TV Actress Deepika Singh

‘दीया और बाती हम’ (Diya Aur Baati Hum) सीरियल की आईपीएस ऑफिसर संध्या यानी दीपिका सिंह (Deepika Singh) का क़ामयाबी का सफ़र बहुत आसान नहीं था. टीवी एक्ट्रेस दीपिका सिंह ने अपनी मेहनत के दम पर आज ये मुकाम हासिल किया है. दीपिका सिंह के पहले ही सीरियल ‘दीया और बाती हम’ में उनका आईपीएस ऑफिसर का किरदार दर्शकों को इतना पसंद आया कि बहुत जल्दी दीपिका दर्शकों की चहेती टीवी एक्ट्रेस बन गई. उसके बाद दीपिका को मुड़कर पीछे देखने की जरूरत नहीं पड़ी. दीपिका सिंह की क़ामयाबी की कहानी जानने के लिए हमने उनसे ख़ास बातचीत की. आइए, हम आपको दीपिका सिंह की क़ामयाबी की कहानी बताते हैं.

Deepika Singh

अपने बचपन के बारे में बताइए, कैसा था आपका बचपन?
बहुत छोटी उम्र से ही मैं ये महसूस करने लगी थी किसी भी इंसान के लिए आत्मनिर्भर होना बहुत ज़रूरी है इसलिए बचपन से ही मैंने काम करना शुरू कर दिया था. मेरा स्कूल पापा की फैक्ट्री के पास ही था इसलिए स्कूल के बाद मैं फैक्ट्री पहुंच जाती थी और शाम को देर से घर लौटती थी. छठी-सातवीं क्लास तक तो मैं फैक्ट्री का सारा काम जैसे- सिलाई, कढ़ाई, डिज़ाइनिंग, पैकेजिंग वगैरह सबकुछ समझ गई थी. (हंसते हुए) आप कह सकते हैं कि मेरा बचपन फैक्ट्री में ही बीता है. फिर पढ़ाई के साथ-साथ पार्ट टाइम इवेंट्स और एडवर्टाइज़िंग के लिए काम किया और आज यहां पहुंच गई हूं.

आज जब पलटकर अपने अतीत को देखती हैं तो कैसा लगता है?
मैं अपना अतीत नहीं भूली हूं, इसीलिए शायद मैं हमेशा डाउन टु अर्थ रहती हूं. मेरा बचपन पहाड़गंज में बीता है, जहां आज भी लोग पानी की किल्लत झेलते हैं. बचपन में जब मैं पहाड़गंज में रहती थी, तो हमारे यहां पानी के टैंकर आते थे. मेरी मां, मैं और मेरी बहनें तीसरी मंज़िल तक बाल्टी से पानी भरकर ले जाते थे. कई बार फिसल भी जाते थे. मैंने लाइट और पानी की बहुत दिक्कत देखी है इसलिए मैं इन्हें कभी वेस्ट नहीं करती. कई बार जब लाइट चली जाती थी, तो हम लैंप में पढ़ाई करते थे. मैं आज भी घर के किसी भी रूम की लाइट, पंखा या एसी कभी खुला नहीं छोड़ती. मैं अपना अतीत नहीं भूली हूं इसलिए आज भी मैं पानी ज़रा भी वेस्ट नहीं करती. मुझे ये लगता है कि मैं अपनी तरह से कोशिश करती रहूंगी. मुझे देखकर कुछ लोग भी बदल सकें, तो मेरे लिए ये बहुत बड़ी बात होगी.

कैसा लगता है जब फैन्स इतना प्यार करते हैं?
मैं खुद को भाग्यशाली समझती हूं कि दर्शक मुझे इतना प्यार और अपनापन देते हैं. मैं सोशल मीडिया के माध्यम से अपने फैन्स से जुड़े रहने की पूरी कोशिश करती हूं और उनका धन्यवाद करना कभी नहीं भूलती.

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Deepika Singh

क्या शादी के बाद आपके करियर में कोई बदलाव आया?
नहीं, शादी के बाद भी मैं पहले की तरह ही काम कर रही थी. हां, प्रेग्नेंसी के समय और बेटे के जन्म के बाद मैंने कुछ समय का ब्रेक लिया था, लेकिन उसके बाद मैंने काम करना शुरू कर दिया था.

आपका मां बनने का अनुभव कैसा था?
सच कहूं तो ‘ दिया और बाती हम’ सीरियल से भी ज़्यादा मेहनत मां बनने में लगी. मां बनना औरत के लिए एक तरह से ट्रांसफॉर्मेशन का टाइम होता है. आज जब मैं ये सब सोचती हूं तो मुझे बहुत ख़ुशी होती है. मैंने पहले से ही तय कर लिया था कि मेरी डिलीवरी नॉर्मल होगी, मैं बच्चे को अपना दूध ही पिलाऊंगी और उसे डायपर नहीं पहनाऊंगी. मैंने सोहम की देखभाल के लिए मेड नहीं रखी. मुझे डर लगता था कि वो हाइजीन का ख़्याल रखेगी या नहीं. पहले मैंने मेड रखने की कोशिश की थी, लेकिन मुझे उनका काम पसंद नहीं आया. एक बार तो सोहम को आंख में इंफेक्शन हो गया था. मेड्स बच्चे को डाइपर पहनाकर फ्री हो जाती हैं इसलिए मैं अपने बच्चे को उनके हवाले नहीं करना चाहती थी.

दीपिका, मां बनने के बाद आप फिर से पहले की तरह स्लिम-ट्रिम हो गई हैं. आपने इतनी जल्दी वज़न कैसे कम किया?
मैंने वज़न कैसे कम किया, इससे पहले मैं आपको ये बताना चाहती हूं कि मेरा वज़न इतना ज़्यादा कैसे बढ़ गया. मेरा वज़न बढ़ने के ऐसे कई कारण थे, जिन पर मेरा कोई कंट्रोल नहीं था, जैसे- प्रेग्नेंसी के दौरान मुझे थायरॉइड की प्रॉब्लम हो गई थी, जिसके कारण मेरा वज़न तेज़ी से बढ़ने लगा था. फिर डिलीवरी के बाद मेरे घरवालों ने मुझे ख़ूब खिलाया-पिलाया, ताकि मुझे कमज़ोरी न आ जाए और बच्चे को दूध की कमी न हो. हमारे यहां 40 दिन तक घर से बाहर निकलने की इजाज़त नहीं है, इसलिए बैठे-बैठे बज़न और बढ़ने लगा. मैंने अपने बच्चे के लिए डाइपर का इस्तेमाल कभी नहीं किया. मुझे लगता है कि पीरियड्स के दौरान जब पांच दिन पैड पहनने में मुझे इतनी परेशानी होती है, तो इतने छोटे बच्चे को डायपर क्यों पहनाया जाए. जन्म के कुछ समय तक वो बार-बार कपड़े गीले करता था इसलिए मेरी नींद पूरी नहीं हो पाती थी, नींद की कमी से भी मेरा वज़न बढ़ने लगा. उस पर सोहम प्री-मैच्योर था इसलिए मैं उसका कुछ ज़्यादा ही ध्यान रखती थी. इस तरह मेरा वज़न 54 किलो से लगभग 72 किलो पहुंच गया. बढ़े हुए वज़न के कारण मुझे कमर दर्द की शिकायत भी होने लगी थी.

कब लगा कि अब वज़न कम करना ज़रूरी हो गया है?
सोहम (बेटे) के जन्म के बाद मेरा वजन बहुत बढ़ गया था. मेरी बॉडी इतनी स्टिफ हो गई थी कि मैं कुछ भी नहीं कर पा रही थी. साथ ही मुझे कमर दर्द भी हो रहा था. सोहम के जन्म के ठीक 2 महीने बाद से मैंने जिम ज्वाइन कर लिया. हालांकि मैं जिम में बहुत कम टाइम नहीं बिता पाती थी, क्योंकि मुझे सोहम को दूध पिलाने के लिए जल्दी घर आना होता था. ब्रेस्ट फीडिंग की वजह से मैं वेट ट्रेनिंग तो कर नहीं सकती थी, इसलिए मैं जिम में ट्रेडमिल, क्रॉस ट्रेनर, कार्डियो वगैरह ही करती थी. कई बार मैं ब्रेस्ट पंप से उसके लिए दूध भी रखकर जाती थी. इसके अलावा ब्रेस्ट फीडिंग और डांस के कारण भी मेरा वज़न तेज़ी से कम हो रहा था.

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क्या आपने डांस की स्पेशल ट्रेनिंग ली है?
हां, मैंने ओड़ीसी डांस सीखा है. हफ्ते में तीन दिन मेरे गुरु सनातन चक्रवर्ती जी मुझे ओड़ीसी डांस सिखाते हैं. मुझे डांस करना बहुत पसंद है. डांस मेरे लिए पूजा की तरह है, इससे मुझे आध्यात्मिक शांति मिलती है. जब भी मैं डांस करती हूं, तो मैं ख़ुद को एक अलग ही दुनिया में पाती हूं. मेरे ख़्याल से डांस एक अच्छी एक्सरसाइज़ है और इससे बहुत ख़ुशी मिलती है. जिम, डांस, योगा, मेडिटेशन के साथ-साथ मैंने अपनी डायट पर भी ख़ास ध्यान देती हूं.

आपके पूरे दिन का डायट प्लान क्या होता है?
मैं सुबह छह बजे उठ जाती हूं. सुबह मैं एक बॉटल गर्म पानी में 1-2 टीस्पून दालचीनी पाउडर मिलाकर पीती हूं. ये शरीर के टॉक्सिन बाहर निकालकर शरीर की सफ़ाई का काम करता है. ये इतना अच्छा प्रयोग है कि इसे आप सफ़र के दौरान भी कर सकते हैं. मेरा पानी पीने का भी नियम है. मैं शाम चार बजे तक ख़ूब पानी पीती हूं, उसके बाद ज़रूरत के हिसाब से पीना पीती हूं. सुबह 8 बजे तक मैं नाश्ता कर लेती हूं. नाश्ते में पोहा या ओट्स में मूंगफली, फ्रूट्स वगैरह डालकर खाती हूं. इससे मैं फ्रूट्स भी उसी समय खा लेती हूं. हफ्ते में तीन दिन सुबह दस बजे मेरी डांस क्लास शुरू हो जाती है (हंसते हुए), वो भी सोहम के हिसाब से आगे-पीछे होती रहती है. बाकी के दिन मैं योगा कर लेती हूं. साढ़े ग्यारह बजे तक डांस या योगा करने के बाद मैं शिकंजी (नींबू पानी) या छाछ पीती हूं. मुझे लो बीपी की प्रॉब्लम है इसलिए मैं नमक-शक्कर वाला नींबू पानी पीती हूं. कुछ देर बाद मन हुआ तो सलाद ले लेती हूं, नहीं तो सीधे लंच करती हूं. एक-डेढ़ बजे तक मैं लंच कर लेती हूं. लंच में 2 रोटी, 2 सब्ज़ी (एक सूखी और एक रस वाली), दाल, दही, हरी मिर्च, प्याज़… बिल्कुल देसी स्टाइल में खाना खाती हूं मैं. शाम पांच बजे मैं चाय के साथ बिस्किट या खाखरा लेती हूं. कई बार चना या मूंगफली खा लेती हूं. घर में खाना चाहे कितने बजे भी बने मैं शाम सात बजे अपने लिए दो परांठे बनवा लेती हूं और उन्हें सब्ज़ी या दाल जो भी मिले उसके साथ खा जाती हूं. मैंने कभी क्रैश डायट नहीं की. हां, खाना पचाने के लिए मैं रेग्युलर एक्सरसाइज़ हमेशा करती हूं. फिट रहकर, सही डायट लेकर, रेग्युलर एक्सरसाइज़ करके हम बीमारियों से दूर रह सकते हैं, बढ़ती उम्र के संकेतों को कम कर सकते हैं और हमेशा कॉन्फिडेंट नज़र आ सकते हैं.

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दीपिका, आपकी स्किन बहुत अच्छी है, इतने टाइट शेड्यूल में भी आप अपनी स्किन का ध्यान कैसे रखती हैं?
मैं अपने शरीर पर केमिकल का कम से कम इस्तेमाल करती हूं इसलिए मैं बालों में कलर करने से बचती हूं. मैं बालों के लिए हर्बल शैंपू इस्तेमाल करती हूं. शूटिंग के अलावा मैं मेकअप नहीं करती. स्किन केयर के लिए भी मैं देसी उबटन का ही इस्तेमाल करती हूं. मैं पल्सेस, चावल, कलौंजी और बादाम को पीसकर पाउडर बनाकर एयर टाइट कंटेनर में रख देती हूं. फिर बाथरूम में ये पाउटर एक बाउल में रखती हूं और इस उबटन को साबुन की तरह लगाकर नहाती हूं. नहाने में मुझे 15 मिनट लग जाते हैं, लेकिन ये संतुष्टि होती है कि मैंने अपने शरीर पर कोई केमिकल नहीं लगाया. बॉडी वॉश या साबुन लगाने के बाद कितना भी पानी डालो, वो बॉडी में रह ही जाता है. उबटन यदि शरीर पर रह भी जाए तो उसका कोई साइड इफेक्ट नहीं होता. इसके अलावा मैं हल्दी, केसर, दूध, पपीता आदि से लेप बनाकर चेहरे पर लगाती हूं. जब भी टाइम मिलता है, तो मैं आटे में सरसों का तेल मिलाकर बॉडी मसाज भी करती हूं, इससे त्वचा को ग्लो मिलता है.
– कमला बडोनी

टेलीविज़न शोज़ में जहां एक्टर्स एक प्रेमी, पति और बेटे की बेहतरीन भूमिकाएं निभाते हैं, वहीं एक्ट्रेसेस भी प्रेमिका, पत्नी और बेटी की ऐसी शानदार भूमिकाएं निभाती हैं कि उन्हें किसी और रूप में देखने की हम कल्पना भी नहीं कर पाते. लेकिन टीवी की दुनिया और परिवार से परे उनका एक अपना परिवार है, जो सचमुच में उनके लिए उनकी पूरी दुनिया है. अपने बच्चों के साथ इन स्टार्स को देखना वाकई मज़ेदार होता है, क्योंकि उस समय उनकी ख़ुशी का कोई पारावार नहीं होता. हमारी और आपकी ही तरह यह अपने बच्चों को बेहद चाहते हैं और उनके साथ समय बिताना उनका बेस्ट टाइम होता है. यहां हम आपको आपके ऐसे ही फेवरेट स्टार्स और उनके नन्हे मुन्नों के बेस्ट टाइम मेमोरीज़ की एक झलक दिखा रहे हैं, जिनसे साफ़ पता चलता है कि रियल लाइफ में ये एक बहुत अच्छे माता-पिता भी हैं.

अर्जुन बिजलानी

नागिन, इश्क़ में मरजावां, परदेश में है मेरा दिल जैसे पॉप्युलर शो करनेवाले अर्जुन टीवी के फेवरेट स्टार हैं. उनका एक बेटा है अयान बिजलानी. आप भी देखें उन दोनों की ये ख़ूबसूरत और प्यारी पिक्स.

Arjun Bijlani
Arjun Bijlani
Arjun Bijlani
Arjun Bijlani
Arjun Bijlani
Arjun Bijlani
Arjun Bijlani's Son

करणवीर बोहरा

कसौटी ज़िंदगी की, दिल से दी दुआ- सौभाग्यवती भव, नागिन 2 और शरारत जैसे शो से घर घर में मशहूर हुए एक्टर करणवीर बोहरा की जुड़वा बेटियां हैं, जिनका नाम बेला और विएना है.

Karanvir Bohra
Karanvir Bohra
Karanvir Bohra
Karanvir Bohra's Kids
Karanvir Bohra
Karanvir Bohra

गौरी प्रधान और हितेन तेजवानी

कुटुंब सीरियल की मशहूर जोड़ी गौरी और हितेन भी प्राउड पैरेंट्स हैं. उनके जुड़वा बच्चे हैं नेवान और कात्या. देखें उनकी प्यारी सी फैमिली की ये ख़ूबसूरत तस्वीरें.

Gauri Pradhan and Hiten Tejwani
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स्मृति खन्ना

मेरी आशिकी तुम से ही एक्ट्रेस स्मृति खन्ना ने लॉकडाउन के दौरान 15 अप्रैल को एक प्यारी सी बेटी अनायका को जन्म दिया. देखें उनकी और उनकी बेटी की ये प्यारी सी तस्वीरें.

Smriti Khanna
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Smriti Khanna's Kids
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Smriti Khanna
Smriti Khanna

दीपिका सिंह

पॉप्युलर टीवी शो दीया और बाती हम में संध्या का किरदार निभा घर घर में मशहूर हुई एक्ट्रेस दीपिका सिंह ने मई 2017 में बेटे सोहम को जन्म दिया था. मां-बेटे की ये जोड़ी भी है बेहद कूल.

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टेलीविज़न की मशहूर एक्ट्रेस दीपिका सिंह जितनी ख़ूबसूरत हैं, उतनी ही समझदार भी हैं. ‘दीया और बाती हम’ सीरियल की आईपीएस ऑफिसर संध्या (दीपिका का किरदार) की तरह ही दीपिका भी ज़िंदगी के हर चैलेंज का बहादुरी से सामना करती हैं. बेटे (सोहम) के जन्म के बाद दीपिका सिंह ने 18 किलो वज़न कम (Deepika Singh’s Weight Loss Secrets करके एक बार फिर सबको चौंका दिया है. इतने कम समय में दीपिका ने इतना वज़न कैसे कम किया? आइए, उन्हीं से ही जानते हैं.

दीपिका, आप फिर से पहले की तरह स्लिम-ट्रिम हो गई हैं. आपने इतनी जल्दी वज़न कैसे कम किया? (Deepika Singh’s Weight Loss Secrets)
मैंने वज़न कैसे कम किया, इससे पहले मैं आपको ये बताना चाहती हूं कि मेरा वज़न इतना ज़्यादा कैसे बढ़ गया. मेरा वज़न बढ़ने के ऐसे कई कारण थे, जिन पर मेरा कोई कंट्रोल नहीं था, जैसे-
* प्रेग्नेंसी के दौरान मुझे थायरॉइड की प्रॉब्लम हो गई थी, जिसके कारण मेरा वज़न तेज़ी से बढ़ने लगा था.
* फिर डिलीवरी के बाद मेरे घरवालों ने मुझे ख़ूब खिलाया-पिलाया, ताकि मुझे कमज़ोरी न आ जाए और बच्चे को दूध की कमी न हो.
* हमारे यहां 40 दिन तक घर से बाहर निकलने की इजाज़त नहीं है, इसलिए बैठे-बैठे बज़न और बढ़ने लगा.
* मैंने अपने बच्चे के लिए डाइपर का इस्तेमाल कभी नहीं किया. मुझे लगता है कि पीरियड्स के दौरान जब पांच दिन पैड पहनने में मुझे इतनी परेशानी होती है, तो इतने छोटे बच्चे को डायपर क्यों पहनाया जाए. जन्म के कुछ समय तक वो बार-बार कपड़े गीले करता था इसलिए मेरी नींद पूरी नहीं हो पाती थी, नींद की कमी से भी मेरा वज़न बढ़ने लगा. उस पर सोहम प्री-मैच्योर था इसलिए मैं उसका कुछ ज़्यादा ही ध्यान रखती थी.
* इस तरह मेरा वज़न 54 किलो से लगभग 72 किलो पहुंच गया. बढ़े हुए वज़न के कारण मुझे कमर दर्द की शिकायत भी होने लगी थी.

कब लगा कि अब वज़न कम करना ज़रूरी हो गया है? 
सोहम (बेटे) का जन्म 28 मई को हुआ और जुलाई की शुरुआत में जब मैंने अपना वज़न चेक किया, तो मैं हैरान रह गई. मेरा वज़न बढ़कर 72 किलो हो गया था. फिर 10 जुलाई से मैंने योगा करना शुरू किया था, लेकिन उससे भी बहुत ज़्यादा फर्क नहीं पड़ रहा था. मेरी बॉडी इतनी स्टिफ हो गई थी कि मैं कुछ भी नहीं कर पा रही थी. साथ ही मुझे कमर दर्द भी हो रहा था. मैंने डांस की प्रैक्टिस भी की, लेकिन मैं डांस कर ही नहीं पा रही थी. फिर जब मेरे बर्थडे (26 जुलाई) के दिन मेरी बहन और मां ने मुझसे कहा कि तुम्हारा वज़न कुछ ज़्यादा ही बढ़ने लगा है, तो ये मेरे लिए एक सिग्नल था. उसके बाद से मैंने फिटनेस की तरफ़ ध्यान देना शुरू कर दिया. सोहम के जन्म के ठीक 2 महीने बाद 28 जुलाई से मैंने जिम ज्वाइन कर लिया. हालांकि मैं जिम में बहुत कम टाइम ही बिता पाती थी, क्योंकि मुझे सोहम को दूध पिलाने के लिए जल्दी घर आना होता था. ब्रेस्ट फीडिंग की वजह से मैं वेट ट्रेनिंग तो कर नहीं सकती थी, इसलिए मैं जिम में ट्रेडमिल, क्रॉस ट्रेनर, कार्डियो वगैरह ही करती थी. कई बार मैं ब्रेस्ट पंप से उसके लिए दूध भी रखकर जाती थी. इसके अलावा ब्रेस्ट फीडिंग और डांस के कारण भी मेरा वज़न तेज़ी से कम हो रहा था.

आप क्या डांस की स्पेशल ट्रेनिंग ले रही हैं?
हां, मैं ओड़ीसी डांस सीख रही हूं. हफ्ते में तीन दिन मेरे गुरु सनातन चक्रवर्ती जी मुझे ओड़ीसी डांस सिखाते हैं. मुझे डांस करना बहुत पसंद है. डांस मेरे लिए पूजा की तरह है, इससे मुझे आध्यात्मिक शांति मिलती है. जब भी मैं डांस करती हूं, तो मैं ख़ुद को एक अलग ही दुनिया में पाती हूं. मेरे ख़्याल से डांस एक अच्छी एक्सरसाइज़ है और इससे बहुत ख़ुशी मिलती है. जिम, डांस, योगा, मेडिटेशन के साथ-साथ मैंने अपनी डायट पर भी ख़ास ध्यान देती हूं.

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आपके पूरे दिन का डायट प्लान क्या होता है? (Deepika Singh’s Weight Loss Secrets)
डायटिंग का ये मतलब नहीं है कि ख़ुद को खाने इतना दूर कर लो कि आपकी इमयूनिटी ही ख़राब हो जाए. फिर कल को जब आप कोई चीज़ खाएं तो आपकी बॉडी उसे डाइजेस्ट ही न कर पाए. हर चीज़ खानी चाहिए, लेकिन लिमिट में. साथ ही रेग्युलर एक्सरसाइज़ भी करनी चाहिए, ताकि आपका खाना अच्छी तरह पच जाए. मैं बार-बार नहीं खाती. दिन में 3-4 बार ही खाती हूं, वो भी घर का बना नॉर्मल खाना.
* मैं सुबह छह बजे उठ जाती हूं. सुबह मैं एक बॉटल गर्म पानी में 1-2 टीस्पून दालचीनी पाउडर मिलाकर पीती हूं. ये शरीर के टॉक्सिन बाहर निकालकर शरीर की सफ़ाई का काम करता है. ये इतना अच्छा प्रयोग है कि इसे आप सफ़र के दौरान भी कर सकते हैं. मेरा पानी पीने का भी नियम है. मैं शाम चार बजे तक ख़ूब पानी पीती हूं, उसके बाद ज़रूरत के हिसाब से पीना पीती हूं.
* 8 बजे तक मैं नाश्ता कर लेती हूं. नाश्ते में पोहा या ओट्स में मूंगफली, फ्रूट्स वगैरह डालकर खाती हूं. इससे मैं फ्रूट्स भी उसी समय खा लेती हूं.
* हफ्ते में तीन दिन सुबह दस बजे मेरी डांस क्लास शुरू हो जाती है (हंसते हुए), वो भी सोहम के हिसाब से आगे-पीछे होती रहती है. बाकी के दिन मैं योगा कर लेती हूं. साढ़े ग्यारह बजे तक डांस या योगा करने के बाद मैं शिकंजी (नींबू पानी) या छाछ पीती हूं. मुझे लो बीपी की प्रॉब्लम है इसलिए मैं नमक-शक्कर वाला नींबू पानी पीती हूं. कुछ देर बाद मन हुआ तो सलाद ले लेती हूं, नहीं तो सीधे लंच करती हूं.
* एक-डेढ़ बजे तक मैं लंच कर लेती हूं. लंच में 2 रोटी, 2 सब्ज़ी (एक सूखी और एक रस वाली), दाल, दही, हरी मिर्च, प्याज़… बिल्कुल देसी स्टाइल में खाना खाती हूं मैं. आजकल हमारे घर में राजस्थान से टीट का अचार आया हुआ है, तो मैं अचार भी स्वाद लेकर खा रही हूं.
* शाम पांच बजे मैं चाय के साथ बिस्किट या खाखरा लेती हूं. कई बार चना या मूंगफली खा लेती हूं.
* घर में खाना चाहे कितने बजे भी बने मैं शाम सात बजे अपने लिए दो परांठे बनवा लेती हूं और उन्हें सब्ज़ी या दाल जो भी मिले उसके साथ खा जाती हूं. आजकल आम आए हुए हैं, तो आम के साथ भी खा जाती हूं. सात बजे मैं डिनर कर ही लेती हूं.
* मैं सोहम को ब्रेस्ट फीड कराती हूं इसलिए मुझे 10 बजे फिर भूख लग जाती है. उस समय मैं एप्पल शेक पीती हूं. उसमें मैं फ्लैक सीड्स भी डालती हूं. मुझे एप्पल शेक बहुत पसंद है.
* मैं शुरू से अच्छा खाना खाती हूं. मैंने कभी क्रैश डायट नहीं की. हां, खाना पचाने के लिए मैं रेग्युलर एक्सरसाइज़ हमेशा करती हूं.
* वेट लॉस को लेकर मेरा जो ऑब्ज़रर्वेशन रहा है, वो है टाइमिंग. यदि आप राइट टाइम पर राइट चीज़ें और राइट प्रपोर्शन में खाते हैं, तो आपका वज़न जल्दी घटता है. रागी की रोटी खाओ, घी-तेल मत खाओ… इन सबसे कहीं ज़्यादा ज़रूरी टाइम पर खाना है. आप जिस टाइम पर खाते हैं, रोज़ उसी टाइम पर खाइए. साथ ही ख़ूब पानी पीएं, मैं हमेशा से ख़ूब पानी पीती हूं. साथ ही एक्टिव रहना, रेग्युलर एक्सरसाइज़ करना भी उतना ही ज़रूरी है.
* फिट रहकर, सही डायट लेकर, रेग्युलर एक्सरसाइज़ करके हम बीमारियों से दूर रह सकते हैं, बढ़ती उम्र के संकेतों को कम कर सकते हैं और हमेशा कॉन्फिडेंट नज़र आ सकते हैं.

आपका मां बनने का अनुभव कैसा था?
सच कहूं तो दिया और बाती से भी ज़्यादा मेहनत मां बनने में लगी. मां बनना औरत के लिए एक तरह से ट्रांसफॉर्मेशन का टाइम होता है. आज जब मैं ये सब सोचती हूं तो मुझे बहुत ख़ुशी होती है. मैंने पहले से ही तय कर लिया था कि मेरी डिलीवरी नॉर्मल होगी, मैं बच्चे को अपना दूध ही पिलाऊंगी और उसे डायपर नहीं पहनाऊंगी. मैंने सोहम की देखभाल के लिए मेड नहीं रखी. मुझे डर लगता है कि वो हाइजीन का ख़्याल रखेगी या नहीं. पहले मैंने मेड रखने की कोशिश की थी, लेकिन मुझे उनका काम पसंद नहीं आया. एक बार तो सोहम को आंख में इंफेक्शन हो गया था. मेड्स बच्चे को डाइपर पहनाकर फ्री हो जाती हैं इसलिए मैं अपने बच्चे को उनके हवाले नहीं करना चाहती थी.

क्या प्रेग्नेंसी के दौरान आपको कोई हेल्थ प्रॉब्लम हुई थी?
जैसा कि मैंने पहले भी बताया कि प्रेग्नेंसी के दौरान मुझे थायरॉइड हो गया था, जिसके कारण मेरा वज़न तेज़ी से बढ़ने लगा था. इसके साथ ही मुझे आठवें महीने में ही पेन शुरू हो गए थे, जिसके कारण मुझे रेस्ट करने की सलाह दी गई और डिलीवरी को नौवें महीने तक पोस्टपोन किया गया. मेरी डिलीवरी मेहर अंबे नर्सिंग होम, मुलुंड (मुंबई) में हुई थी. डॉक्टर रीता ने प्रेग्नेंसी के दौरान मुझे हेल्दी डायट और फिट रहने में बहुत मदद की. वो मुझे बताती थी वॉक ज़्यादा किया करो इसलिए मैं खाना खाने के बाद वॉक करती थी. साथ ही उन्होंने मुझे प्रेग्नेंसी के दौरान योगा करने को भी कहा. इन सबसे मेरा वज़न बहुत ज़्यादा नहीं बढ़ा और मेरा स्टेमिना भी अच्छा हो गया. वॉक और योग के कारण डिलीवरी के बाद भी मुझे काफी मदद मिली. यदि आप एक्टिव नहीं हैं, तो आपका स्टेमिना कम हो जाता है, जिससे आप बीमार जैसे दिखने लगते हैं इसलिए प्रेग्नेंट महिलाओं को हमेशा एक्टिव रहना चाहिए. प्रेग्नेंसी के दौरान ब्रीदिंग एक्सरसाइज़ बच्चे और मां को बहुत रिलैक्स करती है.

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Deepika Singh's Weight Loss Secrets
दीपिका सिंह के स्पेशल हेल्थ टिप्स
* जब भी मैं बहुत थक जाती हूं या मुझे लगता है कि मेरी बॉडी को रिलैक्सेशन की ज़रूरत है, तो मैं मेडिटेशन करती हूं. इससे मुझे बहुत अच्छा महसूस होता है.
* मैं बहुत ज़्यादा नहीं सोती. मैं सोने में नहीं, जीने में विश्‍वास करती हूं. मुझे उगता सूरज देखना अच्छा लगता है. सुबह की ताज़ा हवा अच्छी लगती है. मैं हमेशा जल्दी उठती हूं.
* 72 किलो से अब मैं फिर से 54 किलो की हो गई हूं इसलिए मैं बहुत ख़ुश हूं. 18 किलो वज़न घटाकर मैंने अपना टारगेट अचीव कर लिया है. अब मुझे इससे कम वज़न नहीं करना है इसलिए मैं इसे ही मेन्टेन करूंगी. अब मैं शेप में आ गई हूं इसलिए मैंने जिम जाना बंद कर दिया है. अब मैं अपने वज़न को डांस और योगा से बैलेंस कर रही हूं.
* मेटाबॉलिज़्म रेट का सीधा संबंध डायजेशन है. यदि आपका खाना ठीक से पच रहा है, तो आपका मेटाबालिज़्म भी ठीक रहेगा. इसीलिए बॉडी की सफ़ाई ज़रूरी है. दालचीनी पाउडर मिला गरम पानी यही काम करता है.
* मैं खाते समय हमेशा ये सोचती हूं कि आज न जाने कितने लोगों को खाना नहीं मिला होगा, ये सोच मुझे लिमिट में खाने में मदद करती है. आज हमारे पास पैसे ज़्यादा आ गए हैं, लग्ज़री ज़्यादा आ गई है, इसका ये मतलब नहीं कि हम उनका ग़लत फ़ायदा उठाएं.

दीपिका सिंह के ब्यूटी सीक्रेट्स
* मैंने अभी तक अपने बालों को कलर नहीं किया है. पहले कभी-कभार मैं बालों में मेहंदी लगा लेती थी, लेकिन पिछले 2 सालों से मेहंदी भी नहीं लगाई है. प्रेग्नेंसी के दौरान घरवाले कहते थे कि मेहंदी लगाने से कहीं तुमहें सर्दी न हो जाए. अब बच्चे के जन्म के बाद कहते हैं कि कहीं बच्चे को सर्दी न हो जाए इसलिए मैं अभी भी मेहंदी नहीं लगा रही हूं.
* बालों में कलर न करने की वजह ये है कि बाज़ार में भले ही अमोनिया फ्री हेयर कलर उपलब्ध हैं, लेकिन बालों में कलर प्रोटेक्ट करने के लिए जो शैंपू लगाना पड़ता है, उसमें तो केमिकल होता ही है. मैं अपने शरीर पर केमिकल का कम से कम इस्तेमाल करती हूं इसलिए मैं बालों में कलर करने से बचती हूं. मैं बालों के लिए हर्बल शैंपू इस्तेमाल करती हूं.
* शूटिंग के अलावा मैं मेकअप नहीं करती. स्किन केयर के लिए भी मैं देसी उबटन का ही इस्तेमाल करती हूं.
* मैं पल्सेस, चावल, कलौंजी और बादाम को पीसकर पाउडर बनाकर एयर टाइट कंटेनर में रख देती हूं. फिर बाथरूम में ये पाउटर एक बाउल में रखती हूं और इस उबटन को साबुन की तरह लगाकर नहाती हूं. नहाने में मुझे 15 मिनट लग जाते हैं, लेकिन ये संतुष्टि होती है कि मैंने अपने शरीर पर कोई केमिकल नहीं लगाया. बॉडी वॉश या साबुन लगाने के बाद कितना भी पानी डालो, वो बॉडी में रह ही जाता है. उबटन यदि शरीर पर रह भी जाए तो उसका कोई साइड इफेक्ट नहीं होता.
* मैं हल्दी, केसर, दूध, पपीता आदि से लेप बनाकर चेहरे पर लगाती हूं.
* इसके अलावा जब भी टाइम मिलता है, तो मैं आटे में सरसों का तेल मिलाकर बॉडी मसाज भी करती हूं, इससे त्वचा को ग्लो मिलता है.

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मैं अपना अतीत नहीं भूली हूं
मेरा बचपन पहाड़गंज में बीता है, जहां आज भी लोग पानी की किल्लत झेलते हैं. बचपन में जब मैं पहाड़गंज में रहती थी, तो हमारे यहां पानी के टैंकर आते थे. मेरी मां, मैं और मेरी बहनें तीसरी मंज़िल तक बाल्टी से पानी भरकर ले जाते थे. कई बार फिसल भी जाते थे. मैंने लाइट और पानी की बहुत दिक्कत देखी है इसलिए मैं इन्हें कभी वेस्ट नहीं करती. कई बार जब लाइट चली जाती थी, तो हम लैंप में पढ़ाई करते थे. मैं आज भी घर के किसी भी रूम की लाइट, पंखा या एसी कभी खुला नहीं छोड़ती. मैं अपना अतीत नहीं भूली हूं इसलिए आज भी मैं पानी ज़रा भी वेस्ट नहीं करती. मुझे ये लगता है कि मैं अपनी तरह से कोशिश करती रहूंगी. मुझे देखकर कुछ लोग भी बदल सकें, तो मेरे लिए ये बहुत बड़ी बात होगी.

– कमला बडोनी

‘दीया और बाती हम’ सीरियल की आईपीएस ऑफिसर संध्या यानी दीपिका सिंह जितनी ख़ूबसूरत हैं, उतनी ही समझदार भी हैं. दीपिका सिंह का क़ामयाबी का सफ़र बहुत आसान नहीं था.टीवी एक्ट्रेस दीपिका सिंह ने अपनी मेहनत के दम पर आज ये मुकाम हासिल किया है. ‘दीया और बाती हम’ सीरियल में दीपिका सिंह का आईपीएस ऑफिसर का किरदार दर्शकों को इतना पसंद आया कि बहुत जल्दी ही दीपिका दर्शकों की चहेती टीवी एक्ट्रेस बन गई. यहां पर हम आपको दीपिका सिंह के बारे में ऐसी 10 बातें बता रहे हैं, जो शायद आप नहीं जानते होंगे.

Deepika Singh

1) दीपिका सिंह का बचपन पहाड़गंज में बीता है, जहां आज भी लोग पानी की किल्लत झेलते हैं. बचपन में जब दीपिका पहाड़गंज में रहती थी, तो उनके यहां पानी के टैंकर आते थे. दीपिका सिंह, उनकी मां उनकी बहनें तीसरी मंज़िल तक बाल्टी से पानी भरकर ले जाते थे. कई बार फिसल भी जाते थे.

2) दीपिका सिंह ने लाइट और पानी की बहुत दिक्कत देखी है इसलिए वो इन्हें कभी वेस्ट नहीं करती. कई बार जब लाइट चली जाती थी, तो दीपिका और उनकी बहनें लैंप में पढ़ाई करते थे. दीपिका आज भी घर के किसी भी रूम की लाइट, पंखा या एसी कभी खुला नहीं छोड़ती. दीपिका सिंह अपना अतीत नहीं भूली हैं इसलिए आज भी वो पानी ज़रा भी वेस्ट नहीं करती. दीपिका सिंह को ये लगता है कि वो अपनी तरह से कोशिश करती रहेंगी, उन्हें देखकर यदि कुछ लोग भी बदल सकें, तो ये उनके लिए बहुत बड़ी बात होगी.

3) दीपिका सिंह को डांस करना बहुत पसंद है. दीपिका ने अपने गुरु सनातन चक्रवर्ती जी से ओड़िसी डांस की ट्रेनिंग ली है. दीपिका सिंह ये मानती हैं कि डांस एक अच्छी एक्सरसाइज़ है और इससे उन्हें बहुत ख़ुशी मिलती है.

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Deepika Singh

4) जिम, डांस, योगा, मेडिटेशन के साथ-साथ दीपिका सिंह अपनी डायट पर भी ख़ास ध्यान देती हैं. दीपिका सिंह का मानना है कि हमें हर चीज़ खानी चाहिए, लेकिन लिमिट में. डायटिंग का ये मतलब नहीं है कि ख़ुद को खाने से इतना दूर कर दो कि आपकी इम्यूनिटी ही ख़राब हो जाए. फिर कल को जब आप कोई चीज़ खाएं तो आपकी बॉडी उसे डाइजेस्ट ही न कर पाए. दीपिका सिंह ने कभी क्रैश डायट नहीं की है, लेकिन वो खाना पचाने के लिए रेग्युलर एक्सरसाइज़ हमेशा करती हैं.

5) दीपिका सिंह ये मानती हैं कि आप यदि राइट टाइम पर राइट चीज़ें और राइट प्रपोर्शन में खाते हैं, तो आपका वज़न जल्दी घटता है. आप जिस टाइम पर खाते हैं, रोज़ उसी टाइम पर खाइए. ख़ूब पानी पीएं और एक्टिव रहें. रेग्युलर एक्सरसाइज़ करें. दीपिका सिंह बार-बार नहीं खाती, वो दिन में 3-4 बार ही खाती हैं, वो भी घर का बना नॉर्मल खाना. दीपिका सिंह के अनुसार, हेल्दी डायट के साथ-साथ रेग्युलर एक्सरसाइज़ भी बेहद ज़रूरी है, ताकि आपका खाना अच्छी तरह पच जाए.

दीपिका सिंह से सुनिए उनकी क़ामयाबी की कहानी

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6) दीपिका सिंह सुबह छह बजे उठकर एक बॉटल गर्म पानी में 1-2 टीस्पून दालचीनी पाउडर मिलाकर पीती हैं. दीपिका का कहना है कि ये शरीर के टॉक्सिन बाहर निकालकर शरीर की सफ़ाई का काम करता है.

7) दीपिका सिंह हफ्ते में एक बार अपने बालों में होममेड हेयर पैक ज़रूर लगाती हैं. इसके लिए दीपिका आंवला, रीठा, शिकाकाई और दही को मिलाकर हेयर पैक बनाती हैं और उसे बालों में लगाती हैं. इसके अलावा दीपिका सिंह महीने में एक बार स्पा ज़रूर लेती हैं. जब वो शूटिंग कर रही होती हैं, तो अपने बालों को अक्सर रात में ही धोती हैं, ताकि बालों की सही देखभाल हो सके और सुबह शूटिंग पर जाने के लिए देर न हो जाए.

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Deepika Singh doing yoga

8) शूटिंग के अलावा दीपिका सिंह मेकअप नहीं करती. स्किन केयर के लिए भी वो देसी उबटन का ही इस्तेमाल करती हैं. इसके लिए दीपिका पल्सेस, चावल, कलौंजी और बादाम को पीसकर पाउडर बनाकर एयर टाइट कंटेनर में रख देती हैं. फिर बाथरूम में ये पाउटर एक बाउल में रखती हैं और इस उबटन को साबुन की तरह लगाकर नहाती हैं. दीपिका सिंह को नहाने में 15 मिनट लग जाते हैं, लेकिन उन्हें ये संतुष्टि होती है कि उन्होंने अपने शरीर पर कोई केमिकल नहीं लगाया. बॉडी वॉश या साबुन लगाने के बाद कितना भी पानी डालो, वो बॉडी में रह ही जाता है. उबटन यदि शरीर पर रह भी जाए तो उसका कोई साइड इफेक्ट नहीं होता.

Deepika Singh hot

9) दीपिका सिंह हल्दी, केसर, दूध, पपीता आदि से लेप बनाकर चेहरे पर लगाती हैं.

10) इसके अलावा जब भी टाइम मिलता है, तो दीपिका सिंह आटे में सरसों का तेल मिलाकर बॉडी मसाज भी करती हैं, इससे त्वचा को ग्लो मिलता है.

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टीवी एक्ट्रेस दीपिका सिंह (Diya Aur Baati Hum Actress Deepika Singh) ने डिलीवरी के बाद 18 किलो वज़न कम किया और एक बार फिर पहले की तरह स्लिम-ट्रिम हो गई हैं. पॉप्युलर सीरियल ‘दीया और बाती हम’ में आईपीएस ऑफिसर संध्या का किरदार निभाकर घर-घर की चहेती बन चुकी दीपिका सिंह इन दिनों कलर्स चैनल पर प्रसारित हो रहे ‘कवच महाशिवरात्रि’ (Kavach Mahashivratri) सीरियल में अभिनय कर रही हैं. मां बनने के बाद दीपिका ने अपने बढ़े हुए वज़न को कैसे कम किया? कैसे ख़ुद को स्लिम-ट्रिम और खूबसूरत बनाया? इसके सीक्रेट्स जानना चाहते हैं, तो चलिए हम आपको बताते हैं टीवी एक्ट्रेस दीपिका सिंह के 10 फिटनेस मंत्र.

Deepika Singh

1) डिलीवरी के 2 महीने बाद दीपिका सिंह ने थोड़े समय के लिए जिम जाना शुरू किया. जिम में दीपिका ट्रेडमिल, क्रॉस ट्रेनर, कार्डियो वगैरह करती थी, क्योंकि ब्रेस्ट फीडिंग की वजह से वो वेट ट्रेनिंग नहीं सकती थी. अब दीपिका अपने वज़न को डांस और योगा से बैलेंस करती हैं.

2) दीपिका सिंह को डांस करना बहुत पसंद है. दीपिका ने अपने गुरु सनातन चक्रवर्ती जी से ओड़िसी डांस की ट्रेनिंग ली है. दीपिका सिंह ये मानती हैं कि डांस एक अच्छी एक्सरसाइज़ है और इससे उन्हें बहुत ख़ुशी मिलती है.

3) जिम, डांस, योगा, मेडिटेशन के साथ-साथ दीपिका सिंह अपनी डायट पर भी ख़ास ध्यान देती हैं. दीपिका सिंह का मानना है कि हमें हर चीज़ खानी चाहिए, लेकिन लिमिट में. डायटिंग का ये मतलब नहीं है कि ख़ुद को खाने से इतना दूर कर दो कि आपकी इम्यूनिटी ही ख़राब हो जाए. फिर कल को जब आप कोई चीज़ खाएं तो आपकी बॉडी उसे डाइजेस्ट ही न कर पाए. दीपिका सिंह ने कभी क्रैश डायट नहीं की है, लेकिन वो खाना पचाने के लिए रेग्युलर एक्सरसाइज़ हमेशा करती हैं.

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Deepika Singh

4) दीपिका सिंह ये मानती हैं कि आप यदि राइट टाइम पर राइट चीज़ें और राइट प्रपोर्शन में खाते हैं, तो आपका वज़न जल्दी घटता है. आप जिस टाइम पर खाते हैं, रोज़ उसी टाइम पर खाइए. ख़ूब पानी पीएं और एक्टिव रहें. रेग्युलर एक्सरसाइज़ करें. दीपिका सिंह बार-बार नहीं खाती, वो दिन में 3-4 बार ही खाती हैं, वो भी घर का बना नॉर्मल खाना. दीपिका सिंह के अनुसार, हेल्दी डायट के साथ-साथ रेग्युलर एक्सरसाइज़ भी बेहद ज़रूरी है, ताकि आपका खाना अच्छी तरह पच जाए.

5) दीपिका सिंह सुबह छह बजे उठकर एक बॉटल गर्म पानी में 1-2 टीस्पून दालचीनी पाउडर मिलाकर पीती हैं. दीपिका का कहना है कि ये शरीर के टॉक्सिन बाहर निकालकर शरीर की सफ़ाई का काम करता है.

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Deepika Singh

6) दीपिका सिंह सुबह 8 बजे तक नाश्ता कर लेती हैं. नाश्ते में वो पोहा या ओट्स में मूंगफली, फ्रूट्स वगैरह डालकर खाती हैं. वर्कआउट, डांस, योगा वगैरह के बाद दीपिका सिंह शिकंजी (नींबू पानी) या छाछ पीती हैं.

7) दीपिका सिंह एक-डेढ़ बजे तक लंच कर लेती हैं. लंच में 2 रोटी, 2 सब्ज़ी (एक सूखी और एक रस वाली), दाल, दही, हरी मिर्च, प्याज़… बिल्कुल देसी स्टाइल में खाना खाती हैं.

8) शाम पांच बजे दीपिका सिंह चाय के साथ बिस्किट या खाखरा लेती हैं. कई बार चना या मूंगफली भी खाती हैं.

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9) दीपिका सिंह शाम चार बजे तक ख़ूब पानी पीती हैं और उसके बाद ज़रूरत के हिसाब से पीना पीती हैं.

10) दीपिका सिंह शाम सात बजे तक डिनर कर लेती हैं.

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…इसलिए फिट रहना ज़रूरी है
दीपिका सिंह कहती हैं कि फिट रहकर, सही डायट लेकर, रेग्युलर एक्सरसाइज़ करके आप बीमारियों से दूर रह सकते हैं, बढ़ती उम्र के संकेतों को कम कर सकते हैं और हमेशा कॉन्फिडेंट नज़र आ सकते हैं.