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विंटर डायट टिप्स (Winter Diet: Best Foods To Eat In Winter To Stay Healthy)

Winter Diet Tips

विंटर डायट टिप्स (Winter Diet: Best Foods To Eat In Winter To Stay Healthy)

सर्दियों (Winter) का मौसम अपने साथ लो इम्यूनिटी (Low Immunity) की समस्या लेकर आता है, जिसके कारण लोग आसानी से सर्दी-ज़ुकाम और इंफेक्शन्स के शिकार हो जाते हैं. इन सबसे बचने के लिए आपको अपने डायट (Diet) का ख़ास ध्यान रखना होगा, साथ ही ऐसे सुपर फूड्स (Super Foods) अपने डायट में शामिल करने होंगे, जो आपको अंदर से स्ट्रॉन्ग बनाने के साथ-साथ सेहतमंद (Healthy) भी बनाएं.

डेली डायट टिप्स

–     मौसमी फल, जैसे- संतरा, स्ट्रॉबेरी और आंवला एंटी ऑक्सीडेंट्स और विटामिन सी के गुणों से भरपूर हैं. इन्हें अपने डेली डायट में शामिल करें.

–     इसी तरह हरी पत्तेदार सब्ज़ियां, जैसे- पालक, मेथी, सरसों, सोवा और हरी प्याज़ आपकी सेहत के लिए काफ़ी फ़ायदेमंद साबित हो सकती हैं.

–     सर्दियों में हमारी जठराग्नि तेज़ हो जाती है, जिससे खाना आसानी से पच जाता है. ऐसे में ज्वार, बाजरा, नाचनी जैसे साबूत अनाज के अलावा आप प्रोटीन से भरपूर उड़द दाल, राजमा और बीन्स को अपने रोज़ाना की डायट में शामिल करें.

–     विटामिन सी से भरपूर सिट्रस फ्रूट्स, टमाटर, रेड पेपर और शकरकंद आदि को अपने डेली डायट का हिस्सा बनाएं, ताकि आपकी प्रतिरोधक क्षमता बेहतर बने और एनर्जी लेवल भी बूस्ट हो.

–    ज़िंक आपकी रोग प्रतिरोधक क्षमता को मज़बूत बनाने में मदद करता है, ऐसे में ज़िंक से भरपूर फल, जैसे- ब्लैक बेरी, अनार, एवोकैडो, अमरूद, पीच, कीवी को डायट में शामिल करें. इसके अलावा काबुली चना, बीन्स, मीट, अंडा आदि भी ज़िंक रिच फूड हैं.

–    साल्मन और कॉड फिश के साथ दूध, चीज़  विटामिन बी 12 के अच्छे स्रोत हैं. ये आपकी इम्यूनिटी को स्ट्रॉन्ग बनाने के साथ-साथ थकान व तनाव से आपको बचाते हैं.

–    आलू और शकरकंद को भूनकर खाना आपके लिए काफ़ी फ़ायदेमंद साबित होगा.

–    सर्दियों में घर का बना ताज़ा और गर्म खाना ही खाएं. पहले से बनाया हुआ या पैक्ड फूड न खाएं.

–     हाइड्रेशन का भी पूरा ख़्याल रखें. पानी के अलावा हर्बल टी, ग्रीन टी, सूप आदि का सेवन करें.

–     अगर सर्द मौसम के कारण मूड अच्छा नहीं लग रहा हो, तो डार्क चॉकलेट खाएं. यह मूड चेंजर है, जिससे आपको अच्छी फीलिंग आएगी.

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विंटर सुपर फूड्स

सर्दियों का मौसम अपने साथ सुपर फूड की बेहतरीन वेरायटी लेकर आता है. फल-सब्ज़ियों के अलावा कुछ और भी खाद्य पदार्थ हैं, जिन्हें आप अपने विंटर डायट में ज़रूर शामिल करें, ताकि सर्दियों का असर आपकी सेहत पर न पड़े. ये आपको गर्म बनाए रखने में मदद करते हैं.

शहद: विटामिन्स, मिनरल्स और एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर शहद सर्दियों के लिए बेस्ट रेमेडी है. सर्दी-ज़ुकाम, गले के इंफेक्शन और कई तरह की एलर्जी से यह आपको राहत दिलाता है.

ड्रायफ्रूट्स: दिनभर एनर्जेटिक बने रहने के लिए सुबह-सुबह ड्रायफूट्स से बेहतर भला क्या हो सकता है. विटामिन्स और मिनरल्स से भरपूर बादाम, पिस्ता, अखरोट के अलावा आप मुनक्का, अंजीर और ऐप्रीकोट को भी अपने विंटर डायट में शामिल करें.

कालीमिर्च, मेथी और हींग: यह मौसम ही ऐसा है कि आपको गर्माहट देनेवाली चीज़ें अपने खाने में शामिल करने की ज़रूरत है. रोज़मर्रा के खाने में चाय हो या सूप या फिर दाल- कालीमिर्च, मेथी, हींग, जीरा और राई की मात्रा थोड़ी बढ़ा दें.

तुलसी और अदरक: एंटीबैक्टीरियल, एंटीबायोटिक और एंटीवायरल गुणों से भरपूर तुलसी वैसे तो हर मौसम में आपके लिए ज़रूरी है, पर सर्दियों में सर्दी-ज़ुकाम के कारण इसकी ज़रूरत कुछ ज़्यादा ही बढ़ जाती है. गले की खराश हो या फिर कफ़ की शिकायत- अदरक ठंड के कारण होनेवाली सभी छोटी-मोटी समस्याओं से आपको निजात दिलाता है.

घी: लोगों को बहुत बड़ी ग़लतफ़हमी है कि घी से फैट बढ़ता है, जबकि रिसर्च में भी यह बात साबित हो चुकी है कि यह आपके शरीर से बैड फैट को कम करता है. यह आपको शेप में बने रहने में मदद करता है. सर्दियों में रोज़ाना एक चम्मच घी ज़रूर खाएं.

गुड़: पाचनशक्ति को बेहतर बनाने के साथ-साथ यह आपकी रोग प्रतिरोधक क्षमता को भी मज़बूत बनाता है. साथ ही यह आपको गर्म बनाए रखता है, जिससे कोल्ड और फ्लू की समस्या नहीं होती.

लहसुन: एंटीबैक्टीरियल और एंटीवायरल ख़ूबियों के कारण लहसुन सर्दियों में और भी महत्वपूर्ण हो जाता है. यह इस मौसम में होनेवाली बीमारियों से आपको बचाता है.

– अनीता सिंह

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सर्दियों में यूं रखें सेहत का ख़्याल (Winter Health Care)

Winter Health Care

सर्दियों में यूं रखें सेहत का ख़्याल (Winter Health Care)

ठंड का मौसम अपने साथ सर्दी-ज़ुकाम और कई तरह की एलर्जी (Allergies) और इंफेक्शन्स (Infections) लेकर आता है. ऐसे में ज़रूरी है कि आप अपना और अपनों का ख़ास ख़्याल रखें, ताकि सर्दियों (Winter) के सुहाने मौसम का लुत्फ़ उठा सकें.

विंटर हेल्थ प्रॉब्लम्स

सर्दी के मौसम में गठिया और अस्थमा के मरीज़ों की द़िक्क़तें काफ़ी बढ़ जाती हैं. किसी को सालभर पुरानी चोट परेशान करने लगती है, तो किसी को मसल पेन. इनके अलावा और

कौन-कौन-सी बीमारियां हैं, जो सर्दियों के मौसम में आपको परेशान कर सकती हैं, आइए जानें.

सर्दी-खांसी

सर्दी-खांसी एक आम समस्या है, लेकिन सर्दी के मौसम में यह आपको काफ़ी परेशान कर सकती है. यह  रोग काफ़ी संक्रामक होता है, इसलिए अगर घर में किसी को सर्दी है, तो वह  छींकते-खांसते व़क्त रुमाल का इस्तेमाल करे. बहती नाक, सीने में जकड़न, छींकें आना, सिरदर्द, गले में खराश और हल्का बुख़ार इसके लक्षण हैं.

होम रेमेडीज़

–    जिनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता कमज़ोर होती है, वे बार-बार सर्दी-ज़ुकाम से परेशान रहते हैं. ऐसे लोगों को, ख़ासतौर से सर्दियों में, आंवले का मुरब्बा खाना चाहिए.

–     आधा टीस्पून शहद में कुछ बूंदें नींबू का रस और चुटकीभर दालचीनी पाउडर मिलाकर दिन में दो बार लें.

–    गुनगुने नींबू पानी में शहद मिलाकर लेने से सर्दी-खांसी से राहत मिलती है.

–     सर्दी-खांसी से राहत पाने के लिए एक कप पानी में थोड़ी-सी अलसी मिलाकर उबालें. पांच मिनट बाद आंच से उतार लें. छानकर उसमें नींबू का रस और शहद मिलाकर पीएं.

–    घी में लहसुन की कुछ कलियां गरम करके खाएं. गरम-गरम लहसुन खाने से खांसी में काफ़ी राहत मिलती है.

–     रात को सोने पर खांसी की समस्या बढ़ जाती है, क्योंकि लेटने पर नाक में मौजूद कफ़ धीरे-धीरे गले तक जाने लगता है, जिससे खांसी बढ़ जाती है. इसके लिए बेहतरीन उपाय है कि आप सिर को थोड़ा ऊंचा रखें. इससे खांसी कम होगी और आप सो भी पाएंगे.

गले में इंफेक्शन

गले में खिचखिच और ड्राईनेस, जो धीरे-धीरे दर्द का कारण बनता है, यह गले के इंफेक्शन के कारण होता है. मौसम में आई ठंडक और इंफेक्शन्स के कारण ऐसा होता है.

होम रेमेडीज़

–    इसके लिए हमारी दादी-नानी का फेवरेट नुस्ख़ा है गरारा करना. गुनगुने पानी में चुटकीभर नमक डालकर गरारा करने से बैक्टीरिया निकल जाते हैं, जिससे गले की खराश से छुटकारा मिलता है. इसे दिन में दो-तीन बार करें.

–     हल्दीवाला दूध भी एक ऐसा ही रामबाण नुस्ख़ा है. यह गले की सूजन और दर्द से राहत दिलाता है. बार-बार होनेवाली खांसी में भी हल्दीवाला दूध काफ़ी राहत पहुंचाता है.

–     एप्पल साइडर विनेगर को आप हर्बल टी या गरारेवाले पानी में डालकर इस्तेमाल करें.

–     लहसुन की एक कली चूसने से भी गले के इंफेक्शन और दर्द से राहत मिलती है.

–     इसके अलावा हर्बल टी और गरमागरम सूप आपके लिए काफ़ी फ़ायदेमंद साबित होगा.

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अस्थमा

यह फेफड़े की बीमारी है, जिसमें श्‍वासनली में जलन और दर्द होने लगता है. सीने में जकड़न, छींकें आना, खांसी और सांस फूलना इसके लक्षण हैं. यह दो तरह का होता है, एलर्जिक और नॉन एलर्जिक. एलर्जिक अस्थमा धूल, धुएं, पेंट आदि के कारण होता है, जबकि नॉन एलर्जिक अस्थमा कोल्ड, फ्लू, स्ट्रेस और ख़राब मौसम के कारण होता है.

होम रेमेडीज़

–    एक कप पानी में आधा टीस्पून मुलहठी पाउडर और आधा टीस्पून अदरक मिलाकर चाय बनाकर पीएं.

–     एक ग्लास दूध में आधा टीस्पून कद्दूकस अदरक और आधा टीस्पून हल्दी पाउडर डालकर दिन में दो बार लें.

–     एक कप उबलते पानी में एक टीस्पून दालचीनी पाउडर और 1/4 टीस्पून कालीमिर्च, पिप्पली और सोंठ का समान मात्रा में मिलाया हुआ चूर्ण मिलाकर 10 मिनट तक उबालें. पीने से पहले एक टीस्पून शहद मिलाएं. यह अस्थमा अटैक्स से काफ़ी राहत देता है.

–    एक बाउल गरम पानी में पांच-छह बूंदें लैवेंडर ऑयल डालकर भाप लें.

इन्फ्लूएंज़ा

सर्दियों के मौसम में सर्दी और फ्लू कभी भी किसी को भी अपनी गिरफ़्त में ले सकते हैं. यह एक ऐसी समस्या है, जिसमें आपकी सारी एनर्जी ख़त्म हो जाती है. नाक बहना, सिरदर्द, बदनदर्द, बुख़ार और थकान फ्लू के आम लक्षण हैं.

–     आधा टीस्पून गिलोय को पीसकर एक कप पानी में उबालकर पीएं. इससे फ्लू के लक्षणों से काफ़ी राहत मिलती है.

–     समान मात्रा में शहद और प्याज़ का रस मिलाकर दिन में तीन बार फ्लू जाने तक लें.

–     एक टीस्पून शहद में 10-12 तुलसी की पत्तियों का रस मिलाकर दिन में एक बार लेने से भी राहत मिलती है.

–     गरम पानी में कुछ बूंदें नीलगिरी तेल की डालकर भाप लेने से काफ़ी राहत मिलेगी.

–    एक कप पानी में कालीमिर्च पाउडर, जीरा और गुड़ डालकर उबालें. यह चाय फ्लू के लक्षणों से राहत दिलाती है. आप चाहें, तो गुड़ में तिल मिलाकर उसके लड्डू बनाकर खाएं.

जोड़ों में दर्द

ठंड के कारण मसल्स और हड्डियों में अकड़न-सूजन के कारण यह मौसम कुछ लोगों के लिए कष्टदायक बन जाता है. इसके लिए सबसे अच्छा उपाय है कि सोकर उठने पर आप स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज़ करें.

हल्की-फुल्की एक्सरसाइज़ आपको जोड़ों के दर्द से छुटकारा दिला सकती है.

–     आधी बाल्टी गरम पानी में दो कप सेंधा नमक मिलाकर उसमें टॉवेल डुबोकर प्रभावित जोड़ की सिंकाई करें.

–    रोज़ाना सुबह एक टीस्पून मेथी पाउडर फांककर एक ग्लास गुनगुना पानी पीएं.

–     नीलगिरी के तेल से जोड़ों पर मालिश करें. इससे दर्द और जलन दोनों में आराम मिलता है.

–    रात को सोने से पहले गुनगुने सरसों के तेल से जोड़ों पर मसाज करें. यह प्रभावित जोड़ों में रक्तसंचार बढ़ाता है, जिससे दर्द और अकड़न से राहत मिलती है.

–     एक कप गुनगुने पानी में एक टीस्पून एप्पल साइडर विनेगर और थोड़ा-सा शहद मिलाकर दिन में दो बार खाने से पहले लें.

हार्ट प्रॉब्लम्स

आपको जानकर हैरानी होगी कि ठंड में हार्ट अटैक्स के मामले बढ़ जाते हैं, क्योंकि ठंड के कारण हार्ट की कोरोनरी आर्टरीज़ सिकुड़ने लगती हैं, जिससे ब्लड प्रेशर कम हो जाता है.

–     जिन्हें हार्ट प्रॉब्लम्स हैं, उन्हें ख़ासतौर से सर्दियों में रोज़ाना चार-पांच लहसुन की कलियां खानी चाहिए. यह खून को पतला करने का काम करता है, जिससे ब्लड फ्लो सही तरी़के से होता है.

–     एक ग्लास गुनगुने पानी में आधा टीस्पून अर्जुन की छाल का पाउडर और शहद मिलाकर लें. इससे आपको काफ़ी राहत मिलेगी.

–     अदरक-लहसुन के रस में शहद या गुड़ मिलाकर खाने से भी हार्ट प्रॉब्लम्स में राहत मिलती है.

–     इसके अलावा खानपान का ध्यान रखें. दो बार में हैवी खाने की बजाय चार-पांच बार में थोड़ा-थोड़ा खाएं. अपने वज़न को नियंत्रित रखें. अगर वज़न अचानक से बढ़ने लगे, तो डॉक्टर को बताएं.

– सुनीता सिंह

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