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Rujuta Diwekar

फिटनेस का मतलब वेटलॉस या पतला होना नहीं होता… रुजुता दिवेकर का फिटनेस मंत्र! (Theme- fitness is simple and uncomplicated- The Fitness Project by Rujuta Diwekar)

– फिटनेस बेहद सिंपल है, इसमें आपको क्रांतिकारी डायट प्लान या वर्कआउट्स करने की ज़रूरत ही नहीं.
– दरअसल फिटनेस का मतलब ही लोग ग़लत समझते हैं. फिटनेस का अर्थ पतला हो जाना या वेटलॉस नहीं होता.
– फिटनेस वो होती है, जो आपकी रोज़मर्रा की ज़िंदगी को प्रभावित करती है, उस पर असर डालती है, जैसे- आपका एनर्जी लेवल, नींद की क्वालिटी, पाचन शक्ति आदि.
– रुजुता दिवेकर ने अपने 12 हफ़्तों के फिटनेस प्रोजेक्ट को जब लॉन्च किया था, तो उन्हें बहुत ही ज़्यादा लोगों का समर्थन मिला.
– लोगों को इससे बेहद लाभ भी मिला. उनके इंचेज़ कम हुए और वो अधिक फिट महसूस करने लगे.
पहला हफ़्ता- गाइडलाइन 1- कैसे शुरुआत करें?
– अपने दिन की शुरुआत एक केले से करें या किसी भी फ्रेश फ्रूट से या फिर आप भिगोए हुए बादाम या किशमिश भी ले सकते हैं. चाय-कॉफी से अपना दिन शुरू न करें.
– हां, 10-15 मिनट बाद आप चाय-कॉफी ले सकते हैं.
– यह उठने के 20 मिनट के भीतर ही खा लें और अगर आपको थायरॉइड है, तो गोली लेने के बाद यह मील लें.

यह भी पढ़ें: आर्ट ऑफ ईटिंग राइट: सही खाना और कैलोरीज़ गिनना एक-दूसरे के विपरीत है- रुजुता दिवेकर (Indian Food Wisdom And The Art Of Eating Right By Rujuta Diwekar)

– केला दरअसल उनके लिए सही होता है, जिन्हें या तो पाचन संबंधी समस्या होती है या फिर खाने के बाद कुछ मीठा खाने का मन होता है. बेहतर होगा ताज़ा लोकल वेरायटी का केला लें. हफ़्ते में 2-3 बार ख़रीदें और उन्हें प्लास्टिक बैग की बजाय कपड़े के थैले में लाएं.
– 7-8 भीगी हुई किशमिश केसर के एक या दो स्ट्रैंड के साथ खाएं, यदि आप लो एनर्जी महसूस करते हैं या आपको पीएमएस की बहुत अधिक समस्या है.
– 4-6 भिगोए व छीले हुए बादाम उनके लिए, जिन्हें डायबिटीज़, पीसीओडी, नींद की समस्या, लो फर्टिलिटी है. पीसीओडी की समस्या है, तो पीरियड्स से 10 दिन पहले किशमिशवाले प्लान पर आ जाएं.
– सुबह के इस मील के बाद आप 15-20 मिनट योगा या वर्कआउट कर सकते हैं.
– अगर वर्कआउट नहीं करते, तो इसके बाद एक घंटे के भीतर ही नाश्ता कर सकते हैं.
– सुबह जो पानी पीते हैं, उसे प्लेन ही रखें, उसमें कुछ भी न मिलाएं.
यह पहले हफ़्ते के लिए गाइडलाइन है, उसके बाद हम धीरे-धीरे एक-एक हफ़्तों की गाइडलाइन पर बात करेंगे.

इस फिटनेस प्रोजेक्ट को बेहतर समझने के लिए देखें यह वीडियो

Start your day with banana/ dry fruits

‘The fitness project 2018’ – an open participation public health project – Week 1 guideline#RDfitnessproject2018

Posted by Rujuta Diwekar on Tuesday, 2 January 2018

सौजन्य: https://www.rujutadiwekar.com

बॉलीवुड स्टार सैफ अली खान की बेटी सारा अली खान (Sara Ali Khan) अक्सर चर्चा में रहती हैं. चाहे सोशल मीडिया पर उनकी मौजूदगी हो या फिर पार्टी-फंक्शन में उनका शरीक होना हो. सारा जहां भी जाती हैं, कैमरे की नज़र उन्हीं पर रहती है. आपको बता दें कि सैफ अली खान की बेटी सारा जल्दी ही बॉलीवुड में कदम रखने वाली हैं. वे सुशांत सिंह राजपूत के साथ फिल्म केदारनाथ से बॉलीवुड में एंट्री करनेवाली हैं. इसके लिए वे जोरों की तैयारी कर रही हैं. सारा जिम में घंटों पसीना बहाती हैं. ये तस्वीरें तब ली गईं, जब वे जिम से बाहर निकल रही थीं.

Sara ali khan, Gym

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ये भी पढ़ेंः ‘ये हैं मोहब्बतें’ के ऐक्टर संग्राम सिंह बने दूल्हा, देखें शादी और कॉकटेल पार्टी के Pics
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करीना कपूर खान इन दिनों ख़ूब वर्कआउट कर रही हैं. पोस्ट प्रेग्नेंसी वज़न को कम करने के लिए करीना डायट से लेकर वर्कआउट तक सब कुछ कर रही हैं. इस बार जिम में करीना को ज्वाइन किया उनकी बेस्ट फ्रेंड अमृता अरोरा खान ने. अमृता ने इंस्टाग्राम पर हेवी वर्कआउट करते हुए 3 वीडियोज़ पोस्ट किए हैं. दोनों केटबेल स्क्वैट्स, स्ट्रेंथ ट्रेनिंग, रोप ट्रेनिंग और कोर वर्कआउट करते नज़र आए. डिलीवरी के बाद करीना अपना ज़्यादा टाइम जिम में बिताती हैं. स्ट्रेंथ ट्रेनिंग के अलावा वो योग भी कर रही हैं. जल्द ही करीना वीरे दी वेडिंग फिल्म में नज़र आएंगी. देखें वीडियो.

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वर्कआउट के बाद रिलैक्स करते हुए करीना और अमृता.

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परफेक्शनिस्ट आमिर खान जो भी करते हैं, पूरी शिद्दत से करते हैं. अब उनकी फिल्म दंगल को ही ले लीजिए. इस फिल्म में पहलवान महावीर सिंह फोगट के किरदार के लिए आमिर ने 27 किलो वज़न बढ़ाया था और वो 96 किलो के हो गए थे. आमिर ने फिल्म में उनके मोटापे वाला हिस्सा पहले शूट किया, ताकि बाद में वो महावीर सिंह फोगट का यंग वाला लुक वज़न कम करके शूट कर सकें. आमिर ने बताया कि अगर वो यंग वाला पोर्शन पहले शूट करते और वज़न बढ़ाते, तो फिल्म ख़त्म होने के बाद उनके पास वेट कम करने के लिए कोई मोटिवेशन नहीं रह जाता. कितनी मेहनत की है आमिर ने देखें इस वीडियो में.

7वरुण धवन और जॉन अब्राहम जैसी फिज़िक और फिटनेस पाने की अगर चाह है, तो इसके लिए करना होगा अच्छा ख़ासा वर्कआउट. वरुण और जॉन की तरह एनर्जेटिक रहना है, तो आइए इनकी फिटनेस क्लास में.1ढिशूम का प्रमोशन बड़े ही अलग अंदाज़ में किया वरुण और जॉन ने. दोनों ही स्पोर्टी लुक में पहुंचे मुंबई के एक जिम में जहां उन्होंने अपने फैन्स को दिए कुछ फिटनेस गोल्स.6दोनों की इस फिटनेस क्लास में उनकी फीमेल फैन्स शामिल हुईं और उन्होंने किया वर्कआउट. कभी वरुण अपनी फैन को पीठ पर बिठाए पुशअप्स करते दिखे, तो कभी लेग्स की एक्सरसाइज़ सिखाते दिखे. जॉन ने भी वेट्स के साथ कुछ वर्कआउट्स सिखाए.2

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इसे कहते हैं एक तीर से दो निशाने. फिटनेस क्लास के बहाने दोनों ने वर्कआउट भी कर लिया और ढिशूम का प्रमोशन भी हो गया. (देखें वीडियो)

उड़ता पंजाब में रॉकस्टार टॉमी बनने के लिए शाहिद कपूर ने जी तोड़ मेहनत की है. शाहिद ने इंस्टाग्राम पर अपने वर्कआउट के कुछ वीडियोज़ अपलोड किए हैं, जिन्हें देखकर आप दंग रह जाएंगे. वैसे शाहिद और फिल्म की पूरी टीम फ़िलहाल फिल्म उड़ता पंजाब को लेकर बेहद ख़ुश है, क्योंकि बॉम्बे हाईकोर्ट की तरफ़ से फिल्म को एक कट और 3 डिसक्लेमर के साथ रिलीज़ करने की अनुमति मिल गई है. खैर फिल्म में देसी रॉकस्टार टॉमी सिंह कैसा लगेगा, इसकी छोटी-सी झलक इन वीडियोज़ में नज़र आ रही है.

https://www.youtube.com/watch?v=ccStGkRqBH8&spfreload=5

https://www.youtube.com/watch?v=0TCQgCoyyuw&spfreload=5

https://www.youtube.com/watch?v=HSdfs2D8V1o

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Benefits of Regular Exercise

फिट व हेल्दी रहने के लिए एक्सरसाइज़ (Regular Exercise) बहुत ज़रूरी है, आपने ये बात तो लगभग हर किसी के मुंह से सुनी होगी, मगर इस पर अमल कम ही लोग करते हैं. अधिकतर तो समय की कमी या काम के बोझ का बहाना बना देते हैं, तो कुछ कहते हैं कि वो फिट हैं और उन्हें वर्कआउट की ज़रूरत नहीं. चलिए, हम आपको बताते हैं वर्कआउट कितना फ़ायदेमंद हो सकता है. इसके फ़ायदे जानकर शायद आप भी बहाने भूल जाएं.

  1. रोज़ाना कार्डियोवेस्कुलर एक्सरसाइज़ करने से ब्रीदिंग कैपिसिटी बढ़ती है और आप ज़्यादा एनर्जेटिक महसूस करते हैं.
  2. यह मांसपेशियों के साथ ही आपके दिल को भी दुरुस्त रखता है और ब्लड फ्लो (रक्त के बहाव) को नियंत्रित रखता है.
  3. नियमित रूप से एक्सरसाइज़ करने से काम करने की क्षमता यानी स्टेमिना बढ़ता है और आप बेहतर तरी़के से अपना काम कर पाते हैं.
  4. रेग्युलर एक्सरसाइज़ करने से हमारे शरीर से एंर्डोफिन्स नामक हार्मोन का स्राव होता है, जो तनाव कम करने में सहायक होता है.
  5. रोज़ना एक्सरसाइज़ करने से शरीर में रक्त का प्रवाह बढ़ जाता है, जिससे सभी इंटरनल ऑर्गन्स को सही मात्रा में ब्लड सप्लाई मिलती है और दिमाग़ सही तरी़के से काम करता है.
  6. वेट ट्रेनिंग मसल्स की कार्यक्षमता बढ़ाने के साथ ही इसे सुदृढ़ और मज़बूत बनाने में भी सहायक है.
  7. एक्सरसाइज़ दिमाग़ को सक्रिय करके नए ब्रेन सेल्स के निर्माण में मदद करता है. साथ ही ब्रेन सेल्स के कनेक्शन को भी मज़बूत करता है.
  8. कई शोधों से यह सिद्ध हुआ है कि जो लोग शारीरिक रूप से सक्रिय रहते हैं, वे ज़्यादा समय तक जिंदा रहते हैं. एक्सरसाइज़ असमय मृत्यु की संभावना को कम करता है.
  9. नियमित रूप से एक्सरसाइज़ करने से मेटाबॉल़िज़्म बढ़ता है. एक्सरसाइज़ करने के बाद आराम करते समय भी कैलोरी बर्न होती है, जिससे वज़न कम होता है.
  10. नियमित रूप से एक्सरसाइज़ करने से ब्लड कॉलेस्ट्रॉल लेवल नियंत्रित रहता है. एक्सरसाइज़ बैड कॉलेस्ट्रॉल लेवल को कम करके एचडीएल यानी गुड कॉलेस्ट्रॉल को बढ़ाने में मदद करता है.
  11. एक्सरसाइज़ बल्ड प्रेशर को भी कंट्रोल करने में मदद करता है. ब्लड प्रेशर नियंत्रित करने में अन्य एक्सरसाइज़ की अपेक्षा एरोबिक ज़्यादा असरदार है.
  12. कई शोधों से ये बात साबित हुई है कि नियमित रूप से एक्सरसाइज़ करने वालों को विभिन्न प्रकार के कैंसर, ख़ासतौर पर कोलोन और ब्लड कैंसर होने का ख़तरा कम हो जाता है.
  13. अमेरिकन एकेडमी ऑफ न्यूरोलॉजी में छपी रिपोर्ट के अनुसार, नियमित तौर पर एक्सरसाइज़ करने वालों को अन्य लोगों की तुलना में स्ट्रोक का ख़तरा 50 फीसदी कम होता है.
  14. नियमित रूप से एक्सरसाइज़ करने से बोन मिनरल डेंसिटी बढ़ती है, जिससे ऑस्टियोपोरोसिस होने का ख़तरा कम हो जाता है.
  15. एक्सरसाइज़ करने से अच्छी नींद आती है और डिप्रेशन का ख़तरा भी कम हो जाता है. स्टैनफोर्ड स्कूल ऑफ मेडिसिन के शोधकर्ताओं के अनुसार, नियमित रूप से एक्सरसाइज़ करने वालों को जल्दी और अच्छी नींद आती है और वे सुबह ़ज़्यादा फ्रेश महसूस करते हैं.
  16. एक्सरसाइज़ शारीरिक बनावट ठीक करने के साथ ही आत्मविश्‍वास बढ़ाने में भी सहायक है. एक्सरसाइज़ और फिटनेस आपको अपनी क्षमता के अनुरूप प्रदर्शन करने में मदद करता है.
  17. नियमित रूप से एक्सरसाइज़ करने से एज़िंग की प्रक्रिया धीमी हो जाती है और आप ज़्यादा दिनों तक स्वस्थ और जवां बने रहते हैं.
  18. नियमित तौर पर वेट ट्रेनिंग जैसे एक्सरसाइज़ से मांसपेशियों में टेस्टेस्टेरॉन का स्राव ज़्यादा होता है, जो एनर्जी और स्टेमिना बढ़ाकर शारीरिक क्षमता बढ़ाता है.
  19. नियमित रूप से एक्सरसाइज़ शरीर में रक्त के बहाव को ठीक करता है, जो इम्यून सिस्टम को ठीक करने के साथ ही डीजनरेटिव बीमारियों जैसे- टाइप 2 डायबिटीज़ से भी रक्षा करता हैं.
  20. नियमित रूप से एक्सरसाइज़ करने वालों को लो बैक पेन से छुटकारा मिल जाता है.

 

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अक्सर हम सिरदर्द के लिए पेनकिलर्स का सहारा लेते हैं, जिनके अपने साइडइफेक्ट्स होते हैं. बेहतर है दर्दनिवारक दवाओं की बजाय आप योगासन करें और सिरदर्द से मुक्ति पाएं (Cure Migraine with Yoga).
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महासिर मुद्रा

* सुखासन में बैठ जाएं.
* मध्यमा, तर्जनी और अंगूठे के आगे के भाग आपस में मिलाएं.
* अनामिका को मोड़कर अंगूठे की जड़ के पास लगाएं. छोटी उंगली सीधी रहनी चाहिए.
* आंखें बंद रखें और रिलैक्स रहें.

  • यदि माइग्रेन है, तो भुजंगासन, ब्रह्म मुद्रा व महासिर मुद्रा करें.
  • सामान्य सिरदर्द के लिए अनुलोम-विलोम, शलभासन, मकरासन, बालासन व ताड़ासन
    भी करें.
चंद्रभेदन प्राणायाम
* पद्मासन या सुखासन में बैठ जाएं.
* बाईं नाक से सांस लें और दाईं नाक से सांस छोड़ें. इस प्रकार इसे करते रहें. आंखें बंद रखें.
* कमर व रीढ़ एकदम सीधी रखें.
* 2 मिनट तक कर सकते हैं.
युवराज सिंह, क्रिकेटर
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कैंसर से लड़ने के बाद युवराज सिंह पूरी तरह से योग की शरण में आ गए. उनका मानना है कि योग के ज़रिए वो बेहतर तरी़के से रिकवर कर सकते हैं. बीमारी के बाद दोबारा भारतीय क्रिकेट टीम में वापसी की कोशिश में जुटे युवराज सिंह ने फिटनेस के लिए योग को ज़रूरी बताते हुए कहा था, “मैं अपनी ऊर्जा को वापस पाने के लिए नियमित योग कर रहा हूं. शारीरिक व मानसिक तौर पर फिर से ऊर्जावान होना बहुत मुश्किल होता है. लेकिन मैंने चुनौतियों का सामना किया और मुश्किलों से बाहर भी आया, अब मेरा लक्ष्य है कि शत-प्रतिशत फिट होकर वापसी करना. अगले 5-6 साल मेरे करियर के बेहतरीन साल होंगे और मैं बहुत आशान्वित हूं अपने भविष्य को लेकर.”

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1. पूर्व दिशा की ओर मुख करके खड़े हो जाएं और दोनों हथेलियां जोड़ें. दोनों पैरों के टखने व अंगूठे मिलाकर रखें.

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2. सांस लेकर, हाथों को खोलते हुए कंधे के ऊपर से पीछे की ओर जितना ले जा सकें, ले जाएं (चित्र देखें).

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3. सांस छोड़ते हुए हाथों को पीछे से सामने की ओर झुकाते हुए पैरों के पास रखें (अगर रख सकें तो). पैर घुटने से मुड़ने नहीं चाहिए.

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यह भी पढ़ें: 5 सुपर इफेक्टिव योगासन वेट लॉस के लिए

4. नीचे झुकते हुए हाथों को मज़बूती से ज़मीन पर लगाएं. बाएं पैर को पीछे की ओर ले जाएं. सिर ऊपर की तरफ़ तथा दाहिना घुटना सीने के पास दोनों हाथों के बीच में रहे.

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5. दाएं पैर को भी पीछे ले जाएं. सिर को नीचे की ओर करते हुए पेट व कमर के भाग को ऊपर उठाएं और पर्वतासन की स्थिति में आएं (चित्रानुसार). एड़ियां ज़मीन से टच होनी चाहिए.

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6. दोनों घुटनों को, छाती को और ठुड्डी को ज़मीन से टच करें.

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7. दोनों पैरों और हाथों को ज़मीन पर चित्रानुसार रखें. सांस भरते हुए आगे की तरफ़ आते हुए सिर को ऊपर की ओर उठाएं. सिर ऊपर की तरफ़ अर्द्ध भुजंगासन की तरह रखें.

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यह भी पढ़ें: 5 ईज़ी एक्सरसाइज़ फॉर फ्लैट टमी

8. पांचवीं अवस्था की तरह दोनों पैरों को आगे लाएं. सिर को नीचे की ओर करते हुए पेट व कमर के भाग को ऊपर उठाएं और पर्वतासन की स्थिति में आएं.

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9. दोनों हाथों को मज़बूती से ज़मीन पर लगाएं. बायां पैर सामने की तरफ़ लाएं दोनों हाथों के बीच में.

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10. नीचे झुकते हुए हाथों को मज़बूती से ज़मीन पर लगाएं. दोनों पैर दोनों हाथों के बीच रखें. घुटना छाती के सामने रखें. सिर व गर्दन दोनों हाथों के बीच में रखें.

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11. सांस लेते हुए दोनों हाथों को ऊपर ले जाते हुए पीछे की ओर करें.

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12. सांस छोड़ते हुए दोनों हाथों को सामने की ओर लाएं और पूर्ववत् प्रणाम की स्थिति में आ जाएं.

यह भी पढ़ें: वज़न घटाने के 25 ईज़ी टिप्स

फ़ायदे

* 3 राउंड से शुरू करें और अपनी क्षमतानुसार राउंड्स बढ़ाएं.
* स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से सूर्य नमस्कार को सर्वोत्तम अभ्यास माना गया है. इससे समस्त अंगों में क्रियाशीलता आती है तथा हार्मोंस संतुलित होते हैं.
* सूर्य नमस्कार कई बीमारियों को दूर करने की क्षमता रखता है.
* डायबिटीज़ की समस्या में बेहतर परिणाम देता है.
* पाचन क्रिया को बेहतर बनाते हुए पेट संबंधी सभी समस्याओं, जैसे- आमाशय व अग्नाशय से जुड़ी परेशानियों से छुटकारा दिलाता है.
* मोटापे से जूझ रहे लोगों को वज़न कम करने में काफ़ी लाभदायक सिद्ध होता है.
* फेफड़ों व सांस संबंधी बीमारियों में भी कारगर साबित होता है.
* हृदय संबंधी विकारों को दूर करने में उपयोगी होता है.
* शरीर में रक्तसंचार को बेहतर बनाता है.
* बल और तेज की वृद्धि करता है.
* मानसिक शांति प्रदान करता है.
* रीढ़ का लचीलापन बढ़ाता है.
* अगर बचपन से ही यह आसन किया जाए, तो हाइट भी अच्छी होती है.
* शरीर की समस्त मांसपेशियों को मज़बूत बनाता है.
यह भी पढ़ें: हेल्दी लाइफ के लिए योग

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मॉडर्न लाइफस्टाइल और हेक्टिक वर्क शेड्यूल के बीच हम इस कदर बिज़ी हो गए हैं, मानो हमारी दुनिया ही ऑफिस और घर तक सिमट कर रह गई है. सुबह ऑफिस पहुंचने की जल्दी… ऑफिस में क़रीब 8 से 10 घंटे लगातार कंप्यूटर के सामने बैठकर काम करने के बाद फिर शाम को थक-हार कर घर पहुंचने की जल्दी… इस भागती-दौड़ती ज़िंदगी के बीच हम अपनी सेहत को अक्सर नज़रअंदाज़ कर जाते हैं, लेकिन शायद हम यह नहीं जानते हैं कि ऐसा करके हम न जाने कितनी बीमारियों को न्योता दे रहे हैं.

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हेक्टिक जॉब शेड्यूल में अपनी सेहत पर ध्यान देना भले ही मुश्किल लगता हो, लेकिन कुछ बातों को रूटीन में शामिल करके ख़ुद को फिट रखा जा सकता है.

क्या करें ?

  • हेक्टिक शेड्यूल के बीच थोड़ा समय अपनी सेहत को बेहतर बनाने के लिए निकालें.
  • प्लानिंग के साथ अपने डेली रूटीन के काम को पूरा करें.
  • डेली रूटीन में फिज़िकल वर्कआउट को शामिल करें.
  • थोड़ी देर ही सही, पर अपनी पसंदीदा एक्सरसाइज़ करें. मानसिक और शारीरिक फिटनेस के लिए एक्सरसाइज़ ज़रूरी है.
  • लिफ्ट की बजाय सीढ़ियों का इस्तेमाल करें.
  • अपनी कार को ऑफिस के गेट से दूर पार्क करें और पैदल चलें.
  • लंच के लिए घर का बना खाना ले जाएं, बाहर का खाना खाने से बचें.

ऑफिस में वर्कआउट के फ़ायदे

  • ऑफिस में 2 मिनट के वॉक से सेहत पर सकारात्मक असर पड़ता है.
  • आंखों और रीढ़ की हड्डियों को आराम मिलता है.
  • टहलने से शरीर में रक्त का संचार सही तरी़के से होता है.
  • टहलने से शरीर को ऊर्जा मिलती है.
  • वर्कआउट से मूड दिनभर अच्छा रहता है.
  • एक्सरसाइज़ करने से बीमारियों के होने का ख़तरा कम होता है.
  • व्यायाम करने से मानसिक और शारीरिक तनाव कम होता है.

काम के साथ वर्कआउट भी

ऑफिस में एक ही जगह पर बैठकर घंटों काम करने के बावजूद हम ख़ुद को फिट रख सकते हैं. कुछ ऐसे एक्सरसाइज़ हैं, जिन्हें ऑफिस में काम के साथ किया जा सकता है.

  • ऑफिस में लगातार बैठने का काम है, तो अच्छी सेहत के लिए हर घंटे में दो मिनट वॉक करें.
  • ऑफिस में अपनी फाइलें, रजिस्टर जैसी चीज़ें ख़ुद उठाकर रखें.
  • पीने के लिए पानी ख़ुद लेने जाएं और आते व़क्त अपनी चेयर तक पहुंचने के लिए लंबा रास्ता अपनाएं.
  • लंच करने के बाद अपनी केबिन में कुछ देर तक टहलें.
  • कंप्यूटर पर काम करते-करते थक जाएं, तो कुर्सी पर ही विश्रामदायक मुद्रा में बैठ जाएं.
  • लगातार चेयर पर बैठने की बजाय ज़्यादा से ज़्यादा फिज़िकल मूवमेंट करें.
  • चेयर पर बैठे-बैठे अपने कंधों को 10 बार पीछे की तरफ़ घुमाएं, फिर 10 बार आगे की तरफ़ घुमाएं.
  • चेयर पर बैठकर अपने पैरों को स्ट्रेच करें, चेयर के बराबर ज़मीन से ऊपर उठाएं.
  • अपने दोनों हाथों को अपनी पीठ की ओर ले जाएं, दोनों हाथों की उंगलियों को लॉक करें और अपने हाथ को जितना मुमक़िन हो, उतना पीछे की तरफ़ स्ट्रेच करें.
  • अपने दोनों हाथों को कंधे के बराबर में लाएं. मुट्ठी बंद करके 10 बार अंदर की तरफ़ घुमाएं, फिर 10 बार बाहर की तरफ़ घुमाएं.