vishal bhardwaj

इन दिनों देसी अंदाज़ के साथ संदेश व मनोरंजन से भरपूर कई फिल्में बन रही हैं. इसी फेहरिस्त में सुई धागा भी है. अनुष्का शर्मा और वरुण धवन अभिनीत यह फिल्म एक आम इंसान की सीधी-सादी ज़िंदगी और स्व रोज़गार को लेकर संघर्ष को बड़ी ख़ूबसूरती से उकेरती है. मेड इन इंडिया के थीम के साथ भी फिल्म न्याय करती है.

ui Dhaga and Patakha

यशराज बैनर तले मनीष शर्मा द्वारा निर्मित व लिखित यह फिल्म सेल्फ एम्प्लॉयमेंट के प्रति जागरूकता भी पैदा करती है. अनुष्का एवं वरुण ने बेहतरीन अभिनय किया है. दोनों की सादगी, संघर्ष, आपसी प्रेम, देसी लुक व अंदाज़ दिल को छू जाती है. वरुण के पिता के रूप में रघुवीर यादव और मां की भूमिका में आभा परमार ने ग़ज़ब की एक्टिंग की है.

अनु मलिक व एंड्रिया गुएरा का संगीत माहौल व मन को ख़ुशनुमा बना देता है. चाव लगा, खटर-पटर, तू ही अहम्, सब बढ़िया है… गीत कर्णप्रिय हैं. पापोन व रोन्किनी गुप्ता की सुमधुर आवाज़ इसे और भी शानदार बना देती है. सुई धागा मेड इन इंडिया, वाकई में बढ़िया सिनेमा का अनुसरण करती है.

Sui Dhaga and Patakha
पटाखा

विशाल भारद्वाज को चरण सिंह पथिक की कहानी दो बहनें इस कदर पसंद आई कि उन्होंने इस पर पटाखा बना डाली. फिल्म की पटकथा, संगीत, निर्देशन- सभी की ज़िम्मेदारी विशालजी ने ख़ुद ही संभाली है.

टीवा स्टार राधिका मदान इसके ज़रिए फिल्मी दुनिया में प्रवेश कर रही हैं. बड़ी बहन चंपा उ़र्फ बड़की के रूप में उन्होंने अपनी पहली ही फिल्म में ज़बर्दस्त अभिनय किया है. उनका साथ दंगल फेम सान्या मल्होत्रा ने गेंदा कुमारी के रूप में बख़ूबी निभाया है. दो बहनें बचपन से लेकर बड़े होने तक अक्सर लड़ाई-झगड़े करती रहती हैं. उनकी लड़ाई को बढ़ाने और उसमें आग में घी का काम करता है उनका पड़ोसी सुनील ग्रोवर. दोनों बेटियों के पिता के रूप मेंं विजय राज ने कमाल की परफॉर्मेंस दी है. सानंद वर्मा ने उनका अच्छा साथ दिया है.

निर्माताओं की टीम यानी रेखा विशाल भारद्वाज, इशान सक्सेना, अजय कपूर, धीरज वाधवान ने दर्शकों को एक अच्छी फिल्म परोसी है. गुलज़ार साहब के गीत फिल्म को और भी ख़ूबसूरत बना देते हैं. रेखा-विशाल भारद्वाज, सुनिधि चाहौन की आवाज़ की जादूगरी फिल्म को बांधे रखती है.

दोनों ही फिल्में शुद्ध देसी अंदाज़ और मनोरंजन से भरपूर है.

– ऊषा गुप्ता

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kangana ranaut

रंगून की रंगीन जूलिया आ गई है. 40 के दशक के रंग में रंगी नज़र आ रही हैं कंगना रनौत जूलिया बनकर. फिल्म के नए गाने ब्लडी हेल… में कंगना हाथों में हंटर थामें और आर्मी ड्रेस पहने काफ़ी बिंदास लग रही हैं. गाने में सैफ अली खान भी हैं, लेकिन कंगना से नज़र हटाना मुश्किल है. गाने को सुनिधि चौहान ने गाया है. आप भी देखें ये गाना.

– प्रियंका सिंह

rangoon

रंगून फिल्म का बोल्ड और क्लासी ट्रेलर रिलीज़ हो गया है. कंगना रणावत, सैफ अली खान और शाहिद कपूर स्टारर इस फिल्म का ट्रेलर काफ़ी दमदार है. एक्शन और रोमांस से भरपूर ये ट्रेलर सोशल मीडिया पर छा गया है. दूसरे विश्व युद्ध यानी साल 1944 का दौर इसमें बख़ूबी नज़र आ रहा है. तीनों ही स्टार्स उस दौर के रंग में रंगे नज़र आ रहे हैं. विशाल भारद्वाज की इस पीरियड फिल्म के ट्रेलर में डायलॉग्स भी काफ़ी इंट्रेस्टिंग हैं. फिल्म में तूफ़ान की बेटी बनी कंगना रणावत का 40 के दशक की स्टंटवुमेन का लुक देखकर आप दंग रह जाएंगे.

रंगून के इस ट्रेलर ने फिल्म में दिलचस्पी और बढ़ा दी है. आप भी देखें ये वीडियो.

– प्रियंका सिंह

national-award63वें नेशनल फिल्म अवॉर्ड की घोषणा हो गई है. रिकॉर्ड तोड़ कमाई करने वाली फिल्म बाहुबली को बेस्ट फीचर फिल्म का अवॉर्ड दिया जाएगा, तो वहीं बेस्ट एंटरटेनमेंट फिल्म के अवॉर्ड से नवाज़ा गया है फिल्म बजरंगी भाईजान को. बात करें अगर सर्वश्रेष्ठ अभिनेता और अभिनेत्री की तो फिल्म पीकू के लिए अमिताभ बच्चन को मिला बेस्ट ऐक्टर का अवॉर्ड, तो वहीं बेस्ट ऐक्ट्रेस का अवॉर्ड मिला कंगना रनौत को तनु वेड्स मनु रिटर्न्स के लिए. बेस्ट डायरेक्टर का अवॉर्ड दिया गया है संजय लीला भंसाली को उनकी फिल्म बाजीराव मस्तानी के लिए. कुछ और कैटेगरीज़ में जिन्हें अवॉर्ड मिला वह इस प्रकार हैं-
बेस्ट हिंदी फिल्म- दम लगाके हईशा
बेस्ट सिनेमैटोग्राफ़ी- सुदीप चटर्जी (फिल्म- बाजीराव मस्तानी)
बेस्ट स्क्रीनप्ले- जूही चतुर्वेदी (फिल्म- पीकू) और हिमांशु शर्मा (फिल्म- तनु वेड्स मनु रिटर्न्स)
बेस्ट एडैप्टेड स्क्रीनप्ले- विशाल भारद्वाज (फिल्म- तलवार)
बेस्ट डेब्यू फिल्म डायरेक्टर- नीरज घेवान (फिल्म- मसान)
बेस्ट कोरियोग्राफी- रेमो डिसूजा (फिल्म- बाजीराव मस्तानी)
बेस्ट गीत- वरुण ग्रोवर (गाना- मोह मोह के धागे, फिल्म- दम लगा के हईशा)
बेस्ट चिल्ड्रेन्स फिल्म- दुरंतो
बेस्ट सपोर्टिंग फीमेल एक्टर- तनवी आज़मी (फिल्म- बाजीराव मस्तानी)
राष्ट्रीय अखंडता पर बेस्ट फीचर फिल्म- नानक शाह फकीर
स्पेशल जूरी अवॉर्ड- कल्कि कोचलिन ( फिल्म- मार्गरिटा विद ए स्ट्रॉ)

यक़ीनन ये गाना आपको बचपन में ले जाएगा. मोगली, बघीरा, शेर ख़ान को भला कैसे भूला जा सकता है. एक बार फिर यादें ताज़ा होंगी इन सबकी हॉलीवुड फिल्म दी जंगल बुक के ज़रिए. गुलज़ार साहब का लिखा ये गीत 90 के दशक में ख़ासा पसंद किया गया था और अब दी जंगल बुक के हिंदी वर्जन के लिए इस गाने को दोबारा रिकॉर्ड किया गया है. इस गाने के संगीतकार हैं विशाल भारद्वाज. आप भी देखिए ये वीडियो और खो जाइए बचपन की यादों में.