Vastu tips

वास्तु शास्त्र में दिशाओं का बड़ा महत्व है. वास्तु के अनुसार यदि हम भोजन करते समय भी दिशाओं का ध्यान रखें, तो हम कभी बीमार नहीं पड़ेंगे. इसके और भी कई लाभ हो सकते हैं. इसलिए भोजन करते समय दिशाओं का ध्यान ज़रूर रखें.

– वास्तु शास्त्र के अनुसार जिसे आयुष्य की इच्छा है, वह पूर्व दिशा में मुख कर, जिसे लक्ष्मी की इच्छा है, वह पश्‍चिम की ओर मुख कर भोजन करे. जिसको सदाचार और अच्छे गुण की इच्छा हो, वो उत्तराभिमुख बैठकर भोजन करे.

– शास्त्रों में भी विभिन्न कार्य करने के लिए दिशाओं के महत्व के बारे में बताया गया है. शास्त्रों के अनुसार पूर्व दिशा में मुख कर अन्न ग्रहण करें, दक्षिण दिशा में मुख कर मलविसर्जन, उत्तर दिशा में मुख कर मूत्रविसर्जन एवं पश्चिम दिशा में मुख कर पैर धोएं.

किस दिशा में भोजन करने के क्या हैं लाभ?

Vastu Shastra



पूर्व दिशा

पूर्व दिशा की तरफ मुंह करके भोजन करने से रोग और मानसिक तनाव दूर होता है. पूर्व की ओर मुंह करके भोजन करने से तन-मन को एनर्जी मिलती है और आप हमेशा तरोताज़ा महसूस करते हैं. जो व्यक्ति या परिवार के जो बुजुर्ग अक्सर बीमार रहते हैं, ख़ासकर उन्हें पूर्व दिशा में बैठकर ही भोजन करना चाहिए. ऐसा करने से उन्हें स्वास्थ्य लाभ होगा.



उत्तर दिशा

उत्तर दिशा में बैठकर भोजन करने से धन, विद्या एवं आध्यात्मिक शक्ति मिलती है. अगर कोई व्यक्ति अपना करियर शुरू करने की सोच रहा है या करियर में कुछ नया करने की प्लानिंग कर रहा है, तो उसे भी उत्तर दिशा में बैठकर भोजन करना चाहिए. इससे उन्हें सफलता ज़रूर मिलेगी.



पश्‍चिम दिशा

वास्तु शास्त्र में भोजन करने के लिए पश्‍चिम दिशा भी अच्छी मानी गई है. व्यापारी, नौकरीपेशा लोगों के लिए इस दिशा में अगर बैठकर भोजन करना अच्छा होता है. इसके अलावा क्रिएटिव फील्ड के लोग या जिन व्यक्तियों का दिमाग संबंधित कार्य है, उन्हें भी इस दिशा में बैठकर भोजन करना चाहिए.



दक्षिण दिशा में मुंह करके कभी न करें भोजन

Vastu Shastra For Having Food

– दक्षिण दिशा को यम की दिशा माना जाता है, इसलिए कभी भी दक्षिण की ओर मुंह करके खाना नहीं खाना चाहिए.

– इससे दुर्भाग्य बढ़ता है और स्वास्थ्य ख़राब होने का डर रहता है.

– इससे व्यक्ति को पाचन समेत पेट संबंधी कई समस्याओं का सामना करना पड़ता है.

– दक्षिण दिशा की ओर मुख करके भोजन करने से मान-सम्मान पर भी प्रभाव पड़ता है.

इन बातों का भी रखें ख्याल

Vastu Shastra For Having Food



– वास्तुशास्त्र के अनुसार घर में आए मेहमानों को दक्षिण या पश्‍चिम दिशा में बिठाकर खाना खिलाएं और खुद पूर्व या उत्तर दिशा में मुंह करके खाएं.

– डाइनिंग टेबल को दक्षिण या पश्‍चिम की दीवार की तरफ रखें.

– वास्तुशास्त्र में गीले पैरों के साथ भोजन करना अच्छा माना गया है. इससे स्वास्थ्य अच्छा रहता है और आयु बढ़ती है.

– कभी भी टूटे या गंदे बर्तन में खाना नहीं खाना चाहिए. इससे दुर्भाग्य बढ़ता है और जीवन में परेशानियों का सामना करना पड़ता है.

– कभी भी बिस्तर पर बैठकर खाना न खाएं. इसके अलावा थाली को हाथ में उठाकर भी भोजन न करें. वास्तुशास्त्र में इसे अशुभ माना गया है.

– हमेशा ज़मीन पर बैठकर और पालथी मार कर खाना खाएं.

– वास्तु शास्त्र के अनुसार हाथ-पैर-मुंह धोकर भोजन करने से व्यक्ति की आयु बढ़ती है.

– खाने की थाली को हमेशा अपने
बैठने के स्थान से ऊपर रखें. ऐसा करने से परिवार में कभी भी खाने की कमी नहीं होती है.

– खाना खाने से पहले हमेशा भगवान को भोग लगाएं और खाते समय ना ही बात करें और ना ही कोई काम.

– डाइनिंग टेबल को हमेशा साफ-सुथरा रखें. खाना खाने के बाद डाइनिंग टेबल से सारे जूठे बर्तन तुरन्त हटा लें.

– खाने की टेबल को एकदम खाली न छोड़ें. उस पर हमेशा कोई खाने की वास्तु रखी रहने दें. इससे कभी भी खाने की कमी नहीं होगी.

– डाइनिंग रूम में यलो, ऑरेंज और रेड जैसे खुशनुमा कलर्स करवाएं. इससे परिवार में खुशियां आती हैं.

– डाइनिंग रूम में ब्लैक, ब्लू या डार्क ब्राउन कलर का इस्तेमाल कभी न करें.


इन दिशाओं में मुंह करके कभी न करें भोजन, हो जाएंगे बीमार

– नैऋत्य कोण में मुंह करके भोजन करने से पाचन शक्ति कमज़ोर होती है और तथा पेट संबंधी बीमारियां हो सकती हैं.

– आग्रेय कोण में मुंह करके भोजन करने से अनेक सेक्सुअल प्रॉब्लम्स हो सकती हैं. स्वप्नदोष, ल्यूकोरिया, प्रदर रोग आदि समस्याएं परेशान कर सकती हैं.

– वायव्य कोण में बैठकर भोजन करने से वायु विकार हो सकते हैं.

हम सभी के लिए साल 2020 कई पहलुओं में अलग रहा. सभी कई उतार-चढ़ाव से गुज़रे. वर्क फ्रॉम होम का नया चलन शुरू हुआ. कई विशेषज्ञों का यह भी मानना है कि यह काफ़ी लंबे समय तक रह सकता है. वैसे बाज़ार के खुलने और त्योहारों के आगमन से कुछ कठिनाइयां कम हुईं. व्यवसाय धीरे-धीरे वापस सामान्य स्थिति की ओर बढ़ रहे हैं और ऑफिस फिर से शुरू हो रहे हैं. इसी के साथ ऑफिस स्पेस लेने को लेकर नए सिरे से दिलचस्पी भी पैदा हो रही है. ऐसे में वास्तु शास्त्र का प्राचीन इंडिक विज्ञान बहुत काम में आता है. वैसे भी मानव जीवन का हर पहलू वास्तु शास्त्र से प्रभावित रहा है. दरअसल, वास्तु एक स्थान पर और आसपास सकारात्मक ऊर्जाओं को समझने और संतुलित करने में मदद करता है. ऑफिस के लिए जगह ख़रीदते समय वास्तु के अनुसार किन बातों का ध्यान रखना चाहिए, इसके बारे में वास्तु विशेषज्ञ डॉ. रविराज अहिरराव उपयोगी जानकारी दे रहे हैं.

  • ध्यान रहे, उत्तर में प्रवेश धन और अवसरों का एक उत्कृष्ट प्रवाह सुनिश्चित करता है, जबकि उत्तर-पूर्व आध्यात्मिकता के साथ धन सुनिश्चित करता है और पूर्व संपर्क सुनिश्चित करता है और समृद्धि से जोड़ता है.
  • अपने घर या व्यावसायिक परिसर के उत्तर-पूर्व के सामने कोई भी ऊंची इमारत, मंदिर ना हो, क्योंकि इससे धन की हानि होती है. यदि ऊंची-ऊंची इमारतें और मंदिर हैं, तो कम से कम यह सुनिश्चित करें कि उनकी छाया आपके परिसर पर न पड़े.
  • छत के दक्षिण-पश्चिम हिस्से को हमेशा उत्तर-पूर्व के हिस्से से ऊंचा रखें यानी भवन की छत को दक्षिण-पश्चिम से उत्तर-पूर्व तक ढलान देना चाहिए.
  • सुनिश्चित करें कि घर और सीमा की दक्षिण और पश्चिम की दीवारें उत्तर और पूर्व की ओर की दीवारों की तुलना में ऊंची और मोटी हों.
  • T जंक्शन या Y जंक्शन पर स्थित की गई व्यावसायिक संपत्ति न ख़रीदें.
  • एक बड़े पेड़, बिजली के ट्रांसफार्मर, फ्लाईओवर, भारी वस्तु या भारी सार्वजनिक आंदोलन के जगह में सम्पत्ति ना ख़रीदे.
  • ख़्याल रखें कि प्रत्येक स्थान वर्गाकार या आयताकार हो.


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  • उत्तर-पूर्व में आध्यात्मिकता कोना और वेटिंग लॉबी सुनिश्चित करें.
  • आपके द्वारा व्यवहार किए जानेवाले उत्पाद या सेवाओं की प्रकृति के आधार पर, इसका पांच तत्वों (जल, अग्नि, पृथ्वी, वायु और आकाश) और आठ दिशाओं के साथ संबंध है. प्रवेश के लिए विभिन्न विकल्प हैं. जैसे वित्तीय सेवाओं के लिए उत्तर अनुकूल है, फार्मास्यूटिकल्स और चिकित्सा सेवा के लिए उत्तर-पूर्व का उत्तर अत्यधिक फ़ायदेमंद है. एचआर पेशे और रचनात्मकता निर्माताओं के लिए उत्तर-पूर्व सबसे अच्छा विकल्प है. इसी तरह, हर व्यवसाय और पेशे में विभिन्न विकल्प होते हैं.
  • व्यवसाय के प्रभारी व्यक्ति को दक्षिण-पश्चिम में बैठने की स्थिति प्राप्त करनी चाहिए.
  • परिसर के चयन के दिशानिर्देशों का पालन करने के बाद, दूसरा सबसे महत्वपूर्ण कार्य पूरे व्यापार परिसर का आंतरिक लेआउट डिज़ाइन करना है.
  • ऑफिस के अंदरूनी हिस्सों पर भी विचार करना चाहिए. दरवाज़े के आयाम न तो बहुत बड़े होने चाहिए और न ही बहुत छोटे होने चाहिए. वास्तु शास्त्र के अनुसार, बड़े दरवाज़ों का मतलब होता है धन का रिसाव, जबकि छोटे दरवाज़े व्यापार से धन के प्रवाह को रोकते हैं. बड़े दरवाज़ों को आपकी क़िस्मत और प्रगति में रुकावट माना जा सकता है.
  • परिसर के उत्तर-पूर्व क्षेत्र में भूमिगत पानी की टंकियों, अधिकतम खुले स्थान को प्राथमिकता देना चाहिए. दक्षिण-पश्चिम में सख़्ती से बचें.
  • भवन का प्रमुख निर्माण क्षेत्र दक्षिण-पश्चिम की तरफ़ होना चाहिए.
  • जेनरेटर और अन्य बिजली के प्रकार के उपकरण हमेशा दक्षिण-पूर्व कोने में रखे जाने चाहिए.
  • सीढ़ी दक्षिण-पश्चिम की ओर होनी चाहिए और ऊपर चढ़ते समय हमेशा दक्षिणावर्त होना चाहिए.
  • बोरवेल, भूमिगत टैंक पूर्वोत्तर में होना चाहिए.
  • ओवरहेड टैंक दक्षिण पश्चिम में बनाया जाना चाहिए.
  • बड़े पेड़ों को दक्षिण और पश्चिम में विकसित किया जाना चाहिए और टेंडर प्लांट के साथ लॉन और उत्तर या पूर्व की तरफ़ बहुत पानी लगाया जाना चाहिए.
  • पूर्वोत्तर कोने में एक छोटे से मंदिर का निर्माण किया जा सकता है.
  • शौचालय का निर्माण उत्तर-पश्चिम या पश्चिमी कोने में होना चाहिए और पूर्वोत्तर कोने में कभी नहीं होना चाहिए.
  • भूमि का ढलान उत्तर या पूर्व की ओर होना चाहिए.
  • दक्षिण और पश्चिम की दीवारों की तुलना में उत्तर और पूर्व की दीवारों पर बहुत सारी खिड़कियां होनी चाहिए.


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यहां पर ना ख़रीदे, तो बेहतर है…

  • कब्रिस्तान, अस्पताल, मंदिर आदि के पास संपत्ति.
  • दक्षिण, दक्षिण-पश्चिम या पश्चिम प्रवेश के साथ संपत्ति.
  • एस से डब्ल्यू क्षेत्र पर ढलान, कट, या वॉटरबॉडी के साथ संपत्ति.
  • व्यावसायिक परिसर के उत्तर-पूर्व क्षेत्र में सीढ़ी और शौचालय.

– ऊषा गुप्ता

जीवन की ज़रूरतें धन के बिना पूरी नहीं हो सकती, इसलिए घर में पर्याप्त धन होना बहुत जरूरी है. टैरो रीडर व वास्तु एक्सपर्ट प्रेम पंजवानी बता रहे हैं घर में धन-संपत्ति और सुख-सौभाग्य बढ़ाने के आसान उपाय.

Vastu And Feng Shui Tips

1) लाफिंग बुद्धा
लाफिंग बुद्धा को सफलता और आर्थिक समृद्धि का प्रतीक माना जाता है इसलिए घर, ऑफिस, दुकान आदि जगहों पर लाफिंग बुद्धा की उपस्थिति शुभ मानी जाती है. ऐसा माना जाता है कि लाफिंग बुद्धा का मन जिस पर आ जाए, उसे ये तोहफ़ों से मालामाल कर देते हैं. आप भी लाफिंग बुद्धा को अपने घर-ऑफिस में ख़ास जगह दें.

2) चाइनीज़ सिक्के
ऐसा मान्यता है कि चाइनीज़ सिक्के धनवृद्धि में सहायक होते हैं और इन्हें घर में रखने से कभी धन का अभाव नहीं होता.

3) थ्री लेग्ड टोड (तीन टांगों वाला मेंढक)
थ्री लेग्ड टोड यानी तीन टांगों वाला मेंढक बहुत भाग्यशाली माना जाता है. इसे धन आगमन के प्रतीक के रूप में जाना जाता है. इसे घर में रखने से धन-संपदा में वृद्धि होती है.

4) हरियाली की तस्वीर
आज के ग्लोबल वॉर्मिंग के युग में हरियाली की तस्वीर जहां आंखों को सुकून देती है, वहीं हमारे जीवन में समृद्धि भी लाती है.

5) सिक्कों से भरा क्रिस्टल बाउल
ये एक तरह का लकी चार्म है और इसे घर में रखने से घर की आय में वृद्धि होती है. दीपावली के मौके पर शुभ फल पाने के लिए आप भी क्रिस्टल बाउल को घर में ख़ास जगह दें.

Vastu And Feng Shui Home Tips

6) विंड चाइम्स (पवनघंटियां)
हवा की तरंगों में बहती विंड चाइम्स की ध्वनि ची एनर्जी को एक्टिवेट करती है, जिससे घर में रहने वाले लोगों को सौभाग्य की प्राप्ति होती है.

7) घोड़े की नाल (हॉर्स शू)
घोड़े की नाल को घर के मुख्य द्वार पर लगाने से सौभाग्य में वृद्धि होती है. ऐसी मान्यता है कि जिस घर के मुख्य द्वार पर घोड़े की नाल लगी होती है, वहां बुरी शक्तियां प्रवेश नहीं कर सकतीं और ये बुरी नज़र से भी बचाता है.

8) पानी से भरा बाउल
सौभाग्य पाने के लिए मुख्य द्वार की बाईं तरफ़ पानी से भरा बाउल रखना शुभ होता है. आप चाहें तो इस बाउल में गुलाब की पंखुड़ियां भी डाल सकते हैं. उत्तर, पूर्व और दक्षिण-पूर्व दिशा की ओर के दरवाज़ों के लिए यह विधि बेहद कारगर साबित होती है.

9) फिश टैंक
फिश टैंक में तैरती ख़ूबसूरत मछलियां न स़िर्फ घर की शोभा बढ़ाती हैं, बल्कि घर में सौभाग्य भी लाती हैं. फिश टैंक में कुल 9 मछलियां होनी चाहिए, जिसमें 8 मछलियां लाल या सुनहरे रंग की और 1 मछली काले रंग की होनी चाहिए. गोल्ड फिश वाले फिश टैंक को लिविंग रूम की पूर्व, उत्तर या दक्षिण-पूर्व दिशा में रखना लाभदायक होता है.

10) फीनिक्स पक्षी
फिनिक्स पक्षी को दूरदर्शिता और सौभाग्य का प्रतीक माना जाता है, इसलिए यह ख़ासकर व्यापारियों के लिए बेहद फ़ायदेमंद होता है.

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Vastu And Feng Shui Home Tips

धन-संपत्ति और सुख-सौभाग्य पाने के गुड लक टिप्स
11) ईशान कोण में तांबे के बर्तन में पानी भरकर चांदी की प्लेट से ढंक दें, उसके ऊपर क्रिस्टल रख दें और तांबे के बर्तन पर ॐ नम: शिवाय लिख दें, इससे घर में धनात्मक ऊर्जा तथा समृद्धि बढ़ेगी.
12) सुबह उठकर सबसे पहले दरवाज़े के बाहर सफ़ाई करके एक ग्लास पानी छिड़क दें. ऐसा करने से घर और व्यापार में संपन्नता आती है.
13) यदि नमक के घोल से पंद्रह दिनों तक लगातार घर में पोंछा लगाया जाए और नमक के घोल के पानी को कमरे के एक कोने में बिना ढंके रख दिया जाए, तो नकारात्मक ऊर्जा का दुष्प्रभाव ख़त्म हो जाता है और घर में पॉज़िटिव एनर्जी का संचार होता है.
14) आंखें बंद करके शांत मन से सुबह व शाम ॐ की ध्वनि यानी उच्चारण करें.
15) प्रवेश द्वार की चौखट पर लाल रिबिन लगाने से वास्तुदोष दूर होते हैं.

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Vastu And Feng Shui For Home

ऐसे पाएं मनचाही मुराद
हम सबकी मनचाही मुराद अलग-अलग हो सकती है, लेकिन उसे पाने के लिए हम सब पूरी कोशिश ज़रूर करते हैं. मनचाही मुराद पाने के लिए अपनाएं ये टिप्सः

16) क्लीयर क्वार्ट्ज़ क्रिस्टल से बना पेंडेंट किसी चेन या धागे में डालकर गले में पहनने से मन शांत होता है और सौभाग्य की प्राप्ति होती है. आप चाहें तो इसका ब्रेसलेट भी पहन सकती हैं.
17) घर में सुख़-शांति और रिश्तों को मज़बूत बनाने के लिए घर के दक्षिण-पश्‍चिम की ओर दो क्लीयर क्वार्ट्ज़ क्रिस्टल बॉल टांगें या रखें.
18) बेडरूम की दक्षिण-पश्‍चिम दिशा में पिंक कलर का रोज़ क्रिस्टल रखने से पति-पत्नी के बीच प्रेम बढ़ता है. प्यार बढ़ाने के लिए इस क्रिस्टल पर शुक्रवार के दिन (आप ऐसा रोज़ाना भी कर सकते हैं) गुलाब का इत्र छिड़कें.
19) लिविंग रूम में क्रिस्टल रखने पर परिवार के सदस्यों में परस्पर प्रेम की भावना बनी रहती है.
20) घर के दूसरे दरवाज़े (मुख्यद्वार के बाद जो दरवाज़ा हो) पर ब्लैक कलर का क्रिस्टल (दाईं या बाईं तरफ) रख दें. इससे आप अपने घर को बुरी नज़र से बचा सकते हैं.

वास्तु को लेकर लोगों के मन में कई तरह के संदेह होते हैं, शायद आपके मन में भी कुछ सवाल होंगे. आपके मन में उठने वाले 10 सवालों के जवाब बता रही हैं वास्तु एवं फेंगशुई कंसल्टेंट दीप्ति एच. अरोरा.

Vastu Tips

1) वास्तु के हिसाब से कोई जगह शुभ है या अशुभ, ये हम कैसे जान सकते हैं?
जब हम किसी भवन में प्रवेश करते हैं, तो वहां के स्पंदन से हमारी श्वास गति में परिवर्तन आ जाता है. यदि हमारी श्वास गति सामान्य और तनाव मुक्त रहती है, तो यह उस भवन के शुभ होने का संकेत है, यदि श्वास गति बढ़ जाए, तो इसका अभिप्राय है कि उस भवन के निर्माण में कहीं कोई वास्तु दोष है.

2) क्या स्वस्तिक चिह्न का वास्तु से कोई संबंध है? यदि हां, तो क्या?
यह वास्तु का मूल चिह्न है. यह दिशाओं का ज्ञान करवाता है. इस चिह्न को प्राचीन काल से ही मांगलिक चिह्न के रूप में प्रयोग किया जाता रहा है. शुभ कार्यों का प्रतीक यह स्वास्तिक चिह्न घर के मुख्य द्वार के दोनों तरफ़ बनाया जाता है, ताकि बुरी नज़र से रक्षा होती रहे. घर में सुख-समृद्धि बनी रहे. इसे गणेशजी का लिप्यात्मक स्वरूप भी माना जाता है.

3) क्या मछली की आकृति वास्तु के सिद्धांतों के हिसाब से अशुभ मानी जाती है?
नहीं, यह तो सच्चे प्रेम का प्रतीक मानी गई हैं. यात्रा शुरू करने से पहले मछली का दर्शन कार्य-सफलता का सूचक व शुभ शगुन माना जाता है. दशहरे पर मत्स्य दर्शन की प्राचीन परम्परा है.

4) ब्रह्मस्थान मकान के किस हिस्से को कहते हैं?
भवन का केन्द्रीय भाग ही ब्रह्मस्थान कहलाता है.

5) साफ़-सफ़ाई से जुड़ी चीज़ों को कहां रखना चाहिए?
झाडू, पोछा तथा सफ़ाई के सामान को हमेशा दक्षिण-पश्चिम में या उसके आसपास ही रखें. कभी भी, भले ही थोड़े समय के लिए, यह सामान उत्तर-पूर्व में नहीं रखना चाहिए, क्योंकि इससे तरह-तरह के आर्थिक विघ्न उत्पन्न होते हैं.

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6) यदि कहीं वास्तुदोष है, तो क्या तुलसी के पौधे उस दोष से बचाने में सहायक होते हैं?
जहां तक तुलसी के पौधे की बात है, तो वह हर दृष्टि से लाभदायक होते हैं. चाहे वास्तुदोष हो या नहीं, पर इसका अभिप्राय यह नहीं है कि वास्तुदोष से बचने के लिए सिर्फ तुलसी का पौधा लगा लेना काफ़ी है.

7) वास्तु विज्ञान क्या सिर्फ हिंदू धर्म को मानने वालों के लिए है?
ऐसा बिल्कुल नहीं है. कोई भी विज्ञान किसी धर्म विशेष के लिए नहीं होता. यदि हम मान भी लें, तो वह विज्ञान ही नहीं है. वैसे धीरे-धीरे वास्तु विज्ञान को सभी धर्म के लोग मानने लगे हैं, क्योंकि सुख-शांति सभी चाहते हैं.

8) क्या ये सच है कि वास्तु विज्ञान को मानने वालों को ही इससे लाभ या हानि होती है. जो नहीं मानते, उन्हें लाभ या हानि नहीं होती?
ऐसा नहीं हैं. विज्ञान कोई भी हो, उसका प्रभाव मानने या न मानने पर नहीं होता. वह समान रूप से प्रभावित करता है. यदि कुछ ग़लत है, तो उसका परिणाम ग़लत और यदि कुछ सही है, तो उसका परिणाम लाभदायक रहता है. इसीलिए वास्तु विज्ञान भी सभी के लिए लाभदायक है.

9) वास्तु शास्त्र में रंगों पर ध्यान दिया जाता है. यह कहां तक तर्कसंगत है?
रंगों के उचित चयन से जीवन में विस्मयकारी प्रभाव पाए जा सकते हैं. विज्ञान भी इसका समर्थन करता है. कौन-सा रंग कहां के लिए उचित है, इसके नियम हैं.

10) भोजन करते समय मुख किस दिशा में होना चाहिए?
भोजन हमेशा पूर्व या उत्तर की ओर मुख करके करना चाहिए, दक्षिण या पश्चिम की ओर नहीं.

हर किसी की ख़्वाहिश रहती है कि वह स्वस्थ रहें और फिट रहें. इसके लिए योग, प्राणायाम, हेल्दी लाइफस्टाइल काफ़ी मायने रखती है. इसी के साथ ऐसे कई सरल वास्तु उपाय भी हैं, जिन्हें आज़माकर और करके मन को भी स्वस्थ किया जा सकता है. मन स्वस्थ है, तो अप्रत्यक्ष रूप से प्रत्येक व्यक्ति का तन भी स्वस्थ हो ही जाता है. दरअसल, तन-मन एक-दूसरे के पूरक हैं. यहां पर हम वास्तु विशेषज्ञ डॉ. रविराज अहिरराव से इसी तरह के कुछ बातों के बारे में जानेंगे, जिससे हमारा मन स्वस्थ हो. साथ ही सकारात्मक विचार रहे, इनका वायब्रेशन हमारे तन-मन और घर पर फैले तथा सुखी जीवन हम जी सकें. ये वास्तु ट्रिक्स भावनात्मक रूप से स्वस्थ रहने में हमारी मदद कर सकते हैं. तो आइए जानते हैं उन वास्तु टिप्स के बारे में, जिससे हम एक हेल्दी लाइफस्टाइल जी सकते हैं. वैसे भी कोविड-19 के कारण इस महामारी के दौर में सकारात्मक सोच और स्वस्थ मन का होना भी बहुत ज़रूरी हो गया है.

  • सबसे बुनियादी और सरल चीज़ घर की सफ़ाई करना और अव्यवस्था को दूर करना. घर में अव्यवस्था से सकारात्मक ऊर्जा का चारों ओर प्रवाहित होना मुश्किल हो जाता है और घर में नकारात्मक ऊर्जा का वातावरण बनता है. इसलिए घर को हमेशा साफ़-सुथरा रखें.
  • फ़र्श को साफ़ करते समय पानी में चुटकीभर समुद्री नमक डालें (गुरुवार को छोड़कर). इस उपाय से घर की नकारात्मक ऊर्जा नष्ट होती है.
  • अगर पति-पत्नी में किसी तरह का झगड़ा चल रहा है या किसी भी तरह की मानसिक अशांति का सामना करना पड़ रहा है, तो बिस्तर के कोने में सेंधा नमक का एक टुकड़ा रखने से नकारात्मक ऊर्जा दूर हो जाती है. साथ ही सेंधा नमक के टुकड़े को कुछ महीनों के बाद बदल दें.
  • परिवार के मुखिया या परिवार के कमानेवाले को घर के दक्षिण-पश्चिम क्षेत्र में अपने सिर को दक्षिण की ओर करके सोना चाहिए. इससे अच्छी नींद आएगी, जिससे शरीर ऊर्जावान और स्वस्थ बनेगा.
  • मानसिक शांति बनाए रखने के लिए दक्षिण-पश्चिम में एक पारिवारिक तस्वीर और घर की पश्चिम दिशा में परिवार के मुख्य जोड़े की एक तस्वीर लगाएं.
  • उदासी और निराशा को दर्शानेवाली तस्वीरों से बचना चाहिए, क्योंकि वे निराशा और अवसाद के लिए ज़िम्मेदार होते हैं.
  • गायत्री मंत्र, गणपति अथर्वशीर्षम जैसे मंत्रों का जाप, संबंधित कुलदेवी और कुलदेवता से प्रार्थना करने से व्यक्ति के मन में शांति और सकारात्मक ऊर्जा लाने में मदद मिलती है.
  • विद्युत उपकरणों के माध्यम से मंत्र जप से आपके परिसर में सकारात्मक कंपन भी फैल सकता है, हालांकि स्वयं द्वारा किया गया जप सबसे शक्तिशाली है.
  • घर में भगवान को शुद्ध घी के दीये जलाने के साथ अगरबत्ती, धुप, गुग्गुल जलाएं, घंटानाद और शंख बजाना चाहिए.
  • परिवार और धर्म की परंपरा के अनुसार दिवंगत आत्माओं के लिए अनुष्ठान करना भी बहुत महत्वपूर्ण है.
  • घर से वास्तु दोषों को दूर करने के लिए कैम्फर क्रिस्टल अच्छा माना जाता हैं. अगर आपको ऐसा लगता है कि आपका कोई काम अटक रहा है या आपकी योजना के अनुसार चीज़ें नहीं चल रही हैं, तो घर पर दो कपूर के गोले या क्रिस्टल रखें और जब वे सिकुड़ जाएं, तो उन्हें बदल दें. आप अपनी स्थिति में तेजी से बदलाव देखेंगे. कपूर जलाना भी एक महत्वपूर्ण उपाय है.
    अच्छी तरह से भोजन करना और एक अच्छी जीवनशैली महत्वपूर्ण है, लेकिन हमें उपरोक्त सुझावों का भी अभ्यास करना चाहिए. ये हमारे शरीर को एनभंडार को बनाने में मदद करेंगे. ये वास्तु टिप्स हमारे शरीर के भीतर सकारात्मक कंपन पैदा करेंगे और घर के भीतर सकारात्मक कंपन का भी प्रसार करेंगे. यह अंततः हमारी प्रतिरक्षा में सुधार करने में मदद कर सकता है, जो फिट रहने के लिए सबसे ज़रूरी है.

वास्तु शास्त्र के बारे में…
भारतीय मूल का आध्यात्मिक विज्ञान, वास्तुशास्त्र, निर्माण का एक विज्ञान है, जो मानव जीवन और प्रकृति के बीच संतुलन को संतुलित करता है. पांच मूल तत्व (अंतरिक्ष, वायु, अग्नि, जल और पृथ्वी), आठ दिशाएं (उत्तर, उत्तर-पूर्व, पूर्व, दक्षिण-पूर्व, दक्षिण, दक्षिण-पश्चिम, पश्चिम, उत्तर-पश्चिम)..
विद्युत- पृथ्वी की चुंबकीय और गुरुत्वाकर्षण बल, ग्रहों से और साथ ही वायुमंडल से निकलनेवाली ब्रह्मांडीय ऊर्जा मानव जीवन पर इसके प्रभाव को यानी इन सभी बातों को वास्तु शास्त्र में ध्यान में रखा जाता है.

– ऊषा गुप्ता


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Vastu Tricks For Positive Mind

बहुत प्रयास करने के बावजूद क्या आपको नौकरी (Job) नहीं मिल रही है? क्या आपकी नौकरी में स्थायित्व नहीं है? काबिल होते हुए भी क्या आपको मनचाही सैलरी नहीं मिल रही? क्या आपको लंबे समय से प्रमोशन नहीं मिल रहा है? कहीं इसका कारण आपके घर का वास्तु तो नहीं? कहीं आपके घर का वास्तु (Vastu) आपके करियर में रुकावट तो नहीं बन रहा है? कहीं आपने अपने सर्टिफिकेट ग़लत दिशा में तो नहीं रखे हैं? यदि आपको मनचाही नौकरी नहीं मिल रही, तो आपको सबसे पहले अपने घर में क्या परिवर्तन करने चाहिए, घर का वास्तु सुधारने के लिए आपको क्या करना चाहिए, इन सभी बातों के सरल उपाय बता रहे हैं वास्तु एक्सपर्ट व टैरो कार्ड रीडर प्रेम पंजवानी.

Vastu Tips For Job

करियर में सफलता पाने के 10 आसान वास्तु टिप्स

1) करियर की दृष्टि से ऑफिस में हल्के रंगों का चुनाव बेहतर होता है. ऐसे ऑफ़िस में जब व्यक्ति काम करता है, तो वो ख़ुद को हल्का और ऊर्जावान महसूस करता है. हां, कुछ स्थानों पर गहरे रंग भी अच्छे लगते हैं, लेकिन पूरे ऑफिस के लिए हल्के रंगों का प्रयोग ही करना चाहिए.

2) अच्छे अवसर पाने के लिए ऑफिस या घर में नीली बोतल में मनी प्लांट लगाएं और उसे उत्तर दिशा में रखें.

3) ऑफिस में जहां आप बैठते हैं, वहां आपकी पीठ दीवार की तरफ़ हो तो अच्छा है. अपने काम में क्रिएटिविटी बढ़ाने के लिए उत्तर पूर्व दिशा में मुंह करके काम करें.

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4) ऑफिस में अपने केबिन के लिए सकारात्मक संदेश देती पेंटिंग्स या पोस्टर का चुनाव करें.

5) ऑफस का उत्तर और उत्तर पूर्व कोना हमेशा साफ़-सुथरा रखें. यहां पर किसी तरह की अस्त-व्यस्तता नहीं होनी चाहिए. हो सके तो यहां पर हर रोज़ कोई सुंगधित धूप बत्ती जलाएं.

मनचाही नौकरी पाने के लिए करें ये वास्तु उपाय, देखें वीडियो:

 

6) ऑफिस में समुद्री नमक रखें, जिससे यहां नकारात्मक वाइब्स न हों.

7) यदि ऑफिस में आपके केबिन के साथ ही टॉयलेट अटैच्ड है, तो इस बात का ख़ास ध्यान रखें कि टॉयलेट का दरवाज़ा हमेशा बंद रहे.

8) ऑफिस में आपके अपने बॉस तथा सहकर्मियों के साथ संबंध मधुर बने रहें, इसके लिए ग्रीन एवेंचरिन और साथ में व्हाइट क्वार्टज़ अपनी टेबल पर रखें.

9) यदि आप जॉब की तलाश में हैं और आपको मनचाही नौकरी नहीं मिल रही है, तो अपने घर के उत्तर पूर्व कोने में सकारात्मक व प्रेरणादायक विचारों वाली तस्वीरें लगाएं. इस कोने को हमेशा साफ़-सुथरा रखें. यदि आप इस काम के लिए लैपटॉप का इस्तेमाल करते हैं तो पश्‍चिम दिशा में काम करें.

10) ऑफिस में आपके रिश्ते सभी के साथ लंबे समय तक बने रहें इसके लिए दक्षिण-पश्‍चिम दिशा में फीनिक्स की फोटो या पोस्टर लगाएं. साथ ही इस स्थान पर किसी भी तरह का बेकार सामान न रखें, ख़ासतौर पर बिजली के ख़राब उपकरण इस स्थान पर बिल्कुल न रखें.

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बीमारियों (Diseases) से बचने के लिए यदि आप कुछ वास्तु उपाय (Vastu Remedies) करते हैं, तो अच्छी सेहत (Good Health) और निरोगी तन पा सकते हैं. स्वस्थ और निरोगी रहने के लिए घर का वास्तु सही होना बहुत ज़रूरी है. यदि आपके घर का वास्तु सही नहीं है, तो इसका असर आपकी सेहत पर भी पड़ सकता है. अच्छी सेहत पाने और निरोगी रहने के लिए आप भी ये वास्तु टिप्स (Vastu Tips) ज़रूर ट्राई करें.

Vastu Tips For Better Health

1) अच्छी सेहत पाने और निरोगी रहने के लिए नियमित रूप से योग और ध्यान अवश्य करें. यदि आप घर की उत्तर पूर्व दिशा की तरफ़ मुंह करके ऐसा करते हैं, तो आपको इसके सकारात्मक परिणाम जल्दी ही दिखने लग जाएंगे.

2) शांति से काम करने, पॉज़िटिव एनर्जी बढ़ाने, तनाव से बचने और अपनी कार्यक्षमता बढ़ाने के लिए घर की उत्तर-पूर्व दिशा में पूजा करें. यदि आप कोई जाप करते हैं, तो वो भी इसी दिशा में बैठकर करें.

3) अच्छी सेहत पाने के लिए घर में हल्के रंगों का प्रयोग करें. घर की दावारों से लेकर फर्नीचर, पर्दे, बेडशीट, कुशन आदि सभी हल्के रंग के ही चुनें. घर में गहरे रंगों के प्रयोग से बचें.

बीमारियों से बचने के लिए करें ये वास्तु उपाय, देखें वीडियो:

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4) पूरे परिवार की अच्छी सेहत के लिए घर के मुखिया या पूरे परिवार की मुस्कुराती हुई फोटो उत्तर पश्‍चिम दिशा में लगाएं.

5) घर में यदि किसी व्यक्ति का इलाज चल रहा है, तो उसे अपनी दवाई उत्तर से उत्तर पूर्व दिशा वाले क्षेत्र में रखनी चाहिए. ऐसे व्यक्ति का बेडरूम भी यदि इसी दिशा में हो तो और अच्छा है.

6) घर के लोगों को स्वास्थ्य समस्याएं न हों इसके लिए घर में कहीं भी बेकार का सामान न पड़ा हुआ हो. बंद पड़ी घड़ियां, बिजली के खराब उपकरण घर में न रखें. घर में स्टोरेज की समय-समय पर सफ़ाई करते रहें.

7) घर में दरवाज़े, खिड़कियां खोलते या बंद करते समय उनसे आवाज़ नहीं आनी चाहिए. इसके लिए समय-समय पर इनकी ऑयलिंग करते रहें. मुख्यद्वार खुलते या बंद करते समय भी आवाज़ नहीं आनी चाहिए. इससे घर के लोगों के स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव पड़ता है.

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जल्दी अमीर बनने के लिए यदि आप कड़ी मेहनत के साथ कुछ वास्तु उपाय (Vastu Tips) भी कर लें, तो आप अमीर बनने की अपनी इच्छा जल्दी ही पूरी कर सकते हैं. कुछ लोग बहुत मेहनत करने के बाद भी अमीर नहीं बन पाते. ऐसी स्थिति में वास्तु के उपाय काम आ सकते हैं.

Vastu Tips For Money

कई बार हमारे घर का वास्तु सही नहीं होता इसलिए घर में पैसे या तो आते ही नहीं हैं या फिर पैसे घर में टिकते नहीं है. यदि आपके साथ भी ऐसा हो रहा है कि लाख मेहनत करने के बावजूद घर में पैसे की बरक्कत नहीं हो रही है, तो आप अपने घर का वास्तु चेक करें. हो सकता है, आपके घर का वास्तु सही न हो, जिसके कारण घर में हमेशा पैसे की कमी बनी रहती है. कुछ आसान वास्तु उपाय करके आप अपने घर का वास्तु ठीक कर सकते हैं और जल्दी अमीर बन सकते हैं. अमीर बनने के लिए घर में कौन-से वास्तु उपाय करने चाहिए, बता रहे हैं वास्तु एक्सपर्ट व टैरो कार्ड रीडर प्रेम पंजवानी.

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जल्दी अमीर बनने के लिए करें ये वास्तु उपाय, देखें वीडियो:

पति-पत्नी के बीच लगातार झगड़े हों और ये झगड़े थमने का नाम न लें, तो आप अपने घर (Home) के वास्तु (Vastu) पर भी ज़रूर ध्यान दें. अगर आपके घर के वास्तु में कुछ गड़बड़ है, तो ये आपके झगड़े की वजह बन सकता है. जी हां, ये सच है. यदि पति-पत्नी के बीच हमेशा अनबन रहती है, रोज़ झगड़े होते हैं, आपस में विचार न मिलते हों, तो घर के वास्तु पर ध्यान देना बहुत ज़रूरी है. पति-पत्नी के बीच हों झगड़े तो कौन-से वास्तु उपाय करने चाहिए, बता रहे हैं वास्तु एक्सपर्ट व टैरो कार्ड रीडर प्रेम पंजवानी.

Vastu Tips For Married Couple

वास्तु एक्सपर्ट व टैरो कार्ड रीडर प्रेम पंजवानी के अनुसार, दिशाओं का वैवाहिक जीवन पर गहरा असर होता है. यदि घर में पति-पत्नी की फोटो ग़लत दिशा में रखी है, बेडरूम में आईना ग़लत दिशा में रखा है, शादी का एलबम ग़लत दिशा में रखा है, कपल के बेड की दिशा ग़लत है… ऐसी छोटी-छोटी ग़लतियां भी पति-पत्नी के बीच झगड़े का कारण बन जाती हैं. कई बार हमेशा प्यार से रहने वाले कपल अचानक झगड़ने लगते हैं, उनके आपस में विचार नहीं मिलते, कपल के बीच हमेशा अनबन रहती है, यदि ऐसा आपके साथ भी हो रहा है, तो सबसे पहले अपने घर का वास्तु चेक करें. यदि घर में कोई चीज़ ग़लत दिशा में रखी है, तो उसे सही जगह पर रख दें. ऐसा करने से आपके रिश्तों में फिर से पहले जैसा प्यार लौट आएगा.

पति-पत्नी के बीच हों झगड़े तो करें वास्तु के ये उपाय, देखें वीडियो:

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पति-पत्नी के बीच प्यार बढ़ाने के 5 वास्तु टिप्स
1) नव दंपति का बेडरूम यदि उत्तर दिशा में हो, तो ये शुभ होता है. इससे उनके बीच प्रेम बढ़ता है और संतान-सुख की प्राप्ति होती है.
2) वास्तु के अनुसार दक्षिण-पश्‍चिम दिशा वाले बेडरूम शुभ फलदायक होते हैं.
3) बेडरूम के लिए पिंक कलर का पेंट चुनें, पिंक कलर कपल में प्यार बढ़ाता है.
4) बेडरूम में पिंक या लैवेंडर कलर के पर्दे या बल्ब लगाएं.
5) प्यार बढ़ाने के लिए घर के दक्षिण-पश्‍चिम भाग में कांच या सिरामिक पॉट में छोटे-छोटे पत्थर या क्रिस्टल्स डालकर लाल रंग की दो मोमबत्तियां जलाएं. इससे सकारात्मक ऊर्जा फैलेगी.

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बच्चों का भविष्य उज्ज्वल बनाने के लिए माता-पिता हर मुमकिन कोशिश करते हैं, लेकिन कई बार बुद्धिमान बच्चा भी ठीक से पढ़ाई नहीं कर पाता, उसका व्यवहार गुस्सैल हो जाता है, कई बार बच्चे का किसी काम में मन नहीं लगता. इन सबकी वजह आपके बच्चे के कमरे का गलत वास्तु (Vastu) भी हो सकता है. बच्चों की उन्नति के लिए उनके कमरे को सजाएं वास्तु शास्त्र (Vastu Shastra) के अनुसार. वास्तु के ख़ास टिप्स (Vastu Special Tips) इसमें मददगार साबित हो सकते हैं. बच्चों के शारीरिक, मानसिक, बौद्धिक विकास के लिए कैसा हो बच्चों का कमरा? आपके बच्चे के कमरे के लिए आसान वास्तु टिप्स बता रहे हैं वास्तु एक्सपर्ट व टैरो कार्ड रीडर प्रेम पंजवानी.

Vastu Tips

बच्चों की उन्नति के लिए 10 आसान वास्तु टिप्सः

1) आपके बच्चे का कमरा पूर्व, उत्तर, पश्‍चिम या वायव्य दिशा में हो, तो इससे आपका बच्चा जीवन में बहुत तरक्की करेगा.

2) इस बात का खास ध्यान रखें कि बच्चे का कमरा दक्षिण, नैऋत्य या आग्नेय कोण में न हो.

3) पढ़ाई करते समय आपके बच्चे का मुंह पूर्व दिशा की ओर तथा पीठ पश्‍चिम दिशा की ओर होनी चाहिए.

4) यदि आप अपने बच्चे के कमरे में कंप्यूटर रखना चाहते हैं, तो बेड से दक्षिण दिशा की ओर आग्नेय कोण में कम्प्यूटर रखें.

आपके बच्चे के कमरे के लिए आसान वास्तु टिप्स बता रहे हैं वास्तु एक्सपर्ट व टैरो कार्ड रीडर प्रेम पंजवानी. देखें वीडियो:

5) आपका बच्चा जिस क्षेत्र में करियर बनाना चाहता है, उस क्षेत्र के सफल लोगों की फोटोग्राफ्स अपने बच्चे के कमरे में सजाएं. यदि ऐसा न करना चाहें, तो मां सरस्वती या गणेश जी की फोटो बच्चे के कमरे में पूर्व दिशा में लगा सकते हैं.

6) अपने बच्चे को पूर्व दिशा में सिर रखकर सोने को कहें. ऐसा करने से बच्चे का पढ़ाई में मन लगेगा और वह जीवन में उन्नति करेगा.

7) बच्चों की पढ़ाई के टेबल के सामने आईना न रखें. बच्चों की पढ़ाई के टेबल के सामने मां सरस्वती का चित्र लगाएं, बच्चों से कहें कि मां सरस्वती के प्रति श्रद्धा रखें, इससे बच्चों की याददाश्त बढ़ती है. संभव हो तो बच्चों की पढ़ाई के टेबल के सामने ॐ का चित्र लगाएं, ॐ के ध्यान से आपके बच्चे हमेशा ऊर्जावान बने रहेंगे.

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8) घर में कहीं भी बहुत समय तक कबाड़ इकट्ठा करके न रखें. ऐसा करने से आपके बच्चे परीक्षा में फेल हो सकते हैं.

9) इस बात का हमेशा ध्यान रखें कि अपने बच्चे के पहने हुए या उतारे गए मैले कपड़ों को कभी भी धुले हुए कपड़ों के साथ न रखें. इससे बच्चे की उन्नति पर विपरीत प्रभाव पड़ सकता है.

10) बच्चों के कमरे में बेड के पास गलीचे न बिछाएं. इससे उस जगह ऊर्जा का बहाव रुक जाता है और बच्चे बीमार पड़ने लगते हैं.

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Vastu Tips For Happy Married Life
घर का वास्तु पति-पत्नी क वैवाहित जीवन (Vastu Tips For Happy Married Life) को भी प्रभावित करता है, अगर पति-पत्नी में किस रतह का मतभेद चल रहा हो, तो घर मे मौजूद इन वास्तुदोषों को मिटाकर आप अपने वैवाहिक जीवन को बना सकते हैं सौहार्दपूूर्ण.
Vastu Tips For Happy Married Life
– बेडरूम को साफ़ सुथरा रखें.
– बेड वुडन का होना चाहिए. न कि लोहे का. लोहे में शनि का वास होता है और शनि अंधेरे का कारक है. इससे आपके दांपत्य जीवन में अंधेरा छाने लगता है. यहां तक तलाक की नौबत भी आ जाती है.
– बेडरूम सही दिशा में होना चाहिए. वास्तु शास्त्र के अनुसार बेडरूम दक्षिण-पश्‍चिम दिशा में होना चाहिए. इस दिशा में बेडरूम होने से जीवन में मानसिक अशांति व घबराहट नहीं आती. कभी तलाक व मतभेद भी नहीं होते.

Vastu Tips For Happy Married Life
– बेडरूम में शुभ पेंटिंग लगाएं. बेड के साथ स़फेद फूलों की पेंटिंग जीवन को खुशियों से भरती है और दांपत्य जीवन ख़ुशहाल होता है.
– शृंगार की सारी चीज़ें बेडरूम में रखें. बेडरूम के बाहर पत्नी के सजने-संवरने की चीज़ें रखने से बेडरूम में झगड़े बढ़ते हैं.
– अगर आपके सिर (बैड) के ऊपर पानी की टंकी हो, तो दोनों के बीच प्यार ख़त्म होने लगता है. जितना जल्दी हो सके, इसे हटा दें.
– यदि बेडरूम के ऊपर टॉयलेट है, पति-पत्नी के बीच तलाक की संभावना बढ़ जाती है. अगर टॉयलेट न हटा पाएं, तो बेडरूम शिफ्ट करें.
– बेड दरवाज़े के सामने नहीं होना चाहिए. इससे पाज़िटिव एनर्जी नहीं मिल पाती. बीमारियां घेर लेती है और दोनों के बीच तनाव बढ़ता है.
– बेडरूम में पंखे या दरवाज़े में से किसी तरह की आवाज़ नहीं आनी चाहिए. इससे दोनों के बीच मतभेद बढ़ते हैं.
– अगर आपने बेडरूम में शीशा लगा रखा है, तो तुरंत हटा दें.

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Vastu Tips For Happy Married Life
– बेडरूम में डार्क रेड, काला, ग्रे जैसे कलर का यूज़ न करें. इनकी बजाय व्हाइट, पिंक, यलो, क्रीम कलर का यूज़ करें.
– मेहमानों या बाहरी व्यक्ति को बेडरूम में न जाने दें. इससे पति-पत्नी के बीच ग़लतफहमियां बढ़ती है.
– अगर किसी अंजान व्यक्ति या मेहमान की नज़र बार-बार बेडरूम में जा रही हो, तो बेडरूम का दरवाज़ा बंद करें. अनन्था घर की सारी बातें बाहर जाने लगती है व पति-पत्नी अफवाहों के शिकार बनने लगते हैं.
– पति-पत्नी दोनों को रोजाना ॐ नम शिवाय मंत्र का जाप करना चाहिए.
– घर का वास्तु सही होने के बाद भी अगर झगड़े होते हैं, तो दोनों दोमुखी रुद्राक्ष सोमवार को पहनें.
– किचन में मिट्टी के बाउल में शहद रखें और उसका इस्तेमाल करें. इससे वैवाहिक जीवन में मिठास बनी रहती है.
– हर अमावस्या को पूरे घर व बेडरूम की सफ़ाई ज़रूर करें.
– हर शुक्रवार को मीठा खाना खाएं. इसे दांपत्य जीवन में मिठास बनी रहेगी.

Vastu Tips For Happy Married Life
– बेडरूम में सूर्यास्त के बाद थोड़ी देर के लिए लाइट ज़रूर जलाए रखें. इससे पति को काम में सफलता मिलती है और आर्थिक परेशानियां कम होती है.

– बेडरूम की खिड़कियां छोटी होनी चाहिए. बड़ी होने पर घर के लोगों पर विश्‍वास कम होने लगता है.

                                                                                                                      – वास्तुशास्त्री राजेंद्र दुबे  

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अक्सर जब कोई नया घर बनाता है, तो वे उससे जुड़ी हर छोटी-बड़ी बातों का ख़ास ध्यान रखता है. फिर चाहे वो घर की साज-सज्जा हो या फिर वास्तु-फेंगशुई के अनुसार घर को सुव्यवस्थित ढंग से सजाना हो. इसी सिलसिले में हमें वास्तुशास्त्री राजेंद्र दुबे ने महत्वपूर्ण जानकारियां दीं. आइए, इसके बारे में संक्षेप में जानें.

 

–    आप चाहते हैं कि नए घर में आपका जीवन ख़ुशियोंं से भर जाए, हर परेशानी आपके जीवन से दूर हो जाए, तो नए घर में प्रवेश से पहले वास्तु शांति कराएं यानी वास्तु पूजन कराएं.

– विधिवत् गृह प्रवेश कराएं, वास्तु जप ज़रूर कराएं.

– देवी दुर्गा की लाल फूल, चावल व कुमकुम से पूजा करें. इससे घर में सुख-शांति व समृद्धि बनी रहेगी.

–    घर में कलर करवाते समय इस बात का ध्यान रखें कि पेंट एक सा हो. शेड एक से अधिक हो सकते हैं, पर शेड्स का तालमेल ठीक होना चाहिए.

–   मछलियों के जोड़े को घर में लटकाना बहुत शुभ व सौभाग्यशाली समझा जाता है. इनके प्रभाव से घर में धन-वैभव बढ़ता है और बिज़नेस में भी विकास होता है. इन्हें गुरुवार या शुक्रवार के दिन घर में टांगना शुभ होता है.

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–    यदि घर का मुख्य द्वार उत्तर, उत्तर-पश्‍चिम या पश्‍चिम में हो, तो उसके ऊपर बाहर की तरफ़ घोड़े की नाल लगा देनी चाहिए.इससे सुरक्षा व सकारात्मक ऊर्जा मिलती है.

–    फेंगशुई के अनुसार, घर के दरवाज़े में लाल रिबन में बंधे सिक्के लटकाने से घर में धन व समृद्धि आती है.

–    अपने नए घर दरवाज़े के हैंडल में सिक्के लटकाना घर में संपत्ति व सौभाग्य लाने का सबसे सरल उपाय है.

–    हां, इसमें तीन सिक्के ही लगाएं और वो भी दरवाज़े के अंदर की ओर हों, इस बात का विशेष ध्यान रखें, क्योंकि बाहर सिक्के लगाने से लक्ष्मी दरवाज़े पर ही ठहर जाती हैं.

–    आप तीन पुराने चीनी सिक्कों को लाल रंग के धागे या रिबन में बांधकर अपने घर के दरवाज़े के हैंडल में लटका सकते हैं. इससे घर के सभी सदस्यों को फ़ायदा होता है.

–    वास्तु के अनुसार घर में खिड़कियां होना आवश्यक है. इनसे नकारात्मक ऊर्जा बाहर निकलती है और सकारात्मक ऊर्जा घर में प्रवेश करती है.

–    खिड़कियां खोलते व बंद करते समय आवाज़ नहीं होनी चाहिए. इसका प्रभाव घर की सुख-शांति पर पड़ता है. इसके कारण परिवार के सदस्यों का ध्यान भंग होता है.

–    खिड़कियां ऊंचे स्थानों पर हों, ताकि शुद्ध हवा आसानी से घर में प्रवेश कर सके व अशुद्ध हवा दूसरी खिड़की से बाहर निकल सके.

–    घर की छत पर कबाड़ा या फालतू सामान न रखें. यदि ज़रूरी हो, तो एक कोने में रखें. बेकार के सामानों से परिवार के सदस्यों के मन-मस्तिष्क पर दबाव पड़ता है. इससे पितृ दोष भी लगता है.

–   नवरात्रि में घी का अखंड दीपक लगाकर दुर्गा सप्तशती का नौ दिन तक विधिवत् पाठ करने और नौ कन्याओं (दो से दस साल तक की कन्या) को भोजन करवाने से जीवन सुखद व ख़ुशहाल बना रहता है.

–    महामृत्युंजय मंत्र का जप करें. इससे भी काफ़ी लाभ प्राप्त होता है.

–    घर में कम से कम सालभर में दो बारहवन-यज्ञ करवाएं.

–    ध्यान रहे, घर में पूजाघर का निर्माण ईशान कोण (उत्तर-पूर्व) में हो.

–   शुभ कार्यों के लिए हमेशा सोमवार, बुधवार, गुरुवार व शुक्रवार का दिन चुनें.

–    तीन हरे पौधे मिट्टी के बर्तनों में घर के अंदर पूर्व दिशा में रखें.

–    बोनसई व कैक्टस न लगाएं, क्योंकि बोनसई विकास में बाधक व कैक्टस हानिकारक होता है.

–    वास्तु के अनुसार बेडरूम में बाथरूम नहीं होना चाहिए, क्योंकि दोनों की ऊर्जाओं का परस्पर आदान-प्रदान सेहत के लिए अच्छा नहीं होता.

–    बाथरूम घर के नैऋत्य कोण (दक्षिण-पश्‍चिम के मध्य की दिशा) में बनवाना चाहिए. यदि संभव न हो, तो वायव्य कोण में भी बाथरूम बनवा सकते हैं.

–    बाथरूम में पानी का बहाव उत्तर की ओर रखें.

–    गीज़र व अन्य इलेक्ट्रिकल उपकरण बाथरूम के आग्नेय कोण में लगाएं.

– बाथरूम में एक बड़ी खिड़की व एक्ज़ॉस्ट फैन के लिए रोशनदान ज़रूर लगाएं.

– बाथरूम में सदा हल्के रंग की टाइल्स का इस्तेमाल करें. गहरे रंग की टाइल्स न लगाएं.

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  – सावित्री गुप्ता