winter health

सर्दियों में डायट का ख़ास ध्यान रखना बहुत जरूरी है. सर्दी का सुहाना मौसम अपने साथ कई स्वास्थ्य समस्याएं भी लेकर आता है, इनसे बचने और हेल्दी रहने के लिए अपनी डायट में ये चीजें जरूर शामिल करें. शामिल करें कुछ ख़ास पोषक तत्व. सर्दियों में इन चीजों से मिलती है शरीर को गर्मी.

Winter Diet Plan

ऐसे प्लान करें अपना विंटर डायट चार्ट

विंटर में ये नाश्ता करें
सर्दियों में पूरे दिन एनर्जेटिक रहने के लिए सुबह का नाश्ता करना न भूलें. नाश्ते में ब्रेड, उपमा, सैंडविच, डोसा आदि ले सकते हैं. एक ग्लास मलाई निकाला हुआ दूध भी पीएं.

विंटर में ये लंच करें
सर्दियों में लंच में हरी सब्ज़ी, रोटी, दही या छाछ, चावल के साथ छिलके वाली दाल, गरम सूप और हरी चटनी खाएं.

विंटर में ये डिनर करें
सर्दियों में डिनर यानी रात का खाना जल्दी खाएं. रात का खाना दोपहर के खाने की अपेक्षा हल्का होना चाहिए. सोने से करीब 4 घंटे पहले डिनर कर लें. खाने में खिचड़ी, दलिया जैसी हल्की चीज़ें खाएं. खाने के बाद अदरक वाला गरम दूध पीएं.

सर्दियों में ये चीजें जरूर खाएं

  • ठंड के मौसम में शकरकंद खाना फ़ायदेमंद होता है. ये शरीर को गरम रखने के साथ ख़ून भी बढ़ाता है. इसे आप भूनकर या उबालकर खा सकते हैं.
  • ठंड के मौसम में अदरक वाली चाय तो सभी पीते हैं, मगर इसे अन्य रूप में जैसे- सब्ज़ी आदि में डालकर भी खाएं, क्योंकि अदरक में ज़िंक, क्रोमियम और मैगनीशियम की मात्रा अधिक होती है जिससे सर्दियों के मौसम में कोल्ड व फ्लू से लड़ने में शरीर को मदद मिलती है.
  • सर्दियों में इम्यून सिस्टम को मज़बूत करने के लिए पत्तागोभी ज़रूर खाएं. इसे आप सब्ज़ी बनाकर या सलाद के रूप में खा सकती हैं. पत्तागोभी को बारीक़ काटकर इसमें नमक, कालीमिर्च और नींबू का रस मिलाकर खाएं.
  • ठंड के मौसम में बीटरूट खाना फ़ायदेमंद है, ये शरीर की ताकत बढ़ाता है. इसे आप सलाद के रूप में खा सकते हैं या फिर सैंडविच आदि में डालकर.
  • सर्दियों में रागी, ज्वार, जौ, बाजरा आदि को भी अपनी डायट में शामिल करें. इन सबको मिक्स करके पीस लें और रोटी बनाकर खाएं.

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Winter Diet Tips

सर्दियों में शरीर के लिए ज़रूरी विटामिन्स
सर्दियों में फिट और हेल्दी रहने के लिए अपनी डायट में ये जरूरी विटामिन्स शामिल करें. ये पोषक तत्व आपको सर्दियों में होने वाली बीमारियों से बचाकर रखेंगे.

विटामिन सी
सर्दियां आते ही खांसी, ज़ुकाम, बुखार, फ्लू आदि की शिकायत होने लगती है. अतः डायट में विटामिन सी से भरपूर चीज़ें शामिल करें. ये आपके इम्यून सिस्टम को मज़बूत बनाकर बीमारियों से बचाता है. विटामिन सी कोलेजन के निर्माण में भी मदद करता है. इससे सर्दियों में भी त्वचा की चमक बरक़रार रहती हैं

स्रोत
सभी तरह के खट्टे फलों में विटामिन सी पाया जाता है, जैसे- संतरा, मौसंबी, नींबू आदि. इसके अलावा खजूर में भी विटामिन सी होता है. वैसे आजकल मार्केट में विटामिन सी के टैबलेट्स भी उपलब्ध हैं. आप चाहें तो ये भी खा सकती हैं.

विटामिन डी
वैसे तो पूरे साल शरीर को विटामिन डी की ज़रूरत होती है, मगर ठंड में इसकी ज़रूरत बढ़ जाती है. सर्दियों के मौसम में कुछ देर धूप ज़रूर सेंके. ठंडी में कई लोगों को जोड़ों में दर्द की शिकायत हो जाती है, अतः उनके लिए विटामिन डी बेहद ज़रूरी है. सुबह की धूप ज़्यादा फ़ायदेमंद होती है.

स्रोत
विटामिन डी का सबसे अच्छा स्रोत है धूप, लेकिन आप यदि किसी कारण से पर्याप्त धूप नहीं ले पातें, तो बाज़ार में मिलने वाले विटामिन डी फोर्टिफाइड मिल्क और सीरियल्स भी खा सकते हैं.

विटामिन ई
सर्दियों में त्वचा रूखी और पपड़ीनुमा हो जाती है, अतः विटामिन ई का सेवन ज़रूरी है. इसमें मौजूद मॉइश्‍चर के गुण आपकी त्वचा को कोमल बनाए रखने में मदद करते हैं.

स्रोत
मीट, फिश, पालक, ब्रोकोली आदि विटामिन ई का अच्छा स्रोत है. इमली में भी विटामिन ई की भरपूर मात्रा होती है.

विटामिन बी कॉम्पलेक्स
बी ग्रुप के विटामिन्स बी1 से लेकर बी12 तक ठंड के मौसम में ज़रूरी होते हैं. ये स्किन को सॉफ्ट बनाए रखने में सहायक हैं. साथ ही फटी एड़ियों, फटे होंठ और स्किन को भी फटने से बचाते हैं.

स्रोत
हरी पत्तेदार सब्ज़ियां, अंडे, चिकन लीवर, फिश आदि विटामिन बी कॉम्पलेक्स के अच्छे स्रोत हैं.

ओमेगा 3 फैटी एसिड
ये विटामिन नहीं है, मगर सर्दियों में स्वस्थ रहने के लिए आवश्यक है. ये एचडीएल कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित रखता है. जिन लोगों को ठंड में जोड़ों के दर्द की शिकायत होती है, उनके लिए ओमेगा 3 फैटी एसिड बहुत ज़रूरी होता है, ये शरीर में कैल्शिमय लेवल को बढ़ाकर हड्डियों को मज़बूत बनाने में मदद करता है. फलैक्ससीड ओमेगा 3 का बेहतरीन स्रोत है. इसके अलावा अखोरट, सामन और टूना जैसी मछलियां भी ओमेगा 3 फैटी एसिड का अच्छा स्रोत हैं.

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विंटर सीज़न को बनाएं हेल्दी, हैप्पी और एक्टिव. ट्राई करें ये होम रेमेडीज़ और रहें हेल्थ प्रॉब्लम्स से दूर.
विंटर सीज़न कोल्ड और फ्लूवाला मौसम कहलाता है. इस मौसम में जहां कुछ लोग नई बीमारियों की चपेट में आ जाते हैं, वहीं बीमारियों से जूझ रहे लोगों के लिए समस्याएं और बढ़ जाती हैं. सर्दियों के इस मौसम में स्वस्थ व सेहतमंद रहने के लिए यहां हमने दी हैं कुछ ईज़ी होम रेमेडीज़.

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सर्दी-ज़ुकाम

सर्दी-ज़ुकाम कभी भी हो सकता है, पर सर्दियों में इसकी संभावना काफ़ी बढ़ जाती है. ख़ासतौर से कमज़ोर इम्यून सिस्टमवालों को सर्दी जल्दी होती है. सर्दी-ज़ुकाम काफ़ी संक्रामक होता है, इसलिए सर्दी के मौसम में लोग संभलकर रहें. बहती नाक, सीने में जकड़न, छींकें आना, सिरदर्द, गले में ख़राश और हल्का बुख़ार इसके आम लक्षण हैं.
डॉक्टर की सलाह
सर्दी से बचने का सबसे सरल उपाय है, अपनी रोग प्रतिरोधक क्षमता को मज़बूत करना. जिन्हें बार-बार सर्दी हो जाती है, उन्हें सर्दियों में आंवले का मुरब्बा खाना चाहिए, इससे रोग प्रतिरोधक क्षमता मज़बूत होती है.
होम रेमेडीज़
– सर्दी से छुटकारा दिलाने में लहसुन काफ़ी कारगर है. 4-5 लहसुन की कलियां पीसकर कच्चा ही खाएं.
– पानी उबालकर उसमें थोड़ी-सी अदरक, 1 नींबू का रस और 1 टेबलस्पून शहद मिलाएं और काढ़ा बनाकर पीएं.
– आधे टेबलस्पून शहद में 1 टेबलस्पून दालचीनी का पाउडर मिलाकर तीन दिनों तक लें.
– 1 ग्लास गुनगुने पानी में 2 टीस्पून हल्दी मिलाकर पीएं.

फ्लू

बुख़ार, सिरदर्द, बदनदर्द और थकान फ्लू के आम लक्षण हैं.
कुछ लोगों को सर्दी के लक्षण, जैसे- गले में ख़राश, सीने में जकड़न, छींकें आना आदि भी होते हैं.
डॉक्टर की सलाह
टीकाकरण ही इसका सबसे बढ़िया उपाय है. एंटीबैक्टीरियल सोप से हाथ धोते रहें. फ्लू से संक्रमित लोगों के संपर्क में आने से बचें.
होम रेमेडीज़
– समान मात्रा में शहद और प्याज़ का रस मिलाकर दिन में तीन बार फ्लू जाने तक लें.
– 1 टीस्पून शहद में 10-12 तुलसी की पत्तियों का रस मिलाकर दिन में एक बार लेने से भी राहत मिलती है.
– 1 ग्लास उबलते पानी में 1 नींबू काटकर डालें और इसकी भाप लें. दिन में 3-4 बार ऐसा करें.
– सीने की जकड़न को दूर करने के लिए आधी बाल्टी गरम पानी में एक टेबलस्पून राई पाउडर मिलाकर उसमें पैर डालकर थोड़ी देर बैठें. यह उपाय दिन में 2 बार करें.

जोड़ों मेें दर्द

सर्दियों में अक्सर जोड़ों का दर्द उभर जाता है. ऑस्टियोपोरोसिस और आर्थराइटिस के मरीज़ों की मुश्किलें और भी बढ़ जाती हैं. इसमें जोड़ों में लगातार दर्द, ऐंठन व जकड़न बनी रहती है. दर्द को कम करने के लिए फिज़िकली एक्टिव रहना बहुत ज़रूरी है.
डॉक्टर की सलाह
विटामिन डी और सप्लीमेंट्स लेने से कुछ राहत मिलती है, पर कुछ भी लेने से पहले अपने डॉक्टर को कंसल्ट करें. ओमेगा 3, विटामिन ङ्गकेफ और ङ्गसीफ के गुणों से भरपूर डायट लें.
हल्की-फुल्की एक्सरसाइज़ करें. सुबह सोकर उठने पर अंगड़ाई लें
और स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज़ करें.
होम रेमेडीज़
– रोज़ाना सुबह 1 टीस्पून मेथी पाउडर फांककर 1 ग्लास गुनगुना पानी पीएं.
– 1 ग्लास गुनगुने दूध में थोड़ा-सा हल्दी पाउडर और 1 टीस्पून शहद मिलाकर कुछ दिनों तक रोज़ाना लें.
– 1 कप गुनगुने पानी में 1 टीस्पून एप्पल साइडर विनेगर और थोड़ी-सी शहद मिलाकर दिन में दो बार खाने से पहले लें.
– गुनगुना नारियल तेल, ऑलिव ऑयल, सरसों के तेल या एरंडी के तेल से मसाज करें.

ब्रॉन्कायटिस

सर्दियों में नवजात शिशुओं, बच्चों और जिनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता कमज़ोर होती है, वे ब्रॉन्कायटिस की चपेट में आ जाते हैं. इसमें फेफड़ों के छोटे एयरवेज़ में सूजन और जलन होती है, जिससे सांस लेने में तकलीफ़ होती है. इसके लक्षण सर्दी-खांसी जैसे ही होते हैं. इसके अलावा लगातार खांसी, सांसों का तेज़ हो जाना और हल्का बुख़ार भी इसके लक्षण हैं.
डॉक्टर की सलाह
ऐसे में जल्द से जल्द डॉक्टर से मिलें. साथ ही किसी भी तरह के धुएं, पटाखों, सिगरेट आदि से दूर रहें.
होम रेमेडीज़
– आधा-आधा टीस्पून कुटी हुई अदरक, लौंग और दालचीनी को 1 कप गरम पानी में मिलाकर कुछ दिन तक पीएं.
– 1 ग्लास दूध में लहसुन की 2-3 कलियां मिलाकर उबालें और रात को सोने से पहले पीएं.
– 1 ग्लास दूध में 1 टीस्पून हल्दी पाउडर मिलाकर उबालें और खाली पेट दिन में 2-3 बार लें. गॉल ब्लैडर स्टोन, हाइपर एसिडिटी, स्टमक अल्सर और जॉन्डिस के मरीज़ इसे न लें.
– कुछ बूंदें नीलगिरी के तेल की उबलते हुए पानी में डालकर भाप लें. इससे काफ़ी राहत मिलती है. इसके अलावा थोड़ा-सा नीलगिरी तेल सीने पर लगाएं.
– नमक के पानी से गरारे करना भी इसमें काफ़ी फ़ायदेमंद होता है.

अस्थमा

अस्थमा के मरीज़ों के लिए सर्दियों का मौसम मुश्किलोें भरा होता है. कभी सांसों का तेज़ होना, तो कभी सांस लेने में तकलीफ़ इसके लक्षण हैं. अन्य लोगों की तुलना में इन्हें अपना ज़्यादा ध्यान रखना पड़ता है.
डॉक्टर की सलाह
ख़ुद को अच्छी तरह ढंककर रखें. बाहर निकलते समय नाक व मुंह को स्कार्फ से अच्छी तरह ढंक लें. अपनी दवाइयां नियमित लें और अपना इनहेलर हमेशा कैरी करें.
होम रेमेडीज़
– समान मात्रा में अदरक का रस, अनार का रस और शहद मिलाकर दिन में 2-3 बार 1-1 टेबलस्पून लें.
– 1 कप पानी में 1 टेबलस्पून मेथी उबालें और उसमें 1-1 टीस्पून अदरक का रस और शहद मिलाकर सुबह-शाम लें.
– सरसों के तेल में कपूर मिलाकर गरम करें. हल्के हाथों से सीने और पीठ में लगाएं. दिन में कई बार दोहराएं.
– 3 अंजीर रातभर भिगोकर रखें, सुबह अंजीर खाकर पानी पी लें.

हार्ट प्रॉब्लम्स

मौसम में ठंड के कारण हमारा ब्लडप्रेशर बढ़ जाता है और कोरोनरी आर्टरीज़ सिकुड़ने लगती हैं, जिससे रक्तसंचार धीमा हो जाता है. डॉक्टर्स के मुताबिक़ यही कारण है कि सदिर्र्यों में हार्ट अटैक के मामले बढ़ जाते हैं.
डॉक्टर की सलाह
बॉडी में वॉटर रिटेंशन न बढ़े, इसलिए खाने में नमक की मात्रा कम कर दें. फ्लू का टीका ज़रूर लगवाएं. एकदम सुबह-सुबह वॉक पर न जाएं, बल्कि धूप निकलने पर या शाम को जाएं. दो बार में हैवी खाने की बजाय 4-5 बार में थोड़ा-थोड़ा खाएं. अपने वज़न को नियंत्रित रखें. अगर वज़न अचानक से बढ़ने लगे, तो डॉक्टर को बताएं.
होम रेमेडीज़
– 1 ग्लास गुनगुने पानी में आधा टीस्पून अर्जुन की छाल का पाउडर और शहद मिलाकर लें. इससे आपको काफ़ी राहत मिलेगी.
– सर्दियों में रोज़ाना 2-3 लहसुन की कलियां खाएं. अगर लहसुन का स्वाद कसैला लगता है, तो उसके बाद 1 ग्लास दूध पीएं.
– हल्दी आपके लिए काफ़ी फ़ायदेमंद है. रोज़ाना 1 ग्लास दूध में आधा टीस्पून हल्दी पाउडर मिलाकर लें.

– सुनीता सिंह

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