Woman Cricket

 

ये भी पढें: न्यूज़ीलैंड को हराकर टीम इंडिया पहुंची सेमीफ़ाइनल में

ICC विमन्स वर्ल्ड कप फ़ाइनल: इंग्लैंड से हारा भारत, लेकिन जीता सबका दिल!
(ICC Women’s World Cup Final: England Beat India)
England ने टॉस जीता और पहले बल्लेबाज़ी करते हुए ७ विकेट पर २२८ रन बनाए.
भारत ने शानदार गेंदबाज़ी की. झूलन गोस्वामी ने ३ विकेट लिए.
२२९ रनों का पीछा करते हुए भारत को शुरुआती झटके लगे. मंधाना शून्य पर और कप्तान मिताली राज १७ रन बनाकर आउट हो गई.
उसके बाद पूनम राउत ने पूरी पारी को सम्भाला और हरमन प्रीत कौर के साथ भारत को जीत की क़रीब ले तो आई, लेकिन टीम आख़री मौक़े पर प्रेशर को झेल नहीं पाई.
हरमन के आउट होने के बाद पूनम डटी रही लेकिन वो भी ८६ रन पे आउट हो गई.

इस तरह से भारत फ़ाइनल में ९ रन से हारा और कप उठाने का सपना पूरा ना हो सका.

ये भी पढें: मिताली राज का वुमन क्रिकेट पर राज
ये भी पढें: भारत ने हराया पाकिस्तान को

 

mithali17_1459334982

इंग्लैंड में चल रहे आईसीआई वुमन वर्ल्ड कप में मिताली राज ने एक और उपलब्धि हासिल कर भारत को गौरवान्वित किया. वर्ल्ड कप के पांचवें मैच में ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़ खेलते हुए उन्होंने 69 रन की बेहतरीन पारी खेलने के साथ ही एक नया कीर्तिमान बनाया. वे महिला क्रिकेट मंें हाइएस्ट रन बनानेवाली बल्लेबाज़ बन गई हैं. उन्होंने इंग्लैंड की पूर्व खिलाड़ी चार्लेस एडवर्डस के रिकॉर्ड को तोड़ा. चार्लेस ने 191 मैच में 5992 रन बनाए थे, जबकि मिताली ने अपने 183वें मैच में यह करिश्मा कर दिखाया. कॉन्ग्रैच्युलेशन मिताली! बेस्ट ऑफ लक!

फ्लैश बैक

* 3 दिसंबर जोधपुर, राजस्थान में जन्मी मिताली ने भरतनाटयम सीखा था और कई कार्यक्रम भी किए थे, लेकिन इसमें और क्रिकेट में से किसी एक को चुनने पर उन्होंने क्रिकेट को चुना.

* उनकी कामयाबी में उनकी मां लीला राज और पिता धीरज राज का महत्वपूर्ण साथ और योगदान रहा.

* मिताली 51 स्ट्राइक रेट के साथ टेस्ट क्रिकेट में दोहरा शतक बनानेवाली पहली महिला भी हैं.

* दाहिने हाथ की बल्लेबाज़ मिताली ने 14 जनवरी 2002 इंग्लैंड के विरुद्ध टेस्ट करियर की शुरुआत की. अंतिम टेस्ट 16 नवंबर, 2014 दक्षिण अफ्रीका के ख़िलाफ़ रहा.

* वनडे 26 जून, 1999 आयरलैंड के विरुद्ध रहा.

* टी20 का आगाज़ 5 अगस्त, 2006 इंग्लैंड के ख़िलाफ़ और अंतिम 4 दिसंबर, 2016 पाकिस्तान के विरुद्ध रहा.

* साल 2004 में अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित.

* वे 2010, 2011 और 2012 में आईसीआई वर्ल्ड रैैंकिंग में पहले स्थान पर रहीं.

– ऊषा गुप्ता