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क्या आप अचानक मोटी हो गई हैं? आपकी लाइफस्टाइल में कोई बदलाव नहीं आया है, आप कोई जंक फूड या तला हुआ खाना भी नहीं खा रहे हैं, आपको समझ नहीं आ रहा है कि आखिर आपका वजन क्यों बढ़ रहा है. क्या आप अपने बढ़े हुए वजन को कम नहीं कर पा रहे हैं? यदि बिना वजह आपका वजन बढ़ रहा है, तो आपको अपने भावनात्मक स्वास्थ्य पर ध्यान देना होगा, क्योंकि मोटापे का इमोशनल कनेक्शन भी होता है. आखिर क्या है मोटापे का इमोशनल कनेक्शन, इसके बारे में बता रही हैं ट्रांसफॉर्मेशन कोच हित्ती रंगनानी.

Lose Weight Naturally

क्या है मोटापे का इमोशनल कनेक्शन?
मोटापा ज्यादा खाने से ही बढ़े ये जरूरी नहीं है, कई बार बेवजह वजन बढ़ने लगता है और स्थिति खतरनाक हो सकती है, क्योंकि ऐसे वजन बढ़ने का संबंध हमारे इमोशनल हेल्थ यानी भावनात्मक स्वास्थ्य से जुड़ा होता है. हमारी भावनाओं का हमारे शरीर पर इतना गहरा प्रभाव पड़ता है कि इससे हमें असाध्य बीमारी तक हो सकती है. स्वस्थ रहने के लिए शरीर ही नहीं, मन के स्वास्थ्य पर भी ध्यान देना जरूरी है. यदि बिना वजह आपका वजन बढ़ रहा है, तो आपको अपने भावनात्मक स्वास्थ्य पर ध्यान देना होगा और इसका उपाय करना होगा.

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मोटापे का इमोशनल कनेक्शन जानने के लिए देखें ट्रांसफॉर्मेशन कोच हित्ती रंगनानी का ये वीडियो:

मोटापा कम करने के लिए अपनाएं ये 10 प्राकृतिक उपाय
मोटापा कम करने का प्राकृतिक तरीक़ा बहुत आसान है, इसके लिए आपको पैसे खर्च करने की भी जरूरत नहीं है. आइए, हम आपको मोटापा कम करने के 10 आसान और असरदार प्राकृतिक उपाय बताते हैं.

1) हेल्दी डायट का पहला मंत्र है दिनभर में थोड़ा-थोड़ा खाना इसलिए पूरे दिनभर में 5 बार खाएं. साथ ही यह भी देखें कि आप किस समय क्या खा रही हैं.
2) रोज़ सुबह उठकर सबसे पहले नींबू का रस और शहद मिला गरम पानी पीएं. अगर आपको अपना कोलेस्ट्रॉल कम करना है, तो गरम पानी में दालचीनी मिला सकती हैं, डायबिटीज़ कम करना है तो मेथी दाना भिगोकर मिला सकती हैं, सर्दी है तो पानी में हल्दी मिला सकती हैं. इन चीज़ों से सेहत अच्छी रहती है, वज़न घटना है और ख़ूबसूरती बढ़ती है.
3) अंकुरित अनाज, गाय का दूध, अंडे, नट्स आदि को अपने सुबह के नाश्ते में शामिल करें. इडली, डोसा, पोहा आदि भी ले सकती हैं.
4) नाश्ता व दोपहर के खाने के बीच में जब थोड़ी भूख होती है, उस समय मौसमी फल खाने चाहिए. ये आपको एनर्जी के साथ-साथ विटामिन्स और मिनरल्स भी प्रदान करते हैं, जिससे रोग-प्रतिरोधक शक्ति भी बढ़ती है. फलों के नियमित सेवन से आपको कम कैलोरी में सभी न्यूट्रीएंट्स मिल जाते हैं और ये वज़न कम करने में मददगार होते हैं.
5) दोपहर के खाने में ज्वारी, बाजरा, नाचनी से बनी रोटी खाएं. साथ ही हरी सब्ज़ियां व सभी प्रकार की दालें खा सकती हैं. भोजन के साथ सलाद भी खाएं. कैलोरीज़ कम करने के लिए रोटी में घी न लगाएं. सब्ज़ियों व दाल में भी कम घी/तेल का तड़का लगाएं. मसाले जैसे- हल्दी, कालीमिर्च, हींग आदि के प्रयोग से भोजन को स्वादिष्ट बनाया जा सकता है. इन मसालों से शरीर का मेटाबॉलिज़्म भी बढ़ता है, जिससे वज़न कम होने में मदद मिलती है.

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6) शाम के नाश्ते में नारियल पानी, छाछ या दही लिया जा सकता है. भूने हुए चने, ब्राउन ब्रेड सैंडविच, फ्रूट आदि भी ले सकती हैं.
7) रात को हल्का खाना जैसे- सूप, सलाद, खिचड़ी आदि लेने से वज़न कम होता है. रात के खाने और सोने में लगभग 3 घंटे का अंतर होना चाहिए.
8) स्लिम और जवां नज़र आने के लिए हेल्दी डायट के साथ-साथ वर्कआउट भी बेहद ज़रूरी है. इसके लिए रोज़ाना एक घंटा मॉर्निंग वॉक, जॉगिंग, एक्सरसाइज़, योग, मेडिटेशन आदि के लिए ज़रूर निकालें.
9) रात में जल्दी सोने और सुबह जल्दी उठने की आदत डालें, ताकि आपको पर्याप्त नींद मिल सके. सुबह जल्दी उठने से आप वर्कआउट के लिए आसानी से समय निकाल पाएंगे.
10) अपनी हॉबीज़ यानी शौक के लिए समय निकालें. हमारे शौक हमें खुश रखते हैं और हमारा तनाव दूर करते हैं, इससे इमोशनल मोटापा नहीं बढ़ता.

टेलीविज़न की मशहूर एक्ट्रेस दीपिका सिंह जितनी ख़ूबसूरत हैं, उतनी ही समझदार भी हैं. ‘दीया और बाती हम’ सीरियल की आईपीएस ऑफिसर संध्या (दीपिका का किरदार) की तरह ही दीपिका भी ज़िंदगी के हर चैलेंज का बहादुरी से सामना करती हैं. बेटे (सोहम) के जन्म के बाद दीपिका सिंह ने 18 किलो वज़न कम (Deepika Singh’s Weight Loss Secrets करके एक बार फिर सबको चौंका दिया है. इतने कम समय में दीपिका ने इतना वज़न कैसे कम किया? आइए, उन्हीं से ही जानते हैं.

दीपिका, आप फिर से पहले की तरह स्लिम-ट्रिम हो गई हैं. आपने इतनी जल्दी वज़न कैसे कम किया? (Deepika Singh’s Weight Loss Secrets)
मैंने वज़न कैसे कम किया, इससे पहले मैं आपको ये बताना चाहती हूं कि मेरा वज़न इतना ज़्यादा कैसे बढ़ गया. मेरा वज़न बढ़ने के ऐसे कई कारण थे, जिन पर मेरा कोई कंट्रोल नहीं था, जैसे-
* प्रेग्नेंसी के दौरान मुझे थायरॉइड की प्रॉब्लम हो गई थी, जिसके कारण मेरा वज़न तेज़ी से बढ़ने लगा था.
* फिर डिलीवरी के बाद मेरे घरवालों ने मुझे ख़ूब खिलाया-पिलाया, ताकि मुझे कमज़ोरी न आ जाए और बच्चे को दूध की कमी न हो.
* हमारे यहां 40 दिन तक घर से बाहर निकलने की इजाज़त नहीं है, इसलिए बैठे-बैठे बज़न और बढ़ने लगा.
* मैंने अपने बच्चे के लिए डाइपर का इस्तेमाल कभी नहीं किया. मुझे लगता है कि पीरियड्स के दौरान जब पांच दिन पैड पहनने में मुझे इतनी परेशानी होती है, तो इतने छोटे बच्चे को डायपर क्यों पहनाया जाए. जन्म के कुछ समय तक वो बार-बार कपड़े गीले करता था इसलिए मेरी नींद पूरी नहीं हो पाती थी, नींद की कमी से भी मेरा वज़न बढ़ने लगा. उस पर सोहम प्री-मैच्योर था इसलिए मैं उसका कुछ ज़्यादा ही ध्यान रखती थी.
* इस तरह मेरा वज़न 54 किलो से लगभग 72 किलो पहुंच गया. बढ़े हुए वज़न के कारण मुझे कमर दर्द की शिकायत भी होने लगी थी.

कब लगा कि अब वज़न कम करना ज़रूरी हो गया है? 
सोहम (बेटे) का जन्म 28 मई को हुआ और जुलाई की शुरुआत में जब मैंने अपना वज़न चेक किया, तो मैं हैरान रह गई. मेरा वज़न बढ़कर 72 किलो हो गया था. फिर 10 जुलाई से मैंने योगा करना शुरू किया था, लेकिन उससे भी बहुत ज़्यादा फर्क नहीं पड़ रहा था. मेरी बॉडी इतनी स्टिफ हो गई थी कि मैं कुछ भी नहीं कर पा रही थी. साथ ही मुझे कमर दर्द भी हो रहा था. मैंने डांस की प्रैक्टिस भी की, लेकिन मैं डांस कर ही नहीं पा रही थी. फिर जब मेरे बर्थडे (26 जुलाई) के दिन मेरी बहन और मां ने मुझसे कहा कि तुम्हारा वज़न कुछ ज़्यादा ही बढ़ने लगा है, तो ये मेरे लिए एक सिग्नल था. उसके बाद से मैंने फिटनेस की तरफ़ ध्यान देना शुरू कर दिया. सोहम के जन्म के ठीक 2 महीने बाद 28 जुलाई से मैंने जिम ज्वाइन कर लिया. हालांकि मैं जिम में बहुत कम टाइम ही बिता पाती थी, क्योंकि मुझे सोहम को दूध पिलाने के लिए जल्दी घर आना होता था. ब्रेस्ट फीडिंग की वजह से मैं वेट ट्रेनिंग तो कर नहीं सकती थी, इसलिए मैं जिम में ट्रेडमिल, क्रॉस ट्रेनर, कार्डियो वगैरह ही करती थी. कई बार मैं ब्रेस्ट पंप से उसके लिए दूध भी रखकर जाती थी. इसके अलावा ब्रेस्ट फीडिंग और डांस के कारण भी मेरा वज़न तेज़ी से कम हो रहा था.

आप क्या डांस की स्पेशल ट्रेनिंग ले रही हैं?
हां, मैं ओड़ीसी डांस सीख रही हूं. हफ्ते में तीन दिन मेरे गुरु सनातन चक्रवर्ती जी मुझे ओड़ीसी डांस सिखाते हैं. मुझे डांस करना बहुत पसंद है. डांस मेरे लिए पूजा की तरह है, इससे मुझे आध्यात्मिक शांति मिलती है. जब भी मैं डांस करती हूं, तो मैं ख़ुद को एक अलग ही दुनिया में पाती हूं. मेरे ख़्याल से डांस एक अच्छी एक्सरसाइज़ है और इससे बहुत ख़ुशी मिलती है. जिम, डांस, योगा, मेडिटेशन के साथ-साथ मैंने अपनी डायट पर भी ख़ास ध्यान देती हूं.

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आपके पूरे दिन का डायट प्लान क्या होता है? (Deepika Singh’s Weight Loss Secrets)
डायटिंग का ये मतलब नहीं है कि ख़ुद को खाने इतना दूर कर लो कि आपकी इमयूनिटी ही ख़राब हो जाए. फिर कल को जब आप कोई चीज़ खाएं तो आपकी बॉडी उसे डाइजेस्ट ही न कर पाए. हर चीज़ खानी चाहिए, लेकिन लिमिट में. साथ ही रेग्युलर एक्सरसाइज़ भी करनी चाहिए, ताकि आपका खाना अच्छी तरह पच जाए. मैं बार-बार नहीं खाती. दिन में 3-4 बार ही खाती हूं, वो भी घर का बना नॉर्मल खाना.
* मैं सुबह छह बजे उठ जाती हूं. सुबह मैं एक बॉटल गर्म पानी में 1-2 टीस्पून दालचीनी पाउडर मिलाकर पीती हूं. ये शरीर के टॉक्सिन बाहर निकालकर शरीर की सफ़ाई का काम करता है. ये इतना अच्छा प्रयोग है कि इसे आप सफ़र के दौरान भी कर सकते हैं. मेरा पानी पीने का भी नियम है. मैं शाम चार बजे तक ख़ूब पानी पीती हूं, उसके बाद ज़रूरत के हिसाब से पीना पीती हूं.
* 8 बजे तक मैं नाश्ता कर लेती हूं. नाश्ते में पोहा या ओट्स में मूंगफली, फ्रूट्स वगैरह डालकर खाती हूं. इससे मैं फ्रूट्स भी उसी समय खा लेती हूं.
* हफ्ते में तीन दिन सुबह दस बजे मेरी डांस क्लास शुरू हो जाती है (हंसते हुए), वो भी सोहम के हिसाब से आगे-पीछे होती रहती है. बाकी के दिन मैं योगा कर लेती हूं. साढ़े ग्यारह बजे तक डांस या योगा करने के बाद मैं शिकंजी (नींबू पानी) या छाछ पीती हूं. मुझे लो बीपी की प्रॉब्लम है इसलिए मैं नमक-शक्कर वाला नींबू पानी पीती हूं. कुछ देर बाद मन हुआ तो सलाद ले लेती हूं, नहीं तो सीधे लंच करती हूं.
* एक-डेढ़ बजे तक मैं लंच कर लेती हूं. लंच में 2 रोटी, 2 सब्ज़ी (एक सूखी और एक रस वाली), दाल, दही, हरी मिर्च, प्याज़… बिल्कुल देसी स्टाइल में खाना खाती हूं मैं. आजकल हमारे घर में राजस्थान से टीट का अचार आया हुआ है, तो मैं अचार भी स्वाद लेकर खा रही हूं.
* शाम पांच बजे मैं चाय के साथ बिस्किट या खाखरा लेती हूं. कई बार चना या मूंगफली खा लेती हूं.
* घर में खाना चाहे कितने बजे भी बने मैं शाम सात बजे अपने लिए दो परांठे बनवा लेती हूं और उन्हें सब्ज़ी या दाल जो भी मिले उसके साथ खा जाती हूं. आजकल आम आए हुए हैं, तो आम के साथ भी खा जाती हूं. सात बजे मैं डिनर कर ही लेती हूं.
* मैं सोहम को ब्रेस्ट फीड कराती हूं इसलिए मुझे 10 बजे फिर भूख लग जाती है. उस समय मैं एप्पल शेक पीती हूं. उसमें मैं फ्लैक सीड्स भी डालती हूं. मुझे एप्पल शेक बहुत पसंद है.
* मैं शुरू से अच्छा खाना खाती हूं. मैंने कभी क्रैश डायट नहीं की. हां, खाना पचाने के लिए मैं रेग्युलर एक्सरसाइज़ हमेशा करती हूं.
* वेट लॉस को लेकर मेरा जो ऑब्ज़रर्वेशन रहा है, वो है टाइमिंग. यदि आप राइट टाइम पर राइट चीज़ें और राइट प्रपोर्शन में खाते हैं, तो आपका वज़न जल्दी घटता है. रागी की रोटी खाओ, घी-तेल मत खाओ… इन सबसे कहीं ज़्यादा ज़रूरी टाइम पर खाना है. आप जिस टाइम पर खाते हैं, रोज़ उसी टाइम पर खाइए. साथ ही ख़ूब पानी पीएं, मैं हमेशा से ख़ूब पानी पीती हूं. साथ ही एक्टिव रहना, रेग्युलर एक्सरसाइज़ करना भी उतना ही ज़रूरी है.
* फिट रहकर, सही डायट लेकर, रेग्युलर एक्सरसाइज़ करके हम बीमारियों से दूर रह सकते हैं, बढ़ती उम्र के संकेतों को कम कर सकते हैं और हमेशा कॉन्फिडेंट नज़र आ सकते हैं.

आपका मां बनने का अनुभव कैसा था?
सच कहूं तो दिया और बाती से भी ज़्यादा मेहनत मां बनने में लगी. मां बनना औरत के लिए एक तरह से ट्रांसफॉर्मेशन का टाइम होता है. आज जब मैं ये सब सोचती हूं तो मुझे बहुत ख़ुशी होती है. मैंने पहले से ही तय कर लिया था कि मेरी डिलीवरी नॉर्मल होगी, मैं बच्चे को अपना दूध ही पिलाऊंगी और उसे डायपर नहीं पहनाऊंगी. मैंने सोहम की देखभाल के लिए मेड नहीं रखी. मुझे डर लगता है कि वो हाइजीन का ख़्याल रखेगी या नहीं. पहले मैंने मेड रखने की कोशिश की थी, लेकिन मुझे उनका काम पसंद नहीं आया. एक बार तो सोहम को आंख में इंफेक्शन हो गया था. मेड्स बच्चे को डाइपर पहनाकर फ्री हो जाती हैं इसलिए मैं अपने बच्चे को उनके हवाले नहीं करना चाहती थी.

क्या प्रेग्नेंसी के दौरान आपको कोई हेल्थ प्रॉब्लम हुई थी?
जैसा कि मैंने पहले भी बताया कि प्रेग्नेंसी के दौरान मुझे थायरॉइड हो गया था, जिसके कारण मेरा वज़न तेज़ी से बढ़ने लगा था. इसके साथ ही मुझे आठवें महीने में ही पेन शुरू हो गए थे, जिसके कारण मुझे रेस्ट करने की सलाह दी गई और डिलीवरी को नौवें महीने तक पोस्टपोन किया गया. मेरी डिलीवरी मेहर अंबे नर्सिंग होम, मुलुंड (मुंबई) में हुई थी. डॉक्टर रीता ने प्रेग्नेंसी के दौरान मुझे हेल्दी डायट और फिट रहने में बहुत मदद की. वो मुझे बताती थी वॉक ज़्यादा किया करो इसलिए मैं खाना खाने के बाद वॉक करती थी. साथ ही उन्होंने मुझे प्रेग्नेंसी के दौरान योगा करने को भी कहा. इन सबसे मेरा वज़न बहुत ज़्यादा नहीं बढ़ा और मेरा स्टेमिना भी अच्छा हो गया. वॉक और योग के कारण डिलीवरी के बाद भी मुझे काफी मदद मिली. यदि आप एक्टिव नहीं हैं, तो आपका स्टेमिना कम हो जाता है, जिससे आप बीमार जैसे दिखने लगते हैं इसलिए प्रेग्नेंट महिलाओं को हमेशा एक्टिव रहना चाहिए. प्रेग्नेंसी के दौरान ब्रीदिंग एक्सरसाइज़ बच्चे और मां को बहुत रिलैक्स करती है.

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Deepika Singh's Weight Loss Secrets
दीपिका सिंह के स्पेशल हेल्थ टिप्स
* जब भी मैं बहुत थक जाती हूं या मुझे लगता है कि मेरी बॉडी को रिलैक्सेशन की ज़रूरत है, तो मैं मेडिटेशन करती हूं. इससे मुझे बहुत अच्छा महसूस होता है.
* मैं बहुत ज़्यादा नहीं सोती. मैं सोने में नहीं, जीने में विश्‍वास करती हूं. मुझे उगता सूरज देखना अच्छा लगता है. सुबह की ताज़ा हवा अच्छी लगती है. मैं हमेशा जल्दी उठती हूं.
* 72 किलो से अब मैं फिर से 54 किलो की हो गई हूं इसलिए मैं बहुत ख़ुश हूं. 18 किलो वज़न घटाकर मैंने अपना टारगेट अचीव कर लिया है. अब मुझे इससे कम वज़न नहीं करना है इसलिए मैं इसे ही मेन्टेन करूंगी. अब मैं शेप में आ गई हूं इसलिए मैंने जिम जाना बंद कर दिया है. अब मैं अपने वज़न को डांस और योगा से बैलेंस कर रही हूं.
* मेटाबॉलिज़्म रेट का सीधा संबंध डायजेशन है. यदि आपका खाना ठीक से पच रहा है, तो आपका मेटाबालिज़्म भी ठीक रहेगा. इसीलिए बॉडी की सफ़ाई ज़रूरी है. दालचीनी पाउडर मिला गरम पानी यही काम करता है.
* मैं खाते समय हमेशा ये सोचती हूं कि आज न जाने कितने लोगों को खाना नहीं मिला होगा, ये सोच मुझे लिमिट में खाने में मदद करती है. आज हमारे पास पैसे ज़्यादा आ गए हैं, लग्ज़री ज़्यादा आ गई है, इसका ये मतलब नहीं कि हम उनका ग़लत फ़ायदा उठाएं.

दीपिका सिंह के ब्यूटी सीक्रेट्स
* मैंने अभी तक अपने बालों को कलर नहीं किया है. पहले कभी-कभार मैं बालों में मेहंदी लगा लेती थी, लेकिन पिछले 2 सालों से मेहंदी भी नहीं लगाई है. प्रेग्नेंसी के दौरान घरवाले कहते थे कि मेहंदी लगाने से कहीं तुमहें सर्दी न हो जाए. अब बच्चे के जन्म के बाद कहते हैं कि कहीं बच्चे को सर्दी न हो जाए इसलिए मैं अभी भी मेहंदी नहीं लगा रही हूं.
* बालों में कलर न करने की वजह ये है कि बाज़ार में भले ही अमोनिया फ्री हेयर कलर उपलब्ध हैं, लेकिन बालों में कलर प्रोटेक्ट करने के लिए जो शैंपू लगाना पड़ता है, उसमें तो केमिकल होता ही है. मैं अपने शरीर पर केमिकल का कम से कम इस्तेमाल करती हूं इसलिए मैं बालों में कलर करने से बचती हूं. मैं बालों के लिए हर्बल शैंपू इस्तेमाल करती हूं.
* शूटिंग के अलावा मैं मेकअप नहीं करती. स्किन केयर के लिए भी मैं देसी उबटन का ही इस्तेमाल करती हूं.
* मैं पल्सेस, चावल, कलौंजी और बादाम को पीसकर पाउडर बनाकर एयर टाइट कंटेनर में रख देती हूं. फिर बाथरूम में ये पाउटर एक बाउल में रखती हूं और इस उबटन को साबुन की तरह लगाकर नहाती हूं. नहाने में मुझे 15 मिनट लग जाते हैं, लेकिन ये संतुष्टि होती है कि मैंने अपने शरीर पर कोई केमिकल नहीं लगाया. बॉडी वॉश या साबुन लगाने के बाद कितना भी पानी डालो, वो बॉडी में रह ही जाता है. उबटन यदि शरीर पर रह भी जाए तो उसका कोई साइड इफेक्ट नहीं होता.
* मैं हल्दी, केसर, दूध, पपीता आदि से लेप बनाकर चेहरे पर लगाती हूं.
* इसके अलावा जब भी टाइम मिलता है, तो मैं आटे में सरसों का तेल मिलाकर बॉडी मसाज भी करती हूं, इससे त्वचा को ग्लो मिलता है.

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मैं अपना अतीत नहीं भूली हूं
मेरा बचपन पहाड़गंज में बीता है, जहां आज भी लोग पानी की किल्लत झेलते हैं. बचपन में जब मैं पहाड़गंज में रहती थी, तो हमारे यहां पानी के टैंकर आते थे. मेरी मां, मैं और मेरी बहनें तीसरी मंज़िल तक बाल्टी से पानी भरकर ले जाते थे. कई बार फिसल भी जाते थे. मैंने लाइट और पानी की बहुत दिक्कत देखी है इसलिए मैं इन्हें कभी वेस्ट नहीं करती. कई बार जब लाइट चली जाती थी, तो हम लैंप में पढ़ाई करते थे. मैं आज भी घर के किसी भी रूम की लाइट, पंखा या एसी कभी खुला नहीं छोड़ती. मैं अपना अतीत नहीं भूली हूं इसलिए आज भी मैं पानी ज़रा भी वेस्ट नहीं करती. मुझे ये लगता है कि मैं अपनी तरह से कोशिश करती रहूंगी. मुझे देखकर कुछ लोग भी बदल सकें, तो मेरे लिए ये बहुत बड़ी बात होगी.

– कमला बडोनी

1. पानी पीएं: अगर आपको भूख लग रही है, तो पहले पानी पीजिए. इससे आपका पेट भरा हुआ लगेगा और आप कम खाएंगे.
2. किसी चीज़ से परहेज़ ना करें: यदि आप ख़ुद से कहेंगे, “मुझे चॉकलेट को हाथ भी नहीं लगाना है!” तो आपके दिलो-दिमाग़ में चॉकलेट का ही ख़्याल आता रहेगा और आप ज़रूरत से भी ज़्यादा खा बैठेंगे. इससे बेहतर है कि एक छोटा-सा टुकड़ा खाकर अपने टेस्ट बड्स को शांत करें.
3. पैकेज्ड फूड का लेबल ज़रूर पढ़ें: जब भी आप पैकेज्ड फूड ख़रीदें, तो पहले उसमें प्रयोग किए गए पदार्थों को लेबल में पढ़ लें और यह सुनिश्‍चित कर लें कि उनकी फैट और कार्बोहाइड्रेट्स आदि की मात्रा आपकी ज़रूरत के अनुसार हो.
4. तल्लीनता के साथ भोजन करें: भोजन हमेशा धीरे-धीरे चबाकर पूरी एकाग्रता के साथ करना चाहिए, जबकि बहुत से लोग टीवी देखते हुए खाना खाते हैं, जिससे उनका ध्यान भोजन पर नहीं रहता और बेख़्याली में वो ज़्यादा खा लेते हैं.
5. भूखे पेट न सोएं: देर रात की भूख को शांत करने के लिए कुछ भी फैटी या ऑयली खाने की बजाय बादाम, अखरोट जैसे हाई प्रोटीन नट्स लें.
6. व्यायाम करें: व्यायाम आपके शरीर के मेटाबॉलिक रेट को दुगुना कर सकता है. हफ़्ते में कम-से-कम तीन दिन आधे घंटे तक व्यायाम करना आपके लिए काफ़ी फ़ायदेमंद साबित हो सकता है.
7. अधिक फैटयुक्त भोजन से परहेज़ करें: बाहर का खाना या फास्टफूड देखकर ख़ुद को रोकना मुश्किल हो जाता है, पर याद रहे कि ये फैटयुक्त होते हैं, इसलिए आपको स्वयं पर नियंत्रण रखना होगा. खाने में अधिक व बैड फैट को पहचानें और उससे बचने की पूरी कोशिश करें.
8. ग्रीन टी का प्रयोग करें: रोज़ाना ग्रीन टी के सेवन से आप हर रोज़ लगभग 40 प्रतिशत अधिक कैलोरी बर्न कर सकते हैं. तो फिर देर किस बात की, आज ही ग्रीन टी को अपने डेली रूटीन में शामिल करें.
9. फाइबर से भरपूर पदार्थ लें: भोजन में मसूर, मटर, पत्तागोभी, ब्रोकोली, हरी पत्तेदार सब्ज़ियां, मशरूम, ब्राउन ब्रेड आदि को शामिल करें. यह चबाने तथा हज़म होने में अधिक समय लेते हैं, जिससे आपका पेट अधिक समय तक भरा हुआ महसूस होता है.
10. भोजन का समय सुनिश्‍चित रखें: प्रतिदिन भोजन करने का समय सुनिश्‍चित कर लें. इससे आपके शरीर को उस निश्‍चित समय पर भोजन की आदत पड़ जाएगी और आप असमय कुछ भी खाने से बच जाएंगे.

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11. खाने के नए नियम बनाएं: खाने का अपना वर्तमान नियम नोट करें, जैसे कि चाय के साथ बिस्किट लेना, नाश्ते में परांठे खाना आदि और फिर उसमें हेल्दी बदलाव करें. आप चाहें, तो नाश्ते में दलिया, ओट्स, नट्स जैसी पोषक चीज़ों को शामिल कर सकते हैं.
12. एक्टिव बने रहें: रोज़ाना थोड़ी देर टहलने या एक्सरसाइज़ करने से शरीर में एंडॉर्फिन्स नामक हार्मोंस विसर्जित होते हैं, जिससे आप अधिक शांत व प्रफुल्लित महसूस करते हैं और आप हेल्दी खाते हैं.
13. घर के कामों से बनें फिट: घर के काम आपके शरीर को चुस्त-दुरुस्त रखते हैं. इससे आप कई गुना कैलोरीज़ बर्न करते हैं, जो आपकी सेहत के लिए बहुत फ़ायदेमंद साबित होती है.
14. अच्छी नींद का आनंद लें: थका हुआ शरीर अधिक ऊर्जा के लिए बार-बार भूख का सिग्नल देता है, जिससे आप ओवरईटिंग करने लगते हैं. यही वजह है कि रोज़ाना 6-8 घंटे की अच्छी नींद लेना ज़रूरी है.
15. अधिक टहलें: दिन में स़िर्फ आधा घंटा अधिक तेज़ टहलने से आपकी 320 कैलोरीज़ तक बर्न हो सकती हैं.
16. छोटी प्लेट में भोजन करें: हमेशा भोजन के लिए छोटी प्लेट लें, क्योंकि बड़ी प्लेट में सामान्य मात्रा में लिया हुआ भोजन कम नज़र आता है, जबकि छोटी प्लेट में वही मात्रा पर्याप्त नज़र आती है.
17. लिफ्ट को नज़रअंदाज़ करें: सप्ताह में पांच दिन केवल दो मिनट तक सीढ़ियां चढ़ना-उतरना भी एक अच्छा व्यायाम है. यह 30 मिनट तक टहलने जितना लाभदायक होता है, तो कभी-कभी लिफ्ट को ज़रूर नज़रअंदाज़ करें.
18. दोस्तों का ग्रुप बनाएं: अपना वज़न घटाने, व्यायाम के विषय में चर्चा करने, डायट फॉलो करने आदि के लिए दोस्तों का एक ग्रुप बनाएं. ग्रुप मेंबर्स के रहने से इन चीज़ों को लेकर उत्सुकता बनी रहती है और एक-दूसरे को देखकर प्रोत्साहन भी मिलता है.
19. डायट जर्नल मेंटेन करें: अपने पास एक डायट जर्नल रखें और उसमें अपनी प्रेरणा के लिए लिखकर रखें कि आप कैसा दिखना चाहते हैं, जैसे- मैं स्लिम-फिट बॉडी में सुंदर दिखना चाहता/चाहती हूं. यह एक शक्तिशाली रिमाइंडर की तरह मानसिक रूप से आप पर असर डालेगा कि आप क्यों वज़न कम करना चाहते हैं.
20. अपेक्षित साइज़ की ड्रेस ख़रीद लें: आप जैसा दिखना चाहते हैं, उस साइज़ की जींस या ड्रेस ख़रीद लें. इससे आपको वज़न कम करने की प्रेरणा मिलेगी, परंतु अपने आप पर अधिक दबाव डाले बिना संभावित परिणाम को ही अपना लक्ष्य बनाएं.
21. सब्ज़ियों को प्राथमिकता दें: यदि आप अपना भोजन ख़ुद परोस रहे हैं, तो पूरे भोजन की मात्रा में चावल या रोटी की मात्रा कम लें और सलाद व उबली सब्ज़ियों की मात्रा अधिक लें. इस तरह आप एक बार के भोजन में लगभग 200 कैलोरीज़ बचा सकते हैं.
22. शांत रहें: जब भी आप तनाव में होते हैं, तो आपका शरीर शिथिल पड़ जाता है, जिससे आपको बहुत भूख लगती है. तनाव में अक्सर लोग फैटी चीज़ें ज़्यादा खाते हैं, जबकि तनावरहित और शांत रहने से आपका मेटाबॉलिज़्म बेहतर रहता है.
23. जंक फूड से दूर रहें: जंक फूड न केवल वसा से भरपूर होता है, बल्कि मस्तिष्क की उन कोशिकाओं को भी नष्ट कर देता है, जो वज़न पर नियंत्रण रखती हैं.
24. मन पर नियंत्रण रखें: यदि आपके किचन में स्नैक्स के हेल्दी ऑप्शन्स मौजूद हों, तो बाहर से ऑर्डर न करें. आप घर में ही लो-फैट माइक्रोवेव पॉपकार्न, चना-कुरमुरा और स्प्राउट्स खा सकते हैं.
25. कल्पना में भी स्वयं को छरहरा देखें: आप अपने दिमाग़ में अपनी एक छरहरी आकृति बसा लें, जो या तो आपके अतीत की हो या फिर ऐसी हो, जिसमें आप ख़ुद को जैसा देखना चाहते हैं, वैसी हो. ऐसी कल्पना आपको वज़न कम करने के लक्ष्य तक पहुंचने के लिए हमेशा प्रेरित करेगी.

– अनिल निगम