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पी. वी. सिंधु पहुंची वर्ल्ड रैंकिंग में नंबर 5 पर (P. V. Sindhu jumps to no. 5)

p v sindhu

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रियो ओलिंपिक 2016 में देश के लिए रजत पदक जीतने वाले पी वी सिंधु रैंकिंग में टॉप 5 पर पहुंच चुकी हैं. सिंधू ने अपनी रैंकिंग में एक स्थान का सुधार किया है और उनके खाते में 69399 अंक हैं. ओलिंपिक के बाद से लगातार पीवी सफलता की सीढ़ियां चढ़ती जा रही हैं.

सायना से आगे निकलीं पी. वी.
भारत की ही सायना नेहवाल अपने नौंवें स्थान पर बनी हुई हैं. सिंधू ने 2017 की शुरुआत छठे स्थान से की थी, लेकिन 26 जनवरी को वह नौंवे स्थान पर खिसक गई थीं. सिंधू उसके बाद फिर छठे स्थान पर लौटीं और अब 5 वें नंबर पर आ गई हैं. सिंधु और सायना दोनों वियतनाम के हो ची मिन्ह शहर में चल रही एशियाई मिश्रित चैंपियनशिप में भारतीय टीम से हट गई थीं.

महिला युगल में टॉप 25 में कोई भारतीय जोड़ी नहीं है. हालांकि ज्वाला गुट्टा और अश्‍विनी पोनप्पा दो स्थान के सुधार के साथ 27वें नंबर पर आ गई हैं. मिश्रित युगल में प्रणव चोपड़ा और एन सिक्की रेड्डी का 14वां स्थान कायम है. एकल में भारत की ओर से पी वी सिंधु ही सर्वश्रेष्ठ रैंकिंग पर हैं. भारत के लिए यह गौरव की बात है.

 

श्वेता सिंह 

जूनियर हॉकी वर्ल्ड कप: कंगारुओं का शिकार कर फाइनल में पहुंचे इंडियन टाइगर (Junior Hockey world cup: one step away from crown)

junior hockey world cup

junior hockey world cup

राष्ट्रीय खेल हॉकी को शिखर पर पहुंचाने के लिए भारतीय टाइगर तैयार हैं. हर दिन जूनियर हॉकी वर्ल्ड कप में भारतीय टीम कमाल कर रही है. क्वाटर फाइनल में स्पेन और फाइनल में कंगारुओं को शिकस्त देकर भारतीय खिलाड़ियों ने साबित कर दिया है कि उनकेआगे कोई टिकने वाला नहीं.

लखनऊ में चल रहे जूनियर हॉकी वर्ल्ड कप में शुरुआत से ही भारतीय खिलाड़ियों का दबदबा नज़र आ रहा है. सेमीफाइनल मैच में ऑस्ट्रेलिया को 4-2 से हराकर फाइनल में पहुंचने वाली टीम का जज़्बा सांतवें आसमान पर है.

स्टेडियम में घरेलू दर्शकों के सामने खेलने और मैच जीतने का एहसास स़िर्फ खिलाड़ी ही कर सकते हैं. दर्शकों ने भी हर मैच में टीम का साथ दिया और हर पल उनका मनोबल बढ़ाते दिखे. गोलकीपर विकास दहिया ने अपने शानदार प्रदर्शन से भारत को जूनियर हॉकी वर्ल्ड कप के फाइनल में पहुंचाकर पूरे देश को जश्‍न मनाने का मौक़ा दिया है. यह तीसरी बार है, जब भारत ने जूनियर वर्ल्ड कप के फाइनल में जगह बनाई है. ऑस्ट्रेलिया को भारत ने शूटआउट में 4-2 से शिकस्त देकर शानदार खेल का प्रदर्शन किया.

फाइनल में भारत का मुक़ाबला जर्मनी को हराकर फाइनल में पहुंचनेवाली बेल्जियम से होगा. 18 दिसंबर को फाइनल में दोनों टीमें एक-दूसरे के आमने-सामने होंगी. मैच बहुत ही दिलचस्प होगा. दोनों ही बराबर की टीमें हैं. फाइनल मैच के लिए भारतीय टाइगर्स को मेरी सहेली (Meri Saheli)की तरफ से बहुत-बहुत शुभकामनाएं!

 श्वेता सिंह 

 

जूनियर हॉकी वर्ल्ड कप: स्पेन को हरा सेमीफाइनल में पहुंचा भारत (junior hockey world cup: india beat spain to enter semi)

junior hockey world cup

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घरेलू सरज़मीं पर घरेलू फैन्स के सामने प्रदर्शन करना जहां एक ओर उत्साह से भर देता है, वहीं दूसरी ओर फैन्स का प्रेशर खेल में और भी अच्छा करने के लिए बाध्य भी करता है. ख़ैर भारतीय जूनियर हॉकी टीम ने घरेलू दर्शकों के सामने दमदार प्रदर्शन करते हुए जूनियर हॉकी वर्ल्ड कप में स्पेन को 2-1 से हराकर सेमीफाइनल में जगह बना ली है.

मेजर ध्यानचंद स्टेडियम पर खेले गए संघर्षपूर्ण मुकाबले में भारत ने स्पेन को 2-1 से मात दी. इस मैच में पहले स्पेन ने गोल किया. स्पेन के लिए यह गोल पेनाल्टी कॉर्नर पर सेराहिमा मार्क ने 22वें मिनट में किया. ऐसा लग रहा था कि भारत इसी अंतर से मैच हार जाएगा, लेकिन भारतीय टीम ने 57वें मिनट में गोल दागकर सेमीफाइनल में पहुंचने की उम्मीद बरकरार रखी. यह गोल सिमरनजीत ने पेनाल्टी कॉर्नर पर किया. भारत द्वारा काफी देरी से बराबरी का गोल करने के बाद इस मैच के पेनाल्टी शूटआउट तक खिंचने की उम्मीद बनती दिखी, लेकिन हरमनप्रीत की ओर से 66वें मिनट में पेनाल्टी कॉर्नर पर किए गए गोल की बदौलत भारत ने जीत हासिल की और सेमीफाइनल में जगह बनाई. भारत के अलावा, बेल्जियम, आस्ट्रेलिया और जर्मनी सेमीफाइनल में प्रवेश कर चुके हैं.

सेमीफाइनल में शुक्रवार को आॉस्ट्रेलिया से टीम का मुकाबला होगा.

– श्वेता सिंह 

गेमिंग वर्ल्ड में बनाएं करियर (Make career in gaming world)

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बचपन से लेकर अब तक क्या आप भी वीडियो गेम, कंप्यूटर गेम आदि पर घंटों समय बिताते हैं, तो आप इस क्षेत्र में करियर बनाकर अच्छी कमाई कर सकते हैं. नए-नए गेम्स बनाकर पैसे कमाने के साथ ही आप बच्चों के चेहरे पर मुस्कान भी बिखेर सकते हैं. इस क्षेत्र में कैसे बढ़ें आगे? आइए, जानते हैं.

शैक्षणिक योग्यता
इस फील्ड में करियर बनाने की चाह रखनेवालों के लिए ग्रैज्युएट होना ज़रूरी है. इसके बाद ही आप आगे की पढ़ाई के लिए आवेदन भर सकते हैं.

प्रकार
खेल की दुनिया में करियर बनाना चाह रहे हैं, तो सबसे पहले उसके बारे में अच्छी तरह जान लें, उसके बाद ही आगे बढ़ें. आइए, हम आपको बताते हैं कि किस तरह के काम आप कर सकते हैं.

गेम प्रोड्यूसर
इसके लिए डिज़ाइनिंग की जानकारी के अलावा, 3डी मॉड्यूलिंग और 2डी सॉफ्टवेयर का नॉलेज होना ज़रूरी है. वहीं ऑडियो इंजीनियर के लिए ल++, साउंड इंजीनियरिंग के अलावा अन्य भाषा की जानकारी भी ज़रूरी है.

क्या करते हैं?
वीडियो गेम प्रोड्यूसर का काम पूरे प्रोडक्शन के काम पर नज़र रखना होता है.

गेम डिज़ाइनर
गेम डिज़ाइनर बनने के लिए आपको लेटेस्ट टेक्नोलॉजी को अपना दोस्त बनाना होगा. दुनिया में कब क्या नया हो रहा है, ये आपको पता होना चाहिए. इसमें समय की चिंता किए बग़ैर आपको काम करते रहना होगा.

क्या करते हैं?
गेम डिज़ाइनिंग के साथ गेम को फनी बनाना, गेम राइटिंग और डायग्राम तैयार करना होता है. एक तरह से इनके ऊपर बहुत सारी ज़िम्मेदारियां होती हैं.

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एनिमेटर
एनिमेशन की दुनिया में मस्त रहनेवालों के लिए ये फील्ड बेहतरीन है. इसके लिए आपको 2डी कॉन्सेप्ट आर्ट के माध्यम से 3डी मॉडल्स और 2डी टेक्स्चर मैप तैयार करना आना चाहिए.

क्या करते हैं?
एनिमेटर आमतौर पर प्रोग्रामर और सीनियर आर्टिस्ट के साथ गेम के कैरेक्टर के हर पहलू पर काम करते हैं.

ऑडियो प्रोग्रामर
आवाज़ से लोगों को अपनी ओर आकर्षित करनेवालों के लिए ये क्षेत्र बेहतरीन हैै. अलग-अलग गेम कैरेक्टर की तरह-तरह की आवाज़ें जनरेट करने की कला इस फील्ड में आपको आगे ले जाएगी. वैसे यह फील्ड कंप्यूटर इंजीनियर के लिए बेहतरीन माना जाता है. ऑडियो प्रोग्रामर को गेम में स्पेशल इफेक्ट के इस्तेमाल के लिए साउंड के बारे में अच्छी नॉलेज रखना ज़रूरी है.

क्या करते हैं?
इस तरह के प्रोग्रामर गेम के लिए ऑडियो तैयार करने के अलावा साउंड इंजीनियरिंग का भी काम करते हैं.

ग्राफिक प्रोग्रामर
गेम को डेवलप करने में ग्राफिक प्रोग्रामर टेक्निकल सपोर्ट देता है, लेकिन इसके लिए ग्राफिक प्रोग्रामर को ल, ल++, डायरेक्ट एक्स, ओपन जीएल, विंडो प्रोग्रामिंग, 3डी पैकेज आदि के बारे में मालूम होना चाहिए.

क्या करते हैं?
गेम का ग्राफिक डिज़ाइन करते हैं.

अट्रैक्टिव सैलरी पैकेज
देश में गेमिंग की दुनिया में 2डी और 3डी डेवलपमेंट प्रोफेशनल्स की मांग है. इस हाईटेक गेम वर्ल्ड में शुरुआती दौर में ही आपकी सैलरी 2 लाख सालाना हो सकती है.

रोज़गार
मॉडर्न ज़माने में इस क्षेत्र में कई स्कोप हैं. देश से लेकर विदेश तक आप इस फील्ड में करियर बना सकते हैं. कई गेमिंग कंपनियां भारत में अपना सेटअप तैयार करवा रही हैं, लेकिन अच्छे गेम डेवलपर्स की बहुत कमी है. ऐसे में आपके लिए ये बेहतरीन विकल्प हो सकता है.

प्रमुख संस्थान

  • नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ डिज़ाइन पाल्दी, अहमदाबाद
  • सेंटर फॉर इलेक्ट्रॉनिक्स डिज़ाइन एंड टेक्नोलॉजी ऑफ इंडिया, चंडीगढ़
  • फॉरच्यून इंस्टिट्यूट ऑफ कम्युनिकेशन, नई दिल्ली
  • महात्मा गांधी विश्‍वविद्यालय, केरल
  • माया एकेडमी ऑफ एडवांस सिनेमेटिक्स, मुंबई

इस फील्ड में कंप्यूटर के साथ-साथ मोबाइल गेमिंग का क्रेज़ भी बढ़ रहा है. ऐसे में आप घर बैठे मोबाइल गेम्स बनाकर भी बड़ी-बड़ी कंपनियों को अप्रोच कर सकते हैं. आप इसमें मन मुताबिक़ सैलरी की डिमांड भी कर सकते हैं.

नेम-फेम दोनों
ये एक ऐसा क्षेत्र है, जहां पैसे के साथ-साथ नाम भी होता है. आपको इंटरनेशनल मार्केट तक में जाना जाता है. आप चाहें, तो अपने नाम से गेम बनाकर देश-दुनिया में मशहूर हो सकते हैं.

– श्वेता सिंह