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जन्मदिन पर विशेष: विनोद खन्ना- बेहद सरल व आकर्षक अभिनेता (Birth Anniversary: Vinod Khanna- Very Handsome And Attractive Star)

हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में सत्तर-अस्सी के दशक में अपने अभिनय, स्टाइल, हैंडसम पर्सनैलिटी से जिस कलाकार ने सबसे अधिक आकर्षित किया, वो थे विनोद खन्ना. उनके एक्शन, इमोशन, कॉमेडी में ग़ज़ब का तालमेल था. उनका खलनायक से शुरू हुआ सफ़र नायक के शिखर तक पहुंचा. फिर अध्यात्म की तरफ़ झुकाव, संन्यास, ओशो आश्रम जाना, दोबारा फिल्मों में आना, राजनीति, छोटे पर्दे पर आना… वे अपनी ज़िंदगी में हर दौर में न जाने कितने पड़ाव से गुज़रे, पर हर जगह अपनी क़ाबिलियत से हर किसी को प्रभावित किया. आज उनके जन्मदिन पर उनसे जुड़ी कई कही-अनकही बातों को जानने की कोशिश करते हैं.

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* विनोद खन्ना के पिता का टेक्सटाइल, केमिकल का बिज़नेस था. जब विनोदजी ने अभिनय करने की इच्छा ज़ाहिर की, तो उन्होंने उनकी तरफ़ बंदूक तान दिया था. लेकिन पत्नी के समझाने पर शांत हुए और विनोद को दो साल तक का समय दिया फिल्मों में ख़ुद को स्थापित करने के लिए. यदि वे असफल होते हैं, तो फिर उन्हें पिता के बिज़नेस में हाथ बंटाना होगा.

* विनोद पांच भाई-बहन थे, जिनमें तीन बहन और दो भाई थे. देश के बंटवारे के समय उनके पिता पेशावर से हिंदुस्तान आकर मुंबई में बस गए थे.

* विनोद खन्ना को पहली पत्नी गीतांजली से दो बेटे अक्षय व राहुल हैं और दूसरी बीवी से दो बच्चे साक्षी व श्रद्धा हैं.

* बचपन में विनोद काफ़ी शर्मीले स्वभाव के थे. एक बार उनके शिक्षक ने उन्हें नाटक में ज़बर्दस्ती काम करवाया, तब से अभिनय के प्रति उनका रुझान बढ़ने लगा.

* जब वे बोर्डिंग स्कूल में पढ़ते थे, तब वे सोलवां साल और मुग़ल-ए-आज़म फिल्म से काफ़ी प्रभावित हुए और उन्होंने फिल्म में करियर बनाने का सोचा.

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* सुनील दत्त की फिल्म मन का मीत से खलनायक के तौर पर अभिनय के सफ़र की शुरुआत हुई और विलेन के रोल में दर्शकों ने उन्हें पसंद भी किया.

* इसके बाद आन मिलो सजना, पूरब और पश्‍चिम, मेरा गांव मेरा देश जैसी फिल्मों में अपनी खलनायकी के जलवे उन्होंने दिखाए, पर नायक के तौर पर ब्रेक गुलज़ार साहब ने दिया.

* उनकी मेरे अपने फिल्म ने विनोद खन्ना को हीरो के तौर पर पहचान दी. गुलज़ार-विनोद की जुगलबंदी ने फिर तो कई फिल्में कीं, जिसमें अचानक, इम्तिहान, रिहाई, लेकिन, मीरा जैसी लाजवाब फिल्में रहीं.

* मीडिया द्वारा अमिताभ बच्चन और विनोद खन्ना को एक-दूसरे का प्रबल प्रतिद्वंदी माना जाता था, जबकि हक़ीक़त में ऐसा कुछ भी नहीं था. यह और बात है कि बिग बी अमिताभ को सुपरस्टार विनोद खन्ना ने अमर अकबर एंथोनी, परवरिश, ख़ून-पसीना, हेरा फेरी, मुकद्दर का सिकंदर जैसी तमाम फिल्मों में जमकर टक्कर दी. और ये सभी फिल्म बॉक्स ऑफिस पर सुपर-डुपर हिट साबित हुईं.

* बहुत कम लोग जानते है कि अमिताभ बच्चन ने कुर्बानी फिल्म करने से मना कर दिया था, तब विनोद खन्ना को अप्रोच किया गया और फिरोज खन्ना की यह फिल्म उस दौर की सबसे कामयाब फिल्मों में से एक रही. इसके गीत-संगीत का जादू आज भी लोगों के दिलों को गुदगुदाता है, ख़ासकर- गाना लैला मैं लैला…

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* विनोद खन्ना कम मूडी नहीं थे. अपने अभिनय सफ़र के शिखर पर रहते हुए उन्होंने सब कुछ यानी फिल्मेें, पत्नी, दोनों बच्चे अक्षय व राहुल को छोड़छाड़ कर अमेरिका में ओशो रजनीश के आश्रम चले गए.

* वहां पर उन्हें स्वामी विनोद भारती, द मॉन्क हू सोल्ड हिज़ मर्सीडीज़, हैंडसम संन्यासी जैसे नामों से पुकारा जाता था. ग्लैमर वर्ल्ड को दरकिनार कर वे वहां पर साफ़-सफ़ाई करना, खाना बनाना, बागवानी करना जैसे तमाम काम करते थे.

* लेकिन वहां पर ध्यान-ज्ञान, काम सब कुछ करते हुए भी उनका मन स्थिर न रह पाया और उन्होंने दोबारा फिल्मों की तरफ़ रुख किया.

* उनकी फिल्मों में सेकंड एंट्री भी धमाकेदार रही. लोगों ने उन्हें हाथोंहाथ लिया. इंसाफ़, सत्यमेव जयते, दयावान, ज़ुर्म, रिहाई जैसी बेहतरीन उम्दा फिल्में कीं.

* उन्होंने राजनीति में भारतीय जनता पार्टी की तरफ़ से गुरदासपुर से चार बार चुनाव लड़ा और विजयी रहे. इस बार वहां से सनी देओल चुनाव लड़े थे और भारी बहुमत से जीत भी हासिल की थी.

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* फिल्मों में विनोद खन्ना के उल्लेखनीय योगदान के लिए उन्हें कई अवॉर्डस के अलावा फिल्मफेयर लाइफटाइम अचीवमेंट, दादासाहेब फाल्के पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया.

आज वे हमारे बीच नहीं है, पर अपने दमदार अभिनय, मस्ताने अंदाज़ से आज भी वे सभी की यादों में ज़िंदा है.

जब भी उनके जीवन में उतार-चढ़ाव आया, तब उन्होंने अपनी ही फिल्म के गाने से प्रेरणा ली- रुक जाना नहीं. तू कहीं हार के.. कांटों पे चलकर मिलेंगे साये बहार प्यार के, ओ रही, ओ रही…

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विनोद खन्ना की प्रार्थना सभा में पहुंचे सेलेब्स, नहीं नज़र आए ऋषि कपूर (Pictures: Vinod Khanna’s Prayer Meet)

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विनोद खन्ना की प्रार्थना सभा में पहुंचे बॉलीवुड, खेल और बिज़नेस जगत से जुड़े लोग. 27 अप्रैल 2017 को विनोद खन्ना सभी को अलविदा कह गए थे. लंबे वक़्त से बीमार विनोद खन्ना के यूं चले जाने से हर कोई दुखी है. बॉलीवुड के हैंडसम हंक कहे जाने वाले विनोद खन्ना की इस प्रार्थना सभा में उनके परिवार के साथ कई सेलेब्स मौजूद थे, लेकिन पिछले दिनों अपने एक ट्वीट की वजह से टि्वटर पर छाए रहने वाले ऋषि कपूर नज़र नहीं आए. देखे पिक्चर्स.

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कैंसल हुआ ‘बाहुबली2’ का प्रीमियर, विनोद खन्ना को करण जौहर ने दी श्रद्धांजलि (Baahubali: The Conclusion Premiere Cancelled As a Mark of Respect to Vinod Khanna)

विनोद खन्ना

विनोद खन्ना

इस साल की मोस्ट अवेटेड फिल्म बाहुबली: द कंक्लुज़न का मुंबई में होने वाला प्रीमियर कैंसल कर दिया गया है. विनोद खन्ना को श्रद्धांजलि देने के लिए बाहुबली 2 के निर्माता करण जौहर ने फिल्म की टीम के साथ मिलकर ये फैसला लिया. इस ख़बर की जानकारी करण ने टि्वटर के ज़रिए दी. उन्होंने लिखा, “अपने प्रिय अभिनेता के सम्‍मान में बाहुबली की पूरी टीम ने तय किया है कि आज रात होने वाला प्रीमियर कैंसल कर दिया जाए.”  

बाहुबली 2 के प्रीमियर के लिए ख़ूब तैयारियां की गईं थी. एक ख़ास इनविटेशन कार्ड भी छपवाया गया था और बॉलीवुड के कई बड़े स्टार्स प्रीमियर अटेंड भी करने वाले थे. लेकिन विनोद खन्ना के निधन के बाद उनके सम्मान में फिल्म का प्रीमियर कैंसल कर दिया गया है.

एक युग का अंत: देखें बॉलीवुड के ओरिजनल हार्टथ्रॉब विनोद खन्ना के टॉप 10 गाने (Top 10 Songs: Remembering Vinod Khanna)

विनोद खन्ना

विनोद खन्ना70 और 80 के दशक के हार्टथ्रॉब विनोद खन्ना नहीं रहे. जैसे ही ये ख़बर सामने आई, बॉलीवुड से लेकर उनके फैन्स तक, हर कोई सन्न रह गया. 70 साल के नेता और अभिनेता विनोद खन्ना 70 साल के थे. का़फ़ी वक़्त से कैंसर से जूझ रहे विनोद की कुछ दिनों पहले एक तस्वीर वायरल हुई थी, जिसमें साफ़ नज़र आ रहा था कि वो बेहद बीमार हैं. एक साल पहले तक वो फिल्मों और राजनीति दोनों में सक्रिय थे. बीजेपी सांसद रह चुके विनोद खन्ना की आख़िरी फिल्म दिलवाले थी. इस बेहतरीन ऐक्टर ने भले ही अपने करियर की शुरुआत विलन के तौर पर की थी, लेकिन उनके रोमांटिक अंदाज़ को भी दर्शकों ने ख़ूब पसंद किया. 1987-1994 में विनोद खन्ना बॉलीवुड के सबसे महंगे स्टार बन गए थे. आपको जानकर आश्चर्य होगा कि उनके पिता बिल्कुल नहीं चाहते थे कि विनोद फिल्मों में अभिनय करें. उनके पिता ने उन्हें केवल दो महिनों का समय दिया था, इन दो महिनों में विनोद खन्ना ने ख़ुद को साबित किया और बॉलीवुड में अपनी जगह बना ली. उन्होंने आन मिलो सजना, मेरा गांव मेरा देश, सच्चा झूठा, मुकद्दर का सिकंदर, परवरिश, अमर अकबर एंथोनी, कुर्बानी, इम्तिहान, दयावान, दबंग, दिलवाले जैसी कई सुपरहिट फिल्में बॉलीवुड को दी हैं.

भले ही विनोद खन्ना आज हमारे बीच न हों, लेकिन उनके द्वारा निभाए गए यादगार किरदार और फिल्मों के गाने उनकी याद हमेशा दिलाते रहेंगे.

आइए, उन्हें याद करते हैं उनके टॉप 10 गानों के साथ.

फिल्म- जुर्म (1990)

फिल्म- चांदनी (1989)

फिल्म- कुर्बानी (1980)

फिल्म- इम्तिहान (1974)

फिल्म- मेरे अपने (1971)

फिल्म- लहु के दो रंग (1979)

फिल्म- हाथ की सफ़ाई (1974)

फिल्म- सत्यमेव जयते (1987)

फिल्म- अमर अकबर एंथोनी (1977)

फिल्म- दौलत (1982)

 

नहीं रहे विनोद खन्ना, 70 साल की उम्र में निधन (Actor Vinod Khanna passes away)

विनोद खन्ना

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अभिनेता विनोद खन्ना नहीं रहे. कुछ समय से वो कैंसर से जूझ रहे थे. कुछ दिनों पहले उनकी एक तस्वीर भी वायरल हुई थी, जिसमें वो काफ़ी कमज़ोर भी नज़र आ रहे थे. 70 साल की उम्र में विनोद खन्ना सभी को अलविदा कह गए. विनोद खन्ना ने 140 से ज़्यादा फिल्मों में अभिनय किया. उनकी आख़िरी फिल्म दिलवाले थी. पिछले कुछ दिनों से उनका इलाज मुंबई के अस्पताल में चल रहा था.

मेरी सहेली की ओर से उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि.

तस्वीर हुई वायरल, बेहद कमज़ोर लग रहे हैं विनोद खन्ना (Shocking Photo Of Actor Vinod Khanna Reveals All Is Not Well)

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विनोद खन्ना की एक तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है, जिसमें वो बहुत ही कमज़ोर और बीमार नज़र आ रहे हैं. विनोद खन्ना को शुक्रवार को डिहाइड्रेशन के शिकायत के चलते गिरगांव के एचएन रिलायंस फाउंडेशन एंड रिसर्च सेंटर में भर्ती कराया गया. उनके फैन्स उन्हें इस हाल में देखकर बेहद ही चौंक गए हैं. विनोद खन्ना में ये बदलाव एक साल की भीतर आया है. इससे पहले फिल्म दिलवाले में वो काफ़ी फिट नज़र आ रहे थे.

जो ख़बरों सामने आ रही हैं, उसमें यही कहा जा रहा है कि विनोद खन्ना को ब्लैडर कैंसर है. ये ख़बर कितनी सही है, इसका खुलासा अभी नहीं हो पाया है. उनके बेटे राहुल खन्ना ने बताया था कि डैड अब बिल्कुल स्वस्थ हैं और उन्हें जल्द ही अस्पताल से छुट्टी मिल जाएगी. विनोद राजनीति में भी सक्रिय हैं, वो पंजाब की गुरदासपुर सीट से बीजेपी के सांसद हैं.

42 के हुए अक्षय खन्ना, अलग अंदाज़ ही है उनकी पहचान (Happy Birthday Akshay Khanna)

Akshay Khanna

Akshay Khannaअपने अलग अंदाज़ और ऐक्टिंग से बॉलीवुड में अपनी जगह बनाने वाले अक्षय खन्ना आज हो गए हैं 42 साल के. यूं तो स्टार किड होने के नाते बॉलीवुड में एंट्री लेने के लिए उन्हें स्ट्रगल नहीं करना पड़ा, लेकिन बॉलीवुड में ख़ुद को साबित करने के लिए अक्षय को मेहनत करनी पड़ी. अक्षय ने हिमालय पुत्र से अपने करियर की शुरुआत की, फिल्म भले ही फ्लॉप रही, लेकिन अक्षय को लोगों ने नोटिस किया. इसके बाद रिलीज़ हुई फिल्म बॉर्डर ने अक्षय के करियर को कुछ वक़्त तक संभाले रखा, लेकिन अक्षय को अब भी एक ऐसी फिल्म की तलाश थी, जो उन्हें ऐक्टर को तौर वो पहचान दिलाए, जिसके वो हकदार थे. साल 2001 अक्षय के करियर के लिए लकी साबित हुआ, जब उन्हें मिली फिल्म दिल चाहता है. इस फिल्म से शुरु हुआ सफलता का दौर, ताल हलचल, हंगामा, हमराज़, रेस जैसी फिल्मो में उनकी ऐक्टिंग को सराहा गया. सिर्फ़ हीरो ही नहीं, विलेन के किरदार में भी अक्षय को पसंद किया गया. निगेटिव रोल से लेकर कॉमेडी तक हर तरह का किरदार अक्षय ने निभाया है. फिल्म गांधी, माय फादर में उन्होंने मोहनदास गांधी के चौथे बेटे हरिलाल गांधी का किरदार निभाकर साबित कर दिया की गंभीर रोल को भी निभाने की
क्षमता उनमें है. लंबे ब्रेक के बाद अक्षय फिल्म ढिशूम में नज़र आए थे. भले ही अक्षय कम ही फिल्में करते हैं, लेकिन हर फिल्म में अपनी ऐक्टिंग से दर्शकों का दिल जीत लेते हैं.

मेरी सहेली (Meri Saheli) की ओर से उन्हें जन्मदिन की ढेरों शुभकामनाएं.

देखें उनकी फिल्मों के ये टॉप 10 सॉन्ग्स.

फिल्म- ताल

फिल्म- हमराज़

फिल्म- बेनक़ाब

फिल्म- दिल चाहता है

फिल्म- रेस

फिल्म- दहक

फिल्म- बॉर्डर

फिल्म- हंगामा

फिल्म- हलचल

फिल्म- आ अब लौट चलें