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ये रेशमी ज़ुल्फ़ें…हेल्दी बालों के लिए स्मार्ट टिप्स (Smart Tips For Healthy-Shiny Hair)

Healthy Shiny Hair
ये रेशमी ज़ुल्फ़ें…हेल्दी बालों के लिए स्मार्ट टिप्स (Smart Tips For Healthy-Shiny Hair)

आप भी अपने बालों को रेशमी और घना करना चाहती हैं, तो इन ईज़ी टिप्स को फॉलो करें-आप भी अपने बालों को रेशमी और घना करना चाहती हैं, तो इन ईज़ी टिप्स को फॉलो करें-प हेयर केयर रूटीन फॉलो करें.

कोई रेशम कहता है इन्हें, तो कोई सावन की घटा… कोई ग़ज़ल कहता है इन पर, तो कोई ढूंढ़ता है अपनी वफ़ा… मेरे लिए मुहब्बत की पनाह हैं ये तेरी ज़ुल़्फें, इन्हीं में बसा है मेरी हसरतों का मुकम्मल जहां…

  • बालों को क्लीन रखना बेहद ज़रूरी है.
  • हफ़्ते में 2-3 बार माइल्ड शैंपू से हेयर वॉश करें.
  • कंडीशनर यूज़ करना न भूलें.
  • बाल धोने के बाद हमेशा उन्हें थपथपाकर सुखाएं, रगड़कर न पोंछें,  वरना बाल टूटने लगेंगे.
  • गीले बालों को बांधें नहीं, इससे फंगल इंफेक्शन का ख़तरा हो सकता है.
  • बेहतर होगा नेचुरल तरी़के से ही बालों को सूखने दें.
  • हेयर ड्रायर का अधिक इस्तेमाल न करें.
  • हेयर वॉश से पहले ऑयल मसाज ज़रूर करें.
  • स्काल्प मसाज करने से ब्लड सर्कुलेशन बढ़ता है.
  • बहुत अधिक केमिकल्स के प्रयोग से बचें.
  • बाहर जाते समय बालों को धूप से बचाने के लिए स्कार्फ बांधें या छतरी लें.
  • हेल्दी डायट भी हेल्दी बालों के लिए बहुत ज़रूरी है.
  • प्रोटीन, विटामिन ई और सी से भरपूर डायट लें. डेयरी प्रोडक्ट्स, बादाम, फिश, अंडे, साबूत अनाज, गाजर, पालक, आंवला, टमाटर आदि डायट में शामिल करें.
  • दोमुंहे बालों की समस्या से बचने के लिए बालों को नियमित रूप से ट्रिम करवाती रहें.
  • अगर बहुत ज़्यादा स्टाइलिंग प्रोडक्ट्स और हार्श केमिकल्स के प्रयोग से आपके बाल डैमेज हो गए हैं, तो बनाना और ऑलिव ऑयल का मास्क अप्लाई करें.
  • मिल्क मास्क से बाल सॉफ्ट और शाइनी होते हैं, दूध में अंडा और नारियल तेल मिक्स करके बालों पर अप्लाई करें.
  • दही भी बालों को हेल्दी रखता है. आप उसका भी मास्क यूज़ कर सकती हैं.
  • फ्रिज़ी बालों के लिए एवोकैडो पल्प बेहतरीन मास्क का काम करता है. आप चाहें तो इसमें अंडा या मेयोनीज़ भी मिक्स कर सकती हैं.
  • अगर आपके बाल बहुत ड्राई हैं, तो शहद और नारियल तेल का मास्क आपके लिए परफेक्ट है.
  • स्ट्रॉबेरी हेयर मास्क बालों को मॉइश्‍चराइज़ करेगा और एक स्वीट-सी ख़ुशबू भी बालों को मिलेगी.
  • एलोवीरा पल्प बेहतरीन हेयर मास्क है. इसमें हीलिंग प्रॉपर्टीज़ होती हैं. यह बालों को हेल्दी रखता है.
  • जोजोबा ऑयल से नियमित रूप से स्काल्प मसाज करें. इससे ब्लड सर्कुलेशन तो बढ़ेगा ही, बालों को मॉइश्‍चर भी मिलेगा.
  • आधा कप दही में एक टीस्पून विनेगर मिलाकर बालों में लगाएं. यह डैमेज्ड बालों के लिए बेहतरीन मास्क है. यह बालों से एक्स्ट्रा ऑयल निकालकर उनका चिपचिपापन कम करेगा, डैंड्रफ से भी राहत मिलेगी.
  • बालों में वॉल्यूम और शाइन चाहिए, तो मेयोनीज़ बेहतरीन मास्क है. आधा कप मेयोनीज़ में कुछ बूंदें किसी भी एसेंशियल ऑयल की मिलाकर बालों व स्काल्प में अप्लाई करें. आधे घंटे बाद शैंपू कर लें.

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मॉनसून में कैसे रखें सेहत का ख़्याल? (Monsoon Health Care)

 

Monsoon Health Care
मॉनसून में कैसे रखें सेहत का ख़्याल? (Monsoon Health Care)

गर्मी की तपिश से राहत दिलानेवाली बारिश की फुहारें अपने साथ कई हेल्थ प्रॉब्लम्स भी लेकर आती हैं. सर्दी-ज़ुकाम जैसी आम समस्याओं के अलावा टायफॉइड, हैजा, मलेरिया जैसी गंभीर और जानलेवा बीमारियां भी इसी मौसम की देन हैं, लेकिन सही खानपान और कुछ हेल्दी आदतें अपनाकर आप बरसात में होनेवाली बीमारियों से बच सकते हैं.

मॉनसून हेल्थ प्रॉब्लम्स

बारिश का मौसम अपने साथ कई आम व गंभीर बीमारियां भी लेकर आता है, इसलिए ज़रूरी है कि हम पहले से ही उसके लिए सावधान रहें. एटलांटा हॉस्पिटल के जनरल फिजिशियन डॉ. फतेह सिंह ने बरसाती बीमारियों से बचाव के बारे में हमें जानकारी दी.

डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया 

जहां डेंगू में तेज़ बुख़ार, बहुत ज़्यादा सिरदर्द और जोड़ों में दर्द होता है, वहीं बुख़ार, ठंड लगना, मांसपेशियों में दर्द और कमज़ोरी आना मलेरिया के लक्षण हैं. चिकनगुनिया के भी लक्षण लगभग यही हैं.

बचाव

–    इससे बचाव का सबसे आसान तरीक़ा यही है कि घर के आसपास कहीं भी पानी का जमाव न होने दें, ताकि मच्छरों को पनपने के लिए जगह न मिले.

–    घर में कबाड़ जमा करके न रखें. जितना हो सके, घर साफ़ रखें.

–    बारिश से पहले घर में पेस्ट कंट्रोल ज़रूर करवाएं.

हैजा

बारिश के मौसम में फैलनेवाली यह एक गंभीर व जानलेवा बीमारी है, जो दूषित भोजन या पानी के कारण होती है. गंदगी और हाइजीन की कमी इस बीमारी को बढ़ावा देती है. उल्टी और पतली दस्त इस बीमारी के शुरुआती लक्षण हैं.

बचाव

–    सबसे ज़रूरी है कि आप हैजे का टीका लगवाएं, इससे 6 महीनों तक आप सुरक्षित रहेंगे.

–   हाथ धोने के लिए लिक्विड हैंड सोप का ही इस्तेमाल करें.

–   साफ़ और शुद्ध पानी के लिए प्यूरिफायर का इस्तेमाल करें अथवा पानी उबालकर पीना सबसे बेहतरीन उपाय है.

–    दूध व दूध से बनी चीज़ें, जैसे- आइस्क्रीम, मलाई वगैरह ज़्यादा न खाएं.

–    स्ट्रीट फूड से दूर रहें.

टायफॉइड

बारिश के दौरान होनेवाली यह एक आम बीमारी है. यह भी दूषित पानी व खाने के कारण ही होती है. इसमें सबसे ख़तरनाक बात यह है कि ठीक होने के बावजूद इसका इंफेक्शन मरीज़ के गॉल ब्लैडर में रह जाता है. बुख़ार, पेटदर्द और सिरदर्द इसके लक्षण हैं.

Monsoon Health Tips

बचाव

यह एक संक्रामक बीमारी है, जो बहुत तेज़ी से फैलती है, इसलिए मरीज़ को अलग कमरे में दूसरों से थोड़ा दूर रखें.

–    उबला व साफ़ पानी ही पीएं.

–    डिहाइड्रेशन से बचने के लिए मरीज़ को लगातार लिक्विड डायट लेते रहना चाहिए.

–    खाना खाने से पहले हाथों को अच्छी तरह ज़रूर धोएं.

–    होमियोपैथिक ट्रीटमेंट ज़्यादा मददगार होती है.

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डायरिया/ पेट के इंफेक्शन्स

इस मौसम में पेट की बीमारियां, जैसे- डायरिया और गैस्ट्रो सबसे ज़्यादा लोगों को परेशान करती हैं, जो वायरल या बैक्टीरियल इंफेक्शन के कारण हो सकती हैं. पेट के ज़्यादातर इंफेक्शन्स में उल्टी और दस्त होते हैं, जिसके लिए तुरंत डॉक्टर से मिलना बहुत ज़रूरी है.

बचाव

–    खानपान के साथ-साथ पर्सनल हाइजीन का  भी ख़ास ख़्याल रखें. टॉयलेट के बाद और डायपर बदलने पर हैंडवॉश से हाथ ज़रूर धोएं.

–    बर्तनों और कटिंग बोर्ड को अच्छी तरह साफ़ रखें.

–    ऐसे फल और सब्ज़ियां खाएं, जिनके छिलके निकाल सकते हैं.

–   अगर ट्रैवेल करनेवाले हैं, तो हेपेटाइटिस ए का टीका ज़रूर लगवाएं.

पीलिया

मॉनसून के दौरान लिवर में वायरल इंफेक्शन काफ़ी आम बात है. हेपेटाइटिस के वायरस पानी के ज़रिए तेज़ी से फैलते हैं. यह इंफेक्शन गंभीर हो सकता है, क्योंकि हेपेटाइटिस का कारण पीलिया होता है, जिससे आंखें और यूरिन आदि पीले पड़ जाते हैं.

बचाव

–    हेपेटाइटिस ए और बी का वैक्सीन लें.

–    दूषित खाने और पानी से बचें.

–    हाइजीन का ख़ास ख़्याल रखें.

हेल्थ अलर्ट्स

–    अगर तीन दिन से बुख़ार आ रहा है, तो ख़ुद से दवा खाने की बजाय डॉक्टर को दिखाएं, क्योंकि यह कोई गंभीर बुख़ार भी हो सकता है.

–   शरीर पर किसी भी तरह के रैशेज़ या फोड़े-फुंसी नज़र आएं, तो तुरंत डॉक्टर को दिखाएं, यह कोई इंफेक्शन भी हो सकता है.

–    अगर आपको अस्थमा या कोई और ब्रीदिंग प्रॉब्लम है, तो ध्यान रखें कि सीलनवाली दीवार से चिपककर न बैठें. घर की दीवारें गीली न रखें, वरना फंगस के कारण आपको तकलीफ़ हो सकती है.

–    अस्थमा और डायबिटीज़ के मरीज़ ज़्यादा तीखा और मसालेदार खाना न खाएं, वरना उन्हें हेल्थ प्रॉब्लम्स हो सकती हैं.

–   डायबिटीज़ के मरीज़ नंगे पांव गीली ज़मीन पर न चलें, वरना जर्म्स और बैक्टीरिया से आपको इंफेक्शन हो सकता है.

मॉनसून डायट

मॉनसून में हमारी पाचन क्रिया धीमी हो जाती है, इम्यून सिस्टम कमज़ोर हो जाती है और शारीरिक क्षमता पर भी इसका असर पड़ता है. इस मौसम में खाना ठीक तरी़के से पचता नहीं, जिससे एसिडिटी और गैस जैसी समस्याएं होने लगती हैं. ऐसे में आपको खानपान का ख़ास ध्यान रखना चाहिए.

–    बारिश में उबालकर छाना हुआ पानी ही पीएं, वरना दूषित पानी के कारण बीमार पड़ सकते हैं.

–    मॉनसून में हरी पत्तेदार सब्ज़ियां खाने से बचें, क्योंकि बारिश में उनमें कीड़े लगने लगते हैं, जो आपके खाने के साथ पेट में जा सकते हैं.

–    मसालेदार और तले हुए खाने से अपच, उबकाई आना, वॉटर रिटेंशन आदि की समस्या हो सकती है.

–    रोज़ाना गर्म दाल या सूप ज़रूर पीएं. उसमें हल्दी, लौंग, कालीमिर्च और सौंफ ज़रूर डालें. यह इंफेक्शन से लड़ने में आपकी मदद करेगा.

–    खाने के बाद सौंफ का पानी पीने से गैस और एसिडिटी की समस्या नहीं होती. घर के सभी सदस्यों को खाने के बाद ये पानी दें.

–    उबला व अच्छी तरह पका हुआ खाना मॉनसून में आपकी सेहत की देखभाल करेगा.

–   एंटीबैक्टीरियल और एंटीऑक्सीडेंट के गुणों से भरपूर हर्बल टी और ग्रीन टी इस मौसम में काफ़ी फ़ायदेमंद साबित होती हैं. इसे डेली डायट का हिस्सा बनाएं.

–    गाय का दूध पीएं. यह हल्का व सुपाच्य होता है, जिससे आपको इंस्टेंट एनर्जी मिलती है.

–    खाने में गेहूं के आटे और मैदा की जगह जौ और चने के आटे का इस्तेमाल करें.

–    रोज़ाना अरहर की दाल की बजाय मूंगदाल का इस्तेमाल करें.

–    फ्रेश फ्रूट्स में आप सेब, अनार, मोसंबी और केला खाएं. ड्रायफ्रूट्स को अपने डेली डायट का हिस्सा बनाएं.

–    इस मौसम में जितना हो सके, प्रोसेस्ड फूड अवॉइड करें.

–   नॉन वेज के शौक़ीन बरसात में इसका सेवन कम कर दें.

–    अगर आप दही खाना पसंद करते हैं, तो ज़रूर खाएं, पर उसमें नमक या शक्कर मिला लें.

–    इस मौसम में गाय का घी खाना काफ़ी फ़ायदेमंद होता है, क्योंकि वो न स़िर्फ आपकी पाचन क्रिया  को दुरुस्त रखता है, बल्कि रोगप्रतिरोधक क्षमता बढ़ाकर आपकी याद्दाश्त को बेहतर बनाता है.

–   कच्ची सब्ज़ियां और सलाद खाने से बचें. अगर घर पर खा रहे हैं, तो सब्ज़ियों को अच्छी तरह धोकर ही इस्तेमाल करें.

हेल्दी लाइफस्टाइल

–   बहुत ज़्यादा भीड़भाड़वाली जगह पर जाना अवॉइड करें, क्योंकि वहां वायरल इंफेक्शन होने की संभावना ज़्यादा रहती है.

–    फुल स्लीव शर्ट और फुल पैंट पहनें, ताकि मच्छर काट न सकें.

–    जिन्हें एलर्जी और इंफेक्शन्स की समस्या है, वो नीम की पत्तियों को उबालकर उसे नहाने के पानी में मिलाकर नहाएं.

–    एक्सरसाइज़ इस मौसम में भी उतनी ही ज़रूरी है, जितनी हर मौसम में.

–    हो सके तो शाम को घर पहुंचने पर नहाएं.

अपनाएं ये होम रेमेडीज़

–    सर्दी-खांसी से राहत के लिए एक कप पानी में सोंठ पाउडर उबालकर पीएं, राहत मिलेगी.

–    गले में ख़राश या दर्द है, तो गुनगुने पानी में नमक और हल्दी मिलाकर गरारे करें.

–    सर्दी से नाक बंद हो गई हो, तो गर्म पानी में नीलगिरी तेल कीकुछ बूंदें डालकर भाप लें या फिर रुमाल में उसकी कुछ बूंदें छिड़ककर सूंघें.

–    अगर वायरल फीवर है, तो एक कप पानी में तुलसी और अदरक मिलाकर उबाल लें. आंच से उतारकर शहद मिलाएं और चाय की तरह पीएं.

–    अपच व बदहज़मी से बचने के लिए हर बार खाने से पहले अदरक के एक छोटे से टुकड़े पर सेंधा नमक लगाकर खाएं.

–    रोज़ाना हल्दीवाला दूध न स़िर्फ आपको दूषित पानी के कारण होनेवाली बीमारियों से बचाएगा, बल्कि आपकी रोगप्रतिरोधक क्षमता भी बढ़ाएगा.

– सुनीता सिंह

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हेल्दी टिफिन आइडियाज़ (Healthy Tiffin Ideas)

Healthy Tiffin Ideas

हेल्दी टिफिन आइडियाज़ (Healthy Tiffin Ideas)

बच्चों को खाना खिलाना किसी चैलेंज से कम नहीं, क्योंकि बच्चों को रोज़ एक जैसा खाना पसंद नहीं आता. बच्चों को टिफिन में क्या दें, जो हेल्दी भी हो और टेस्टी भी, इस बात को लेकर लगभग सभी माएं परेशान रहती हैं. आपकी इस मुश्किल को सुलझाने के लिए हमने जुटाए हैं हेल्दी टिफिन आइडियाज़.

–    बच्चे के टिफिन के लिए यदि परांठे बना रही हैं, तो आटे को पानी की बजाय पकी हुई पीली दाल में गूंधें. चाहें तो इसमें कटा हुआ प्याज़, हरा धनिया, अदरक-लहसुन का पेस्ट, नींबू का रस भी मिला सकती हैं, फिर इसके परांठे बना लें.

–    ज्वार, बाजरा, रागी, नाचनी आदि का आटा मिक्स करके उसमें सब्ज़ियां स्टफ़ करके बच्चों के लिए हेल्दी परांठे बनाएं.

–    बच्चों के फेवरेट नूडल्स में ढेर सारी सब्ज़ियां डालकर उसे हेल्दी बनाएं.

–    पास्ता बनाते समय उसमें भी ख़ूब सारी सब्ज़ियां डाल दें.

–    यदि ढोकला बना रही हैं, तो दो ढोकले के बीच में एक पनीर या चीज़ की लेयर रख दें.

–    टिफिन के लिए यदि सूजी का उपमा बना रही हैं, तो उसमें बारीक़ कटी हरी सब्ज़ियां डाल दें.

–    सूजी की बजाय आप दलिया का उपमा भी बना सकती हैं और इसमें भी कटी हुई सब्ज़ियां डाल सकती हैं.

–   इसी तरह पोहा बनाते समय उसमें कटी हुई सब्ज़ियां, कॉर्न, पनीर आदि मिला सकती हैं.

–    आलू टिक्की बना रही हैं, तो उसमें उबला व पीसा हुआ राजमा मिला दें.

–    इडली बनाते समय भी उसमें कटी हुई सब्ज़ियां या सब्ज़ियों को पीसकर डाल दें.

–    पाव भाजी बना रही हैं, तो सब्ज़ी बनाते समय उसमें कॉर्न, पनीर आदि भी मिक्स करें.

–    सैंडविच में मिक्स वेजीटेबल्स भी स्टफ़ कर सकती हैं.

–    ऑमलेट बना रही हैं. तो उसमें शिमला मिर्च, प्याज़, टमाटर आदि काटकर डाल दें. इससे टिफिन और हेल्दी बन जाएगा.

–    बच्चों के टिफिन के लिए डोसा बनाते समय उसे मैक्सिकन स्टाइल में बनाएं. इसके लिए उसमें आलू स्टफ करने की बजाय लंबाई में पतली-पतली कटी सब्ज़ियां स्टफ कर लें.

–   हरी मूंगदाल के चीले भी बेस्ट ऑप्शन हैं. इसके लिए हरी मूंगदाल को रातभर पानी में भिगोकर रखें. सुबह पीसकर उसमें नमक, हरी मिर्च, अदरक-लहसुन का पेस्ट, कटा हुआ प्याज़, नींबू का रस आदि मिलाकर चटपटे और हेल्दी चीले बनाएं.

–    आटे में बारीक़ कटी या पीसी हुई सब्ज़ियां मिलाकर भी चीले बनाए जा सकते हैं.

–    यदि बच्चा चाट या भेल की फ़रमाइश करे, तो उसमें उबले कॉर्न, राजमा, चना, सोया आदि डाल दें.

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10+ मॉनसून मेकअप टिप्स (Monsoon Makeup Tips)

मॉनसून में मौसम तो रूमानी होता है पर सबसे बड़ी समस्या ये होती है कि अपना लुक कैसे बरकरार रखा जाए? यहां हम आसान मेकअप टिप्स दे रहे हैं जिन्हें अपनाकर आप मॉनसून में भी हॉट और सेक्सी लगेंगी.

Monsoon Makeup

10+ मॉनसून मेकअप गाइड (Monsoon Makeup Tips)

– लाइट और नेचुरल मेकअप करें.

– स्टाइलिश लुक के लिए आप ब्राइट कलर की वॉटरप्रूफ लिपस्टिक यूज़ कर सकती हैं.

– वॉटरप्रूफ काजल और आईलाइनर भी लगा सकती हैं.

– इस मौसम में आप कलर्स के साथ एक्सपेरिमेंट कर सकती हैं.

– बेहतर होगा हैवी फाउंडेशन, ब्लश आदि  न लगाएं.

– अगर आपको मेकअप लगाना ही है, तो पहले चेहरे पर ब़र्फ रगड़ लें, इससे मेकअप टिका रहेगा और भीगने पर भी वो फैलेगा नहीं.

– अगर आपकी स्किन ड्राई या कॉम्बीनेशन है, तो ब़र्फ रगड़ने के बाद टोनर अप्लाई करें.

– अगर ऑयली है, तो ब़र्फ रगड़ने के बाद एस्ट्रिंजेंट लगाएं.

– आईशैडो में क्रीमी पिंक, लाइट ब्राउन, पेस्टल और बेज कलर्स इस सीज़न को कॉम्प्लीमेंट करते हैं.

– वॉटर बेस्ड मॉइश्‍चराइज़र्स ही यूज़ करें.

– हेयर स्टाइल सिंपल रखें, बाल शॉर्ट रख सकती हैं, तो बेहतर है.

– आईब्रोज़ ट्रिम करवाकर रखें, क्योंकि इस मौसम में आईब्रो पेंसिल यूज़ करना बैड आइडिया है, वो कभी भी स्मज होकर आपका लुक ख़राब कर सकती है.

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कामकाजी महिलाओं के लिए हेल्दी स्नैकिंग आइडियाज़ (Healthy Snacking Ideas For Working Women)

Healthy Snacking Ideas, Working Women cooking tips

वर्किंग वीमेन (Working Women) के लिए ज़रूरी है वर्क लाइफ (worklife) और पर्सनल लाइफ (personallife) में बैलेंस बनाते हुए भी अपने हेल्थ को इग्नोर न करना, ऐसी में ये हेल्दी स्नैकिंग (Healthy Snacking) टिप्स (Tips) उनकी मदद करेंगे


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अब वो व़क्त तो रहा नहीं, जब महिलाएं केवल किचन और घर की शोभा बढ़ाती थीं. समय बदलने के साथ-साथ महिलाओं की भूमिका में भी बहुत परिवर्तन आ गया है. फैमिली लाइफ के अलावा आज उसकी सोशल और प्रोफेशनल लाइफ भी है. यही वजह है कि उसके लिए चुनौतियां बढ़ी हैं. घर-परिवार, जॉब और बच्चों की देखभाल… इन सबके बीच उसकी अपनी सेहत काफ़ी प्रभावित होती है. लेकिन अगर वो हेल्दी डायट ले और अपनी हेल्थ को इग्नोर न करे, तो इन सारी चुनौतियों का सामना वो बेहतर तरी़के से कर पाएगी.
लें सही डायट
– काम के बीच अपने लिए कुछ भी ख़ास बनाकर खाना थोड़ा मुश्किल है, लेकिन अगर आप स्मार्टली स्नैकिंग करें, तो यह आसान हो जाएगा.
– ऑयली और जंक फूड की जगह हेल्दी फूड लें.
– आपके दोपहर के भोजन में कम से कम एक हरी सब्ज़ी, एक हिस्सा ताज़ा सलाद का और एक हिस्सा कैल्शियम से भरपूर डेयरी प्रोडक्ट, जैसे- छाछ, पनीर या दही, का होना चाहिए.
– महिलाओं को वैसे भी कैल्शियम की अधिक ज़रूरत होती है, तो ऐसे में अपनी ज़रूरतों को नज़रअंदाज़ न करें.
– पानी भरपूर पीएं. अपने डेस्क पर पानी की बोतल भरकर रखें, ताकि हमेशा हाइड्रेटेड रहें.
– काम के तनाव के बीच, देर तक काम करने और डेड लाइन्स पूरी करने के चक्कर में खानपान अनियमित और अनहेल्दी हो जाता है. लेकिन ऐसा जंक फूड न लें, जिनमें न एनर्जी है, न पोषण. बेहतर होगा कि जब भूख लगे, तो फ्रेश फ्रूट या फिर नट्स खाएं.
– एक्सरसाइज़ के लिए समय नहीं मिल पाता, तो बैठे-बैठे कुछ देेर के लिए मेडिटेशन करें. इससे तनाव कम होकर ऊर्जा मिलेगी.
– दिल्ली बेस्ड न्यूट्रिशनिस्ट रितिका समादार के अनुसार, “वर्किंग वुमन को सेहत संबंधी समस्याएं होने की अधिक आशंका रहती है, क्योंकि समय के अभाव के चलते उनकी खाने में हेल्दी फूड और पोषण की कमी रहती है. वो जब भी समय मिलता है, कुछ भी अनहेल्दी खा लेती हैं, जिससे स़िर्फ फैट्स और कैलोरीज़ ही बढ़ती हैं. इससे बचने के लिए स्मार्ट स्नैकिंग की ज़रूरत है.
– रोज़ सुबह रातभर पानी में भिगोए हुए बादाम खाएं, इससे दिनभर एनर्जी बनी रहेगी, क्योंकि यह विटामिन ई, फाइबर, प्रोटीन, राइबोफ्लेविन और अन्य कई पोषक तत्वों से भरपूर होता है.
– स्नैकिंग के लिए ऐसी हेल्दी चीज़ें सिलेक्ट करें, जिन्हें कैरी करना भी आसान हो.”

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कैसे करें स्मार्ट स्नैकिंग?
– सलाद काटने का समय नहीं हो, तो गाजर, ककड़ी, टमाटर, सेब आदि को आप यूं ही बैग में रख लें और लंच के समय काटकर खाएं.
– जब कभी भूख लगे, तो ऑयली खाने की बजाय एक सेब या कोई अन्य फ्रूट खाएं.
– कभी-कभी भूख दिमाग़ में भी होती है, इसलिए जब भी भूख महसूस हो, तो पहले पानी पीएं. हो सकता है इसी से आपकी भूख शांत हो जाए.
– कोल्ड ड्रिंक्स की बजाय ताज़ा फलों का जूस पीएं.
– ग्रीन टी भी अच्छा ऑप्शन है. यह काफ़ी हेल्दी होती है.
– बहुत अधिक मीठा न खाएं. इससे फैट्स बढ़ेगा.
– अपने खाने में या फिर एक बाउल दही में कुछ क्रश्ड बादाम मिलाकर खाएं. यह बहुत ही हेल्दी ऑप्शन है और इससे पेट भी भरा रहेगा.
– हर 4 घंटे में भूख लगती ही है, ऐसे में अपने डेस्क या ड्रॉअर में ऐसे हेल्दी स्नैक्स रखें, जिनमें 200 से कम कैलोरीज़ हों.
– मल्टीग्रेन बिस्किट्स या क्रैकर्स, पीनट बटर, नट्स, चना, स्प्राउट्स, फ्रूट्स आदि रखें.
– बेहतर होगा कि बादाम का पैकेट लाकर ड्रॉअर में रखें, जब कभी भूख लगे, तो इसे अलग-अलग तरह से खाने में मिलाकर खाएं.
– आप रोस्टेड आल्मंड भी खा सकती हैं. चिप्स और समोसे से यह ऑप्शन बेहतर है.
– फैट फ्री, माइक्रोवेव में भुने पॉपकॉर्न भी एक विकल्प है, क्योंकि यह अधिक समय तक पेट भरे होने का एहसास कराते हैं.
– ऑलिव्स भी बहुत हेल्दी होते हैं और गुणों से भरपूर भी.
– व्हाइट ब्रेड की बजाय ब्राउन ब्रेड लें. पीनट बटर के साथ या अन्य हेल्दी चीज़ों के साथ उसकी सैंडविच बनाकर खाएं.

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कहीं सोशल मीडिया आपकी स्किन को ख़राब तो नहीं कर रहा? (Is Social Media Bad For Your Skin?)

Is Social Media Bad For Your Skin
सोशल मीडिया (Social Media) ने हमारे रिश्ते, सोशल लाइफ और हेल्थ (Health)  को तो प्रभावित किया ही है, लेकिन इसका साइड इफेक्ट हमारी स्किन पर भी हुआ है. घंटों सोशल मीडिया पर टाइम बिताने की वजह से हमें कई स्किन प्रॉब्लम्स (Skin Problems) हो रही हैं.

Is Social Media Bad For Your Skin

उम्र के निशांः आजकल सबका ज़्यादातर समय कंप्यूटर और मोबाइल पर बीतता है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि इसकी वजह से आंखों के किनारों पर झुर्रियां पड़ जाती हैं और डार्क सर्कल की प्रॉब्लम भी हो सकती है.

समाधानः बेहतर होगा कि कंप्यूटर या मोबाइल पर बहुत ज़्यादा समय ना बिताएं. बीच-बीच में ब्रेक लेते रहें. रात को अच्छी क्वालिटी की आई क्रीम आंखों के आसपास लगाकर हल्के हाथों से मसाज करें.

मुंहासे/एक्ने की परेशानीः क्या आप जानते हैं कि आपके मोबाइल फोन पर आपकी टॉयलेट सीट की तुलना में 10 गुना ज़्यादा बैक्टीरिया होते हैं. आप जब फोन कान से लगाते हैं, तो ये बैक्टीरिया आपके चेहरे पर स्थानांतरित हो जाते हैं, जिससे मुंहासे की प्रॉब्लम होने लगती है.

समाधानः मोबाइल हाइजीन का ख़्याल रखें. अपना मोबाइल हमेशा क्लीन रखें. बेहतर होगा रोज़ एक बार सेनिटाइजर से अच्छी तरह मोबाइल को पोंछ लें. इससे इंफेक्शन की संभावना नहीं रहती और आपकी स्किन भी सुरक्षित रहती है.

नींद ने भी छीनी ख़ूबसूरतीः कंप्यूटर और मोबाइल फोन की तेज़ रोशनी हमारे स्लीप पैटर्न को बिगाड़ती है. अक्सर सोने से पहले मोबाइल पर व्हाट्स अप या मैसेज देखा जाता है. इससे हमारे शरीर में मेलाटोनिन बनता है, जिससे नींद डिस्टर्ब हो जाती है और हम ठीक से सो नहीं पाते.

समाधानः सोते समय सेलफोन देखने की आदत छोड़ दें.

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स्ट्रेस का भी होता है असरः आजकल सोशल मीडिया का बहुत ज़्यादा दबाव है. लगातार इसके संपर्क में रहने से स्ट्रेस होता है, जिसका स्किन पर साइड इफेक्ट होता है.

समाधानः सबसे पहले तो सोशल मीडिया को एडिक्शन न बनने दें. मोबाइल या कंप्यूटर को टाइमपास या मनोरंजन का ज़रिया न बनाएं. स्किन से स्ट्रेस दूर करने के लिए कोई अच्छी सी डे और नाइट रिपेयर क्रीम से मसाज करें.

नोमोफोबियाः बहुत से लोग जब फोन घर पर भूल जाते हैं तो पैनिक हो जाते हैं. मोबाइल के ना होने और फोन से कॉन्टेक्ट में ना रहने पर उत्पन्न होने वाला डर नोमोफोबिया कहलाता है. इससे तनाव उत्पन्न होता है, जो त्वचा पर असर डालता है. इससे प्रीमेच्योर एंजिग या सोरायसिस भी हो सकता है.

समाधानः इस तरह का डर अपने ऊपर हावी न होने दें. स्ट्रेस से दूर रहें.

20 स्मार्ट कुकिंग आइडियाज़ (20 Smart Cooking Ideas)

स्मार्ट कुकिंग आइडियाज़, Smart Cooking Ideas

Smart Cooking Ideas

  1. घर पर समोसे या आलूवड़े बना रही हों, तो आलू की भरावन में ताज़ा पिसा हुआ घर पर समोसे या आलूवड़े बना रही हों, तो आलू की भरावन में ताज़ा पिसा हुआ गरम मसाला डालें. समोसे/आलूवड़े स्वादिष्ट बनेंगे.
  2. पनीर में सोयाबीन और बाजरे का आटा बराबर मात्रा में मिलाएं. इसमें बारीक़ कटे प्याज़, हरी मिर्च और नमक डालकर कड़ा आटा गूंध लें. इस मिश्रण से टिक्की बनाकर तवे पर सेंक लें.
  3. उबले हुए अंडे को काटने के लिए चाकू की बजाय धागे का प्रयोग करें. अंडे अच्छी तरह से कटेंगे.
  4.  क्रिस्पी फ्रेंच फ्राइज़ बनाने के लिए काटने से पहले आलू को कम-से-कम आधे घंटे के लिए ठंडे पानी में रखें.
  5. उपमा का स्वाद बढ़ाने के लिए इसे पकाते समय पानी की जगह दही मिलाएं.
  6. घर में गार्लिक ब्रेड बनाने के लिए लहसुन को बारीक़ पीस लें और बटर डालकर अच्छी तरह मिलाएं. इस मिश्रण को ब्रेड पर फैलाकर टोस्ट करें. गार्लिक ब्रेड तैयार है. चाहें तो इसमें लाल या कालीमिर्च पाउडर और हरा धनिया भी डाल सकती हैं.
  7. मिल्क शेक बनाते समय दूध में एक टीस्पून जैम या जेली मिलाएं. मिल्क  शेक टेस्टी बनेगा.
  8. उबले अंडे को चार भाग में काटें. उबले आलू को भी चौकोर आकार में काटें. दोनों को मिक्स करके उसके ऊपर कालीमिर्च पाउडर, चाट मसाला और नमक छिड़कें. एग पोटैटो सलाद तैयार है.
  9. पानीपूरी में आलू की जगह स्प्राउट्स (अंकुरित अनाज, जैसे- साबूत मूंग, मोठ आदि) भरकर पौष्टिक पानी पूरी तैयार कर सकती हैं.
  10. अरहर की दाल में उबला हुआ पानी डालकर पंद्रह मिनट के लिए भिगोएं. अब इसमें एक टीस्पून तिल का तेल डालकर चावल मिलाएं और पका लें. खिचड़ी ज़ायकेदार बनेगी.
  11. हेल्दी बेक्ड समोसा बनाने के लिए मैदे की जगह गेहूं के आटे का प्रयोग करें. गेहूं के आटे को मोयन (थोड़ा-सा घी या तेल), नमक और आवश्यकतानुसार पानी डालकर गूंध लें. उबले हुए आलू और मटर में चाट मसाला, नमक, गरम मसाला, बारीक़ कटी हरी मिर्च और हरा धनिया मिलाएं. अब आटे की लोइयां बनाकर पूरी की तरह बेल लें. हर पूरी को दो भागों में काट लें. दोनों भागों में आलू का मसाला भरकर समोसे का आकार दें. ब्रश की सहायता से समोसों पर तेल लगाएं. अब इन्हें माइक्रोवेव में कन्विक्शन मोड पर बेक कर लें.
  12. हरी पत्तेदार सब्ज़ियां पकाने से पहले तेल में थोड़ा-सा नमक डालें, ऐसा करने से पकने के बाद सब्ज़ियों का रंग काला नहीं पड़ता.
  13. बटर की जगह मस्टर्ड सॉस, हरी चटनी या टोमैटो सॉस का इस्तेमाल करें.
  14. चावल बनाते समय 1 टीस्पून नींबू का रस डालकर अच्छी तरह मिक्स करें. इससे चावल के दाने चिपकगें नहीं.
  15. इसी तरह से चावल में नींबू के रस की जगह 1 टीस्पून देसी घी भी मिला सकते हैं.
  16. पूरी या पकौड़े बनाते समय गरम तेल में चुटकीभर नमक डालने से पूरियां और पकौड़े कम तेल सोखते हैं.
  17. प्याज़ को मिक्सर में पीसने से पहले तेल में हल्का-सा भून लें. ठंंडा होने पर पीस लें. इससे खाना टेस्टी बनता है.
  18. परांठों को घी/तेल में सेंकने की बजाय बटर लगाकर सेंकने परांठे और भी टेस्टी बनते हैं.
  19. खीर बनाने से पहले चावल को मिक्सर में थोड़ा-सा दरदरा पीस लें. दरदरे पीसे चावलों से बनी खीर बहुत स्वादिष्ट होती है.
  20. रायते को और भी टेस्टी बनाने के लिए भुना हुआ जीरा-हींग पाउडर डालने की बजाय उसका छौंक लगाएं.
  21. पकौ़ड़े बनाते समय बेसन के घोल में चुटकीभर अरारोट और 1 टीस्पून गरम तेल मिलाने से पकौड़े कुरकुरे बनते हैं.

                                                                                                                                        – देवांश शर्मा

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स्वादिष्ट स्मूदी वेट लॉस के लिए(Delicious Smoothie For Weight Loss)

Smoothie For Weight Loss

हम बता रहे हैं वेट लॉस के लिए आसानी से बनने वाला स्वादिष्ट हेल्थ ड्रिंक (Smoothie For Weight Loss). यह स्मूदी पोषक तत्वों और फाइबर से भरपूर होता है. यह ड्रिंक शरीर को डिटॉक्स करने में मदद करता है. इसमें अत्यधिक मात्रा में आयरन, प्रोटीन व फाइबर पाया जाता है. इसका सेवन करने से देर तक पेट भरा रहता है.

Smoothie for Weight Loss
इस स्मूदी में पालक होता है, जो एंटीऑक्सिडेंट्स का मुख्य स्रोत होता है. इसमें पाइनएप्पल का भी प्रयोग किया जाता है, जो मेटाबॉलिज़्म बढ़ाने व वेट लॉस की प्रक्रिया को तेज़ करने में मदद करता है. स्मूदी में इस्तेमाल किया जानेवाला ग्रीन एप्पल वज़न घटाने में बेहद मददगार होता है, क्योंकि ग्रीन एप्पल में फाइबर व पॉलीफेनॉल की मात्रा बहुत अधिक होती है. इतना ही नहीं, स्मूदी में अलसी का भी प्रयोग किया जाता है, जिसमें ओमेगा-थ्री फैटी एसिड्स पाए जाते हैं. विभिन्न अध्ययनों से यह सिद्ध हो चुका है कि वज़न कम करने में अलसी बहुत कारगर होता है. यह पाचन क्रिया को भी दुरुस्त करता है. तो चलिए, जानते हैं इसे बनाने
का तरीक़ा.

हर बीमारी का आयुर्वेदिक उपचार  उपाय जानने के लिए इंस्टॉल करे मेरी सहेली आयुर्वेदिक होम रेमेडीज़ ऐप

आपको चाहिए
1 कप प्लेन योगर्ट
मुट्ठी भर पालक की पत्तियां
आधा कप पाइनएप्पल के टुकड़े
आधा कप कटा हुआ खीरा
पार्स्ले की कुछ पत्तियां
1 टेबलस्पून अलसी
सभी चीज़ों को मिक्सी में डालकर एक मिनट तक ब्लेंड करें. स्वादिष्ट स्मूदी
तैयार है. अगर आप चाहें तो इसमें आइस क्यूब्स मिला सकती हैं. आप यह स्मूदी रोज़ाना पी सकती हैं.
टिप्स
* यदि आप चाहें तो इसमें आधा कप स्ट्रॉबेरी भी मिला सकती हैं.
* कटाने से पहले फलों व सब्ज़ियों को अच्छी तरह धोएं.
* स्मूदी बनाकर तुरंत पी लें. आप फ्रिज में स्टोर कर सकती हैं, लेकिन 24 घंटे के अंदर इस्तेमाल करें.

 

10 गुड फूड, 10 बैड फूड (10 Good Food 10 Bad Food)

बातें जो अच्छी हैं आपके रिश्ते के लिए (Ways To Improve Your Relationship)

Ways To Improve Your Relationship

पति-पत्नी के बीच लड़ाई-झगड़े, बहस, नोंक-झोंक, प्यार-तकरार बहुत ही आम बात है, जो उनके रिश्ते की मिठास को कम करने की बजाय बढ़ाती ही है, लेकिन कई बार ऐसी बातें, जिन्हें ग़ैरज़रूरी समझ या अपने ईगो की वजह से हम नज़रअंदाज़ करते जाते हैं, वे रिलेशनशिप के लिए घातक सिद्ध हो सकती हैं. यह समझना ज़रूरी है कि कुछ बातें आपके संबंध को मज़बूत व परिपक्व (Ways To Improve Your Relationship) बनाने के लिए अनिवार्य हैं.

Ways To Improve Your Relationship

क्यों हैं आप साथ-साथ?

  • शादी के कुछ वर्षों बाद हो सकता है आपको यह लगे कि इस व्यक्ति से शादी करके बड़ी भूल हुई है. ऐसा इसलिए लगता है, क्योंकि दोनों के स्वभाव और आदतें भिन्न होती हैं.
  • उस समय उन बातों को याद करें, जो कभी आप दोनों को एक-दूसरे की बातें बहुत ही अच्छी लगती थीं.
  • उन बातों, उन पलों को याद करें, जिनकी वजह से आप एक-दूसरे के बिना एक पल भी गुज़ारना नहीं चाहते थे.
  • आपने एक लंबा सफ़र उन्हीं आदतों और अच्छाइयों के साथ तय किया है, इस बात को न भूलें.
  • व़क्त के साथ बहुत-सी आदतें बदलती हैं. हो सकता है आज किन्हीं कारणों से एक-दूसरे को इतना व़क्त नहीं दे पा रहे, जितना कभी देते थे, लेकिन इसका मतलब रिश्ते का अंत नहीं है. इन्हें ही याद करके, आपसी समझदारी से रिलेशनशिप को फिर से एक मौक़ा दें.

ईगो को आड़े न आने दें

  • किसी भी रिलेशनशिप के बिखराव का सबसे बड़ा कारण ईगो होता है. अगर आपसे कोई ग़लती हो जाती है, तो बेहिचक साथी को सॉरी कह दें. यह मानकर चलें कि सॉरी बोलना एक ऐसी अच्छी बात है, जो आपके ईगो को सिर उठाने नहीं देता और आपके संबंधों में भी प्यार व विश्‍वास बना रहता है.
  • मनोवैज्ञानिक नीलिमा पाठक के अनुसार, पुरानी ग़लतियों, बातों को याद करके लड़ने-झगड़ने से बेहतर है, उन्हें भूलकर या उन्हें माफ़ कर रिश्ते को एक और मौक़ा दें.
  • यक़ीनन एक माफ़ी रिलेशनशिप को बचाने का कारगर फॉर्मूला साबित होगा, क्योंकि ग़लतियों को नज़रअंदाज करना बिल्कुल सही नहीं, लेकिन उन्हें माफ़ कर देना बहुत ही बड़ी वजह बन सकती है रिलेशनशिप को दोबारा शुरू करने में.

ज़िम्मेदारियों का बंटवारा

  • पति-पत्नी दोनों का वर्किंग होना आज की जीवनशैली को मेंटेन रखने के लिए एक ज़रूरत बन गया है.
  • जिस तरह से दोनों मिल-जुलकर आर्थिक ज़िम्मेदारियों का निर्वाह करते हैं, उसी तरह से घरेलू काम में भी एक-दूसरे की मदद अवश्य करें.
  • अगर पत्नी वर्किंग ना भी हो, तो भी घर में इतने काम होते हैं कि वह थक जाती है, लेकिन आमतौर पर लोगों की यह धारणा होती है कि घर का काम करने का ज़िम्मा स़िर्फ महिलाओं का है, पर यह ज़रूरी नहीं है कि घर का सारा काम केवल पत्नी ही करे. ऐसे में अगर आप उसकी थोड़ी-सी मदद कर दें, तो उसके मन में आपके प्यार की डोर और ज़्यादा मज़बूत होगी.
  • आपकी यह छोटी-सी पहल आपकी पत्नी के मन में प्यार के साथ-साथ आपके प्रति सम्मान भी बनाए रखेगी. हमेशा ये कोशिश करनी चाहिए कि आप अपने साथी के चेहरे से उनकी प्यारी मुस्कान को कभी न जाने दें.

आपसी जुड़ाव की निशानी

  • अगर पति-पत्नी के बीच तकरार होती रहती है, तो इसे वैचारिक भिन्नता से ज़्यादा इस बात की निशानी मानना चाहिए कि उनके बीच जुड़ाव बहुत अधिक है. मनोवैज्ञानिक आराधना मलिक के अनुसार, “झगड़ा इस बात का प्रतीक होता है कि संबंधों में जीवंतता बरक़रार है. वे चाहे कितना ही झगड़ें, पर एक-दूसरे से अलग नहीं हैं.
  • सच्चाई तो यह है कि कोई भी इंसान परफेक्ट नहीं होता है. कमी हर रिश्ते की तरह पति-पत्नी के रिश्ते में भी होती है.”
  • आपसी जुड़ाव तभी उत्पन्न होता है, जब एक साथी को यह पता हो कि दूसरा साथी क्या सोच रहा है या क्या महसूस कर रहा है. इसका अर्थ यह हुआ कि विचारों की भिन्नता को एक-दूसरे के समक्ष लाना, न कि चुप रहकर मन ही मन घुलते रहना. बोलकर, अपनी राय देकर इस नतीजे पर पहुंचना कि क्या सही है और क्या ग़लत, एक स्वस्थ रिश्ते की निशानी है.

रखें ध्यान पसंद-नापसंद का

  • एक सुदृढ़ और सम्मानजनक रिलेशनशिप के लिए साथी की पसंद-नापसंद का ध्यान रखना उतना ही महत्वपूर्ण है, जितना कि   आप स्वयं की इच्छाओं का ख़्याल रखते हैं.
  • उसे आपकी कोई बात अच्छी नहीं लगती है, तो उसे बदलने की कोशिश करें.
  • इसी तरह से इस बात का ख़्याल रखें कि ऐसी कौन-सी बातें हैं, जिनके ज़िक्र मात्र से आपके जीवनसाथी के चेहरे पर मुस्कान छा जाती है और कौन-सी ऐसी बातें हैं, जिनसे वह परेशान या दुखी हो जाता है.
  • यही नहीं, साथी को क्या खाना पसंद है, उसका पसंदीदा रंग कौन-सा है जैसी छोटी-छोटी बातें आप दोनों के प्यार को और बढ़ाएंगी.
  • नीलिमा पाठक के अनुसार, आप इस बात को भी ध्यान में रखें कि आपका साथी आपसे कैसे व्यवहार की उम्मीद करता है या किस चीज़ में उसकी रुचि ज़्यादा है.
  • इन बातों के पता होने से आप अपने साथी को कभी भी दुख देने के बारे में नहीं सोच पाते हैं.
  • कोई भी व्यक्ति अपने स्वभाव को एक दिन में नहीं बदल सकता, इसलिए उसे समय व सहयोग दें.

खुलकर बात करें

  • दांपत्य जीवन में कई बार ऐसा होता है कि एक छोटी-सी बात इतनी बढ़ जाती है कि वो एक बड़े मुद्दे का रूप ले लेती है. तब पति-पत्नी एक-दूसरे से बोलना तक छोड़ देते हैं और चुप्पी साध लेते हैं, लेकिन जब ये चुप्पी टूटती है, तो इससे घर एक जंग के मैदान में बदल जाता है.
  • कभी भी अपने दांपत्य जीवन में ऐसी स्थिति न आने दें. अपने साथी के साथ हर बात शेयर करें.
  • वैसे भी साथी का अर्थ ही ये है कि जो हमेशा आपके सुख और दुख में आपके साथ हो, साथ ही जिससे आप अपने दिल की हर बात को खुलकर कह सकें.
  • आपस  की  प्रॉब्लम्स  को  ख़त्म  करने  का  इससे  बेहतर  तरीक़ा  शायद  ही  कोई दूसरा हो.
  • रिलेशनशिप को निभाने में क्या परेशानियां आ रही हैं, किन बातों को लेकर झगड़े हो रहे हैं, इन सभी बातों के पीछे की वजहों को जानने की कोशिश करें.
  • किन तरीक़ों से उन्हें सुलझाया जा सकता है, इसके बारे में भी सोचें और मिलकर बातचीत करें. साथ ही एक-दूसरे की बातों को भी सुनें.
  • कई बार बेवजह की ग़लतफ़हमियों से भी रिश्ते में दरार आ जाती है, जिन्हें बातचीत के ज़रिए बड़ी ही आसानी से दूर किया जा सकता है. अपने साथी से मन की बात कहने में आख़िर बुराई ही क्या है और अगर इस वजह से तक़रार हो भी जाए, तो मुद्दा सुलझ भी तो जाता है.
  • बात चाहे छोटी ही क्यों न हो, चुप रहने की बजाय बात सुलझाने की कोशिश करनी चाहिए. बहस से बचने के चक्कर में अगर झगड़ा न किया जाए, तो समस्या गंभीर बन सकती है और रिश्ते में दरार भी आ सकती है.
  • मैरिज काउंसलर मणिका मानती हैं कि झगड़ा करना स्वास्थ्यवर्द्धक भी होता है और अगर उसका उपयोग ठीक तरह से किया जाए, तो वह रिश्ते को पुख्ता करने और ऊर्जावान बनाने में भी सहायक होता है. पर इसका अर्थ यह नहीं है कि जब भी आपको लगे कि रिश्ते में गरमाहट की कमी हो रही है, आप झगड़ा करने लगें.
  • पति-पत्नी का संबंध ऐसा होता है कि उनके बीच कोई भी विवाद बहुत लंबे समय तक चल ही नहीं सकता है, इसलिए अगर तक़रार हो भी गई हो, तो उसे तूल न दें और न ही यह उम्मीद रखें कि साथी आपको मनाए. बिना हिचक के साथी से माफ़ी मांग लें. इससे आप किसी भी तरह से उसकी नज़रों में छोटे नहीं होंगे, बल्कि आपकी पहल आपके संबंधों को और प्रगाढ़ता देगी.

सीमाएं तय करें

  • एक-दूसरे पर पाबंदियां लगाने की बजाय, एक-दूसरे को और उनके विचारों को आज़ादी दें.
  • रिलेशनशिप को जितना बांधकर रखा जाएगा, उतनी ही दूरियां बढ़ेंगी.
  • मैरिज काउंसलर अदिती छाबड़ा का मानना है कि जो गाइडलाइन्स आपने पार्टनर के लिए तय की हैं, उन्हें ख़ुद भी फॉलो करें. अपनी बात साथी पर थोपें नहीं.

टच में रहें

  • आप चाहे अपने घर में हों या ऑफिस में, दिन में कम से कम एक बार तो पार्टनर से फोन पर बात ज़रूर करें.
  • उनसे पूछें कि दिन कैसा गुज़र रहा है,  उनकी तबियत कैसी है इत्यादि.
  • मनोवैज्ञानिकों का मानना है कि ये छोटी-छोटी बातें दांपत्य जीवन में प्रेम बढ़ाती हैं और इन्हीं छोटी-छोटी बातों से उनके बीच के रिश्ते की अहमियत हमेशा बनी रहती है.

एक-दूसरे के परिवार का सम्मान करें

  • अगर आप चाहते हैं कि आपका साथी आपको प्यार करे और आपकी बात को मान दे, तो इसके लिए यह बेहद ज़रूरी है कि आप अपने जीवनसाथी से जुड़े सारे संबंधों को खुले दिल से स्वीकार करें.
  • उसके परिवार के सदस्यों का सम्मान करें. जब आप अपने जीवनसाथी के माता-पिता को अपने माता-पिता की तरह मान-सम्मान देंगे और उसके भाई-बहनों को अपने
  • भाई-बहन की तरह प्यार करेंगे, तो यक़ीनन आपके संबंधों में प्रगाढ़ता आएगी.
  • सुमन बाजपेयी

क्या करें जब हो आपसी मनमुटाव? (How Successful Couples Resolve Conflicts)

How Successful Couples Resolve Conflicts

रिश्ते जीने का संबल होते हैं, पर जब इनमें आपसी मतभेद पनपने लगते हैं, तो जीना मुश्किल-सा हो जाता है. तो क्यों न अपने रिश्ते को हमेशा ख़ुशगवार बनाए (How Successful Couples Resolve Conflicts) रखें, जिससे मनमुटाव की गुंजाइश ही न रहे. इस संदर्भ में हमें सायकोलॉजिस्ट रोहिणी गिरिजा ने कई उपयोगी बातें बताईं.

How Successful Couples Resolve Conflicts

कभी-कभी सब कुछ अच्छा, सहज व सरल होना भी जीवन को नीरस बना देता है. ऐसे में कई बार आपसी मनमुटाव जहां रिश्ते में हलचल पैदा करते हैं, वहीं उसे मज़बूत बनाने का माध्यम भी बन जाते हैं, बशर्ते मतभेद को अधिक लंबा न खींचा जाए. मनमुटाव को हम जितनी जल्दी दूर कर लेते हैं, रिश्ते के लिए उतना ही अच्छा होता है. इसके लिए निम्न बातों पर ग़ौर फरमाएं.

  • जब कभी अपने किसी से मनमुटाव हो, तो उस पर व्यंग्यबाण न कसें. फिर चाहे वो पति-पत्नी, पैरेंट्स या फिर भाई-बहन ही क्यों न हों. अक्सर अपनों द्वारा किए गए पर्सनल कमेंट्स मन को अधिक आहत करते हैं.
  • इंसानी फ़ितरत रही है कि वे ग़लतफ़हमी को दूर करने की कोशिश कम करते हैं या फिर देरी से करते हैं. ऐसा न करें. जितनी जल्दी हो सके बातचीत द्वारा मतभेद को दूर करें.
  • एक-दूसरे को नीचा दिखाने के लिए अपशब्दों का इस्तेमाल न करें. इससे आपसी कड़वाहट अधिक बढ़ जाती है, जो संबंधों को भी कमज़ोर बना देती है.
  • ध्यान रहे, मनमुटाव रिश्ते से बढ़कर नहीं, इसलिए कभी भी रिश्ते में ईगो को आड़े न आने दें. आपसी विवाद को जितनी जल्दी भूलेंगे, रिश्ते उतनी जल्दी मधुर बनेंगे व ट्रैक पर आएंगे.
  • कई बार ऐसा भी होता है कि कोई हमें समझ ही नहीं पाता. ऐसे में बेहतर होगा कि शांत रहें और सही मौक़ा मिलने पर अपनी बात को रखें.
  • जब भी किसी बात पर बहस, मतभेद या आपसी नाराज़गी होती है, तो हम ख़ुद को सही और दूसरे को क़सूरवार ठहराते हैं. लेकिन एकबारगी आप दूसरे के पहलू से भी सोचने की कोशिश करें. यदि आप उसकी जगह होते, तो क्या करते या क्या हो सकता था. इस तरह समस्याएं जल्दी सुलझती हैं.
  • मैं क्यों बोलूं या पहले समझौता करूं… यहीं पर आकर अक्सर संबंधों की गाड़ी अटक जाती है और मनमुटाव बढ़ जाता है. हमारा अहम् कहें या फिर नाराज़गी, जो पहल करने से रोकती है. लेकिन आपके द्वारा अपनेपन से की गई प्यारभरी पहल न केवल दूसरे के ग़ुस्से को दूर करती है, बल्कि मनमुटाव को भी ख़त्म कर देती है.

इन वास्तु टिप्स को भी आज़माएं

  • हर रोज़ सुबह स्नान करने के बाद पूरे घर में गंगाजल छिड़कें.
  • किचन में बैठकर खाना खाने से घर में राहु का प्रभाव कम होता है और सुख-शांति बनी रहती है.
  • स़फेद चंदन की बनी कोई भी मूर्ति ऐसे स्थान पर रखें, जहां से परिवार के सभी सदस्यों की नज़र उस पर पड़े.
  • यदि घर के पुरुष सदस्यों के बीच मनमुटाव व तनाव है, तो घर में कदम के पेड़ की डाली रखें.
  • हर महीने घर के सदस्यों व घर में आए सभी मेहमानों की संख्या के बराबर मीठी रोटियां बनाकर गाय, कुत्ते आदि जानवरों को खिलाएं. इससे घर में आपसी मनमुटाव, बीमारी, झगड़ा, फ़िज़ूलख़र्ची आदि दूर होगी.

क्या न करें?

  • घर की उत्तर-पूर्व दिशा में डस्टबिन यानी कूड़ादान न रखें. इससे घर में आपसी मनमुटाव बढ़ता है.
  • यदि परिवार की महिलाओं में अक्सर मनमुटाव बना रहता है, तो सभी महिलाएं एक साथ लाल रंग के कपड़े न पहनें.
  • रेखा कुंदर

 

रिश्तों को आजकल हुआ क्या है? (What Is Wrong With Relationship These Days?)

परफेक्ट लाइफ पार्टनर की तलाश के स्मार्ट फॉर्मूले (Smart formulas to find out perfect life partner)

find out perfect life partner

परफेक्ट जीवनसाथी (find out perfect life partner) और सफल वैवााहिक जीवन की कल्पना तो सभी करते हैं, लेकिन बहुत कम लोग ऐसे हैं, जिनका दांपत्य जीवन सुखी है. तलाक़ की बढ़ती तादाद को देखते हुए ही एक अनुसंधान ने कोशिश की है परफेक्ट जो़ड़ों को मिलाने की कुछ सवालों के आधार पर, ताकि  परफेक्टे शादी की कल्पना को पूरा किया जा सके. आइए, डालते हैं इस पर एक नज़र.

ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी ने डेटिंग सर्विस देने वाली एक संस्था के साथ मिलकर जीवनसाथी की तलाश आसान बनाने के लिए गुणों के आधार पर जोड़े बनाने का फॉर्मूला खोजा है. इसके तहत किसी व्यक्ति के व्यक्तित्व विश्‍लेषण की तस्वीर उजागर करने के लिए दोनों ही पक्षों से 256 प्रश्‍न पूछे जाते हैं और इनका लगभग एक समान उत्तर देने वाले स्त्री-पुरुषों को एक-दूसरे का जीवनसाथी बनने के लिए हरी झंडी मिल जाती है.

डॉ. ग्लेन बकवाल्टर का मानना है कि इन 29 गुणों के मिल जाने से लंबे समय तक चलने वाले सुखद भविष्य की 80 प्रतिशत ग्यारंटी दी जा सकती है. उनका यह भी मानना है कि इन गुणों को मिलाने का  उद्देशय है, एक ऐसे व्यक्ति की तलाश, जो भावनात्मक रूप से एक दूसरे को बेहतर ढंग से समझ सकें और बिना झगड़े और विचारों की टकराहट के प्रेमपूर्वक रह सकें.

आपका स्वभाव कितना लचीला, कितना हठीला, कितने खुले दिलों दिमाग़ के, दूसरों की बात सहज मान लेने वाले, सहनशक्ति, रुचियां, आदतें इंटर पर्सनैलिटी केमिस्ट्री, आपकी उम्र, आपका व्यवसाय, कितने सचेतन हैं आदि सवाल 29 सूत्रों में शामिल हैं. यदि आपने अपना जीवनसाथी चुन लिया और जल्दी ही विवाह करने का मानस भी बना लिया है तो हमारे चंद सवालों पर ग़ौर फ़रमाएं और यदि आप भी हमारे विचारों से सहमत हैं तो सुखमय वैवाहिक जीवन आपके स्वागत के लिए तैयार है.

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शादी से क्या अभिप्राय है?
  • यह शरीर, मन व आत्मा का मिलन है. दांपत्ति अपना भावी जीवन साथ बिताना चाहते हैं. अपनी समस्याएं, अपने सुख-दुख में एक-दूसरे का साथ निभाना चाहते हैं. भविष्य को मिलकर उज्ज्वल बनाएंगे.
  • विवाह एक वैधानिक व्यवस्था है जिसमें आप अपना परिवार बढ़ाएंगे. दो लोग साथ रहें और उस प्यार के रिश्ते का वैधानिक नाम है विवाह होना.
  • वैवाहिक संबंध दोनों को संतुष्टि व अपनी अपनी  विषयों को मिल बांट कर ख़ुशी मनाने का मौक़ा दें.
  • यह ज़रूरी है कि पति-पत्नी दोनों मनोवैज्ञानिक दृष्टि से समझदार हों और विवाह से पूर्व दोनों में परस्पर अच्छी समझ हो इसके साथ ही आर्थिक स्थिति भी अच्छी हो और लंबे समय तक साथ रहने का धैर्य भी हो.
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एक दूसरे को कितना समझते हैं?
  • विवाह से पूर्व ही उस सवाल का जवाब जानने का प्रयास करें, आज मैनेजमेंट का ज़माना है. डथजढ (स्ट्रेन्थ, वीकनेस, अपारच्युनिटी और थ्रेट) से सभी परिचित हैं. आपके रिश्ते की ताक़त/ शक्ति और कमजोरियां व रिश्ता किन स्थितियों में टूटने के कग़ार पर आ सकता है. सबसे अवगत होना ज़रूरी है.
  • अपने साथी की उपलब्धियिों व अच्छाइयों पर तो नाज़ कर सकते हैं, पर क्या उसकी कमजोरियों को स्वीकार कर सकते हैं. भविष्य में  निराशा व संघर्ष से बचने के लिए यह ज़रूरी है कि जीवनसाथी को उसकी अच्छाई व कमजोरी दोनों को साथ स्वीकार करना होगा. एक-दूसरे को बदलने के प्रयास करने की बजाय आपकी बातचीत से शांतिपूर्वक अपना पक्ष रखने व दूसरे को सुनने के गुर सीखने होंगे.
  • क्या जीवनसाथी के परिवार व दोनों के साथ तालमेल कैसा है. केवल जीवनसाथी से अच्छे व्यवहार से बात नहीं बनती है. क्या उसके परिवार वालों व दोस्तों को देखकर आपकी भवें तन तो नहीं जातीं? यदि ऐसा है तो अपने आपको सुधार लें. तुम्हारी मां ने ऐसा क्यों कहा? तुम्हारे दोस्त ऐसे या वैसे क्यों हैं? की छोटी छोटी लड़ाइयां रिश्तों को टूटने के कग़ा पर ले आती है. इनसे दोस्ताना व्यवहार आपके रिश्ते को प्रगाढ़ कर आपका ही सामाजिक दायरा बढ़ाएगा.
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क्या मैं शादी के बाद अच्छा पति या पत्नी साबित होऊंगा?
  • आजकल पति पत्नी दोनों कामकाजी हैं और प्रो़फेशनल होने नाते उनकी बड़ी ज़िम्मेदारियां हैं. शादी के बाद सारी घरेलू ज़िम्मेदारियां स़िर्फ पत्नी के हवाले कर देने का ज़माना नहीं है. क्या इस बदली हुई स्थिति को संभालने के लिए आप तैयार हैं.
  •  पत्नी के साथ संग-संग किचन में, बच्चों की बेबी सिटिंग जैसी ज़िम्मेदारियों के लिए अपने को अभी से तैयार कर लें. ङ्गईगोफ को कहीं किसी छुपे कोने में ही छुपा दे जहां से उसे ढूंढा न जा सके.
  • यही नहीं, ख़र्चे भी मिल-बांट कर करने होंगे,  ज़्यादा महाभारत इसी कारण होते हैं.
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विवाह पूर्व हेल्थ चेकअप करना ज़रूरी है?
  • आपके व भविष्य में आपके परिवार के स्वास्थ्य के लिए आपका हेल्थ चेकअप ज़रूरी है. सुखी वैवाहिक जीवन ग्रह नक्षत्रों की दशा पर नहीं आपके स्वस्थ शरीर पर निर्भर करता है. कोई ऐसी बीमारी जो आने वाले समय में आपके बच्चों को प्रभावित कर सकती है के बारे में पहले से जानकर एक-दूसरे पर दोष मढ़ने की स्थिति नहीं आती है.
  • विवाह के बाद शिशु आगमन के लिए थोड़ा इंतज़ार करें ताकि एक-दूसरे को आप समझ सकें. शिशु के आगमन के लिए शारीरिक व मानसिक  दृष्टि से तैयार हो सकें. शिशु घर में ख़ुशियों का सबब बनकर आये न कि  जी का जंजाल बन जाएं.
  • ख़लील ज़िब्रान ने कहा था कि विवाह के रिश्ते में एक-दूसरे से प्रेम को  बेड़ी मत बनाओ. एक-दूसरे का प्याला तो भरो किंतु दोनों एक ही प्लाले से मत पियो. अपनी रोटी दूसरे को खिला दो, किंतु दोनों एक ही रोटी से मत खाओ. मिलकर नाचो, गाओ और ख़ुशियां तो मनाओ, किंतु अपनी अपनी जगह पर अकेले रहो. वैसे की जैसे वीणा का प्रत्येक तार अकेला रहकर भी एक ही संगीत से झंकृत होता है. एक सुंदर स्वर लहरी निकले आपके मिलन से इसके लिए ज़रूरी है कि कुछ ख़ास बातें याद रखना न भूलें.
  • अदिति

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सनस्क्रीन सिलेक्शन टिप्स

ऐ हुस्न बेपरवाह, मुझे है तेरी चाहत का नशा… गुलाब भी मांगते हैं रंगत तुझसे, ऐसी है कुछ तेरी अदा… तू चलती है जहां, धूप खिलती है वहां… और जो छिप जाती है तू, तो वीरान हो जाता है समां… कभी आंखों में ले जाती है तू ज़माने का नूर छिपाकर, तो कभी आसमान से सपनों को तोड़कर सहलाती है अपनी पलकों पर बैठाकर… साहिल की रेत पर लिखती है तू हुस्न की दास्तान और मैं लहरों-सा मिलता हूं तुझसे होकर तेरे इश्क़ में फ़ना… ये हसरतें मेरी तन्हा-तन्हा सी, तेरी तमन्नाओं में ढलकर पूरी होना चाहती हैं… और चांद की डोली पर सवार होकर, रेशमी तारों से तेरी मांग भरना चाहती हैं…

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सनस्क्रीन लगाना न स़िर्फ गर्मियों में, बल्कि हर मौसम में ज़रूरी है, क्योंकि यह आपको सनटैन, सनबर्न और प्रीमैच्योर एजिंग से प्रोटेक्शन देता है. इसके अलावा इसे अप्लाई करने से स्किन कैंसर होने की संभावना भी कम हो जाती है. लेकिन सनस्क्रीन सिलेक्ट करते व़क्त कुछ बातों का ध्यान रखना ज़रूरी है, ताकि आपको मिले कंप्लीट प्रोटेक्शन.

– सनस्क्रीन में सबसे महत्वपूर्ण होता है एसपीएफ. कितने एसपीएफ का सनस्क्रीन सिलेक्ट करना है, यह कई बातों पर निर्भर करता है, जैसे- आपकी स्किन टाइप, आपके शहर का मौसम और तापमान आदि. भारत चूंकि गर्म प्रदेश है, तो यहां एसपीएफ 30 ही इफेक्टिव होता है.

–  एसपीएफ 15 आपको अधिक से अधिक दो-तीन घंटों तक का ही प्रोटेक्शन दे सकता है.

–  गर्मियों में जब धूप तेज़ होती है, तो बेहतर होगा कि सनस्क्रीन को साथ में कैरी करें.

–   जब बाहर धूप में हों, तो हर 3-4 घंटे में सनस्क्रीन अप्लाई करें.

–  फेस के लिए अलग सनस्क्रीन लें. अगर आपकी स्किन ऑयली है, तो ऑयल फ्री सनस्क्रीन लें. इसी तरह सेंसिटिव स्किन के लिए भी अलग से सनस्क्रीन लें.

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–   आमतौर पर सनस्क्रीन लगाने के बाद आपकी त्वचा हल्की-सी डार्क पड़ जाती है, इससे बचने के लिए बाहर जाने से लगभग 15 मिनट पहले सनस्क्रीन लगाएं, ताकि बाहर जाने तक त्वचा का रंग सामान्य हो जाए.

–  सनस्क्रीन लगाने के बाद अगर आप यह सोचेंगे कि अब आप दिनभर कड़ी धूप में भी रह सकते हैं, तो आप ग़लत सोच रहे हैं. बेहतर होगा कि जहां ज़रूरत न हो, वहां धूप से बचा जाए.

–  अतिरिक्त बचाव के लिए सनग्लासेस और हैट ज़रूर पहनें.

–  सनस्क्रीन ख़रीदते समय उसकी कंसिस्टेंसी भी ज़रूर देखें.  स्प्रे की बजाय क्रीम सनस्क्रीन अच्छे होते हैं.

–  हां, अगर आप क्रीम सनस्क्रीन अप्लाई करके उस पर स्प्रे भी करते हैं, तो सनस्क्रीन का असर ज़्यादा देर तक रहता है.

 

–  अपने स्काल्प के लिए भी अलग से सनस्क्रीन ख़रीदें, क्योंकि वहां धूप डायरेक्ट और तेज़ लगती है. यह स्काल्प को जला सकती है.

–  क्रीम सनस्क्रीन ड्राई स्किन के लिए बेस्ट होता है, जेल सनस्क्रीन स्काल्प के लिए और जहां-जहां बाल हों, जैसे- पुरुषों के सीने पर लगाने के लिए अच्छा होता है. स्टिक्स में उपलब्ध सनस्क्रीन को आप आंखों के आसपास लगाने के काम में ला सकते हैं.

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–  स्प्रे सनस्क्रीन लगाने में आसान ज़रूर होता है, लेकिन उसमें डर होता है कि वो आंखों में, सांस के द्वारा फेफड़ों में या फिर मुंह में जा सकता है.

–  आप सनस्क्रीन में मॉइश्‍चराइज़र भी मिक्स कर सकते हैं. यह और भी प्रभावी होगा.

–  स़िर्फ खुले हिस्से पर ही सनस्क्रीन लगाना है और बाकी पर नहीं, यह धारणा ग़लत है. पूरे शरीर पर लगाएं, क्योंकि आपके कपड़े आपको उतना प्रोटेक्शन नहीं देंगे, जितना सनस्क्रीन लगाने के बाद मिलेगा.

–  ध्यान रहे, तेज़ धूप में यदि बिना सनस्क्रीन के आप बाहर जाएंगे, तो आपकी स्किन जल सकती है, रैशेज़ आ सकते हैं और यहां तक कि ऊपरी त्वचा की परतें भी निकल सकती हैं.

–  कभी भी सनस्क्रीन लगाने के बाद आंखों को ज़ोर से रब न करें, क्योंकि आंखों में अगर वो गया, तो नुक़सान कर सकता है.

–  बहुत छोटे बच्चों को सनस्क्रीन न लगाएं, क्योंकि उनकी त्वचा सेंसिटिव होती है. थोड़े बड़े बच्चों को भी ज़िंक ऑक्साइडयुक्त या टाइटेनियम डायऑक्साइडयुक्त सनस्क्रीन ही लगाएं, क्योंकि ये स्किन में समाते नहीं और त्वचा को नुक़सान नहीं पहुंचाते.

–  अगर सनस्क्रीन की मात्रा की बात करें, तो चेहरे, स्काल्प, बांहों और हाथों पर 1-1 टीस्पून सनस्क्रीन अप्लाई करना चाहिए और 2-2 टीस्पून धड़ के हिस्से पर और प्रत्येक पैर पर लगाएं.

– कमलेश शर्मा