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ये रेशमी ज़ुल्फ़ें…हेल्दी बालों के लिए स्मार्ट टिप्स (Smart Tips For Healthy-Shiny Hair)

Healthy Shiny Hair
ये रेशमी ज़ुल्फ़ें…हेल्दी बालों के लिए स्मार्ट टिप्स (Smart Tips For Healthy-Shiny Hair)

आप भी अपने बालों को रेशमी और घना करना चाहती हैं, तो इन ईज़ी टिप्स को फॉलो करें-आप भी अपने बालों को रेशमी और घना करना चाहती हैं, तो इन ईज़ी टिप्स को फॉलो करें-प हेयर केयर रूटीन फॉलो करें.

कोई रेशम कहता है इन्हें, तो कोई सावन की घटा… कोई ग़ज़ल कहता है इन पर, तो कोई ढूंढ़ता है अपनी वफ़ा… मेरे लिए मुहब्बत की पनाह हैं ये तेरी ज़ुल़्फें, इन्हीं में बसा है मेरी हसरतों का मुकम्मल जहां…

  • बालों को क्लीन रखना बेहद ज़रूरी है.
  • हफ़्ते में 2-3 बार माइल्ड शैंपू से हेयर वॉश करें.
  • कंडीशनर यूज़ करना न भूलें.
  • बाल धोने के बाद हमेशा उन्हें थपथपाकर सुखाएं, रगड़कर न पोंछें,  वरना बाल टूटने लगेंगे.
  • गीले बालों को बांधें नहीं, इससे फंगल इंफेक्शन का ख़तरा हो सकता है.
  • बेहतर होगा नेचुरल तरी़के से ही बालों को सूखने दें.
  • हेयर ड्रायर का अधिक इस्तेमाल न करें.
  • हेयर वॉश से पहले ऑयल मसाज ज़रूर करें.
  • स्काल्प मसाज करने से ब्लड सर्कुलेशन बढ़ता है.
  • बहुत अधिक केमिकल्स के प्रयोग से बचें.
  • बाहर जाते समय बालों को धूप से बचाने के लिए स्कार्फ बांधें या छतरी लें.
  • हेल्दी डायट भी हेल्दी बालों के लिए बहुत ज़रूरी है.
  • प्रोटीन, विटामिन ई और सी से भरपूर डायट लें. डेयरी प्रोडक्ट्स, बादाम, फिश, अंडे, साबूत अनाज, गाजर, पालक, आंवला, टमाटर आदि डायट में शामिल करें.
  • दोमुंहे बालों की समस्या से बचने के लिए बालों को नियमित रूप से ट्रिम करवाती रहें.
  • अगर बहुत ज़्यादा स्टाइलिंग प्रोडक्ट्स और हार्श केमिकल्स के प्रयोग से आपके बाल डैमेज हो गए हैं, तो बनाना और ऑलिव ऑयल का मास्क अप्लाई करें.
  • मिल्क मास्क से बाल सॉफ्ट और शाइनी होते हैं, दूध में अंडा और नारियल तेल मिक्स करके बालों पर अप्लाई करें.
  • दही भी बालों को हेल्दी रखता है. आप उसका भी मास्क यूज़ कर सकती हैं.
  • फ्रिज़ी बालों के लिए एवोकैडो पल्प बेहतरीन मास्क का काम करता है. आप चाहें तो इसमें अंडा या मेयोनीज़ भी मिक्स कर सकती हैं.
  • अगर आपके बाल बहुत ड्राई हैं, तो शहद और नारियल तेल का मास्क आपके लिए परफेक्ट है.
  • स्ट्रॉबेरी हेयर मास्क बालों को मॉइश्‍चराइज़ करेगा और एक स्वीट-सी ख़ुशबू भी बालों को मिलेगी.
  • एलोवीरा पल्प बेहतरीन हेयर मास्क है. इसमें हीलिंग प्रॉपर्टीज़ होती हैं. यह बालों को हेल्दी रखता है.
  • जोजोबा ऑयल से नियमित रूप से स्काल्प मसाज करें. इससे ब्लड सर्कुलेशन तो बढ़ेगा ही, बालों को मॉइश्‍चर भी मिलेगा.
  • आधा कप दही में एक टीस्पून विनेगर मिलाकर बालों में लगाएं. यह डैमेज्ड बालों के लिए बेहतरीन मास्क है. यह बालों से एक्स्ट्रा ऑयल निकालकर उनका चिपचिपापन कम करेगा, डैंड्रफ से भी राहत मिलेगी.
  • बालों में वॉल्यूम और शाइन चाहिए, तो मेयोनीज़ बेहतरीन मास्क है. आधा कप मेयोनीज़ में कुछ बूंदें किसी भी एसेंशियल ऑयल की मिलाकर बालों व स्काल्प में अप्लाई करें. आधे घंटे बाद शैंपू कर लें.

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मॉनसून में कैसे रखें सेहत का ख़्याल? (Monsoon Health Care)

 

Monsoon Health Care
मॉनसून में कैसे रखें सेहत का ख़्याल? (Monsoon Health Care)

गर्मी की तपिश से राहत दिलानेवाली बारिश की फुहारें अपने साथ कई हेल्थ प्रॉब्लम्स भी लेकर आती हैं. सर्दी-ज़ुकाम जैसी आम समस्याओं के अलावा टायफॉइड, हैजा, मलेरिया जैसी गंभीर और जानलेवा बीमारियां भी इसी मौसम की देन हैं, लेकिन सही खानपान और कुछ हेल्दी आदतें अपनाकर आप बरसात में होनेवाली बीमारियों से बच सकते हैं.

मॉनसून हेल्थ प्रॉब्लम्स

बारिश का मौसम अपने साथ कई आम व गंभीर बीमारियां भी लेकर आता है, इसलिए ज़रूरी है कि हम पहले से ही उसके लिए सावधान रहें. एटलांटा हॉस्पिटल के जनरल फिजिशियन डॉ. फतेह सिंह ने बरसाती बीमारियों से बचाव के बारे में हमें जानकारी दी.

डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया 

जहां डेंगू में तेज़ बुख़ार, बहुत ज़्यादा सिरदर्द और जोड़ों में दर्द होता है, वहीं बुख़ार, ठंड लगना, मांसपेशियों में दर्द और कमज़ोरी आना मलेरिया के लक्षण हैं. चिकनगुनिया के भी लक्षण लगभग यही हैं.

बचाव

–    इससे बचाव का सबसे आसान तरीक़ा यही है कि घर के आसपास कहीं भी पानी का जमाव न होने दें, ताकि मच्छरों को पनपने के लिए जगह न मिले.

–    घर में कबाड़ जमा करके न रखें. जितना हो सके, घर साफ़ रखें.

–    बारिश से पहले घर में पेस्ट कंट्रोल ज़रूर करवाएं.

हैजा

बारिश के मौसम में फैलनेवाली यह एक गंभीर व जानलेवा बीमारी है, जो दूषित भोजन या पानी के कारण होती है. गंदगी और हाइजीन की कमी इस बीमारी को बढ़ावा देती है. उल्टी और पतली दस्त इस बीमारी के शुरुआती लक्षण हैं.

बचाव

–    सबसे ज़रूरी है कि आप हैजे का टीका लगवाएं, इससे 6 महीनों तक आप सुरक्षित रहेंगे.

–   हाथ धोने के लिए लिक्विड हैंड सोप का ही इस्तेमाल करें.

–   साफ़ और शुद्ध पानी के लिए प्यूरिफायर का इस्तेमाल करें अथवा पानी उबालकर पीना सबसे बेहतरीन उपाय है.

–    दूध व दूध से बनी चीज़ें, जैसे- आइस्क्रीम, मलाई वगैरह ज़्यादा न खाएं.

–    स्ट्रीट फूड से दूर रहें.

टायफॉइड

बारिश के दौरान होनेवाली यह एक आम बीमारी है. यह भी दूषित पानी व खाने के कारण ही होती है. इसमें सबसे ख़तरनाक बात यह है कि ठीक होने के बावजूद इसका इंफेक्शन मरीज़ के गॉल ब्लैडर में रह जाता है. बुख़ार, पेटदर्द और सिरदर्द इसके लक्षण हैं.

Monsoon Health Tips

बचाव

यह एक संक्रामक बीमारी है, जो बहुत तेज़ी से फैलती है, इसलिए मरीज़ को अलग कमरे में दूसरों से थोड़ा दूर रखें.

–    उबला व साफ़ पानी ही पीएं.

–    डिहाइड्रेशन से बचने के लिए मरीज़ को लगातार लिक्विड डायट लेते रहना चाहिए.

–    खाना खाने से पहले हाथों को अच्छी तरह ज़रूर धोएं.

–    होमियोपैथिक ट्रीटमेंट ज़्यादा मददगार होती है.

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डायरिया/ पेट के इंफेक्शन्स

इस मौसम में पेट की बीमारियां, जैसे- डायरिया और गैस्ट्रो सबसे ज़्यादा लोगों को परेशान करती हैं, जो वायरल या बैक्टीरियल इंफेक्शन के कारण हो सकती हैं. पेट के ज़्यादातर इंफेक्शन्स में उल्टी और दस्त होते हैं, जिसके लिए तुरंत डॉक्टर से मिलना बहुत ज़रूरी है.

बचाव

–    खानपान के साथ-साथ पर्सनल हाइजीन का  भी ख़ास ख़्याल रखें. टॉयलेट के बाद और डायपर बदलने पर हैंडवॉश से हाथ ज़रूर धोएं.

–    बर्तनों और कटिंग बोर्ड को अच्छी तरह साफ़ रखें.

–    ऐसे फल और सब्ज़ियां खाएं, जिनके छिलके निकाल सकते हैं.

–   अगर ट्रैवेल करनेवाले हैं, तो हेपेटाइटिस ए का टीका ज़रूर लगवाएं.

पीलिया

मॉनसून के दौरान लिवर में वायरल इंफेक्शन काफ़ी आम बात है. हेपेटाइटिस के वायरस पानी के ज़रिए तेज़ी से फैलते हैं. यह इंफेक्शन गंभीर हो सकता है, क्योंकि हेपेटाइटिस का कारण पीलिया होता है, जिससे आंखें और यूरिन आदि पीले पड़ जाते हैं.

बचाव

–    हेपेटाइटिस ए और बी का वैक्सीन लें.

–    दूषित खाने और पानी से बचें.

–    हाइजीन का ख़ास ख़्याल रखें.

हेल्थ अलर्ट्स

–    अगर तीन दिन से बुख़ार आ रहा है, तो ख़ुद से दवा खाने की बजाय डॉक्टर को दिखाएं, क्योंकि यह कोई गंभीर बुख़ार भी हो सकता है.

–   शरीर पर किसी भी तरह के रैशेज़ या फोड़े-फुंसी नज़र आएं, तो तुरंत डॉक्टर को दिखाएं, यह कोई इंफेक्शन भी हो सकता है.

–    अगर आपको अस्थमा या कोई और ब्रीदिंग प्रॉब्लम है, तो ध्यान रखें कि सीलनवाली दीवार से चिपककर न बैठें. घर की दीवारें गीली न रखें, वरना फंगस के कारण आपको तकलीफ़ हो सकती है.

–    अस्थमा और डायबिटीज़ के मरीज़ ज़्यादा तीखा और मसालेदार खाना न खाएं, वरना उन्हें हेल्थ प्रॉब्लम्स हो सकती हैं.

–   डायबिटीज़ के मरीज़ नंगे पांव गीली ज़मीन पर न चलें, वरना जर्म्स और बैक्टीरिया से आपको इंफेक्शन हो सकता है.

मॉनसून डायट

मॉनसून में हमारी पाचन क्रिया धीमी हो जाती है, इम्यून सिस्टम कमज़ोर हो जाती है और शारीरिक क्षमता पर भी इसका असर पड़ता है. इस मौसम में खाना ठीक तरी़के से पचता नहीं, जिससे एसिडिटी और गैस जैसी समस्याएं होने लगती हैं. ऐसे में आपको खानपान का ख़ास ध्यान रखना चाहिए.

–    बारिश में उबालकर छाना हुआ पानी ही पीएं, वरना दूषित पानी के कारण बीमार पड़ सकते हैं.

–    मॉनसून में हरी पत्तेदार सब्ज़ियां खाने से बचें, क्योंकि बारिश में उनमें कीड़े लगने लगते हैं, जो आपके खाने के साथ पेट में जा सकते हैं.

–    मसालेदार और तले हुए खाने से अपच, उबकाई आना, वॉटर रिटेंशन आदि की समस्या हो सकती है.

–    रोज़ाना गर्म दाल या सूप ज़रूर पीएं. उसमें हल्दी, लौंग, कालीमिर्च और सौंफ ज़रूर डालें. यह इंफेक्शन से लड़ने में आपकी मदद करेगा.

–    खाने के बाद सौंफ का पानी पीने से गैस और एसिडिटी की समस्या नहीं होती. घर के सभी सदस्यों को खाने के बाद ये पानी दें.

–    उबला व अच्छी तरह पका हुआ खाना मॉनसून में आपकी सेहत की देखभाल करेगा.

–   एंटीबैक्टीरियल और एंटीऑक्सीडेंट के गुणों से भरपूर हर्बल टी और ग्रीन टी इस मौसम में काफ़ी फ़ायदेमंद साबित होती हैं. इसे डेली डायट का हिस्सा बनाएं.

–    गाय का दूध पीएं. यह हल्का व सुपाच्य होता है, जिससे आपको इंस्टेंट एनर्जी मिलती है.

–    खाने में गेहूं के आटे और मैदा की जगह जौ और चने के आटे का इस्तेमाल करें.

–    रोज़ाना अरहर की दाल की बजाय मूंगदाल का इस्तेमाल करें.

–    फ्रेश फ्रूट्स में आप सेब, अनार, मोसंबी और केला खाएं. ड्रायफ्रूट्स को अपने डेली डायट का हिस्सा बनाएं.

–    इस मौसम में जितना हो सके, प्रोसेस्ड फूड अवॉइड करें.

–   नॉन वेज के शौक़ीन बरसात में इसका सेवन कम कर दें.

–    अगर आप दही खाना पसंद करते हैं, तो ज़रूर खाएं, पर उसमें नमक या शक्कर मिला लें.

–    इस मौसम में गाय का घी खाना काफ़ी फ़ायदेमंद होता है, क्योंकि वो न स़िर्फ आपकी पाचन क्रिया  को दुरुस्त रखता है, बल्कि रोगप्रतिरोधक क्षमता बढ़ाकर आपकी याद्दाश्त को बेहतर बनाता है.

–   कच्ची सब्ज़ियां और सलाद खाने से बचें. अगर घर पर खा रहे हैं, तो सब्ज़ियों को अच्छी तरह धोकर ही इस्तेमाल करें.

हेल्दी लाइफस्टाइल

–   बहुत ज़्यादा भीड़भाड़वाली जगह पर जाना अवॉइड करें, क्योंकि वहां वायरल इंफेक्शन होने की संभावना ज़्यादा रहती है.

–    फुल स्लीव शर्ट और फुल पैंट पहनें, ताकि मच्छर काट न सकें.

–    जिन्हें एलर्जी और इंफेक्शन्स की समस्या है, वो नीम की पत्तियों को उबालकर उसे नहाने के पानी में मिलाकर नहाएं.

–    एक्सरसाइज़ इस मौसम में भी उतनी ही ज़रूरी है, जितनी हर मौसम में.

–    हो सके तो शाम को घर पहुंचने पर नहाएं.

अपनाएं ये होम रेमेडीज़

–    सर्दी-खांसी से राहत के लिए एक कप पानी में सोंठ पाउडर उबालकर पीएं, राहत मिलेगी.

–    गले में ख़राश या दर्द है, तो गुनगुने पानी में नमक और हल्दी मिलाकर गरारे करें.

–    सर्दी से नाक बंद हो गई हो, तो गर्म पानी में नीलगिरी तेल कीकुछ बूंदें डालकर भाप लें या फिर रुमाल में उसकी कुछ बूंदें छिड़ककर सूंघें.

–    अगर वायरल फीवर है, तो एक कप पानी में तुलसी और अदरक मिलाकर उबाल लें. आंच से उतारकर शहद मिलाएं और चाय की तरह पीएं.

–    अपच व बदहज़मी से बचने के लिए हर बार खाने से पहले अदरक के एक छोटे से टुकड़े पर सेंधा नमक लगाकर खाएं.

–    रोज़ाना हल्दीवाला दूध न स़िर्फ आपको दूषित पानी के कारण होनेवाली बीमारियों से बचाएगा, बल्कि आपकी रोगप्रतिरोधक क्षमता भी बढ़ाएगा.

– सुनीता सिंह

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हेल्दी टिफिन आइडियाज़ (Healthy Tiffin Ideas)

Healthy Tiffin Ideas

हेल्दी टिफिन आइडियाज़ (Healthy Tiffin Ideas)

बच्चों को खाना खिलाना किसी चैलेंज से कम नहीं, क्योंकि बच्चों को रोज़ एक जैसा खाना पसंद नहीं आता. बच्चों को टिफिन में क्या दें, जो हेल्दी भी हो और टेस्टी भी, इस बात को लेकर लगभग सभी माएं परेशान रहती हैं. आपकी इस मुश्किल को सुलझाने के लिए हमने जुटाए हैं हेल्दी टिफिन आइडियाज़.

–    बच्चे के टिफिन के लिए यदि परांठे बना रही हैं, तो आटे को पानी की बजाय पकी हुई पीली दाल में गूंधें. चाहें तो इसमें कटा हुआ प्याज़, हरा धनिया, अदरक-लहसुन का पेस्ट, नींबू का रस भी मिला सकती हैं, फिर इसके परांठे बना लें.

–    ज्वार, बाजरा, रागी, नाचनी आदि का आटा मिक्स करके उसमें सब्ज़ियां स्टफ़ करके बच्चों के लिए हेल्दी परांठे बनाएं.

–    बच्चों के फेवरेट नूडल्स में ढेर सारी सब्ज़ियां डालकर उसे हेल्दी बनाएं.

–    पास्ता बनाते समय उसमें भी ख़ूब सारी सब्ज़ियां डाल दें.

–    यदि ढोकला बना रही हैं, तो दो ढोकले के बीच में एक पनीर या चीज़ की लेयर रख दें.

–    टिफिन के लिए यदि सूजी का उपमा बना रही हैं, तो उसमें बारीक़ कटी हरी सब्ज़ियां डाल दें.

–    सूजी की बजाय आप दलिया का उपमा भी बना सकती हैं और इसमें भी कटी हुई सब्ज़ियां डाल सकती हैं.

–   इसी तरह पोहा बनाते समय उसमें कटी हुई सब्ज़ियां, कॉर्न, पनीर आदि मिला सकती हैं.

–    आलू टिक्की बना रही हैं, तो उसमें उबला व पीसा हुआ राजमा मिला दें.

–    इडली बनाते समय भी उसमें कटी हुई सब्ज़ियां या सब्ज़ियों को पीसकर डाल दें.

–    पाव भाजी बना रही हैं, तो सब्ज़ी बनाते समय उसमें कॉर्न, पनीर आदि भी मिक्स करें.

–    सैंडविच में मिक्स वेजीटेबल्स भी स्टफ़ कर सकती हैं.

–    ऑमलेट बना रही हैं. तो उसमें शिमला मिर्च, प्याज़, टमाटर आदि काटकर डाल दें. इससे टिफिन और हेल्दी बन जाएगा.

–    बच्चों के टिफिन के लिए डोसा बनाते समय उसे मैक्सिकन स्टाइल में बनाएं. इसके लिए उसमें आलू स्टफ करने की बजाय लंबाई में पतली-पतली कटी सब्ज़ियां स्टफ कर लें.

–   हरी मूंगदाल के चीले भी बेस्ट ऑप्शन हैं. इसके लिए हरी मूंगदाल को रातभर पानी में भिगोकर रखें. सुबह पीसकर उसमें नमक, हरी मिर्च, अदरक-लहसुन का पेस्ट, कटा हुआ प्याज़, नींबू का रस आदि मिलाकर चटपटे और हेल्दी चीले बनाएं.

–    आटे में बारीक़ कटी या पीसी हुई सब्ज़ियां मिलाकर भी चीले बनाए जा सकते हैं.

–    यदि बच्चा चाट या भेल की फ़रमाइश करे, तो उसमें उबले कॉर्न, राजमा, चना, सोया आदि डाल दें.

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10+ मॉनसून मेकअप टिप्स (Monsoon Makeup Tips)

मॉनसून में मौसम तो रूमानी होता है पर सबसे बड़ी समस्या ये होती है कि अपना लुक कैसे बरकरार रखा जाए? यहां हम आसान मेकअप टिप्स दे रहे हैं जिन्हें अपनाकर आप मॉनसून में भी हॉट और सेक्सी लगेंगी.

Monsoon Makeup

10+ मॉनसून मेकअप गाइड (Monsoon Makeup Tips)

– लाइट और नेचुरल मेकअप करें.

– स्टाइलिश लुक के लिए आप ब्राइट कलर की वॉटरप्रूफ लिपस्टिक यूज़ कर सकती हैं.

– वॉटरप्रूफ काजल और आईलाइनर भी लगा सकती हैं.

– इस मौसम में आप कलर्स के साथ एक्सपेरिमेंट कर सकती हैं.

– बेहतर होगा हैवी फाउंडेशन, ब्लश आदि  न लगाएं.

– अगर आपको मेकअप लगाना ही है, तो पहले चेहरे पर ब़र्फ रगड़ लें, इससे मेकअप टिका रहेगा और भीगने पर भी वो फैलेगा नहीं.

– अगर आपकी स्किन ड्राई या कॉम्बीनेशन है, तो ब़र्फ रगड़ने के बाद टोनर अप्लाई करें.

– अगर ऑयली है, तो ब़र्फ रगड़ने के बाद एस्ट्रिंजेंट लगाएं.

– आईशैडो में क्रीमी पिंक, लाइट ब्राउन, पेस्टल और बेज कलर्स इस सीज़न को कॉम्प्लीमेंट करते हैं.

– वॉटर बेस्ड मॉइश्‍चराइज़र्स ही यूज़ करें.

– हेयर स्टाइल सिंपल रखें, बाल शॉर्ट रख सकती हैं, तो बेहतर है.

– आईब्रोज़ ट्रिम करवाकर रखें, क्योंकि इस मौसम में आईब्रो पेंसिल यूज़ करना बैड आइडिया है, वो कभी भी स्मज होकर आपका लुक ख़राब कर सकती है.

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कामकाजी महिलाओं के लिए हेल्दी स्नैकिंग आइडियाज़ (Healthy Snacking Ideas For Working Women)

Healthy Snacking Ideas, Working Women cooking tips

वर्किंग वीमेन (Working Women) के लिए ज़रूरी है वर्क लाइफ (worklife) और पर्सनल लाइफ (personallife) में बैलेंस बनाते हुए भी अपने हेल्थ को इग्नोर न करना, ऐसी में ये हेल्दी स्नैकिंग (Healthy Snacking) टिप्स (Tips) उनकी मदद करेंगे


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अब वो व़क्त तो रहा नहीं, जब महिलाएं केवल किचन और घर की शोभा बढ़ाती थीं. समय बदलने के साथ-साथ महिलाओं की भूमिका में भी बहुत परिवर्तन आ गया है. फैमिली लाइफ के अलावा आज उसकी सोशल और प्रोफेशनल लाइफ भी है. यही वजह है कि उसके लिए चुनौतियां बढ़ी हैं. घर-परिवार, जॉब और बच्चों की देखभाल… इन सबके बीच उसकी अपनी सेहत काफ़ी प्रभावित होती है. लेकिन अगर वो हेल्दी डायट ले और अपनी हेल्थ को इग्नोर न करे, तो इन सारी चुनौतियों का सामना वो बेहतर तरी़के से कर पाएगी.
लें सही डायट
– काम के बीच अपने लिए कुछ भी ख़ास बनाकर खाना थोड़ा मुश्किल है, लेकिन अगर आप स्मार्टली स्नैकिंग करें, तो यह आसान हो जाएगा.
– ऑयली और जंक फूड की जगह हेल्दी फूड लें.
– आपके दोपहर के भोजन में कम से कम एक हरी सब्ज़ी, एक हिस्सा ताज़ा सलाद का और एक हिस्सा कैल्शियम से भरपूर डेयरी प्रोडक्ट, जैसे- छाछ, पनीर या दही, का होना चाहिए.
– महिलाओं को वैसे भी कैल्शियम की अधिक ज़रूरत होती है, तो ऐसे में अपनी ज़रूरतों को नज़रअंदाज़ न करें.
– पानी भरपूर पीएं. अपने डेस्क पर पानी की बोतल भरकर रखें, ताकि हमेशा हाइड्रेटेड रहें.
– काम के तनाव के बीच, देर तक काम करने और डेड लाइन्स पूरी करने के चक्कर में खानपान अनियमित और अनहेल्दी हो जाता है. लेकिन ऐसा जंक फूड न लें, जिनमें न एनर्जी है, न पोषण. बेहतर होगा कि जब भूख लगे, तो फ्रेश फ्रूट या फिर नट्स खाएं.
– एक्सरसाइज़ के लिए समय नहीं मिल पाता, तो बैठे-बैठे कुछ देेर के लिए मेडिटेशन करें. इससे तनाव कम होकर ऊर्जा मिलेगी.
– दिल्ली बेस्ड न्यूट्रिशनिस्ट रितिका समादार के अनुसार, “वर्किंग वुमन को सेहत संबंधी समस्याएं होने की अधिक आशंका रहती है, क्योंकि समय के अभाव के चलते उनकी खाने में हेल्दी फूड और पोषण की कमी रहती है. वो जब भी समय मिलता है, कुछ भी अनहेल्दी खा लेती हैं, जिससे स़िर्फ फैट्स और कैलोरीज़ ही बढ़ती हैं. इससे बचने के लिए स्मार्ट स्नैकिंग की ज़रूरत है.
– रोज़ सुबह रातभर पानी में भिगोए हुए बादाम खाएं, इससे दिनभर एनर्जी बनी रहेगी, क्योंकि यह विटामिन ई, फाइबर, प्रोटीन, राइबोफ्लेविन और अन्य कई पोषक तत्वों से भरपूर होता है.
– स्नैकिंग के लिए ऐसी हेल्दी चीज़ें सिलेक्ट करें, जिन्हें कैरी करना भी आसान हो.”

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कैसे करें स्मार्ट स्नैकिंग?
– सलाद काटने का समय नहीं हो, तो गाजर, ककड़ी, टमाटर, सेब आदि को आप यूं ही बैग में रख लें और लंच के समय काटकर खाएं.
– जब कभी भूख लगे, तो ऑयली खाने की बजाय एक सेब या कोई अन्य फ्रूट खाएं.
– कभी-कभी भूख दिमाग़ में भी होती है, इसलिए जब भी भूख महसूस हो, तो पहले पानी पीएं. हो सकता है इसी से आपकी भूख शांत हो जाए.
– कोल्ड ड्रिंक्स की बजाय ताज़ा फलों का जूस पीएं.
– ग्रीन टी भी अच्छा ऑप्शन है. यह काफ़ी हेल्दी होती है.
– बहुत अधिक मीठा न खाएं. इससे फैट्स बढ़ेगा.
– अपने खाने में या फिर एक बाउल दही में कुछ क्रश्ड बादाम मिलाकर खाएं. यह बहुत ही हेल्दी ऑप्शन है और इससे पेट भी भरा रहेगा.
– हर 4 घंटे में भूख लगती ही है, ऐसे में अपने डेस्क या ड्रॉअर में ऐसे हेल्दी स्नैक्स रखें, जिनमें 200 से कम कैलोरीज़ हों.
– मल्टीग्रेन बिस्किट्स या क्रैकर्स, पीनट बटर, नट्स, चना, स्प्राउट्स, फ्रूट्स आदि रखें.
– बेहतर होगा कि बादाम का पैकेट लाकर ड्रॉअर में रखें, जब कभी भूख लगे, तो इसे अलग-अलग तरह से खाने में मिलाकर खाएं.
– आप रोस्टेड आल्मंड भी खा सकती हैं. चिप्स और समोसे से यह ऑप्शन बेहतर है.
– फैट फ्री, माइक्रोवेव में भुने पॉपकॉर्न भी एक विकल्प है, क्योंकि यह अधिक समय तक पेट भरे होने का एहसास कराते हैं.
– ऑलिव्स भी बहुत हेल्दी होते हैं और गुणों से भरपूर भी.
– व्हाइट ब्रेड की बजाय ब्राउन ब्रेड लें. पीनट बटर के साथ या अन्य हेल्दी चीज़ों के साथ उसकी सैंडविच बनाकर खाएं.

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कहीं सोशल मीडिया आपकी स्किन को ख़राब तो नहीं कर रहा? (Is Social Media Bad For Your Skin?)

Is Social Media Bad For Your Skin
सोशल मीडिया (Social Media) ने हमारे रिश्ते, सोशल लाइफ और हेल्थ (Health)  को तो प्रभावित किया ही है, लेकिन इसका साइड इफेक्ट हमारी स्किन पर भी हुआ है. घंटों सोशल मीडिया पर टाइम बिताने की वजह से हमें कई स्किन प्रॉब्लम्स (Skin Problems) हो रही हैं.

Is Social Media Bad For Your Skin

उम्र के निशांः आजकल सबका ज़्यादातर समय कंप्यूटर और मोबाइल पर बीतता है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि इसकी वजह से आंखों के किनारों पर झुर्रियां पड़ जाती हैं और डार्क सर्कल की प्रॉब्लम भी हो सकती है.

समाधानः बेहतर होगा कि कंप्यूटर या मोबाइल पर बहुत ज़्यादा समय ना बिताएं. बीच-बीच में ब्रेक लेते रहें. रात को अच्छी क्वालिटी की आई क्रीम आंखों के आसपास लगाकर हल्के हाथों से मसाज करें.

मुंहासे/एक्ने की परेशानीः क्या आप जानते हैं कि आपके मोबाइल फोन पर आपकी टॉयलेट सीट की तुलना में 10 गुना ज़्यादा बैक्टीरिया होते हैं. आप जब फोन कान से लगाते हैं, तो ये बैक्टीरिया आपके चेहरे पर स्थानांतरित हो जाते हैं, जिससे मुंहासे की प्रॉब्लम होने लगती है.

समाधानः मोबाइल हाइजीन का ख़्याल रखें. अपना मोबाइल हमेशा क्लीन रखें. बेहतर होगा रोज़ एक बार सेनिटाइजर से अच्छी तरह मोबाइल को पोंछ लें. इससे इंफेक्शन की संभावना नहीं रहती और आपकी स्किन भी सुरक्षित रहती है.

नींद ने भी छीनी ख़ूबसूरतीः कंप्यूटर और मोबाइल फोन की तेज़ रोशनी हमारे स्लीप पैटर्न को बिगाड़ती है. अक्सर सोने से पहले मोबाइल पर व्हाट्स अप या मैसेज देखा जाता है. इससे हमारे शरीर में मेलाटोनिन बनता है, जिससे नींद डिस्टर्ब हो जाती है और हम ठीक से सो नहीं पाते.

समाधानः सोते समय सेलफोन देखने की आदत छोड़ दें.

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स्ट्रेस का भी होता है असरः आजकल सोशल मीडिया का बहुत ज़्यादा दबाव है. लगातार इसके संपर्क में रहने से स्ट्रेस होता है, जिसका स्किन पर साइड इफेक्ट होता है.

समाधानः सबसे पहले तो सोशल मीडिया को एडिक्शन न बनने दें. मोबाइल या कंप्यूटर को टाइमपास या मनोरंजन का ज़रिया न बनाएं. स्किन से स्ट्रेस दूर करने के लिए कोई अच्छी सी डे और नाइट रिपेयर क्रीम से मसाज करें.

नोमोफोबियाः बहुत से लोग जब फोन घर पर भूल जाते हैं तो पैनिक हो जाते हैं. मोबाइल के ना होने और फोन से कॉन्टेक्ट में ना रहने पर उत्पन्न होने वाला डर नोमोफोबिया कहलाता है. इससे तनाव उत्पन्न होता है, जो त्वचा पर असर डालता है. इससे प्रीमेच्योर एंजिग या सोरायसिस भी हो सकता है.

समाधानः इस तरह का डर अपने ऊपर हावी न होने दें. स्ट्रेस से दूर रहें.

महिलाएं डर को कहें नाः अपनाएं ये सेल्फ डिफेंस रूल्स (Safety Rules: Women’s Self Defence Tips)

Women's Self Defence Tips
तमाम एहतियात और शोर-शराबे के बावजूद महिलाओं के साथ अपराध और यौन शोषण की घटनाएं कम नहीं हो रहीं. लेकिन डर के साथ तो जीया नहीं जा सकता ना, ना ही दुर्घटना होने का इंतज़ार किया जा सकता है. इसलिए बेहतर होगा कि हर महिला अपनी सुरक्षा की ज़िम्मेदारी ख़ुद ले. हमेशा सतर्क रहे और हर स्थिति से लड़ने के लिए तैयार भी.

Women's Self Defence Tips

अलर्ट रहें

  • हमेशा अलर्ट रहें. ये सोचकर लापरवाह न बनी रहें कि मेरा कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता.
  • अजनबी लोगों पर कभी भरोसा न करें. ऐसे लोगों के साथ ट्रैवल भी न करें. ये आपके लिए मुसीबत खड़ी कर सकते हैं.
  • जब भी अकेली हों, सावधान रहें. आपकी बॉडी लैंग्वेज और चाल में भी कॉन्फ़िडेंस होना चाहिए.
  • रात में अकेले बाहर जाना रिस्की है, इसलिए हमेशा ग्रुप में ही बाहर जाएं.
  • शॉर्टकट के चक्कर में सुनसान रास्ते पर जाने से बचें. यहां दुर्घटना होने का ख़तरा ज़्यादा होता है.
  • अगर रात में लिफ्ट में जाना सेफ नहीं लग रहा, तो बेहतर है सीढ़ियों का ही इस्तेमाल करें.
  • अगर आपको लगे कि कोई आपका पीछा कर रहा है, तो फ़ौरन रास्ता बदल दें. किसी भीड़भाड़वाले रास्ते पर मुड़ जाएं.
  • किसी अजनबी से लिफ्ट लेना भी रिस्की हो सकता है. ऐसा न करें.
  • रास्ते में मोबाइल पर बातें करते हुए या म्यूज़िक सुनते हुए न चलें. आपके आसपास कौन क्या बातें कर रहा है, उसके प्रति अलर्ट रहें.
  • ख़ुद ही अपने को प्रोटेक्ट करें. भीड़ से बचने के लिए अपना बैग, बुक्स या फोल्डर को शील्ड के तौर पर इस्तेमाल करें.
  • ज़्यादातर अपराधी अपराध करने के पहले कुछ दिनों या कुछ महीनों तक अपने टारगेट पर नज़र रखते हैं, ताकि उसका रूटीन जान सकें. इसलिए किसी भी अनहोनी से बचने के लिए बेहतर होगा कि अपना रूटीन थोड़े-थोड़े दिनों में बदलते रहें. स्कूल-कॉलेज जाने का रास्ता हो, जिम-ऑफिस का या फिर शॉपिंग का- हमेशा एक ही रास्ते पर न जाएं. थोड़े-थोड़े दिनों में अपना रूट और टाइम बदलती रहें.
  • कभी-कभी अपने फ्रेंड्स या ग्रुप को भी साथ ले जाएं, ताकि किसी को ये न लगे कि आप अकेली हैं.

अगर अकेले ट्रैवल कर रही हैं

  • अपना ट्रिप एडवांस में ही प्लान कर लें और जहां जा रही हैं, जिस होटल में रुक रही हैं, वहां की सेफ्टी के प्रति पूरी तरह आश्‍वस्त हो जाने के बाद ही ट्रिप फाइनल करें.
  • आजकल कई टूऱिज़्म कंपनियां अकेली महिलाओं के लिए अलग से टूर पैकेज देती हैं, जिसमें उनकी सुरक्षा की एक्स्ट्रा केयर की जाती है. बेहतर होगा कि आप भी ऐसा ही कोई पैकेज लें.
  • ट्रैवलिंग के दौरान किसी अजनबी या सहयात्री से अपना फोन नंबर या कोई और डिटेल शेयर न करें, भले ही आपकी उससे कितनी भी अच्छी दोस्ती क्यों न हो गई हो. ये कई बार रिस्की भी हो सकता है.
  • हमेशा एक्स्ट्रा पैसे साथ में ज़रूर रखें. ये इमर्जेंसी में आपके बहुत काम आएंगे.
  • इमर्जेंसी कॉन्टैक्ट नंबर्स की एक लिस्ट अपने पास रखें. मोबाइल फोन के अलावा इसे एक या दो जगह और नोट करके रखें, ताकि ज़रूरत पड़ने पर आप इसका इस्तेमाल कर सकें.
  • बहुत ज़्यादा एडवेंचर के चक्कर में न पड़ें. रात में अकेले अनजान जगह पर घूमने का साहस न दिखाएं. जहां भी घूमना चाहती हैं, दिन में ही घूम लें. आपकी सेफ्टी के लिए ये ज़रूरी है.

ऑफिस से लेट नाइट निकल रही हों

  • अगर कोई पिकअप करने आ रहा है या आपने कोई गाड़ी बुक की है, तो उसके पहुंचने तक इनडोर ही इंतज़ार करें. ऑफिस गेट से बाहर इंतज़ार न करें.
  • सिक्योरिटी गार्ड से कहें कि वो सारी लाइट्स ऑन ही रखे.
  • अगर कोई घूरते हुए या संदेहास्पद स्थिति में नज़र आए, तो फ़ौरन एक्शन लें. पर्स में पेपर स्प्रे भी साथ रखें.
  • ऑफिस के किसी कलीग का बर्ताव भी ठीक न लगे, तो चुप बैठने की ग़लती न करें. तुरंत उसकी शिकायत टॉप ऑथोरिटीज़ से करें. ऐसा करके आप दूसरी महिलाओं की सेफ्टी भी सुनिश्‍चित कर सकेंगी.

रात में अकेले टैक्सी या ऑटो से सफ़र कर रही हों

  • सबसे पहले परिवार के किसी सदस्य या फ्रेंड को बता दें कि आप कहां जा रही हैं और कब तक लौटेंगी.
  • गाड़ी में बैठने से पहले ही टैक्सी ड्राइवर और टैक्सी के नंबर प्लेट की फोटो क्लिक कर लेें और उसे परिवार या फ्रेंड को भेज दें. ध्यान रखें कि ड्राइवर को पता चलना चाहिए कि आप ऐसा कर रही हैं.
  • फोन पर ज़ोर से बात करते हुए बताएं कि आप कहां पहुंची हैं, कैसे ट्रैवल कर रही हैं आदि. इससे ड्राइवर आपको किसी भी तरह का कोई नुक़सान पहुंचाने की हिम्मत नहीं करेगा.
  • जिस रास्ते से परिचित हों, ड्राइवर से वही रूट अपनाने को कहें. किसी शॉर्टकट के चक्कर में न पड़ें. अगर आपको रास्ता नहीं पता है तो किसी ऐप की सहायता लें. जीपीएस ऑन रखें. ये आपको एकदम सही रूट की ओर गाइड करेगा.

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अगर अकेली रहती हों

कभी करियर की चाह, तो कभी पढ़ाई के लिए कई बार अकेले रहना मजबूरी बन जाता है. ऐसी स्थिति में बड़ी चुनौती है अपनी सेफ्टी यानी आत्मरक्षा. ये उतना मुश्किल भी नहीं बशर्ते आप कुछ एहतियात बरतें.

  • अकेली रहने के लिए सबसे पहले तो जिस एरिया में घर लेने जा रही हैं या रह रही हैं, उसका सुरक्षित होना ज़रूरी है. अच्छी तरह तहक़ीक़ात करने के बाद ही घर फाइनल करें.
  • ये भी सुनिश्‍चित कर लें कि आपकी सोसाइटी द्वारा अपॉइंट किए गए सिक्योरिटी गार्ड्स का बैकग्राउंड वगैरह चेक करने के बाद ही उन्हें अपॉइंट किया गया है या आपकी सोसाइटी ने लाइसेंस्ड सिक्योरिटी सर्विस की ही सेवा ली है.
  • घर के कामों के लिए मेड रखते समय उसकी भी ठीक से जांच-पड़ताल कर लें और उससे संबंधित सारी जानकारी पुलिस में रजिस्टर कर दें.
  • सेफ्टी डोर ज़रूर लगवाएं.
  • किसी अजनबी को घर में न आने दें, ख़ासकर तब जब आप घर पर अकेली हों.
  • पड़ोसियों से मधुर संबंध बनाकर रखें. कुछ इमर्जेंसी पड़ने पर सबसे पहले पड़ोसी ही सहायता के लिए पहुंचते हैं.
  • सोसाइटी में सीसीटीवी कैमरे लगवाएं. इसमें थोड़ा ख़र्च ज़रूर लगेगा, लेकिन आपकी सेफ्टी के लिए ये ज़रूरी है.

सीखें सेल्फ डिफेंस

  • सेल्फ डिफेंस यानी आत्मरक्षा के कुछ तरी़के सीख लें.
  • किसी हमले की हालत में अटैकर की आंखों में उंगलियों से वार करें.
  • हथेली का कप बनाकर कानों पर मारें या उसके घुटनों पर किक करें.
  • कभी किसी के चेहरे पर मुक्के से न मारें. उसके दांतों से आप ख़ुद घायल हो सकती हैं. इसकी बजाय कुहनी का इस्तेमाल करें.
  • इन ट्रिक्स को आज़माएंगी, तो आपको इतना टाइम मिल जाएगा कि आप वहां से बच निकलें.

सहायता के लिए फोन करें

  • मोबाइल फोन हमेशा चार्ज रखें. किसी भी इमर्जेंसी की स्थिति में आप फोन करके सहायता मांग सकती हैं.
  • कुछ इमर्जेंसी कॉन्टैक्ट को स्पीड डायल में सेव करके रखें, ताकि ज़रूरत पड़ने पर तुरंत फोन कर सकें.
  • 100 नंबर पर कॉल करें. कई हेल्पलाइन भी ख़ास आपकी मदद के लिए बनाए गए हैं. इन्हें अपने मोबाइल में सेव करके रखें.

चुप न रहें, आवाज़ उठाएं

अगर कोई आपको परेशान कर रहा हो, तो चुप न बैठें, न ही ये सोचें कि चुप बैठने या कोई एक्शन न लेने से मामला ख़ुद सुलझ जाएगा. ये भी न सोचें कि आप उसे अकेली हैंडल कर लेंगी. ऐसी स्थिति में अपनी सोसाइटी, टीचर्स, पैरेंट्स, फैमिली, ऑफिस और आवश्यक हो, तो पुलिस में शिकायत दर्ज़ कराएं. किसी अनहोनी के होने का इंतज़ार न करें. फ़ौरन एक्शन लें.

लें सेल्फ डिफेंस टेस्ट

आप अपनी सुरक्षा को लेकर कितनी जागरूक हैं और मुसीबत के समय हालात से लड़ने के लिए कितनी तैयार,  ये जानने के लिए इस क्विज़ में हिस्सा लें.

  • क्या आप अपने साथ हमेशा पेपर स्प्रे, स्विस नाइफ या कोई और सेल्फ डिफेंस टूल कैरी करती हैं?
  • क्या आपको कोई ऐसा वुमन हेल्पलाइन नंबर याद है या आपके फोन में सेव है, जिसका इमर्जेंसी के समय आप इस्तेमाल कर सकती हैं?
  • क्या आपके मोबाइल फोन में कोई लेटेस्ट सेफ्टी ऐप इंस्टॉल है?
  • आप अपने घर के दरवाज़े का लॉक हमेशा बदलती रहती हैं या आप बेहतर लॉकिंग सिस्टम लगाने की सोच रही हैं?
  • घर में अकेली होने पर आप सेल्समैन, इलेक्ट्रिशियन, प्लंबर या किसी अजनबी को घर में आने की इजाज़त नहीं देतीं.

जानें अपना स्कोर- अगर आपके तीन या उससे ज़्यादा के जवाब ‘हां’ हैं, तो आप अपनी सेफ्टी को लेकर काफ़ी अलर्ट हैं. अगर तीन से कम ‘हां’ है, तो अब भी देरी नहीं हुई है. आपको अपनी सेफ्टी को लेकर एक्स्ट्रा केयरफुल होने की ज़रूरत है और इसकी शुरुआत आपको आज से ही करनी होगी.

वेट लॉस टिप ऑफ द डे (Weightloss Tip Of The Day)

Weight loss Tip Of The Day

how to loose weight

  • खाना खाने से आधा घंटा पहले पानी पीएं.
  • जी हां, रिसर्च में यह साबित हुआ है कि पानी पीने से मेटाबॉलिज़्म फास्ट होता है और कैलोरीज़ फास्ट बर्न होती है.
  • खाने से आधा घंटा पहले आधा लिटर पानी पीने से आप कम कैलोरीज़ कंज़्यूम करते हैं और 44% अधिक वेट लूज़ कर पाते हैं.
  • पानी आपको हाइड्रेटेड रखता है.
  • काने से पहले पानी पीने से आप ओवरईटिंग से भी बच जाते हैं, क्योंकि अक्सर ऐसा देखा गया है कि हमें भूख महसूस होती है, लेकिन पानी पीने के बाद वो भूख कम हो जाती है.

 

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  • आप सुबह-सुबह भी गुनगुना पानी पी सकते हैं. यह भी मेटाबॉलिज़्म को फास्ट करता है.
  • गुनगुने पानी में शहद और नींबू का रस भी मिला सकते हैं.
  • इसके अलावा अगर आपको कुछ ऑयली या जंक फूड खाने की क्रेविंग हो रही है, तो वो खाने के बाद आप एक या आधा कप गर्म पानी घूंट-घूंट करके पीएं, इससे फैट्स जमा नहीं होगा और जंक फूड खाने से जो एक्स्ट्रा कैलोरीज़ आपने कंज़्यूम कर ली है, उसका भी असर नहीं होगा. लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि आप अक्सर ऐसा करें. जंक फूड जितना संभव हो अवॉइड ही करें.

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गोल्डन ड्रेस पहनने के 10 ट्रेंडी टिप्स (10 Easy Ways To Wear Golden Dress)

गोल्डन ड्रेस

अगर आपको किसी ख़ास फंक्शन में जाना है, लेकिन आप कलर को लेकर कन्फ्यूज़ हैं कि कौन-सा कलर पहनें, तो गोल्डन कलर का आउटफिट पहन लें. गोल्डन कलर कभी आउटडेटेड नहीं होता और रॉयल लुक देता है. तो ख़ास मौके पर पहनिए गोल्डन ड्रेस और बन जाइए गोल्डन गर्ल.

गोल्डन ड्रेस

* इवनिंग पार्टी के लिए गोल्डन कलर का गाउन, ड्रेस, साड़ी आदि बेस्ट ऑप्शन हैं.
* सेक्सी लुक के लिए गोल्डन कलर के शीयर ड्रेसेज़ ट्राई कर सकती हैं.

गोल्डन ड्रेस
* शीयर गोल्डन ड्रेसेज़ पर डेलिकेट एम्ब्रॉयडरी बहुत ख़ूबसूरत लगती है.
* इवनिंग पार्टी के लिए आप गोल्डन गाउन, पलाज़ो, शर्ट, ड्रेस, साड़ी आदि पहन सकती हैं.

गोल्डन ड्रेस
* गोल्डन आउटफिट के लिए टिशु, ब्रोकेड, नेट, जर्सी, लेस, रिच सिंथेटिक ज्ञिसी फैब्रिक का प्रयोग करें.
* यंग, ट्रेंडी, ग्लैमरस लुक के लिए गोल्डन गाउन, जंपसूट, ड्रेस, शर्ट, जैकेट, सिगरेट पैंट, लैगिंग, बोलेरो आदि कॉकटेल वेयर ट्राई किए जा सकते हैं.

गोल्डन ड्रेस
* गोल्डन आउटफिट को ट्रेंडी लुक देने के लिए उसके साथ स्टाइलिश बेल्ट, चंकी ज्वेलरी आदि पहनें.
* गोल्डन आउटफिट के साथ स्टिलेटोज़ (पेंसिल हील सेंडल), वेजेस, प्लेटफॉर्म हील्स पहनें.

गोल्डन ड्रेस

* पार्टी में ट्रेडिशनल आउटफिट पहनना चाहती हैं तो गोल्डन साड़ी आपके लिए बेस्ट ऑप्शन है. इसे पहनकर आप सबसे अलग और स्पेशल नज़र आएंगी.
* ट्रेडिशनल गोल्डन गाउन भी अच्छा ऑप्शन है, आप इसे भी ट्राई कर सकती हैं.

5 टिप्स अपनाएं जब चली जाए जॉब (Try 5 useful tips when you are jobless)

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जब से नोटबंदी शुरू हुई है बहुत सी कंपनियों पर ताला लटक गया है. ये ताला कंपनियों के बदले लोगों के करियर पर स्टॉप का मुहर लगा गया. क्या आप भी आजकल बेरोज़गारी के दौर से गुज़र रहे हैं. आपको लगता है कि जीवन में अब कुछ बचा नहीं है, फ्रस्ट्रेट हो रहे हैं और दूसरी नौकरी न मिलने की वजह से ख़ुद को कोस रहे हैं, तो इन बातों का कोई फ़ायदा है नहीं है, इसलिए कैसे संभालें ख़ुद को जब चली जाए जॉब? आइए, जानते हैं.

ख़ुद पर भरोसा रखें
नौकरी आपकी वजह से नहीं गई है, बल्कि इसका कारण कुछ और है. ऐसे में ख़ुद को कोसने और आत्मविश्‍वास खोने की ग़लती न करें. अपने ऊपर विश्‍वास रखें और आगे बढ़ें. इस बात को अपने भीतर बिठा लें कि नई नौकरी आपको जल्द ही मिल जाएगी. ऐसे में आप किसी और के दबाव में न आएं. आसपास के लोग यदि आपका मनोबल गिराते हैं, तो उस पर ज़रा भी ध्यान न दें.

न्यू इंनिंग की तरह लें
इतने साल से एक ही जॉब में रहने की आदत सी हो गई थी आपको. इस कंपनी से जाने का मूड ही नहीं कर रहा था आपका. ऐसे में कारण चाहे जो हो कंपनी से निकलना आपके लिए नए मौ़के की तरह है. इसे इस तरह से ले जैसे की नौकरी की दुनिया में नई शुरुआत करने जा रहे हैं आप. ये बात आपको अंदर तक मज़बूती देगी और आप नए जोश के साथ नौकरी की तलाश कर सकते हैं.

कॉन्टैक्ट बढ़ाएं
नई नौकरी मिलना मुश्किल भी नहीं है और आसान भी नहीं. एक ही नौकरी में काम करते हुए आप दूसरे लोगों से दूरी बना लेते हैं. अपने एक्स एंप्लॉई और बॉस के संपर्क में नहीं रहते, जो आपके लिए ठीक नहीं. नौकरी जाने के बाद सबसे पहले अपने कॉन्टैक्ट बढ़ाएं. लोगों से बातचीत करना शुरू करें.

बी प्रैक्टिकल
अक्सर जॉब जाने के बाद लोग इमोशनल हो जाते हैं. इमोशन में बहकर कोई काम नहीं किया जा सकता. नौकरी चली गई है, तो नई नौकरी ढूंढ़नी पड़ेगी. दोस्तों से नौकरी जाने का रोना कब तक रोएंगे आप. ये आपके लिए सही नही हैं.

रहें अपडेट
नौकरी जाने के बाद कहीं ग़म में खोने की बजाय ख़ुद को अपडेट रखें मार्केट में. कहां क्या चल रहा है, किस तरह की ज़रूरत है, आपकी फील्ड में नया क्या करने से सैलरी अच्छी और नौकरी जल्दी मिल सकती है. न्यूज़ पेपर्स, वेबपोर्टल आदि से जुड़े रहें.

श्वेता सिंह 

5 टिप्स- करियर में आए उतार-चढ़ाव को ऐसे करें हैंडल (5 tips- when you face a career low )

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क्या आप भी अपने ऑफिस के माहौल से आजकल थोड़े अपसेट चल रहे हैं, आपको ये डर सताने लगा है कि कॉस्ट कटिंग की धार कहीं आपकी सैलरी स्लिप पर भी नहीं चल जाए, जॉब चली जाएगी, तो नई जॉब कब मिलेगी? इन सब बातों से परेशान होना लाज़मी है, लेकिन दिन-रात इसी के बारे में सोचकर दिमाग़ खपाना समझदारी नहीं है. नौकरी में उतार-चढ़ाव तो चलता रहता है. इसका ये मतलब नहीं कि आप हार मान जाएं और डिप्रेशन के शिकार हो जाएं. इस क्रिटिकल समय में ख़ुद को कैसे करें मोटीवेट? आइए, जानते हैं.

बी पॉज़ीटिव
पॉज़ीटिव होने से किसी भी प्रॉब्लम का सोल्युशन आसानी से निकल जाता है. निगेटिव होने से काम नहीं चलेगा. आपके ऑफिस का माहौल अगर ठीक नहीं चल रहा है, तो इससे निराश होने की ज़रूरत नहीं है. इससे आप और हताश व परेशान होंगे. निराशा निराशा का अनुकरण करती है. इस बात का हमेशा ध्यान रखना होगा आपको. इस मुश्किल भरे समय को आप सकारात्मक होकर ही काट सकते हैं.

बॉस से कम्युनिकेट करें
ऑफिस में क्या माहौल चल रहा है, इससे आपको ज़्यादा परेशान होने की ज़रूरत नहीं है. आप बस इतना सोचिए कि आपके साथ ऑफिस का रवैया कैसा है. इसे जानने के लिए सबसे पहला काम करें कि अपने बॉस से बात करें. यही बेहतर तरीक़ा है. बॉस से अपनी स्थिति के बारे में पता करें. आपकी जगह ऑफिस में क्या है, ये जानने की कोशिश करें. बॉस की बात पर विश्‍वास करें और उसी के अनुरूप काम करें. बॉस से बात करने पर आपको बॉस के दिमाग़ और कंपनी में अपनी स्थिति के बारे में पता चलेगा. हर बार हवा के रुख के साथ बह जाना ठीक नहीं होता, इसलिए बहुत ज़रूरी है कि आप बॉस से बात करें.

डोन्ट टेक टेंशन
टेंशन लेकर कोई काम आज तक बना है, जो ये बन जाएगा. ऑफिस के बारे में दिन-रात सोचकर अपना हेल्थ ख़राब करने से कुछ मिलने वाला नहीं है. जो चीज़ आपकी नहीं, उसके बारे में चिंता करने फ़ायदा नहीं होगा. उल्टे आप पर इसका ग़लत असर पड़ेगा. बार-बार उसी बात को सोचकर आप अपने काम पर ध्यान नहीं लगा पाते. इससे काम पर असर होता है और आपको सीनियर्स की डांट सुननी पड़ती है. अच्छा यही होगा कि जब तक ऑफिस में काम करें, फ्री होकर करें.

एक्स्ट्रा एक्टिविटी
अगर करियर में उतार-चढ़ाव चल रहा है, तो बेहतर होगा कि आप ख़ुद को कहीं और इंगेज करें. इससे आपका समय भी कट जाएगा और वहां नए लोगों से मिलकर आप फ्रेश फील करेंगी. उदाहरण के लिए अगर आपको डांस का शौक़ है, तो डांस क्लास जॉइन करें. यक़ीन मानिए आपका समय कब कट जाएगा आपको पता भी नहीं चलेगा.

दूसरी जॉब ढूंढ़ें
अगर ऑफिस के माहौल में कोपअप नहीं कर पा रहे हैं, तो बेहतर होगा कि न्यू जॉब की तलाश करना शुरू कर दें. अपने पुराने दोस्तों, कलीग्स, एक्स बॉस से बात करें और नई नौकरी की तलाश में जुट जाएं. ऑफिस से समय निकालकर दूसरों से मिले-जुलें. उनसे मार्केट का हाल जानें. नौकरी में किस तरह की रिक्वायरमेंट चल रही है, उसकी तैयारी करें.

स्मार्ट एक्सरसाइज़
ऑफिस के माहौल से परेशान होने और करियर में कुछ अच्छा न होने की बात से निराश होने की बजाय सुबह उठकर कुछ समय एक्सरसाइज़ में लगाएं. इससे आपको शारीरिक और मानसिक रूप से फ़ायदा मिलेगा.

श्वेता सिंह

5 आसान फेंगशुई टिप्सः घर को बचाएं निगेटिव एनर्जी से (5 easy fengshui tips to keep away negative energy)

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दुख, दरिद्रता, तकलीफ़, पीड़ा इत्यादि परेशानियों का एक मात्र कारण है घर में प्रवेश करती नकारात्मक ऊर्जा अर्थात यदि इन नकारात्मक ऊर्जा के प्रवेश को रोक दिया जाए, तो ऐसी परेशानी से छुटकारा मिल सकता है.
अगरबत्ती या धूप जलाएं
घर में मौजूद नकारात्मक ऊर्जा को दूर करने के लिए सुबह-शाम सुगंधित अगरबत्ती या धूप जलाएं. कमरे में फैली अगरबत्ती या धूप की पवित्र सुगंध नकारात्मक ऊर्जा को ख़त्म कर देती है.

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कमरे की स्वच्छता पर ध्यान दें
नकारात्मक ऊर्जा से बचने के लिए मकान के हर एक कमरे को साफ़-सुथरा रखने की कोशिश करें. अव्यवस्थित चीज़ों को सही ढंग से रखें. साथ ही अनावश्यक व बेकार की चीज़ों को फेंक दें, क्योंकि गंदगी व अस्वच्छता नकारात्मक ऊर्जा को सक्रिय करते हैं.

टॉयलेट का दरवाज़ा बंद रखें
टॉयलेट नकारात्मक ऊर्जा का मुख्य स्रोत होता है. अतः टॉयलेट का दरवाज़ा हमेशा बंद रखें, वरना यहां से निकलनेवाली नकारात्मक ऊर्जा अन्य कमरे में मौजूद सकारात्मक ऊर्जा को नष्ट कर सकती है.

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नमक मिले पानी से पोंछा लगाएं
नकारात्मक ऊर्जा को कम करने के लिए घर के हर कमरे में नमक मिले पानी से पोंछा लगाना भी एक अच्छा उपाय है. फेंगशुई के अनुसार रोज़ाना ऐसा करने से नकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव कम हो जाता है.

टॉयलेट में समुद्री नमक का कटोरा रखें
टॉयलेट में से निकलने वाली नकारात्मक ऊर्जा को कम करने के लिए टॉयलेट की खिड़की पर कांच के कटोरे में समुद्री नमक डालकर रख दें. समुद्री नमक नकारात्मक ऊर्जा को सोख लेता है. परंतु ध्यान रहे, जब नमक गीला हो जाए, तो उसे फेंक कर दूसरा नमक डालें.