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क्या आप भी करती हैं सेहत से जुड़ी ये 10 गलतियां (10 Health Mistakes All Women Make)

ख़ूबसूरत नज़र आने के लिए महिलाएं हर तरह की एक्सरसाइज़ और डायटिंग करने के साथ ही आउटफ़िट से लेकर एक्सेसरीज़ तक ढेरों एक्सपेरिमेंट करती हैं, लेकिन ऐसा करते समय कई बार वो ऐसी गलतियां करती हैं, जो उनकी सेहत के लिए खतरनाक हो सकती हैं. आइए, हम आपको सेहत से जुड़ी ऐसी 10 गलतियों के बारे में बताते हैं, जो लगभग सभी महिलाएं करती हैं.

Health Mistakes All Women Make

1) हाई हील वाले फुटवेयर्स पहनना
अक्सर महिलाएं कॉन्फिडेंट और इंप्रेसिव नज़र आने के लिए हाई हील वाली सैंडल पहनती हैं. अगर आप भी ऐसा करती हैं, तो ज़रा संभल जाइए, क्योंकि हाई हील वाले फुटवेयर्स आपका कॉन्फिडेंस बढ़ाएं न बढ़ाएं, लेकिन आपकी सेहत का ग्राफ़ ज़रूर गिरा देते हैं. दरअसल, हाई हील वाली सैंडल पहनने से बॉडी पोस्चर प्रभावित होता है, जिससे जोड़ों में दर्द, पैरों में सूजन, बैक पेन आदि की समस्या हो सकती है.
कैसे बचें इस गलती से?
अगर आप अपनी सेहत के साथ समझौता नहीं करना चाहतीं, तो 1.5 इंच या उससे कम हील वाले फुटवेयर्स पहनें. इससे आपका शौक़ भी पूरा हो जाएगा और किसी तरह की समस्या भी नहीं होगी.

2) हैवी हैंडबैग का इस्तेमाल
मोबाइल, वॉलेट, एक्सेसरीज़, कॉस्मेटिक्स आदि को हैंडबैग में एडजस्ट करने के चक्कर में महिलाएं अक्सर बड़ा बैग चुनती हैं और उनका ये ओवरसाइज़्ड बैग कब ओवर लोड हो जाता है, उन्हें पता ही नहीं चलता. ऐसे में भारी-भरकम बैग की वजह से पीठ, गर्दन व कंधे में दर्द की शिकायत हो जाती है और धीरे-धीरे ये दर्द गंभीर रूप लेता है.
कैसे बचें इस गलती से?
प्लस साइज़ की बजाय छोटी साइज़ का हैंडबैग यूज़ करें और अगर आप ओवरसाइज़्ड बैग ट्राई करना ही चाहती हैं, तो उसमें कम से कम सामान रखने की कोशिश करें.

3) मेकअप उतारे बिना सो जाना
कई महिलाएं देर रात पार्टी-फंक्शन से लौटने के बाद थकान की वजह से बिना मेकअप उतारे ही सो जाती हैं, जिससे उनके चेहरे की ख़ूबसूरती बिगड़ सकती है. रात में बिना मेकअप उतारे सोने से दिनभर की जमी चिकनाई और धूल-मिट्टी त्वचा पर ही चिपकी रह जाती है, जिससे रोम छिद्र बंद हो जाते हैं और त्वचा खुलकर सांस नहीं ले पाती. नतीजतन पिंपल्स की समस्या हो जाती है. इसी तरह मस्कारा व आई मेकअप से आंखों में जलन हो सकती है.
कैसे बचें इस गलती से?
पार्टी से आने के बाद अच्छी क्वालिटी के मेकअप रिमूवर से मेकअप उतारें.

4) ड्रिंक करना
करियर के साथ ही अब शराब पीने के मामले में भी महिलाएं पुरुषों से पीछे नहीं हैं, लेकिन अधिक शराब के सेवन से उनकी सेहत पर बुरा असर पड़ता है. हाल ही में हुए एक अध्ययन में भी यह बात सामने आई है कि ज़्यादा शराब पीने से महिलाओं के मस्तिष्क के उस हिस्से को नुक़सान पहुंचता है, जो याददाश्त को नियंत्रित करता है यानी उनकी याददाश्त कमज़ोर हो जाती है. इसी तरह गर्भावस्था में भी शराब पीना ख़तरनाक हो सकता है. इससे न केवल भ्रूण के विकास में समस्या आती है, बल्कि बच्चा मिर्गी आदि का भी शिकार हो सकता है.
कैसे बचें इस गलती से?
सेहतमंद बने रहने के लिए शराब की लत से बचें और पैसिव स्मोकिंग से भी दूर रहें.

5) गलत साइज़ की ब्रा पहनना
हाल में हुए एक शोध से यह बात सामने आई है कि लगभग 70 फ़ीसदी महिलाएं ग़लत साइज़ की ब्रा पहनती हैं, जिससे लुक के साथ ही उनकी सेहत भी प्रभावित होती है. ग़लत साइज़ की ब्रा की वजह से बैक, नेक व ब्रेस्ट पेन के चांसेस बढ़ जाते हैं. साथ ही स्किन इरीटेशन, ब्लड सर्कुलेशन प्रॉब्लम व ब्रेस्ट कैंसर का ख़तरा भी बढ़ जाता है.
कैसे बचें इस गलती से?
ब्रा ख़रीदने से पहले अपनी ब्रेस्ट साइज़ का माप जान लें. अगर आप प्रेग्नेंट हैं, तो एक साइज़ बड़ी ब्रा ख़रीदें, ताकि वो ब्रेस्ट साइज़ के साथ एडजस्ट हो जाए.

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6) तनावग्रस्त रहना
कॉम्पिटीशन के इस दौर में घर और ऑफ़िस दोनों जगह ख़ुद को बेहतर साबित करने के चक्कर में अक्सर महिलाएं तनावग्रस्त हो जाती हैं. लंबे समय तक तनावग्रस्त रहने से डिप्रेशन, अस्थमा, हाई ब्लड प्रेशर, हार्ट डिसीज़, कैंसर जैसी बीमारियों का ख़तरा बढ़ जाता है. हाल ही में हुए एक शोध के अनुसार, पीरियड्स के दौरान तनावग्रस्त रहने वाली महिलाओं के प्रेग्नेंट होने की संभावना कम हो जाती है. साथ ही वे सिरदर्द, पेट में ख़राबी, हाई ब्लड प्रेशर और दिल की बीमारियों की शिकार हो जाती हैं. इतना ही नहीं, धीरे-धीरे उनमें सेक्स की इच्छा भी ख़त्म होने लगती है.
कैसे बचें इस गलती से?
इन समस्याओं से निजात पाने के लिए नियमित रूप से एक्सरसाइज़ करें और सकारात्मक सोच विकसित करें. इससे आपको नई ऊर्जा मिलेगी. मुमकिन हो तो वीकेंड पर दोस्तों के साथ हॉलिडे पर चली जाएं, इससे आप फ्रेश और तनावमुक्त महसूस करेंगी.

7) साइज़ ज़ीरो फिगर पाने के लिए डायटिंग
साइज़ ज़ीरो फिगर के प्रति महिलाओं की दीवानगी उन्हें डायटिंग के लिए मजबूर कर रही है, लेकिन ऐसा करते समय वो ये नहीं सोचती कि स्लिम होने की उनकी इस कोशिश का उनकी सेहत पर कितना बुरा असर होता है. हाल ही में हुए एक शोध के अनुसार, डायटिंग करने से शरीर को ज़रूरी पोषक तत्व नहीं मिल पाते, जिसका नतीजा आंखों के नीचे काले घेरे, चेहरे का रंग फीका पड़ना, कमज़ोर हड्डियों और लो ब्लड प्रेशर के रूप में सामने आता है. इतना ही नहीं, क्रश डायटिंग (जल्दी पतला होने के लिए डायनिंग करना) से शरीर में कैलोरीज़, मिनरल और विटामिन्स की भी कमी हो जाती है, जिससे बालों का झड़ना, दोमुंहे और बेजान बालों की समस्या बढ़ जाती है. साथ ही नाखून और त्वचा की रंगत भी फीकी पड़ जाती है.
कैसे बचें इस गलती से?
डायटिंग करने में कोई बुराई नहीं, बशर्ते वो किसी अच्छे डायटीशियन की सलाह से की जाए. डायटिंग का मतलब ये नहीं कि आप खाना-पीना पूरी तरह बंद कर दें. बेहतर होगा कि ऐसा करने की बजाय अपनी डायट में कम ़फैट, हाई प्रोटीन व फ़ाइबर से भरपूर खाद्य पदार्थों को शामिल करें, ताकि स्लिम रहने के साथ ही आप हेल्दी भी बनी रहें.

8) इमोशनल ईटिंग
पुरुषों की तुलना में महिलाएं ज़्यादा इमोशनल होती हैं और अपनी भावनाओं को क़ाबू में रखने के लिए कई महिलाएं खाने का सहारा लेती हैं. ऐसे में अक्सर वो मीठी और अधिक कैलोरी वाली चीज़ें खा लेती हैं, जिससे उनका वज़न बढ़ने लगता है और वो मूड स्विंग, हाई ब्लड प्रेशर, शुगर जैसी बीमारियों की शिकार हो जाती हैं.
कैसे बचें इस गलती से?
‘इमोशनल ईटर’ बनने से बचें. जब भी आप पर इमोशन्स हावी होने लगें, तो उस वक़्त खाने पर से ध्यान हटाने के लिए ख़ुद को दूसरे कामों में व्यस्त रखें, जैसे- घर की सफ़ाई करें, गाना सुनें, क़िताब पढ़ें आदि.

9) पर्याप्त नींद न लेना
ख़राब सेहत के लिए कई बार अपर्याप्त नींद भी ज़िम्मेदार होती है और इसकी ज़्यादातर शिकार कामकाजी महिलाएं ही होती हैं. हाल ही में हुए एक शोध में कहा गया है कि 5 घंटे से कम सोने से हाइपरटेंशन और हार्ट डिसीज़ का ख़तरा बढ़ जाता है. साथ ही नींद पूरी न होने से हार्मोनल बैलेंस भी बिगड़ने लगता है, जिससे भूख बढ़ जाती है और ज़्यादा खाने से वज़न बढ़ने लगता है.
कैसे बचें इस गलती से?
हार्मोन्स के स्तर को बैलेंस करनेे के लिए रोज़ाना कम से कम 6 से 8 घंटे की नींद लें. अच्छी सेहत के लिए ये बहुत ज़रूरी है. इससे पाचन शक्ति और याददाश्त भी बढ़ती है.

10) ख़ुद की अनदेखी
महिलाएं अक्सर घर-परिवार और ऑफ़िस का तो पूरा ख़्याल रखती हैं, लेकिन इन सबके बीच वो ख़ुद की अनदेखी कर जाती हैं. घर-परिवार की देखभाल और बच्चों की मांग पूरी करने में वो इतनी बिज़ी रहती हैं कि उन्हें अपनी सेहत का ख़्याल ही नहीं रहता. ऐसा करते समय वो ये भूल जाती हैं कि दूसरों का ख़्याल रखने के लिए पहले ख़ुद सेहतमंद होना ज़रूरी है.
कैसे बचें इस गलती से?
परिवार के साथ ही अपना भी ख़्याल रखें. ख़ुद के लिए वक़्त निकालें. संतुलिट डायट लें, सुबह वॉक पर जाएं या घर पर ही एक्सरसाइज़, योगा आदि करें. इससे आप फिट और हेल्दी रहेंगी.

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कैसे दूर करें अपना डिप्रेशन (Natural Treatments For Depression)

डिप्रेशन के संकेत यदि वक़्त रहते समझ आ जाएं, तो इससे बहुत आसानी से बचा जा सकता है. यदि आपके घर में या आपके आसपास कोई व्यक्ति आपको डिप्रेस्ड दिखाई दे, तो खुद आगे बढ़कर उसकी मदद करें, उसके साथ वक़्त बिताएं, उसकी समस्या को समझने की कोशिश करें, उसे डिप्रेशन से बाहर निकलने में मदद करें. यदि इतना सब करने के बाद भी कोई सकारात्मक परिवर्तन न दिखाई दे, तो एक्सपर्ट की मदद लें. डिप्रेशन एक ऐसी नकारात्मक भावना है, जो व्यक्ति के जीवन से सारी खुशियां छीन लेती है. ऐसे व्यक्ति को जीवन में कुछ भी अच्छा नहीं लगता, कई बार तो उसकी जीने की इच्छा भी ख़त्म हो जाती है. ट्रांसफॉर्मेशन कोच हित्ती रंगनानी बता रही हैं डिप्रेशन को खुद से दूर करने के आसान और असरदार उपाय.

Depression

क्या हैं डिप्रेशन के कारण?
यदि किसी व्यक्ति के परिवार में अचानक किसी की मृत्यु हो जाए, किसी को बिज़नेस में बहुत बड़ा लॉस हो जाए, किसी की शादी टूट जाए… ऐसी कोई भी बात या घटना, जिसे आप चाहकर भी भूल नहीं पाते या जिसे सहन करना आपके लिए मुश्किल हो जाए, छह महीने बाद भी आप उस चीज़ को भूल न पाएं और आपका किसी चीज़ में मन न लगे, तो समझ जाइए कि ये डिप्रेशन है.

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क्या हैं डिप्रेशन के लक्षण?
डिप्रेशन की शुरुआत में चीज़ों में रुचि कम होने लगती है, फिर आप लोगों से कटने लगते हैं, सामाजिक समारोहों में जाने से कतराते हैं, घर से बाहर नहीं निकलना चाहते, आपका किसी काम में मन नहीं लगता, आप बहुत ज़्यादा सोने लगते हैं, आपका खाने का मन नहीं करता. जब ये स्थिति छह महीने बाद भी नहीं बदलती, तो मन में आत्महत्या के ख़्याल आने लगते हैं, जीने की रूचि ख़त्म होने लगती है.

डिप्रेशन को खुद से दूर करने के आसान और असरदार उपाय जानने के लिए देखें लाइफ कोच हित्ती रंगनानी का ये वीडियो:

आसान है डिप्रेशन को हराना
डिप्रेशन से बाहर निकलने के लिए सबसे ज़रूरी है किसी अपने का साथ, जिससे आप अपने मन की हर बात शेयर कर सकें, इसलिए अपने करीबी दोस्त या घर के करीबी सदस्य से अपने मन की बात शेयर करें. साथ ही अपनी लाइफस्टाइल में बदलाव करें. नियमित एक्सरसाइज़, योग, ध्यान, सही आहार, पूरी नींद आदि से आप डिप्रेशन से बाहर निकल सकते हैं. यदि इतना सब करने के बाद भी कोई सकारात्मक परिवर्तन न दिखाई दे, तो एक्सपर्ट की मदद लें.

Personal Problems: एक्टॉपिक प्रेग्नेंसी क्या होती है? (What Is Ectopic Pregnancy?)

मेरी शादी को दो साल हो गए हैं. मुझे हाल ही में पता चला है कि मैं गर्भवती हूं. जब मैंने सोनोग्राफ़ी करवाई तो पता चला कि गर्भ यूटेरस की बजाय ट्यूब में है यानी एक्टॉपिक प्रेग्नेंसी है, यह क्या है? और इसे हटाने के लिए क्या मुझे ऑपरेशन ही कराना पड़ेगा. क्या ऐसा कोई रास्ता नहीं है, जिससे मैं प्रेग्नेंसी जारी रख सकूं?
– रेणु घोष, असम.

3-4% महिलाएं ऐसी होती हैं, जिनकी प्रेग्नेंसी यूटेरस की बजाय ट्यूब में होती है, इसे ‘एक्टॉपिक प्रेग्नेंसी’ कहा जाता है. यह स्थिति ठीक नहीं है, क्योंकि ट्यूब बहुत नाज़ुक व पतली होती है. यदि इसका तुरंत इलाज नहीं किया गया तो ट्यूब फट सकती है और मरीज़ को पेट में हैवी ब्लीडिंग हो सकती है. समय पर इलाज न किया जाए तो मरीज़ की जान को ख़तरा भी हो सकता है. इसलिए समय पर ही इस समस्या का पता चलना बेहद ज़रूरी है. इसके लिए लेप्रोस्कोपी (की होल सर्जरी) द्वारा ट्यूब को हटाया जाता है. ऐसे मामले में नॉर्मल प्रेग्नेंसी जारी रखना बहुत मुश्किल है.

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Ectopic Pregnancy

मेरी 25 वर्षीया सहेली को ब्लड डोनेट करते समय पता चला कि वह एचआईवी पॉ़ज़िटिव है. क्या यह संभव है कि उसका बच्चा भी एचआईवी पॉ़ज़िटिव हो? उसके पति भी एचआईवी पॉ़ज़िटिव हैं. दोनों ही हेल्दी हैं और कोई ट्रीटमेंट नहीं ले रहे हैं.
– सविता त्रिवेदी, रायपुर.

आपकी सहेली और उनके पति दोनों को ही काउंसलर से मिलना चाहिए और काउंसलर की राय लेने के बाद ही कोई निर्णय लेना चाहिए. यदि वह सेफ़ प्रेग्नेंसी चाहती हैं तो प्रेग्नेंसी के दौरान कुछ मेडिसिन भी ले सकती हैं, ताकि बच्चे को इं़फेक्शन होने की संभावना को कम किया जा सके. अगर वह बच्चे को स्तनपान न कराएं तो इससे बच्चे को वायरस फैलने के चांसेस भी कम होंगे. जो भी हो, निर्णय उन्हें लेना है और सोच-समझकर कर ही निर्णय लें तो बेहतर है.

 

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Dr. Rajshree Kumar

डॉ. राजश्री कुमार
स्त्रीरोग व कैंसर विशेषज्ञ
[email protected]

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पर्सनल प्रॉब्लम्स: दूसरे बच्चे के लिए क्या एहतियात बरतनी चाहिए? (Second Baby Planning & Precaution Tips)

Second Baby, Planning, Precaution Tips
मेरी उम्र 34 और मेरे पति की 36 है. हमारा 7 साल का एक बेटा है. दूसरे बच्चे के लिए हमें क्या एहतियात बरतनी चाहिए?
– अदिती श्रीवास्तव, मेरठ.

अगर आप दूसरे बच्चे के बारे में सोच रही हैं, तो बिल्कुल भी देर न करें, क्योंकि जल्द ही आप 35 की होनेवाली हैं. अगर आप किसी तरह के प्रीकॉशन्स ले रही हैं, तो तुरंत बंद कर दें और फॉलिक एसिड टैबलेट्स लेना शुरू कर दें. अगर आपको डायबिटीज़, ब्लड प्रेशर या थायरॉइड जैसी कोई समस्या है, तो सबसे पहले किसी अच्छे डॉक्टर से मिलकर तसल्ली कर लें कि आपका शरीर गर्भधारण के लिए तैयार है. अगर नेचुरल तरी़के से आप 3-6 महीने के भीतर गर्भधारण करने में असक्षम हैं, तो आपको किसी गाइनाकोलॉजिस्ट से मिलना होगा.

पर्सनल प्रॉब्लम्स: दूसरे बच्चे के लिए क्या एहतियात बरतनी चाहिए? (Second Baby Planning & Precaution Tips)
मैं 24 साल की युवती हूं. पीरियड्स के दौरान मुझे व्हाइट डिस्चार्ज होता है, जिससे बदबू आती है और खुजली भी होती है. मुझे क्या करना चाहिए?
– धरा पंडित, श्रीनगर.

पीरियड्स के दौरान व्हाइट डिस्चार्ज दिखना मुश्किल है. हो सकता है, सैनिटरी पैड्स के कारण जलन व खुजली हो रही हो. खुजली और वेजाइनल डिस्चार्ज का कारण वेजाइना में बैक्टीरियल या फंगल इंफेक्शन हो सकता है. इसके लिए गाइनाकोलॉजिस्ट आपको 3-6 दिनों के लिए वेजाइनल टैबलेट्स, एंटी फंगल मेडिसिन्स, एंटी बायोटिक्स या कोई क्रीम दे सकते हैं. ध्यान रहे कि हमेशा कॉटन की अंडरवेयर्स ही पहनें और मेडिकेटेड पेरिनियल वॉशेज़ (प्राइवेट पार्ट के लिए इस्तेमाल होनेवाले लिक्विड वॉशेज़) से दूर रहें.

 

 

डॉ. राजश्री कुमार
स्त्रीरोग व कैंसर विशेषज्ञ
[email protected]

 

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