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कामकाजी महिलाओं के लिए हेल्दी स्नैकिंग आइडियाज़ (Healthy Snacking Ideas For Working Women)

Healthy Snacking Ideas, Working Women cooking tips

वर्किंग वीमेन (Working Women) के लिए ज़रूरी है वर्क लाइफ (worklife) और पर्सनल लाइफ (personallife) में बैलेंस बनाते हुए भी अपने हेल्थ को इग्नोर न करना, ऐसी में ये हेल्दी स्नैकिंग (Healthy Snacking) टिप्स (Tips) उनकी मदद करेंगे


Healthy Snacking Ideas, Working Women cooking tips

अब वो व़क्त तो रहा नहीं, जब महिलाएं केवल किचन और घर की शोभा बढ़ाती थीं. समय बदलने के साथ-साथ महिलाओं की भूमिका में भी बहुत परिवर्तन आ गया है. फैमिली लाइफ के अलावा आज उसकी सोशल और प्रोफेशनल लाइफ भी है. यही वजह है कि उसके लिए चुनौतियां बढ़ी हैं. घर-परिवार, जॉब और बच्चों की देखभाल… इन सबके बीच उसकी अपनी सेहत काफ़ी प्रभावित होती है. लेकिन अगर वो हेल्दी डायट ले और अपनी हेल्थ को इग्नोर न करे, तो इन सारी चुनौतियों का सामना वो बेहतर तरी़के से कर पाएगी.
लें सही डायट
– काम के बीच अपने लिए कुछ भी ख़ास बनाकर खाना थोड़ा मुश्किल है, लेकिन अगर आप स्मार्टली स्नैकिंग करें, तो यह आसान हो जाएगा.
– ऑयली और जंक फूड की जगह हेल्दी फूड लें.
– आपके दोपहर के भोजन में कम से कम एक हरी सब्ज़ी, एक हिस्सा ताज़ा सलाद का और एक हिस्सा कैल्शियम से भरपूर डेयरी प्रोडक्ट, जैसे- छाछ, पनीर या दही, का होना चाहिए.
– महिलाओं को वैसे भी कैल्शियम की अधिक ज़रूरत होती है, तो ऐसे में अपनी ज़रूरतों को नज़रअंदाज़ न करें.
– पानी भरपूर पीएं. अपने डेस्क पर पानी की बोतल भरकर रखें, ताकि हमेशा हाइड्रेटेड रहें.
– काम के तनाव के बीच, देर तक काम करने और डेड लाइन्स पूरी करने के चक्कर में खानपान अनियमित और अनहेल्दी हो जाता है. लेकिन ऐसा जंक फूड न लें, जिनमें न एनर्जी है, न पोषण. बेहतर होगा कि जब भूख लगे, तो फ्रेश फ्रूट या फिर नट्स खाएं.
– एक्सरसाइज़ के लिए समय नहीं मिल पाता, तो बैठे-बैठे कुछ देेर के लिए मेडिटेशन करें. इससे तनाव कम होकर ऊर्जा मिलेगी.
– दिल्ली बेस्ड न्यूट्रिशनिस्ट रितिका समादार के अनुसार, “वर्किंग वुमन को सेहत संबंधी समस्याएं होने की अधिक आशंका रहती है, क्योंकि समय के अभाव के चलते उनकी खाने में हेल्दी फूड और पोषण की कमी रहती है. वो जब भी समय मिलता है, कुछ भी अनहेल्दी खा लेती हैं, जिससे स़िर्फ फैट्स और कैलोरीज़ ही बढ़ती हैं. इससे बचने के लिए स्मार्ट स्नैकिंग की ज़रूरत है.
– रोज़ सुबह रातभर पानी में भिगोए हुए बादाम खाएं, इससे दिनभर एनर्जी बनी रहेगी, क्योंकि यह विटामिन ई, फाइबर, प्रोटीन, राइबोफ्लेविन और अन्य कई पोषक तत्वों से भरपूर होता है.
– स्नैकिंग के लिए ऐसी हेल्दी चीज़ें सिलेक्ट करें, जिन्हें कैरी करना भी आसान हो.”

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कैसे करें स्मार्ट स्नैकिंग?
– सलाद काटने का समय नहीं हो, तो गाजर, ककड़ी, टमाटर, सेब आदि को आप यूं ही बैग में रख लें और लंच के समय काटकर खाएं.
– जब कभी भूख लगे, तो ऑयली खाने की बजाय एक सेब या कोई अन्य फ्रूट खाएं.
– कभी-कभी भूख दिमाग़ में भी होती है, इसलिए जब भी भूख महसूस हो, तो पहले पानी पीएं. हो सकता है इसी से आपकी भूख शांत हो जाए.
– कोल्ड ड्रिंक्स की बजाय ताज़ा फलों का जूस पीएं.
– ग्रीन टी भी अच्छा ऑप्शन है. यह काफ़ी हेल्दी होती है.
– बहुत अधिक मीठा न खाएं. इससे फैट्स बढ़ेगा.
– अपने खाने में या फिर एक बाउल दही में कुछ क्रश्ड बादाम मिलाकर खाएं. यह बहुत ही हेल्दी ऑप्शन है और इससे पेट भी भरा रहेगा.
– हर 4 घंटे में भूख लगती ही है, ऐसे में अपने डेस्क या ड्रॉअर में ऐसे हेल्दी स्नैक्स रखें, जिनमें 200 से कम कैलोरीज़ हों.
– मल्टीग्रेन बिस्किट्स या क्रैकर्स, पीनट बटर, नट्स, चना, स्प्राउट्स, फ्रूट्स आदि रखें.
– बेहतर होगा कि बादाम का पैकेट लाकर ड्रॉअर में रखें, जब कभी भूख लगे, तो इसे अलग-अलग तरह से खाने में मिलाकर खाएं.
– आप रोस्टेड आल्मंड भी खा सकती हैं. चिप्स और समोसे से यह ऑप्शन बेहतर है.
– फैट फ्री, माइक्रोवेव में भुने पॉपकॉर्न भी एक विकल्प है, क्योंकि यह अधिक समय तक पेट भरे होने का एहसास कराते हैं.
– ऑलिव्स भी बहुत हेल्दी होते हैं और गुणों से भरपूर भी.
– व्हाइट ब्रेड की बजाय ब्राउन ब्रेड लें. पीनट बटर के साथ या अन्य हेल्दी चीज़ों के साथ उसकी सैंडविच बनाकर खाएं.

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कहीं सोशल मीडिया आपकी स्किन को ख़राब तो नहीं कर रहा? (Is Social Media Bad For Your Skin?)

Is Social Media Bad For Your Skin
सोशल मीडिया (Social Media) ने हमारे रिश्ते, सोशल लाइफ और हेल्थ (Health)  को तो प्रभावित किया ही है, लेकिन इसका साइड इफेक्ट हमारी स्किन पर भी हुआ है. घंटों सोशल मीडिया पर टाइम बिताने की वजह से हमें कई स्किन प्रॉब्लम्स (Skin Problems) हो रही हैं.

Is Social Media Bad For Your Skin

उम्र के निशांः आजकल सबका ज़्यादातर समय कंप्यूटर और मोबाइल पर बीतता है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि इसकी वजह से आंखों के किनारों पर झुर्रियां पड़ जाती हैं और डार्क सर्कल की प्रॉब्लम भी हो सकती है.

समाधानः बेहतर होगा कि कंप्यूटर या मोबाइल पर बहुत ज़्यादा समय ना बिताएं. बीच-बीच में ब्रेक लेते रहें. रात को अच्छी क्वालिटी की आई क्रीम आंखों के आसपास लगाकर हल्के हाथों से मसाज करें.

मुंहासे/एक्ने की परेशानीः क्या आप जानते हैं कि आपके मोबाइल फोन पर आपकी टॉयलेट सीट की तुलना में 10 गुना ज़्यादा बैक्टीरिया होते हैं. आप जब फोन कान से लगाते हैं, तो ये बैक्टीरिया आपके चेहरे पर स्थानांतरित हो जाते हैं, जिससे मुंहासे की प्रॉब्लम होने लगती है.

समाधानः मोबाइल हाइजीन का ख़्याल रखें. अपना मोबाइल हमेशा क्लीन रखें. बेहतर होगा रोज़ एक बार सेनिटाइजर से अच्छी तरह मोबाइल को पोंछ लें. इससे इंफेक्शन की संभावना नहीं रहती और आपकी स्किन भी सुरक्षित रहती है.

नींद ने भी छीनी ख़ूबसूरतीः कंप्यूटर और मोबाइल फोन की तेज़ रोशनी हमारे स्लीप पैटर्न को बिगाड़ती है. अक्सर सोने से पहले मोबाइल पर व्हाट्स अप या मैसेज देखा जाता है. इससे हमारे शरीर में मेलाटोनिन बनता है, जिससे नींद डिस्टर्ब हो जाती है और हम ठीक से सो नहीं पाते.

समाधानः सोते समय सेलफोन देखने की आदत छोड़ दें.

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स्ट्रेस का भी होता है असरः आजकल सोशल मीडिया का बहुत ज़्यादा दबाव है. लगातार इसके संपर्क में रहने से स्ट्रेस होता है, जिसका स्किन पर साइड इफेक्ट होता है.

समाधानः सबसे पहले तो सोशल मीडिया को एडिक्शन न बनने दें. मोबाइल या कंप्यूटर को टाइमपास या मनोरंजन का ज़रिया न बनाएं. स्किन से स्ट्रेस दूर करने के लिए कोई अच्छी सी डे और नाइट रिपेयर क्रीम से मसाज करें.

नोमोफोबियाः बहुत से लोग जब फोन घर पर भूल जाते हैं तो पैनिक हो जाते हैं. मोबाइल के ना होने और फोन से कॉन्टेक्ट में ना रहने पर उत्पन्न होने वाला डर नोमोफोबिया कहलाता है. इससे तनाव उत्पन्न होता है, जो त्वचा पर असर डालता है. इससे प्रीमेच्योर एंजिग या सोरायसिस भी हो सकता है.

समाधानः इस तरह का डर अपने ऊपर हावी न होने दें. स्ट्रेस से दूर रहें.

महिलाएं डर को कहें नाः अपनाएं ये सेल्फ डिफेंस रूल्स (Safety Rules: Women’s Self Defence Tips)

Women's Self Defence Tips
तमाम एहतियात और शोर-शराबे के बावजूद महिलाओं के साथ अपराध और यौन शोषण की घटनाएं कम नहीं हो रहीं. लेकिन डर के साथ तो जीया नहीं जा सकता ना, ना ही दुर्घटना होने का इंतज़ार किया जा सकता है. इसलिए बेहतर होगा कि हर महिला अपनी सुरक्षा की ज़िम्मेदारी ख़ुद ले. हमेशा सतर्क रहे और हर स्थिति से लड़ने के लिए तैयार भी.

Women's Self Defence Tips

अलर्ट रहें

  • हमेशा अलर्ट रहें. ये सोचकर लापरवाह न बनी रहें कि मेरा कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता.
  • अजनबी लोगों पर कभी भरोसा न करें. ऐसे लोगों के साथ ट्रैवल भी न करें. ये आपके लिए मुसीबत खड़ी कर सकते हैं.
  • जब भी अकेली हों, सावधान रहें. आपकी बॉडी लैंग्वेज और चाल में भी कॉन्फ़िडेंस होना चाहिए.
  • रात में अकेले बाहर जाना रिस्की है, इसलिए हमेशा ग्रुप में ही बाहर जाएं.
  • शॉर्टकट के चक्कर में सुनसान रास्ते पर जाने से बचें. यहां दुर्घटना होने का ख़तरा ज़्यादा होता है.
  • अगर रात में लिफ्ट में जाना सेफ नहीं लग रहा, तो बेहतर है सीढ़ियों का ही इस्तेमाल करें.
  • अगर आपको लगे कि कोई आपका पीछा कर रहा है, तो फ़ौरन रास्ता बदल दें. किसी भीड़भाड़वाले रास्ते पर मुड़ जाएं.
  • किसी अजनबी से लिफ्ट लेना भी रिस्की हो सकता है. ऐसा न करें.
  • रास्ते में मोबाइल पर बातें करते हुए या म्यूज़िक सुनते हुए न चलें. आपके आसपास कौन क्या बातें कर रहा है, उसके प्रति अलर्ट रहें.
  • ख़ुद ही अपने को प्रोटेक्ट करें. भीड़ से बचने के लिए अपना बैग, बुक्स या फोल्डर को शील्ड के तौर पर इस्तेमाल करें.
  • ज़्यादातर अपराधी अपराध करने के पहले कुछ दिनों या कुछ महीनों तक अपने टारगेट पर नज़र रखते हैं, ताकि उसका रूटीन जान सकें. इसलिए किसी भी अनहोनी से बचने के लिए बेहतर होगा कि अपना रूटीन थोड़े-थोड़े दिनों में बदलते रहें. स्कूल-कॉलेज जाने का रास्ता हो, जिम-ऑफिस का या फिर शॉपिंग का- हमेशा एक ही रास्ते पर न जाएं. थोड़े-थोड़े दिनों में अपना रूट और टाइम बदलती रहें.
  • कभी-कभी अपने फ्रेंड्स या ग्रुप को भी साथ ले जाएं, ताकि किसी को ये न लगे कि आप अकेली हैं.

अगर अकेले ट्रैवल कर रही हैं

  • अपना ट्रिप एडवांस में ही प्लान कर लें और जहां जा रही हैं, जिस होटल में रुक रही हैं, वहां की सेफ्टी के प्रति पूरी तरह आश्‍वस्त हो जाने के बाद ही ट्रिप फाइनल करें.
  • आजकल कई टूऱिज़्म कंपनियां अकेली महिलाओं के लिए अलग से टूर पैकेज देती हैं, जिसमें उनकी सुरक्षा की एक्स्ट्रा केयर की जाती है. बेहतर होगा कि आप भी ऐसा ही कोई पैकेज लें.
  • ट्रैवलिंग के दौरान किसी अजनबी या सहयात्री से अपना फोन नंबर या कोई और डिटेल शेयर न करें, भले ही आपकी उससे कितनी भी अच्छी दोस्ती क्यों न हो गई हो. ये कई बार रिस्की भी हो सकता है.
  • हमेशा एक्स्ट्रा पैसे साथ में ज़रूर रखें. ये इमर्जेंसी में आपके बहुत काम आएंगे.
  • इमर्जेंसी कॉन्टैक्ट नंबर्स की एक लिस्ट अपने पास रखें. मोबाइल फोन के अलावा इसे एक या दो जगह और नोट करके रखें, ताकि ज़रूरत पड़ने पर आप इसका इस्तेमाल कर सकें.
  • बहुत ज़्यादा एडवेंचर के चक्कर में न पड़ें. रात में अकेले अनजान जगह पर घूमने का साहस न दिखाएं. जहां भी घूमना चाहती हैं, दिन में ही घूम लें. आपकी सेफ्टी के लिए ये ज़रूरी है.

ऑफिस से लेट नाइट निकल रही हों

  • अगर कोई पिकअप करने आ रहा है या आपने कोई गाड़ी बुक की है, तो उसके पहुंचने तक इनडोर ही इंतज़ार करें. ऑफिस गेट से बाहर इंतज़ार न करें.
  • सिक्योरिटी गार्ड से कहें कि वो सारी लाइट्स ऑन ही रखे.
  • अगर कोई घूरते हुए या संदेहास्पद स्थिति में नज़र आए, तो फ़ौरन एक्शन लें. पर्स में पेपर स्प्रे भी साथ रखें.
  • ऑफिस के किसी कलीग का बर्ताव भी ठीक न लगे, तो चुप बैठने की ग़लती न करें. तुरंत उसकी शिकायत टॉप ऑथोरिटीज़ से करें. ऐसा करके आप दूसरी महिलाओं की सेफ्टी भी सुनिश्‍चित कर सकेंगी.

रात में अकेले टैक्सी या ऑटो से सफ़र कर रही हों

  • सबसे पहले परिवार के किसी सदस्य या फ्रेंड को बता दें कि आप कहां जा रही हैं और कब तक लौटेंगी.
  • गाड़ी में बैठने से पहले ही टैक्सी ड्राइवर और टैक्सी के नंबर प्लेट की फोटो क्लिक कर लेें और उसे परिवार या फ्रेंड को भेज दें. ध्यान रखें कि ड्राइवर को पता चलना चाहिए कि आप ऐसा कर रही हैं.
  • फोन पर ज़ोर से बात करते हुए बताएं कि आप कहां पहुंची हैं, कैसे ट्रैवल कर रही हैं आदि. इससे ड्राइवर आपको किसी भी तरह का कोई नुक़सान पहुंचाने की हिम्मत नहीं करेगा.
  • जिस रास्ते से परिचित हों, ड्राइवर से वही रूट अपनाने को कहें. किसी शॉर्टकट के चक्कर में न पड़ें. अगर आपको रास्ता नहीं पता है तो किसी ऐप की सहायता लें. जीपीएस ऑन रखें. ये आपको एकदम सही रूट की ओर गाइड करेगा.

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अगर अकेली रहती हों

कभी करियर की चाह, तो कभी पढ़ाई के लिए कई बार अकेले रहना मजबूरी बन जाता है. ऐसी स्थिति में बड़ी चुनौती है अपनी सेफ्टी यानी आत्मरक्षा. ये उतना मुश्किल भी नहीं बशर्ते आप कुछ एहतियात बरतें.

  • अकेली रहने के लिए सबसे पहले तो जिस एरिया में घर लेने जा रही हैं या रह रही हैं, उसका सुरक्षित होना ज़रूरी है. अच्छी तरह तहक़ीक़ात करने के बाद ही घर फाइनल करें.
  • ये भी सुनिश्‍चित कर लें कि आपकी सोसाइटी द्वारा अपॉइंट किए गए सिक्योरिटी गार्ड्स का बैकग्राउंड वगैरह चेक करने के बाद ही उन्हें अपॉइंट किया गया है या आपकी सोसाइटी ने लाइसेंस्ड सिक्योरिटी सर्विस की ही सेवा ली है.
  • घर के कामों के लिए मेड रखते समय उसकी भी ठीक से जांच-पड़ताल कर लें और उससे संबंधित सारी जानकारी पुलिस में रजिस्टर कर दें.
  • सेफ्टी डोर ज़रूर लगवाएं.
  • किसी अजनबी को घर में न आने दें, ख़ासकर तब जब आप घर पर अकेली हों.
  • पड़ोसियों से मधुर संबंध बनाकर रखें. कुछ इमर्जेंसी पड़ने पर सबसे पहले पड़ोसी ही सहायता के लिए पहुंचते हैं.
  • सोसाइटी में सीसीटीवी कैमरे लगवाएं. इसमें थोड़ा ख़र्च ज़रूर लगेगा, लेकिन आपकी सेफ्टी के लिए ये ज़रूरी है.

सीखें सेल्फ डिफेंस

  • सेल्फ डिफेंस यानी आत्मरक्षा के कुछ तरी़के सीख लें.
  • किसी हमले की हालत में अटैकर की आंखों में उंगलियों से वार करें.
  • हथेली का कप बनाकर कानों पर मारें या उसके घुटनों पर किक करें.
  • कभी किसी के चेहरे पर मुक्के से न मारें. उसके दांतों से आप ख़ुद घायल हो सकती हैं. इसकी बजाय कुहनी का इस्तेमाल करें.
  • इन ट्रिक्स को आज़माएंगी, तो आपको इतना टाइम मिल जाएगा कि आप वहां से बच निकलें.

सहायता के लिए फोन करें

  • मोबाइल फोन हमेशा चार्ज रखें. किसी भी इमर्जेंसी की स्थिति में आप फोन करके सहायता मांग सकती हैं.
  • कुछ इमर्जेंसी कॉन्टैक्ट को स्पीड डायल में सेव करके रखें, ताकि ज़रूरत पड़ने पर तुरंत फोन कर सकें.
  • 100 नंबर पर कॉल करें. कई हेल्पलाइन भी ख़ास आपकी मदद के लिए बनाए गए हैं. इन्हें अपने मोबाइल में सेव करके रखें.

चुप न रहें, आवाज़ उठाएं

अगर कोई आपको परेशान कर रहा हो, तो चुप न बैठें, न ही ये सोचें कि चुप बैठने या कोई एक्शन न लेने से मामला ख़ुद सुलझ जाएगा. ये भी न सोचें कि आप उसे अकेली हैंडल कर लेंगी. ऐसी स्थिति में अपनी सोसाइटी, टीचर्स, पैरेंट्स, फैमिली, ऑफिस और आवश्यक हो, तो पुलिस में शिकायत दर्ज़ कराएं. किसी अनहोनी के होने का इंतज़ार न करें. फ़ौरन एक्शन लें.

लें सेल्फ डिफेंस टेस्ट

आप अपनी सुरक्षा को लेकर कितनी जागरूक हैं और मुसीबत के समय हालात से लड़ने के लिए कितनी तैयार,  ये जानने के लिए इस क्विज़ में हिस्सा लें.

  • क्या आप अपने साथ हमेशा पेपर स्प्रे, स्विस नाइफ या कोई और सेल्फ डिफेंस टूल कैरी करती हैं?
  • क्या आपको कोई ऐसा वुमन हेल्पलाइन नंबर याद है या आपके फोन में सेव है, जिसका इमर्जेंसी के समय आप इस्तेमाल कर सकती हैं?
  • क्या आपके मोबाइल फोन में कोई लेटेस्ट सेफ्टी ऐप इंस्टॉल है?
  • आप अपने घर के दरवाज़े का लॉक हमेशा बदलती रहती हैं या आप बेहतर लॉकिंग सिस्टम लगाने की सोच रही हैं?
  • घर में अकेली होने पर आप सेल्समैन, इलेक्ट्रिशियन, प्लंबर या किसी अजनबी को घर में आने की इजाज़त नहीं देतीं.

जानें अपना स्कोर- अगर आपके तीन या उससे ज़्यादा के जवाब ‘हां’ हैं, तो आप अपनी सेफ्टी को लेकर काफ़ी अलर्ट हैं. अगर तीन से कम ‘हां’ है, तो अब भी देरी नहीं हुई है. आपको अपनी सेफ्टी को लेकर एक्स्ट्रा केयरफुल होने की ज़रूरत है और इसकी शुरुआत आपको आज से ही करनी होगी.

वेट लॉस टिप ऑफ द डे (Weightloss Tip Of The Day)

Weight loss Tip Of The Day

how to loose weight

  • खाना खाने से आधा घंटा पहले पानी पीएं.
  • जी हां, रिसर्च में यह साबित हुआ है कि पानी पीने से मेटाबॉलिज़्म फास्ट होता है और कैलोरीज़ फास्ट बर्न होती है.
  • खाने से आधा घंटा पहले आधा लिटर पानी पीने से आप कम कैलोरीज़ कंज़्यूम करते हैं और 44% अधिक वेट लूज़ कर पाते हैं.
  • पानी आपको हाइड्रेटेड रखता है.
  • काने से पहले पानी पीने से आप ओवरईटिंग से भी बच जाते हैं, क्योंकि अक्सर ऐसा देखा गया है कि हमें भूख महसूस होती है, लेकिन पानी पीने के बाद वो भूख कम हो जाती है.

 

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  • आप सुबह-सुबह भी गुनगुना पानी पी सकते हैं. यह भी मेटाबॉलिज़्म को फास्ट करता है.
  • गुनगुने पानी में शहद और नींबू का रस भी मिला सकते हैं.
  • इसके अलावा अगर आपको कुछ ऑयली या जंक फूड खाने की क्रेविंग हो रही है, तो वो खाने के बाद आप एक या आधा कप गर्म पानी घूंट-घूंट करके पीएं, इससे फैट्स जमा नहीं होगा और जंक फूड खाने से जो एक्स्ट्रा कैलोरीज़ आपने कंज़्यूम कर ली है, उसका भी असर नहीं होगा. लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि आप अक्सर ऐसा करें. जंक फूड जितना संभव हो अवॉइड ही करें.

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गोल्डन ड्रेस पहनने के 10 ट्रेंडी टिप्स (10 Easy Ways To Wear Golden Dress)

गोल्डन ड्रेस

अगर आपको किसी ख़ास फंक्शन में जाना है, लेकिन आप कलर को लेकर कन्फ्यूज़ हैं कि कौन-सा कलर पहनें, तो गोल्डन कलर का आउटफिट पहन लें. गोल्डन कलर कभी आउटडेटेड नहीं होता और रॉयल लुक देता है. तो ख़ास मौके पर पहनिए गोल्डन ड्रेस और बन जाइए गोल्डन गर्ल.

गोल्डन ड्रेस

* इवनिंग पार्टी के लिए गोल्डन कलर का गाउन, ड्रेस, साड़ी आदि बेस्ट ऑप्शन हैं.
* सेक्सी लुक के लिए गोल्डन कलर के शीयर ड्रेसेज़ ट्राई कर सकती हैं.

गोल्डन ड्रेस
* शीयर गोल्डन ड्रेसेज़ पर डेलिकेट एम्ब्रॉयडरी बहुत ख़ूबसूरत लगती है.
* इवनिंग पार्टी के लिए आप गोल्डन गाउन, पलाज़ो, शर्ट, ड्रेस, साड़ी आदि पहन सकती हैं.

गोल्डन ड्रेस
* गोल्डन आउटफिट के लिए टिशु, ब्रोकेड, नेट, जर्सी, लेस, रिच सिंथेटिक ज्ञिसी फैब्रिक का प्रयोग करें.
* यंग, ट्रेंडी, ग्लैमरस लुक के लिए गोल्डन गाउन, जंपसूट, ड्रेस, शर्ट, जैकेट, सिगरेट पैंट, लैगिंग, बोलेरो आदि कॉकटेल वेयर ट्राई किए जा सकते हैं.

गोल्डन ड्रेस
* गोल्डन आउटफिट को ट्रेंडी लुक देने के लिए उसके साथ स्टाइलिश बेल्ट, चंकी ज्वेलरी आदि पहनें.
* गोल्डन आउटफिट के साथ स्टिलेटोज़ (पेंसिल हील सेंडल), वेजेस, प्लेटफॉर्म हील्स पहनें.

गोल्डन ड्रेस

* पार्टी में ट्रेडिशनल आउटफिट पहनना चाहती हैं तो गोल्डन साड़ी आपके लिए बेस्ट ऑप्शन है. इसे पहनकर आप सबसे अलग और स्पेशल नज़र आएंगी.
* ट्रेडिशनल गोल्डन गाउन भी अच्छा ऑप्शन है, आप इसे भी ट्राई कर सकती हैं.

5 टिप्स अपनाएं जब चली जाए जॉब (Try 5 useful tips when you are jobless)

tips for jobless

Youth-unemployment

जब से नोटबंदी शुरू हुई है बहुत सी कंपनियों पर ताला लटक गया है. ये ताला कंपनियों के बदले लोगों के करियर पर स्टॉप का मुहर लगा गया. क्या आप भी आजकल बेरोज़गारी के दौर से गुज़र रहे हैं. आपको लगता है कि जीवन में अब कुछ बचा नहीं है, फ्रस्ट्रेट हो रहे हैं और दूसरी नौकरी न मिलने की वजह से ख़ुद को कोस रहे हैं, तो इन बातों का कोई फ़ायदा है नहीं है, इसलिए कैसे संभालें ख़ुद को जब चली जाए जॉब? आइए, जानते हैं.

ख़ुद पर भरोसा रखें
नौकरी आपकी वजह से नहीं गई है, बल्कि इसका कारण कुछ और है. ऐसे में ख़ुद को कोसने और आत्मविश्‍वास खोने की ग़लती न करें. अपने ऊपर विश्‍वास रखें और आगे बढ़ें. इस बात को अपने भीतर बिठा लें कि नई नौकरी आपको जल्द ही मिल जाएगी. ऐसे में आप किसी और के दबाव में न आएं. आसपास के लोग यदि आपका मनोबल गिराते हैं, तो उस पर ज़रा भी ध्यान न दें.

न्यू इंनिंग की तरह लें
इतने साल से एक ही जॉब में रहने की आदत सी हो गई थी आपको. इस कंपनी से जाने का मूड ही नहीं कर रहा था आपका. ऐसे में कारण चाहे जो हो कंपनी से निकलना आपके लिए नए मौ़के की तरह है. इसे इस तरह से ले जैसे की नौकरी की दुनिया में नई शुरुआत करने जा रहे हैं आप. ये बात आपको अंदर तक मज़बूती देगी और आप नए जोश के साथ नौकरी की तलाश कर सकते हैं.

कॉन्टैक्ट बढ़ाएं
नई नौकरी मिलना मुश्किल भी नहीं है और आसान भी नहीं. एक ही नौकरी में काम करते हुए आप दूसरे लोगों से दूरी बना लेते हैं. अपने एक्स एंप्लॉई और बॉस के संपर्क में नहीं रहते, जो आपके लिए ठीक नहीं. नौकरी जाने के बाद सबसे पहले अपने कॉन्टैक्ट बढ़ाएं. लोगों से बातचीत करना शुरू करें.

बी प्रैक्टिकल
अक्सर जॉब जाने के बाद लोग इमोशनल हो जाते हैं. इमोशन में बहकर कोई काम नहीं किया जा सकता. नौकरी चली गई है, तो नई नौकरी ढूंढ़नी पड़ेगी. दोस्तों से नौकरी जाने का रोना कब तक रोएंगे आप. ये आपके लिए सही नही हैं.

रहें अपडेट
नौकरी जाने के बाद कहीं ग़म में खोने की बजाय ख़ुद को अपडेट रखें मार्केट में. कहां क्या चल रहा है, किस तरह की ज़रूरत है, आपकी फील्ड में नया क्या करने से सैलरी अच्छी और नौकरी जल्दी मिल सकती है. न्यूज़ पेपर्स, वेबपोर्टल आदि से जुड़े रहें.

श्वेता सिंह 

5 टिप्स- करियर में आए उतार-चढ़ाव को ऐसे करें हैंडल (5 tips- when you face a career low )

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क्या आप भी अपने ऑफिस के माहौल से आजकल थोड़े अपसेट चल रहे हैं, आपको ये डर सताने लगा है कि कॉस्ट कटिंग की धार कहीं आपकी सैलरी स्लिप पर भी नहीं चल जाए, जॉब चली जाएगी, तो नई जॉब कब मिलेगी? इन सब बातों से परेशान होना लाज़मी है, लेकिन दिन-रात इसी के बारे में सोचकर दिमाग़ खपाना समझदारी नहीं है. नौकरी में उतार-चढ़ाव तो चलता रहता है. इसका ये मतलब नहीं कि आप हार मान जाएं और डिप्रेशन के शिकार हो जाएं. इस क्रिटिकल समय में ख़ुद को कैसे करें मोटीवेट? आइए, जानते हैं.

बी पॉज़ीटिव
पॉज़ीटिव होने से किसी भी प्रॉब्लम का सोल्युशन आसानी से निकल जाता है. निगेटिव होने से काम नहीं चलेगा. आपके ऑफिस का माहौल अगर ठीक नहीं चल रहा है, तो इससे निराश होने की ज़रूरत नहीं है. इससे आप और हताश व परेशान होंगे. निराशा निराशा का अनुकरण करती है. इस बात का हमेशा ध्यान रखना होगा आपको. इस मुश्किल भरे समय को आप सकारात्मक होकर ही काट सकते हैं.

बॉस से कम्युनिकेट करें
ऑफिस में क्या माहौल चल रहा है, इससे आपको ज़्यादा परेशान होने की ज़रूरत नहीं है. आप बस इतना सोचिए कि आपके साथ ऑफिस का रवैया कैसा है. इसे जानने के लिए सबसे पहला काम करें कि अपने बॉस से बात करें. यही बेहतर तरीक़ा है. बॉस से अपनी स्थिति के बारे में पता करें. आपकी जगह ऑफिस में क्या है, ये जानने की कोशिश करें. बॉस की बात पर विश्‍वास करें और उसी के अनुरूप काम करें. बॉस से बात करने पर आपको बॉस के दिमाग़ और कंपनी में अपनी स्थिति के बारे में पता चलेगा. हर बार हवा के रुख के साथ बह जाना ठीक नहीं होता, इसलिए बहुत ज़रूरी है कि आप बॉस से बात करें.

डोन्ट टेक टेंशन
टेंशन लेकर कोई काम आज तक बना है, जो ये बन जाएगा. ऑफिस के बारे में दिन-रात सोचकर अपना हेल्थ ख़राब करने से कुछ मिलने वाला नहीं है. जो चीज़ आपकी नहीं, उसके बारे में चिंता करने फ़ायदा नहीं होगा. उल्टे आप पर इसका ग़लत असर पड़ेगा. बार-बार उसी बात को सोचकर आप अपने काम पर ध्यान नहीं लगा पाते. इससे काम पर असर होता है और आपको सीनियर्स की डांट सुननी पड़ती है. अच्छा यही होगा कि जब तक ऑफिस में काम करें, फ्री होकर करें.

एक्स्ट्रा एक्टिविटी
अगर करियर में उतार-चढ़ाव चल रहा है, तो बेहतर होगा कि आप ख़ुद को कहीं और इंगेज करें. इससे आपका समय भी कट जाएगा और वहां नए लोगों से मिलकर आप फ्रेश फील करेंगी. उदाहरण के लिए अगर आपको डांस का शौक़ है, तो डांस क्लास जॉइन करें. यक़ीन मानिए आपका समय कब कट जाएगा आपको पता भी नहीं चलेगा.

दूसरी जॉब ढूंढ़ें
अगर ऑफिस के माहौल में कोपअप नहीं कर पा रहे हैं, तो बेहतर होगा कि न्यू जॉब की तलाश करना शुरू कर दें. अपने पुराने दोस्तों, कलीग्स, एक्स बॉस से बात करें और नई नौकरी की तलाश में जुट जाएं. ऑफिस से समय निकालकर दूसरों से मिले-जुलें. उनसे मार्केट का हाल जानें. नौकरी में किस तरह की रिक्वायरमेंट चल रही है, उसकी तैयारी करें.

स्मार्ट एक्सरसाइज़
ऑफिस के माहौल से परेशान होने और करियर में कुछ अच्छा न होने की बात से निराश होने की बजाय सुबह उठकर कुछ समय एक्सरसाइज़ में लगाएं. इससे आपको शारीरिक और मानसिक रूप से फ़ायदा मिलेगा.

श्वेता सिंह

5 आसान फेंगशुई टिप्सः घर को बचाएं निगेटिव एनर्जी से (5 easy fengshui tips to keep away negative energy)

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दुख, दरिद्रता, तकलीफ़, पीड़ा इत्यादि परेशानियों का एक मात्र कारण है घर में प्रवेश करती नकारात्मक ऊर्जा अर्थात यदि इन नकारात्मक ऊर्जा के प्रवेश को रोक दिया जाए, तो ऐसी परेशानी से छुटकारा मिल सकता है.
अगरबत्ती या धूप जलाएं
घर में मौजूद नकारात्मक ऊर्जा को दूर करने के लिए सुबह-शाम सुगंधित अगरबत्ती या धूप जलाएं. कमरे में फैली अगरबत्ती या धूप की पवित्र सुगंध नकारात्मक ऊर्जा को ख़त्म कर देती है.

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कमरे की स्वच्छता पर ध्यान दें
नकारात्मक ऊर्जा से बचने के लिए मकान के हर एक कमरे को साफ़-सुथरा रखने की कोशिश करें. अव्यवस्थित चीज़ों को सही ढंग से रखें. साथ ही अनावश्यक व बेकार की चीज़ों को फेंक दें, क्योंकि गंदगी व अस्वच्छता नकारात्मक ऊर्जा को सक्रिय करते हैं.

टॉयलेट का दरवाज़ा बंद रखें
टॉयलेट नकारात्मक ऊर्जा का मुख्य स्रोत होता है. अतः टॉयलेट का दरवाज़ा हमेशा बंद रखें, वरना यहां से निकलनेवाली नकारात्मक ऊर्जा अन्य कमरे में मौजूद सकारात्मक ऊर्जा को नष्ट कर सकती है.

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नमक मिले पानी से पोंछा लगाएं
नकारात्मक ऊर्जा को कम करने के लिए घर के हर कमरे में नमक मिले पानी से पोंछा लगाना भी एक अच्छा उपाय है. फेंगशुई के अनुसार रोज़ाना ऐसा करने से नकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव कम हो जाता है.

टॉयलेट में समुद्री नमक का कटोरा रखें
टॉयलेट में से निकलने वाली नकारात्मक ऊर्जा को कम करने के लिए टॉयलेट की खिड़की पर कांच के कटोरे में समुद्री नमक डालकर रख दें. समुद्री नमक नकारात्मक ऊर्जा को सोख लेता है. परंतु ध्यान रहे, जब नमक गीला हो जाए, तो उसे फेंक कर दूसरा नमक डालें.

ईज़ी गेस्ट मैनेजमेंट आइडियाज़ (Easy Guest Management Ideas)

अक्सर घर में अचानक गेस्ट आ जाते हैं, तो आप घबरा जाती हैं, लेकिन इन ईज़ी गेस्ट मैनेजमेंट (Easy Guest Management) आइडियाज़ के ज़रिए आपकी सारी चिंताएं दूर हो जाएंगी.

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  • दरअसल गेस्ट मैनेजमेंट भी एक कला है. आप जब कुछ छोटी-छोटी बेसिक बातों को जान लेंगी, तो इस कला में निपुण हो जाएंगी और आपको यह बेहद आसान लगने लगेगा.
  • सबसे पहले यह बात दिमाग़ से निकाल दें कि आपके मेहमान या रिश्तेदार आपकी परफॉर्मेंस देखने या आपको जज करने आ रहे हैं. वो आपसे मिलने आए हैं. बेहतर होगा कि सहज रहें.
  • मेहमानों को भी सहजता का एहसास कराएं. बहुत ज़्यादा फॉर्मल होने पर उन्हें लगेगा कि उन्होंने आपको डिस्टर्ब किया है.
  • उनकी मूल सुविधाओं का ज़रूर ख़्याल रखें. अगर वो ओवरनाइट स्टे करेंगे, तो एक्स्ट्रा टॉवेल्स, बेड शीट्स, तकिया व बेड आदि की व्यवस्था होनी चाहिए.
  • घर में हमेशा एक्स्ट्रा शैंपू, साबुन, टूथब्रेश, स्लिपर्स आदि होने चाहिएं, ताकि यदि कोई अचानक भी आ जाए, तो आपको यहां-वहां भागना न पड़े.
  • अगर आपके गेस्ट्स सुबह जल्दी उठते हैं, तो उन्हें यह बताकर रखें कि बेसिक चीज़ें कहां रखी हैं, ताकि उन्हें अपनी हर छोटी-बड़ी ज़रूरत के लिए आप पर निर्भर न रहना पड़े.
  • अगर वो लॉन्ग जर्नी से आए हैं, तो उन्हें पहले रेस्ट करने दें. रिफ्रेशमेंट की व्यवस्था भी पर दें.
  • घर में हमेशा बिस्किट्स, नट्स, फ्रूट्स और कोल्ड ड्रिंक्स रखें.
  • अचार, पापड, स्नैक्स, दही आदि भी खाने के स्वाद को बढ़ा सकते हैं और उन्हें वेरायटी भी मिलती है.
  • भले ही आप चाय-कॉफी न पीते हों, लेकिन इनकी व्यवस्था घर पर ज़रूर रखें. टी वा कॉफी मेकर उनके बेडरूम में रख दें, ताकि वो जब चाहें चाय-कॉफी का मज़ा ले सकें.
  • रात को एक बास्केट में फ्रूट्स व बिस्किट्स रखें और पानी की भी व्यवस्था रखें.
  • कुछ अच्छी बुक्स और मैग्ज़ीन्स का कलेक्शन भी घर पर रखें. उन्हें गेस्ट रूम में रख दें.
  • गानों और मूवीज़ की डीवीडी भी उनके मनोरंजन के लिए उपलब्ध करा सकते हैं.
  • अगर वो घूमने-फिरने के उद्देश्य से आए हैं, तो उन्हें मैप, ट्रेन व बस टाइमिंग्स, टूरिस्ट स्पॉट्स की जानकारी उपलब्ध करा सकते हैं.
  • उनके साथ व़क्त भी बिताएं. अगर हो सके, तो एक दिन छुट्टी लेकर उनके साथ घर पर ही टाइम स्पेंड करें या शाम को डिनर या मूवी प्लान करें. इससे उन्हें अच्छा लगेगा.
  • कुछ ईज़ी स्नैक्स की रेसिपीज़ भी आप सीखकर रखें, जैसे- इंस्टेंट ढोकला, इडली, डोसा आदि. आप नाश्ते में ये चीज़ें खुद बनाकर दे सकती हैं.
  • अगर आप वर्किंग हैं, तो घर की देखभाल की ज़िम्मेदारी गेस्ट्स को सौंप दें और उन्हें सारी ज़रूरत की चीज़ें कहां-कहां रखी हैं, बता दें. इससे उन्हें घर जैसा माहौल लगेगा और उन्हें यह जानकर भी अच्छा लगेगा कि आपने उन पर भरोसा जताया और बिना फॉर्मैलिटी के उनका स्वागत किया.

मनी सेविंग के 7 अमेज़िंग टिप्स (7 amazing tips for money saving)

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किचन के डिब्बे, बच्चों की गुल्लक में पैसा जमा करना पुराना और फ्लॉप आइडिया है मनी सेविंग का. सेविंग के ये तरी़के आज की मॉडर्न और हाइ प्रोफाइल लाइफ में नहीं चलेगा. आपको स्मार्टली मनी सेविंग ट्रिक्स आनी चाहिए.

डेली बेसिस बजट
मंथली बजट बनाने के साथ ही आप डेली बेसिस पर बजट बनाएं. उदाहरण के लिए प्रतिदिन आपके घर का कितना ख़र्च है, हर दिन कौन-सी चीज़ें आप मंगाते ही हैं, बच्चों पर हर दिन कितना ख़र्च हो जाता है आदि का बजट बनाएं. इसी सिलसिले में हर दिन कुछ अमाउंट सेव करें.

RD है बेस्ट ऑप्शन
घर पर पैसे रखने से पैसे ख़र्च हो जाते हैं, इसलिए आप बैंक में आरडी अकाउंट खुलवाएं. हर माह कुछ पैसे इसमें जमा करते रहें. हो सके तो इसको अपने सैलरी अकाउंट से सीधे कनेक्ट करें. इससे ये फ़ायदा होगा कि महीने की एक तारीख़ को अपने आप सैलरी का एक हिस्सा आरडी में जाता रहेगा.

प्री शॉपिंग लिस्ट
स्मार्ट बायर बनिए. किसी भी व़क्त शॉपिंग के लिए निकलना बेवकूफ़ी है. इससे पैसे ज़्यादा ख़र्च होते हैं. पहली बात तो ये कि जब भी शॉपिंग पर जाएं, एक लिस्ट पहले ही बना लें. जो ख़रीदना है, उसकी लिस्ट जब आपके पास रहेगी, तो ज़्यादा ख़र्च से बचेंगे. ऐसे में आप उन्हीं चीज़ों की शॉपिंग करेंगे, जिसकी ज़रूरत है. ये ट्रिक आपको पैसा बचाने में कामयाब बनाएगी.

रेड्यूस इलेक्ट्रीसिटी बिल
पैसे बचाने का ये नायाब तरीक़ा है. आमतौर पर लोगों का ध्यान इस पर नहीं जाता. स्मार्ट बनिए और घर का बिजली का बिल कम करिए. बेकार में जली रही लाइट्स, चल रहे पंखे आदि बंद रखें. स़िर्फ एक महीने स्मार्ट सिटिजन बनकर पावर सेव कीजिए, बिजली का बिल अपने आप कम हो जाएगा.

इंटरनेट मेनिया
इंटरनेट का यूज़ करके भी आप पैसे बचा सकते हैं. उदाहरण के लिए न्यूज़ पेपर पढ़ने की बजाय ई पेपर पढ़ें. महीने में जो भी मैगज़ीन मंगाते हैं, उसे बंद करके ऑनलाइन ई मैगज़ीन पढ़ें. इससे हर महीने न्यूज़ पेपर और मैगज़ीन पर होनेवाले ख़र्च बंद हो जाएंगे और पैस बचेेंगे.

प्राइवेट नहीं पब्लिक ट्रांसपोर्ट
अपनी कार/बाइक से ऑफिस जाने की बुरी लत से बचिए. बेहतर होगा कि पब्लिक ट्रांसपोर्ट का फ़ायदा उठाएं. इससे आपकी जर्नी भी सेफ होगी और पैसे भी सेव रहेंगे.

नो क्रेडिट ओन्ली कैश
क्रेडिट कार्ड का यूज़ आपको ज़्यादा ख़र्च करने पर बाध्य करता है. इसका मुख्य कारण है कार्ड. फिज़िकली आपको पैसा पे नहीं करना होता. इससे आपके दिमाग़ में ख़र्च का खाका नहीं बनता. अब से जब भी पे करना हो, तो क्रेडिट कार्ड के बदले कैश पे करें.

– श्वेता सिंह

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14 आसान वास्तु टिप्स से ख़ुशहाल बनाएं बेटी का वैवाहिक जीवन (14 easy vastu tips for daughter’s happy married life)

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क्या कभी आपने सोचा है कि वास्तु दोष से भी वैवाहिक बाधाएं उत्पन्न हो सकती हैं? मगर ये सच है, तो आइए जानते हैं वास्तु की सहायता से कैसे करें इन अड़चनों को दूर?

* वास्तु नियमों के अनुसार वायव्य कोण वायु तत्व का प्रतिनिधित्व करता है, जिसका गुणधर्म तत्काल या यथाशीघ्र एक स्थान से हटकर दूसरे स्थान  में चले जाना है.

* वास्तु नियमों के अनुसार दिशा, स्वामी और ग्रह देवता की उपयोगिता की दृष्टि से अगर हम अपने घर का उपयोग करें, तो गृहस्वामी सहित उसके  माता-पिता और बेटे-बेटियां अपने जीवन में सही समय पर सब कुछ प्राप्त कर सकते हैं.

* यदि आपके घर का वास्तु सही है, तो आपकी बेटी बिना असमंजस के सही निर्णय ले सकेगी. उसकी शादी भी समय पर अच्छी तरह से हो सकती है.

* कई बार प्रेम-विवाह के मामलेे मेेें लड़कियां ग़लत निर्णय ले लेती हैं और बाद में सिवाए पछतावे के कुछ हाथ नहीं आता. अतः बेटी की बेहतर निर्णय  क्षमता के लिए बेटी का कमरा माता-पिता के कमरे के पूर्व की दिशा में रखना चाहिए.

* जहां तक संभव हो, बेटी को उसके अपने कमरे में सोने दें. यही नहीं उसकी पढ़ने की दिशा भी पूर्व दिशा होनी चाहिए. इसके अलावा उसके कमरे में  रचनात्मक, सुंदर और आकर्षक पेंटिंग लगी होनी चाहिए, जिन्हें देखकर उसमें आत्मविश्‍वास की भावना पनपे.

* कमरे में गहरे या भड़काऊ पर्दे न हों. पर्याप्त रोशनी हो. जहां तक हो, लाल रंग का प्रयोग कम-से-कम करें. यदि संभव हो, तो पीले रंग का प्रयोग करें.

* कुछ घरों में देखा जाता है कि कमरे को खोलने से लेकर शयनकक्ष तक जाने में कहीं सोफे में पैर अटकता है तो कहीं-कहीं दरवाज़ा खोलने में  आलमारी रुकावट बनती है. यह ठीक नहीं, बल्कि घर की व्यवस्था ऐसी होनी चाहिए जो सुगम हो, आपका हर क़दम सुगमता से पड़े, इससे आपकी  मानसिकता प्रभावित होती है.

* वास्तु संतुलन का इसलिए भी विशेष महत्व है कि माता-पिता के व्यवस्थित रहने और उनके घर का वास्तु सही रहने का प्रभाव बेटी की शादी और  उसके सुखी जीवन पर भी पड़ता है. बेटी के घर मेेें कितना भी वैभव हो, अगर बेटी के माता-पिता परेशान हैं, उनका वास्तु ग़लत है, तो बेटी के दांपत्य  पर उसका प्रभाव पड़ेगा.

* शोधों से यह प्रमाणित हुआ है कि जिस घर में माता-पिता परेशान थे या जिनके घर का वास्तु असंतुलित था, उन बेटियों का दांपत्य जीवन भी  मुश्किल दौर से गुज़रता है, इसलिए अपने घर के वास्तु संतुलन पर पूरा ध्यान दें.

यह भी पढ़ें: चाहते हैं बच्चों की तरक्क़ी तो वास्तु के अनुसार सजाएं कमरा

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वास्तु के अनुसार वैवाहिक स्थल

* ध्यान दें कि वैवाहिक स्थल का मुख्य प्रवेशद्वार पूर्व ईशान, दक्षिण आग्नेय, पश्‍चिम वायव्य या उत्तर ईशान में
होना चाहिए.

* वैवाहिक परिसर में जनरेटर, विद्युत मीटर, अन्य विद्युत उपकरण इत्यादि की व्यवस्था आग्नेय कोण में करनी चाहिए.

* दूल्हा-दुलहन के बैठने एवं आर्केस्ट्रा के लिए स्टेज की व्यवस्था दक्षिण से पश्‍चिम मध्य के बीच वास्तु सिद्धांत के अनुसार हो, जहां दूूल्हा-दुलहन पूर्व  या उत्तर की ओर मुंह करके बैठ सकें.

* विवाह का अग्नि कुंड रिसेप्शन एरिया के आग्नेय कोण में रखना चाहिए. रसोई बनाने का स्थान एवं तंदूर भी रसोेई परिसर के आग्नेय कोण में ही  रखें.

* भोजन की व्यवस्था उत्तर या पश्‍चिम में रखनी चाहिए. खाने-पीने के स्टॉल का क्रम क्लॉक वाइज ही रखें.
सलाद एवं प्लेट्स रखने का स्टॉल समारोह क मध्य में नहीं रखें. परिसर व गार्डन के मध्य का ब्रह्म स्थान खाली रहना चाहिए.

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25 ईज़ी वुलन केयर टिप्स, ताकि कपड़े दिखें नए जैसे (25 Easy way to take care of your Woolen Clothes)

Woolen Clothes

* कोई भी स्वेटर या वुलन ड्रेस (Woolen Clothes) जिसमें बटन या ज़िप लगा हो, धोने से पहले उसकी बटन/ज़िप को बंद कर दें. इससे वुलन का शेप ठीक रहेगा.

* ऊनी कपड़ों की चमक बरक़रार रखने के लिए धोने के बाद उन्हें एक बाल्टी पानी में कुछ बूंदें ग्लिसरीन की डालकर दो मिनट तक डुबोकर रखें.

* ऊनी कपड़ों को माइल्ड डिटर्जेंट से ही धोएं. धोने से पहले स्वेटर को उल्टा कर लें यानी सिलाई वाला हिस्सा ऊपर हो.

* पसीने की दुर्गंध मिटाने के लिए एक लीटर पानी मेें एक टेबलस्पून बोरेक्स पाउडर डालकर स्वेटर को 10-15 मिनट के लिए भिगो दें. इसके बाद  स्वेटर को धोएं.

* ऊनी कपड़ों पर से तेल का दाग़ हटाने के लिए दाग़ वाली जगह पर दही रगड़कर एक तरफ़ रख दें. थोड़ी देर बाद धो लें. दाग़ ग़ायब हो जाएगा.

* अंडे, दूध या स्याही से कपड़े ख़राब हो गए हों, तो सादे स्पिरिट में एक कपड़ा भिगोकर दाग़ वाले स्थान पर रगड़ें, फिर स़फेद सिरका लगाकर धो दें.

* अल्कोहल आप के गरम कपड़े पर छलक जाए तो उसे फौरन साफ़ कपड़े से पोंछकर गरम पानी और सर्जिकल स्पिरिट से धोएं. कपड़े पर पड़ा  अल्कोहल निकल जाएगा.

* उधड़े हुए ऊन को फिर से नया, चमकीला और सीधा करने के लिए उसे पानी के भाप पर रखें. इसके लिए एक बर्तन में पानी गरम करें. उसके ऊपर  छलनी रखें. ऊन को छलनी में रखें. दो-दो मिनट पर ऊन को उलटती-पलटती रहें. थोड़ी देर बाद आप देखेंगी कि ऊन बिल्कुल सीधा, चमकदार और नए  जैसा हो गया है.

* ऊन से बुने स्वेटर, शॉल, मोजे, स्कार्फ आदि को धोने से पहले सूखे ब्रश से ही उनकी धूल-मिट्टी को अच्छी तरह साफ़ कर लें.

* ऊनी कपड़ों को धोने के लिए इसके लिए बनाया गया या फिर बाज़ार में मिलने वाला अच्छे ब्रांड का लिक्विड सोप इस्तेमाल करें. प्लास्टिक की  बाल्टी या फिर टब में पर्याप्त मात्रा में पानी लेकर उसमें लिक्विड सोप डालकर झागदार घोल बना लें.

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* कुछ ऊनी कपड़ों के लिए गुनगुने पानी का भी इस्तेमाल किया जा सकता है, अतः कपड़ों के अनुसार गरम या फिर ठंडा पानी भिगोने के लिए    इस्तेमाल करें.

* सभी स्वेटर को उल्टा व एक-एक करके भिगोएं व देखें कि किसी स्वेटर का रंग तो नहीं निकल रहा. यदि ऐसा है तो उस स्वेटर को अलग से भिगोएं.

* गरम कपड़ों को पहनने से पहले ड्रायक्लीन करा लें.

* गीले व नमी वाले गर्म कपड़ों पर प्रेस न करें. ऐसा करने से उनकी चमक फीकी पड़ सकती है. साथ ही इन्हें हैंगर पर न लटकाएं.

* ऊनी कपड़ों को सुखाते समय स्लीव्ज़ का ध्यान ज़रूर रखें, वरना वे लटक कर ढीली हो जाएंगी.

* गर्म कपड़ों को कभी भी नमी वाले स्थानों पर न रखें.

* अगर गरम कपड़े पर कॉफी गिर जाए और दाग़ पड़ जाए तो अल्कोहल व स़फेद सिरका बराबर मात्रा में मिलाकर उसमें कपड़ों को डुबोएं. दाग़ वाली  जगह को हल्का-सा मलें और साफ़ कपड़े से पोंछ दें. दाग़ निकल जाएंगे.

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* स्वेटर के कंधों को साफ़ करते समय नीचे रूई का छोटा-सा तकिया या गद्दी रखनी चाहिए. यह स्वेटर के आकार को बिगड़ने से बचाता है.

* सभी स्वेटर को अच्छी तरह से भिगोकर साफ़ पानी से चार-पांच बार धोएं.

* ऊनी कपड़ों को धोते समय ब्रश का उपयोग न करें. हल्के हाथों से रगड़कर साफ़ करें.

* अतिरिक्त पानी को निकालने के लिए स्वेटर को निचोड़ें नहीं, बल्कि स्वेटर को सूखे टॉवेल से कवर कर दें. इससे अतिरिक्त पानी टॉवेल में आ जाएगा.

* स्वेटर को सुखाने के लिए रस्सी पर न लटकाएं, उन्हें समतल ज़मीन पर फैलाकर सुखाएं. इससे उनका आकार सही बना रहेगा.

* वुलन को सूर्य के प्रकाश में न सुखाएं, इससे उनका रंग फीका पड़ जाता है.

* रोज़ाना इस्तेमाल किए जाने वाले ऊनी कपड़े घर पर धोए जा सकते हैं, लेकिन महंगे व विशेष कपड़ों को ड्रायक्लीन करवाना ही ठीक रहता है.

* वुलन को प्रेस तो आयरन को स्टीम मोड में रखें और ऊनी कपड़े के ऊपर मलमल का कपड़ा रखकर ही प्रेस करें.