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कब और क्यों लें रिश्तों से डिजिटल ब्रेक? (How To Know When To Take A Digital Break In Your Relationship?)

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यह सच है कि दुनिया डिजिटल होती जा रही है. डिजिटल होना अब न स़िर्फ हमारे शौक़ तक जुड़ा रह गया है, बल्कि हमारी ज़रूरत बन चुका है. ऐसे में हम पूरी तरह से टेक्नोलॉजी पर निर्भर हो चुके हैं. लेकिन कहीं न कहीं इन सबसे हमारे रिश्ते ज़रूर प्रभावित हो रहे हैं. चाहे समय की कमी हो या रिश्तों में पसर रहा ठंडापन- डिजिटल वर्ल्ड की परिधि ने हमें इस कदर घेर लिया है कि हम चाहकर भी उससे बाहर नहीं आ पा रहे. क्या करें, कैसे करें और कब करें… ताकि हमारे रिश्ते बने रहें और रिश्तों में ख़ुशियां भी कायम रहें.

 

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कब लें डिजिटल ब्रेक?

– हर व़क्त अपने मोबाइल से चिपके रहना आजकल हम सभी की आदत बन चुकी है, लेकिन इसका असर हमारे रिश्तों पर बहुत अधिक पड़ता है. ऐसे में जब आपके अपने बार-बार इस बात की शिकायत करने लगें, तब समझ जाएं कि आपको डिजिटल ब्रेक की ज़रूरत है.
– जब आपको कुछ हेल्थ सिग्नल्स मिलने लगें, जैसे- सिरदर्द, मसल्स में ऐंठन, मितली, धुंधलापन, चिड़चिड़ापन, आलस, एसिडिटी या अन्य पाचन संबंधी समस्याएं.
– जब आप जाने-अनजाने हर कुछ सेकंड्स में अपना फोन बार-बार चेक करने के आदी हो चुके हों.
– जब आप घर पर आने के बाद भी अपने फोन या लैपटॉप से ही चिपके रहते हों.
– जब आप परिवार के साथ डिनर पर भी अपने फोन पर अपडेट्स करते रहते हों.
– जब आप शारीरिक रूप से तो सबके साथ बैठे हों, पर मानसिक तौर पर अपनी ही डिजिटल दुनिया में हों.
– जब आपस में बोलचाल व हंसी-मज़ाक कम हो रहा हो.

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– जब आप बाहरी लोगों के कुछ ज़्यादा ही नज़दीक हो रहे हों.
– जब आपको अपने ही परिवारवालों की दिनचर्या व समस्याएं पता ही न हों और डिजिटल दुनिया के दोस्तों की हरेक बात पर आप कमेंट करने में बिज़ी रहते हों.
– ये तमाम लक्षण बताते हैं कि आपको अगर अपनी सेहत व अपने रिश्ते बचाने हैं, तो अब डिजिटल ब्रेक की ज़रूरत है.

 

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क्यों लें ब्रेक?

– अपने रिश्तों को टूटने से बचाने के लिए.
– अपने रिश्तों में आए ठंडेपन को दूर करने के लिए.
– अपनी हेल्थ को ध्यान में रखते हुए, क्योंकि बहुत अधिक डिजिटल वर्ल्ड में बिज़ी रहना आपकी सेहत पर भारी पड़ सकता है. इससे कई समस्याएं हो सकती हैं.
– अपनों के साथ क्वालिटी टाइम बिताने के लिए, क्योंकि अक्सर आजकल हर कोई यही कहता है कि समय नहीं है, लेकिन ग़ौर किया जाए, तो समय का रोना हम स़िर्फ अपनी कमज़ोरियों को छिपाने के लिए ही रोते हैं.
– बेहतर होगा कि अपने समय को आप ख़ुद संतुलित करें और अपनी डिजिटल व पर्सनल लाइफ में बैलेंस बनाकर रखें.
– छुट्टी के दिन फोन व लैपटॉप से ब्रेक लें. फैमिली के साथ बाहर जाएं, चाहे शॉपिंग हो, पिकनिक हो या मूवी… फिर देखें कि आप कितना रिफ्रेश महसूस करते हैं.
– एक सामान्य ज़िंदगी जीने के लिए और अपने रिश्तों को भी सामान्य व ख़ुशहाल बनाए रखने के लिए ज़रूरी है कि आप डिजिटल ब्रेक लें.

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– ख़ुद को परखने के लिए कि कहीं आप इस तकनीकी दुनिया के मायाजाल में बुरी तरह घिर तो नहीं गए? आप कितने आदी हो गए हैं और कहीं आपको लत तो नहीं लग गई इस दुनिया की… यह जानने के लिए भी ज़रूरी है कि आप ब्रेक लेकर देखें और ज़रूरतानुसार ख़ुद को संभाले.
– आप जो करेंगे, आपके बच्चे भी वही करेंगे, तो परिवार व बच्चों में अनुशासन बनाए रखने के लिए भी यह क़दम उठाना ज़रूरी है. आपके बच्चे आपको आदर्श मानते हैं, तो उनके सामने सही, संतुलित व परिपक्व पैरेंट के रूप में ही ख़ुद को प्रस्तुत करना होगा, ताकि वे भी आगे चलकर बेहतर भविष्य बना सकें.
– अगर आपको कहीं भी यह महसूस हो रहा है कि डिजिटल दुनिया के कुछ रिश्ते आपकी निजी ज़िंदगी के रिश्तों पर हावी हो रहे हैं या आपको भटका रहे हैं, तो सावधान व सतर्क हो जाएं और ख़ुद को वहां से अलग कर लें.
– इस तरह के रिश्ते आपको बड़ी मुसीबत में भी फंसा सकते हैं, आजकल तो इस तरह की कई ख़बरें भी आम हो गई हैं, चाहे देश से जुड़ी संदिग्ध गतिविधियां हों या फिर व्यक्तिगत संबंधों पर आधारित नाजायज़ चीज़ें- आप कब इन सबके बीच फंसते चले जाते हैं, शायद आपको ख़ुद भी अंदाज़ा नहीं हो पाता. इसलिए बेहतर होगा कि अपने दिलो-दिमाग़ पर काबू रखें और जो भी करें, सोच-समझकर करें.
– अपनी निजी बातें या तस्वीरें किसी अंजान के साथ शेयर करने से बचें.
– अपने प्रोफेशनल व पर्सनल सीक्रेट्स किसी को न बताएं.
– कुल मिलाकर सतर्क रहें और पूरी तरह से डिजिटल वर्ल्ड पर निर्भर न रहें. उसके बाहर भी आपकी एक दुनिया है, रिश्ते हैं, जो बेहद ख़ूबसूरत हैं.

– योगिनी भारद्वाज