Waheeda Rehman

कुछ समय पहले ही आशा पारेख, वहीदा रहमान और हेलन की अंडमान में छुट्टियां मनाने की तस्वीरें देख सबका दिल खुश हो गया था. वो तस्वीरें तेज़ी से सोशल मीडिया पर वायरल हुईं. तीनों रियल लाइफ़ में बहुत अच्छी दोस्त हैं और वो एक साथ टाइम स्पेंड करने अंडमान गई थीं, जहां वो काफ़ी मौज-मस्ती करती दिखीं. लेकिन आशा पारेख ने अब चौंकाने वाला बयान दिया है, उनका कहना है कि वो उन पिक्चर्स के वायरल होने पर काफ़ी अपसेट हैं और उनसे कहीं ज़्यादा अपसेट तो वहीदा और हेलन हैं.

Asha Parekh
Image Credit: Instagram/ Asha Parekh

आशा ने एक वेब पोर्टल को दिए इंटरव्यू में इसकी वजह भी बताई, उनका कहना है कि वो उनका प्राइवट हॉलिडे था, किसी को इजाज़त नहीं कि हमारी प्राइवट लाइफ़ में दख़लअंदाजी करे. आजकल सोशल मीडिया के ज़माने में कोई भी आपके साथ सेल्फ़ी क्लिक कर लेता है लेकिन जब आप दोस्तों या परिवार के साथ होते हो तो वो आपका खुद का पर्सनल स्पेस और टाइम होता है, कोई चुपके से वो तस्वीरें लेकर सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दे तो ये एक तरह से आपके निजी जीवन में हस्तक्षेप जैसा हुआ ना.

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ग़ौरतलब है कि ये तस्वीरें प्रोड्यूसर तनुज गर्ग ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर पोस्ट की थीं.

Asha Parekh
Image Credit: Instagram/ TANUJJ GARG

आशा पारेख का कहना है कि हम वहां रिलैक्स करने गए थे, हमें नहीं पता वो तस्वीरें किसने क्लिक कीं, क्योंकि आजकल कोई भी पिक्चर्स ले लेता है, पहले लोग ऑटोग्राफ़ लेते थे अब सेल्फ़ी लेते हैं. सोशल मीडिया ने लोगों की निजी ज़िंदगी को बुरी तरह प्रभावित किया है. हमारी तस्वीरें भी किसी टुरिस्ट ने ली होगी, लेकिन जब हम यहां पहुंचे तो देखा वो वायरल हो चुकी हैं. मैं अपसेट हो गई क्योंकि मैं बहुत प्राइवट पर्सन हूं और मुझसे ज़्यादा अपसेट तो हेलन और वहीदा हैं क्योंकि वो दोनों तो मुझसे भी ज़्यादा प्राइवट पर्सन हैं.

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Image Credit: Instagram/ TANUJJ GARG

लोग हमारी तस्वीरें शेयर करके लिख रहे हैं कि दिल चाहता है कि सीक्वल में इन्हें होना चाहिए, क्यों दिल चाहता है, मुझे समझ नहीं आती ये बात, ये ज़िंदगी ना मिलेगी दोबारा जैसा है!

Asha Parekh
Image Credit: Instagram/ TANUJJ GARG

इस हॉलिडे के बारे में आशा पारेख ने कहा कि हम लॉकडाउन से पहले मार्च के अंत में अंडमान गए थे क्योंकि हम बाहर जाना चाहते थे रिलैक्स करना चाहते थे. मैं पहली बार वहीदा के साथ स्नॉर्कलिंग करने गई थी. मैंने पहले कभी नहीं किया था ऐसा. भले ही मुझे तैरना आता हो, पर मुझे गहरे पानी से बहुत डर लगता है. लेकिन मैंने आख़िर इसे बड़ी हिम्मत के साथ कर ही लिया. ये अलग ही अनुभव था, समंदर में अंदर तक जाकर विदेशी मछलियों के साथ तैरने का अनुभव हर किसी को अपने जीवन में कम से कम एक बार जरूर लेना ही चाहिए.

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चौदहवीं का चांद हो या आफताब हो, जो भी हो तुम खुदा की कसम लाजवाब हो… मोहम्मद रफी साहब का गया यह गाना साल 1990 की फिल्म चौदहवीं का चांद का है. वहीदा रहमान इसी फिल्म से मशहूर हुई थीं. ख़ास बात यह है कि वहीदा का मतलब भी लाजवाब होता है. अपने करिश्माई अभिनय से पांच दशकों तक दर्शकों के दिल पर राज करने वाली वहीदा सचमुच लाजवाब हैं. आज वहीदा जी का जन्मदिन है और वो 79 साल की हो गई हैं. waheedarehman-5b-1_1186979117 (1)मेरी सहेली (Meri Saheli) की ओर से वहीदा जी को जन्मदिन की ढेरों शुभकामनाएं.

वहीदा जी की ख़ूबसूरती के सभी कायल हैं. उन्होंने अपनी ख़ूबसूरती और बेहतरीन अभिनय से सबको अपना दीवाना बनाया. बचपन से ही नृत्य और संगीत के प्रति दिलचस्पी रखने वाली वहीदा जी असल जिंदगी में डॉक्टर बनना चाहती थीं. आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा में एक परंपरागत मुस्लिम परिवार में 14 मई 1938 को जन्मीं वहीदा रहमान की गिनती बॉलीवुड की शीर्ष अभिनेत्रियों में की जाती है. यहां तक कि बॉलीवुड के शहंशाह अमिताभ बच्चन उनके सबसे बड़े प्रशंसक हैं. बिग बी कई मौकों पर उनकी तारीफ़ कर चुके हैं.

  • वहीदा जी ने डॉक्टरी की पढ़ाई शुरू की थी, लेकिन फेफड़ों में इंफेक्शन की वजह से यह कोर्स वह पूरा नहीं कर सकीं.
  • माता-पिता के मार्गदर्शन में वहीदा भरतनाट्यम में निपुण हो गईं.
  • जब पिता का निधन हो गया, तब घर में आर्थिक संकट के चलते वहीदा ने फिल्मों का रुख किया. उन्हें साल 1955 में दो तेलुगू फिल्मों में काम करने का मौका मिला.
  • बॉलीवुड में अभिनेता, निर्देशक व निर्माता गुरुदत्त ने उनका स्क्रीन टेस्ट लिया और पास होने पर उन्हें फिल्म सीआईडी में खलनायिका का किरदार दिया. अभिनय के अपने हुनर से उन्होंने इस किरदार में जान डाल दी, इसके बाद उन्हें एक के बाद एक फिल्में मिलनी शुरू हो गईं.
  • गुरुदत्त और उनके प्रेम-प्रसंग के किस्से भी चर्चा में रहे. गुरुदत्त और वहीदा रहमान अभिनीत फिल्म कागज के फूल की असफल प्रेमकथा उन दोनों के जीवन पर आधारित थी. इसके बाद दोनों ने फिल्म चौदहवीं का चांद और साहब बीवी और गुलाम में साथ-साथ काम किया.
  • वहीदा जी ने अपने करियर की शुरुआत में गुरुदत्त के साथ तीन साल का कॉन्ट्रैक्ट साइन किया था, जिसमें उन्होंने शर्त रखी थी कि वह कपड़े अपनी मर्ज़ी के पहनेंगी और अगर उन्हें कोई ड्रेस पसंद नहीं आई तो उन्हें वह पहनने के लिए मजबूर नहीं किया जाएगा.
  • राज कपूर के साथ फिल्म तीसरी कसम में उन्होंने नाचने वाली हीराबाई का किरदार निभाया था और नौटंकी में गया था- पान खाए सैंया हमार… मलमल के कुर्ते पर पीक लाले लाल जो काफी लोकप्रिय हुआ था. इस फिल्म को राष्ट्रीय पुरस्कार मिला था.
  • फिल्म गाइड में वहीदा रहमान और देवानंद की जोड़ी ने ऐसा कमाल किया कि दर्शक सिनेमाघरों में फिल्म देखने को टूट पड़ते थे. वहीदा जी को इस फिल्म के लिए बेस्ट एक्ट्रेस का फिल्मफेयर पुरस्कार मिला था.
  • वहीदा जी को 1972 में पद्मश्री और साल 2011 में पद्मभूषण पुरस्कार से सम्मानित किया गया.