Weight Gain

रूबीना अपने बिंदास अंदाज़ के लिए ही नहीं बल्कि स्लिम बॉडी और परफेक्ट फ़िगर के लिए भी जानी जाती हैं, हर लड़की यही सपना देखती है कि कश वो भी रूबीना की तरह सेक्सी बॉडी पा सके, पर ये इतना आसान भी नहीं. खुद रूबीना भी अपने बढ़े हुए वजन से जूझ रही हैं.

बॉस लेडी ने हाल ही में गोल्डन गाउन में अपनी बेहद ग्लैमरस पिक्चर्स पोस्ट की हैं, इन तस्वीरों में वो बेहद खूबसूरत लग रही हैं, उनका सेक्सी क्लीवेज भी उनको और ग्लैमरस लुक दे रहा है, लेकिन साफ़ दिख रहा है कि उनका वज़न पहले से बढ़ चुका है. रूबीना ने इस पोस्ट में अपने वजन को लेकर ही कैप्शन में लिखा है- मैं फिर से खुद से प्यार करना सीख रही हूं ये एहसास होने के बाद कि एक एक परफेक्ट पतली बॉडी ये निर्धारित नहीं करती कि मैं कौन हूं!

Rubina Dilaik

कोविड से ठीक होने की प्रक्रिया के बाद मेरा 7 किलो वज़न बढ़ गया है जिसने वाक़ई में मुझे बेहद असहज कर दिया है और मेरा आत्मविश्वास भी कम हो गया है! मैंने कड़ा संघर्ष किया कि वापस अपने 50 के वज़न पर आ सकूं लेकिन…

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तो मेरे सभी प्यारे खूबसूरत साथियों के लिए एक ख़ास जानकारी (जिसका प्रयास मैं भी फ़िलहाल कर रही हूं)! वज़न का पहला महत्व सबसे पहले आपके स्वास्थ्य से है न कि शारीरिक खूबसूरती से… अपने शरीर के प्रति दयाभाव रखें, उससे प्यार करें!

भले इस इस पोस्ट में रूबी ने यह बताया हो कि वो कड़ी मेहनत के बाद भी वो परफेक्ट फ़िगर नहीं पा सकीं लेकिन वो ये जान और सीख चुकी हैं कि परफेक्ट या स्लिम बॉडी ही आपको खूबसूरत नहीं बनाती और न ही वो आपकी प्राथमिकता होनी चाहिए, बल्कि आपकी प्राथमिकता आपका स्वास्थ्य होना चाहिए.

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हालाँकि रूबी के फैंस को वो इस लुक में भी बेहद पसंद आ रही हैं और उनको महसूस भी नहीं हो रहा कि उनका वज़न बढ़ा हुआ है. वो उनकी इस ग्लैमरस अवतार की देख खुश हैं और उनकी बातों से पूरी तरह सहमत भी. रूबी इस गोल्डन शिमर गाउन में वाक़ई क़हर ढा रही हैं…

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जान कुमार सानू ने भी रूबी की पोस्ट पर मज़ेदार कमेंट किया है और बाक़ी सेलेब भी बता रहे हैं कि कैसे उन्होंने पिज़्ज़ा और पराँठा खाकर सात या पांच किलो वज़न बढ़ा लिया!

Rubina Dilaik
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इससे पहले भी रूबीना ने सिल्वर साड़ी में फोटोशूट कराया था जिनमें उनका बढ़ा वज़न साफ़ झलक रहा था पर वो फोटोज़ फैंस को बेहद पसंद आई और किसी ने भी नकारात्मक कमेंट नहीं किया क्योंकि रूबी सच में बेहद हसीन लग रही थीं…

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इस पिक्चर में देखा का सकता है कि रूबी का वज़न जब कम था तब भी और अब जब बढ़ गया है अब भी वो खूबसूरत ही लग रही हैं…

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Photo Courtesy: Instagram (All Photos)

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हमारी रोज़ाना की 10 बुरी आदतें बढ़ा सकती हैं मोटापा. क्या आप भी हैं इन बुरी आदतों के शिकार? इन बुरी आदतों से ऐसे पाएं छुटकारा.

Bad Habits

1) टीवी देखते हुए भोजन करना
यदि आप भी ऐसा करती हैं, तो आप कितना और क्या खा रही हैं? इस बात पर आपका ध्यान नहीं रहता, जिसके कारण अक्सर आप ज़्यादा खा लेती हैं और वज़न बढ़ जाता है.

टीवी देखते हुए भोजन करने के नुक़सान

  • एक दिन में दो घंटे से ज़्यादा टीवी देखने से मोटापा बढ़ने की संभावना 20 प्रतिशत बढ़ जाती हैं.
  • टीवी पर लगातार रोने-धोने वाले सीरियल्स देखने से हार्ट और बल्ड प्रेशर से संबंधित समस्याएं भी हो सकती हैं.
    क्या करें?
    टीवी देखते समय बीच-बीच में जॉगिंग, स्ट्रेचिंग, ब्रीदिंग आदि एक्सरसाइज़ करने से मोटापा घटाया जा सकता है.

2) लंबे समय तक भूखा रहना
जल्दी-जल्दी में घर से निकलते वक़्त कई बार हम भूखे पेट ही निकल जाते हैं. घर पर रहकर भी कई बार हम लंबे समय तक भूखे ही रहते हैं. ऐसे में लंबे अंतराल के कारण शरीर में पोषक तत्वों की कमी हो जाती है.

लंबे समय तक भूखा रहने के नुक़सान

  • शरीर में ब्लड शुगर की मात्रा कम होने की संभावना बढ़ जाती है.
  • ब्रेन को सही समय पर ग्लूकोज़ न मिलने के कारण स्वभाव चिड़चिड़ा हो जाता है.
  • लंबे समय तक खाली पेट रहने के बाद ढेर सारा खाना खाने से एसिडिटी, आलस्य आदि की शिकायत भी हो सकती है.
    क्या करें?
    समय पर भोजन करें और एक निश्‍चित डायट लें.

3) जल्दी-जल्दी खाना
खाने को बिना चबाए या जल्दी-जल्दी खाने से भी मोटापा बढ़ने की संभावना रहती है. ऐसा करने से पेट तक यह मैसेज नहीं पहुंच पाता कि आप क्या खा रही हैं? इससे पाचन क्रिया प्रभावित होती है. इसके अलावा पेट भर गया है या नहीं इसकी सूचना भी दिमाग़ तक देर से पहुंचती है और आप ज़रूरत से ज़्यादा खा लेती हैं.

जल्दी-जल्दी खाने के नुक़सान

  • पाचन शक्ति कम हो जाती है.
  • पेट दर्द की शिकायत भी हो सकती है.
    क्या करें?
    भूख के अनुसार सीमित मात्रा में खाएं. खाना खाते समय कोई और काम न करें. अगर थोड़ी देर बाद फिर भूख लगे तो फल या हेल्दी स्नैक्स खा सकती हैं.

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4) ब्रेकफास्ट न करना
रात के भोजन और ब्रेकफास्ट के बीच 8 से 12 घंटों का अंतराल दिमाग़ और मसल्स को कमज़ोर कर देता है. ऐसे में सुबह का नाश्ता न करना या स़िर्फ एक कप चाय या कॉफी पीना मोटापा बढ़ाता है.

ब्रेकफास्ट न करने के नुक़सान

  • पाचन शक्ति कमज़ोर हो जाती है.
  • कैलोरीज़ घटने की बजाय बढ़ जाती हैं.
  • ऐसा करने से आप ऐनेमिक भी हो सकती हैं.
  • शरीर में एनर्जी कम हो जाती है.
    क्या करें?
    हेल्दी ब्रेकफास्ट ज़रूर लें. दिनभर के अन्य भोजन की तुलना में ब्रेकफास्ट में हेल्दी चीज़ों की मात्रा ज़्यादा रखें.
Bad Habits

5) पर्याप्त नींद न लेना
रात को देर से सोना और सुबह जल्दी उठ जाना भी मोटापे का कारण होता है.

पर्याप्त नींद न लेने के नुक़सान

  • रात को खाया गया खाना पचता नहीं है.
  • इंसोम्निया (अनिद्रा) की शिकार हो सकती हैं.
  • शरीर का एनर्जी लेवल कम हो जाता है.
  • दिमाग़ विचलित होने के कारण डिप्रेशन भी हो सकता है.
    क्या करें?
    अपना हर काम सही समय पर करने की कोशिश करें, ताकि आप समय पर सो और उठ सकें. प्रतिदिन 7-8 घंटे की नींद ज़रूर लें.

6) फास्ट फूड का सेवन
मोटापा बढ़ने का यह भी एक मुख्य कारण है. फास्ट फूड में कैलोरीज़ की मात्रा बहुत ज़्यादा होने के कारण इनका सेवन करने से मोटापा बढ़ता है.

फास्ट फूड के नुक़सान

  • हार्ट संबंधित बीमारियां हो सकती हैं.
  • डायबिटीज़ होने का डर रहता है.
    क्या करें?
    हफ़्ते में स़िर्फ एक बार फास्ट फूड खाएं और एक्स्ट्रा चीज़ का सेवन न करें. तले हुए फास्ट फूड की बजाय रोस्टेड या बेक्ड फास्ट फूड खाएं.

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7) खाना खाने के तुरंत बाद सो जाना
रात को भोजन देर से करना, ज़्यादा मात्रा में खाना व खाने के तुरंत बाद सो जाना भी मोटापे का एक कारण है. ऐसा करने से भोजन पच नहीं पाता और शरीर में फैट बढ़ाता है.

खाना खाने के तुरंत बाद सोने के नुक़सान

  • खाना ठीक से न पचने के कारण गैस की परेशानी हो सकती है.
  • तोंद निकलने लगती है.
    क्या करें?
    खाना खाने के बाद थोड़ा टहलना खाने को पचाने में मदद करता है. खाने के बाद हल्की-फुल्की एक्सरसाइज़ करना भी फायदेमंद होता है.

8) तनाव में ज़्यादा खाना
मानसिक रूप से परेशान होने पर ज़्यादा खाना खाकर अपने ग़ुस्से को ज़ाहिर करना भी मोटापा बढ़ाता है.

तनाव के नुक़सान

  • हाई कॉलेस्ट्रोल, हाई बल्ड प्रेशर और गैस्ट्रोएनटाइटिस होने की संभावना बढ़ जाती है.
    क्या करें?
    तनाव की स्थिति में ज़्यादा खाना खाकर ग़ुस्सा निकालने से अच्छा है वही ग़ुस्सा एक्सरसाइज़ करके निकाला जाए.
Fat Problem

9) अल्कोहल का सेवन
कभी-कभी हेल्दी डायट लेने और एक्सरसाइज़ करने के बावजूद वज़न घटने की बजाय बढ़ जाता है. इसका एक कारण हाई कैलोरीज़ युक्त अल्कोहल का सेवन हो सकता है.

अल्कोहल के सेवन के नुक़सान

  • लीवर में इंफेक्शन हो सकता है.
  • हार्ट अटैक भी हो सकता है.
  • ब्रेन से संबंधित बीमारियां हो सकती हैं.
    क्या करें?
    अल्कोहल का सेवन न करें.

10) दिनभर बैठकर काम करना
ऑफ़िस में लगातार बैठकर काम करने से भी वज़न बढ़ता है.

दिनभर बैठकर काम करने के नुक़सान

  • शरीर में फैट की मात्रा बढ़ जाती है.
  • डायबिटीज़ होने की संभावना बढ़ जाती है.
  • हृदय संबंधी रोग हो सकते हैं.
  • ज़्यादा वज़न के कारण बैक बोन कमज़ोर हो सकती है.
    क्या करें?
    काम के बीच में 2-3 बार कॉफी या बाथरूम जाने के बहाने उठकर अपने शरीर को रिलैक्स करें. लिफ्ट की बजाय सीड़ियों का इस्तेमाल करें और फोन पर बात करते समय वॉक करें.

हेल्दी और फिट रहने के लिए हार्मोन्स का संतुलित रहना बेहद ज़रूरी है. भूख, नींद, सेक्स लाइफ से लेकर मूड तक हार्मोन्स से प्रभावित होते हैं. इतना ही नहीं अगर आपका वज़न लगातार बढ रहा है या बहुत कोशिशों के बाद भी कम नहीं हो रहा है. तो इसके लिए भी कुछ हार्मोन्स ज़िम्मेदार हो सकते हैं.
 
हार्मोन्स में असंतुलन की कई वजहें हो सकती हैं, जिसमें प्यूबर्टी, प्रेग्नेंसी, कुछ दवाओं का सेवन मुख्य वजहें हैं. हार्मोन्स के असंतुलन से शारीरिक-मानसिक स्वास्थ्य तो प्रभावित होता ही है, इससे वेट गेन की प्रॉब्लम भी हो सकती है. इतना ही नहीं, अगर आपके हार्मोन्स का लेवल गड़बड़ हैं तो वेटलॉस भी आपके लिए उतना ईज़ी नहीं होगा. इसलिए ज़रूरी है वज़न बढानेवाले हार्मोन्स को कंट्रोल में रखना.

1. थायरॉइड हार्मोन्स
थायरॉयड ग्लैंड्स का काम टी3, टी4 और कैल्सिटॉनिन हार्मोन्स प्रोड्यूस करना है. ये हार्मोन्स बॉडी का मैटाबोलिज़म मेंटेन करते हैं. अगर शरीर में इन हार्मोन्स का स्राव कम होता है, तो आप हाइपोथायरॉइडिज़म का शिकार हो सकते हैं, जिसका सीधा संबंध वज़न बढने से है.
क्या करें?
– नियमित रूप से थायरॉयड का टेस्ट कराते रहें. डॉक्टर को कंसल्ट करें.
– कच्ची सब्ज़ियां खाने से परहेज़ करें. पकी हुई सब्ज़ी ही खाएं.
– आयोडाइज़्ड नमक इस्तेमाल करें.
– अपने डायट में ज़िंक शामिल करें. ऑयस्टर और कद्दू के बीज ज़िंक के अच्छे स्रोत हैं.
– फिश ऑयल का सेवन करें. विटामिन डी सप्लीमेंट्स लें.
– अगर डॉक्टर ने थायरॉयड के लिए कोई दवा दी है, तो उसे नियमित खाएं.

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2. इंसुलिन
इंसुनिल पैनक्रियाज़ से स्रावित होनेवाला हार्मोन है, जिसका काम ग्लूकोज़ को कोशिकाओं तक पहुंचाना है. इसी ग्लूकोज़ के ज़रिए हमें एनर्जी मिलती है और हम तमाम काम कर पाते हैं. जब शरीर में इंसुलिन की मात्रा कम हो जाती है, तो ग्लूकोज़ शरीर के अन्य भागों में पहुंच नहीं पाता, जिससे शरीर में काम करने की एनर्जी ही नहीं रह जाती. इससे शरीर का ब्लड शुगर लेवल भी प्रभावित होता है, जिससे वेट गेन होता है.
क्या करें?
– ब्लड शुगर लेवल चेक करते रहें. डॉक्टर से कंसल्ट करें.
– बैलेंस डायट लें. लो कार्ब डायट लें.
– स्टे्रस से दूर रहें.
– ज़्यादा से ज़्यादा फल और सब्ज़ियां खाएं.
– शराब-सिगरेट से परहेज़ करें.
– लेट नाइट स्नैकिंग से बचें.
– योग-एक्सरसाइज़ इंसुलिन को नियमित करने में मदद करता है.
– आठ घंटे की नींद ज़रूर लें. कम सोने से हार्मोन्स का बैलेंस गड़बड़ा सकता है, ख़ासकर इंसुलिन लेवल पर इसका सीधा असर होता है.

3. एस्ट्रोजन
एस्ट्रोजन का हाई या लो लेवल दोनों ही वज़न बढने का कारण बन सकता है. ओवेरियन सेल्स द्वारा अधिक मात्रा में एस्ट्रोजन का निर्माण या ऐसे फूड, जो एस्ट्रोजन रिच होते हैं, का सेवन एस्ट्रोजन लेवल को बढा सकते हैं. दरअसल स्वस्थ शरीर उचित मात्रा में इंसुलिन प्रोड्यूस करता है, जिससे ब्लड शुगर लेवल कंट्रोल में रहता है. लेकिन शरीर में एस्ट्रोजन का हाई लेवल ऐसे सेल्स प्रोड्यूस करता है, जो इंसुलिन प्रोड्यूस करते हैं. इससे हमारा शरीर इंसुलिन रेज़िस्टेंट बन जाता है, जिससे ग्लूकोज़ लेवल हाई हो जाता है और वज़न बढने लगता है. जबकि लो एस्ट्रोजन की प्रॉब्लम ज़्यादातर उम्र बढने पर होती है, क्योंकि उम्र बढने के साथ एस्ट्रोजन प्रोडक्शन कम हो जाता है. एस्ट्रोजन प्रोड्यूस करने के लिए शरीर फैटी सेल्स का इस्तेमाल करता है और पूरी एनर्जी को फैट में कन्वर्ट कर देता है, जिससे वेट गेन होता है.
क्या करें?
– प्रोसेस्ड मीट खाने से बचें. मीट लोकल माकेंट से ही ख़रीदें.
– अल्कोहल से परहेज़ करें.
– नियमित योग-एक्सरसाइज़ करें. स्ट्रेस फ्री रहने की कोशिश करें.
– डायट में ज़्यादा से ज़्यादा साबुत अनाज, फ्रेश वेजीटेबल और फल शामिल करें.
– डॉक्टर से कंसल्ट करें. उन्हें बताएं कि एस्ट्रोजन लेवल मेंटेन रखने के लिए आपने लाइफस्टाइल में क्या-क्या बदलाव किए हैं, ताकि वो आपको सही सलाह दे सकें.

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4. टेस्टोस्टेरॉन
आमतौर पर टेस्टोस्टेरॉन को मेल हार्मोन समझा जाता है, लेकिन महिलाओं के शरीर में भी इसका स्राव होता है. टेस्टोस्टेरॉन सेक्स डिज़ायर को मेंटेन करता है, फैट बर्न करता है और हड्डियों व मांसपेशियों को मज़बूत बनाता है. लेकिन बढती उम्र, स्ट्रेस आदि कारणों से कई बार टेस्टोस्टेरॉन का लेवल कम होने लगता है, जिससे मोटापा बढता है.
क्या करें?
– डॉक्टर से कंसल्ट करके टेस्टोस्टेरॉन के लेवल की जांच करवाएं.
– डायट में फ्लैक्स सीड, पंपकिन सीड्स, साबुत अनाज आदि हाई फाइबर वाली चीज़ें शामिल करें. इससे वेटलॉस में भी मदद मिलेगी.
– नियमित एक्सरसाइज़ करें. इससे टेस्टोस्टेरॉन लेवल इंप्रूव होगा और मेटाबोलिज़म भी बूस्ट होगा.
– विटामिन सी, प्रोबायोटिक और मैग्नीशियम सप्लीमेंट्स लें.
– अल्कोहल से परहेज़ करें.
– ज़िंक और प्रोटीन सप्लीमेंट्स लें. इससे आपका टेस्टोस्टेरॉन लेवल ठीक होगा.

5. प्रोजेस्टेरॉन
शरीर के स्मूद फंक्शनिंग के लिए प्रोजेस्टेरॉन ज़रूरी है. लेकिन कई बार स्ट्रेस, मेनोपॉज़ या कॉन्ट्रासेप्टिव पिल्स के सेवन से इसका लेवल कम हो जाता है, जिससे वज़न बढने लगता है.
क्या करें?
– अपने गायनेकोलॉजिस्ट से कंसल्ट करें.
– अगर कॉन्ट्रासेप्टिव पिल्स ले रही हैं तो अपने डॉक्टर से पूछें कि आपके लिए कौन-सा पिल बेहतर होगा.
– प्रोसेस्ड मीट का सेवन न करें.
– नियमित एक्सरसाइज़ करें. प्राणायाम भी फायदेमंद साबित होगा.
– स्ट्रेस से बचें. ज़रूरी हो तो स्ट्रेस मैनेजमेंट थेरेपी की मदद लें.

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स्लिमिंग मंत्र
लाइफ स्टाइलः लाइफस्टाइल में बदलाव लाएं. बिज़ी रूटीन से समय निकालकर एक्सरसाइज़ करें. सही डायट और एक्सरसाइज़ से फिट रहना मुश्किल काम नहीं है.  
जंक फूडः आज के दौर में जंक फूड से पूरी तरह बचना तो मुमकिन नहीं, लेकिन उनमें भी हेल्दी ऑप्शन अपनाए जा सकते हैं. इसके अलावा जंक फूड के लिए हफ्ते या महीने में एक-दो दिन फिक्स कर लें और स़िर्फ उसी समय जंक फूड खाएं.
समय की कमीः बिज़ी लाइफ ने रेडी टु ईट खाना आदत बना दिया है. समय के अभाव ने फास्ट फूड और दो मिनट में बन जाने वाली चीज़ों की डिमांड बढ़ा दी है और इन्हीं चीज़ों से मोटापा बढ़ने लगता है. लेकिन कम समय में भी हेल्दी खाना बनाया जा सकता है जैसे- सूप, सलाद, ओट्स, दलिया आदि. वर्किंग कपल थोड़ी-सी प्लानिंग करके हेल्दी डायट अपना सकते हैं.
स्ट्रेसः तनाव भी वज़न बढ़ने की एक बड़ी वजह है. तनाव में अक्सर हम ज़्यादा खाते हैं. जब भी लगे कि आप तनाव महसूस कर रही हैं, तो एक ग्लास पानी पी लें. साथ ही तनावमुक्त होने के लिए एक्सरसाइज़ करें, जैसे- गहसी सांसें लें, मसल रिलैक्शेसन तकनीक अपनाएं.
नींद की कमीः लेट नाइट जागने की आदत और नींद पूरी न होने से भी मोटापा बढ़ता है. बेहतर होगा कि अपना हर काम समय पर पूरा करने की कोशिश करें ताकि आप समय पर सो सकें और पर्याप्त नींद ले सकें. रोज़ाना 7-8 घंटे की नींद बेहद ज़रूरी है.

मेरी उम्र 27 साल है और रेग्युलर एक्सरसाइज़ व डायटिंग के बावजूद मेरा वज़न बढ़ रहा है. मेरे बाल बहुत झड़ गए हैं और पीरियड्स भी अनियमित हो गए हैं. साथ ही मुझे बहुत ज़्यादा ठंड भी लगती है. डॉक्टर ने पॉलिसिस्टिक ओवेरियन डिसीज़ की जांच के लिए टेस्ट भी करवाया, पर रिपोर्ट्स नॉर्मल आईं. अब उन्हें थायरॉइड की आशंका है और वे मेरा ब्लड टेस्ट कराना चाहते हैं, लेकिन क्या यह थायरॉइड हो सकता है?
– वानी त्रिवेदी, बीकानेर.

थायरॉइड ग्लैंड हमारे गले में स्थित सबसे बड़ा एंडोक्राइन ग्लैंड है, जो थायरॉइड हार्मोंस- टी3 और टी4 का निर्माण करता है. आपके द्वारा बताए गए लक्षणों को देखकर लगता है कि आपको हाइपोथायरॉइडिज़्म है. इसे कंफर्म करने का तरीक़ा स़िर्फ ब्लड टेस्ट ही है, तभी आपके टी3 और टी4 हार्मोंस के लेवल्स का पता चल पाएगा. इसके बाद ही डॉक्टर आपको दवाइयों आदि के बारे में बता पाएंगे.

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 Causes of Irregular Periods
मैं 34 वर्षीया महिला हूं. हाल ही में अल्ट्रा सोनोग्राफी से पता चला है कि मेरे यूटेरस में फायब्रॉइड है. इसके लिए मैं क्या कर सकती हूं? कृपया, मार्गदर्शन करें.
– रोशनी पटवा, कानपुर.

यूटेराइन फायब्रॉइड को मैनेज करने के कई तरी़के हैं. जब ट्रीटमेंट जल्द से जल्द करना हो, तब ज़्यादातर डॉक्टर्स सर्जरी की सलाह देते हैं. आमतौर पर डॉक्टर्स हिस्टेरेक्टॉमी की सलाह देते हैं और अगर महिला मेनोपॉज़ से गुज़र रही हो, तो यूटेरस निकालने की सलाह दी जाती है. और अगर महिला की उम्र कम है और उसकी प्रेग्नेंसी के लिए यूटेेरस और बाकी रिप्रोडक्टिव ऑर्गन्स की ज़रूरत होती है, तो उनका मायमेक्टॉमी किया जाता है. इस प्रक्रिया में स़िर्फ फायब्रॉइड्स को टारगेट करके ख़त्म किया जाता है. इसके लिए डॉक्टर्स हिस्टेरोस्कोप, लैप्रोस्कोप और सर्जरी का सहारा लेते हैं. इसके अलावा लेज़र सर्जरी के ज़रिए फायब्रॉइड को नष्ट करना भी एक ट्रीटमेंट है.

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 Dr. Rajshree Kumar

डॉ. राजश्री कुमार
स्त्रीरोग व कैंसर विशेषज्ञ
[email protected]

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अक्सर मोटापे (Obesity) से बचने के चक्कर में लोग ऐसी आदतें अपना लेते हैं, जो मोटापा कम करने की बजाय बढ़ा देती हैं. भूखे रहना, ठीक से खाना न खाना, फैट्स अवॉइड करना, लो फैटवाली चीज़ें खाना आदि ऐसी आदतें हैं, जो अनजाने में ही आपका मोटापा बढ़ा रही हैं. तो सावधान हो जाइए और इन आदतों (Habits) से बचने की कोशिश कीजिए.

Habits That Make You Fat

1. ब्रेकफास्ट न करना

ज़्यादातर लोग यह ग़लती करते हैं. ब्रेकफास्ट न करने से शरीर का मेटाबॉलिज़्म धीमा हो जाता है, जिससे दोपहर के बाद आप ओवर ईटिंग करना शुरू कर देते हैं. रिसर्च में यह बात साबित हो चुकी है कि जो लोग ब्रेकफास्ट नहीं करते, वो बाकी लोगों के मुक़ाबले 5 गुना तेज़ी से मोटापे के शिकार होते हैं.

2. नींद कम लेना या ज़्यादा

वेक फॉरेस्ट यूनिवर्सिटी के रिसर्चर्स के अनुसार, अगर आप 5 घंटे या उससे कम नींद लेते हैं या फिर 8 घंटे से ज़्यादा सोते हैं, तो बाकी लोगों के मुक़ाबले आपका बेली फैट ढाई गुना तेज़ी से बढ़ेगा.

3. बहुत तेज़ी से खाना

अगर आप खाना देखते ही कंट्रोल नहीं कर पाते और जल्दी-जल्दी खाना खा लेते हैं, तो आप अन्य लोगों के मुक़ाबले ज़्यादा ओवरईटिंग करते हैं. दरअसल, हमारे ब्रेन को यह सिग्नल देने में कि पेट भर गया है 20 मिनट लगते हैं, इसलिए 10 मिनट में खाना ख़त्म न करें, बल्कि धीरे-धीरे चबा-चबाकर 20 मिनट तक खाएं. इससे आप ओवरईटिंग से बच जाएंगे.

4. लो फैटवाली चीज़ें खाना

वेट लॉस करने के लिए ज़्यादातर लोग लो फैटवाली चीज़ें खाना शुरू कर देते हैं, पर उन्हें यह जानकर हैरानी होगी कि कुछ कैलोरीज़ बचाने के चक्कर में वो ज़्यादा कैलोरीज़ खा लेते हैं. दरअसल, लो फैट प्रोडक्ट्स में मैन्युफैक्चरर्स फैट को शक्कर और दूसरे फैट्स से रिप्लेस करते हैं. ज़्यादा शक्कर के कारण आपको तुरंत भूख लग जाती है, जिससे आप आमतौर से डबल खा लेते हैं.

5. रोज़ाना सॉफ्ट ड्रिंक का सेवन

आपको शायद मालूम नहीं होगा कि एक सॉफ्ट ड्रिंक या सोडा में 11-15 ग्राम तक शक्कर होती है. सैन एंटोनियो के रिसर्चर्स ने इस बात का खुलासा किया है कि जो लोग रोज़ाना एक या दो सोडा पीते हैं, बाकी लोगों के मुक़ाबले उनका बेली फैट पांच गुना तेज़ी से बढ़ता है.

6. बहुत ज़्यादा टीवी देखना

जो लोग ज़्यादा टीवी देखते हैं, वो बाकी लोगों के मुक़ाबले ज़्यादा स्नैक्स खाते हैं. फैटी और फ्राइड ये स्नैक्स चुपके-चुपके आपका वज़न बढ़ाते हैं और आपका ध्यान भी नहीं जाता.

7. प्लास्टिक की बॉटल से पानी पीना

इस ओर शायद ही आपने ध्यान दिया हो कि आपकी प्लास्टिक की वॉटर बॉटल कई बीमारियों के साथ-साथ मोटापा भी दे सकती है. प्लास्टिक बॉटल्स में मौजूद बीपीए इसे बढ़ावा देते हैं, इसलिए जल्द से जल्द अपनी प्लास्टिक की वॉटर बॉटल को स्टेनलेस स्टील या तांबे से रिप्लेस करें.

8. छोटी-छोटी बातों पर स्ट्रेस

स्ट्रेस होने पर अक्सर लोगों को अनहेल्दी चीज़ें खाने की क्रेविंग होती है. इस चक्कर में वे ओवरईटिंग कर लेते हैं. इसे स्ट्रेस ईटिंग कहते हैं. स्ट्रेस ईटिंग कब आपकी आदत में शुमार हो जाता है, आपको पता भी नहीं चलता और आप मोटापे के शिकार हो जाते हैं.

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Habits That Make You Fat

9. बड़ी प्लेट में खाना

एक स्टडी में यह पाया गया कि अगर ऑप्शन दिया जाए, तो 98.6% लोग खाने के लिए बड़ी प्लेट उठाते हैं. बड़ी प्लेट यानी ज़्यादा खाना और ज़्यादा कैलोरीज़ यानी कुल मिलाकर आपका बढ़ता मोटापा. कोशिश करें कि छोटी प्लेट में खाएं, चाहें, तो दोबारा ले लें, पर बड़ी प्लेट अवॉइड करें.

10. पर्याप्त पानी न पीना

पर्याप्त पानी पीने से हमारे बॉडी के सभी फंक्शन्स सुचारु रूप से चलते रहते हैं, पर कम पानी पीने से इनमें समस्या आती है. जब शरीर में पानी की कमी होती है, तो उसकी जगह बॉडी फैट लेने लगता है, जो मोटापे का कारण बनता है.

11. एक्सरसाइज़ न करना

अगर आप सही तरी़के से डायट नहीं फॉलो कर पा रहे हैं, तो कम से कम हफ़्ते में 5 दिन रोज़ाना 45 मिनट तक एक्सरसाइज़ करें. अगर आप यह भी नहीं करेंगे, तो रोज़ाना की एक्स्ट्रा कैलोरीज़ से बढ़नेवाले मोटापे के लिए किसी को दोष नहीं दे पाएंगे.

12. हेल्दी फैट्स से भी दूरी

मोटापे से बचने के लिए बहुत से लोग फैट्स से एकदम दूर रहते हैं, जबकि फ्लैक्स सीड्स और ड्रायफ्रूट्स से मिलनेवाले फैट्स न स़िर्फ हेल्दी होते हैं, बल्कि स्लिम बने रहने में भी आपकी मदद करते हैं, इसलिए अपने रोज़ाना के डायट में हेल्दी फैट्स को शामिल करें.

13. नमक को अनदेखा करना

रिसर्च में यह बात सामने आई है कि बहुत से लोग ज़रूरत से ज़्यादा क़रीब 50% अधिक नमक का सेवन रोज़ाना करते हैं. पैक्ड फूड, प्रोसेस्ड फूड और वेफर्स जैसे स्नैक्स में सोडियम की मात्रा बहुत अधिक होती है. नमक हमारे शरीर में न स़िर्फ वॉटर रिटेंशन बढ़ाता है, बल्कि मोटापे को भी बढ़ाता है.

14. न्यूट्रीशन लेबल न देखना

मार्केट में कुछ भी ख़रीदते व़क्त हम पैकेट के आगे देखते हैं, कभी पलटकर पैकेट के पीछे नहीं देखते, वरना हमें पता चल जाए कि उस प्रोडक्ट में कितनी शक्कर, कितना सोडियम, कितना फैट और कितनी कैलोरीज़ हैं. अगली बार कोई भी स्नैक्स का पैकेट ख़रीदें, तो उसमें मौजूद शक्कर, कैलोरीज़ की मात्रा यकीनन आपको चौंका देगी. आपने सोचा भी नहीं होगा कि अनजाने में आपने कितनी कैलोरीज़ का ओवरडोज़ कर लिया.

15. खाने के तुरंत बाद सो जाना

ज़्यादातर लोग खाना खाते ही बिस्तर पर लुढ़क जाते हैं, जबकि डॉक्टर्स भी कहते हैं कि खाने के 2 घंटे बाद सोएं. इससे हमारे शरीर को खाने को पचाने के लिए समय मिल जाता है, लेकिन ऐसा न करने से हम ख़ुद अपना ही नुक़सान कर बैठते हैं.

– सुनीता सिंह

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अगर आपकी नई-नई शादी (New Marriage) हुई है और अचानक से अपने बढ़े हुए वज़न (Increased Weight) को लेकर आपके मन में कई सवाल उठे हैं और आप परेशान हैं, तो परेशान न हों. आपके सभी सवालों के जवाब यहां आपको मिलेंगे कि आख़िर शादी के बाद आपका वज़न इतनी तेज़ी से क्यों बढ़ा है? द ओबेसिटी जर्नल में प्रकाशित एक स्टडी के मुताबिक शादी के 5 साल के भीतर 82% कपल्स का वज़न 5-10 किलो तक बढ़ जाता है. इसमें महिलाओं का वज़न पुरुषों के मुकाबले ज़्यादा तेज़ी से बढ़ता है. लाइफस्टाइल में बदलाव के अलावा और क्या हैं कारण?

Weight Gain After Marriage

1. खानपान की आदतों में बदलाव

आपके मायके और ससुराल के खानपान में अंतर है. मसाले और पकाने की टेक्नीक दोनों जगह अलग है, जिसके कारण आपकी पाचनक्रिया पर इसका प्रभाव पड़ता है. इसके अलावा मायके खाने के बाद टहलना, मॉर्निंग वॉक जैसी चीज़ें आपके रूटीन में शामिल थीं, जो यहां नहीं हैं.

2. अक्सर बाहर खाना

शादी के बाद से ही दोस्तों, रिश्तेदारों के यहां खाने का सिलसिला जो शुरू होता है, वो कई हफ़्तों तक जारी रहता है. इस बीच हनीमून पर आप बेरोक-टोक हर तरह के खाने को एंजॉय करते हैं, जिससे ज़रूरत से ज़्यादा कैलोरीज़ खा लेते हैं.

3. प्राथमिकताएं बदल जाती हैं

शादी के बाद आप पति और ससुरालवालों की पसंद से खाना बनाती हैं और इंप्रेस करने के चक्कर में ख़ूब घी, तेल, मसाला इस्तेमाल करती हैं. इतनी मेहनत से बनाया खाना ख़राब न हो, इस चक्कर में ओवरईटिंग भी कर लेती हैं. समय के साथ बदली ये प्राथमिकताएं आपका वज़न बढ़ाने के लिए ज़िम्मेदार हैं.

4. लापरवाह हो जाती हैं

शादी के दिन स्टनिंग दिखने के लिए खाने-पीने पर ध्यान रखना, एक्सरसाइज़ करना, स्ट्रेस न लेना जैसी चीज़ें शादी के बाद लगभग पूरी तरह बदल जाती हैं. न चाहते हुए भी स्ट्रेस आ ही जाता है और बाकी कामों के चलते एक्सरसाइज़ का व़क्त नहीं मिलता. खाने का समय बदल जाता है और कहीं न कहीं यह सोच घर कर जाती है कि अब तो शादी हो गई, अब क्या फ़र्क़ पड़ता है.

5. नींद की कमी

शादी के बाद सोने का समय और पैटर्न दोनों ही बदल जाते हैं, जिससे नींद पूरी नहीं हो पाती. नींद की कमी भी वज़न बढ़ने का एक कारण है.

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After Marriage

6. पार्टनर का पैंपर करना

शादी के बाद सभी कपल्स एक-दूसरे पर अपना प्यार न्योछावर करने और ख़ुश रखने में कोई कसर नहीं छोड़ते. एक-दूसरे को पैंपर करने के लिए केक, पेस्ट्रीज़, चॉकलेट्स, पिज़्ज़ा, पास्ता जैसी सरप्राइज़ ट्रीट देते रहते हैं. कैलोरीज़ से भरपूर ये फैटी चीज़ें वज़न बढ़ाती हैं.

7. स्ट्रेस ईटिंग करना

शादी के बाद नए माहौल में ढलना थोड़ा मुश्किल होता है, ऐसे में अगर दुल्हन वर्किंग है, तो उसकी ज़िम्मेदारियां और भी बढ़ जाती है. ऑफिस के साथ-साथ घर पर भी अपना बेस्ट देने की कोशिश में हमेशा स्ट्रेस में रहती हैं और स्ट्रेस ईटिंग की शिकार हो जाती है.

8. हार्मोनल बदलाव

लाइफस्टाइल में बदलाव के कारण शरीर में हार्मोनल बदलाव होते हैं, जिसके कारण तेज़ी से वज़न बढ़ता है. इसके अलावा सेक्सुअल एक्टिविटीज़ के कारण होनेवाले हार्मोनल बदलाव भी इसका कारण बनते हैं. हांलाकि कुछ लोग इसे मिथ मानते हैं, पर वज़न बढ़ाने में हार्मोंस का अहम् रोल होता है, यह सभी मानते हैं.

9. मेटाबॉलिक बदलाव

आजकल ज़्यादातर कपल्स 28-30 साल की उम्र में शादी करते हैं. इस समय शरीर के मेटाबॉलिक रेट में बदलाव आता है, जिससे वज़न पहले के मुकाबले ज़्यादा तेज़ी से बढ़ता है.

10. प्रेग्नेंसी

बहुत-सी महिलाएं शादी के बाद ही कंसीव कर लेती हैं, जिससे परिवारवाले उसे पैंपर करने के लिए ओवर न्यूट्रीशियस चीज़ें खिलाते हैं, जिसे  डिलीवरी के बाद भी वो कम नहीं कर पातीं.

वेट कंट्रोल के लिए क्या करें?

– घर में हर कोई खाना खा ले, उसके बाद मैं खाऊंगी वाला एटीट्यूट बदलें. नियमित समय पर खाना खाएं. ओवरईटिंग से बचें.

– अपने लुक्स के प्रति लापरवाह न हों.

– स्ट्रेस ईटिंग से बचने के लिए ख़ुद को ख़ुश रखें.

– एक-दूसरे के साथ ज़्यादा से ज़्यादा समय बिताने के लिए योगा क्लासेस या जिम जॉइन करें.

– अनीता सिंह     

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स्वस्थ रहने के लिए स़िर्फ पौष्टिक चीज़ें खाना व कैलोरी पर ध्यान देना ही ज़रूरी नहीं होता, बल्कि आप खाने के बाद क्या करती हैं? उस पर भी नज़र रखना उतना ही महत्वपूर्ण होता है. हम आपको कुछ ऐसे ही चीज़ों की लिस्ट दे रहे हैं, जो खाने के तुरंत बाद नहीं करनी चाहिए.

सोना

Things Not To Do After Meal
बहुत-से लोग खाने के तुरंत बाद सीधा बेडरूम का रास्ता पकड़ते हैं, जो एकदम ग़लत है. खाने के तुरंत बाद सोने से हमारे शरीर को खाना पचाने में दिकक्त होती है, जिसके कारण उठने के बाद पेट भरा व फूला दिखता है. फलस्वरुप अपचन व वज़न बढ़ने जैसी समस्याएं होती हैं. इसलिए बेहतर होगा कि खाने के आधे-एक घंटे बाद ही सोने जाएं.

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नहाना

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खाने को सही तरह से पचाने के लिए रक्त प्रवाह को पेट की तरफ़ सक्रिय करना ज़रूरी होता है. खाने के तुरंत बाद नहाने से इसका उल्टा होता है. यह रक्त प्रवाह को हाथ व पैरों की तरफ डायवर्ट कर देता है. जिससे पाचन प्रक्रिया प्रभावित होती है व स्वास्थ्य संबंधी दूसरी समस्याएं होती हैं. अतः खाने के बाद कम से कम आधे घंटे तक नहाने की ग़लती न करें.

फल का सेवन

Things Not To Do After Meal
इसमें कोई दो राय नहीं है कि फल हमारे स्वास्थ्य के लिए बहुत फ़ायदेमंद होता है, पर खाने के तुरंत बाद फल का सेवन हानिकारक होता है. क्योंकि ऐसा करने से फल में मौजूद फाइबर अन्य खाद्य पदार्थों के साथ मिल जाता है और पेट में बहुत देर तक बिना पचे ऐसे ही पड़ा है. जिसके कारण बदहज़मी, हीटबर्न, खट्टी डकारें और पाचन से जुड़ी अन्य समस्याएं होती हैं. अतः फल खाना खाने से पहले या एक घंटे बाद खाएं.

घूम्रपान

Things Not To Do After Meal
वैज्ञानिकों के अनुसार, खाने के तुरंत बाद 1 सिगरेट पीना,10 सिगरेट पीने जितना हानिकारक होता है. असल में सिगरेट में मौजूद निकोटिन रक्त में मौजूद ऑक्सिजन में मिल जाता है. यह ऑक्सिजन पाचन में भी मदद करता है. नतीजतन हमारा शरीर सामान्य से ज़्यादा निकोटिन अब्जॉर्ब कर लेता है. विशेषज्ञों के अनुसार, खाने के बाद सिगरेट पीने से बाउल व लंग कैंसर होने का खतरा बढ़ जाता है. अतः खाने के बाद कम से कम 20 मिनट तक भूलकर भी घूम्रपान न करें.

चाय पीना

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खाने, ख़ासतौर पर डिनर के बाद चाय पीने से पाचन प्रक्रिया प्रभावित होती है. चाय या कॉफी में मौजूद टैनिन शरीर में आयरन के विलय की प्रक्रिया को डिस्टर्ब करती है. ख़ासतौर पर यदि आप खाने में प्रोटीन लेती हैं तो चाय में मौजूद एसिड प्रोटीन को हार्ड कर देता है, जिससे उसे पचाने में दिक्कत होती है.

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टहलना

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खाने के 10-20 मिनट बाद टहलने से कैलोरी बर्न होने में मदद मिलती है, लेकिन इससे पहले टहलने से पाचन की प्रक्रिया प्रभावित होती है.

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