Treating Indigestion

एसिडिटी, कब्ज़, दस्त, उल्टी, पेटदर्द आदि के कारण यदि आपको भी इनडाइजेशन या अपच की तकलीफ रहती है, तो अपच व बदहज़मी के ये 5 आयुर्वेदिक उपचार आपके बहुत काम आएंगे. इनडाइजेशन या अपच होने पर ये 5 आयुर्वेदिक होम रेमेडीज़ तुरंत राहत देती हैं, इसलिए इनडाइजेशन या अपच के 5 आयुर्वेदिक उपचार ज़रूर ट्राई करें.

Indigestion

ये हैं इनडाइजेशन या अपच के 5 आयुर्वेदिक उपचार

1) यदि आपको एसिडिटी की तकलीफ रहती है और कुछ भी खाते ही एसिडिटी बढ़ जाती है, तो पांच-छह तुलसी की पत्तियां या सौंफ चबाएं. ऐसा करने से एसिडिटी की तकलीफ से छुटकारा मिलता है.

2) जिन लोगों को कब्ज़ की तकलीफ रहती है, उन्हें अपच की शिकायत भी रहती है. यदि आपको भी कब्ज़ की तकलीफ रहती है, तो रोज़ाना आधा ग्लास गुनगुने पानी के साथ आधा टीस्पून भुना हुआ जीरा पाउडर लें. ऐसा करने से कब्ज़ में राहत मिलती है.

3) यदि आपको दस्त के कारण अपच की समस्या हो रही है, तो दो टेबलस्पून दही में आधा-आधा टीस्पून मेथीदाना और जीरा मिलाकर खाएं. दिन में तीन बार ऐसा करने से दस्त में तुरंत आराम मिलता है और खाना भी ठीक से पचता है.

यह भी पढ़ें: कोरोना लॉकडाउन में सर्दी, खांसी, जुकाम से बचने के लिए करें ये 10 घरेलू उपाय (10 Home Remedies To Prevent Cough And Cold In Corona Lockdown)

4) यदि आपको पेटदर्द, अपच या बदहज़मी की तकलीफ रहती है, तो 1 ग्लास गरम पानी में चुटकीभर हींग और चुटकीभर काला नमक मिलाकर दिन में दो-तीन बार पीएं. आपको जल्दी ही आराम मिलेगा.

5) यदि आपको उल्टी हो रही है, जिसके कारण आपका खाया हुआ खाना बाहर आ जाता है, तो 1-1 टीस्पून अदरक का रस और नींबू का रस मिलाकर दिन में 2-3 बार लें. ऐसा करने से उल्टी में आराम मिलता है.

पीरियड के दर्द से छुटकारा पाने के 5 आसान घरेलू उपाय जानने के लिए देखें ये वीडियो:

Home Remedies for Indigestion

आवश्यकता से अधिक और नियम के विरुद्ध भोजन करने, अधिक पानी पीने, वेगों को रोकने, पहले किया हुआ आहार पचने से पहले दोबारा खाने, दिन में अधिक सोने और रात में अधिक जागने से समय पर खाया हुआ हल्का आहार भी नहीं पचता और अजीर्ण यानी बदहज़मी (Home Remedies for Indigestion) हो जाती है. बदहज़मी, जिसे अजीर्ण भी कहते हैं, अनेक रोगों का मूल कारण है. प्रायः आहार-विहार में विषमता होने से बदहज़मी होती है. जब खाया हुआ आहार जीर्ण (पचता) नहीं होता, तो उसे अजीर्ण कहते हैं.

* एक ग्लास गुनगुने पानी में एक चम्मच नींबू का रस, एक चम्मच अदरक का रस और दो चम्मच शहद मिलाकर पीने से बदहज़मी में लाभ होता है.

* तुलसी के ताज़े पत्ते तोड़कर रस निकालकर पीएं, बदहज़मी व डकारों से राहत मिलेगी.

* सोंठ, कालीमिर्च, पीपरि और सेंधा नमक समान मात्रा में लेकर चूर्ण बनाएं. एक टीस्पून यह चूर्ण छाछ में डालकर पीने से अजीर्ण दूर होता है.

* तुलसीदल को एक ग्राम काले नमक में पीसकर शहद की तरह चाटें.

* बदहज़मी होने पर अगर पेट में दर्द की टीस उठती है, तो तुलसी और अदरक का रस मिलाकर एक-एक चम्मच दो-तीन घंटे के अंतर से तीन बार लें. यदि इस रस को गुनगुने पानी के साथ लें, तो तुरंत लाभ होगा.

यह भी पढ़े: नींबू के 19 चमत्कारी फ़ायदे

* छाछ में मिलाकर या भोजन से पहले चुटकीभर हींग का चूर्ण सेवन करने से बदहज़मी से छुटकारा मिलता है.

* मीठे अनार का रस निकालकर उसमें भुना हुआ जीरा और गुड़ मिलाकर दिन में 2 या 3 बार सेवन करें.

* पीठी की बनी चीज़ें पचाने के लिए गर्म पानी पीना चाहिए.

* फेनी और पापड़ पचाने के लिए सहिजन का बीज अति उत्तम है.

* खिचड़ी अधिक खा लेने पर दो चुटकी सेंधा नमक का सेवन उसे पचा देता है.

* लड्डू, मालपुआ, पूरी आदि अधिक खा लेने पर पीपरामूल का चूर्ण उसे शीघ्र पचा देता है.

यह भी पढ़े: बेल के 11 आश्‍चर्यजनक हेल्थ बेनिफिट्स

* नारियल व ताड़ का फल खाने से हुए अजीर्ण में चावल खाने से पेट हल्का हो जाता है.

* फालसा या बेल अधिक खा लेने पर नीम की निंबोली खाने से वो आसानी से पच जाता है.

* कटहल का फल खाने से हुए अपच में केला खाएं.

* अधिक केले खाने पर हुए अजीर्ण से राहत पाने के लिए एक या दो चम्मच घी पीएं.

* आम अधिक खा लेने पर उन्हें पचाने के लिए ऊपर से दूध पीने से आराम मिलता है.

* खजूर या सिंघाड़े अधिक खा लेने पर सोंठ या नागरमोथे खाएं.

* चावल पचाने के लिए गुनगुना पानी पीएं.

यह भी पढ़े: फूल-पत्तियों से बीमारियों को दूर करने के टॉप 17 होम रेमेडीज़

* ककड़ी पचाने के लिए गेहूं के कुछ दाने खाएं.

* अधिक पानी पी लिया हो, तो थोड़ी-सी अजवाइन खा लें.

पथ्यः बदहज़मी होने पर शुरू में दो-तीन दिन तक कुछ नहीं खाना चाहिए. इसके बाद मसूर या मेथी का सूप जीरा, सेंधा नमक, हींग, लहसुन आदि डालकर सेवन करना चाहिए. इसके बाद मूंग के दाल की पतली खिचड़ी का सेवन करें. मट्ठा, पतली छाछ आदि पथ्य हैं. गरिष्ठ, मिर्च-मसाले वाले व देर से पचनेवाले आहारों से परहेज़ रखना ज़रूरी है.

सुपर टिप
10-15 तुलसी के पत्ते और 5-10 काली मिर्च को बारीक़ पीसकर चाट लें. इससे बदहज़मी के सारे विकार दूर हो जाएंगे.

– विशाल गुप्ता

दादी मां के अन्य घरेलू नुस्ख़े/होम रेमेडीज़ जानने के लिए यहां क्लिक करें-  Dadi Ma Ka Khazana