weight loss

क्या आप अचानक मोटी हो गई हैं? आपकी लाइफस्टाइल में कोई बदलाव नहीं आया है, आप कोई जंक फूड या तला हुआ खाना भी नहीं खा रहे हैं, आपको समझ नहीं आ रहा है कि आखिर आपका वजन क्यों बढ़ रहा है. क्या आप अपने बढ़े हुए वजन को कम नहीं कर पा रहे हैं? यदि बिना वजह आपका वजन बढ़ रहा है, तो आपको अपने भावनात्मक स्वास्थ्य पर ध्यान देना होगा, क्योंकि मोटापे का इमोशनल कनेक्शन भी होता है. आखिर क्या है मोटापे का इमोशनल कनेक्शन, इसके बारे में बता रही हैं ट्रांसफॉर्मेशन कोच हित्ती रंगनानी.

Lose Weight Naturally

क्या है मोटापे का इमोशनल कनेक्शन?
मोटापा ज्यादा खाने से ही बढ़े ये जरूरी नहीं है, कई बार बेवजह वजन बढ़ने लगता है और स्थिति खतरनाक हो सकती है, क्योंकि ऐसे वजन बढ़ने का संबंध हमारे इमोशनल हेल्थ यानी भावनात्मक स्वास्थ्य से जुड़ा होता है. हमारी भावनाओं का हमारे शरीर पर इतना गहरा प्रभाव पड़ता है कि इससे हमें असाध्य बीमारी तक हो सकती है. स्वस्थ रहने के लिए शरीर ही नहीं, मन के स्वास्थ्य पर भी ध्यान देना जरूरी है. यदि बिना वजह आपका वजन बढ़ रहा है, तो आपको अपने भावनात्मक स्वास्थ्य पर ध्यान देना होगा और इसका उपाय करना होगा.

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मोटापे का इमोशनल कनेक्शन जानने के लिए देखें ट्रांसफॉर्मेशन कोच हित्ती रंगनानी का ये वीडियो:

मोटापा कम करने के लिए अपनाएं ये 10 प्राकृतिक उपाय
मोटापा कम करने का प्राकृतिक तरीक़ा बहुत आसान है, इसके लिए आपको पैसे खर्च करने की भी जरूरत नहीं है. आइए, हम आपको मोटापा कम करने के 10 आसान और असरदार प्राकृतिक उपाय बताते हैं.

1) हेल्दी डायट का पहला मंत्र है दिनभर में थोड़ा-थोड़ा खाना इसलिए पूरे दिनभर में 5 बार खाएं. साथ ही यह भी देखें कि आप किस समय क्या खा रही हैं.
2) रोज़ सुबह उठकर सबसे पहले नींबू का रस और शहद मिला गरम पानी पीएं. अगर आपको अपना कोलेस्ट्रॉल कम करना है, तो गरम पानी में दालचीनी मिला सकती हैं, डायबिटीज़ कम करना है तो मेथी दाना भिगोकर मिला सकती हैं, सर्दी है तो पानी में हल्दी मिला सकती हैं. इन चीज़ों से सेहत अच्छी रहती है, वज़न घटना है और ख़ूबसूरती बढ़ती है.
3) अंकुरित अनाज, गाय का दूध, अंडे, नट्स आदि को अपने सुबह के नाश्ते में शामिल करें. इडली, डोसा, पोहा आदि भी ले सकती हैं.
4) नाश्ता व दोपहर के खाने के बीच में जब थोड़ी भूख होती है, उस समय मौसमी फल खाने चाहिए. ये आपको एनर्जी के साथ-साथ विटामिन्स और मिनरल्स भी प्रदान करते हैं, जिससे रोग-प्रतिरोधक शक्ति भी बढ़ती है. फलों के नियमित सेवन से आपको कम कैलोरी में सभी न्यूट्रीएंट्स मिल जाते हैं और ये वज़न कम करने में मददगार होते हैं.
5) दोपहर के खाने में ज्वारी, बाजरा, नाचनी से बनी रोटी खाएं. साथ ही हरी सब्ज़ियां व सभी प्रकार की दालें खा सकती हैं. भोजन के साथ सलाद भी खाएं. कैलोरीज़ कम करने के लिए रोटी में घी न लगाएं. सब्ज़ियों व दाल में भी कम घी/तेल का तड़का लगाएं. मसाले जैसे- हल्दी, कालीमिर्च, हींग आदि के प्रयोग से भोजन को स्वादिष्ट बनाया जा सकता है. इन मसालों से शरीर का मेटाबॉलिज़्म भी बढ़ता है, जिससे वज़न कम होने में मदद मिलती है.

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6) शाम के नाश्ते में नारियल पानी, छाछ या दही लिया जा सकता है. भूने हुए चने, ब्राउन ब्रेड सैंडविच, फ्रूट आदि भी ले सकती हैं.
7) रात को हल्का खाना जैसे- सूप, सलाद, खिचड़ी आदि लेने से वज़न कम होता है. रात के खाने और सोने में लगभग 3 घंटे का अंतर होना चाहिए.
8) स्लिम और जवां नज़र आने के लिए हेल्दी डायट के साथ-साथ वर्कआउट भी बेहद ज़रूरी है. इसके लिए रोज़ाना एक घंटा मॉर्निंग वॉक, जॉगिंग, एक्सरसाइज़, योग, मेडिटेशन आदि के लिए ज़रूर निकालें.
9) रात में जल्दी सोने और सुबह जल्दी उठने की आदत डालें, ताकि आपको पर्याप्त नींद मिल सके. सुबह जल्दी उठने से आप वर्कआउट के लिए आसानी से समय निकाल पाएंगे.
10) अपनी हॉबीज़ यानी शौक के लिए समय निकालें. हमारे शौक हमें खुश रखते हैं और हमारा तनाव दूर करते हैं, इससे इमोशनल मोटापा नहीं बढ़ता.

टेलीविज़न की मशहूर एक्ट्रेस दीपिका सिंह जितनी ख़ूबसूरत हैं, उतनी ही समझदार भी हैं. ‘दीया और बाती हम’ सीरियल की आईपीएस ऑफिसर संध्या (दीपिका का किरदार) की तरह ही दीपिका भी ज़िंदगी के हर चैलेंज का बहादुरी से सामना करती हैं. बेटे (सोहम) के जन्म के बाद दीपिका सिंह ने 18 किलो वज़न कम (Deepika Singh’s Weight Loss Secrets करके एक बार फिर सबको चौंका दिया है. इतने कम समय में दीपिका ने इतना वज़न कैसे कम किया? आइए, उन्हीं से ही जानते हैं.

दीपिका, आप फिर से पहले की तरह स्लिम-ट्रिम हो गई हैं. आपने इतनी जल्दी वज़न कैसे कम किया? (Deepika Singh’s Weight Loss Secrets)
मैंने वज़न कैसे कम किया, इससे पहले मैं आपको ये बताना चाहती हूं कि मेरा वज़न इतना ज़्यादा कैसे बढ़ गया. मेरा वज़न बढ़ने के ऐसे कई कारण थे, जिन पर मेरा कोई कंट्रोल नहीं था, जैसे-
* प्रेग्नेंसी के दौरान मुझे थायरॉइड की प्रॉब्लम हो गई थी, जिसके कारण मेरा वज़न तेज़ी से बढ़ने लगा था.
* फिर डिलीवरी के बाद मेरे घरवालों ने मुझे ख़ूब खिलाया-पिलाया, ताकि मुझे कमज़ोरी न आ जाए और बच्चे को दूध की कमी न हो.
* हमारे यहां 40 दिन तक घर से बाहर निकलने की इजाज़त नहीं है, इसलिए बैठे-बैठे बज़न और बढ़ने लगा.
* मैंने अपने बच्चे के लिए डाइपर का इस्तेमाल कभी नहीं किया. मुझे लगता है कि पीरियड्स के दौरान जब पांच दिन पैड पहनने में मुझे इतनी परेशानी होती है, तो इतने छोटे बच्चे को डायपर क्यों पहनाया जाए. जन्म के कुछ समय तक वो बार-बार कपड़े गीले करता था इसलिए मेरी नींद पूरी नहीं हो पाती थी, नींद की कमी से भी मेरा वज़न बढ़ने लगा. उस पर सोहम प्री-मैच्योर था इसलिए मैं उसका कुछ ज़्यादा ही ध्यान रखती थी.
* इस तरह मेरा वज़न 54 किलो से लगभग 72 किलो पहुंच गया. बढ़े हुए वज़न के कारण मुझे कमर दर्द की शिकायत भी होने लगी थी.

कब लगा कि अब वज़न कम करना ज़रूरी हो गया है? 
सोहम (बेटे) का जन्म 28 मई को हुआ और जुलाई की शुरुआत में जब मैंने अपना वज़न चेक किया, तो मैं हैरान रह गई. मेरा वज़न बढ़कर 72 किलो हो गया था. फिर 10 जुलाई से मैंने योगा करना शुरू किया था, लेकिन उससे भी बहुत ज़्यादा फर्क नहीं पड़ रहा था. मेरी बॉडी इतनी स्टिफ हो गई थी कि मैं कुछ भी नहीं कर पा रही थी. साथ ही मुझे कमर दर्द भी हो रहा था. मैंने डांस की प्रैक्टिस भी की, लेकिन मैं डांस कर ही नहीं पा रही थी. फिर जब मेरे बर्थडे (26 जुलाई) के दिन मेरी बहन और मां ने मुझसे कहा कि तुम्हारा वज़न कुछ ज़्यादा ही बढ़ने लगा है, तो ये मेरे लिए एक सिग्नल था. उसके बाद से मैंने फिटनेस की तरफ़ ध्यान देना शुरू कर दिया. सोहम के जन्म के ठीक 2 महीने बाद 28 जुलाई से मैंने जिम ज्वाइन कर लिया. हालांकि मैं जिम में बहुत कम टाइम ही बिता पाती थी, क्योंकि मुझे सोहम को दूध पिलाने के लिए जल्दी घर आना होता था. ब्रेस्ट फीडिंग की वजह से मैं वेट ट्रेनिंग तो कर नहीं सकती थी, इसलिए मैं जिम में ट्रेडमिल, क्रॉस ट्रेनर, कार्डियो वगैरह ही करती थी. कई बार मैं ब्रेस्ट पंप से उसके लिए दूध भी रखकर जाती थी. इसके अलावा ब्रेस्ट फीडिंग और डांस के कारण भी मेरा वज़न तेज़ी से कम हो रहा था.

आप क्या डांस की स्पेशल ट्रेनिंग ले रही हैं?
हां, मैं ओड़ीसी डांस सीख रही हूं. हफ्ते में तीन दिन मेरे गुरु सनातन चक्रवर्ती जी मुझे ओड़ीसी डांस सिखाते हैं. मुझे डांस करना बहुत पसंद है. डांस मेरे लिए पूजा की तरह है, इससे मुझे आध्यात्मिक शांति मिलती है. जब भी मैं डांस करती हूं, तो मैं ख़ुद को एक अलग ही दुनिया में पाती हूं. मेरे ख़्याल से डांस एक अच्छी एक्सरसाइज़ है और इससे बहुत ख़ुशी मिलती है. जिम, डांस, योगा, मेडिटेशन के साथ-साथ मैंने अपनी डायट पर भी ख़ास ध्यान देती हूं.

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आपके पूरे दिन का डायट प्लान क्या होता है? (Deepika Singh’s Weight Loss Secrets)
डायटिंग का ये मतलब नहीं है कि ख़ुद को खाने इतना दूर कर लो कि आपकी इमयूनिटी ही ख़राब हो जाए. फिर कल को जब आप कोई चीज़ खाएं तो आपकी बॉडी उसे डाइजेस्ट ही न कर पाए. हर चीज़ खानी चाहिए, लेकिन लिमिट में. साथ ही रेग्युलर एक्सरसाइज़ भी करनी चाहिए, ताकि आपका खाना अच्छी तरह पच जाए. मैं बार-बार नहीं खाती. दिन में 3-4 बार ही खाती हूं, वो भी घर का बना नॉर्मल खाना.
* मैं सुबह छह बजे उठ जाती हूं. सुबह मैं एक बॉटल गर्म पानी में 1-2 टीस्पून दालचीनी पाउडर मिलाकर पीती हूं. ये शरीर के टॉक्सिन बाहर निकालकर शरीर की सफ़ाई का काम करता है. ये इतना अच्छा प्रयोग है कि इसे आप सफ़र के दौरान भी कर सकते हैं. मेरा पानी पीने का भी नियम है. मैं शाम चार बजे तक ख़ूब पानी पीती हूं, उसके बाद ज़रूरत के हिसाब से पीना पीती हूं.
* 8 बजे तक मैं नाश्ता कर लेती हूं. नाश्ते में पोहा या ओट्स में मूंगफली, फ्रूट्स वगैरह डालकर खाती हूं. इससे मैं फ्रूट्स भी उसी समय खा लेती हूं.
* हफ्ते में तीन दिन सुबह दस बजे मेरी डांस क्लास शुरू हो जाती है (हंसते हुए), वो भी सोहम के हिसाब से आगे-पीछे होती रहती है. बाकी के दिन मैं योगा कर लेती हूं. साढ़े ग्यारह बजे तक डांस या योगा करने के बाद मैं शिकंजी (नींबू पानी) या छाछ पीती हूं. मुझे लो बीपी की प्रॉब्लम है इसलिए मैं नमक-शक्कर वाला नींबू पानी पीती हूं. कुछ देर बाद मन हुआ तो सलाद ले लेती हूं, नहीं तो सीधे लंच करती हूं.
* एक-डेढ़ बजे तक मैं लंच कर लेती हूं. लंच में 2 रोटी, 2 सब्ज़ी (एक सूखी और एक रस वाली), दाल, दही, हरी मिर्च, प्याज़… बिल्कुल देसी स्टाइल में खाना खाती हूं मैं. आजकल हमारे घर में राजस्थान से टीट का अचार आया हुआ है, तो मैं अचार भी स्वाद लेकर खा रही हूं.
* शाम पांच बजे मैं चाय के साथ बिस्किट या खाखरा लेती हूं. कई बार चना या मूंगफली खा लेती हूं.
* घर में खाना चाहे कितने बजे भी बने मैं शाम सात बजे अपने लिए दो परांठे बनवा लेती हूं और उन्हें सब्ज़ी या दाल जो भी मिले उसके साथ खा जाती हूं. आजकल आम आए हुए हैं, तो आम के साथ भी खा जाती हूं. सात बजे मैं डिनर कर ही लेती हूं.
* मैं सोहम को ब्रेस्ट फीड कराती हूं इसलिए मुझे 10 बजे फिर भूख लग जाती है. उस समय मैं एप्पल शेक पीती हूं. उसमें मैं फ्लैक सीड्स भी डालती हूं. मुझे एप्पल शेक बहुत पसंद है.
* मैं शुरू से अच्छा खाना खाती हूं. मैंने कभी क्रैश डायट नहीं की. हां, खाना पचाने के लिए मैं रेग्युलर एक्सरसाइज़ हमेशा करती हूं.
* वेट लॉस को लेकर मेरा जो ऑब्ज़रर्वेशन रहा है, वो है टाइमिंग. यदि आप राइट टाइम पर राइट चीज़ें और राइट प्रपोर्शन में खाते हैं, तो आपका वज़न जल्दी घटता है. रागी की रोटी खाओ, घी-तेल मत खाओ… इन सबसे कहीं ज़्यादा ज़रूरी टाइम पर खाना है. आप जिस टाइम पर खाते हैं, रोज़ उसी टाइम पर खाइए. साथ ही ख़ूब पानी पीएं, मैं हमेशा से ख़ूब पानी पीती हूं. साथ ही एक्टिव रहना, रेग्युलर एक्सरसाइज़ करना भी उतना ही ज़रूरी है.
* फिट रहकर, सही डायट लेकर, रेग्युलर एक्सरसाइज़ करके हम बीमारियों से दूर रह सकते हैं, बढ़ती उम्र के संकेतों को कम कर सकते हैं और हमेशा कॉन्फिडेंट नज़र आ सकते हैं.

आपका मां बनने का अनुभव कैसा था?
सच कहूं तो दिया और बाती से भी ज़्यादा मेहनत मां बनने में लगी. मां बनना औरत के लिए एक तरह से ट्रांसफॉर्मेशन का टाइम होता है. आज जब मैं ये सब सोचती हूं तो मुझे बहुत ख़ुशी होती है. मैंने पहले से ही तय कर लिया था कि मेरी डिलीवरी नॉर्मल होगी, मैं बच्चे को अपना दूध ही पिलाऊंगी और उसे डायपर नहीं पहनाऊंगी. मैंने सोहम की देखभाल के लिए मेड नहीं रखी. मुझे डर लगता है कि वो हाइजीन का ख़्याल रखेगी या नहीं. पहले मैंने मेड रखने की कोशिश की थी, लेकिन मुझे उनका काम पसंद नहीं आया. एक बार तो सोहम को आंख में इंफेक्शन हो गया था. मेड्स बच्चे को डाइपर पहनाकर फ्री हो जाती हैं इसलिए मैं अपने बच्चे को उनके हवाले नहीं करना चाहती थी.

क्या प्रेग्नेंसी के दौरान आपको कोई हेल्थ प्रॉब्लम हुई थी?
जैसा कि मैंने पहले भी बताया कि प्रेग्नेंसी के दौरान मुझे थायरॉइड हो गया था, जिसके कारण मेरा वज़न तेज़ी से बढ़ने लगा था. इसके साथ ही मुझे आठवें महीने में ही पेन शुरू हो गए थे, जिसके कारण मुझे रेस्ट करने की सलाह दी गई और डिलीवरी को नौवें महीने तक पोस्टपोन किया गया. मेरी डिलीवरी मेहर अंबे नर्सिंग होम, मुलुंड (मुंबई) में हुई थी. डॉक्टर रीता ने प्रेग्नेंसी के दौरान मुझे हेल्दी डायट और फिट रहने में बहुत मदद की. वो मुझे बताती थी वॉक ज़्यादा किया करो इसलिए मैं खाना खाने के बाद वॉक करती थी. साथ ही उन्होंने मुझे प्रेग्नेंसी के दौरान योगा करने को भी कहा. इन सबसे मेरा वज़न बहुत ज़्यादा नहीं बढ़ा और मेरा स्टेमिना भी अच्छा हो गया. वॉक और योग के कारण डिलीवरी के बाद भी मुझे काफी मदद मिली. यदि आप एक्टिव नहीं हैं, तो आपका स्टेमिना कम हो जाता है, जिससे आप बीमार जैसे दिखने लगते हैं इसलिए प्रेग्नेंट महिलाओं को हमेशा एक्टिव रहना चाहिए. प्रेग्नेंसी के दौरान ब्रीदिंग एक्सरसाइज़ बच्चे और मां को बहुत रिलैक्स करती है.

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Deepika Singh's Weight Loss Secrets
दीपिका सिंह के स्पेशल हेल्थ टिप्स
* जब भी मैं बहुत थक जाती हूं या मुझे लगता है कि मेरी बॉडी को रिलैक्सेशन की ज़रूरत है, तो मैं मेडिटेशन करती हूं. इससे मुझे बहुत अच्छा महसूस होता है.
* मैं बहुत ज़्यादा नहीं सोती. मैं सोने में नहीं, जीने में विश्‍वास करती हूं. मुझे उगता सूरज देखना अच्छा लगता है. सुबह की ताज़ा हवा अच्छी लगती है. मैं हमेशा जल्दी उठती हूं.
* 72 किलो से अब मैं फिर से 54 किलो की हो गई हूं इसलिए मैं बहुत ख़ुश हूं. 18 किलो वज़न घटाकर मैंने अपना टारगेट अचीव कर लिया है. अब मुझे इससे कम वज़न नहीं करना है इसलिए मैं इसे ही मेन्टेन करूंगी. अब मैं शेप में आ गई हूं इसलिए मैंने जिम जाना बंद कर दिया है. अब मैं अपने वज़न को डांस और योगा से बैलेंस कर रही हूं.
* मेटाबॉलिज़्म रेट का सीधा संबंध डायजेशन है. यदि आपका खाना ठीक से पच रहा है, तो आपका मेटाबालिज़्म भी ठीक रहेगा. इसीलिए बॉडी की सफ़ाई ज़रूरी है. दालचीनी पाउडर मिला गरम पानी यही काम करता है.
* मैं खाते समय हमेशा ये सोचती हूं कि आज न जाने कितने लोगों को खाना नहीं मिला होगा, ये सोच मुझे लिमिट में खाने में मदद करती है. आज हमारे पास पैसे ज़्यादा आ गए हैं, लग्ज़री ज़्यादा आ गई है, इसका ये मतलब नहीं कि हम उनका ग़लत फ़ायदा उठाएं.

दीपिका सिंह के ब्यूटी सीक्रेट्स
* मैंने अभी तक अपने बालों को कलर नहीं किया है. पहले कभी-कभार मैं बालों में मेहंदी लगा लेती थी, लेकिन पिछले 2 सालों से मेहंदी भी नहीं लगाई है. प्रेग्नेंसी के दौरान घरवाले कहते थे कि मेहंदी लगाने से कहीं तुमहें सर्दी न हो जाए. अब बच्चे के जन्म के बाद कहते हैं कि कहीं बच्चे को सर्दी न हो जाए इसलिए मैं अभी भी मेहंदी नहीं लगा रही हूं.
* बालों में कलर न करने की वजह ये है कि बाज़ार में भले ही अमोनिया फ्री हेयर कलर उपलब्ध हैं, लेकिन बालों में कलर प्रोटेक्ट करने के लिए जो शैंपू लगाना पड़ता है, उसमें तो केमिकल होता ही है. मैं अपने शरीर पर केमिकल का कम से कम इस्तेमाल करती हूं इसलिए मैं बालों में कलर करने से बचती हूं. मैं बालों के लिए हर्बल शैंपू इस्तेमाल करती हूं.
* शूटिंग के अलावा मैं मेकअप नहीं करती. स्किन केयर के लिए भी मैं देसी उबटन का ही इस्तेमाल करती हूं.
* मैं पल्सेस, चावल, कलौंजी और बादाम को पीसकर पाउडर बनाकर एयर टाइट कंटेनर में रख देती हूं. फिर बाथरूम में ये पाउटर एक बाउल में रखती हूं और इस उबटन को साबुन की तरह लगाकर नहाती हूं. नहाने में मुझे 15 मिनट लग जाते हैं, लेकिन ये संतुष्टि होती है कि मैंने अपने शरीर पर कोई केमिकल नहीं लगाया. बॉडी वॉश या साबुन लगाने के बाद कितना भी पानी डालो, वो बॉडी में रह ही जाता है. उबटन यदि शरीर पर रह भी जाए तो उसका कोई साइड इफेक्ट नहीं होता.
* मैं हल्दी, केसर, दूध, पपीता आदि से लेप बनाकर चेहरे पर लगाती हूं.
* इसके अलावा जब भी टाइम मिलता है, तो मैं आटे में सरसों का तेल मिलाकर बॉडी मसाज भी करती हूं, इससे त्वचा को ग्लो मिलता है.

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मैं अपना अतीत नहीं भूली हूं
मेरा बचपन पहाड़गंज में बीता है, जहां आज भी लोग पानी की किल्लत झेलते हैं. बचपन में जब मैं पहाड़गंज में रहती थी, तो हमारे यहां पानी के टैंकर आते थे. मेरी मां, मैं और मेरी बहनें तीसरी मंज़िल तक बाल्टी से पानी भरकर ले जाते थे. कई बार फिसल भी जाते थे. मैंने लाइट और पानी की बहुत दिक्कत देखी है इसलिए मैं इन्हें कभी वेस्ट नहीं करती. कई बार जब लाइट चली जाती थी, तो हम लैंप में पढ़ाई करते थे. मैं आज भी घर के किसी भी रूम की लाइट, पंखा या एसी कभी खुला नहीं छोड़ती. मैं अपना अतीत नहीं भूली हूं इसलिए आज भी मैं पानी ज़रा भी वेस्ट नहीं करती. मुझे ये लगता है कि मैं अपनी तरह से कोशिश करती रहूंगी. मुझे देखकर कुछ लोग भी बदल सकें, तो मेरे लिए ये बहुत बड़ी बात होगी.

– कमला बडोनी

घर में शादी है, किसी ख़ास पार्टी-फंक्शन में जाना है, लड़के वाले देखने आ रहे हैं… ऐसे कई बहाने हैं जो महिलाओं को झटपट स्लिम नज़र आने के लिए उकसाते हैं… फिर शुरू होती है स्लिम नज़र आने के शॉर्टकट तरीफ़ों की तलाश… स्लिम नज़र आने के शॉर्टकट तरीके जितने लुभावने होते हैं, उतने ही महंगे भी होते हैं… लेकिन महिलाओं पर स्लिम और जवां नज़र आने का इतना प्रेशर होता है कि इसके लिए वो बजट से ज़्यादा ख़र्च करने के लिए भी तैयार रहती हैं… महिलाओं की झटपट स्लिम और जवां नज़र आने की चाहत के कारण ही स्लिमिंग इंडस्ट्री ख़ूब फल-फूल रही है… आइए, जानें फिटनेस के बाज़ार के सच-झूठ.

Weight Management

महिलाओं पर ख़ूबसूरत दिखने का प्रेशर हमेशा से रहा है. ख़ूबसूरत महिलाओं की ख़ातिर बड़े-बड़े युद्ध तक हुए हैं. आज भी ख़ूबसूरती की डिमांड कम नहीं है. शादी का रिश्ता तय होते समय आज भी ख़ूबसूरत लड़कियों को प्राथमिकता मिलती है. ख़ूबसूरती के मापदंड पर स्लिम बॉडी और ख़ूबसूरत-जवां त्वचा आज भी टॉप पर हैं, इसीलिए हर महिला स्लिम और जवां नज़र आना चाहती है. लेकिन ख़ूबसूरती की इस होड़ में कई महिलाएं अपने बजट और शरीर दोनों का नुक़सान कर रही हैं. झटपट स्लिम और जवां नज़र आने के क्या साइइ इफेक्टस हैं तथा प्राकृतिक तरीके से आप कैसे स्लिम और जवां बनी रह सकती हैं, इसके बारे में बता रही हैं डायटीशियन कंचन पटवर्धन.

स्लिम नज़र आने की वजहें
डायटीशियन कंचन पटवर्धन के अनुसार, पहले तो लड़कियां ही स्लिम बॉडी के लिए डायटिंग करती थीं, लेकिन अब महिलाएं भी पीछे नहीं हैं. महिलाएं भी स्लिम-ट्रिम नज़र आने के लिए कुछ भी करने के लिए तैयार रहती हैं. लुक्स और फिटनेस को लेकर इतनी कॉम्पटीशन की कई वजहें हैं, जैसे-

* आजकल मिस, मिसेस, मिस्टर… जैसे कई ब्यूटी पेजेंट्स शुरू हो गए हैं, इनमें हिस्सा लेने के लिए अब लड़कियां, महिलाएं, पुरुष सभी अपने लुक्स और बॉडी पर ख़ास ध्यान देने लगे हैं.
* सोशल मीडिया पर फोटोज़ अपलोड करने और लाइक्स-कमेंट्स की चाह में भी लोग महंगे कपड़े, कॉस्मेटिक्स और स्लिमिंग ट्रीटमेंट्स लेने गुरेज नहीं करते.
* कम समय में झटपट स्लिम-ट्रिम बनाने का प्रलोभन देने वाले विज्ञापनों को देखकर भी महिलाओं के मन में विज्ञापन में दिखाई जाने वाली परफेक्ट बॉडी पाने की इच्छा जागने लगती है. इसके लिए वो अपने बजट से ज़्यादा पैसे खर्च करने के लिए भी तैयार रहती हैं.

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Myths About Weight Loss

 

खतरनाक हो सकता है स्लिमिंग का शॉर्टकट फॉमूला
स्लिम नज़र आने के शॉर्टकट तरीके जितने महंगे होते हैं, उतने ही लंबे भी होते हैं. जब तक आप इस गणित को समझ पाती हैं, तब तक बहुत देर हो चुकी होती है. पहले आप झटपट स्लिम नज़र आने के लिए पैसे ख़र्च करती हैं, फिर उससे हुए नुक़सान की भरपाई करने के लिए ख़र्च करती हैं और ये सिलसिला चलता जाता है. ये एक तरह से साइकिल की तरह काम करता है, जिसके कारण स्लिमिंग इंडस्ट्री फल-फूल रही है. लोग डिमांड करते जा रहे हैं और स्लिमिंग इंडस्ट्री सप्लाई करती जा रही है और इसमें नुक़सान स़िर्फ आपका हो रहा है.

जानें फैट बर्नर के साइड इफेक्ट्स
स्लिमिंग इंडस्ट्री में आजकल फैट बर्नर फैशन में हैं. हर कोई फैट बर्नर का प्रयोग करके स्लिम बॉडी पाना चाहता है, लेकिन कई फैट बर्नर आपके मेटाबॉलिज़्म को इतना बढ़ा देने हैं कि इसके कारण ब्लडप्रेशर, स्ट्रोक्स जैसी बीमारी होने की संभावना तक बढ़ जाती है. कुछ फैट बर्नर इंटेस्टाइन में फैट के एब्ज़ॉर्शन को रोकते हैं, जिससे आपकी बॉडी में फैट एब्ज़ॉर्ब नहीं होता. इससे थोड़े दिनों तक तो सब ठीक चलता है, क्योंकि हमारी बॉडी सुपर कंप्यूटर की तरह होती है, वो अपनी ज़रूरत की चीज़ें कहीं न कहीं से निकाल ही देती है. लेकिन थोड़े समय बाद शरीर में फैट की डेफिशियंसी बढ़ने लगती है. धीरे-धीरे शरीर में फैट की इतनी कमी हो जाती है कि विटामिन ए, डी, ई और के की कमी हो जाती है. इससे आगे चलकर कई हेल्थ प्रॉब्लम्स शुरू हो जाती हैं. विटामिन ए की कमी से इम्यूनिटी कम हो जाती है, विटामिन डी की कमी हड्डियां कमज़ोर हो जाती हैं, विटामिन ई की कमी से फर्टिलिटी और मेमोरी प्रभावित होती है, स्किन प्रॉब्मल्म होने लगती हैं. विटामिन के की कमी से खूब में थक्के जमने की समस्या हो सकती है.

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Facts About Weight Loss

कितने हेल्दी हैं प्रोटीन शेक?
आजकल प्रोटीन शेक का सेवन भोजन के विकल्प के तौर पर किया जाने लगा है. कई मल्टीनेशनल कंपनियों के महंगे प्रोटीन शेक का प्रयोग अमीर घर की महिलाएं ही नहीं, बल्कि मध्यमवर्गीय महिलाएं भी कर रही हैं. ये कंपनियां कहती हैं कि आप स़िर्फ दिन में दो बार ये प्रोटीन शेक पीयो और खाना मत खाओ. एक ग्लास प्रोटीन शेक में करीब 190 कैलोरी होती हैं और ये एक ग्लास शेक पीकर आपका पेट भर जाता है. प्रोटीन शेक पीकर आपको खाने की संतुष्टि तो मिलती है, लेकिन आपके शरीर में फैट एब्ज़ॉर्ब नहीं होता. इटपट स्लिम नज़र आने के लिए महिलाएं इन्हें ख़रीदने के लिए अपने बजट से अधिक ख़र्च तो कर लेती हैं, लेकिन कुछ समय बाद जब ये महिलाएं अपना नॉर्मल खाना खाती हैं, तो इनका वज़न दुगुनी गति से बढ़ने लगता है. ऐसे में इन्हें फिर से वही डायट शुरू करनी पड़ती है और ये साइकिल चलता रहता है. इसके अलावा फिटनेस के इस शॉर्टकट प्रोसेस में फैट से ज़्यादा मसल लॉस होता है. जब आप कम समय में ज़्यादा वज़न घटाती हैं, तो आपके शरीर और चेहरे की त्वचा लूज़ हो जाती है, जिससे जल्दी झुर्रियां आ जाती हैं, चेहरा बेजान दिखने लगता है, डबल चिन की समस्या हो जाती है. बाद में आपको स्किन टाइटनिंग के लिए अलग से खर्च करना पड़ता है, महंगे फेशियल करवाने पड़ते हैं, स्किन टाइटनिंग पैकेज लेने पड़ते हैं.

ये है स्लिम और जवां नज़र आने का प्राकृतिक तरीक़ा
आप अपने मोटापे और बढ़ती उम्र के संकेतों को प्राकृतिक तरी़के से आसानी से रोक सकती हैं. इसके लिए आपको अलग से कुछ भी ख़र्च करने की ज़रूरत नहीं है. आइए, हम आपको स्लिम और जवां बने रहने के आसान और असरदार प्राकृतिक उपाय बताते हैं. स्लिम नज़र आने के शॉर्टकट तरीके अपनाने के बजाय प्राकृतिक तरीके से वज़न घटाएं, जिससे आप हमेशा स्लिम और सुंदर बनी रहेंगी.

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Myths And Facts About Weight Loss

* हेल्दी डायट का पहला मंत्र है दिनभर में थोड़ा-थोड़ा खाना इसलिए पूरे दिनभर में 5 बार खाएं. साथ ही यह भी देखें कि आप किस समय क्या खा रही हैं.
* रोज़ सुबह उठकर सबसे पहले नींबू का रस और शहद मिला गरम पानी पीएं. अगर आपको अपना कोलेस्ट्रॉल कम करना है, तो गरम पानी में दालचीनी मिला सकती हैं, डायबिटीज़ कम करना है तो मेथी दाना भिगोकर मिला सकती हैं, सर्दी है तो पानी में हल्दी मिला सकती हैं. इन चीज़ों से सेहत अच्छी रहती है, वज़न घटना है और ख़ूबसूरती बढ़ती है.
* अंकुरित अनाज, गाय का दूध, अंडे, नट्स आदि को अपने सुबह के नाश्ते में शामिल करें. इडली, डोसा, पोहा आदि भी ले सकती हैं.
* नाश्ता व दोपहर के खाने के बीच में जब थोड़ी भूख होती है, उस समय मौसमी फल खाने चाहिए. ये आपको एनर्जी के साथ-साथ विटामिन्स और मिनरल्स भी प्रदान करते हैं, जिससे रोग-प्रतिरोधक शक्ति भी बढ़ती है. फलों के नियमित सेवन से आपको कम कैलोरी में सभी न्यूट्रीएंट्स मिल जाते हैं और ये वज़न कम करने में मददगार होते हैं.

बढ़ा हुआ पेट कम करने के लिए करें ये 4 योगासन, देखें वीडियो:

* दोपहर के खाने में ज्वारी, बाजरा, नाचनी से बनी रोटी खाएं. साथ ही हरी सब्ज़ियां व सभी प्रकार की दालें खा सकती हैं. भोजन के साथ सलाद भी खाएं. कैलोरीज़ कम करने के लिए रोटी में घी न लगाएं. सब्ज़ियों व दाल में भी कम घी/तेल का तड़का लगाएं. मसाले जैसे- हल्दी, कालीमिर्च, हींग आदि के प्रयोग से भोजन को स्वादिष्ट बनाया जा सकता है. इन मसालों से शरीर का मेटाबॉलिज़्म भी बढ़ता है, जिससे वज़न कम होने में मदद मिलती है.
* शाम के नाश्ते में नारियल पानी, छाछ या दही लिया जा सकता है. भूने हुए चने, ब्राउन ब्रेड सैंडविच, फ्रूट आदि भी ले सकती हैं.
* रात को हल्का खाना जैसे- सूप, सलाद, खिचड़ी आदि लेने से वज़न कम होता है. रात के खाने और सोने में लगभग 3 घंटे का अंतर होना चाहिए.
* स्लिम और जवां नज़र आने के लिए हेल्दी डायट के साथ-साथ वर्कआउट भी बेहद ज़रूरी है. इसके लिए रोज़ाना एक घंटा मॉर्निंग वॉक, जॉगिंग, एक्सरसाइज़, योग, मेडिटेशन आदि के लिए ज़रूर निकालें.

– कमला बडोनी

कुछ महीनों पहले टीवी एक्ट्रेस छवि मित्तल दूसरी बार मां बनी हैं. उन्होंने 13 मई को बेटे को जन्म दिया. छवि सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव रहती हैं. उन्होंने प्रेग्नेंसी के दौरान भी अपने फैन्स के साथ अपनी पूरी जर्नी शेयर की. वे प्रेग्नेंसी के समय वर्कआउट वीडियोज़ शेयर करके फैन्स को फिट व ऐक्टिव रहने के लिए प्रोत्साहित करती रहती थीं. छवि ने प्रेग्नेंसी से जुड़े कई मिथक से पर्दा हटाया. छवि ने मां बनने की परिभाषा को पूरी तरह बदल दिया. गर्भावस्था के दौरान महिलाएं किस तरह की समस्याओं से गुजरती हैं, छवि ने उस पर भी कई पोस्ट लिखे और इसके लिए उन्हें बहुत सराहा गया. बेटे के जन्म के बाद भी छवि अपनी लाइफ के बारे में व बच्चे के जन्म के बाद आनेवाली परेशानियों का जिक्र करती रहती थीं.  हाल ही में छवि ने इंस्टाग्राम पर बिफोर एंड आफ्टर प्रेग्नेंसी की कोलाज पिक्चर शेयर की. इस फोटो को देखकर साफ अंदाजा लगाया जा सकता है कि छवि ने अपनी प्रेग्नेंसी वेट से पूरी तरह छुटकारा पा लिया है. फोटो में वे  काफी हॉट व फ्रेश दिख रही हैं.

Chhavi Mittal

 

इंस्टाग्राम पर यह फोटो शेयर करते हुए छवि ने पोस्ट लिखा. उन्होंने बताया पोस्ट प्रेग्नेंसी वेट लॉस एक कभी न खत्म होनेवाला सफर है. इस पिक्चर को देखकर मुझे एहसास हो रहा है कि मैं तो अब भूल भी चुकी हूं कि मेरा बेबी बम्प कितना बड़ा था. उस दौरान मैं बहुत थकी हुई महसूस करती थी. अब मैं फिर से प्रेग्नेंसी के बाद वजन कम करने की बात करती हूं. बहुत महिलाएं मुझसे पूछती हैं कि मैंने इतना वजन कम कैसे किया. वैसे मैं फिलहाल बहुत ज़्यादा नहीं कर रही हूं, क्योंकि बच्चा छोटा है. लेकिन फिलहाल में सिर्फ एक ही चीज़ पर ध्यान देती हूं वो है अनुशासन. मैं शक्कर नहीं खाती और मैंने डेयरी प्रोडक्ट्स लेना बंद कर दिया है. हां, दूध पीने से दूध नहीं बनता, जैसे अंडे खाने से कोई अंडे नहीं दे सकता. मुझे 4 किलो और कम करना है, हालांकि सी सेक्शन के बाद बॉडी पहले जैसी नहीं रहती. सर्जरी के तीन महीने बाद भी मैं स्ट्रगल कर रही हूं. लेकिन जल्द ही सब ठीक हो जाएगा और अच्छे दिन वापस आएंगे. दो सिर्फ डायट में दो चीज़ें अवॉइड से किलो से ज़्यादा इंचेज में लूज कर रही हूं. इसलिए मैं खुश हूं. यानी छवि मित्तल ने साफ-साफ बताया कि शक्कर छोड़ने और डेयरी प्रोडक्ट्स का त्याग करके आसानी से वजन कम किया जा सकता है.

Chhavi Mittal

35 साल की छवि ने साल 2005 में टीवी डायरेक्टर मोहित हुसैन से शादी की थी । साल 2012 में छवि ने एक बेटी अरीजा को जन्म दिया था.

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मोटापे (Fats) से परेशान लोग कुछ भी खाने से डरते हैं. ऐसे में नेगेटिव कैलोरी फूड्स (Negative Calorie Foods) इनकी मुश्क़िल को काफ़ी हद तक कम कर सकते हैं. निगेटिव कैलोरी फूड्स, वे खाद्य पदार्थ हैं, जिनमें कैलोरीज़ की मात्रा बहुत कम होती है. इन्हें खाने से शरीर में जमा फैट तेज़ी से कम होने लगता है. अगर आप वज़न कम (Reduce Weight) करने के लिए स्ट्रगल कर रहे हैं तो एक्सरसाइज़ के साथ-साथ खाने में निगेटिव कैलोरीज़ फूड्स को शामिल कीजिए. लेकिन एक बात दिमाग़ में ज़रूर रखें कि केवल इन खाद्य पदार्थों की मदद से वज़न कम नहीं हो सकता, इसके साथ एक्सरसाइज़ करना बहुत ज़रूरी है..

How To Lose Weight

सेब

Apple
सेब में भरपूर मात्रा में फाइबर होता है और इसमें कैलोरीज़ बहुत कम होती हैं. 100 ग्राम सेब में केवल 50 कैलोरीज़ होती हैं. साथ ही इसमें पेक्टिन तत्व पाया जाता है, जो बेहतर डाइजेशन के साथ ही वेट लॉस के लिए भी बहुत ज़रूरी है. लेकिन पूरा फ़ायदा उठाने के लिए सेब को छिलके के साथ खाना चाहिए.

ब्रोकोली

 Broccoli
यह लो कैलोरी और हाई फाइबर फूड है. इसमें भरपूर मात्रा में एंटीऑक्सीडेंट होता है. अगर वज़न कम करना है तो ब्रोकोली को अपने डायट में शामिल कीजिए.

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तरबूज

watermelon
तरबूज में भी बहुत कम कैलोरीज़ होती हैं. साथ ही यह हमारी बॉडी को डिटॉक्स करने का काम करता है, जिससे हमारा इम्यून सिस्टम और मेटाबॉलिक रेट बेहतर होता है. नतीजतन वेट कम होना शुरू हो जाता है. इसमें लाइकोपिन पाया जाता है जो दिल और ब्लड सर्कुलेशन के लिए भी बेहतर होता है.

आलू

potato
अगर आलू को भूनकर या उबालकर खाया जाए तो ये भी निगेटिव कैलोरी फूड की लिस्ट में आता है. एक आलू में केवल 58 कैलोरीज़ होती हैं. इससे खाने से पेट भी भरता है और कैलोरीज़ भी कम मिलती हैं. आलू पोटैशियम, विटामिन बी6 और सी का अच्छा स्रोत है, जो वज़न कम करने में मदद करता है.

खीरा

Cucumber
100 ग्राम खीरा में कुल 16 कैलोरीज़ होती हैं. आप इसे सलाद के रूप में जितना मन चाहे उतना खा सकते हैं. इसमें ढेर सारे मिनरल्स, विटामिन्स और एलेक्ट्रोलाइट्स होते हैं, जो शरीर को हाइड्रेट करने में मदद करते हैं.

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जिम में कड़ी एक्सरसाइज़ और कठोर डायट प्लान फॉलो करने के बाद भी यदि आपका वज़न कम (Weight Loss) नहीं हो रहा है, तो निराश होने की ज़रूरत नहीं है… ज़रूरत है तो बस, अपने स्मार्टफोन में वेट लॉस ऐप्स (Weight Loss Apps) डाउनलोड करने की. ये ऐप्स न केवल आपके वज़न और डायट पर पैनी नज़र रखेंगे, बल्कि आपके द्वारा ली जानेवाली कैलोरीज़ की जानकारी भी देंगे.

Best Weight Loss Apps

Lose It! (लूज़ इट!)

इस ऐप का मुख्य उद्देश्य वेट लॉस के दौरान आपकी डायट पर कड़ी नज़र रखना है. लूज़ इट! की मदद से आप अपनी उम्र, वज़न और फिटनेस से जुड़े लक्ष्यों को आसानी से हासिल कर सकते हैं. इस ऐप को डाउनलोड करने के बाद उसमें आपको अपना मौजूदा वज़न टाइप करना होगा. आप कितना वज़न कम करना चाहते हैं, वो लिखना होगा. इसके बाद यह ऐप आपको बताएगा कि अपने लक्ष्य को पाने के लिए आपको प्रतिदिन कितनी कैलोरीज़ चाहिए. इस ऐप की विशेषता ये है कि इसमें उपलब्ध कराए गए फूड प्रोडक्ट के बारकोड के द्वारा आप यह जान सकते हैं कि उसमें कोैन-कौन से पोषक तत्व कितनी मात्रा में हैं और उस फूड में कितनी कैलोरीज़ हैं.

Weight Watchers (वेट वॉचर्स)

इस ऐप में आपको वेट लॉस करने और उसके बाद उसे मेंटेन करने के अनगिनत विकल्प आसानी से मिल जाएंगे. वास्तव में यह ऐप आपके द्वारा सेवन की जानेवाली शक्कर, कैलोरीज़ और सैचुरेटेड फैट्स बेस्ड खाद्य पदार्थों को अधिक से अधिक ‘पॉइंट्स’ देता है, ताकि आप कैलोरी का सेवन कम से कम करें. वेट वॉचर्स की विशेषता ये है कि यह ऐप व्यक्तिगत रूप से आपके वज़न कम करने के लक्ष्यों को ध्यान में रखकर आपके डायट चार्ट में शामिल खाद्य पदार्थों को पॉइंट्स देता है, ताकि आप ऐसे फूड्स न खाएं, जिनसे आपका वज़न बढ़े. इस ऐप में भी आप बारकोड की मदद से फूड में शामिल पोषक तत्वों की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं.

FatSecret (फैटसीक्रेट)

यह ऐप आपके स्मार्टफोन पर न केवल आपके द्वारा ली जानेवाली दैनिक कैलोरीज़ के सेवन को दिखाता है, बल्कि औसतन मासिक कैलोरीज़ के सेवन को भी दिखाता है. फैटसीक्रेट में आप अपने फूड चार्ट को लॉग इन करने के बाद अपने वज़न को मॉनिटर कर सकते हैं. इस ऐप की ख़ासियत है कि इसमें आप चैट फीचर का इस्तेमाल करके अपने फैटसीक्रेट कम्युनिटी के बाक़ी सदस्यों से चैट कर सकते हैं. इस ऐप में हेल्दी रेसिपीज़ का बहुत बड़ा संग्रह है, जिसे आप सेव कर सकते हैं. इसके अलावा इस ऐप में आपको वेट लॉस से संबंधित टिप्स, लेख व जानकारियां भी मिलेंगी.

HealthyOut (हेल्दीआउट)

अगर आप अपने बढ़े हुए वज़न से परेशान हैं और वेट लॉस करना चाहते हैं, तो हेल्दीआउट आपके लिए बहुत मददगार साबित होगा. इस ऐप को डाउनलोड करके आप अपने वेट लॉस के लक्ष्य को आसान बना सकते हैं और अपने लिए बेस्ट फूड का चुनाव कर सकते हैं. यह ऐप उन लोगों के लिए बहुत उपयोगी है, जो डायट संबंधी फूड के बारे में जानना चाहते हैं या फिर जिन्हें किसी फूड विशेष से एलर्जी होती है.

Fooducate (फूड्यूकेट)

इस वेट लॉस ऐप के द्वारा आप यह जान सकते हैं कि आप जो भोजन खा रहे हैं, वह आपके उपयुक्त है या नहीं. उस भोजन में कितनी कैलोरीज़ और फैट्स हैं, जो आपके वज़न को कम नहीं होने देते हैं. इस ऐप के द्वारा यह जानकारी प्राप्त करने के बाद आप उन फूड्स से दूर रहेंगे, जिनसे आपका वज़न बढ़ सकता है. इसके लिए आपको उस फूड प्रोडक्ट का बारकोड डालना होगा. तुरंत आपके स्मार्टफोन में कैलोरीज़ से जुड़ी सारी जानकारियां आ जाएंगी.

SPARKPEOPLE (स्पार्कपीपल)

इस ऐप में यूज़र को डेली मील, एक्सरसाइज़ और वेट  संबंधी जानकारी प्राप्त करने के लिए ट्रेकिंग टूल के द्वारा लॉग इन करना होता है. इस ऐप का न्यूट्रीशनल डाटाबेस बहुत बड़ा है, जिसमें तीन लाख से भी अधिक खाद्य पदार्थों की लिस्ट है. इस ऐप में बारकोड स्कैनर भी है, जिससे आप फूड की न्यूट्रीशनल वैल्यू को ट्रैक कर सकते हैं. इस ऐप को साइन इन करते समय आपको एक्सरसाइज़ के डेमो फोटोज़ और उनके विवरण भी मिलेंगे, ताकि आप यह जान सकें कि एक्सरसाइज़ के दौरान आपको कौन-कौन-सी तकनीक इस्तेमाल करनी है.

MyFitnessPal (मायफिटनेसपाल)

इस ऐप को एक बार अपने स्मार्टफोन में डाउनलोड करने के बाद मायफिटनेसपाल आपके वज़न, लंबाई, डायट और वेट लॉस के लक्ष्यों का पूरा रिकॉर्ड रखता है. इसके अलावा समय-समय पर अधिक कैलोरीज़वाले फूड न खाने का अलर्ट भी देता है. डायट प्लान के साथ-साथ यह ऐप एक्सरसाइज़ करने के लिए भी प्रेरित करता है. वेट लॉस के दौरान यदि आपका मन घर का बना खाना खाने का नहीं है, तो मायफिटनेसपाल ऐप की मदद से आप अपने एरिया के आसपास के रेस्टोरेंट्स में मिलनेवाले फूड के पोेषक तत्वों के बारे में जान सकते हैं.

ideal weight (आइडियल वेट)

यह ऐप आपके बॉडी मास इंडेक्स (बीएमआई) को कैलकुलेट करता है और इस बात की जानकारी देता है कि आपका आइडियल वज़न कितना होना चाहिए. आइडियल वज़न को जानने के बाद आप अपनी इच्छानुसार एक्सरसाइज़ और डायट प्लान कर सकते हैं. इस ऐप में आप अपनी लंबाई, उम्र और अन्य फैक्टर्स भी ऐड कर सकते हैं.

MYFITNESS (मायफिटनेस)

इस ऐप में आपको न केवल नए-नए फिटनेस टिप्स मिलेंगे, बल्कि वेट लॉस करने के लिए डायट प्लान और खानपान संबंधी बातों की जानकारी और लेख  भी मिलेंगे. इस ऐप की ख़ासियत है कि इसमें आप स्लाइड शो और वीडियो के द्वारा भी दिलचस्प अंदाज़ में जानकारियां प्राप्त कर सकते हैं.

– देवांश शर्मा

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मोटापा कम करने के लिए १० योगासन करके आप कुछ ही दिनों में अपना मोटापा कम (Weight Loss Fast And Naturally) कर सकते हैं. मोटापा कम करने के १० योगासन से आप अपनी बढ़ी हुई तोंद को भी कम कर सकते हैं. स्वस्थ व निरोगी रहने के लिए योग बहुत ज़रूरी है. हम आपको बता रहे हैं मोटापा कम करने के लिए १० योगासन, जिन्हें नियमित रूप से करने से जल्दी ही आपका मोटापा कम हो जाएगा और आपकी तोंद भी कम हो जाएगी.

Weight Loss Fast And Naturally

मोटापा कम करने के लिए कौन-से योगासन करने चाहिए, जानने के लिए देखें ये वीडियो:
* टॉप 4 योगा पोज़ेज़ फॉर वेट लॉस (Top 4 Yoga Poses For Weight Loss)
1) मार्जरासन
2) हस्त दंडासन-चतुरंगा-भुजंगासन
3) नवासन
4) सेतु बंध आसन

बढ़ी हुई तोंद को कम करने के लिए यानी पेट की चर्बी घटाने के लिए कौन-से योगासन करने चाहिए, जानने के लिए देखें ये वीडियो:
* टॉप 4 योगा पोज़ेज़ फॉर फ्लैट टमी (Top 4 Yoga Poses For Flat Tummy) 
1) उत्थित द्विपादासन-नवासन
2) उत्थित द्विपादासन-बद्धकोणासन-सुलभ हलासन
3) हस्तदंडासन-अधोमुख श्‍वानासन
4) अधोमुख श्‍वानासन

सीखें सूर्य नमस्कार करने का सही तरीक़ा (How To do Surya Namaskar)
* स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से सूर्य नमस्कार को सर्वोत्तम अभ्यास माना गया है.
* इससे समस्त अंगों में क्रियाशीलता आती है तथा हार्मोंस संतुलित होते हैं.
* सम्भव हो सके, तो पूर्व दिशा की ओर मुख करके खड़े हो जाएं.
* दोनों हाथों को प्रणामासन की स्थिति में लाएं.
* दोनों पैरों के टखने व अंगूठे मिलाकर रखें.
* श्‍वास अंदर भरकर, हाथों को खोलते हुए कंधे के ऊपर से पीछे की ओर जितना ले जा सकें, ले जाएं (चित्र देखें).
* श्‍वास छोड़ते हुए हाथों को पीछे से सामने की ओर झुकाते हुए पैरों के पास रखें (अगर रख सकें तो).
* पैर घुटने से मुड़ने नहीं चाहिए.
* सिर को घुटने से स्पर्श करने का प्रयास करें.
* नीचे झुकते हुए हाथों को मजबूती से ज़मीन पर लगाएं.
* बाएं पैर को पीछे की ओर ले जाएं. सिर ऊपर की तरफ़ तथा दाहिना घुटना सीने के पास दोनों हाथों के बीच में रहे.
* दाएं पैर को भी पीछे ले जाएं.
* दोनों घुटनों को, चेस्ट को और ठुड्डी को ज़मीन से टच करें.
* श्‍वास भरते हुए आगे की तरफ़ आते हुए सिर को ऊपर की ओर उठाएं. भुजंगासन की तरह श्‍वास छोड़ते हुए सिर को नीचे की ओर करते हुए पेट व कमर के भाग को ऊपर उठाएं और पर्वतासन की स्थिति में आएं (चित्रानुसार).
* एड़ियां ज़मीन से टच होनी चाहिए.
* दाहिने पैर को आगे की ओर करें, दोनों हाथों के बीच लाकर रखें. सिर ऊपर की ओर रहे.
* बाएं पैर को भी आगे लाएं.
* सिर को पुनः घुटनों से स्पर्श करने का प्रयास करें.
* श्‍वास लेते हुए दोनों हाथों को ऊपर ले जाते हुए पीछे की ओर करें.
* और फिर पूर्ववत् यानी प्रणामासन की स्थिति में आ जाएं.
* नीचे झुकते हुए हाथों को मजबूती से ज़मीन
पर लगाएं.
* दायां पैर दोनों हाथों के बीच रखें. घुटना छाती के सामने रखें.
* सिर ऊपर की तरफ़ रखें, अर्द्ध भुजंगासन की तरह.
* दाएं पैर को भी पीछे ले जाएं.
* सिर व गर्दन दोनों हाथों के बीच में रखें.
* इस समय शरीर का सारा वज़न दोनों हाथों और पैरों पर रखें.
* श्‍वास छोड़ते हुए दोनों हाथों को सामने की ओर लाएं और पूर्ववत् प्रणामासन की स्थिति में आ जाएं.
* 3 राउंड से शुरू करें और अपनी क्षमतानुसार राउंड्स बढ़ाएं.

सूर्य नमस्कार करने का सही तरीक़ा जानने के लिए देखें ये वीडियो:

हेल्थ बेनिफिट्स
* सूर्य नमस्कार पेट की चर्बी कम करने के साथ ही कई बीमारियों को दूर करने की क्षमता रखता है.
* विशेषकर मधुमेह, मेरुदण्ड, पाचन संबंधी, समस्त प्रकार के पेट संबंधी विकारों, आमाशय, अग्नाशय, फेफड़ों व हृदय संबंधी विकारों तथा मोटापे से संबंधी समस्या हेतु बहुत उपयोगी है.
* संपूर्ण शरीर में रक्त परिभ्रमण को
सुचारू करता है.
* बल और तेज की वृद्धि करता है.
* मानसिक शांति प्रदान करता है.
* रीढ़ का लचीलापन बढ़ाता है.

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पेट की चर्बी कम करने के लिए ऐसे करें साइक्लिगं: (Weight Loss Fast And Naturally)
* पीठ के बल लेट जाएं.
* बाएं पैर के घुटने को पेट तक लाएं.
* दाहिने पैर को सीधा रखें.
* बाएं पैर को इस तरह घुमाएं, जैसे साइकिल चला रहे हों और फिर सीधा कर लें.
* अब दाहिने पैर से यही क्रिया करें.
* इस प्रकार इस साइक्लिगं की क्रिया को करते रहें.
* 21 से 51 राउंड्स.
* धीरे-धीरे क्षमतानुसार ज़्यादा भी कर सकते हैं.
* फिर विपरीत दिशा में साइक्लिगं करें यानी पहले क्लॉकवाइज़, फिर एंटी क्लॉकवाइज़ करें.

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हेल्थ बेनिफिट्स (Weight Loss Fast And Naturally)
* यह पेट के विकारों के साथ-साथ पेट व कमर की अतिरिक्त चर्बी को कम करता है.
* कूल्हे व घुटने के जोड़ों के दर्द लिए लाभदायक है.
* पैर व जंघा को पुष्ट करता है.
* तेज़ी से वज़न घटाता है.

Simple Weight Loss Tips
आप अगर अपना वज़न कम करना चाहते हैं, तो यहां पर बताए गए इन ईज़ी टिप्स को अपनाएं. (Simple Weight Loss Tips)
1. अदरक-नींबू का पानी वेट लॉस कम करने में मदद करता है. 1 ग्लास पानी में स्वादानुसार नींबू का रस और अदरक का रस मिलाकर पीने से शरीर में जमा फैट कम होता है. नींबू में विटामिन सी होता है, जो पेट की चर्बी को कम करता है.
2. 3 टेबलस्पून साबूत धनिया को 1 ग्लास पानी में उबाल लें. आधा से कम पानी रह जाने पर छान लें. दिन में 2 बार धनिए का पानी पीने से वज़न तेज़ी से कम होने लगता है.
3. अपनी डायट में कॉम्लेक्स कार्बोहाइड्रेट्स, जैसे- गेहूं का चौकर, ज्वार, और बाजरा आदि खाएं.
4. वेट लॉस करने के लिए अपनी डायट में हरी सब्ज़ियां, सीज़नल फ्रूट्स और गेहूं शामिल करें.
5. मैदा और मैदे से बने पदार्थ, जैसे- ब्रेड, नूडल्स, मैक्रोनी और पास्ता आदि को रोज़ाना न खाएं.

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6. डेयरी प्रोक्ट्स, अंडे, मक्खन, देसी घी, नारियल का तेल जैसे फैट्स और कोलेस्ट्रॉल से भरपूर चीज़ें अधिक मात्रा में खाएं.
7. कच्ची सब्ज़ियां और फल से बना सलाद खाएं. इनमें मिनरल्स, विटामिन, और फाइबर अधिक मात्रा में होता है, जो शरीर को सभी पोषक तत्व प्रदान करते हैं
8. सलाद में मौज़दू फाइबर डायजेशन को सही रखता है और मोटापे व दिल संबंधी बीमारियों के होने की संभावना को कम करते हैं.
9. पपीता वेटलॉस करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है. यह शरीर में फैट्स जमा नहीं होने देता है. इसलिए पपीते को अपनी डायट में ज़रूर शामिल करें.
10. खाने में दालचीनी का इस्तेमाल करें. दालचीनी में ऐसे पोषक तत्व होते हैं, जो फैट्स को कम करते है

और भी पढ़ें: वेट लॉस टिप ऑफ द डे

                                                                                                                  – देवांश शर्मा

वेट लॉस टिप ऑफ द डे: 15 ईज़ी वेट लॉस टिप्स
ईज़ी वेट लॉस टिप्स
1. दिन की शुरुआत नींबू पानी या लेमन टी से करें.
2. चाहें तो नींबू पानी भी पी सकते हैं. इसके लिए 1 ग्लास पानी को गुनगुना करके ठंडा होने दें. उसमें नींबू का रस और शहद मिलाकर पीएं. इससे वज़न कम होता है और पाचन तंत्र भी ठीक रहता है.
3. वेट लॉस में त्रिफला पाउडर बहुत फ़ायदेमंद होता है. रात को 1 ग्लास पानी में आधा टीस्पून त्रिफला पाउडर डालकर रखें. सुबह इस पानी को आधा रह जाने तक उबाल लें. छानकर ठंडा होने दें. शहद मिलाकर रखें.
4. लौकी के जूस में पुदीने या तुलसी के पत्तों का रस मिलाकर पीने से वज़न जल्दी कम होता है.
5. वज़न कम करने के लिए भोजन में गेहूं के आटे की रोटी खाने की बजाय जौ-चने के आटे से बनी रोटी खाएं.
6. भोजन में फाइबर युक्त फूड्स- पपीता, सेब, अनान्नास आदि शामिल करें. ये फूड शरीर में फैट्स जमा नहीं होने देते है.

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किनसे बचें?
7. फैटी फूड, जैसे- बर्गर, अरवी, केला और मिठाइयों से दूर रहें.
8. चाय के साथ बिस्किट्स, नमकीन या ब्रेड आदि चीजें न खाएं.
9. अंडा, मीट और सी फूड खाने से बचें.
10. कोल्ड ड्रिंक्स, पैक्ड फूड्स, पैक्ड जूस और ऑयली फूड खाने से बचें.
11. चपाती, चावल और आलू कम खाएं.

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क्या करें?
12. एक ही जगह पर बैठने की बजाय अपनी फिज़िकल एक्टिविटीज़ बढाएं.
13. लंच और डिनर के बाद हमेशा कम-से-कम 10 मिनट की वॉक ज़रूर करें.
14. दिन में 2-3 घंटे सोने की बजाय आधे घंटे का रिलैक्स करें.
15. वज़न कम करनेवाली एक्सरसाइज़, जैसे- स्विमिंग, साइकिलिंग, ब्रिस्क वॉक, स्किपिंग और ऐरोबिक्स आदि करें.

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– देवांश शर्मा

Weight Loss Tip

घर के कामों से वज़न घटाएं
* पोंछा लगाते समय 30 मिनट में 145 कैलोरी खर्च होती है जो ट्रेडमिल पर 15 मिनट दौड़ने के बराबर है.
* कपड़े धोते समय 60 मिनट में 85 कैलोरी बर्न होती है जो 100 सिटअप करने के बराबर है.
* खाना बनाते समय 60 मिनट में 150 कैलोरी खर्च होती है जो 15 मिनट एरोबिक्स करने के बराबर है.
* डस्टिंग करते समय 30 मिनट में 180 कैलोरी खर्च होती है जो 15 मिनट तक साइकिल चलाने के बराबर है.
* गार्डनिंग करते समय 60 मिनट में 250 कैलोरी बर्न होती है जो 25 मिनट सीढ़ी चढ़ने-उतरने के बराबर है.
* बिस्तर लगाते समय 15 मिनट में 66 कैलोरी बर्न होती है जो डेढ़ कि.मी. पैदल चलने के बराबर है.

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जानें वज़न बढ़ने की वजहें
वज़न बढ़ने की वजहें कई हैं, लेकिन व़क्त रहते यदि मोटापे पर कंट्रोल नहीं किया गया, तो कई हेल्थ प्रॉब्लम्स हो सकती हैं इसलिए सबसे पहले वज़न बढ़ने की वजहों को जानना ज़रूरी है.

लाइफ स्टाइल
आधुनिक जीवनशैली ने सुख-सुविधाएं तो बहुत दी हैं, लेकिन उन सुविधाओं का लाभ उठाते हुए लोग शारीरिक श्रम करना ही भूल गए हैं. थोड़ी दूर भी जाना हो तो गाड़ी से ही जाएंगे, पहली मंज़िल पर जाने के लिए भी लिफ्ट का इस्तेमाल करेंगे, दिनभर एसी रूम में आरामकुर्सी से चिपके रहेंगे… लोगों की इन आरामपसंद आदतों ने उन्हें बड़ी-बड़ी बीमारियां दे दी हैं.
आसान है समाधान
बिज़ी दिनचर्या में भी समय निकालकर फिज़िकल एक्सरसाइज़ करना बहुत ज़रूरी है. सही डायट और एक्सरसाइज़ से फिट रहना मुश्किल काम नहीं है. अपनी लाइफ स्टाइल में बदलाव लाकर कोई भी फिट और हेल्दी रह सकता है.

जंक फूड
जंक फूड हमारी ज़िंदगी में इस क़दर शामिल हो गया है कि इसके बिना हम किसी भी सेलिब्रेशन की कल्पना भी नहीं कर सकते और जंक फूड की यही लत मोटापा बढ़ा देती है. बड़े ही नहीं बच्चे भी जंक फूड के आदी हो गए हैं. बड़ों की देखादेखी में अक्सर बच्चे भी पिज़्ज़ा, बर्गर, कोल्ड ड्रिंक आदि जंक फूड की डिमांड करने लगते हैं.
आसान है समाधान
आज के दौर में जंक फूड से पूरी तरह बचना तो मुमकिन नहीं, लेकिन उनमें भी हेल्दी ऑप्शन अपनाए जा सकते हैं. साथ ही जंक फूड के लिए हफ्ते या महीने में एक-दो दिन फिक्स कर लें और स़िर्फ उसी समय जंक फूड खाएं.

समय की कमी
महानगरों में ज़्यादातर पति-पत्नी दोनों नौकरीपेशा होते हैं, ऐसे में समय की कमी के कारण वो रेडी टु ईट खाने को प्राथमिकता देते हैं. समय के अभाव ने फास्ट फूड और दो मिनट में बन जाने वाली चीज़ों की डिमांड बढ़ा दी है और इन्हीं चीज़ों से मोटापा बढ़ने लगता है.
आसान है समाधान
कम समय में हेल्दी खाना बनाया जा सकता है जैसे- सूप, सलाद, ओट्स, दलिया आदि. वर्किंग कपल थोड़ी-सी प्लानिंग करके हेल्दी डायट अपना सकते हैं.

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स्ट्रेस
जी हां, तनाव भी वज़न बढ़ने की एक बड़ी वजह है. तनाव में अक्सर हम ज़्यादा खाते हैं और तनाव के समय मीठा खाने का मन करता है, जिससे मोठापा ज़्यादा बढ़ता है.
आसान है समाधान
जब भी लगे कि आप तनाव महसूस कर रही हैं, तो एक ग्लास पानी पी लें. साथ ही तनावमुक्त होने के लिए एक्सरसाइज़ करें, जैसे- गहसी सांसें लें, मसल रिलैक्शेसन तकनीक अपनाएं या कोई जोक बुक पढ़ें.

नींद की कमी
रात में देर से सोने और सुबह जल्दी उठ जाने से भी मोटापा बढ़ता है. ऐसा करने से रात में खाया हुआ खाना पच नहीं पाता. साथ ही इंसोम्निया (अनिद्रा), डिप्रेशन आदि के शिकार भी हो सकते हैं.
आसान है समाधान
अपना हर काम समय पर पूरा करने की कोशिश करें ताकि आप समय पर सो सकें और पर्याप्त नींद ले सकें. रोज़ाना 7-8 घंटे की नींद बेहद ज़रूरी है.

खाने का शौक
खाने के शौकीन लोग अक्सर भरे-पूरे शरीर वाले होते हैं, क्योंकि उनका खाने पर कोई कंट्रोल नहीं होता. फिर आगे चलकर खाने का ये शौक उन्हें इतना भारी पड़ता है कि उन्हें कई हेल्थ प्रॉब्लम्स होने लगती हैं.
आसान है समाधान
खाने का शौक होना अच्छी बात है, लेकिन इसका ये मतलब नहीं कि जब जो जी में आया खा लिया. यदि आप खाने की शौकीन हैं और अक्सर ज़रूरत से ज़्यादा खा लेती हैं, तो अपने शौक की भरपाई एक्सरसाइज़ करके करें. इससे आपका शौक भी बना रहेगा और आप फिट भी बनी रहेंगी.

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* शाम को भूख लगने पर भरपेट पपीता खाएं. इसमें कैलोरी कम और फाइबर ज़्यादा होता है.
* रात के खाने में रागी की रोटी खाएं. इसमें भरपूर मात्रा में न्यूट्रिएंट्स होते हैं और कैलोरी बहुत कम होती है.
* दालचीनी, लाल मिर्च, कालीमिर्च, अदरक, सरसों आदि मसाले वज़न घटाने में सहायक हैं इसलिए इनका सेवन भी कर सकती हैं.
* पपीता, अनन्नास, सेब, अमरूद, अंगूर, पीच आदि फल भी वज़न कम करने में सहायक हैं.

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किस समय क्या खाएं?
डायटिंग का पहला मंत्र है दिनभर में थोड़ा-थोड़ा खाना. इससे भूख भी नहीं लगती और वज़न भी कम होता है इसलिए पूरे दिनभर में 5 बार खाएं. साथ ही यह भी देखें कि आप किस समय क्या खा रही हैं.

सुबह का नाश्ता
अंकुरित अनाज, गाय का दूध, अंडे, नट्स आदि को अपने सुबह के नाश्ते में शामिल करें. इडली, डोसा, पोहा आदि भी ले सकती हैं.

मिड मील
नाश्ता व दोपहर के खाने के बीच में जब थोड़ी भूख होती है, उस समय मौसमी फल खाने चाहिए. ये आपको एनर्जी के साथ-साथ विटामिन्स और मिनरल्स भी प्रदान करते हैं, जिससे रोग-प्रतिरोधक शक्ति भी बढ़ती है. फलों के नियमित सेवन से आपको कम कैलोरी में सभी न्यूट्रीएंट्स मिल जाते हैं और ये वज़न कम करने में मददगार होते हैं.

दोपहर का खाना
इसमें ज्वारी, बाजरा, नाचनी से बनी रोटी का समावेश करें. हरी सब्ज़ियां व सभी प्रकार की दालों का भी समावेश किया जाना चाहिए. साथ ही सलाद भी खाएं. कैलोरीज़ कम करने के लिए रोटी में घी न लगाएं. सब्ज़ियों व दाल में भी कम घी/तेल का तड़का लगाएं. मसाले जैसे हल्दी, कालीमिर्च, हींग आदि के प्रयोग से भोजन को स्वादिष्ट बनाया जा सकता है. इन मसालों से शरीर का मेटाबॉलिज़्म भी बढ़ता है, जिससे वज़न कम होने में मदद मिलती है.

शाम का नाश्ता
इस समय नारियल पानी, छाछ या दही लिया जा सकता है. भूने हुए चने, ब्राउन ब्रेड सैंडविच, फ्रूट आदि भी ले सकती हैं.

रात का खाना
रात को हल्का खाना जैसे- सूप, सलाद, खिचड़ी आदि लेने से वज़न कम होता है. रात के खाने और सोने में लगभग 3 घंटे का अंतर होना चाहिए.

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Diet Tip For Weight Loss

बढ़ते वज़न से लगभग हर दूसरा व्यक्ति परेशान है, लेकिन कभी समय की कमी, तो कभी व्यस्तता और थकान के कारण हम वेटलॉस के लिए कुछ एक्स्ट्रा नहीं कर पाते. पर अगर रात को सोने से पहले कुछ आसान से नुस्ख़ें आज़माएं (Diet Tip For Weight Loss), तो न स़िर्फ बढ़ते वज़न को कंट्रोल कर सकते हैं, बल्कि वज़न को कम करके फिट भी रह सकते हैं.

पुदीना
पुदीने की ख़ुशबू से भूख कम लगती है और यह कैलोरीज़ बर्न करने में भी मदद करता है, इसलिए रात के खाने में पुदीने का इस्तेमाल करें. साथ ही मिंट की ख़ुशबूवाली कैंडल बेडरूम में जलाएं व तकिए पर मिंट
ऑयल लगाएं.

ग्रीन टी
रात को सोने से पहले ग्रीन टी पीने से शरीर का मेटाबॉलिज़्म बढ़ता है. मेटाबॉलिज़्म बढ़ने से शरीर रात को भी कैलोरीज़ बर्न करने की प्रक्रिया को धीमा नहीं होने देता, जिससे शरीर में एक्स्ट्रा फैट्स नहीं बनते.

Diet Tip For Weight Loss

दूध

रोज़ाना रात को सोने से पहले एक ग्लास गुनगुना दूध ज़रूर पीएं. दूध में मौजूद कैल्शियम और प्रोटीन से पाचन बेहतर होता है. साथ ही इसमें मौजूद पोषक तत्वों से नींद अच्छी आती है और वज़न भी नियंत्रण में रहता है. इसके अलावा आपके दांत और हड्डियां भी मज़बूत होते हैं.

कालीमिर्च
कालीमिर्च में फैट बर्निंग प्रॉपर्टीज़ होती हैं, जो एक्स्ट्रा कैलोरीज़ को बर्न करने में हमारी मदद कर सकती हैं. साथ ही यह मेटाबॉलिज़्म भी बढ़ाता है, जिससे रात में भी कैलोरीज़ बर्न होती हैं. कालीमिर्च शरीर में हाइड्रोक्लोरिक एसिड की मात्रा बढ़ाता है, जिससे पाचन क्रिया बेहतर रहती है. रात के खाने में कालीमिर्च शामिल करें, ताकि रात को भी वज़न घटाने की प्रक्रिया जारी रहे.

हरी मिर्च
एक शोध में यह बात साबित हो चुकी है कि हरी मिर्च खाने से वज़न कम करने में मदद मिलती है. इसमें मौजूद रासायनिक तत्व शरीर में फैट बर्निंग प्रक्रिया को तेज़ करते हैं, जिससे पेट का फैट तेज़ी से कम होता है.

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अमीनो एसिड
अमीनो एसिड से भरपूर डायट वेटलॉस में काफ़ी फ़ायदेमंद साबित होती है. डिनर में आप अमीनो एसिड के गुणों से भरपूर चीज़ें, जैसे- फिश, चिकन, अंडे, दालें, नट्स आदि को शामिल करें. अमीनो एसिड से सुकूनभरी नींद आती है, जिससे आपकी बॉडी अच्छी तरह रिकवर भी करती है और वज़न भी कम करती है.

प्रोटीन शेक लें
रात के खाने के बाद प्रोटीन शेक लें और डिनर में भी प्रोटीन की मात्रा बढ़ा दें. दरअसल, प्रोटीन हैवी होता है, जिसे पचाने के लिए बॉडी को रात को एक्स्ट्रा फैट्स बर्न करने पड़ते हैं. इससे शरीर का मेटाबॉलिक रेट सुबह भी हाई रहता है, जिससे वज़न कम करने में मदद मिलती है.

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                                                                                                  – शैलेंद्र सिंह