women health tips

वैसे तो ज़्यादातर भारतीय महिलाएं अपनी सेहत को लेकर लापरवाह ही रहती हैं, जिसके चलते उन्हें कई तकलीफ़ों का सामना करना पड़ता है, लेकिन सेहत से जुड़ी कुछ ऐसी ग़लतियां भी हैं, जिन्हें महिलाएं अनजाने में करती हैं. आइए जानते हैं सेहत से जुड़ी ऐसी 10 ग़लतियों के बारे में, जिन्हें महिलाएं अक्सर करती हैं.

Health Mistakes

1) अपनी सेहत पर ध्यान न देना
महिलाएं अक्सर घर-परिवार और ऑफ़िस का तो पूरा ख़्याल रखती हैं, लेकिन इन सबके बीच वो ख़ुद की अनदेखी कर जाती हैं. घर-परिवार की देखभाल और बच्चों की मांग पूरी करने में वो इतनी बिज़ी रहती हैं कि उन्हें अपनी सेहत का ख़्याल ही नहीं रहता. ऐसा करते समय वो ये भूल जाती हैं कि दूसरों का ख़्याल रखने के लिए पहले ख़ुद सेहतमंद होना ज़रूरी है.
क्या करें
परिवार के साथ-साथ अपना भी ध्यान रखें. ख़ुद के लिए वक़्त निकालें. हेल्दी डायट लें, सुबह वॉक पर जाएं या घर पर ही एक्सरसाइज़, योगा आदि करें. इससे आप फिट और हेल्दी रहेंगी.

2) पर्याप्त नींद न लेना
ख़राब सेहत के लिए कई बार अपर्याप्त नींद भी ज़िम्मेदार होती है और इसकी ज़्यादातर शिकार कामकाजी महिलाएं होती हैं. हाल ही में हुए एक शोध के अनुसार, 5 घंटे से कम सोने से हाइपरटेंशन और हार्ट डिसीज़ का ख़तरा बढ़ जाता है. साथ ही नींद पूरी न होने से हार्मोनल बैलेंस भी बिगड़ने लगता है, जिससे भूख बढ़ जाती है और ज़्यादा खाने से वज़न बढ़ने लगता है.
क्या करें
हार्मोन्स के स्तर को बैलेंस करनेे के लिए रोज़ाना कम से कम 6 से 8 घंटे की नींद लें. अच्छी सेहत के लिए ये बहुत ज़रूरी है. इससे पाचन शक्ति और याददाश्त भी बढ़ती है.

3) तनावग्रस्त रहना
कॉम्पिटीशन के इस दौर में घर और ऑफ़िस दोनों जगह ख़ुद को बेहतर साबित करने के चक्कर में अक्सर महिलाएं तनावग्रस्त हो जाती हैं. लंबे समय तक तनावग्रस्त रहने से डिप्रेशन, अस्थमा, हाई ब्लड प्रेशर, हार्ट डिसीज़, कैंसर जैसी बीमारियों का ख़तरा बढ़ जाता है. हाल ही में हुए एक शोध के अनुसार, पीरियड्स के दौरान तनावग्रस्त रहने वाली महिलाओं के प्रेग्नेंट होने की संभावना कम हो जाती है. साथ ही वे सिरदर्द, पेट में ख़राबी, हाई ब्लड प्रेशर और दिल की बीमारियों की शिकार हो जाती हैं. इतना ही नहीं, धीरे-धीरे उनमें सेक्स की इच्छा भी ख़त्म होने लगती है.
क्या करें
इन समस्याओं से निजात पाने के लिए नियमित रूप से एक्सरसाइज़ करें और सकारात्मक सोच विकसित करें. इससे आपको नई ऊर्जा मिलेगी. मुमकिन हो तो वीकेंड पर दोस्तों से मिलें या उनके साथ घूमने जाएं, इससे आप फ्रेश और तनावमुक्त महसूस करेंगी.

यह भी पढ़ें: 8 वेजाइनल प्रॉब्लम्स और उनके उपाय हर महिला को मालूम होने चाहिए (8 Vaginal Problems Every Woman Should Know About)

Health Mistakes

4) इमोशनल ईटिंग
पुरुषों की तुलना में महिलाएं ज़्यादा इमोशनल होती हैं और अपनी भावनाओं को क़ाबू में रखने के लिए कई महिलाएं खाने का सहारा लेती हैं. ऐसे में अक्सर वो मीठी और अधिक कैलोरी वाली चीज़ें खा लेती हैं, जिससे उनका वज़न बढ़ने लगता है और वो मूड स्विंग, हाई ब्लड प्रेशर, शुगर जैसी बीमारियों की शिकार हो जाती हैं.
क्या करें
‘इमोशनल ईटर’ बनने से बचें. जब भी आप पर इमोशन्स हावी होने लगें, तो उस वक़्त खाने पर से ध्यान हटाने के लिए ख़ुद को दूसरे कामों में व्यस्त रखें, जैसे- घर की सफ़ाई करें, गाना सुनें, क़िताब पढ़ें आदि.

5) ज़रूरत से ज़्यादा डायटिंग
हाल ही में हुए एक शोध के अनुसार, ज़रूरत से ज़्यादा डायटिंग करने से शरीर को ज़रूरी पोषक तत्व नहीं मिल पाते, जिससे आंखों के नीचे काले घेरे, चेहरे का रंग फीका पड़ना, हड्डियां कमज़ोर होना, लो ब्लड प्रेशर जैसी तकलीफें हो सकती हैं. लंबे समय तक डायटिंग करने से शरीर में कैलोरीज़, मिनरल और विटामिन्स की भी कमी हो जाती है, जिससे बालों का झड़ना, दोमुंहे और बेजान बालों की समस्या बढ़ जाती है. साथ ही नाखून और त्वचा की रंगत भी फीकी पड़ जाती है.
क्या करें
डायटिंग करने में कोई बुराई नहीं, बशर्ते वो किसी अच्छी डायटीशियन की सलाह से की जाए. डायटिंग का मतलब ये नहीं कि आप खाना-पीना पूरी तरह बंद कर दें. बेहतर होगा कि ऐसा करने की बजाय अपनी डायट में कम फैट, हाई प्रोटीन व फाइबर से भरपूर चीज़ों को शामिल करें, ताकि स्लिम रहने के साथ ही आप हेल्दी भी बनी रहें.

6) ड्रिंक करना
करियर के साथ ही अब शराब पीने के मामले में भी महिलाएं पुरुषों से पीछे नहीं हैं, लेकिन अधिक शराब के सेवन से सेहत पर बुरा असर पड़ता है. हाल ही में हुए एक अध्ययन में यह बात सामने आई है कि ज़्यादा शराब पीने से महिलाओं के मस्तिष्क के उस हिस्से को नुक़सान पहुंचता है, जो याददाश्त को नियंत्रित करता है यानी उनकी याददाश्त कमज़ोर हो जाती है. इसी तरह गर्भावस्था में भी शराब पीना ख़तरनाक हो सकता है. इससे न केवल भ्रूण के विकास में समस्या आती है, बल्कि बच्चा मिर्गी आदि का भी शिकार हो सकता है.
क्या करें
हेल्दी रहने के लिए शराब की लत से बचें और पैसिव स्मोकिंग से भी दूर रहें.

Health Mistakes

7) ग़लत साइज़ की ब्रा
हाल में हुए एक शोध से यह बात सामने आई है कि लगभग 70 फ़ीसदी महिलाएं ग़लत साइज़ की ब्रा पहनती हैं, जिससे लुक के साथ ही उनकी सेहत भी प्रभावित होती है. ग़लत साइज़ की ब्रा की वजह से बैक, नेक व ब्रेस्ट पेन की संभावना बढ़ जाती है. साथ ही रैशेज़, ब्लड सर्कुलेशन प्रॉब्लम व ब्रेस्ट कैंसर का ख़तरा भी बढ़ जाता है.
क्या करें
ब्रा ख़रीदने से पहले ब्रेस्ट साइज़ का माप जान लें. अगर आप प्रेग्नेंट हैं, तो एक साइज़ बड़ी ब्रा ख़रीदें, ताकि वो ब्रेस्ट साइज़ के साथ एडजस्ट हो जाए.

8) हाई हील वाले फुटवेयर्स पहनना
अक्सर महिलाएं कॉन्फिडेंट और इंप्रेसिव नज़र आने के लिए हाई हील वाली सैंडल पहनती हैं. अगर आप भी ऐसा करती हैं, तो ज़रा संभल जाइए, क्योंकि हाई हील वाले फुटवेयर्स आपका कॉन्फिडेंस बढ़ाएं न बढ़ाएं, लेकिन आपकी सेहत का ग्राफ़ ज़रूर गिरा देते हैं. हाई हील वाली सैंडल पहनने से बॉडी पोस्चर प्रभावित होता है, जिससे जोड़ों में दर्द, पैरों में सूजन, बैक पेन आदि की समस्या हो सकती है.
क्या करें
अगर आप अपनी सेहत के साथ समझौता नहीं करना चाहतीं, तो 1.5 इंच या उससे कम हील वाले फुटवेयर्स पहनें. इससे आपका शौक़ भी पूरा हो जाएगा और किसी तरह की समस्या भी नहीं होगी.

9) हैवी बैग का इस्तेमाल
मोबाइल, वॉलेट, एक्सेसरीज़, कॉस्मेटिक्स आदि को हैंडबैग में एडजस्ट करने के चक्कर में महिलाएं अक्सर बड़ा बैग चुनती हैं और उनका ये ओवरसाइज़्ड बैग कब ओवर लोड हो जाता है, उन्हें पता ही नहीं चलता. ऐसे में भारी-भरकम बैग की वजह से पीठ, गर्दन व कंधे में दर्द की शिकायत हो जाती है और धीरे-धीरे ये दर्द गंभीर रूप लेता है.
क्या करें
प्लस साइज़ की बजाय छोटे साइज़ का हैंडबैग इस्तेमाल करें और आप यदि ओवरसाइज़्ड बैग ट्राई करना ही चाहती हैं, तो उसमें कम से कम सामान रखने की कोशिश करें.

यह भी पढ़ें: अपनी उम्र से 10 साल छोटे नज़र आने के लिए ऐसे टर्न करें अपना बॉडी क्लॉक (Turn Back Your Age Clock And Look 10 Years Younger)

Health Mistakes

10) मेकअप उतारे बिना सो जाना
कई महिलाएं देर रात पार्टी-फंक्शन से लौटने के बाद थकान की वजह से बिना मेकअप उतारे ही सो जाती हैं, जिससे उनके चेहरे की ख़ूबसूरती बिगड़ सकती है. रात में बिना मेकअप उतारे सोने से दिनभर की जमी चिकनाई और धूल-मिट्टी त्वचा पर ही चिपकी रह जाती है, जिससे रोमछिद्र बंद हो जाते हैं और त्वचा खुलकर सांस नहीं ले पाती. इससे पिंपल्स की समस्या होती है. इसी तरह मस्कारा व आई मेकअप से आंखों में जलन हो सकती है.
क्या करें
पार्टी-फंक्शन से लौटने के बाद अच्छी क्वालिटी के मेकअप रिमूवर से मेकअप जरूर उतारें, वरना आपकी स्किन को नुक़सान हो सकता है.

ख़ूबसूरत नज़र आने के लिए महिलाएं हर तरह की एक्सरसाइज़ और डायटिंग करने के साथ ही आउटफ़िट से लेकर एक्सेसरीज़ तक ढेरों एक्सपेरिमेंट करती हैं, लेकिन ऐसा करते समय कई बार वो ऐसी गलतियां करती हैं, जो उनकी सेहत के लिए खतरनाक हो सकती हैं. आइए, हम आपको सेहत से जुड़ी ऐसी 10 गलतियों के बारे में बताते हैं, जो लगभग सभी महिलाएं करती हैं.

Health Mistakes All Women Make

1) हाई हील वाले फुटवेयर्स पहनना
अक्सर महिलाएं कॉन्फिडेंट और इंप्रेसिव नज़र आने के लिए हाई हील वाली सैंडल पहनती हैं. अगर आप भी ऐसा करती हैं, तो ज़रा संभल जाइए, क्योंकि हाई हील वाले फुटवेयर्स आपका कॉन्फिडेंस बढ़ाएं न बढ़ाएं, लेकिन आपकी सेहत का ग्राफ़ ज़रूर गिरा देते हैं. दरअसल, हाई हील वाली सैंडल पहनने से बॉडी पोस्चर प्रभावित होता है, जिससे जोड़ों में दर्द, पैरों में सूजन, बैक पेन आदि की समस्या हो सकती है.
कैसे बचें इस गलती से?
अगर आप अपनी सेहत के साथ समझौता नहीं करना चाहतीं, तो 1.5 इंच या उससे कम हील वाले फुटवेयर्स पहनें. इससे आपका शौक़ भी पूरा हो जाएगा और किसी तरह की समस्या भी नहीं होगी.

2) हैवी हैंडबैग का इस्तेमाल
मोबाइल, वॉलेट, एक्सेसरीज़, कॉस्मेटिक्स आदि को हैंडबैग में एडजस्ट करने के चक्कर में महिलाएं अक्सर बड़ा बैग चुनती हैं और उनका ये ओवरसाइज़्ड बैग कब ओवर लोड हो जाता है, उन्हें पता ही नहीं चलता. ऐसे में भारी-भरकम बैग की वजह से पीठ, गर्दन व कंधे में दर्द की शिकायत हो जाती है और धीरे-धीरे ये दर्द गंभीर रूप लेता है.
कैसे बचें इस गलती से?
प्लस साइज़ की बजाय छोटी साइज़ का हैंडबैग यूज़ करें और अगर आप ओवरसाइज़्ड बैग ट्राई करना ही चाहती हैं, तो उसमें कम से कम सामान रखने की कोशिश करें.

3) मेकअप उतारे बिना सो जाना
कई महिलाएं देर रात पार्टी-फंक्शन से लौटने के बाद थकान की वजह से बिना मेकअप उतारे ही सो जाती हैं, जिससे उनके चेहरे की ख़ूबसूरती बिगड़ सकती है. रात में बिना मेकअप उतारे सोने से दिनभर की जमी चिकनाई और धूल-मिट्टी त्वचा पर ही चिपकी रह जाती है, जिससे रोम छिद्र बंद हो जाते हैं और त्वचा खुलकर सांस नहीं ले पाती. नतीजतन पिंपल्स की समस्या हो जाती है. इसी तरह मस्कारा व आई मेकअप से आंखों में जलन हो सकती है.
कैसे बचें इस गलती से?
पार्टी से आने के बाद अच्छी क्वालिटी के मेकअप रिमूवर से मेकअप उतारें.

4) ड्रिंक करना
करियर के साथ ही अब शराब पीने के मामले में भी महिलाएं पुरुषों से पीछे नहीं हैं, लेकिन अधिक शराब के सेवन से उनकी सेहत पर बुरा असर पड़ता है. हाल ही में हुए एक अध्ययन में भी यह बात सामने आई है कि ज़्यादा शराब पीने से महिलाओं के मस्तिष्क के उस हिस्से को नुक़सान पहुंचता है, जो याददाश्त को नियंत्रित करता है यानी उनकी याददाश्त कमज़ोर हो जाती है. इसी तरह गर्भावस्था में भी शराब पीना ख़तरनाक हो सकता है. इससे न केवल भ्रूण के विकास में समस्या आती है, बल्कि बच्चा मिर्गी आदि का भी शिकार हो सकता है.
कैसे बचें इस गलती से?
सेहतमंद बने रहने के लिए शराब की लत से बचें और पैसिव स्मोकिंग से भी दूर रहें.

5) गलत साइज़ की ब्रा पहनना
हाल में हुए एक शोध से यह बात सामने आई है कि लगभग 70 फ़ीसदी महिलाएं ग़लत साइज़ की ब्रा पहनती हैं, जिससे लुक के साथ ही उनकी सेहत भी प्रभावित होती है. ग़लत साइज़ की ब्रा की वजह से बैक, नेक व ब्रेस्ट पेन के चांसेस बढ़ जाते हैं. साथ ही स्किन इरीटेशन, ब्लड सर्कुलेशन प्रॉब्लम व ब्रेस्ट कैंसर का ख़तरा भी बढ़ जाता है.
कैसे बचें इस गलती से?
ब्रा ख़रीदने से पहले अपनी ब्रेस्ट साइज़ का माप जान लें. अगर आप प्रेग्नेंट हैं, तो एक साइज़ बड़ी ब्रा ख़रीदें, ताकि वो ब्रेस्ट साइज़ के साथ एडजस्ट हो जाए.

यह भी पढ़ें: सेनेटरी पैड, टैम्पून और मेंस्ट्रुअल कप में से पीरियड्स में आपके लिए क्या है बेहतर? (Sanitary Pads, Tampons And Menstrual Cups Which Is Better For You?)

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6) तनावग्रस्त रहना
कॉम्पिटीशन के इस दौर में घर और ऑफ़िस दोनों जगह ख़ुद को बेहतर साबित करने के चक्कर में अक्सर महिलाएं तनावग्रस्त हो जाती हैं. लंबे समय तक तनावग्रस्त रहने से डिप्रेशन, अस्थमा, हाई ब्लड प्रेशर, हार्ट डिसीज़, कैंसर जैसी बीमारियों का ख़तरा बढ़ जाता है. हाल ही में हुए एक शोध के अनुसार, पीरियड्स के दौरान तनावग्रस्त रहने वाली महिलाओं के प्रेग्नेंट होने की संभावना कम हो जाती है. साथ ही वे सिरदर्द, पेट में ख़राबी, हाई ब्लड प्रेशर और दिल की बीमारियों की शिकार हो जाती हैं. इतना ही नहीं, धीरे-धीरे उनमें सेक्स की इच्छा भी ख़त्म होने लगती है.
कैसे बचें इस गलती से?
इन समस्याओं से निजात पाने के लिए नियमित रूप से एक्सरसाइज़ करें और सकारात्मक सोच विकसित करें. इससे आपको नई ऊर्जा मिलेगी. मुमकिन हो तो वीकेंड पर दोस्तों के साथ हॉलिडे पर चली जाएं, इससे आप फ्रेश और तनावमुक्त महसूस करेंगी.

7) साइज़ ज़ीरो फिगर पाने के लिए डायटिंग
साइज़ ज़ीरो फिगर के प्रति महिलाओं की दीवानगी उन्हें डायटिंग के लिए मजबूर कर रही है, लेकिन ऐसा करते समय वो ये नहीं सोचती कि स्लिम होने की उनकी इस कोशिश का उनकी सेहत पर कितना बुरा असर होता है. हाल ही में हुए एक शोध के अनुसार, डायटिंग करने से शरीर को ज़रूरी पोषक तत्व नहीं मिल पाते, जिसका नतीजा आंखों के नीचे काले घेरे, चेहरे का रंग फीका पड़ना, कमज़ोर हड्डियों और लो ब्लड प्रेशर के रूप में सामने आता है. इतना ही नहीं, क्रश डायटिंग (जल्दी पतला होने के लिए डायनिंग करना) से शरीर में कैलोरीज़, मिनरल और विटामिन्स की भी कमी हो जाती है, जिससे बालों का झड़ना, दोमुंहे और बेजान बालों की समस्या बढ़ जाती है. साथ ही नाखून और त्वचा की रंगत भी फीकी पड़ जाती है.
कैसे बचें इस गलती से?
डायटिंग करने में कोई बुराई नहीं, बशर्ते वो किसी अच्छे डायटीशियन की सलाह से की जाए. डायटिंग का मतलब ये नहीं कि आप खाना-पीना पूरी तरह बंद कर दें. बेहतर होगा कि ऐसा करने की बजाय अपनी डायट में कम ़फैट, हाई प्रोटीन व फ़ाइबर से भरपूर खाद्य पदार्थों को शामिल करें, ताकि स्लिम रहने के साथ ही आप हेल्दी भी बनी रहें.

8) इमोशनल ईटिंग
पुरुषों की तुलना में महिलाएं ज़्यादा इमोशनल होती हैं और अपनी भावनाओं को क़ाबू में रखने के लिए कई महिलाएं खाने का सहारा लेती हैं. ऐसे में अक्सर वो मीठी और अधिक कैलोरी वाली चीज़ें खा लेती हैं, जिससे उनका वज़न बढ़ने लगता है और वो मूड स्विंग, हाई ब्लड प्रेशर, शुगर जैसी बीमारियों की शिकार हो जाती हैं.
कैसे बचें इस गलती से?
‘इमोशनल ईटर’ बनने से बचें. जब भी आप पर इमोशन्स हावी होने लगें, तो उस वक़्त खाने पर से ध्यान हटाने के लिए ख़ुद को दूसरे कामों में व्यस्त रखें, जैसे- घर की सफ़ाई करें, गाना सुनें, क़िताब पढ़ें आदि.

9) पर्याप्त नींद न लेना
ख़राब सेहत के लिए कई बार अपर्याप्त नींद भी ज़िम्मेदार होती है और इसकी ज़्यादातर शिकार कामकाजी महिलाएं ही होती हैं. हाल ही में हुए एक शोध में कहा गया है कि 5 घंटे से कम सोने से हाइपरटेंशन और हार्ट डिसीज़ का ख़तरा बढ़ जाता है. साथ ही नींद पूरी न होने से हार्मोनल बैलेंस भी बिगड़ने लगता है, जिससे भूख बढ़ जाती है और ज़्यादा खाने से वज़न बढ़ने लगता है.
कैसे बचें इस गलती से?
हार्मोन्स के स्तर को बैलेंस करनेे के लिए रोज़ाना कम से कम 6 से 8 घंटे की नींद लें. अच्छी सेहत के लिए ये बहुत ज़रूरी है. इससे पाचन शक्ति और याददाश्त भी बढ़ती है.

10) ख़ुद की अनदेखी
महिलाएं अक्सर घर-परिवार और ऑफ़िस का तो पूरा ख़्याल रखती हैं, लेकिन इन सबके बीच वो ख़ुद की अनदेखी कर जाती हैं. घर-परिवार की देखभाल और बच्चों की मांग पूरी करने में वो इतनी बिज़ी रहती हैं कि उन्हें अपनी सेहत का ख़्याल ही नहीं रहता. ऐसा करते समय वो ये भूल जाती हैं कि दूसरों का ख़्याल रखने के लिए पहले ख़ुद सेहतमंद होना ज़रूरी है.
कैसे बचें इस गलती से?
परिवार के साथ ही अपना भी ख़्याल रखें. ख़ुद के लिए वक़्त निकालें. संतुलिट डायट लें, सुबह वॉक पर जाएं या घर पर ही एक्सरसाइज़, योगा आदि करें. इससे आप फिट और हेल्दी रहेंगी.

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व्हाइट डिस्चार्ज (White Discharge) (श्‍वेत प्रदर) से बचने के 10 घरेलू उपाय (Home Remedies) आज़माकर आप आसानी से व्हाइट डिस्चार्ज से छुटकारा पा सकती हैं. व्हाइट डिस्चार्ज (श्‍वेत प्रदर) महिलाओं (Women) की एक आम समस्या (Common Problem) है. हर महिला को कभी न कभी व्हाइट डिस्चार्ज (श्‍वेत प्रदर) की समस्या हो ही जाती है, ऐसे में व्हाइट डिस्चार्ज (श्‍वेत प्रदर) से बचने के 10 घरेलू उपाय आपके बहुत काम आएंगे.

Home Remedies To Cure White Discharge

व्हाइट डिस्चार्ज (श्‍वेत प्रदर) की समस्या मानसिक भी हो सकती है
क्या आप जानती हैं कि महिलाओं में व्हाइट डिस्चार्ज (श्‍वेत प्रदर) की समस्या पति-पत्नी में आपसी मतभेद या तनाव के कारण भी हो सकती है? जी हां, यदि आपके अपने पार्टनर से रिश्ते मधुर नहीं हैं, तो इसके कारण भी आपको व्हाइट डिस्चार्ज (श्‍वेत प्रदर) की समस्या हो सकती है. व्हाइट डिस्चार्ज (श्‍वेत प्रदर) की समस्या के क्या कारण होते हैं और इससे कैसे छुटकारा पाया जाए, बता रही हैं साइकोलॉजिस्ट और वुमन हेल्थ काउंसलर नम्रता जैन.

व्हाइट डिस्चार्ज (श्‍वेत प्रदर) के कारण और उससे बचने के उपाय जानने के लिए देखें वीडियो:

 

व्हाइट डिस्चार्ज (श्‍वेत प्रदर) से बचने के 10 घरेलू उपाय:
1) रोज़ाना दो-तीन केला खाने से श्‍वेतप्रदर की समस्या दूर होती है.
2) 3 ग्राम आंवले का पाउडर शहद के साथ दिन में तीन बार चाटने से लाभ होता है.
3) गूलर का फूल पीसकर और उसमें मिश्री व शहद मिलाकर दो-तीन बार सेवन करने से फ़ायदा मिलता है.
4) स़फेद मूसली पाउडर या ईसबगोल को सुबह- शाम शर्बत के साथ पीने से आराम मिलता है.
5) हरे आंवले को पीस कर उसे जौ के आटे में मिलाकर उसकी रोटी एक महीने तक खाने से श्‍वेतप्रदर से आराम मिलता है.

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6) टमाटर का रोज़ाना सेवन करने से भी फ़ायदा मिलता है.
7) फालसे का शर्बत पीने से श्‍वेत प्रदर में आराम मिलता है.
8) मुलहठी 10 ग्राम, मिश्री 20 ग्राम, जीरा 5 ग्राम, अशोक की छाल 10 ग्राम- इन सभी का चूर्ण बनाकर रख लें. इसमें 3 से 4 ग्राम चूर्ण दिन में तीन बार खाएं.
9) कच्चे केले को सुखाकर चूर्ण बना लें. उसमें समान मात्रा में गुड़ मिलाकर दिन में तीन बार कुछ दिन तक लेने से आराम मिलता है.
10) सिंघाड़ा, गोखरू, बड़ी इलायची, बबूल की गोंद, शक्कर, सेमल की गोंद समान मात्रा में मिलाकर सुबह-शाम लें.

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