर कुछ भी नहीं.प एक टाइम था, जब स़िर्फ गोल्डन या ब्लैक को ही पार्टी ड्रेस माना जाता था, लेकिन अब ट्रेंड बदल गया है.

– आजकल हर कलर में शिमरी ड्रेसेस आ रही हैं. प न स़िर्फ शिमरी ड्रेस आप वेल्वेट भी ट्राई कर सकती हैं, क्योंकि ये देती हैं आपको रॉयल और रिच लुक.

– इन्हें आप ब्लिंग या शिमरी एक्सेसरीज़ के साथ पेयर कर सकती हैं.

– अगर आपने सिंपल, प्लेन ब्लैक ड्रेस पहना है, तो आप उसके साथ गोल्डन सैंडल पहन सकती हैं.

– इसी तरह से अपने हैंडबैग या क्लच को भी पार्टी लुक दें.

– स़िर्फ ब्लिंग या शिमरी ही नहीं, मेटालिक ड्रेसेस भी काफ़ी इन हैं. ये आपको देंगी परफेक्ट पार्टी लुक.

– आप गोल्डन मेटालिक स्कर्ट के साथ पेस्टल कलर का मेटालिक टॉप पेयर करें और न्यूड सैंडल के साथ अपना लुक कंप्लीट करें.

– एक्सेसरीज़ में स़िर्फ गोल्डन ही नहीं आप सिल्वर कलर भी ट्राई कर सकती हैं.

– इसके अलावा गोल्डन गाउन्स या फिर वेल्वेट गाउन्स भी आपको बनाएंगी पार्टी रेडी.

यह भी पढ़ें: पार्टी मेकअप बेसिक्स (Party Makeup Basics)

Ways To Reduce Wrinkles

रिंकल फ्री स्किन के टॉप 10 सीक्रेट्स… (10 Best Ways To Reduce Wrinkles)

हेल्दी, ग्लोइंग और यंगर स्किन हम सभी चाहते हैं, लेकिन कभी लापरवाही में, तो कभी जानकारी के अभाव में हम कुछ ईज़ी स्किन केयर रूटीन (Easy Skin Care Routine) को इग्नोर कर देते हैं, जिससे रिंकल्स (Wrinkles) और अनहेल्दी स्किन की समस्या (Problems) हो जाती है. ऐसे में स्टेमजेन थेराप्यूटिक्स के सीईओ डॉ. प्रभु मिश्रा कुछ सीक्रेट्स बता रहे हैं, जिससे एजिंग प्रोसेस के साथ होनेवाली स्किन एजिंग की प्रक्रिया को धीमा किया जा सके.

सन एक्सपोज़र को अवॉइड करें: प्रीमैच्योर एजिंग और रिंकल्स का सबसे बड़ा कारण होती हैं सूर्य की तेज़ हानिकारक किरणें. इसलिए जब भी बाहर जाएं सन ब्लॉक ज़रूर लगाएं. आंखों के आसपास की स्किन पतली होती है, तो यहां सबसे पहले फाइन लाइन्स उभरती हैं. सनस्क्रीन आपको प्रोटेक्शन देता है. साथ ही फूल स्लीव्स, स्कार्फ और सन ग्लासेस भी पहनें.

हेल्दी डायट: शरीर के अन्य अंगों की तरह आपकी स्किन को भी सही पोषण की ज़रूरत होती है. संतुलित डायट लें, जिसमें मौसमी फल, सब्ज़ियां हों. यलो, पर्पल, ऑरेंज और रेड कलर के फ्रूट्स व सब्ज़ियां ख़ासतौर से लें, क्योंकि ये एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर होते हैं. फिश, वॉलनट्स, फ्लैक्स सीड, ऑलिव ऑयल स्किन को मॉइश्‍चराइज़्ड और नरिश्ड रखते हैं.

हाइड्रेटेड रहें: पानी भरपूर मात्रा में पीएं. रूखेपन से ही रिंकल्स जल्दी उभरते हैं. आपको भीतर से भी नमी की ज़रूरत होती है. यदि पानी ज़्यादा नहीं पी सकतीं, तो विटामिन सी, नींबू पानी, वॉटरमेलन जूस, नारियल पानी या छाछ का सेवन ज़रूर करें.

ये भी पढ़ें: सूजी हुई आंखें ठीक करने के 10 घरेलू उपाय (10 Best Home Remedies To Get Rid Of Puffy Eyes)

कैफेन, अल्कोहल और तंबाकू से दूर रहें: ये तीनों ही चीज़ें आपकी स्किन को बहुत जल्दी मैच्योर दिखाने लगती हैं. इनकी अत्यधिक सेवन से बचें. साथ ही जंक फूड और अत्यधिक ऑयली फूड से भी बचें.

एक्टिव रहें: हल्की एक्सरसाइज़ बेहद ज़रूरी है. यह आपकी स्किन की इलास्टिसिटी बरक़रार रखती है. बेहतर होगा एक्टिव रहें. योग-प्राणायाम भी करें. इन सबसे स्किन के टॉक्सिन्स निकल जाते हैं.

स्ट्रेस से दूर रहें: आज की लाइफस्टाइल में यह थोड़ा मुशिकल है, लेकिन नामुमकिन नहीं. अगर आप चाहती हैं ग्लोइंग, यंग और हेल्दी स्किन, तो स्ट्रेस को ख़ुद पर हावी न होने दें, वरना समय से पहले ही रिंकल्स आने की आशंका बन जाएगी.

कोलाजन को बूस्ट करें: कोलाजन ही वो प्रोटीन है, जो स्किन को फर्म और टोन रखता है. स्किन की कसावट और लचीलापन बनाने के लिए यह सबसे ज़रूरी है. उम्र बढ़ने के साथ-साथ इसमें कमी आने लगती है और रिंकल्स उभरने लगते हैं. आप बाहर से कोलाजन क्रीम लगाकर और भीतर से पोषक आहार खाकर कोलाजन को बूस्ट कर सकते हो. बींस, अंडे का स़फेद भाग, हरी सब्ज़ियां, चीज़ कोलाजन को बूस्ट करता है. विटामिन सी का भी भरपूर सेवन करें.

नींद पूरी लें: कम से कम 7-8 घंटे की नींद आपकी त्वचा की हेल्थ के लिए भी ज़रूरी है. भरपूर नींद से त्वचा रिफ्रेश हो जाती है और रिंकल्स की संभावनाएं कम हो जाती हैं.

अपनी त्वचा को हार्श केमिकल्स से बचाएं: डेली स्किन केयर रूटीन फॉलो करें, लेकिन बहुत ज़्यादा केमिकल्स के इस्तेमाल से बचें. साथ ही त्वचा को बहुत ज़्यादा रगड़-रगड़कर न पोंछें. मेकअप लगाकर न सोएं. रिंकल्स की एक बड़ी वजह यह भी है कि बिना मेकअप रिमूव किए ही सो जाना. इससे रोमछिद्र बंद ही रह जाते हैं और त्वचा सांस नहीं ले पाती.

अच्छा स्किन केयर रूटीन फॉलो करें: क्लींज़िंग, मॉइश्‍चराइज़िंग के साथ-साथ एक्सफोलिएट भी करें. नियमित रूप से मसाज और ऑयल्स का इस्तेमाल करें. इससे ब्लड फ्लो बेहतर रहता है और स्किन हेल्दी रहती है.

ये भी पढ़ें: क्विक हेयर स्टाइल्स (Quick Hair Styles)