Vastu Tips happy Married Life

आपसी प्यार, देखभाल और सम्मान किसी भी स्वस्थ रिश्ते की मुख्य नींव है. यही वह चीज़ है, जो ज़्यादातर शादीशुदा जोड़ों के जीवन को मज़बूत बनाने में मदद करता है. वास्तु शास्त्र, स्थानिक ऊर्जा का प्राचीन विज्ञान है, जो प्यारभरे रिश्ते में रोमांस को बढ़ाने में भी मदद करता है. इसी के बारे में वास्तु विशेषज्ञ डॉ. रविराज अहिरराव ने बेहतरीन उपाय बताएं, जिन्हें आज़माकर जोड़े अपने वैवाहिक जीवन में रोमांस लाने के साथ उसे आनंदमय और ख़ुशहाल बना सकते हैं.

  • सुखी वैवाहिक जीवन के लिए पार्टनर के बीच विचारों की स्पष्टता सबसे महत्वपूर्ण है. घर के उत्तर-पूर्व क्षेत्र में नीले या बैंगनी रंग के साथ अधिकतम खुले स्थान रखने से कपल्स के बीच विचारों का मेल बना रहता है.
  • अग्नि तत्व के लिए जगह मानी जानेवाली रसोईघर दक्षिण-पूर्व दिशा में होनी चाहिए. यह क्षेत्र महिला साथी की जगह को भी चिह्नित करता है और उसकी शारीरिक और मानसिक स्थिरता को बढ़ावा देता है. इस अंतरिक्ष में नारंगी रंग का जोड़ इस केंद्र की शक्ति को और बढ़ाता है. साथ ही ख़ुशहाल और रोमांटिक जीवन को बढ़ावा देता है.
  • मास्टर बेडरूम में बिस्तर का सही स्थान या तो दक्षिण क्षेत्र या दक्षिण-पश्चिम में होनी चाहिए.
    वास्तु के अनुसार, घर के दक्षिण-पश्चिम दिशा में मास्टर बेडरूम की उपस्थिति पुरुष शक्ति केंद्र को संतुलित करने में मदद करती है. साथ ही दोनों पार्टनर के बीच सकारात्मक खिंचाव और केमिस्ट्री को बनाए रखता है. पुरुष ऊर्जा का स्थान होने के कारण यह रिश्ते में स्थिरता को बढ़ावा देने में भी मदद करता है.
  • एक सिंगल गद्दे के साथ एक सिंगल या क्वीन साइज़ बेड होना चाहिए.
  • बेडरूम की दीवारों पर इस्तेमाल किया गया रंग हल्का और स्मूदी होना चाहिए.
  • दक्षिण-पश्चिम बेडरूम में गुलाबी या पिच के रंग पसंद किए जाते हैं. वैसे बेडरूम में गुलाबी या लाल रंग, जैसे- लाल बत्ती, लाल रजाई, ड्रैप आदि का उपयोग क्षणिक अवधि के लिए किया जा सकता है.

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  • वास्तु के अनुसार, प्यारभरा और मज़बूत रिश्ता बने रहने के लिए पत्नी को अपने पति के बाईं तरफ़ सोना चाहिए.
  • यह सुनिश्चित करना चाहिए कि कमरे का नॉर्थ-ईस्ट कॉर्नर बिखरा ना हो.
  • इंडोर प्लांट्स, नॉर्थ कॉर्नर में सफ़ेद फूल और साउथ-वेस्ट कॉर्नर में पर्पल या लाल गुलाब रिश्ते को बेहतर बनाने में मदद करते हैं.
  • प्यार भरा रिश्ता और सकारात्मकता के प्रवाह के लिए बेडरूम साफ़ और व्यवस्थित होना चाहिए.
  • सुखमय प्रेम जीवन के लिए सुनिश्चित करें कि कमरे में सिंगल आइडेंटिटी सजावटी सामान न हो, जैसे- एक खरगोश या एक अकेला बतख. इसकी बजाय एक कबूतर का जोड़ा, लव बर्ड्स या लक्ष्मी-नारायण जैसे आदर्श जोड़े हो, तो बेहतर है.
  • दक्षिण-पश्चिम में पारिवारिक फोटो और पश्चिम दिशा में कपल्स की फोटो लगाएं.

यह ना करें…

  • ध्यान रहे बेडरूम एक नियमित आकार में होना चाहिए और कोई भी तेज नुकीला कोना नहीं होना चाहिए.
  • धातु के बिस्तरों से बचना चाहिए, क्योंकि यह नींद में खलल डालता है और जीवनसाथी के बीच तनाव पैदा करता है.
  • एक साथ जुड़नेवाले दो बिस्तरों या सख़्त गद्दों से बचना चाहिए, क्योंकि इससे कपल्स के बीच अनबन हो सकती है.
  • इसके अलावा बिस्तर को दो दरवाज़े या दरवाज़े के सामने नहीं रखा जाना चाहिए.
  • बिस्तर के सामने दर्पण ना रखे. यह वैवाहिक कलह की ओर ले जाता है.
  • दर्पण जितना बड़ा होगा, वैवाहिक संबंध में तनाव की संभावना उतनी ही अधिक होगी. इससे स्वास्थ्य समस्या, ऊर्जा की कमी या उनींदापन भी हो सकता है. बेडरूम में दर्पण से बचना चाहिए या कम से कम कवर किया जाना चाहिए.
  • बेडरूम में दिव्य मूर्तियों के साथ-साथ दिवंगत आत्माओं की तस्वीरों को ना लगाएं.

ऊषा गुप्ता

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वास्तु को लेकर लोगों के मन में कई तरह के संदेह होते हैं, शायद आपके मन में भी कुछ सवाल होंगे. आपके मन में उठने वाले 10 सवालों के जवाब बता रही हैं वास्तु एवं फेंगशुई कंसल्टेंट दीप्ति एच. अरोरा.

Vastu Tips

1) वास्तु के हिसाब से कोई जगह शुभ है या अशुभ, ये हम कैसे जान सकते हैं?
जब हम किसी भवन में प्रवेश करते हैं, तो वहां के स्पंदन से हमारी श्वास गति में परिवर्तन आ जाता है. यदि हमारी श्वास गति सामान्य और तनाव मुक्त रहती है, तो यह उस भवन के शुभ होने का संकेत है, यदि श्वास गति बढ़ जाए, तो इसका अभिप्राय है कि उस भवन के निर्माण में कहीं कोई वास्तु दोष है.

2) क्या स्वस्तिक चिह्न का वास्तु से कोई संबंध है? यदि हां, तो क्या?
यह वास्तु का मूल चिह्न है. यह दिशाओं का ज्ञान करवाता है. इस चिह्न को प्राचीन काल से ही मांगलिक चिह्न के रूप में प्रयोग किया जाता रहा है. शुभ कार्यों का प्रतीक यह स्वास्तिक चिह्न घर के मुख्य द्वार के दोनों तरफ़ बनाया जाता है, ताकि बुरी नज़र से रक्षा होती रहे. घर में सुख-समृद्धि बनी रहे. इसे गणेशजी का लिप्यात्मक स्वरूप भी माना जाता है.

3) क्या मछली की आकृति वास्तु के सिद्धांतों के हिसाब से अशुभ मानी जाती है?
नहीं, यह तो सच्चे प्रेम का प्रतीक मानी गई हैं. यात्रा शुरू करने से पहले मछली का दर्शन कार्य-सफलता का सूचक व शुभ शगुन माना जाता है. दशहरे पर मत्स्य दर्शन की प्राचीन परम्परा है.

4) ब्रह्मस्थान मकान के किस हिस्से को कहते हैं?
भवन का केन्द्रीय भाग ही ब्रह्मस्थान कहलाता है.

5) साफ़-सफ़ाई से जुड़ी चीज़ों को कहां रखना चाहिए?
झाडू, पोछा तथा सफ़ाई के सामान को हमेशा दक्षिण-पश्चिम में या उसके आसपास ही रखें. कभी भी, भले ही थोड़े समय के लिए, यह सामान उत्तर-पूर्व में नहीं रखना चाहिए, क्योंकि इससे तरह-तरह के आर्थिक विघ्न उत्पन्न होते हैं.

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6) यदि कहीं वास्तुदोष है, तो क्या तुलसी के पौधे उस दोष से बचाने में सहायक होते हैं?
जहां तक तुलसी के पौधे की बात है, तो वह हर दृष्टि से लाभदायक होते हैं. चाहे वास्तुदोष हो या नहीं, पर इसका अभिप्राय यह नहीं है कि वास्तुदोष से बचने के लिए सिर्फ तुलसी का पौधा लगा लेना काफ़ी है.

7) वास्तु विज्ञान क्या सिर्फ हिंदू धर्म को मानने वालों के लिए है?
ऐसा बिल्कुल नहीं है. कोई भी विज्ञान किसी धर्म विशेष के लिए नहीं होता. यदि हम मान भी लें, तो वह विज्ञान ही नहीं है. वैसे धीरे-धीरे वास्तु विज्ञान को सभी धर्म के लोग मानने लगे हैं, क्योंकि सुख-शांति सभी चाहते हैं.

8) क्या ये सच है कि वास्तु विज्ञान को मानने वालों को ही इससे लाभ या हानि होती है. जो नहीं मानते, उन्हें लाभ या हानि नहीं होती?
ऐसा नहीं हैं. विज्ञान कोई भी हो, उसका प्रभाव मानने या न मानने पर नहीं होता. वह समान रूप से प्रभावित करता है. यदि कुछ ग़लत है, तो उसका परिणाम ग़लत और यदि कुछ सही है, तो उसका परिणाम लाभदायक रहता है. इसीलिए वास्तु विज्ञान भी सभी के लिए लाभदायक है.

9) वास्तु शास्त्र में रंगों पर ध्यान दिया जाता है. यह कहां तक तर्कसंगत है?
रंगों के उचित चयन से जीवन में विस्मयकारी प्रभाव पाए जा सकते हैं. विज्ञान भी इसका समर्थन करता है. कौन-सा रंग कहां के लिए उचित है, इसके नियम हैं.

10) भोजन करते समय मुख किस दिशा में होना चाहिए?
भोजन हमेशा पूर्व या उत्तर की ओर मुख करके करना चाहिए, दक्षिण या पश्चिम की ओर नहीं.

Vastu Tips For Happy Married Life
घर का वास्तु पति-पत्नी क वैवाहित जीवन (Vastu Tips For Happy Married Life) को भी प्रभावित करता है, अगर पति-पत्नी में किस रतह का मतभेद चल रहा हो, तो घर मे मौजूद इन वास्तुदोषों को मिटाकर आप अपने वैवाहिक जीवन को बना सकते हैं सौहार्दपूूर्ण.
Vastu Tips For Happy Married Life
– बेडरूम को साफ़ सुथरा रखें.
– बेड वुडन का होना चाहिए. न कि लोहे का. लोहे में शनि का वास होता है और शनि अंधेरे का कारक है. इससे आपके दांपत्य जीवन में अंधेरा छाने लगता है. यहां तक तलाक की नौबत भी आ जाती है.
– बेडरूम सही दिशा में होना चाहिए. वास्तु शास्त्र के अनुसार बेडरूम दक्षिण-पश्‍चिम दिशा में होना चाहिए. इस दिशा में बेडरूम होने से जीवन में मानसिक अशांति व घबराहट नहीं आती. कभी तलाक व मतभेद भी नहीं होते.

Vastu Tips For Happy Married Life
– बेडरूम में शुभ पेंटिंग लगाएं. बेड के साथ स़फेद फूलों की पेंटिंग जीवन को खुशियों से भरती है और दांपत्य जीवन ख़ुशहाल होता है.
– शृंगार की सारी चीज़ें बेडरूम में रखें. बेडरूम के बाहर पत्नी के सजने-संवरने की चीज़ें रखने से बेडरूम में झगड़े बढ़ते हैं.
– अगर आपके सिर (बैड) के ऊपर पानी की टंकी हो, तो दोनों के बीच प्यार ख़त्म होने लगता है. जितना जल्दी हो सके, इसे हटा दें.
– यदि बेडरूम के ऊपर टॉयलेट है, पति-पत्नी के बीच तलाक की संभावना बढ़ जाती है. अगर टॉयलेट न हटा पाएं, तो बेडरूम शिफ्ट करें.
– बेड दरवाज़े के सामने नहीं होना चाहिए. इससे पाज़िटिव एनर्जी नहीं मिल पाती. बीमारियां घेर लेती है और दोनों के बीच तनाव बढ़ता है.
– बेडरूम में पंखे या दरवाज़े में से किसी तरह की आवाज़ नहीं आनी चाहिए. इससे दोनों के बीच मतभेद बढ़ते हैं.
– अगर आपने बेडरूम में शीशा लगा रखा है, तो तुरंत हटा दें.

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Vastu Tips For Happy Married Life
– बेडरूम में डार्क रेड, काला, ग्रे जैसे कलर का यूज़ न करें. इनकी बजाय व्हाइट, पिंक, यलो, क्रीम कलर का यूज़ करें.
– मेहमानों या बाहरी व्यक्ति को बेडरूम में न जाने दें. इससे पति-पत्नी के बीच ग़लतफहमियां बढ़ती है.
– अगर किसी अंजान व्यक्ति या मेहमान की नज़र बार-बार बेडरूम में जा रही हो, तो बेडरूम का दरवाज़ा बंद करें. अनन्था घर की सारी बातें बाहर जाने लगती है व पति-पत्नी अफवाहों के शिकार बनने लगते हैं.
– पति-पत्नी दोनों को रोजाना ॐ नम शिवाय मंत्र का जाप करना चाहिए.
– घर का वास्तु सही होने के बाद भी अगर झगड़े होते हैं, तो दोनों दोमुखी रुद्राक्ष सोमवार को पहनें.
– किचन में मिट्टी के बाउल में शहद रखें और उसका इस्तेमाल करें. इससे वैवाहिक जीवन में मिठास बनी रहती है.
– हर अमावस्या को पूरे घर व बेडरूम की सफ़ाई ज़रूर करें.
– हर शुक्रवार को मीठा खाना खाएं. इसे दांपत्य जीवन में मिठास बनी रहेगी.

Vastu Tips For Happy Married Life
– बेडरूम में सूर्यास्त के बाद थोड़ी देर के लिए लाइट ज़रूर जलाए रखें. इससे पति को काम में सफलता मिलती है और आर्थिक परेशानियां कम होती है.

– बेडरूम की खिड़कियां छोटी होनी चाहिए. बड़ी होने पर घर के लोगों पर विश्‍वास कम होने लगता है.

                                                                                                                      – वास्तुशास्त्री राजेंद्र दुबे  

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