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जानें 10 पावरफुल नेचुरल पेनकिलर्स के बारे में (Top 10 Powerful Natural Painkillers You Must Know)

यदि आप किसी भी तरह के बॉडी पेन (Body Pain) से परेशान हैं, तो डॉक्टर के पास जाने की बजाय एक नज़र अपने किचन में डालें. वहां पर आपको ऐसी अनेक चीज़ें मिल जाएंगी, तो आपके दर्द को चुटकियों में दूर कर देंगी.

Natural Painkillers

1. हल्दी

इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स और करक्यूमिन नामक तत्व घाव को भरने के साथ-साथ दर्द में भी राहत दिलाते हैं, इसलिए हल्दी को अपनी रोज़ाना की डायट में शामिल करें, जिससे इम्युनिटी मज़बूत हो.

– हल्दी को पीसकर घी में भूनकर और शक्कर मिलाकर कुछ दिन खाने से डायबिटीज़ में लाभ होता है.

– यदि गले में दर्द या सूजन हो, तो कच्ची हल्दी अदरक के साथ पीसकर गुड़ मिलाकर गर्म कर लें और इसका सेवन करें.

– हल्दी की गांठ तुअर की दाल में पकाकर उसे छाया में सुखा लें. इसे पानी में घिसकर सूर्यास्त के पहले, दिन में दो बार आंखों में लगाने से आंखों की लालिमा दूर होती है.

– हल्दी के टुकड़े को सेंककर रात में सोते समय मुंह में रखने से ज़ुकाम, कफ़ और खांसी में लाभ होता है. कष्टदायक खांसी भी इससे कम हो जाती है.

– हल्दी की गांठ को आग में भूनकर उसका चूर्ण बना लें. इस चूर्ण को तीन ग्राम की मात्रा में एलोवीरा में मिलाकर सुबह-शाम सात दिन तक सेवन करने से बवासीर में लाभ होता है.

2. नींबू

नींबू में ऐसी दर्दनिवारक प्रॉपटीऱ्ज होती हैं, जिससे दर्द में तुरंत आराम मिलता है. गुनगुने पानी में नींबू का रस मिलाएं. इसमें कपड़े को डुबोकर दर्दवाली जगह पर रखें. पांच-सात मिनट तक ऐसा करने से जल्द ही दर्द में आराम मिलेगा.

– नींबू का रस ठंडे पानी में मिलाकर पीने से गर्मी के कारण उत्पन्न बेचैनी दूर होती है.

– एक ग्लास पानी में एक नींबू का रस निचोड़कर उसमें थोड़ी-सी शक्कर मिलाकर पीने से पित्त की समस्या दूर होती है.

– एक ग्लास ठंडे पानी में नींबू का रस मिलाकर सुबह पीने से कब्ज़ियत में बहुत लाभ होता है.

– नींबू के रस में सेंधा नमक मिलाकर कुछ दिनों तक नियमित पीने से पथरी गल कर निकल जाती है.
3. अदरक

एंटीइंफ्लेमेट्री प्रॉपटीऱ्ज से भरपूर अदरक पेटदर्द व पेट संबंधी विकारों को दूर करने में मदद करता है. बुख़ार व गले में दर्द होने पर अदरक का सेवन करने से तुरंत आराम मिलता है.

– अदरक का रस और शहद मिलाकर सेवन करने से बैठी हुई आवाज़ खुलती है और सुरीली बनती है.
– अदरक और प्याज़ का रस मिलाकर पीने से उल्टी बंद होती है.

– 4 ग्राम सोंठ का चूर्ण पानी के साथ सेवन करने से मसूड़ों की सूजन तथा दांतों का दर्द दूर होता है.

– पतले दस्त होने पर अदरक कूटकर पानी में उबालें. फिर मरीज़ को वह पानी दिन में तीन बार पिलाएं. तुरंत लाभ होगा.

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Natural Painkillers

4. हींग

इसमें ऐसे इंफ्लेमेट्री ऑक्सीडेंट्स होते हैं, जोे पेटदर्द, उल्टी, गैस, अपच जैसी समस्याओं को दूर करते हैं. पेटदर्द होने पर हींग को पानी में घोलकर नाभि के आसपास लगाने से पेटदर्द और गैस में आराम मिलता है.

– हींग को शराब में खरल करके सुखा लीजिए. इसे दो रत्ती मक्खन के साथ खाने से खांसी, श्‍वास और दूषित कफ विकार में अत्यंत लाभ होता है.

– हींग, कपूर और आम की गुठली समभाग में लेकर पुदीने के रस में पीसकर चने के बराबर गोलियां बना लें. चार-चार घंटे पर यह गोली देने से हैजे में फ़ायदा होता है.

– हींग को पानी में उबालकर उस पानी से कुल्ले करने से दांत की पीड़ा दूर होती है. यदि दांत में पोल हो, तो पोल में हींग भरने से दंतकृमि मर जाते हैं और दांत की पीड़ा दूर हो जाती है.

5. मेथी

यह भी पेनकिलर का काम करती है.मेथी में ऐसे तत्व होते हैं, जो डायबिटीज़ को नियंत्रित करते हैं.

– पेट में जलन होने पर मेथी की सूखी पत्तियों और शहद को मिलाकर काढ़ा बनाएं. दिन में दो बार इसे पीने से पेट की जलन से राहत मिलती है.

– यदि स्किन प्रॉब्लम्स जैसे- रिंकल्स, ब्लैकहेड्स, पिंपल्स, ड्राईनेस आदि से परेशान हैं, तो मेथी की पत्तियों का पेस्ट बनाकर चेहरे पर लगाएं और  क़रीब 20 मिनट बाद गुनगुने पानी से धो लें.

– डिलीवरी के बाद महिलाओं को मेथी के लड्डू खाने को कहा जाता है. इससे प्रेग्नेंसी के बाद शरीर मज़बूत बनता है और कमज़ोरी महसूस नहीं होती.  ब्रेस्टफीड करानेवाली महिलाओं के लिए मेथी के पत्तों की सब्ज़ी बहुत फ़ायदेमंद होती है. मेथी कैल्शियम का भी बेहतरीन स्रोत है.

6. नमक

गले में ख़राश और दर्द होने पर नमक मिले गरम पानी के गलारा करने से दर्द में आराम मिलता है. इसके अलावा नमक मिले पानी से नहाने पर थकान भी दूर होती है.

7. कॉफी

हाल ही में हुए एक शोध के अनुसार, कॉफी में मौजूद कैफीन शरीर में सूजन बढ़ानेवाली रक्त कोशिकाओं को कम करने में मदद करता है. इसके अलावा सिरदर्द होने पर कॉफी पीने से दर्द में तुरंत राहत मिलती है.

8. कैलामाइन टी

इसे पीने से सिरदर्द, बॉडी पेन और तनाव दूर होता है.

9. लौंग

यह सिरदर्द, गठिया और दांत दर्द को दूर करने में मदद करता है.

10. चेरी

इसमें एंटीइंफ्लेमेट्री प्रॉपर्टीज़ होने के कारण इसे ‘पावरहाउस ऑफ न्यूट्रीशन’ भी कहते हैं. चेरी में मौजूद एंथोकाइनिन नामक तत्व दर्द उत्पन्न करनेवाले एंज़ाइम्स को रोकने में मदद करता है. चेरी खाने से मांसपेशियों के दर्द में आराम मिलता है. इसी वजह से खिलाड़ी भी अपनी डायट में चेरी जूस लेते हैं.

– अनुष्का कोठारी

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5 नेचुरल एंटीबायोटिक्स (Best Natural Antibiotics: Uses, Evidence, and Effectiveness)

Best Natural Antibiotics
इंफेक्शन व कई गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए एंटीबायोटिक का इस्तेमाल किया जाता है. लेकिन अगर एंटीबायोटिक्स का लगातार इस्तेमाल कई तरह के हेल्थ कॉम्प्लीकेशन का कारण बन सकता है. इसलिए बेहतर होगा कि नेचुरल एंटीबायोटिक्स (Best Natural Antibiotics) का इस्तेमाल किया जाए.

 

Best Natural Antibiotics

लहसुन

-लहसुन नेचुरल पेनकिलर होने के साथ-साथ एंटी-बायोटिक, एंटी-वायरल, एंटी-पैरासाइटल, एंटी-इंफ्लेमेटरी, एंटी-फंगल और एंटी-ऑक्सीडेंट भी है.
– अपनी इन्हीं ख़ूबियों के कारण यह लभगभ हर तरह के दर्द से छुटकारा दिलाता है.
– यह हृदय के लिए बहुत लाभकारी होता है, इसीलिए हार्ट प्रॉब्लम्स में डॉक्टर रोज़ाना 2
लहसुन की कलियां खाने की सलाह देते हैं.

हल्दी

Best Natural Antibiotics
– आर्थराइटिस, पेटददर्र्, सिरदर्द, दांत के दर्द, हार्टबर्न, पेट में कीड़े, डिप्रेशन, फेफड़ों के इंफेक्शन, ब्रॉन्कायटिस, हर तरह के घाव में हल्दी को रामबाण इलाज माना जाता है.
– यह एक बेहतरीन एंटीबायोटिक है, जो
दर्दनिवारक होने के साथ-साथ एंटी-इंफ्लेमेटरी, एंटी-सेप्टिक और एंटी-बैक्टीरियल भी है.

– हल्दी शरीर की रोगप्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाती है और कोलेस्ट्रॉल लेवल को बढ़ने से रोकती है.

 

लौंग

– नेचुरल पेनकिलर की ख़ूबियों से भरपूर लौंग में एंटीबायोटिक, एंटी-सेप्टिक, एंटी-माइक्रोबियल, एंटी-फंगल और एंटी-वायरल जैसे कई गुण होते हैं.
– यह घर का ऐसा वैद्य है, जो दांत के दर्द, सिरदर्द, अस्थमा, पाचन संबंधी समस्याओं और रक्त में मौजूद अशुद्धियों को दूर करता है.
– यह बहुत तेज़ होता है, इसलिए सेंसिटिव स्किनवालों को इसे इस्तेमाल करने की सलाह नहीं दी जाती.

 

शहद

– रिसर्च में यह बात साबित हो चुकी है कि शहद मुंह के छालों से डॉक्टर द्वारा प्रिस्क्राइब क्रीम के
मुक़ाबले 43 प्रतिशत जल्दी राहत दिलाता है.
– इसके अलावा पेटदर्द, कटने, जलने आदि में बहुत कारगर सिद्ध होता है.
– आयुर्वेद में शहद को पुरुषों में होनेवाली इंफर्टिलिटी को दूर करने के लिए इस्तेमाल करने की सलाह दी जाती है.
– जिन पुरुषों का स्पर्म काउंट लो है, उन्हें रोज़ाना गुनगुने दूध में शहद मिलाकर पीने की सलाह दी जाती है.

 

अदरक

– एक बेहतरीन पेनकिलर होने के साथ-साथ यह ऐसा एंटीबायोटिक्स है.
– शरीर में पाचन संबंधी समस्याओं को दूर करता है.
– सांस संबंधी बीमारियों में भी काफ़ी कारगर हैै.