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Proud Moment: विनेश फोगाट ने रचा इतिहास… एशियाड में भारत का महिला कुश्ती वर्ग का पहला गोल्ड (Vinesh Phogat Creates History After Winning Gold At Asian Games)

Vinesh Phogat

Proud Moment: विनेश फोगाट ने रचा इतिहास… एशियाड में भारत का महिला कुश्ती वर्ग का पहला गोल्ड (Vinesh Phogat Creates History After Winning Gold At Asian Games)

एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक जीतने पर ढेरों शुभकामनाएं… विदेश (Vinesh Phogat) ने इतिहास रच दिया, एशियाड में भारत का महिला कुश्ती वर्ग का पहला गोल्ड. पूरे देश को आप पर गर्व है! ग़ौरतलब है कि इन दिनों जकार्ता में चल रहे एशियन गेम्स में भारत का ये दूसरा गोल्ड है… रविवार को रेस्लर बजरंग पुनिया ने भी भारत की झोली में गोल्ड डाला था!

प्रो कुश्ती लीग सीज़न 2- हो रही है असली दंगल की शुरुआत (Pro Wrestling league season 2- it’s Dangal time)

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राजधानी दिल्ली में शुरू हो चुका है दंगल. दुनियाभर के पहलवानों को एक-साथ देखने का मौक़ा और कुश्ती का दंगल देखना चाहते हैं, तो तैयार हो जाइए.

इस लीग में छह टीमें हिस्सा ले रही हैं और सभी मुकाबले दिल्ली में 19 जनवरी तक चलेंगे. इस बार जयपुर निंजास, मुम्बई महारथी, यूपी दंगल, एनसीआर पंजाब रॉयल्स, हरियाणा हैमर्स और दिल्ली सुल्तांस की टीमों के बीच कड़ा संघर्ष होने की उम्मीद है.

रियो ओलिंपिक में कांस्य पदक जीतनेवाली साक्षी मलिक पर सबकी निगाहें होगीं. देखना होगा कि किस पहलवान की पहलवानी इस बार सब पर भारी पड़ती है. साक्षी मलिक और गीता फोगट की कुश्ती को इस प्रो लीग का चार्म माना जा रहा है. देखना होगा कि दोनों में से कौन किस पर भारी पड़ता है. दोनों ही 58 किग्रा. में एक-दूसरे को टक्कर देंगी.

हम आपको बता दें कि यह प्रो लीग का दूसरा सीज़न है. पहले सीज़न में साक्षी मलिक ने गीता को दंगल में पटखनी दी थी.

असली दंगल की रियल धाकड़ छोरी रितु फोगट (Wrestling Is My Identity- Ritu Phogat)

Dangal
कुछ दायरों को पार करना इतना सहज भी नहीं होता, लेकिन उनसे परे जाकर, जब सारे जहां को जीतने का जज़्बा दिल में घर कर जाता है, तो हर बंदिश को तोड़ना आसान लगने लगता है. कुछ ऐसी ही बंदिशों को तोड़कर दुनिया को अपने अस्तित्व का लोहा मनवाया है फोगट सिस्टर्स ने. महावीर सिंह फोगट ने अपनी बेटियों को दुनिया से लड़ने का हौसला दिया और उनकी बेटियों ने उनका सिर गर्व से ऊंचा कर दिया. यही वजह है कि महावीरजी से प्रभावित होकर कुश्ती जैसे विषय पर दंगल फिल्म बन रही है.
पहलवानी एक ऐसा क्षेत्र है, जहां मर्दों का ही दख़ल माना जाता रहा है, लेकिन पिछले कुछ वर्षों में गीता, बबीता, रितु, विनेश से लेकर साक्षी मलिक तक ने पहलवानी के जो दांव दिखाए हैं, उससे दुनिया स्तब्ध है. कुश्ती, पहलवानी, दंगल, महिलाओं का इसमें दख़ल… इन तमाम विषयों पर महावीर फोगट की बेटी रितु फोगट क्या कहती हैं, आइए जानते हैं-

Dangal

आपके पिताजी पर फिल्म बन रही है, क्या ख़ास व अलग महसूस कर रही हैं?
ज़ाहिर है कि अच्छा लग रहा है. हमारे पापा ने हमें बहुत हौसला दिया है. हमारे परिवार को कुश्ती को और ख़ासतौर से लड़कियों को इस क्षेत्र में बढ़ावा देने के लिए जो भी सकारात्मक प्रतिक्रियाएं मिल रही हैं, उनसे गर्व महसूस होता है. इसके अलावा इस फिल्म में बाप-बेटी के रिश्ते को जिस तरह से दर्शाया जाएगा, वो भी काबिले तारीफ़ है. इससे बेटियों को काफ़ी हौसला भी मिलेगा और हमारे समाज में बेटियों के प्रति जो भी नकारात्मक सोच है, उसमें ज़रूर बदलाव आएगा. हम जैसे स्पोर्ट्स पर्सन के लिए आख़िर दंगल यानी कुश्ती ही पहचान है.

एक लड़की होने के नाते कितना मुश्किल था कुश्ती जैसे प्रोफेशन को अपनाना?
सच कहूूं तो मुझे इतनी मुश्किल नहीं हुई, क्योंकि हमारे पापा ने कोई मुश्किल आने ही नहीं दी. अगर समाज व परिवार के तानों की भी बात हो, तो उन्होंने सब कुछ ख़ुद सुना, ख़ुद झेला, ताकि हम पर कोई आंच न आए. सबसे वो ख़ुद लड़े. साथ में मेरी बड़ी बहनें भी थीं, तो उनका भी सपोर्ट था मुझे.

अगर बात करें दंगल मूवी की, तो आमिर ख़ान को मिस्टर परफेक्शनिस्ट कहते हैं, आपके परिवार के साथ उन्होंने किस तरह समय बिताया और उनका कमिटमेंट देखकर आपको कैसा लगा?
उनसे पहली बार जब मुलाक़ात हुई, तो यह लगा ही नहीं कि हम इतने बड़े स्टार से मिल रहे हैं. बहुत ही सहज और सिंपल हैं. अपने काम के प्रति ग़ज़ब का समर्पण है उनमें. हालांकि हम तो ज़्यादा नहीं मिले उनसे, पापा के साथ ही अधिक बातचीत होती थी, लेकिन जितनी बार भी मिले, हमें उनकी सहजता ने बहुत प्रभावित किया, क्योंकि हमें वो बेहद कंफर्टेबल महसूस करवाते थे.

Dangal

रेसलिंग जैसे खेल को बतौर प्रोफेशन चुनना कितना टफ होता है और कितने अनुशासन व ट्रेनिंग की ज़रूरत होती है?
ट्रेनिंग व अनुशासन बहुत ही ज़रूरी है और सच कहूं, तो पापा बहुत ही स्ट्रिक्ट होते हैं ट्रेनिंग के टाइम पर. सुबह 3.30 बजे उठना, एक्सरसाइज़ और प्रैक्टिस करना इतना थका देता है कि कभी-कभी उठने की भी हिम्मत नहीं रहती. लेकिन यह ज़रूरी है, ताकि हमें अपना स्टैमिना पता रहे और हम उसे बढ़ा सकें.

डायट और फिटनेस के लिए क्या ख़ास करना पड़ता है?
डायट तो नॉर्मल ही रहती है, जैसे- दूध, बादाम, रोटी… लेकिन टूर्नामेंट वगैरह से पहले थोड़ा कंट्रोल करना पड़ता है, जिसमें ऑयली, फैटी व स्वीट्स को अवॉइड करते हैं.

अपनी हॉबीज़ के बारे में बताइए?
मुझे तो कोई ख़ास शौक़ नहीं है, बस कुश्ती ही मेरा शौक़ भी है और जुनून भी. हां, खाली समय में पंजाबी गाने सुनती हूं या फिर कभी-कभार ताश भी खेल लेती हूं.

Dangal

उन लड़कियों से क्या कुछ कहना चाहेंगी, जो इस क्षेत्र में या अन्य खेलों में अपना भविष्य तलाशने की चाह रखती हैं?
चाहे किसी भी क्षेत्र में हों या कोई भी हो, लगन व मेहनत का कोई पर्याय नहीं है. सबमें टैलेंट होता ही है, लेकिन उस टैलेंट को मंज़िल तभी मिलती है, जब आप मेहनत और लगन से अपने लक्ष्य को पाने में जुटते हैं.

कोई सपना, जो रोज़ देखती हैं या कोई अधूरी ख़्वाहिश?
एक ही ख़्वाहिश है- ओलिंपिक्स में गोल्ड!

अन्य खेलों के मुकाबले आप रेसलिंग को कहां देखती हैं?
यह सही है कि रेसलिंग को अब काफ़ी बढ़ावा मिल रहा है, लेकिन यदि अन्य खेलों की तरह पहले से ही इसे थोड़ा और गंभीरता से लिया जाता, तो इसमें अपना करियर बनाने की चाह रखनेवाली लड़कियों को काफ़ी प्रोत्साहन मिलता. लेकिन देर आए, दुरुस्त आए.

Dangal

आपकी बहनें आपको किस तरह से इंस्पायर करती हैं? क्या आप सबके बीच आपस में कोई कॉम्पटीशन की भावना है या इतने सारे स्टार्स एक ही परिवार में हैं, तो अपनी अलग पहचान बनाना चुनौतीपूर्ण लगता है?
जी नहीं, ऐसा कुछ भी नहीं है. मेरे पापा और सिस्टर्स ने हमेशा मुझे सपोर्ट किया है, उन्हीं को देखकर सीखा है सब. हम सब एक दूसरे का सपोर्ट सिस्टम हैं, परिवार से ही तो हौसला मिलता है.

फिल्हाल दंगल मूवी रिलीज़ हो चुकी है और लोगों द्वारा काफ़ी पसंद भी की जा रही है… रितु ने भी अपना स्पेशल रिव्यू सोशल मीडिया पर शेयर किया है…

– गीता शर्मा

प्रो रेसलिंग लीग ऑक्शन- हो जाइए तैयार, होनेवाली है दंगल की शुरुआत! (Pro Wrestling League 2 auctions)

Pro Wrestling League
प्रो रेसलिंग लीग ऑक्शन- हो जाइए तैयार, होनेवाली है दंगल की शुरुआत! (Pro Wrestling League 2 auctions)

Pro Wrestling League

  • कुश्ती के चाहनेवालों के लिए सबसे बड़ी ख़ुशख़बरी यही है कि प्रो रेसलिंग लीग का दूसरा सीज़न जल्द ही शुरू होनेवाला है.
  • इसकी शुरुआत हुई पहलवानों की नीलामी से. शुक्रवार 16 दिसंबर को हुए प्लेयर्स के ऑक्शन में भारत के बजरंग पुनिया सबसे महंगे बिके, उन्हें दिल्ली ने 38 लाख में ख़रीदा.
  • स्टार पहलवान योगेश्‍वर दत्त ने पहले ही संकेत दे दिए थे कि वो इस बार लीग का हिस्सा नहीं होंगे.
  • ओलिंपिक के गोल्ड मेडलिस्ट व्लादिमेर खिनचेगाशविली (जॉर्जिया) सब पर भारी पड़े और उन्हें 48 लाख में पंजाब की फ्रेंचाइज़ी ने ख़रीदा.
  • बात अगर महिला पहलवानों की करें, तो मारिया स्टैडनिक सबसे महंगी खिलाड़ी रहीं. उन्हें दिल्ली ने 47 लाख में अपनी टीम का हिस्सा बनाया.
  • रियो में ब्रॉन्ज़ मेडल हासिल कर चुकी स्टार पहलवान साक्षी मलिक को 30 लाख में ख़रीदा गया, जबकि रितु फोगट को साक्षी से अधिक दामों पर ख़रीदा गया, उन्हें जयपुर ने 36 लाख में ख़रीदा.

Pro Wrestling League

  • ग़ौरतलब है कि 2 जनवरी 2017 से सीज़न 2 की शुरुआत होने जा रही है और यह 19 जनवरी तक चलेगा.

तो अब हो जाइए तैयार… क्योंकि होनेवाली है दंगल की शुरुआत!

– गीता शर्मा 

‘दंगल’ ही पहचान है- रितु फोगट (Wrestling Is My Identity- Ritu Phogat)

जब सपनों को पंख लग जाते हैं, तो आसमान की ऊंचाई मायने नहीं रखती. कुछ दायरों को पार करना इतना सहज भी नहीं होता, लेकिन उनसे परे जाकर, जब सारे जहां को जीतने का जज़्बा दिल में घर कर जाता है, तो हर बंदिश को तोड़ना आसान लगने लगता है. कुछ ऐसी ही बंदिशों को तोड़कर दुनिया को अपने अस्तित्व का लोहा मनवाया है फोगट सिस्टर्स ने. महावीर सिंह फोगट ने अपनी बेटियों को दुनिया से लड़ने का हौसला दिया और उनकी बेटियों ने उनका सिर गर्व से ऊंचा कर दिया. यही वजह है कि महावीरजी से प्रभावित होकर कुश्ती जैसे विषय पर दंगल फिल्म बन रही है.
पहलवानी एक ऐसा क्षेत्र है, जहां मर्दों का ही दख़ल माना जाता रहा है, लेकिन पिछले कुछ वर्षों में गीता, बबीता, रितु, विनेश से लेकर साक्षी मलिक तक ने पहलवानी के जो दांव दिखाए हैं, उससे दुनिया स्तब्ध है. कुश्ती, पहलवानी, दंगल, महिलाओं का इसमें दख़ल… इन तमाम विषयों पर महावीर फोगट की बेटी रितु फोगट क्या कहती हैं, आइए जानते हैं-

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आपके पिताजी पर फिल्म बन रही है, क्या ख़ास व अलग महसूस कर रही हैं?
ज़ाहिर है कि अच्छा लग रहा है. हमारे पापा ने हमें बहुत हौसला दिया है. हमारे परिवार को कुश्ती को और ख़ासतौर से लड़कियों को इस क्षेत्र में बढ़ावा देने के लिए जो भी सकारात्मक प्रतिक्रियाएं मिल रही हैं, उनसे गर्व महसूस होता है. इसके अलावा इस फिल्म में बाप-बेटी के रिश्ते को जिस तरह से दर्शाया जाएगा, वो भी काबिले तारीफ़ है. इससे बेटियों को काफ़ी हौसला भी मिलेगा और हमारे समाज में बेटियों के प्रति जो भी नकारात्मक सोच है, उसमें ज़रूर बदलाव आएगा. हम जैसे स्पोर्ट्स पर्सन के लिए आख़िर दंगल यानी कुश्ती ही पहचान है.

एक लड़की होने के नाते कितना मुश्किल था कुश्ती जैसे प्रोफेशन को अपनाना?
सच कहूूं तो मुझे इतनी मुश्किल नहीं हुई, क्योंकि हमारे पापा ने कोई मुश्किल आने ही नहीं दी. अगर समाज व परिवार के तानों की भी बात हो, तो उन्होंने सब कुछ ख़ुद सुना, ख़ुद झेला, ताकि हम पर कोई आंच न आए. सबसे वो ख़ुद लड़े. साथ में मेरी बड़ी बहनें भी थीं, तो उनका भी सपोर्ट था मुझे.

अगर बात करें दंगल मूवी की, तो आमिर ख़ान को मिस्टर परफेक्शनिस्ट कहते हैं, आपके परिवार के साथ उन्होंने किस तरह समय बिताया और उनका कमिटमेंट देखकर आपको कैसा लगा?
उनसे पहली बार जब मुलाक़ात हुई, तो यह लगा ही नहीं कि हम इतने बड़े स्टार से मिल रहे हैं. बहुत ही सहज और सिंपल हैं. अपने काम के प्रति ग़ज़ब का समर्पण है उनमें. हालांकि हम तो ज़्यादा नहीं मिले उनसे, पापा के साथ ही अधिक बातचीत होती थी, लेकिन जितनी बार भी मिले, हमें उनकी सहजता ने बहुत प्रभावित किया, क्योंकि हमें वो बेहद कंफर्टेबल महसूस करवाते थे.

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रेसलिंग जैसे खेल को बतौर प्रोफेशन चुनना कितना टफ होता है और कितने अनुशासन व ट्रेनिंग की ज़रूरत होती है?
ट्रेनिंग व अनुशासन बहुत ही ज़रूरी है और सच कहूं, तो पापा बहुत ही स्ट्रिक्ट होते हैं ट्रेनिंग के टाइम पर. सुबह 3.30 बजे उठना, एक्सरसाइज़ और प्रैक्टिस करना इतना थका देता है कि कभी-कभी उठने की भी हिम्मत नहीं रहती. लेकिन यह ज़रूरी है, ताकि हमें अपना स्टैमिना पता रहे और हम उसे बढ़ा सकें.

डायट और फिटनेस के लिए क्या ख़ास करना पड़ता है?
डायट तो नॉर्मल ही रहती है, जैसे- दूध, बादाम, रोटी… लेकिन टूर्नामेंट वगैरह से पहले थोड़ा कंट्रोल करना पड़ता है, जिसमें ऑयली, फैटी व स्वीट्स को अवॉइड करते हैं.

अपनी हॉबीज़ के बारे में बताइए?
मुझे तो कोई ख़ास शौक़ नहीं है, बस कुश्ती ही मेरा शौक़ भी है और जुनून भी. हां, खाली समय में पंजाबी गाने सुनती हूं या फिर कभी-कभार ताश भी खेल लेती हूं.

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उन लड़कियों से क्या कुछ कहना चाहेंगी, जो इस क्षेत्र में या अन्य खेलों में अपना भविष्य तलाशने की चाह रखती हैं?
चाहे किसी भी क्षेत्र में हों या कोई भी हो, लगन व मेहनत का कोई पर्याय नहीं है. सबमें टैलेंट होता ही है, लेकिन उस टैलेंट को मंज़िल तभी मिलती है, जब आप मेहनत और लगन से अपने लक्ष्य को पाने में जुटते हैं.

कोई सपना, जो रोज़ देखती हैं या कोई अधूरी ख़्वाहिश?
एक ही ख़्वाहिश है- ओलिंपिक्स में गोल्ड!

अन्य खेलों के मुकाबले आप रेसलिंग को कहां देखती हैं?
यह सही है कि रेसलिंग को अब काफ़ी बढ़ावा मिल रहा है, लेकिन यदि अन्य खेलों की तरह पहले से ही इसे थोड़ा और गंभीरता से लिया जाता, तो इसमें अपना करियर बनाने की चाह रखनेवाली लड़कियों को काफ़ी प्रोत्साहन मिलता. लेकिन देर आए, दुरुस्त आए.

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आपकी बहनें आपको किस तरह से इंस्पायर करती हैं? क्या आप सबके बीच आपस में कोई कॉम्पटीशन की भावना है या इतने सारे स्टार्स एक ही परिवार में हैं, तो अपनी अलग पहचान बनाना चुनौतीपूर्ण लगता है?
जी नहीं, ऐसा कुछ भी नहीं है. मेरे पापा और सिस्टर्स ने हमेशा मुझे सपोर्ट किया है, उन्हीं को देखकर सीखा है सब. हम सब एक दूसरे का सपोर्ट सिस्टम हैं, परिवार से ही तो हौसला मिलता है.

– गीता शर्मा

योगेश्‍वर दत्त ने लंदन सिल्वर मेडल लेने से किया इंकार!-Hats off to yogeshwar

योगेश्‍वर के जज़्बे को सलाम !

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  • जैसाकि सब जानते हैं कि लंदन ओलिंपिक में योगेश्‍वर दत्त के कांस्य पदक को सिल्वर में अपग्रेड कर दिया गया था, क्योंकि सिल्वर मेडल विजेता रूस के पहलवान बेसिक कुदुखोव का डोप टेस्ट पॉज़िटिव पाया गया था, लेकिन योगेश्‍वर ने ट्विटर पर अपने विचार रखे कि वो चाहते हैं यह सिल्वर मेडल बेसिक के परिवार के पास ही रहे.
  • योगेश्‍वर ने अपने ट्वीट में कहा… अगर हो सके तो ये मेडल उन्हीं पे पास रहने दिया जाए. उनके परिवार के लिए सम्मानपूर्ण होगा.मेरे लिए मानवीय संवेदना सर्वोपरि है.
  • बेसिक कुदुखोव शानदार पहलवान थे. उनका मृत्यु के पश्‍चात डोप टेस्ट में फेल हो जाना दुखद है. मैं खिलाड़ी के रूप में उनका सम्मान करता हूं.

Sakshi Malik-रियो ओलिंपिक… जीत की साक्षी… महिला कुश्ती में भारत को मिला कांस्य पदक!

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छा गईं साक्षी मलिक!
  • फ्री स्टाइल महिला कुश्ती में 58 किलोग्राम की वेट केटेगरी में भारत की साक्षी मलिक ने बाज़ी मार ली और इस तरह से रियो ओलिंपिक में भारत को पहला पदक भी मिल गया.(Sakshi Malik)
  • 23 वर्षीय साक्षी(Sakshi Malik) ने बुधवार को हुए कुश्ती के मुकाबले में कज़ाकिस्तान की अइसुलू टाइबेकोवा के पराजित कर कांस्य पदक हासिल किया.

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  • एक समय था जब साक्षी इस मुकाबले में 0-5 से पिछड़ रही थीं, लेकिन साक्षी ने दूसरे राउंड में 8-5 से यह मुकाबला जीत लिया.
  • प्रेस कॉन्फ्रेंस में साक्षी ने कहा कि उनके मन में एक बार भी यह ख़्याल नहीं आया कि वो हार जाएंगी.
  • साक्षी का कहना था, “भले ही मैं पिछड़ रही थी, लेकिन मेरे मन में नकारात्मक ख़्याल नहीं आए. मुझे यही लग रहा था कि यह मेडल मेरा है और देखिए मेरे हाथ में मेडल आ गया. मेरे सपना था कि मैं अपने देश का झंडा लेकर ग्राउंड में सबके सामने गर्व से सिर ऊंचा करके दौड़ सकूं और आज मेरा यह सपना पूरा हो गया.”
  • साक्षी ओलिंपिक में कुश्ती में पदक हासिल करनेवाली पहली भारतीय महिला बन गई हैं. हमें गर्व है देश की बेटी साक्षी पर!!!

सुल्तान का टीज़र रिलीज़… दमदार लग रहे हैं सलमान खान

sultan teaser

पहलवान सुल्तान अली खान की बायोपिक सुल्तान का फर्स्ट टीज़र आउट हो गया है. 1 मिनट 25 सेकंड का ये टीज़र काफ़ी दमदार है. खुले अखाड़े में पहलवान सलमान ने अपने सामने वाले पहलवान को आसानी से उठाकर पटक दिया. बैंकगाउंड म्यूज़िक भी धमाकेदार है. प्रोमो में हरियाणा का शेर, हरियाणा की शान, हरियाणा की जान सुल्तान अली खान इन लाइन्स पर सलमान की एंट्री भी देखने लायक है. फिल्म में अनुष्का शर्मा भी हैं, लेकिन फिलहाल उन्हें इस टीज़र में जगह नहीं मिली है. अनुष्का की पहलवानी देखने के लिए उनके टीज़र का इंतज़ार करना होगा, तब तक आप एंजॉय करें सुल्तान सलमान का ये दमदार अंदाज़.

पहलवान बनी अनुष्का शर्मा, ट्रेनिंग हुई पूरी

अनुष्का शर्मा से पंगा न लेना. अनुष्का शर्मा अब पहलवान बन गई हैं और पहलवानी की ट्रेनिंग पूरी भी कर चुकी हैं. डायरेक्टर अली अब्बास ज़फर की फ़िल्म सुल्तान में अनुष्का रेसलर का किरदार निभाने वाली हैं, जिसके लिए उन्होंने 6 हफ़्तोें की ट्रेनिंग भी ली है. हाल ही में अनुष्का ने ट्विटर पर शेयर की रेसलिंग ट्रेनर्स के साथ अपनी कुछ पिक्चर्स और अपने टीचर्स को थैंक्यू भी कहा.

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फिल्म सुल्तान के सुल्तान यानी सलमान ख़ान भी मार्शल आर्ट्स और पहलवानी की ट्रेनिंग ले चुके हैं. ख़ैर अनुष्का के रेसलिंग ट्रेनर्स में से एक जगदीश कलिरमन अनुष्का के डेडीकेशन की तारीफ़ों के पुल बांध रहे हैं, तो वहीं अली अब्बास भी उनकी इस मेहनत को कॉम्प्लिमेंट कर रहे हैं. अली ने ट्विटर पर अनुष्का की फोटो शेयर की हैं और लिखा है, हरियाणा की शेरनी ”धोबी पछाड़ मास्टर” अनुष्का शर्मा इन एक्शन
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यशराज प्रोडक्शन की फिल्म सुल्तान में सलमान और अनुष्का पहली बार साथ स्क्रीन शेयर करेंगे. अब दोनों की पहलवानी में से किसकी पहलवानी में होगा ज़्यादा दम ये देखना होगा काफ़ी दिलचस्प.