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india V/s England

बात अगर क्रिकेट की हो, तो बादशाह अगर कोई है, तो वो है स़िर्फ इंडिया. इंडियन क्रिकेट टीम किसी को अपने आगे टिकने ही नहीं देती. मुंबई टेस्ट मैच में टीम इंडिया ने इंग्लैंड को एक पारी और 36 रन से हराकर जीत पर कब्ज़ा जमा लिया है. इसके साथ ही भारत पांच टेस्ट मैच की सीरीज़ में 3-0 से आगे हो गया है.

हर खिलाड़ी है हीरो
ऐसा नहीं है कि टीम की जीत में किसी एक खिलाड़ी का हाथ है. यहां तो हर खिलाड़ी हीरो है. अपनी-अपनी ज़िम्मेदारी को बख़ूबी निभाकर टीम को मज़बूत स्थिति में बनाए रखते हैं. इस मैच में आर अश्विन ने छह विकेट, तो रवींद्र जडेजा ने दो विकेट, वहीं जयंत यादव और भुवनेश्वर कुमार ने एक-एक विकेट लिया.

जयंत का ‘विराट’ इतिहास
टीम के कप्तान विराट ख़ुद विराट पारी खेलने के साथ-साथ टीम के दूसरे प्लेयर को भी मौक़ा देते हैं और उन्हें इतिहास बनाने में सफल बनाते हैं. कोहली ने शानदार 235 रनों की पारी खेली. विराट का साथ मिलते ही टीम इंडिया के जयंत ने बेहतरीन 104 रनों की पारी खेली. ये जयंत के करियर का पहला शतक है. ये तो होना ही था, जब टीम का कप्तान ही क्रीज़ पर साथ दे, तो शतक बनता ही है.

मैच एक रिकॉर्ड कई
एक साल में तीन दोहरे शतक लगाकर विराट महानतम बल्लेबाज़ ऑस्ट्रेलिया के सर डॉन ब्रैडमैन के रिकॉर्ड की बराबरी कर ली है और साथ ही कप्तान के रूप में सर्वाधिक व्यक्तिगत स्कोर बनाने का महेन्द्र सिंह धोनी का भारतीय रिकॉर्ड तोड़ दिया है. इतना ही नहीं मुंबई टेस्ट मैच में एक और रिकॉर्ड बना. वो है इस मैदान पर बनने वाला रन. जी हां, भारत ने अंग्रेज़ों के खिलाफ़ वानखेड़े स्टेडियम में चौथे टेस्ट में अपनी पहली पारी में 631 रन बनाकर इस मैदान पर सर्वाधिक स्कोर बनाने का वेस्टइंडीज का 41 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया है. 1975 में वेस्टइंडीज़ ने भारत के ख़िलाफ़ ही 605 रनों का विशाल स्कोर बनाकर यह रिकॉर्ड बनाया था.

मेरी सहेली (Meri Saheli) की ओर से टीम इंडिया को यह जीत बहुत-बहुत मुबारक हो!

– श्वेता सिंह