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वास्तु टिप्स: मनचाही नौकरी पाने के लिए करें ये वास्तु उपाय (Vastu Tips For Job And Career)

बहुत प्रयास करने के बावजूद क्या आपको नौकरी (Job) नहीं मिल रही है? क्या आपकी नौकरी में स्थायित्व नहीं है? काबिल होते हुए भी क्या आपको मनचाही सैलरी नहीं मिल रही? क्या आपको लंबे समय से प्रमोशन नहीं मिल रहा है? कहीं इसका कारण आपके घर का वास्तु तो नहीं? कहीं आपके घर का वास्तु (Vastu) आपके करियर में रुकावट तो नहीं बन रहा है? कहीं आपने अपने सर्टिफिकेट ग़लत दिशा में तो नहीं रखे हैं? यदि आपको मनचाही नौकरी नहीं मिल रही, तो आपको सबसे पहले अपने घर में क्या परिवर्तन करने चाहिए, घर का वास्तु सुधारने के लिए आपको क्या करना चाहिए, इन सभी बातों के सरल उपाय बता रहे हैं वास्तु एक्सपर्ट व टैरो कार्ड रीडर प्रेम पंजवानी.

Vastu Tips For Job

करियर में सफलता पाने के 10 आसान वास्तु टिप्स

1) करियर की दृष्टि से ऑफिस में हल्के रंगों का चुनाव बेहतर होता है. ऐसे ऑफ़िस में जब व्यक्ति काम करता है, तो वो ख़ुद को हल्का और ऊर्जावान महसूस करता है. हां, कुछ स्थानों पर गहरे रंग भी अच्छे लगते हैं, लेकिन पूरे ऑफिस के लिए हल्के रंगों का प्रयोग ही करना चाहिए.

2) अच्छे अवसर पाने के लिए ऑफिस या घर में नीली बोतल में मनी प्लांट लगाएं और उसे उत्तर दिशा में रखें.

3) ऑफिस में जहां आप बैठते हैं, वहां आपकी पीठ दीवार की तरफ़ हो तो अच्छा है. अपने काम में क्रिएटिविटी बढ़ाने के लिए उत्तर पूर्व दिशा में मुंह करके काम करें.

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4) ऑफिस में अपने केबिन के लिए सकारात्मक संदेश देती पेंटिंग्स या पोस्टर का चुनाव करें.

5) ऑफस का उत्तर और उत्तर पूर्व कोना हमेशा साफ़-सुथरा रखें. यहां पर किसी तरह की अस्त-व्यस्तता नहीं होनी चाहिए. हो सके तो यहां पर हर रोज़ कोई सुंगधित धूप बत्ती जलाएं.

मनचाही नौकरी पाने के लिए करें ये वास्तु उपाय, देखें वीडियो:

 

6) ऑफिस में समुद्री नमक रखें, जिससे यहां नकारात्मक वाइब्स न हों.

7) यदि ऑफिस में आपके केबिन के साथ ही टॉयलेट अटैच्ड है, तो इस बात का ख़ास ध्यान रखें कि टॉयलेट का दरवाज़ा हमेशा बंद रहे.

8) ऑफिस में आपके अपने बॉस तथा सहकर्मियों के साथ संबंध मधुर बने रहें, इसके लिए ग्रीन एवेंचरिन और साथ में व्हाइट क्वार्टज़ अपनी टेबल पर रखें.

9) यदि आप जॉब की तलाश में हैं और आपको मनचाही नौकरी नहीं मिल रही है, तो अपने घर के उत्तर पूर्व कोने में सकारात्मक व प्रेरणादायक विचारों वाली तस्वीरें लगाएं. इस कोने को हमेशा साफ़-सुथरा रखें. यदि आप इस काम के लिए लैपटॉप का इस्तेमाल करते हैं तो पश्‍चिम दिशा में काम करें.

10) ऑफिस में आपके रिश्ते सभी के साथ लंबे समय तक बने रहें इसके लिए दक्षिण-पश्‍चिम दिशा में फीनिक्स की फोटो या पोस्टर लगाएं. साथ ही इस स्थान पर किसी भी तरह का बेकार सामान न रखें, ख़ासतौर पर बिजली के ख़राब उपकरण इस स्थान पर बिल्कुल न रखें.

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बीमारियों से बचने के लिए वास्तु टिप्स (Vastu Tips For Better Health)

बीमारियों (Diseases) से बचने के लिए यदि आप कुछ वास्तु उपाय (Vastu Remedies) करते हैं, तो अच्छी सेहत (Good Health) और निरोगी तन पा सकते हैं. स्वस्थ और निरोगी रहने के लिए घर का वास्तु सही होना बहुत ज़रूरी है. यदि आपके घर का वास्तु सही नहीं है, तो इसका असर आपकी सेहत पर भी पड़ सकता है. अच्छी सेहत पाने और निरोगी रहने के लिए आप भी ये वास्तु टिप्स (Vastu Tips) ज़रूर ट्राई करें.

Vastu Tips For Better Health

1) अच्छी सेहत पाने और निरोगी रहने के लिए नियमित रूप से योग और ध्यान अवश्य करें. यदि आप घर की उत्तर पूर्व दिशा की तरफ़ मुंह करके ऐसा करते हैं, तो आपको इसके सकारात्मक परिणाम जल्दी ही दिखने लग जाएंगे.

2) शांति से काम करने, पॉज़िटिव एनर्जी बढ़ाने, तनाव से बचने और अपनी कार्यक्षमता बढ़ाने के लिए घर की उत्तर-पूर्व दिशा में पूजा करें. यदि आप कोई जाप करते हैं, तो वो भी इसी दिशा में बैठकर करें.

3) अच्छी सेहत पाने के लिए घर में हल्के रंगों का प्रयोग करें. घर की दावारों से लेकर फर्नीचर, पर्दे, बेडशीट, कुशन आदि सभी हल्के रंग के ही चुनें. घर में गहरे रंगों के प्रयोग से बचें.

बीमारियों से बचने के लिए करें ये वास्तु उपाय, देखें वीडियो:

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4) पूरे परिवार की अच्छी सेहत के लिए घर के मुखिया या पूरे परिवार की मुस्कुराती हुई फोटो उत्तर पश्‍चिम दिशा में लगाएं.

5) घर में यदि किसी व्यक्ति का इलाज चल रहा है, तो उसे अपनी दवाई उत्तर से उत्तर पूर्व दिशा वाले क्षेत्र में रखनी चाहिए. ऐसे व्यक्ति का बेडरूम भी यदि इसी दिशा में हो तो और अच्छा है.

6) घर के लोगों को स्वास्थ्य समस्याएं न हों इसके लिए घर में कहीं भी बेकार का सामान न पड़ा हुआ हो. बंद पड़ी घड़ियां, बिजली के खराब उपकरण घर में न रखें. घर में स्टोरेज की समय-समय पर सफ़ाई करते रहें.

7) घर में दरवाज़े, खिड़कियां खोलते या बंद करते समय उनसे आवाज़ नहीं आनी चाहिए. इसके लिए समय-समय पर इनकी ऑयलिंग करते रहें. मुख्यद्वार खुलते या बंद करते समय भी आवाज़ नहीं आनी चाहिए. इससे घर के लोगों के स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव पड़ता है.

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वास्तु टिप्स: जल्दी अमीर बनने के लिए करें ये वास्तु उपाय (Vastu Tips For Money)

जल्दी अमीर बनने के लिए यदि आप कड़ी मेहनत के साथ कुछ वास्तु उपाय (Vastu Tips) भी कर लें, तो आप अमीर बनने की अपनी इच्छा जल्दी ही पूरी कर सकते हैं. कुछ लोग बहुत मेहनत करने के बाद भी अमीर नहीं बन पाते. ऐसी स्थिति में वास्तु के उपाय काम आ सकते हैं.

Vastu Tips For Money

कई बार हमारे घर का वास्तु सही नहीं होता इसलिए घर में पैसे या तो आते ही नहीं हैं या फिर पैसे घर में टिकते नहीं है. यदि आपके साथ भी ऐसा हो रहा है कि लाख मेहनत करने के बावजूद घर में पैसे की बरक्कत नहीं हो रही है, तो आप अपने घर का वास्तु चेक करें. हो सकता है, आपके घर का वास्तु सही न हो, जिसके कारण घर में हमेशा पैसे की कमी बनी रहती है. कुछ आसान वास्तु उपाय करके आप अपने घर का वास्तु ठीक कर सकते हैं और जल्दी अमीर बन सकते हैं. अमीर बनने के लिए घर में कौन-से वास्तु उपाय करने चाहिए, बता रहे हैं वास्तु एक्सपर्ट व टैरो कार्ड रीडर प्रेम पंजवानी.

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जल्दी अमीर बनने के लिए करें ये वास्तु उपाय, देखें वीडियो:

पति-पत्नी के बीच हों झगड़े तो करें वास्तु के ये उपाय (Vastu Tips For Married Couple)

पति-पत्नी के बीच लगातार झगड़े हों और ये झगड़े थमने का नाम न लें, तो आप अपने घर (Home) के वास्तु (Vastu) पर भी ज़रूर ध्यान दें. अगर आपके घर के वास्तु में कुछ गड़बड़ है, तो ये आपके झगड़े की वजह बन सकता है. जी हां, ये सच है. यदि पति-पत्नी के बीच हमेशा अनबन रहती है, रोज़ झगड़े होते हैं, आपस में विचार न मिलते हों, तो घर के वास्तु पर ध्यान देना बहुत ज़रूरी है. पति-पत्नी के बीच हों झगड़े तो कौन-से वास्तु उपाय करने चाहिए, बता रहे हैं वास्तु एक्सपर्ट व टैरो कार्ड रीडर प्रेम पंजवानी.

Vastu Tips For Married Couple

वास्तु एक्सपर्ट व टैरो कार्ड रीडर प्रेम पंजवानी के अनुसार, दिशाओं का वैवाहिक जीवन पर गहरा असर होता है. यदि घर में पति-पत्नी की फोटो ग़लत दिशा में रखी है, बेडरूम में आईना ग़लत दिशा में रखा है, शादी का एलबम ग़लत दिशा में रखा है, कपल के बेड की दिशा ग़लत है… ऐसी छोटी-छोटी ग़लतियां भी पति-पत्नी के बीच झगड़े का कारण बन जाती हैं. कई बार हमेशा प्यार से रहने वाले कपल अचानक झगड़ने लगते हैं, उनके आपस में विचार नहीं मिलते, कपल के बीच हमेशा अनबन रहती है, यदि ऐसा आपके साथ भी हो रहा है, तो सबसे पहले अपने घर का वास्तु चेक करें. यदि घर में कोई चीज़ ग़लत दिशा में रखी है, तो उसे सही जगह पर रख दें. ऐसा करने से आपके रिश्तों में फिर से पहले जैसा प्यार लौट आएगा.

पति-पत्नी के बीच हों झगड़े तो करें वास्तु के ये उपाय, देखें वीडियो:

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पति-पत्नी के बीच प्यार बढ़ाने के 5 वास्तु टिप्स
1) नव दंपति का बेडरूम यदि उत्तर दिशा में हो, तो ये शुभ होता है. इससे उनके बीच प्रेम बढ़ता है और संतान-सुख की प्राप्ति होती है.
2) वास्तु के अनुसार दक्षिण-पश्‍चिम दिशा वाले बेडरूम शुभ फलदायक होते हैं.
3) बेडरूम के लिए पिंक कलर का पेंट चुनें, पिंक कलर कपल में प्यार बढ़ाता है.
4) बेडरूम में पिंक या लैवेंडर कलर के पर्दे या बल्ब लगाएं.
5) प्यार बढ़ाने के लिए घर के दक्षिण-पश्‍चिम भाग में कांच या सिरामिक पॉट में छोटे-छोटे पत्थर या क्रिस्टल्स डालकर लाल रंग की दो मोमबत्तियां जलाएं. इससे सकारात्मक ऊर्जा फैलेगी.

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बच्चों की उन्नति के लिए उनके कमरे को सजाएं वास्तु शास्त्र के अनुसार (Vastu Tips For Your Child’s Room)

बच्चों का भविष्य उज्ज्वल बनाने के लिए माता-पिता हर मुमकिन कोशिश करते हैं, लेकिन कई बार बुद्धिमान बच्चा भी ठीक से पढ़ाई नहीं कर पाता, उसका व्यवहार गुस्सैल हो जाता है, कई बार बच्चे का किसी काम में मन नहीं लगता. इन सबकी वजह आपके बच्चे के कमरे का गलत वास्तु (Vastu) भी हो सकता है. बच्चों की उन्नति के लिए उनके कमरे को सजाएं वास्तु शास्त्र (Vastu Shastra) के अनुसार. वास्तु के ख़ास टिप्स (Vastu Special Tips) इसमें मददगार साबित हो सकते हैं. बच्चों के शारीरिक, मानसिक, बौद्धिक विकास के लिए कैसा हो बच्चों का कमरा? आपके बच्चे के कमरे के लिए आसान वास्तु टिप्स बता रहे हैं वास्तु एक्सपर्ट व टैरो कार्ड रीडर प्रेम पंजवानी.

Vastu Tips

बच्चों की उन्नति के लिए 10 आसान वास्तु टिप्सः

1) आपके बच्चे का कमरा पूर्व, उत्तर, पश्‍चिम या वायव्य दिशा में हो, तो इससे आपका बच्चा जीवन में बहुत तरक्की करेगा.

2) इस बात का खास ध्यान रखें कि बच्चे का कमरा दक्षिण, नैऋत्य या आग्नेय कोण में न हो.

3) पढ़ाई करते समय आपके बच्चे का मुंह पूर्व दिशा की ओर तथा पीठ पश्‍चिम दिशा की ओर होनी चाहिए.

4) यदि आप अपने बच्चे के कमरे में कंप्यूटर रखना चाहते हैं, तो बेड से दक्षिण दिशा की ओर आग्नेय कोण में कम्प्यूटर रखें.

आपके बच्चे के कमरे के लिए आसान वास्तु टिप्स बता रहे हैं वास्तु एक्सपर्ट व टैरो कार्ड रीडर प्रेम पंजवानी. देखें वीडियो:

5) आपका बच्चा जिस क्षेत्र में करियर बनाना चाहता है, उस क्षेत्र के सफल लोगों की फोटोग्राफ्स अपने बच्चे के कमरे में सजाएं. यदि ऐसा न करना चाहें, तो मां सरस्वती या गणेश जी की फोटो बच्चे के कमरे में पूर्व दिशा में लगा सकते हैं.

6) अपने बच्चे को पूर्व दिशा में सिर रखकर सोने को कहें. ऐसा करने से बच्चे का पढ़ाई में मन लगेगा और वह जीवन में उन्नति करेगा.

7) बच्चों की पढ़ाई के टेबल के सामने आईना न रखें. बच्चों की पढ़ाई के टेबल के सामने मां सरस्वती का चित्र लगाएं, बच्चों से कहें कि मां सरस्वती के प्रति श्रद्धा रखें, इससे बच्चों की याददाश्त बढ़ती है. संभव हो तो बच्चों की पढ़ाई के टेबल के सामने ॐ का चित्र लगाएं, ॐ के ध्यान से आपके बच्चे हमेशा ऊर्जावान बने रहेंगे.

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8) घर में कहीं भी बहुत समय तक कबाड़ इकट्ठा करके न रखें. ऐसा करने से आपके बच्चे परीक्षा में फेल हो सकते हैं.

9) इस बात का हमेशा ध्यान रखें कि अपने बच्चे के पहने हुए या उतारे गए मैले कपड़ों को कभी भी धुले हुए कपड़ों के साथ न रखें. इससे बच्चे की उन्नति पर विपरीत प्रभाव पड़ सकता है.

10) बच्चों के कमरे में बेड के पास गलीचे न बिछाएं. इससे उस जगह ऊर्जा का बहाव रुक जाता है और बच्चे बीमार पड़ने लगते हैं.

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20 वास्तु टिप्स, जो दूर करेंगे वैवाहिक जीवन की परेशानियां (20 Vastu Tips For Happy Married Life)

Vastu Tips For Happy Married Life

Vastu Tips For Happy Married Life
घर का वास्तु पति-पत्नी क वैवाहित जीवन (Vastu Tips For Happy Married Life) को भी प्रभावित करता है, अगर पति-पत्नी में किस रतह का मतभेद चल रहा हो, तो घर मे मौजूद इन वास्तुदोषों को मिटाकर आप अपने वैवाहिक जीवन को बना सकते हैं सौहार्दपूूर्ण.
Vastu Tips For Happy Married Life
– बेडरूम को साफ़ सुथरा रखें.
– बेड वुडन का होना चाहिए. न कि लोहे का. लोहे में शनि का वास होता है और शनि अंधेरे का कारक है. इससे आपके दांपत्य जीवन में अंधेरा छाने लगता है. यहां तक तलाक की नौबत भी आ जाती है.
– बेडरूम सही दिशा में होना चाहिए. वास्तु शास्त्र के अनुसार बेडरूम दक्षिण-पश्‍चिम दिशा में होना चाहिए. इस दिशा में बेडरूम होने से जीवन में मानसिक अशांति व घबराहट नहीं आती. कभी तलाक व मतभेद भी नहीं होते.

Vastu Tips For Happy Married Life
– बेडरूम में शुभ पेंटिंग लगाएं. बेड के साथ स़फेद फूलों की पेंटिंग जीवन को खुशियों से भरती है और दांपत्य जीवन ख़ुशहाल होता है.
– शृंगार की सारी चीज़ें बेडरूम में रखें. बेडरूम के बाहर पत्नी के सजने-संवरने की चीज़ें रखने से बेडरूम में झगड़े बढ़ते हैं.
– अगर आपके सिर (बैड) के ऊपर पानी की टंकी हो, तो दोनों के बीच प्यार ख़त्म होने लगता है. जितना जल्दी हो सके, इसे हटा दें.
– यदि बेडरूम के ऊपर टॉयलेट है, पति-पत्नी के बीच तलाक की संभावना बढ़ जाती है. अगर टॉयलेट न हटा पाएं, तो बेडरूम शिफ्ट करें.
– बेड दरवाज़े के सामने नहीं होना चाहिए. इससे पाज़िटिव एनर्जी नहीं मिल पाती. बीमारियां घेर लेती है और दोनों के बीच तनाव बढ़ता है.
– बेडरूम में पंखे या दरवाज़े में से किसी तरह की आवाज़ नहीं आनी चाहिए. इससे दोनों के बीच मतभेद बढ़ते हैं.
– अगर आपने बेडरूम में शीशा लगा रखा है, तो तुरंत हटा दें.

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Vastu Tips For Happy Married Life
– बेडरूम में डार्क रेड, काला, ग्रे जैसे कलर का यूज़ न करें. इनकी बजाय व्हाइट, पिंक, यलो, क्रीम कलर का यूज़ करें.
– मेहमानों या बाहरी व्यक्ति को बेडरूम में न जाने दें. इससे पति-पत्नी के बीच ग़लतफहमियां बढ़ती है.
– अगर किसी अंजान व्यक्ति या मेहमान की नज़र बार-बार बेडरूम में जा रही हो, तो बेडरूम का दरवाज़ा बंद करें. अनन्था घर की सारी बातें बाहर जाने लगती है व पति-पत्नी अफवाहों के शिकार बनने लगते हैं.
– पति-पत्नी दोनों को रोजाना ॐ नम शिवाय मंत्र का जाप करना चाहिए.
– घर का वास्तु सही होने के बाद भी अगर झगड़े होते हैं, तो दोनों दोमुखी रुद्राक्ष सोमवार को पहनें.
– किचन में मिट्टी के बाउल में शहद रखें और उसका इस्तेमाल करें. इससे वैवाहिक जीवन में मिठास बनी रहती है.
– हर अमावस्या को पूरे घर व बेडरूम की सफ़ाई ज़रूर करें.
– हर शुक्रवार को मीठा खाना खाएं. इसे दांपत्य जीवन में मिठास बनी रहेगी.

Vastu Tips For Happy Married Life
– बेडरूम में सूर्यास्त के बाद थोड़ी देर के लिए लाइट ज़रूर जलाए रखें. इससे पति को काम में सफलता मिलती है और आर्थिक परेशानियां कम होती है.

– बेडरूम की खिड़कियां छोटी होनी चाहिए. बड़ी होने पर घर के लोगों पर विश्‍वास कम होने लगता है.

                                                                                                                      – वास्तुशास्त्री राजेंद्र दुबे  

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नए घर में शिफ्ट होते समय वास्तु का रखें ख़्याल(Simple Effective Vastu Tips For New House)

अक्सर जब कोई नया घर बनाता है, तो वे उससे जुड़ी हर छोटी-बड़ी बातों का ख़ास ध्यान रखता है. फिर चाहे वो घर की साज-सज्जा हो या फिर वास्तु-फेंगशुई के अनुसार घर को सुव्यवस्थित ढंग से सजाना हो. इसी सिलसिले में हमें वास्तुशास्त्री राजेंद्र दुबे ने महत्वपूर्ण जानकारियां दीं. आइए, इसके बारे में संक्षेप में जानें.

 

–    आप चाहते हैं कि नए घर में आपका जीवन ख़ुशियोंं से भर जाए, हर परेशानी आपके जीवन से दूर हो जाए, तो नए घर में प्रवेश से पहले वास्तु शांति कराएं यानी वास्तु पूजन कराएं.

– विधिवत् गृह प्रवेश कराएं, वास्तु जप ज़रूर कराएं.

– देवी दुर्गा की लाल फूल, चावल व कुमकुम से पूजा करें. इससे घर में सुख-शांति व समृद्धि बनी रहेगी.

–    घर में कलर करवाते समय इस बात का ध्यान रखें कि पेंट एक सा हो. शेड एक से अधिक हो सकते हैं, पर शेड्स का तालमेल ठीक होना चाहिए.

–   मछलियों के जोड़े को घर में लटकाना बहुत शुभ व सौभाग्यशाली समझा जाता है. इनके प्रभाव से घर में धन-वैभव बढ़ता है और बिज़नेस में भी विकास होता है. इन्हें गुरुवार या शुक्रवार के दिन घर में टांगना शुभ होता है.

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–    यदि घर का मुख्य द्वार उत्तर, उत्तर-पश्‍चिम या पश्‍चिम में हो, तो उसके ऊपर बाहर की तरफ़ घोड़े की नाल लगा देनी चाहिए.इससे सुरक्षा व सकारात्मक ऊर्जा मिलती है.

–    फेंगशुई के अनुसार, घर के दरवाज़े में लाल रिबन में बंधे सिक्के लटकाने से घर में धन व समृद्धि आती है.

–    अपने नए घर दरवाज़े के हैंडल में सिक्के लटकाना घर में संपत्ति व सौभाग्य लाने का सबसे सरल उपाय है.

–    हां, इसमें तीन सिक्के ही लगाएं और वो भी दरवाज़े के अंदर की ओर हों, इस बात का विशेष ध्यान रखें, क्योंकि बाहर सिक्के लगाने से लक्ष्मी दरवाज़े पर ही ठहर जाती हैं.

–    आप तीन पुराने चीनी सिक्कों को लाल रंग के धागे या रिबन में बांधकर अपने घर के दरवाज़े के हैंडल में लटका सकते हैं. इससे घर के सभी सदस्यों को फ़ायदा होता है.

–    वास्तु के अनुसार घर में खिड़कियां होना आवश्यक है. इनसे नकारात्मक ऊर्जा बाहर निकलती है और सकारात्मक ऊर्जा घर में प्रवेश करती है.

–    खिड़कियां खोलते व बंद करते समय आवाज़ नहीं होनी चाहिए. इसका प्रभाव घर की सुख-शांति पर पड़ता है. इसके कारण परिवार के सदस्यों का ध्यान भंग होता है.

–    खिड़कियां ऊंचे स्थानों पर हों, ताकि शुद्ध हवा आसानी से घर में प्रवेश कर सके व अशुद्ध हवा दूसरी खिड़की से बाहर निकल सके.

–    घर की छत पर कबाड़ा या फालतू सामान न रखें. यदि ज़रूरी हो, तो एक कोने में रखें. बेकार के सामानों से परिवार के सदस्यों के मन-मस्तिष्क पर दबाव पड़ता है. इससे पितृ दोष भी लगता है.

–   नवरात्रि में घी का अखंड दीपक लगाकर दुर्गा सप्तशती का नौ दिन तक विधिवत् पाठ करने और नौ कन्याओं (दो से दस साल तक की कन्या) को भोजन करवाने से जीवन सुखद व ख़ुशहाल बना रहता है.

–    महामृत्युंजय मंत्र का जप करें. इससे भी काफ़ी लाभ प्राप्त होता है.

–    घर में कम से कम सालभर में दो बारहवन-यज्ञ करवाएं.

–    ध्यान रहे, घर में पूजाघर का निर्माण ईशान कोण (उत्तर-पूर्व) में हो.

–   शुभ कार्यों के लिए हमेशा सोमवार, बुधवार, गुरुवार व शुक्रवार का दिन चुनें.

–    तीन हरे पौधे मिट्टी के बर्तनों में घर के अंदर पूर्व दिशा में रखें.

–    बोनसई व कैक्टस न लगाएं, क्योंकि बोनसई विकास में बाधक व कैक्टस हानिकारक होता है.

–    वास्तु के अनुसार बेडरूम में बाथरूम नहीं होना चाहिए, क्योंकि दोनों की ऊर्जाओं का परस्पर आदान-प्रदान सेहत के लिए अच्छा नहीं होता.

–    बाथरूम घर के नैऋत्य कोण (दक्षिण-पश्‍चिम के मध्य की दिशा) में बनवाना चाहिए. यदि संभव न हो, तो वायव्य कोण में भी बाथरूम बनवा सकते हैं.

–    बाथरूम में पानी का बहाव उत्तर की ओर रखें.

–    गीज़र व अन्य इलेक्ट्रिकल उपकरण बाथरूम के आग्नेय कोण में लगाएं.

– बाथरूम में एक बड़ी खिड़की व एक्ज़ॉस्ट फैन के लिए रोशनदान ज़रूर लगाएं.

– बाथरूम में सदा हल्के रंग की टाइल्स का इस्तेमाल करें. गहरे रंग की टाइल्स न लगाएं.

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  – सावित्री गुप्ता

 

दिवाली के दिन शुभ फल प्राप्ति के लिए क्या करें, कैसे करें? (Do’s And Don’ts Of A Prosperous Diwali)

do's and don'ts during diwali
दीपावली में सुख, समृद्धि और देवी लक्ष्मी की कृपा बनी रहे, इसके लिए इन पांच दिनों में आपको कुछ बातों का ध्यान रखना होगा, जैसे- पूजा की विधि, शुभ फल प्राप्ति के लिए क्या करें, किन बातों से बचें आदि. दीपावली के शुभ पर्व की शुरुआत होती है धनतेरस से, इस दिन किस तरह से पूजा-अर्चना करें और किन बातों का ख़्याल रखें, ताकि मां लक्ष्मी की कृपा आप पर बनी रहे, सबसे पहले यही जानते हैं.

नरक चतुर्दशी

यह दूसरे दिन मनाया जानेवाला पर्व है, जिसे छोटी दिवाली भी कहा जाता है. इस दिन की शाम को दीपदान करने की मान्यता है, जो यमराज के लिए किया जाता है.

– इस दिन स्नानादि के बाद मंदिर में भगवान विष्णु और भगवान कृष्ण की पूजा करें.

– रात को घर के सबसे बुज़ुर्ग सदस्य द्वारा एक दीपक जलाकर पूरे घर में घुमाने के बाद उस दीप को घर से बाहर कहीं दूर इस मान्यता और विश्‍वास के साथ रखें कि सभी बुराइयां और हानिकारक शक्तियां घर से बाहर चली जाएं.

– मुख्य द्वार पर दक्षिण दिशा में चावल की ढेरी बनाकर उस पर दीया जलाएं.

– यमराज को अकाल मृत्यु से दूर रखने की प्रार्थनाकरें.

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दीपावली

धार्मिक व सामाजिक मान्यता के अनुसार पांच दिनों तक हिंदू रीति से उत्सव की तरह मनाया जानेवाला त्योहार है दिवाली.

पूजन सामग्री और विधि

सामग्री: दीपक, कमल के फूल, जावित्री, केसर, रोली, चावल, पान के पांच पत्ते, सुपारी, एक थाली में फल, दूसरी थाली में गुलाब और गेंदा आदि के फूल, दूध, खील-बताशे, नारियल, सिंदूर, सूखे मेवे, मिठाई की भरी थाल, दही, गंगाजल, दूब, अगरबत्ती, आंगन आदि में जलाने के लिए 11 या 21 की संख्या में मिट्टी के दीपक, रूई, कलावा, तांबे का कलश और तांबे के अन्य पात्र, सिक्के तथा रुपए.

विधि: सबसे पहले थाली में या भूमि को शुद्ध करके नवग्रह बनाएं या नवग्रह का यंत्र स्थापित करें. इसके साथ ही एक तांबे या मिट्टी का कलश रखें, जिसमें गंगाजल, दूध, शहद, सुपारी, सिक्के और लौंग वग़ैरह डालें तथा उसे लाल कपड़े से ढंककर एक कच्चे नारियल और कलावे से बांध दें.

– बनाए गए नवग्रह यंत्र के स्थान पर रुपया, सोना या चांदी का सिक्का, देवी लक्ष्मी की मूर्ति और मिट्टी के बने हुए लक्ष्मी, गणेश, सरस्वती, ब्रह्मा, विष्णु, महेश आदि देवी-देवताओं की मूर्तियां या चित्रों से सजाएं.

– यदि कोई धातु की मूर्ति हो, तो उसे साक्षात रूप मानकर दूध, दही और गंगाजल से स्नान कराकर अक्षत-चंदन का शृंगार करें और फल-फूल आदि से सजाएं. इसके दाहिनी ओर घी या तिल का एक पंचमुखी दीपक अवश्य जलाएं.

– घर के किसी मुख्य सदस्य या नित्य पूजा-पाठ करनेवाले व्यक्ति को महालक्ष्मी पूजन के समय तक उपवास रखना चाहिए.

– ध्यान रहे पूजन के लिए उत्तर या पूर्व दिशा में मुख करके बैठें.

– सबसे पहले गणेश और अंबिका का पूजन करें. फिर कलश स्थापन और नवग्रह पूजन के बाद लक्ष्मी समेत दूसरे देवी-देवताओं का पूजन करें.

– इस पूजन के बाद तिजोरी में गणेश तथा लक्ष्मी की मूर्ति रखकर विधिवत पूजा करें. पूजन के स्थान पर चौमुखा दीपक जलाएं तथा पूजा के बाद घर के कोने-कोने में दीपक जलाकर रखें.

– कारोबारियों को अपने कार्यक्षेत्र पर बही-खातों की पूजा करना चाहिए. पूजा के बाद जितनी जैसी श्रद्धा हो, उसके अनुरूप घर के छोटे बच्चों, बहू-बेटियों को रुपया-पैसा या दूसरी वस्तुओं का दान देना चाहिए.

– रात के बारह बजे दुकान की गद्दी की भी विधिपूर्वक पूजा करें. परंपरा के अनुसार दीपावली पूजन के बाद चूने या गेरू में रूई भिगोकर चक्की, चूल्हा, सिल-बट्टा तथा सूप पर तिलक करना चाहिए.

– देवी लक्ष्मी की पूजा के समय उनके मंत्र-ॐ श्रीं हृीं श्रीं महालक्ष्म्यै नम: का लगातार उच्चारण करते रहें.

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क्या करें?

दीपावली की पूजा किसी योग्य पुजारी से विधि-विधान से संपन्न करवाएं.

– पूजा की तैयारी सूर्योदय से पहले ही नित्यकर्म एवं स्नान आदि से निबटकर कर लें.

– पूजन से पहले घर की अच्छी तरह साफ़-सफ़ाई करें. घर को फूल, आम के पत्ते, रंगोली, रंगीन बल्ब आदि से सजाएं.

– पूजाघर सही तरह से सुसज्जित होना चाहिए. सजावट में विविध रंगों का
इस्तेमाल करें.

– पूजा के क्रम में अच्छी ख़ुशबूदार अगरबत्ती या धूप का इस्तेमाल करें. इनमें गुलाब या चंदन की धूप सबसे बेहतर रहती है.

– घर के प्रवेश द्वार के दोनों ओर दीया जलाएं.

क्या न करें?

– घर में व प्रवेश द्वार पर कहीं भी गंदगी न रहने दें.

– रंगों, फूलों आदि से सजावट करते हुए या रंगोली बनाते समय ध्यान रहे कि काले या गाढ़े भूरे रंग का इस्तेमाल न के बराबर हो.

– पूजा का स्थान घर के दक्षिण, पश्‍चिम या उत्तर की ओर न बनाएं. किसी भी एक देवी या देवता की दो मूर्तियां या तस्वीरें न रखें.

– घर के कोने-कोने में नमक मिश्रित जल का छिड़काव करने के बाद अपना हाथ धोना नहीं भूलें.

– उपहार में चमड़े की बनी वस्तुएं किसी को भी न दें.

यह भी पढ़ें: दिवाली स्पेशल: लक्ष्मी जी की आरती

वास्तु टिप्स

– घर के आंगन, बड़े हॉल या फिर प्रवेश द्वार पर रंगोली बनाएं. उसके बीच में दीपक जलाएं. दीये के मुख को दक्षिण-पूर्व दिशा में रखकर जलाने से सुख-समॄिद्ध बढ़ती है. इसी के साथ मुख्य द्वार पर घर में प्रवेश करते हुए पैरों के
निशान बनाएं.

– घर का उत्तरी भाग धन का प्रतिनिधित्व करता है, अत: लक्ष्मी पूजा इसी हिस्से में की जानी चाहिए.

– पूजाघर में भगवान गणेश को देवी लक्ष्मी के बाईं ओर तथा देवी सरस्वती को लक्ष्मी के दाईं ओर रखना चाहिए. सभी देवी-देवताओं की मूर्तियां या तस्वीरें बैठी हुई अवस्था में होनी चाहिए, जिन्हें उत्तर-पूर्व दिशा की ओर मुख किए हुए
रखना चाहिए.

– पानी का कलश पूर्व या उत्तर दिशा में रखें. पूजा स्थल या पूजा घर में मूर्तियां रखते समयइस बात का ध्यान रखें कि वे किसी भी दरवाज़े के सामने या रास्ते में न पड़ें.

– पूजा स्थल पर पूर्व या उत्तर की दिशा में एक चौड़े बर्तन के पानी में तैरती हुई ताज़ा गुलाब की पंखुड़ियां रखें.

– ॐ या स्वस्तिक के चिह्न को उत्तर या पूर्व दिशा की दीवारों पर ही लगाएं.

– जब घर के बाहर दीये जलाएं, तो इन्हें चार के गुणक के रूप में रखें. प्रत्येक दीया लक्ष्मी, गणेश, कुबेर और इंद्र का प्रतिनिधित्व करता है.

– उपहार के लिए धातु के सामान या कपड़े आदि को उपयुक्त माना गया है. सजावटी वस्तुओं में पेंटिंग, क्रिस्टल बॉल आदि हो सकते हैं.

– घर की सजावट के क्रम में प्रकाश-व्यवस्था घर के मुख्य द्वार की दिशा के अनुरूप होनी चाहिए. यदि मुख्य द्वार उत्तर या उत्तर-पश्‍चिम की ओर हो, तो हरे या पीले रंग की रोशनी का इस्तेमाल करें.

– यदि मुख्य प्रवेश पूर्व की ओर हो, तो पीले रंग की रोशनी का इस्तेमाल करें.

– यदि मुख्य प्रवेश दक्षिण-पूर्व हो, तो लाल रंग की रोशनी का इस्तेमाल करें.

– यदि प्रवेश द्वार दक्षिण या दक्षिण-पश्‍चिम या पश्‍चिम की ओर हो, तो लाल और नीले रंग की रोशनी का उपयोग करना चाहिए. इसी तरह से उत्तर-पूर्व की दिशा में प्रवेश द्वार होने की स्थिति में नीला रंग सही होता है.

 

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गोवर्धन पूजा

दिवाली की अगली सुबह गोवर्धन पूजा होती है. इस दिन गायों की पूजा की जाती है. मान्यता है कि गाय देवी लक्ष्मी का स्वरूप है. भगवान श्रीकृष्ण ने आज ही के दिन इंद्र का मान-मर्दन कर गिरिराज पूजन किया था.

– गायों को सुबह स्नान करवाकर फूल- माला, धूप, चंदन आदि से उनकी पूजा की जाती है. गाय के गोबर से गोवर्धन बनाया जाता है.

– पूजा के बाद गोवर्धनजी की सात परिक्रमाएं उनकी जय-जयकार करते हुए की जाती है.

– गोवर्धनजी गोबर से लेटे हुए पुरुष के रूप में बनाए जाते हैं. इनकी नाभि के स्थान पर एक कटोरी या मिट्टी का दीपक रख दिया जाता है. फिर इसमें दूध, दही, गंगाजल, शहद, बताशे आदि पूजा करते समय डाल दिए जाते हैं और बाद में इसे प्रसाद के रूप में बांट दिया जाता है.

क्या करें?

– गोवर्धन पूजा पूरे विधि-विधान के साथ शुभ मुहूर्त में करें. बेहतर होगा किसी पंडित से पूजा करवाएं.

– पूजा से पहले प्रात:काल तेल मालिश कर स्नान करें.

– घर के बाहर गोवर्धन पर्वत बनाएं. फिर पूजा करें.

क्या न करें?

– गोवर्धन पूजा और अन्नकूट का आयोजन बंद कमरे में न करें.

– गायों की पूजा करते हुए ईष्टदेव या भगवान कृष्ण की पूजा करना न भूलें.

– इस दिन चंद्र का दर्शन न करें.

यह भी पढ़ें: फेस्टिव स्पेशल: रंगोली डिज़ाइन्स

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भैया दूज

दिवाली के अंतिम दिनों का पांचवां त्योहार भैया दूज है.

– भाई दूज के दिन विवाहित या अविवाहित बहनों को प्रात: स्नान आदि से निपटकर भाई के स्वागत की तैयारी करनी चाहिए.

– इस दिन यम की पूजा या भाई के आवभगत का तरीक़ा अलग होता है. इसके अनुसार बहनों को भाई के माथे पर तिलक लगाकर उनकी आरती उतारनी चाहिए और कलावा बांधकर मुंह मीठा करने के लिए उन्हें माखन-मिश्री खिलानी चाहिए. इस विधि के संपन्न होने तक दोनों को व्रती रहना चाहिए.

– बहनों को शाम के समय यमराज के नाम से चौमुख दीया जलाकर घर के बाहर रखना चाहिए. इस समय आसमान में चील उड़ती दिखाई देने पर बहुत ही शुभ माना जाता है. इस संदर्भ में मान्यता यह है कि बहनें भाई की आयु के लिए जो दुआ मांग रही हैं, उसे यमराज ने क़बूल कर लिया है.

क्या करें?

– भाई को अपनी विवाहिता बहन के घर अवश्य जाना चाहिए.

– बहन को अपने भाई का आतिथ्य सत्कार करना चाहिए और तिलक लगाकर उनके उज्ज्वल भविष्य, जीवन, स्वास्थ्य आदि की कामना करनी चाहिए.
क्या न करें?

– भाई को अपने घर बहन के आने का इंतज़ार नहीं करना चाहिए, बल्कि उसे ही बहन के घर जाना चाहिए.

– बहन यमदेव की पूजा तक कुछ भी न खाए-पीए.

– मनीषा कौशिक
(वास्तु-फेंगशुई एक्सपर्ट)

करियर में कामयाबी के लिए इफेक्टिव वास्तु ट्रिक्स(Effective Vastu Tips For Success In Carrier)

वास्तु शास्त्र के सिद्धांत न केवल घर की विभिन्न जगहों पर, बल्कि ऑफिस या दुकान की बनावट, साज-सज्जा और उठने-बैठने या कार्य करने की स्थिति पर भी लागू होते हैं. इसके इस्तेमाल से अगर व्यापार-व्यवसाय में मनोवांछित सफलता मिल सकती है, तो किसी भी तरह के लेन-देन संबंधी कार्य के लिए बैठने की दिशा या जगह  गतिशीलता को प्रभावित कर सकती है. 


क्या है वास्तु कनेक्शन?

 

* वास्तु शास्त्र के अनुसार पृथ्वी का चुंबकीय उत्तर क्षेत्र कुबेर का स्थान बताया गया है, जो धनागमन या धन की वृद्धि के लिए शुभ होता है.

* इस क्षेत्र में किया गया कोई भी कारोबार, चाहे वह व्यापारिक बैठकें हों, पैसे या आवश्यक दस्तावेज़ के लेन-देन का काम हो या फिर किसी तरह का बड़ा सौदा तय करना हो, तो उत्तर की ओर मुख रखने पर काफ़ी लाभ मिलता है और प्रोफेशन में आशानुरूप सफलता मिलती है.

* इसके पीछे वास्तु के दिए गए वैज्ञानिक कारण के अनुसार उत्तर की ओर सक्रिय चुंबकीय तरंगें मस्तिष्क की कोशिकाओं को सक्रिय बना देती हैं और इस दिशा में प्रवाहित होनेवाली शुद्ध वायु से पर्याप्त ऑक्सीजन मिलता है. इनसे मस्तिष्क की सक्रियता और याद्दाश्त बढ़ जाती है

.* यही बातें आंतरिक शक्ति की तरह व्यापारिक उन्नति और कार्यों को सफल बनाने में मदद करती हैं.

* कारोबारियों या ऑफिस में काम करने वालों को चाहिए कि वे अपना ज़्यादातर काम उत्तर की ओर मुख करके ही करें.

* अगर कैश बॉक्स और दूसरे महत्वपूर्ण काग़ज़ात या चेक बुक आदि अपने दाहिने ओर रखें, तो यह उनकी कार्य क्षमता को बढ़ा देता है.

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वास्तु टिप्स

 

1. ऑफिस में आपके बैठने की जगह के पीछे की दीवार यदि आपके काफ़ी क़रीब है, आपकी पीठ और दीवार के बीच जगह नाममात्र की है, तो इससे आपको एक सकारात्मकता या अदृश्य समर्थन का एहसास होगा.

2. आप जहां बैठते हों, उसके पीछे की दीवार पर पहाड़ों के दृश्य वाले पोस्टर लगाएं. इनसे दीवार से मिलने वाला अदृश्य समर्थन और अधिक प्रभावशाली हो जाएगा.

3. ऑफिस में आपके सामने की खुली जगह का अर्थ आगे बढ़ने, नए विचार बनने और खुलेपन के एहसास से है. इस कारण आपके बैठने की जगह के सामने का स्थान खुला-खुला होना चाहिए.

4. किसी कॉन्फ्रेंस रूम में हो रही मीटिंग के दौरान आपको दक्षिण-पश्‍चिम दिशा की ओर बैठना चाहिए तथा आपकी सीट रूम के प्रवेश द्वार से दूर होनी चाहिए.

5. ऑफिस में इस्तेमाल किए जानेवाले फर्नीचर रेक्टेंगल या चौकोराकार (स्न्वेयर) के होने चाहिए. यदि ये स्न्वेयर हों, तो और भी अच्छा है. ये फर्नीचर लकड़ी के हों, तो और भी बेहतर परिणाम मिल सकता है.

6. यदि आपका ऑफिस पूर्व में है, तो ग्लास टॉप टेबल का उपयोग करना अच्छा होगा.

7. ध्यान रहे कि आपके बैठने की कुर्सी के पीछे की ऊंचाई अधिक हो, जिससे आप अपनी पीठ अच्छी तरह टिका सकें. यह प्रतिकात्मक सहयोग के साथ-साथ स्वास्थ्य की दृष्टिकोण से भी अच्छा होगा.

8. यदि आपके ऑफिस में अनुपयुक्त या टूटे हुए फर्नीचर हैं, तो इन्हें तुरंत बदल दें या इनकी तुरंत मरम्मत करवा लें.

9. यदि ऑफिस में किसी भी तरह के पानी का लीकेज हो, जैसे- रखे गए पानी के जार में लीकेज या बेसिन के नल से बूंदें टपकती रहती हों, तो इसे तुरंत ठीक करवा लें, क्योंकि पानी का रिसाव धनहानि को दर्शाता है.

10. बिज़नेस के दौरान की जानेवाली सभी गतिविधियां पूर्व या उत्तर दिशा की ओर की जानी चाहिए. धन की प्राप्ति के लिए उत्तर दिशा काफ़ी अच्छी और उपयुक्त है.

11. अपने कार्यालय या दुकान के दक्षिण-पूर्व दिशा में कारोबार या कामकाज के सहयोग के लिए कमरे में रखे जाने वाले पौधे गमले में लगाकर रखें. ये नकारात्मक ऊर्जा को अवशोषित कर आपको तरोताज़ा बनाए रखेंगे.

12. आप अपने ऑफिस में दक्षिण-पूर्व में लैंप रख सकते हैं. काम के दौरान लैंप को जलाकर रखने से सकारात्मक ऊर्जा की अनुभूति होगी. साथ ही धन लाभ भी होगा.

13. ऑफिस की पूर्व दिशा में ताज़ा फूलों को जगह दें. गुलदस्ते में लगे रंग-बिरंगे फूल आपकी मन:स्थिति को संतुलित और प्रफुल्लित बनाए रखेंगे.

14. इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स, जैसे- कंप्यूटर, दूसरी मशीनें, हीटर, एयर कंडिशनर, प्रिंटर, फोटोकॉपी की मशीन आदि ऑफिस में होते ही हैं, लेकिन उनसे निकलने वाली गर्मी और आवाज़ों को नियंत्रित करना आवश्यक है. आप वास्तु के ज़रिए ऐसा कर सकते हैं. कोशिश  करें कि इन्हें दक्षिण-पूर्व दिशा में रखा जाए.

15. अपनी योग्यता, कार्यशैली या फिर प्रोफेशन के अनुरूप वास्तु के उपायों को अपनाएं. इसके अनुसार यदि आप एक कलाकार, विद्यार्थी, लेखक, कारोबारी या फिर राजनेता हैं, तो अपना कमरा इसके अनुरूप बनाए रखें, ताकि कार्य के प्रति सहजता का एहसास कर सकें.

16. यदि आप किसी कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी हैं या आपका अपना कारोबार है, तो अपने दफ़्तर का कमरा दक्षिण-पूर्व की ओर रखें. उसमें बैठते समय आपका चेहरा उत्तर की ओर होना चाहिए.

17. ऑफिस के उत्तर-पूर्व हिस्से को हमेशा साफ़-सुथरा बनाए रखें. कोशिश करें कि इस क्षेत्र में किसी भी तरह के अनावश्यक सामान न हों और इसमें हमेशा खुलेपन का एहसास हो. इसी तरह से कमरे के बीच का स्थान खुला होना चाहिए, ताकि आराम से आवाजाही हो सके.

18. यदि आप निर्माण संबंधी कार्य करते हैं, तो उत्पादन की नियमितता बनाए रखने के लिए इस कार्य का क्षेत्र दक्षिण-पश्‍चिम में बनाया जाना चाहिए.

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19. दफ़्तर की खिड़कियां और दरवाज़े हमेशा साफ़ और चमकते रहने चाहिए.

20. ऑफिस के कमरे में या टेबल के पूर्वोत्तर में पानी के फव्वारे का भी इस्तेमाल किया जा सकता है.

21. कार्यालय के केबिन में वास्तु शास्त्र के अनुरूप लगाया गया दर्पण भी पैसे के आगमन में वॄिद्ध कर सकता है या फिर आपके करियर को चमका सकता है.

22. ऑफिस की पैंट्री दक्षिण-पूर्व या उत्तर-पूर्व दिशा में होनी चाहिए

.23. क़ानूनी कार्य के लिए पूर्व या पश्‍चिम का भाग उपयुक्त होता है.

24. ऑफिस के अकाउंट विभाग को उत्तर दिशा में बनाया जाना चाहिए. इसी तरह कैशियर को भी इसी हिस्से में बैठाया जाना चाहिए.

25. शोरूम या दुकान का कैश बॉक्स हमेशा दक्षिण और पश्‍चिम की दीवार के सहारे होना उपयुक्त होता है.

26. दुकान में बिक्री के सामानों को रखने के लिए शेल्फ, आलमारियां, शोकेस और कैश काउंटर दक्षिण दिशा में होने चाहिए.

27. दुकान के ईशान कोण अर्थात उत्तर-पूर्व दिशा में मंदिर या इष्टदेव की तस्वीर लगाएं. इसके अतिरिक्त दूसरे हिस्से में पीने का पानी रखें.

28. वास्तु शास्त्र के अनुसार कार्यालय या कार्यस्थल या फिर दुकान आदि में लगाए जाने वाले बिजली या संचार साधनों के उपकरणों के स्विच बोर्ड दक्षिण-पूर्व हिस्से में लगाया जाना चाहिए.

 

क्या न करें?

 

करियर, ऑफिस के कामकाज या फिर व्यक्तिगत पेशे में सहजता और गतिशीलता बनाए रखने के लिए निम्नलिखित कार्य न करें, ये वास्तु शास्त्र के नियमों का उल्लंघन करते हैं-

– बीम के नीचे कभी न बैठें. अपना साधारण से साधारण काम भी इससे अलग होकर निपटाएं.

– कार्यालय या कार्यस्थल के प्रवेश द्वार की ओर अपनी पीठ रखते हुए बैठने से बचें.

– अपने बैठने के स्थान के पीछे बहते पानी के दृश्योंवाली तस्वीरें कभी न लगाएं. इससे आपको समर्थन में कमी का एहसास होगा और काम के दौरान बहुत जल्द नकारात्मकता का एहसास होने लगेगा.

– अपने पैरों को क्रॉस करते हुए कभी न बैठें.

– ऑफिस के कमरे में गोलाकार, अंडाकार या अनियमित आकार के फर्नीचर का उपयोग करने से बचें.

– जिन जगहों का इस्तेमाल कम होता हो या जहां नकारात्मकता का एहसास हो, उस जगह अपने ज़रूरी काम न करें.

– ऑफिस में भीड़भाड़ वाली जगह पर काम करने से बचें.श्र ऑफिस में किसी भी तरह के शोर या मशीनी आवाज़ों से बचें.

– धातु या प्लास्टिक के फर्नीचर का इस्तेमाल कम से कम करें. इसी तरह से जो भी फर्नीचर उपयोग में लाया जा रहा हो, उनमें नुकीलापन व तेज़ धार नहीं होनी चाहिए.

– ऑफिस की दीवारों पर या अपने डेस्क पर नकारात्मक या मन को अवसाद, उत्तेजना, आक्रोश से भर देनेवाली तस्वीरें न लगाएं.

– ऑफिस में अंधेरा नहीं होना चाहिए. पर्याप्त रोशनी का होना आवश्यक है.

– यदि कोई अपने घर से ही ऑफिस चलाता हो, तो ऑफिस का स्थान मुख्य शयनकक्ष से सटा हुआ नहीं होना चाहिए.

– ऑफिस के लिए पानी संबंधी इंतज़ाम दक्षिण दिशा में नहीं करना चाहिए, इससे कामकाज को नुक़सान पहुंच सकता है.

 

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किचन के लिए Effective वास्तु टिप्स, जो रखेगा आपको हेल्दी(Super Effective Vastu Tips For Your Kitchen For Healthy Life)

वास्तु टिप्स

अगर किचन का डेकोर करते समय वास्तु शास्त्र के कुछ रूल्स फॉलो किए जाएं तो न सिर्फ आप और आपका परिवार हेल्दी रहेगा. बल्कि आपके परिवार में सुख-समृद्धि भी बनी रहेगी. 

Why-Vastu

क्यों ज़रूरी है रसोई का वास्तु?

रसोईघर भोजन निर्माण का केंद्र है और भोजन ही हमारे शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य का आधार है. अतः यदि रसोईघर सही एवं शुभ दिशा में स्थित हो तथा उसकी संयोजना वास्तुशास्त्र के नियमों के अनुकूल की गई हो, तो न केवल उसमें खाना बनानेवाला, बल्कि उस भोजन को ग्रहण करनेवाले परिवार के सभी सदस्यों पर भी गहरा प्रभाव पड़ता है.
यदि रसोईघर में हवा और प्रकाश आने की पर्याप्त व्यवस्था हो तथा सामग्री इत्यादि रखने की संयोजना वास्तु के अनुसार हो, तो आपको थकान का अनुभव नहीं होता, मन प्रफुल्लित रहता है, जिसका सूक्ष्म प्रभाव भोजन में प्रविष्ट होकर भोजन करनेवालों को शारीरिक पुष्टि एवं मानसिक संतुष्टि प्रदान करता है. इससे वे निरोगी रहते हैं, मन प्रसन्न रहता है और उनकी कार्यक्षमता में वृद्धि होती है, जिससे घर में सुख-समृद्धि बढ़ती है.

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* घर के प्रत्येक सदस्य को किचन के प्रति एक पवित्र श्रद्धा होनी चाहिए.
* किचन हमेशा स्वच्छ रहना चाहिए, किसी भी परिस्थिति में किचन को अस्त-व्यस्त और अस्वच्छ नहीं रखना चाहिए.
* रात को जूठे बर्तन किचन में नहीं छोड़ने चाहिए.
* गंदगी और कचरा आदि जितनी जल्दी हो सके, सुविधानुसार हटा देना चाहिए.
* मकड़ी के जाले, कॉक्रोच व अन्य जीव-जंतु रसोई में अपना घर न बना लें, इस पर ध्यान देना चाहिए.
* बर्तन व अन्य समस्त उपकरण साफ़ और व्यवस्थित होने चाहिए.
* टूटे-फूटे बर्तन व ऐसे बर्तन जिन्हें देखकर मन प्रसन्न नहीं होता हो, उन्हें हटा देना चाहिए.
* छत, दीवार और फर्श पर कहीं भी दरार या टूट-फूट नहीं रहनी चाहिए.
* चलने पर टाइल्स हिलनी नहीं चाहिए.
* फर्नीचर आदि सुंदर व व्यवस्थित होना चाहिए यानी ड्रॉअर या ट्रॉली आदि खोलने पर किसी भी तरह की कर्कश आवाज़ नहीं आनी चाहिए.
* प्रकाश और हवा का आवागमन बेरोकटोक रहे.
* बासी, अपवित्र, दुर्गंधयुक्त खान-पान नहीं रखना चाहिए.
* पवित्र व प्रसन्न मन से रसोईघर में प्रवेश करना चाहिए. वहां की गई हर गतिविधि मां अन्नपूर्णा की उपासना है.
* देखा जाता है कि घर के ड्रॉइंग रूम के सौंदर्य पर ही विशेष ध्यान दिया जाता है, जबकि उससे भी ज़्यादा ध्यान किचन पर होना चाहिए, ताकि किचन को देखते ही हमारे अंदर आनंद और ऊर्जा का संचार हो.
* रसोईघर में रोना, चीखना-चिल्लाना व हाथापाई भूलकर भी नहीं होनी चाहिए.
* रसोईघर में स्नान करके प्रवेश करना चाहिए.
* यहां नौकर-चाकर या सेवक को नहीं सोना चाहिए.
* संभव हो, तो रसोईघर में भोजन नहीं करना चाहिए.
* रसोईघर में लीकेज नहीं होना चाहिए.
* मटके में कांच के बर्तन या ग्लास आदि नहीं डालने चाहिए.
* यदि आपके यहां भोजन कोई रसोइया बनाता है, तो उसे ख़ुश रखें.
* किचन में फोन आदि पर बात करते समय कभी भी झूठा वादा न करें.

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इन बातों का भी रखें ख़्याल
* किचन हमेशा दक्षिण-पूर्व अर्थात् आग्नेय कोण में होना चाहिए.
* भोजन बनाते समय हमारा मुंह पूर्व में होना चाहिए.
* किचन में चूल्हा दक्षिण-पूर्व में बने प्लेटफॉर्म पर रखना चाहिए. जहां तक संभव हो दक्षिण की तरफ़ होना चाहिए.
* त्योहार, पर्व या विशेष दिनों में, जैसे- जन्मदिन या शादी की वर्षगांठ के दिन रसोई को ख़ास ढंग से सजाना व साफ़-सुथरा रखना चाहिए.
* प्रतिदिन किसी न किसी को निमित्त मानकर दीपक जलाना चाहिए.
* रसोईघर में पूजा घर न बनाएं, लाचारी वश बनाना भी हो, तो विशेष नियमों का पालन करें.
* रसोईघर में सफ़ाई के उपकरण रखने ही हों, तो रसोईघर के उत्तर-पश्‍चिम में रखें, यदि वहां भी संभव न हो, तो दक्षिण-पश्‍चिम में भी रख सकते हैं.
* फूल, सुगंध, संगीत, स्वच्छता व पवित्रता रसोईघर के लिए जुटा पाएं, तो आपके सौभाग्य को बेहद बल मिलता है. आप प्रगति और
उन्नति करेंगे.
* रसोईघर के लिए दक्षिण-पूर्व क्षेत्र का प्रयोग उत्तम है, किंतु जहां सुविधा न हो, वहां विकल्प के रूप में उत्तर-पश्‍चिम क्षेत्र का प्रयोग किया जा सकता है. किंतु उत्तर-पूर्व मध्य व दक्षिण-पश्‍चिम क्षेत्र में किचन नहीं होना चाहिए.

– डॉ. प्रेम गुप्ता

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धन प्राप्ति के लिए 25 Effective वास्तु टिप्स (25 Effective Vastu Tips for Wealth and Prosperity)

Vastu Tips for Wealth

घर में सुख-शांति, समृद्धि, धन-वैभव व ख़ुशहाली चाहते हैं तो वास्तु के कुछ नियमों का पालन करें और घर को नकारात्मक ऊर्जा से बचाएं.

 

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1. मुख्यद्वार दक्षिण दिशा में हो तो आर्थिक परेशानियां हमेशा घेरे रहती हैं. जहां तक हो सके ऐसे घर का चुनाव न करें.
2. ईशान (उत्तर-पूर्व) में सात की संख्या में क्रिस्टल रखें. घर में पॉज़िटिव ऊर्जा बढ़ेगी व धनलाभ होगा.
3. अमावस्या के दिन घर की सफ़ाई का नियम बनाएं, तो महसूस करेंगे कि पॉज़िटिव एनर्जी बढ़ रही है.
4. रोज़ जब भी घर में पोंछा लगाएं, तो पानी में थोड़ी-सी हल्दी ज़रूर मिलाएं. ऐसा करने से आपको ज़रूर फ़ायदा होगा.
5. उत्तर की दिशा में पुष्य नक्षत्र में पूजा करवाकर कनक धारा यंत्र लगाएं, घर में धन की वृद्धि होगी.
6. घर के अंदर प्लास्टिक के फूल व पेड़-पौधे ना रखें, इससे दरिद्रता आती है और निगेटिव एनर्जी का प्रभाव बढ़ता है.
7. गुरुवार के दिन उत्तर दिशा में कमल के फूल रखने से धन की वृद्धि होती है.
8. पूर्व दिशा में बहुत ज़्यादा सामान रखने से एनर्जी फ्लो नहीं हो पाती, जिससे घर में बाधाएं आती हैं. उस दिशा में रखा सामान हटा दें, तुरंत पैसे संबंधी चिंताएं कम होने लगेंगी.

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9. किचन में रात के जूठे बर्तन रखने से बिज़नेस में नुक़सान होता है. कृपया, ऐसा न करें. रात को ही किचन साफ़ कर लें.
10. बुधवार के दिन पैसे लेने-देने से धन में कमी आती है व हानि होती है, कृपया, इससे बचें.
11. बेडरूम में पानी रखना वर्जित है. ऐसा करने से व्यक्ति हमेशा कर्ज़ व उधार में फंसा रहता है. इसलिए बेडरूम में पानी भरकर न रखें.
12. अग्नि कोण यानी दक्षिण-पूर्व दिशा में रोज़ाना शाम को कपूर जलाने से धन की वृद्धि होती है.
13. दक्षिण की दीवार पर तिजोरी होने से धन बढ़ता है. इसकी बजाय किसी भी दिशा में रख देने से आमदनी घटती-बढ़ती रहती है.
14. तिजोरी में परफ्यूम ना रखें, इससे बहुत ज़्यादा नुक़सान होता है.

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15. प्रत्येक पूर्णिमा के दिन दहलीज़ पर हल्दी से स्वस्तिक बनाएं. ऐसा करने से क़र्ज़ कम होने लगता है.
16. पुष्य नक्षत्र में भी दहलीज़ पर हल्दी से स्वस्तिक बनाने से धन में वृद्धि होती है.
17. घर का मुख्य दरवाज़ा अगर ख़राब हो या पूरी तरह से ना खुलता हो, तो इससे धनहानि होती है. इसे फ़ौरन ठीक करवाएं व कर्ज़ व निगेटिव एनर्जी से बचें.
18. रविवार के दिन उत्तर दिशा में कुबेर यंत्र स्थापित करना शुभ होता है. ऐसा करने से कर्ज़ कम होते हैं.
19. दक्षिण की दीवार पर मंदिर होने से बड़े-बड़े संघर्ष सामने आते हैं व कभी-कभी व्यक्ति दिवालिया भी हो जाता है. कृपया, इसे हटाकर ईशान में स्थापित करें.
20. घर की तिजोरी में बुधवार को पैसा रखने से काफ़ी हद तक धन बढ़ता है और व्यक्ति सही दिशा में ख़र्च भी करता है.
21. घर में वर्ष में दो बार कोई भी पूजा या हवन करवाएं. ऐसा करने से कर्ज़ को प्रभावित करनेवाली ऊर्जा ख़त्म होकर धन ऊर्जा बढ़ती है. इससे वास्तु देवता भी प्रसन्न होते हैं.
22. उत्तर दिशा के मध्य में किसी अच्छे मुहूर्त में चांदी की कटोरी में मोती रखने से चमत्कारी रूप से धन में वृद्धि होती है.
23. जिस घर में ज़्यादा कलह होते हैं, वहां पर धन संबंधी चिंताएं बढ़ती हैं. ऐसा किसी बड़े वास्तु दोष के कारण होता है. कृपया, किसी अच्छे वास्तुशास्त्री से परामर्श लें.
24. गुरुवार को वास्तु में महालक्ष्मी अष्टकम पढ़ने से धन में वृद्धि होती है.
25. बांस के एक जोड़ी तने को लाल धागे से बांधकर इसे मुख्य द्वार की सामनेवाली दीवार पर टांग दें.

– वास्तुशास्त्री राजेंद्र दुबे

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टॉप 25 वास्तु टिप्स: बिना तोड़-फोड़ के कैसे दूर करें वास्तु दोष? (Top 25 Vastu Tips: Vastu Correction without Demolition)

तमाम एहतियात के बावजूद कई बार घर में बिना वजह के तनाव व लड़ाई-झगड़ा बना रहता है. आपसी रिश्तों में कड़वाहट और
उदासीनता-सी रहती है. अन्य कारणों के अलावा वास्तु दोष के कारण भी ऐसा हो सकता है. आप चाहें तो बिना किसी
तोड़-फोड़ घर के वास्तु दोष को दूर कर सकती हैं.

 

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– यदि घर में पानी का फ्लो ठीक न हो या पानी की सप्लाई सही दिशा से न हो, तो उत्तर-पूर्व दिशा से यानी ईशान कोण से भूमिगत पानी की टंकी का निर्माण कर उसी से घर में पानी की सप्लाई करें. ऐसा करने से यह वास्तु दोष दूर हो जाएगा और पानी की ग़लत दिशा से सप्लाई भी बंद हो जाएगी.
– घर का आगे का हिस्सा ऊंचा व पीछे का भाग नीचा हो, तो निचले भाग में डिश एंटीना, टीवी एंटीना आदि को अगले भाग से ऊंचा कर लगा दें. इससे यह वास्तु दोष पूरी तरह से दूर हो जाएगा.
– घर में जो घड़ियां बंद पड़ी हों, उन्हें या तो घर से हटा दें या रिपेयर करवा लें. बंद घड़ियां हानिकारक होती हैं. इनसे नकारात्मक ऊर्जा निकलती हैं.
– यदि घर का प्लास्टर उखड़ गया हो या दरारें पड़ गई हों, तो उसे तुरंत रिपेयर करवा दें.
– किचन के दरवाज़े के ठीक सामने बाथरूम का दरवाज़ा हो, तो यह नकारात्मक ऊर्जा देगा. इस दोष से बचने के लिए बाथरूम या किचन के बीच में एक कपड़े का परदा या किसी अन्य प्रकार का पार्टिशन खड़ा कर सकते हैं, ताकि किचन से बाथरूम दिखाई न दे.
– आग्नेय कोण (पूर्व-दक्षिण की मध्य की दिशा) में किचन न होने पर गैस चूल्हे को किचन के आग्नेय कोण में रखकर दोष का निवारण किया जा सकता है.
– यदि उपरोक्त उपाय नहीं कर सकते, तो आग्नेय कोण में ज़ीरो पावर का बल्ब जलाकर भी इस दोष से बचा जा सकता है.
– यदि ईशान में बोरिंग या अंडरग्राउंड टैंक आदि न बनवा सके हों, तो ईशान में एक सिंपल पानी की टंकी लगवाकर दोष का निवारण कर सकते हैं.

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– यदि भूखंड चौकोर नहीं हो, तो यह ज़रूर देख लें कि लंबाई चौड़ाई की दुगुनी से अधिक न हो. यदि लंबाई चौड़ाई से दुगुनी हो, तो अतिरिक्त भूभाग पर इंडिविज़ुअल कुछ डेवलप किया जा सकता है.
– फेंगशुई के अनुसार, घर के पूर्वोत्तर दिशा में तालाब या फाउंटेन शुभ होता है, पर इसके पानी का बहाव घर की ओर होना चाहिए न कि बाहर की ओर.
– घर के वास्तु दोष को दूर करने के लिए घर में इलेक्ट्रिकल उपकरण, जो कर्कश आवाज़ पैदा करते हों, जैसे- पंखे, कूलर आदि की समय-समय पर मरम्मत करवाते रहें.
– दरवाज़ों के कब्जों में तेल डालते रहें, वरना दरवाज़ा खोलते या बंद करते समय आवाज़ आती है, जो वास्तु के अनुसार अशुभ व नुक़सानदायक होती है.
– यदि आप वैवाहिक जीवन में ख़ुशियां चाहते हैं, तो बेडरूम की साफ़-सफ़ाई व ख़ूबसूरती पर भी विशेष ध्यान दें. बेडरूम शांत, ठंडा, हवादार व बिना दबाववाला होना चाहिए. बेडरूम में बेकार का सामान न रखें.
– बेडरूम में प्राइवेसी बरक़रार रहे, इसके लिए ध्यान रखें कि बेडरूम की खिड़की दूसरे कमरे में नहीं खुलनी चाहिए.
– बेडरूम की आवाज़ बाहर नहीं आनी चाहिए. इससे दांपत्य जीवन में मिठास बनी रहती है.
– बेडरूम की दीवारों पर पेंटिंग्स व तस्वीरें कम, मनभावन व आकर्षक हों.
– बेडरूम में पलंग आवाज़ करनेवाला न हो और सही दिशा में रखा हो. सोते समय सिर दक्षिण की ओर होना चाहिए. आरामदायक व भरपूर नींद से दांपत्य जीवन अधिक सुखद बनता है.
– बाथरूम बेडरूम से लगा हुआ होना चाहिए. बाथरूम का दरवाज़ा बेडरूम में खुलता हो, तो उसे बंद रखना चाहिए या फिर उस पर परदा भी डाल सकते हैं.
– बेडरूम में सोते समय ज़ीरो वॉट का बल्ब जलाना चाहिए, पर ध्यान रहे कि रोशनी सीधी पलंग पर नहीं पड़नी चाहिए.
– फेंगशुई में कछुए को शुभ माना जाता है. इसे घर में रखने से धन-दौलत व सुख-समृद्धि बनी रहती है. इसे अपने घर या ऑफिस की उत्तर दिशा में रखें. ध्यान रहे, कछुए को जब भी रखें, तो उसका चेहरा अंदर की ओर होना चाहिए, तभी दिशा शुभ होगी. इसे कभी जोड़े में न रखें.
– फेंगशुई से वास्तु दोष निवारण में कछुआ अहम् भूमिका निभाता है और यदि आपके घर में कछुआ है, तो समझ लीजिए आप बीमारी व शत्रुओं से दूर ही रहेंगे.
– परिवार की ख़ुशहाली व स्वास्थ्य के लिए पूरे परिवार की फोटो लकड़ी के फ्रेम में जड़वाकर घर की पूर्व दीवार पर लगाएं.
– लिविंग रूम में जहां घर के सदस्य आमतौर पर इकट्ठा होते हैं, वहां बांस का पौधा रखना चाहिए. पौधे को लिविंग रूम के पूर्व कोने में गमले में रखें.
– बेडरूम में पौधा नहीं रखना चाहिए, पर बीमार व्यक्ति के कमरे में फ्रेश फ्लावर्स रख सकते हैं. लेकिन इन फूलों को रात को कमरे से हटा दें.
– मानसिक शांति के लिए चंदन की अगरबत्ती जलाएं. इससे मानसिक बेचैनी कम हो जाती है.

– ऊषा गुप्ता

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