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Personal Problems: मिसकैरेज के बाद प्रेग्नेंसी के कितने चांसेज़ हैं? (What Are The Chances For Pregnancy After Miscarriage?)

Chances For Pregnancy After Miscarriage
मैं 40 वर्षीया कामकाजी महिला हूं. मैं यह जानना चाहती हूं कि मेरे लिए इस उम्र में कौन-से टेस्ट्स करवाने ज़रूरी हैं?
– महक वर्मा, जालंधर.

किसी भी हेल्थ प्रोफेशनल से आप अपना जनरल चेकअप करवा सकती हैं, जिसमें बीपी, पल्स रेट, चेस्ट व हार्ट की जांच के अलावा सिर से पैर तक की जांच की जाती है. इसके साथ ही पैप स्मियर टेस्ट व पेल्विक की जांच भी ज़रूर करवाएं. अगर कुछ डिटेक्ट हुआ, तो आपको सोनोग्राफी भी करानी पड़ सकती है. इसके अलावा साल में एक बार बेसिक एक्ज़ामिनेशन, जैसे- ब्लड टेस्ट, लिपिड प्रोफाइल, लीवर और किडनी प्रोफाइल, चेस्ट एक्स-रे और ईसीजी ज़रूर करवाएं. अगर आप फिट और हेल्दी हैं, फिर भी हर साल आंख और दांत की जांच ज़रूर करवाएं.

यह भी पढ़ें: क्या कंसीव करने की संभावना को जानने के लिए कोई टेस्ट है?

 

Chances For Pregnancy After Miscarriage

मैं 34 वर्षीया कामकाजी महिला हूं. 4 साल पहले मेरा मिसकैरेज हो गया था, जिसके बाद से अब तक मैं कंसीव नहीं कर पाई हूं. मेरी प्रेग्नेंसी के कितने चांसेज़ हैं? कृपया, मार्गदर्शन करें.

– राखी सक्सेना, नई दिल्ली.

35 साल की उम्र के बाद महिलाओं में फर्टिलिटी धीरे-धीरे घटने लगती है, जो 40 के बाद बहुत तेज़ी से घटती है. जैसा कि आपने बताया कि 4 साल पहले आपका मिसकैरेज हो चुका है, इसलिए सबसे पहले आपकी जांच करनी होगी. साथ ही आपके पति की फर्टिलिटी चेक करने के लिए उनका सिमेन एनालिसेस टेस्ट कराना होगा. अगर आपके पीरियड्स रेग्युलर हैं, तो इसका मतलब है कि आपकी ओवरीज़ सही तरी़के से काम कर रही हैं. ऐसे में ट्यूब्स की जांच करनी होगी. कई बार ओवरीज़ और ट्यूब्स नॉर्मल होते हैं, पर बार-बार हो रहे पेल्विक इंफेक्शन के कारण भी कंसीव करने में परेशानी होती है, जिसके लिए लैप्रोस्कोपिक जांच ज़रूरी है. बेहतर होगा कि आप अपने गायनाकोलॉजिस्ट को कंसल्ट कर लें.

यह भी पढ़ें: पर्सनल प्रॉब्लम्स: गर्भधारण नहीं कर पा रही हूं, क्या मुझमें कोई प्रॉब्लम है?

 

 डॉ. राजश्री कुमार
स्त्रीरोग व कैंसर विशेषज्ञ
[email protected]

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Personal Problems: क्या 35 के बाद मां बनना रिस्की है? (Does Pregnancy After 35 Has Risks?)

Pregnancy after age 35, second pregnancy after 35
मैं 35 साल की हूं. मेरी शादी देर से हुई है. मैं मां बनना चाहती हूं, लेकिन मैंने सुना है कि 35 के बाद मां बनना रिस्की होता है और बच्चे सुंदर, स्वस्थ होने की पूरी गारंटी नहीं होती. क्या ये सच है. मैं क्या करूं?

ये सच है कि 30 की उम्र के बाद मां बनना थोड़ा ख़तरनाक होता है. वैज्ञानिक शोधों से भी यह बात साबित हो चुकी है.  ऐसे में एबनॉर्मल बच्चे (जैसे अपंग या विकलांग बच्चे) होने की संभावना बढ़ जाती है. पर ये ज़रूरी नहीं कि एबनॉर्मल बच्चा ही पैदा हो. आप जेनेटिक काउंसलिंग करवा सकती हैं. वैसे बता दूं कि मां बनने की सही उम्र 30- 35 है.

यह भी पढ़ें: कंडोम के इस्तेमाल से प्राइवेट पार्ट में खुजली व जलन क्यों होती है?

Pregnancy after age 35, second pregnancy after 35

 

मैं 20 साल की हूं. मेरी समस्या यह है कि अन्य लड़कियों की तुलना में मेरे स्तन बहुत छोटे हैं. मैंने कई ऐसे विज्ञापन पढ़े हैं, जो बिना किसी सर्जरी के स्तन का आकार बढ़ाने का दावा करते हैं. मेरी जल्दी ही शादी होनेवाली है. मैं उन इलाजों और उनके साइड इ़फेक्ट्स के बारे में जानना चाहती हूं.

ये सच है कि ब्रेस्ट एनलार्जमेंट के लिए आए दिन विज्ञापन प्रकाशित होते रहते हैं, लेकिन उनकी सच्चाई के बारे में कुछ भी कहना मुश्किल है. अगर आप चाहें तो एक्सरसाइज़ करके अपने स्तनों का आकार बढ़ा सकती हैं. इसके लिए आप जिम ज्वाइन कर सकती हैं और इंस्ट्रक्टर को अपना उद्ददेश्य बता दें. इसके अलावा आप गर्भनिरोधक गोलियों का इस्तेमाल भी कर सकती हैं. ये न सिर्फ़ स्तनों का आकार बढ़ाएंगी, बल्कि अनचाहे गर्भ से भी सुरक्षित रखेंगी. वैसे सबसे अच्छा तरीका है-ब्रेस्ट इम्प्लांट, जिसमें 40,000 से 80,000 रुपए ख़र्च आता है. वैसे मेरा मानना है कि ये सब दिमागी फ़ितूर है. अगर आप अपने शरीर के बारे में पॉज़िटिव सोच रखें तो ब्रेस्ट का साइज़ कोई मायने नहीं रखता.

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 डॉ. राजश्री कुमार
स्त्रीरोग व कैंसर विशेषज्ञ
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Personal Problems: क्या प्रेग्नेंसी में ब्लडप्रेशर की दवा लेना सेफ है? (Is It Safe To Have Blood Pressure Medicine During Pregnancy?)

Safe, Blood Pressure. Medicine During Pregnancy
मेरी नौ महीने की बेटी है, जिसे मैं ब्रेस्ट फीडिंग करती हूं. मेरी प्रेग्नेंसी रिपोर्ट पॉज़ीटिव आई है और सोनोग्राफी में 5 हफ़्ते की प्रेग्नेंसी का पता चला है. मेरे डॉक्टर ने मुझे सर्जिकल एबॉर्शन की बजाय मेडिकल एबॉर्शन की सलाह दी है. क्या यह सेफ और इफेक्टिव है?
– महिमा झा, हिसार.

स्टडीज़ में यह बात साबित हो चुकी है कि मेडिकल एबॉर्शन सेफ और इफेक्टिव तरीक़ा है. इसमें दो गोलियां दी जाती हैं. सर्जिकल प्रोसीजर भले ही कितना भी छोटा हो, फिर भी उसमें एनीस्थिसिया दिया जाता है और प्रोसीजर में कॉम्प्लीकेशंस की संभावना भी बनी रहती है, क्योंकि आपके डॉक्टर ने आपको मेडिकल एबॉर्शन की सलाह दी है, तो उन्होंने इसके बारे में आपको पूरी जानकारी भी दी होगी. इसलिए बेफिक्र रहें. ये बिल्कुल सेफ है.

 Blood Pressure Medicine During Pregnancy
मैं पहली बार मां बनी हूं और मेरी 8 महीने की प्रेग्नेंसी है. डॉक्टर ने कहा है कि मेरा ब्लड प्रेशर बढ़ रहा है, जिसे कंट्रोल करने के लिए मुझे दवा लेनी होगी. कहीं ये दवाएं मेरे बच्चे को कोई नुक़सान तो नहीं पहुंचाएंगी? मुझे क्या करना चाहिए?
– अमृता जैन, राजकोट.

पहली बार मां बननेवाली बहुत-सी महिलाओं को यह समस्या होती है, जिसे प्रेग्नेंसी के कारण होनेवाला हाइपरटेंशन कहते हैं. अगर ब्लड प्रेशर कंट्रोल न किया गया, तो यह आपके और आपके बच्चे की सेहत को नुक़सान पहुंचा सकता है. ज़्यादातर एंटी-हाइपरटेंसिव दवाएं टेस्टेड ही होती हैं, इसलिए इफेक्टिव और बच्चों के लिए सेफ हैं. अगर आपके डॉक्टर ने आपको इसकी सलाह दी है, तो वैसा ही करें.

 

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 डॉ. राजश्री कुमार
स्त्रीरोग व कैंसर विशेषज्ञ
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पर्सनल प्रॉब्लम्स: पीरियड्स के दौरान असहनीय दर्द होता है (Possible Reasons For Painful Periods)

Reasons For Painful Periods
मैं 24 वर्षीया अविवाहित युवती हूं. हर महीने पीरियड्स के दौरान मुझे असहनीय दर्द होता है और मेरी रूटीन एकदम से बिगड़ जाती है. कृपया, कोई उचित मार्गदर्शन करें.
– नूपुर सेन, दिल्ली.

पीरियड्स के शुरुआती दिनों में दर्द नहीं होता, लेकिन कुछ सालों बाद दर्द शुरू हो जाता है. यह ओव्यूलेशन के कारण होता है. पीरियड्स के पहले दिन ज़्यादा दर्द होता है, पर धीरे-धीरे दर्द कम होने लगता है. आपके दर्द का कारण एंडोमेट्रियोसिस भी हो सकता है. सामान्य एंडोमेट्रियोसिस की स्थिति में दवा से आसानी से इलाज हो जाता है, लेकिन गंभीर एंडोमेट्रियोसिस के मामले में आपको लैप्रोस्कोपिक सर्जरी करवानी पड़ सकती है.

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Reasons For Painful Periods

कई सालों पहले फायब्रॉइड्स के कारण मुझे अपना यूटरस निकलवाना पड़ा था. अब जब भी खांसती हूं या किसी काम के लिए ज़ोर लगाती हूं, तो वेजाइना बाहर की तरफ़ आ जाता है. मुझे क्या करना चाहिए?
 – रचना जाधव, पुणे.

आपके द्वारा बताए गए लक्षणों से लगता है कि आपको वॉल्ट प्रोलैप्स है. यूटरस निकलवाने के बाद कभी-कभी इस तरह की समस्या सामने आ जाती है. इसके लिए आपको वेजाइनल या लैप्रोस्कोपिक सर्जरी करवानी पड़ेगी. इस विषय में अधिक जानकारी के लिए जल्द से जल्द अपने डॉक्टर से संपर्क करें.

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यह भी पढ़ें: पर्सनल प्रॉब्लम्स: गर्भधारण नहीं कर पा रही हूं, क्या मुझमें कोई प्रॉब्लम है?

 

डॉ. राजश्री कुमार
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पर्सनल प्रॉब्लम्स: क्या पति का सीमेन टेस्ट करवाना ज़रूरी है? (How Important Is Semen (Sperm Count) Test?)

How Important Is Semen Sperm Count Test
मैं 25 वर्षीया महिला हूं और शादी के 4 साल बाद भी कंसीव नहीं कर पाई हूं. मेरी सभी रिपोर्ट्स नॉर्मल हैं, पर पति का सीमेन टेस्ट नहीं हुआ है. क्या यह ज़रूरी है? कृपया, मेरा मार्गदर्शन करें.
– मीनाक्षी यादव, वाराणसी.

यह बहुत ज़रूरी है, क्योंकि कंसीव न कर पाने के 1/3 मामलों में कारण पुरुषों से जुड़े होते हैं. इसके लिए ज़रूरी है कि आपके पति किसी तरह की एंटीबायोटिक्स न ले रहे हों और उन्हें बुख़ार न हो. टेस्ट के 3-4 दिन पहले से ही शारीरिक संबंध न बनाएं, पर यह भी ध्यान रहे कि कई हफ़्तों का गैप न हो. अगर पति टूर पर थे, तो शारीरिक रिश्ते सामान्य होने पर ही टेस्ट कराएं. सीमेन मास्टरबेशन के ज़रिए लैब द्वारा दी गई शीशी में ही रखें. कभी भी कंडोम में सीमेन इकट्ठा न करें. रिपोर्ट आने पर ही अगला क़दम उठा सकते हैं.

यह भी पढ़ें: पर्सनल प्रॉब्लम्स: वेजाइनल डिस्चार्ज के साथ होनेवाली खुजली कहीं एसटीडी तो नहीं?

 How Important Is Semen Sperm Count Test
मैं 48 वर्षीया महिला हूं और ट्रीटमेंट के बावजूद पिछले कई सालों से हेवी ब्लीडिंग से परेशान हूं. डॉक्टर ने मुझे हिस्टेरेक्टॉमी की सलाह दी है. कृपया, इसके साइड इफेक्ट्स के बारे में बताएं.
– रेखा वर्मा, कानपुर.

हिस्टेरेक्टॉमी में सर्जरी के ज़रिए यूटरस और सर्विक्स निकाल दी जाती हैं. यह सर्जरी एब्डॉमिनल, वेजाइनल और लैप्रोस्कोपिक तरीक़ों से की जा सकती है. वेजाइनल और लैप्रोस्कोपिक दोनों ही बेहतरीन तरी़के हैं, क्योंकि इनमें रिकवरी तेज़ी से होती है और ज़्यादा ब्लीडिंग भी नहीं होती. कुछ ही हफ़्तों में आप अपनी नॉर्मल लाइफ शुरू कर सकती हैं. सर्जरी के दौरान ओवरीज़ भी निकाल देने से एस्ट्रोजेन की कमी हो जाती है, जिससे मेनोपॉज़ के सभी लक्षण महसूस होते हैं. हालांकि सर्जरी के बाद डॉक्टर आपको क्या करें, क्या न करें की पूरी लिस्ट देंगे. सर्जरी के बाद आपको हाई फाइबर डायट लेना होगा, ताकि कफ़ या कब्ज़ की शिकायत न हो, वरना आपकी सर्जरी पर इसका असर पड़ेगा.

यह भी पढ़ें: पर्सनल प्रॉब्लम्स: एग फ्रीज़िंग की प्रक्रिया में कितना वक्त लगता है?

 

डॉ. राजश्री कुमार
स्त्रीरोग व कैंसर विशेषज्ञ
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पर्सनल प्रॉब्लम्स: पीरियड्स पोस्टपोन कैसे करूं? (How Can I Postpone My Periods?)

How Can I Postpone My Periods
मैं ट्रैवेलिंग पर जानेवाली हूं, इसलिए अपने पीरियड्स प्रीपोन या पोस्टपोन करना चाहती हूं. पिछले 4 सालों से मैं बर्थ कंट्रोल पिल्स ले रही हूं और मेरा पीरियड साइकल 30-32 दिनों का है. ऐसे में मुझे क्या करना चाहिए?
– रंजना कुमार, नई दिल्ली.

पीरियड्स प्रीपोन करने की बजाय पोस्टपोन करना ज़्यादा अच्छा होगा. जैसा कि आपने बताया कि आप बर्थ कंट्रोल पिल्स लेती हैं, तो 7 दिन का जो पिल फ्री वीक का ब्रेक होता है, उसे नज़रअंदाज़ करें और बिना किसी ब्रेक के आप अपनी पिल्स लगातार लेती रहें. पिल्स बंद करते ही कुछ ही दिनों में आपके पीरियड्स आ जाएंगे. बेहतर होगा कि अपने गायनाकोलॉजिस्ट सेे मिलें, वो आपको बेहतर गाइड कर पाएंगे.

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How Can I Postpone My Periods

मैं 16 वर्षीया लड़की हूं. मेरी बाकी सहेलियों की तरह मुझे पीरियड्स नहीं आते, जबकि 14 साल की उम्र से ही हर महीने मुझे पेटदर्द होता है. अल्ट्रासाउंड से पता चला है कि मेरे गर्भाशय और योनि में खून जमा है. डॉक्टर के मुताबिक़ पीरियड्स के लिए मुझे एक छोटा-सा ऑपरेशन करवाना होगा. क्या ऐसा होता है?
– प्रगति सिन्हा, रायपुर.

आमतौर पर 11 से 14 साल के बीच लड़कियों के पीरियड्स आ जाते हैं, पर आपकी जो स्थिति है उसे हेमाटोकोल्पोस और हेमाटोमेत्रा कहते हैं, जिसमें ब्लड वेजाइना और यूटरस में जमा होता रहता है. आपकी वेजाइनल ओपनिंग बंद है, जिसके कारण ब्लड वेजाइना और यूटरस में जमा हो रहा है. जैसा कि आपने बताया कि 14 साल की उम्र से ही आपको हर महीने दर्द होता है, पर पीरियड्स नहीं होते, दरअसल तभी से आपके पीरियड्स शुरू हो गए हैं, पर वेजाइनल ओपनिंग के बंद होने के कारण ब्लड बाहर नहीं निकल पाया. आपको डरने की कोई ज़रूरत नहीं. बस, एक छोटे-से ऑपरेशन से सब ठीक हो जाएगा और आपके पीरियड्स नॉर्मल हो जाएंगे.

यह भी पढ़ें: कंडोम के इस्तेमाल से प्राइवेट पार्ट में खुजली व जलन क्यों होती है?

 

डॉ. राजश्री कुमार
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पर्सनल प्रॉब्लम्स: क्या आईवीएफ की मदद से कंसीव कर पाऊंगी? (How In Vitro Fertilization Can Help Me Conceive?)

Vitro Fertilization Can Help Me Conceive
मैं 35 वर्षीया शादीशुदा महिला हूं. पिछले 2 सालों से मैं कंसीव नहीं कर पा रही हूं. कृपया, बताएं कि आईवीएफ की मदद से किन रिप्रोडक्टिव प्रॉब्लम्स को सुलझाया जाता है?
– अंकिता शाह, राजकोट.

आईवीएफ निम्नलिखित परिस्थितियों में आपकी मदद कर सकता है- अगर आपकी इंफर्टिलिटी के कारण का पता नहीं चल पाया है, आपके फैलोपियन ट्यूब्स ब्लॉक्ड हैं, आप फर्टिलिटी ड्रग्स और इंट्रायूटेराइन इंसेमिनेशन प्रक्रिया में असफल हो चुकी हैं या फिर जहां इसके साथ मेल सब-फर्टिलिटी की थोड़ी-बहुत संभावना है. आईवीएफ यानी इन विट्रो फर्टिलाइज़ेशन, जिसका अर्थ है ‘ग्लास में फर्टिलाइज़ेशन’ जिसे आमतौर पर ‘टेस्ट ट्यूब बेबी’ के नाम से भी जाना जाता है. आईवीएफ की प्रक्रिया में महिला की ओवरी से अंडों को निकालकर पुरुष के स्पर्म्स के साथ लैब में फर्टिलाइज़ किया जाता है और इसके बाद इस फर्टिलाइज़्ड अंडे को दोबारा महिला के गर्भाशय में डाल दिया जाता है.

यह भी पढ़ें: क्या डायबिटीज़ में गर्भधारण सुरक्षित है?

Vitro Fertilization Can Help Me Conceive

मैं 29 वर्षीया शादीशुदा महिला हूं और एंडोमिट्रियोसिस के बारे में जानना चाहती हूं. यह क्या होता है और इसके लिए क्या उपचार उपलब्ध हैं?
– कुसुम देसाई, अमरावती.

एंडोमिट्रियोसिस ऐसी अवस्था है, जब गर्भाशय की लाइनिंग गर्भाशय के बाहर ओवरीज़ पर या पेल्विक के भीतर चली जाती है. इसके कारण दर्दयुक्त माहवारी, पेल्विक एरिया में दर्द, इंफर्टिलिटी जैसी समस्याएं परेशान कर सकती हैं. हालांकि पेनकिलर्स, हार्मोन ट्रीटमेंट्स और सर्जरी की मदद से इससे छुटकारा पाया जा सकता है, पर मरीज़ की अवस्था को देखते हुए डॉक्टर उपयुक्त उपचार की सलाह देते हैं. हार्मोनल ट्रीटमेंट्स में बर्थ  कंट्रोल पिल्स, मिरेना इंट्रा यूटेराइन सिस्टम और हार्मोनल इंजेक्शन के ज़रिए इसका इलाज किया जाता है.

यह भी पढ़ें: पीरियड्स के पहले ब्रेस्ट्स में गाँठ कहीं कैंसर तो नहीं?

 

डॉ. राजश्री कुमार
स्त्रीरोग व कैंसर विशेषज्ञ
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पर्सनल प्रॉब्लम्स: क्या गर्भनिरोधक गोलियों से ब्रेस्ट कैंसर की संभावना बढ़ जाती है? (Do Contraceptive Pills Increase Risk Of Breast Cancer?)

Contraceptive Pills, Risk Of Breast Cancer
मेरी कई सहेलियां गर्भनिरोधक गोलियों का इस्तेमाल करती हैं, पर उनके अनुसार इसके ज़्यादा सेवन से ब्रेस्ट कैंसर होने की संभावना बढ़ जाती है. क्या यह सच है?
– रश्मि भूषण, रोहतक.

स्टडीज़ में यह बात साबित हो चुकी है कि जो महिलाएं गर्भनिरोधक गोलियों का इस्तेमाल करती हैं, उनमें बाकी महिलाओं के मुक़ाबले बे्रस्ट कैंसर, लिवर व सर्वाइकल कैंसर की संभावना थोड़ी ज़्यादा बढ़ जाती है. वैसे कई और कारण हैं, जो ब्रेस्ट कैंसर के रिस्क को बढ़ा देते हैं, जैसे- कम उम्र में पीरियड्स की शुरुआत, हार्मोनल कारण, देरी से मेनोपॉज़ होना, पहली प्रेग्नेंसी ज़्यादा उम्र में होना, बच्चे न होना आदि.

यह भी पढ़ें: पर्सनल प्रॉब्लम्स: गर्भधारण नहीं कर पा रही हूं, क्या मुझमें कोई प्रॉब्लम है?

 

 Contraceptive Pills, Risk Of Breast Cancer
मैं 41 वर्षीया महिला हूं और कमरदर्द से परेशान हूं. पेनकिलर्स लेने पर आराम हो जाता है, पर फिर स्थिति वही हो जाती है. डॉक्टर ने मुझे विटामिन डी3 लेवल चेक कराने की सलाह दी है. क्या यह ज़रूरी है?
– ज्योति पांडे, भोपाल.

विटामिन डी दो प्रकार के होते हैं, डी2 और डी3. जहां डी2 भोजन और सप्लीमेंट से प्राप्त होता है, वहीं डी3 भोजन के अलावा सूरज की रोशनी से भी मिलता है. कैल्शियम मेटाबॉलिज़्म और बोन रिमॉडलिंग में इसका इस्तेमाल होता है. विटामिन डी हमारे इम्यून सिस्टम को मज़बूत बनाने के साथ-साथ, बे्रन को डेवलप करने और हार्ट को हेल्दी बनाने का काम करता है. हड्डियों की मज़बूती के लिए यह बहुत ज़रूरी है, इसलिए अपना डी3 लेवल चेक कराएं, ताकि पता चल सके कि कहीं आपमें इसकी कमी तो नहीं.

यह भी पढ़ें: पर्सनल प्रॉब्लम्स: सेक्स के दौरान वेजाइनल ब्लीडिंग के क्या कारण हो सकते हैं?

डॉ. राजश्री कुमार
स्त्रीरोग व कैंसर विशेषज्ञ
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पर्सनल प्रॉब्लम्स: क्या सीज़ेरियन डिलीवरी में आईयूसीडी सेफ है? (Is IUCD Safe in Cesarean Delivary?)

IUCD Safe in Cesarean

दो महीने पहले ही मेरी पहली सीज़ेरियन डिलीवरी हुई है. डॉक्टर ने अगला बच्चा 2-3 साल बाद प्लान करने की सलाह दी है. मैं जानना चाहती हूं कि क्या मैं इंट्रा यूटेराइन कॉन्ट्रासेप्टिव डिवाइस (आईयूसीडी) इस्तेमाल कर सकती हूं? क्या यह सीज़ेरियन डिलीवरी में सेफ है और इसे कितने समय तक इस्तेमाल कर सकते हैं?

– सरस्वती मेहता, जयपुर.

सीज़ेरियन डिलीवरी में आईयूसीडी का कोई विपरीत प्रभाव नहीं पड़ता. दरअसल, यह एक बेहतरीन गर्भनिरोधक है. अगर आपको वेजाइनल ब्लीडिंग, जेनिटल कैंसर, गर्भ का असामान्य आकार, गर्भाशय में फायब्रॉइड्स, बार-बार पेल्विक इंफेक्शन आदि की समस्या नहीं है, तो यह आपके लिए एक सुरक्षित विकल्प है. बस, एक बार इसे इंसर्ट कराएं और आप बेफ़िक़्र रह सकती हैं. पर हर महीने आपको पीरियड्स के दौरान इसे चेक करते रहना होगा कि कहीं धागा बाहर तो नहीं आ रहा है, क्योंकि पीरियड्स के दौरान ही इसके बाहर निकलने की संभावना सबसे अधिक होती है.
शुरू-शुरू में पीरियड्स के दौरान हैवी ब्लीडिंग और दर्द हो सकता है, पर 2-3 महीने में यह ठीक हो जाएगा. इसमें आप कॉपर टी 380ए अगले
10 सालों के लिए इस्तेमाल कर सकती हैं.

Cesarean Delivary

 

मैं 29 वर्षीया एक बच्चे की मां हूं. हाल ही में मुझे शुरुआती स्टेज पर ब्रेस्ट कैंसर डिटेक्ट हुआ है. हालांकि सर्जरी में स़िर्फ गांठ कट करके निकालेंगे, पर फिर भी डॉक्टर ने कीमोथेरेपी की संभावना जताई है. इसलिए दूसरे बच्चे के लिए अपने एग्स को स्टोर करके रखने की सलाह दी है.
हम क्या करें?

– पल्लवी राणे, नागपुर.

यह अच्छी बात है कि शुरुआत में ही ब्रेस्ट कैंसर का पता चल गया. दरअसल, कीमो थेरेपी का असर आपके एग्स की क्वालिटी पर पड़ सकता है, इसलिए अगर आप दूसरे बच्चे के बारे में सोच रही हैं, तो आपके डॉक्टर ने बहुत अच्छी सलाह दी है. आप अपने एग्स को स्टोर कर लें. इसके लिए एक पूरी प्रक्रिया है, जिससे गुज़रने के बाद आपके एग्स को आपके पति के स्पर्म के साथ फर्टिलाइज़ करके फ्रीज़ करके रखा जाएगा, जिससे भविष्य में आप इसका इस्तेमाल कर सकती हैं.

 

 

डॉ. राजश्री कुमार
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पर्सनल प्रॉब्लम्स: दूसरे बच्चे के लिए क्या एहतियात बरतनी चाहिए? (Second Baby Planning & Precaution Tips)

Second Baby, Planning, Precaution Tips
मेरी उम्र 34 और मेरे पति की 36 है. हमारा 7 साल का एक बेटा है. दूसरे बच्चे के लिए हमें क्या एहतियात बरतनी चाहिए?
– अदिती श्रीवास्तव, मेरठ.

अगर आप दूसरे बच्चे के बारे में सोच रही हैं, तो बिल्कुल भी देर न करें, क्योंकि जल्द ही आप 35 की होनेवाली हैं. अगर आप किसी तरह के प्रीकॉशन्स ले रही हैं, तो तुरंत बंद कर दें और फॉलिक एसिड टैबलेट्स लेना शुरू कर दें. अगर आपको डायबिटीज़, ब्लड प्रेशर या थायरॉइड जैसी कोई समस्या है, तो सबसे पहले किसी अच्छे डॉक्टर से मिलकर तसल्ली कर लें कि आपका शरीर गर्भधारण के लिए तैयार है. अगर नेचुरल तरी़के से आप 3-6 महीने के भीतर गर्भधारण करने में असक्षम हैं, तो आपको किसी गाइनाकोलॉजिस्ट से मिलना होगा.

पर्सनल प्रॉब्लम्स: दूसरे बच्चे के लिए क्या एहतियात बरतनी चाहिए? (Second Baby Planning & Precaution Tips)
मैं 24 साल की युवती हूं. पीरियड्स के दौरान मुझे व्हाइट डिस्चार्ज होता है, जिससे बदबू आती है और खुजली भी होती है. मुझे क्या करना चाहिए?
– धरा पंडित, श्रीनगर.

पीरियड्स के दौरान व्हाइट डिस्चार्ज दिखना मुश्किल है. हो सकता है, सैनिटरी पैड्स के कारण जलन व खुजली हो रही हो. खुजली और वेजाइनल डिस्चार्ज का कारण वेजाइना में बैक्टीरियल या फंगल इंफेक्शन हो सकता है. इसके लिए गाइनाकोलॉजिस्ट आपको 3-6 दिनों के लिए वेजाइनल टैबलेट्स, एंटी फंगल मेडिसिन्स, एंटी बायोटिक्स या कोई क्रीम दे सकते हैं. ध्यान रहे कि हमेशा कॉटन की अंडरवेयर्स ही पहनें और मेडिकेटेड पेरिनियल वॉशेज़ (प्राइवेट पार्ट के लिए इस्तेमाल होनेवाले लिक्विड वॉशेज़) से दूर रहें.

 

 

डॉ. राजश्री कुमार
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पर्सनल प्रॉब्लम्स: प्रेग्नेंसी में हाई ब्लड प्रेशर का क्या कारण हो सकता है? (What Can Cause High BP In Pregnancy?)

Cause High BP In Pregnancy
मैं 33 वर्षीया महिला हूं और हाल ही में मेरी डिलीवरी (Delivery) हुई है. प्रेग्नेंसी (Pregnancy) की आख़िरी तिमाही में मुझे हाई ब्लड प्रेशर (High Blood Pressure) की समस्या हो जाने से डॉक्टर ने दवा शुरू की, पर उनका कोई असर नहीं हुआ और अभी भी मेरी दवा जारी है. यह दवा मुझे कब तक लेनी होगी? क्या 33 साल की उम्र हाई बीपी के लिए बहुत कम नहीं है?
– पद्मा गिल, लुधियाना.

प्रेग्नेंसी की आख़िरी तिमाही में बहुत-सी महिलाओं को हाई बीपी की समस्या हो जाती है, जिसे प्रेग्नेंसी के कारण होनेवाला हाइपरटेंशन कहते हैं. ज़्यादातर यह पहली बार मां बनी महिलाओं को होता है, जो डिलीवरी के बाद या डिलीवरी के 6-12 हफ़्तों बाद सामान्य हो जाता है. आपने यह नहीं बताया है कि डिलीवरी को कितना समय हो गया है. हाई बीपी के कारणों का पता लगाने के लिए आपको अपनी जांच करानी होगी, तभी पता चल पाएगा कि इस उम्र में आपको यह समस्या क्यों हुई. अपनी लाइफस्टाइल में थोड़ा बदलाव करें. एक्सरसाइज़ और मेडिटेशन
को अपने रूटीन में शामिल करें और संतुलित भोजन लें.

यह भी पढ़ें: क्या कंसीव करने की संभावना को जानने के लिए कोई टेस्ट है?

Cause High BP In Pregnancy
पिछले हफ़्ते मेरी ऑफिस की सहेली अचानक बेहोश हो गई, जो प्रेग्नेंट थी. उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी इमर्जेंसी सर्जरी करनी पड़ी. डॉक्टर ने बताया कि वह एक्टॉपिक प्रेग्नेंसी (Ectopic Pregnancy) की शिकार हुई है. यह क्या है? क्या भविष्य में उसकी प्रेग्नेंसी नॉर्मल होगी?
– सरला पटेल, रोहतक.

इस अवस्था में भू्रण यूटेरस के अंदर रहने की बजाय बाहर आमतौर पर ट्यूब्स में रह जाता है, जिससे भू्रण 5-6 हफ़्तों से ज़्यादा सुरक्षित नहीं रहता. आमतौर पर महिलाओं को पेट में मरोड़, वेजाइनल ब्लीडिंग, कंधों आदि में दर्द होता है. एक्टॉपिक प्रेग्नेंसी सर्विक्स, ओवरीज़ या एब्डोमेन में भी हो सकती है. अगर उनका दूसरा ट्यूब ठीक है, तो भविष्य में वह प्रेग्नेंट हो सकती हैं.

यह भी पढ़ें: क्या प्रेग्नेंसी में बहुत ज़्यादा उल्टियां होना नॉर्मल है?

 

डॉ. राजश्री कुमार
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सार्थक पहल- महिलाओं के लिए हेल्थ कार्ड (Worthy Initiative- Health Card For Women)

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स्त्री घर-बाहर दोनों ही ज़िम्मेदारियों को बख़ूबी निभाती रही है, पर इन सबके चलते वह ख़ुद पर ख़ासकर अपनी सेहत पर अधिक ध्यान नहीं दे पाती. साथ ही इन दिनों ब्रेस्ट कैंसर, सर्वाइकल कैंसर, एनीमिया जैसी बीमारियों की संख्या भी बढ़ती जा रही है. इन्हीं सब बातों को ध्यान में रखते हुए अब सरकार महिलाओं के लिए हेल्थ कार्ड मुहैया करवाएगी.

* इस योजना के तहत देश की सभी महिलाओं को हेल्थ कार्ड दिया जाएगा.

* चूंकि यह कार्ड आधार से लिंक्ड रहेगा, इसलिए इसे हासिल करने के लिए महिलाओं का आधार कार्ड होना भी ज़रूरी होगा.

* इस कार्ड के ज़रिए महिलाओं का साल में एक बार फ्री चेकअप होगा.

* महिला और बाल विकास मंत्री मेनका गांधी महिलाओं में बढ़ रहे ब्रेस्ट कैंसर, सर्वाइकल कैंसर, गर्भाशय कैंसर आदि से चिंतित थीं. उनके अनुसार, कैंसर से बचाव के लिए महिलाओं को जागरूक किया जाना बहुत ज़रूरी है. इसी कारण उन्होंने महिलाओं के लिए हेल्थ कार्ड का प्रस्ताव रखा, जिसे स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा सर्व सम्मति से मंज़ूर कर लिया गया.

* यह कार्ड बच्चों के टीकाकरण कार्ड की तरह होगा. इसके ज़रिए समय-समय पर महिलाओं के हेल्थ चेकअप सुनिश्‍चित किए जाएंगे.

* इस कार्ड को हर स्त्री तक पहुंचाने के लिए मंत्रालय गांव-कस्बे, दूर-दराज़ इलाके, राज्यों आदि से सहयोग लेगी, ताकि हर नारी को यह सुविधा मिल सके.

* हेल्थ कार्ड धारक स्त्रियों को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र से लेकर सभी सरकारी अस्पतालों में चेकअप की सुविधा दी जाएगी.
सरकार गर्भवती महिला, मां की सेहत को लेकर हमेशा से ही फ्रिकमंद रही है, तभी तो कुछ समय पहले गर्भवती महिलाओं के लिए हर महीने की 9 तारीख़ को फ्री हेल्थ चेकअप की सुविधा मुहैया करवाई गई. इसके अलावा प्रेग्नेंट वुमन के लिए कैशलेस मेडिकल सर्विस का प्रावधान भी दिया गया है.

– ऊषा गुप्ता