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बच्चों के साथ ट्रैवल करते समय 10 बातों का रखें ख्याल (10 Essential Tips for Traveling With Kids)

बच्चों (Kids) के साथ चाहे पहली बार ट्रैवल (Travel) कर रहे हों या पांचवी बार..कुछ ज़रूरी बातों का ध्यान रखना बेहद ज़रूरी होता है. ताकि आप सुकून से यात्रा का आनंद भी ले सकें और बच्चे को भी किसी तरह की परेशानी न हो.

Tips for Traveling With Kids

  1. कई बार अपने कपड़ों के साथ ही बच्‍चों के कपड़े भी एक ही बैग में रखने से काफी दिक्‍कतें होती हैं. बार-बार चेंज करने की वजह से आपको पूरी पैकिंग इधर से उधर करनी पड़ती है. तो इस बार जब भी बच्‍चों के साथ ट्रैवल करने जाएं तो उनके लिए अलग से बैग रखें. इससे उनकी जरूरत की चीजें एक ही जगह पर आसानी से मिल जाएंगी. साथ ही वह खुद भी अपनी चीजें बैग से निकाल सकते हैं.
  2. बच्चे के साथ यात्रा कर रहे हैं तो उसकी जरूरत की चीजें साथ ले जाएं. कोशिश करें खाने की चीजों की कमी न होने पाएं. बच्चे दूध पीते हैं, इसलिए यात्रा के दौरान दूध खत्म न हो इसके लिए पहले से पर्याप्त मात्रा में दूध साथ में रख लें. इसके अलावा बच्चे की खाने की दूसरी चीजें भी अपने साथ रखें. बच्चे का पेट भरा होगा तो वह आपको परेशान नहीं करेगा. इसलिए अगली बार बच्चे के साथ यात्रा करें तो इस यात्रा का पूरा मजा लें.
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  3. अपने बच्चे के फेवरिट खिलौने और किताबें रखना ना भूलें. ऐसा करने से ना सिर्फ बच्चे मशगूल रहेंगे बल्कि उन्हें चिड़चिड़ापन भी महसूस नहीं होगा. अगर ऐसा नहीं करना चाहतीं तो मोबाइल में बच्चों के गेम या किड्स फ्रेंडली ऐप डाउनलोड कर लें.
    Tips for Traveling
  4. प्लेन में हैड लगेज के लिए हमेशा बैगपैक यूज करें, ताकि बच्चे को संभालने के लिए आपके हाथ फ्री हों.
  5. होटल का चुनाव करते समय सावधानी बरतें. ऐसा होटल न चुनें, जो बहुत ऊंचाई पर हो या जहां ज़्यादा सीढ़ियां चढ़नी पड़े, क्योंकि बच्चे को साथ लेकर बार-बार चढ़ना उतरना मुश्किल हो सकता है.
  6.  फ्लाइट बुक करते समय भी सावधानी बरतें. अगर मुमकिन हो तो रात की फ्लाइट चुनें, क्योंकि ऐसा करने पर बच्चा फ्लाइट में जाते ही अपने टाइम के अनुसार सो जाएगा और फ्लाइट में ज़्यादा तंग नहीं करेगा.
  7. बच्चे के साथ यात्रा  करते समय  ऐसी जगहों को ना चुने जहां ज्यादा भीड़ हो. ज्यादा भीड़ की वजह से बच्चे घुटन महसूस करते हैं और शोर होने की वजह से असुरक्षित महसूस करते हैं. इसलिए वे खासकर ऐसी जगहों पर रोने लगते हैं. इसलिए आप ज्यादा भीड़भाड़ वाले स्थानों की बजाय शांत जगह को चुनें.
  8. ट्रैवल के दौरान और मौसम में उतार-चढ़ाव के दौरान बीमार होना आम बात हैं. बच्चे वैसे भी कमजोर होते हैं तो बच्चों की जरूरी दवाइयां साथ रखें. बच्चे को एलर्जी है तो उसकी खास तैयारी करके चलें.
  9. ट्रैवल पर जानें से पहले बच्चों के डॉक्टर से जरूर संपर्क करें और बच्चों का रूटीन चैकअप करवाएं ताकि ट्रैवल का मजा किरकिरा ना हो और बच्चे बीमार ना पड़े.
  10. ट्रैवल पर जाते समय बच्चों के बैग या पॉकेट में जरूरी कॉन्टेक्ट नंबर्स रखें. ताकि कुछ भी परेशानी हो तो बच्चा इन नंबर्स का इस्तेमाल कर सके.
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पहली बार विदेश यात्रा पर जाते समय रखें इन बातों का ख्याल (Travel Tips To Enjoy First Foreign Tour)

पहली बार फॉरेन ट्रिप (Foreign Trip) पर जाने का अनुभव ही कुछ अलग होता है. एक्साइटमेंट के साथ-साथ घबराहट भी होती है. कैसे क्या मैनेज करना है, वो भी एक सीमित बजट के अंदर ये एक बड़ा इश्यू होता है. लेकिन अगर आप ट्रैवलिंग के अच्छे-बुरे हर एक एक्सपीरियंस के लिए तैयार हैं तो नई चीज़ों को एक्सप्लोर और ट्राय करने में बिल्कुल भी न झिझकें. पहली बार देश से बाहर जाने पर ऐसी कई सारी चीज़ों का सामना करना पड़ सकता है जो आपने पहले कभी नहीं किया हो. ऐसे में किन चीज़ों का ध्यान रखकर आप बन सकते हैं एक स्मार्ट ट्रैवलर.

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मेडिकल इंश्‍योरेंस और दवाइयां
विदेश में घूमते समय आपको कुछ भी हो सकता है, इसलिए अपने डॉक्‍टर और इंश्‍योरेंस से संबंधित सभी ज़रूरी दस्‍तावेज अपने पास रख लें. अगर आप किसी गंभीर बीमारी से पीडि़त नहीं भी हैं, तो अपने साथ एक फर्स्‍ट एड बॉक्‍स ज़रूर रखें, जिसमें सभी ज़रूरी दवाइयां हों. साथ ही अपने मेडिकल इंश्‍यारेंस प्रॉवाइडर से सुनिश्चित कर लें कि आपकी पॉलिसी इमरजेंसी के समय ओवरसीस में अप्‍लाई होती है या नहीं.

बहुत ज्यादा कैश कैरी करना अवॉयड करें
आप अपने इंटरनेशनल डेबिट कार्ड से कैश निकाल सकते हैं और अगर आपके पास ये कार्ड नहीं है तो प्रीपेड ट्रैवल कार्ड का ऑप्शन भी होता है आपके पास जिसे एक्टीवेट होने में सिर्फ एक दिन का वक्त लगता है. लेकिन जहां भी घूमने जा रहे हैं वहां की कुछ करेंसी अपने पास जरूर रखें. जो एमरजेंसी में आपके काम आएगा.

एयरपोर्ट से सिम कार्ड खरीदने से भी बचें
दूसरे देश में जाकर सिम कार्ड खरीदना भी एक जरूरी चीज़ है तो इसे एयरपोर्ट से खरीदने के बजाय लोकल या सुपर मार्केट्स से खरीदना बेहतर रहेगा। यहां आपको कम पैसों में सिम मिल जाएंगें। एयरपोर्ट पर इनकी कीमत बहुत ज्यादा होती है। वैसे आप सिम के लिए आसपास के लोगों की भी मदद ले सकते हैं।

कर लें पूरा हिसाब-किताब
विदेश जाने से पहले अपना सारा हिसाब-किताब कर लें. आपको कितनी करेंसी की ज़रूरत पड़ सकती है? रुपये और जहां आप जा रहा हैं, उस देश की करेंसी में कितना अंतर है? ऐसे सवालों का जवाब जान कर ही विदेश के लिए रवाना हों.

चार्जरअडप्‍टर भी है ज़रूरी
अगल-अलग देशों में डिफरेंट साइट के प्‍लग्‍स और वोल्‍टेज उपलब्‍ध होती है. इसलिए अगर आप अपना फोन विदेश में यूज़ कर रहे हैं, तो यह भी सुनिश्चित कर लें कि वो चार्ज कैसे और कहां होगा. पॉवर बैंक जैसी डिवाइज ऐसे में आपके बहुत काम आ सकती हैं.

साथ ले जाना न भूलें  पासपोर्ट की कॉपी
सफर के दौरान सामान चोरी होने या खो जाने की समस्‍या भी अकसर बनी रहती है. ऐसे में मुसीबत आने पर परेशानी से बचने के लिए अपने पासपोर्ट की कॉपी अपने पास जरूर रखें. कॉपी होने पर आप अपनी नागरिकता साबित करने में सक्षम हो पाएंगे.

मनी मैटर का रखें ध्‍यान
आप जिस देश में जा रहे हैं वहां कि करेंसी क्‍या है इसकी पूरी जानकारी हासिल कर लें. ये सुनिश्चित कर लें कि आपका क्रेडिट कार्ड उस देश में जरूर मान्‍य हो जहां आप जा रहे हैं. पूरी तरह से कार्ड पर ही निर्भर न रहें. अपने पास उसे देश की लोकल करेंसी भी जरूर रखें.

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विलेज टूर ताकि बच्चे जुड़े रहें अपनी संस्कृति से (Try To Visit Your Village With Kids)

विलेज टूर

विलेज टूर

लंदन देखा, पेरिस देखा, और देखा जापान….सारे जहां मे कहीं नहीं है दूसरा हिंदुस्तान… बॉलीवुड का ये गाना आज भी देश के प्रति सम्मान और प्रेम से भर देता है. इस धरती पर दूसरा हिंदुस्तान आपको नहीं मिलेगा, क्योंकि हिंदुस्तान का दिल उसके गांवों में धड़कता है. असली भारत तो गांवों में ही नज़र आता है, लेकिन अफ़सोस आपके बच्चे इस सुखद अनुभूति से कोसों दूर हो चुके हैं. दुनिया घूमकर क्या करेंगे जनाब, जब बच्चों की रगों में देश के प्रति प्रेम नहीं भर पाएंगे. जी हां, विदेशों की सैर करके अपने बच्चों के दिलों में आप विदेशी तौर-तरी़के तो भर रहे हैं, लेकिन वहीं दूसरी ओर अपनी सभ्यता और संस्कृति से दूर हो रहे हैं. अभी भी व़क्त है. चलिए, आज़ादी के इस महीने में बच्चों के साथ विलेज टूर पर.चलिए आज़ादी के इस माहौल में अपने बच्चों के साथ कुछ दिन हिंदुस्तान के गांवों में बिताइए.

मलाना, हिमाचल प्रदेश
देश में ही अगर आपको ग्रीक कल्चर देखना है, तो हिमाचल प्रदेश का मलाना गांव आपके लिए बेहतरीन डेस्टिनेशन है. यहां के लोग ख़ुद को एलेक्ज़ेंडर के वंशज मानते हैं. इतना ही नहीं मलाना गांव में लोकल कोर्ट भी है. कोर्ट का सिस्टम प्राचीन ग्रीक सिस्टम से मेल खाता है.

कैसे पहुंचे?
मलाना पहुंचने के लिए आप दिल्ली से मनाली के लिए बस/टैक्सी ले सकते हैं. मनाली से मलाना 90 किलोमीटर की दूरी पर है. मनाली से जरी या नेरंग तक आप टैक्सी से पहुंच सकते हैं. दिल्ली से ही आप फ्लाइट के ज़रिए कुल्लु एयरपोर्ट पहुंच सकते हैं. वहां से लोकल टैक्सी के ज़रिए मलाना पहुंच सकते हैं.

मस्ट डू
– मलाना जाने के बाद जमदग्नी मंदिर ज़रूर जाएं. इस बात का ध्यान रखें कि भूलकर भी दीवारों को हाथ न लगाएं.
– अगर आप ट्रेकिंग के शौक़ीन हैं, तो मलाना आपके लिए बेहतर जगह है.
– पडाड़ों से सनसेट और सन राइज़ ज़रूर देखें.

मलाना को छुआ, तो पैसे लगेंगे
जी हां, मलाना अपीन ख़ूबसूरती के लिए जाना जाता है. यहां रहने वाले लोग आपका आदर तो करेंगे, लेकिन जैसे ही आप वहां की कोई चीज़ छूने की कोशिश करेंगे, तो आपका फाइन देना पड़ेगा, इसलिए गांव को दूर से ही देखें. कुछ भी छूने की ग़लती न करें.

विलेज टूर

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अनोखा मलाना
मलाना की कुछ ऐसी बातें भी हैं, जो आपका दिल जीत लेंगी.
यहां के लोग पेड़ पर नाख़ून नहीं लगाते. उनके अनुसार इस
तरह से पेड़ को तकलीफ़ होती है. इतना ही नहीं जंगल में
लकड़ियां नहीं जलाते और तो और स़िर्फ और स़िर्फ सूखी
लकड़ियों का ही उपयोग करते हैं, वो भी जंगल से बाहर.

विलेज टूर

मावाल्यान्नॉन्ग, मेघालय
शिलॉन्ग से 90 किलोमीटर दूर दक्षिण में बसा मावाल्यान्नॉन्ग गांव पूरे विश्‍व में साफ़-सुथरा गांव के रूप में प्रसिद्ध है. बहते पानी के ऊपर पेड़ों की जड़ों से बना ब्रिज आपको यहीं देखने को मिलेगा. इस गांव में आपको प्रकृति की इंजीनियरिंग का बेहतरीन नमूना देखने को मिलेगा. 2003 में इसे एशिया के सबसे साफ़-सुथरे गांव के अवॉर्ड से नवाज़ा गया था. ईको टूरिज़्म का एहसास करने के लिए मावाल्यान्नॉन्ग ज़रूर जाएं.

कैसे पहुंचे?
यहां जाने के लिए दिल्ली और मुंबई से फ्लाइट के ज़रिए आप शिलॉन्ग एयरपोर्ट पहुंच सकते हैं. शिलॉन्ग से टैक्सी के ज़रिए आप मावाल्यान्नॉन्ग पहुंच सकते हैं. ट्रेन के ज़रिए भी आप पहले शिलॉन्ग रेलवे स्टेशन जा सकते हैं. फिर वहां से लोकल टैक्सी के ज़रिए आप पहुंच सकते हैं.

मस्ट डू
– ट्रेकिंग के दीवानों के लिए ये जगह बहुत अच्छी है. मावाल्यान्नॉन्ग से लिविंग ब्रिज तक की ट्रेकिंग ज़रूर करें.
– प्रकृति की सुंदर कृति बहते झरनों की नीचे नहाएं.
– गुफाओं की लाइफ जानने के लिए गुफाओं की सैर ज़रूर करें.

विलेज टूर

दांडी, गुजरात
गुजरात का नन्हा-सा गांव, जो कभी गुजरात में ही फेमस नहीं था, महात्मा गांधी के नमक सत्याग्रह ने उसे दुनिया के मानचित्र पर लाकर खड़ा कर दिया. ऐतिहासिक रूप से इस गांव का महत्व तो है ही साथ में प्राकृतिक रूप से भी ये संपन्न है. बच्चों को दांडी की यात्रा ज़रूर कराएं.

कैसे पहुंचे?
फ्लाइट, रेल, बस से आप दांडी पहुंच सकते हैं. आप सूरत पहुंचकर वहां से दांडी जा सकते हैं.

मस्ट डू
– दांडी बीच पर जाकर नमक सत्याग्रह यादें ताज़ा ज़रूर करें.
– होटल के कमरे तक सीमित रहने की बजाय बच्चों को गांव की सैर कराएं.
– वहां के लोगों से नमक सत्याग्रह के बारे में जानें.
– हो सके तो दांडी से साबरमती तक की यात्रा करें. इससे आप उस समय को जीने में सफल रहेंगे.

विलेज टूर

याना, कर्नाटक
जंगलों और पहाड़ों के बीच शान से बना कर्नाटक का ये गांव आपको प्रकृति के अप्रतिम दृश्य का अवलोकन कराएगा. स्कूल के किताबों में पेड़ों और पहाड़ों को देखने और उन्हें रंगों से भरने वाले बच्चों के लिए ये गांव किसी सपने से कम नहीं लगेगा. ये एक हिल स्टेशन है. दुनियाभर से पर्यटक याना का रॉक फॉरमेशन देखने आते हैं.

कैसे पहुंचे?
याना गांव पहुंचने के लिए बैंग्लोर नज़दीकी
एयरपोर्ट है. ट्रेन से जाने के लिए कोंकण रेलवे का चुनाव करें. कुम्टा नज़दीकी रेलवे स्टेशन है.

मस्ट डू
– बच्चों के साथ विबुति झरना देखने ज़रूर जाएं.
– पहाड़ों के बीच बने याना मंदिर में बच्चों के साथ पूजा करने ज़रूर जाएं.
– जंगलों के बीच में बने गुफा में बच्चों के साथ सैर ज़रूर करें.
– ट्रेकिंग के शौक़ीन हैं, तो याना में ट्रेकिंग ज़रूर करें.

बहुत कुछ सीखेंगे बच्चे
आमतौर पर शहरों के दो कमरों के घरों में रहने वाले
बच्चों की दुनिया स़िर्फ आप तक ही सीमित होती है.
देश के गांव किस तरह की समस्या से जूझ रहे हैं,
उस पर उनका ध्यान नहीं जाता. इस ट्रिप के
माध्यम से बच्चे हक़ीकत से रू-ब-रू होंगे
और वापस आने के बाद अपने में सुधार
करेंगे. उदाहरण के लिए पानी बचाना,
इलेक्ट्रीसिटी बचाना, महंगे कपड़ों,
खिलौने आदि की ज़िद्द करने से
पहले कई बार सोचेंगे.

विलेज टूर

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स्मार्ट टिप्स
– गांव का सैर करते समय अपने बैगपैक में कुछ देसी आउटफिट ज़रूर रखें.
– हील्स आदि रखने की बजाय फ्लैट फुटवेयर और स्पोर्ट्स शूज़ रखें.
– बैग में फर्स्टएड ज़रूर रखें.
– अगर बच्चों को कहीं का भी पानी सूट नहीं करता, तो साथ में पैक्ड पानी ले जाएं.
– जिस गांव की सैर करने जा रहे हैं, वहां की जानकारी लोकल गाइड से पहले ही ले लें. हो सके तो इंटरनेट के माध्यम से वहां की जानकारी ले लें.
– अपने साथ किसी लोकल गाइड को ज़रूर ले जाएं. इससे आप वहां के लोगों से आसानी से बात कर सकेंगे.
– इस ट्रिप पर कैमरा साथ रखें.
– अभी भी हमारे गांवों में इलेक्ट्रीसिटी की काफ़ी दिक्क़त होती है. ऐसे में मोबाइल को फुल चार्ज रखें औऱ हो सके तो घूमने के समय इंटरनेट का उपयोग कम करें. इससे बैटरी बचेगी.
– गांव के लोगों से बात करते समय नम्रता बरतें.
– किसी भी अनजान पर विश्‍वास करने की ग़लती न करें.

विलेज टूर

न उड़ाएं मज़ाक
शहर और गांव के कल्चर में बहुत फर्क़ होता है.
कपड़ों से लेकर बातचीत, खान-पान आदि में
विभिन्नता होती है. ऐसे में वहां के लोगों को
देखकर हंसने या उनका मज़ाक उड़ाने
की ग़लती न करें.

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