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मेडिटेशन इन 5 मिनट्स (Health Benefits of Meditation)

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भागदौड़ और तनाव से भरी ज़िंदगी में मस्तिष्क और मन को शांत बनाए रखना बेहद ज़रूरी है. इसका एक आसान और कारगर तरीक़ा है मेडिटेशन यानी ध्यान. कुछ लोगों को लगता है कि ध्यान करने के लिए किसी ट्रेनर की आवश्यकता होती है या इसमें काफ़ी समय लगता है, पर ऐसा कुछ भी नहीं है. कुछ बातों का ध्यान रखकर आप घर पर ही आसानी से 5 मिनट मेडिटेट करके ख़ुद को स्वस्थ रख सकते हैं.

Health Benefits of Meditation

टाइम सेट कर लें

ध्यान लगाने के लिए सबसे ज़रूरी है कि आप अपने मन को शांत बनाए रखें. मोबाइल में टाइमर सेट कर दें, जिससे आपको ध्यान लगाते समय ये चिंता न रहे कि कहीं आप लेट तो नहीं हो रहे. टाइमर आपका ध्यान भटकने नहीं देगा.

आराम से बैठ जाएं

– घर में किसी एकांत और हवादार जगह पर आराम से बैठ जाएं.
– मेडिटेशन के दौरान ढीले-ढाले आरामदायक कपड़े पहनें.
– शरीर को तनावमुक्त रखें.
– ज़रूरी नहीं कि आप ध्यान लगाने के लिए सुखासन में ही बैठें. अगर पालथी मारकर बैठना आपके लिए असुविधाजनक है, तो आप उस अवस्था में बैठें, जिसमें आप सहज महसूस कर रहे हों. मेडिटेशन तभी पूरी तरह प्रभावकारी होगा जब आप कंफर्टेबल होंगे.
– आप बेड, कुर्सी या ज़मीन पर चादर या कालीन बिछा कर भी मेडिटेट कर सकते हैं.

ब्रीदिंग पर ध्यान दें

– ध्यान लगाने के लिए ज़रूरी है कि आप अपना पूरा ध्यान अपनी सांसों पर केंद्रित करें.
– टाइमर स्टार्ट करें और आंखें बंद करके मेडिटेशन शुरू करें.
– आराम से सांस लें और छोड़ें. इस प्रक्रिया की ओर ध्यान लगाएं.
– ब्रीदिंग पैटर्न न बदलें और न ही कोई और हलचल करें. जैसे सांस लेते हैं, वैसे ही लेते रहें.
– अगर आप आराम से गहरी सांस ले सकते हैं, तो और भी बेहतर होगा. धीरे-धीरे गहरी सांस लें और छोड़ें.

ध्यान केंद्रित करें

– मेडिटेशन के व़क्त मस्तिष्क में कई ख़्याल आते हैं, जो इस प्रक्रिया में बाधक बनते हैं.
– इन ख़्यालों को आने से रोका नहीं जा सकता, लेकिन आपकी कोशिश यही होनी चाहिए कि आप उनसे अपना ध्यान हटाकर ब्रीदिंग पर लगाएं.
– हर एक सांस पर ध्यान दें. आपका पूरा ध्यान तब तक केवल सांस लेने और छोड़ने की प्रक्रिया पर होना चाहिए, जब तक टाइमर का अलार्म समय समाप्ति की घोषणा न कर दे.

फ़ायदे

– रोज़ाना ध्यान लगाने से शारीरिक और मानसिक तौर पर फिट रहा जा सकता है.
– तनाव और थकान दूर होता है.
– मस्तिष्क शांत रहता है और शरीर को ऊर्जा मिलती है.
– काम में ध्यान लगता है और कार्यक्षमता भी बढ़ती है.
– भावनात्मक रूप से मज़बूत बनाता है.
– हाई ब्लडप्रेशर नियंत्रण में रहता है.
– सिरदर्द से आराम मिलता है.
– जिन्हें ग़ुस्सा अधिक आता है, उन्हें ग़ुस्से पर कंट्रोल रखने के लिए मेडिटेशन करना चाहिए.
– 2011 में हुए एक रिसर्च के मुताबिक़, गठिया से ग्रसित लोग अगर नियमित रूप से मेडिटेशन करते हैं, तो उन्हें आराम मिलता है.
– गर्भावस्था के दौरान अक्सर पांच में से एक महिला डिप्रेशन की शिकार होती है. इस समस्या से बचने के लिए मेडिटेशन एकमात्र आसान उपाय है.
– मेडिटेशन आत्मबल को बढ़ाता है, जो एक स्वस्थ जीवन के लिए ज़रूरी है.

अगर आपके पास व़क्त है, तो 20 मिनट तक ध्यान करें. 20 मिनट तक मेडिटेशन करने से 4 घंटे तक सोने जितनी ऊर्जा मिलती है.

सावधानियां

अगर आप किसी तरह की बीमारी से पीड़ित हों, तो ज़्यादा देर तक मेडिटेट न करें. आपके लिए मेडिटेशन का सही तरीक़ा कौन-सा है? ये जानने के लिए किसी प्रोफेशनल की मदद लें.

योगा फॉर फ्लैट टमी (Yoga For Flat Tummy)

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जंक फूड, अनहेल्दी लाइफस्टाइल ने एक ऐसी सबसे बड़ी समस्या हमें दे दी है, जो ख़ुद कई समस्याओं व रोगों की जड़ है, वो है- मोटापा. मोटापे से मुक्ति और फ्लैट टमी (Yoga For Flat Tummy) के लिए हेल्दी लाइफस्टाइल के साथ-साथ इन आसनों को अपनाएं.

शशांकासन

– वज्रासन में बैठ जाएं और आंखें बंद कर लें.
– सांस लेते हुए दोनों हाथों को ऊपर उठाएं.
– धीरे-धीरे सांस छोड़ते हुए आगे की ओर झुकें और हाथों को स्ट्रेच करते हुए ज़मीन को छुएं.
– यह भी विश्राम प्रदान करने के लिए एक उत्तम अभ्यास है.
– गैस्ट्राइटिस और पेप्टिक अल्सर से पीड़ित लोग और गर्भवती महिलाएं यह आसन न करें. घुटने में दर्द, आर्थराइटिस, पीठ दर्द और हाई बीपी हो, तो वज्रासन में न बैठें, बल्कि कोई और सरल आसन चुनें.

Yoga For Flat Tummy

अन्य लाभः स्फूर्ति, चुस्ती प्रदान कर स्लिम बनाए रखता है. यह पेट की मसल्स को टोन करता है. साथ ही पेट के फैट्स को कम करने के लिए भी यह एक बेहतरीन आसन है. शरीर में रक्तसंचार को सुचारू बनाए रखता है और पेट व लिवर की कार्यक्षमता को भी बढ़ाता है.

फ्लैट टमी के लिए टॉप ४ योगा पोज़ेज़ हैं फायदेमंद– देखें वीडियो:

शलभासन

– पेट के बल लेट जाएं. हथेलियां जांघों के नीचे रखें.
– ठोड़ी ज़मीन से लगाकर रखें.
– धीरे-धीरे अपने पैरों को ऊपर उठाएं.
– घुटनों को मुड़ने न दें (चित्र देखें).
– दोनों पैरों को जितना ऊपर ला सकते हैं, लाएं.
– कुछ क्षण इस स्थिति में रुकें.
– धीरे-धीरे पूर्वावस्था में आ जाएं.
– 30-30 सेकंड के 3-5 राउंड्स.
– आंखें बंद एवं एकाग्रता पीठ व पेट पर हो.
– अगर पीठ या कमर में ज़्यादा दर्द हो, तो एक पैर से भी इसे किया जा सकता है. हर्निया और अपेंडिक्स से पीड़ित व्यक्ति यह आसन न करें.

Yoga

अन्य लाभः जोड़ों के दर्द निवारण में सहायक है. पाचनशक्ति को बढ़ाकर एसिडिटी की समस्या से भी निजात दिलाता है.

धनुरासन

– पेट के बल लेट जाएं.
– अपने दोनों पैरों को घुटने से मोड़ें.
– दोनों हाथों से दोनों पैरों को टखने के पास से पकड़ें.
– धीरे-धीरे अपने शरीर को ऊपर की तरफ़ खींचें. हाथ एकदम खिंचे हों.
– शरीर को नाभि पर भी उठा सकते हैं (चित्र देखें).
– पेटदर्द, पीठदर्द, गर्दन दर्द और घुटने के दर्द में यह आसन न करें.

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अन्य लाभः रीढ़ को लचीला बनाकर रक्तसंचार को बेहतर बनाता है. सांस संबंधी समस्याओं में भी काफ़ी
लाभदायक है, इसलिए अस्थमा और ब्रॉन्काइटिस से पीड़ित लोगों को इसकी सलाह दी जाती है.

बचें इन ग़लतियों से

– योग कभी भी सीधे ज़मीन पर न करें, बल्कि योगा मैट, दरी या कालीन बिछाकर करें.
– योग में सांसों का बहुत महत्व है, इसलिए ध्यान रखें कि जब भी शरीर को फैलाएं, तो सांस लें और शरीर को सिकोड़ते व़क्त सांस छोड़ें.
– योगासन सुबह-शाम कर सकते हैं. पर ध्यान रहे कि पानी पीने के तुरंत बाद योगासन न करें, बल्कि 15-20 मिनट रुककर करें. चाय-कॉफी आदि के आधे घंटे बाद ही योगासन करें.
– अपनी क्षमता अनुसार योग करें. उतना ही योगाभ्यास करें, जितना आसानी से कर पाएं. धीरे-धीरे अभ्यास बढ़ाएं.
– योग करते व़क्त फाइनल पोश्‍चर तक पहुंचने की जल्दबाज़ी कभी न करें और न ही किसी पोज़ को ज़बर्दस्ती ट्राई करें.
– ज़्यादा असर चाहते हैं, तो लाइफस्टाइल और खान-पान की आदतें भी बदलें. तभी आपको पूरा फ़ायदा होगा.
– फ़ौरन परिणाम की उम्मीद न करें. योग धीरे-धीरे असर करता है. ख़ुद को कम से कम छह महीने का समय दें.
– योग शुरू करते ही ये सोचकर दवाएं न बंद कर दें कि अब सारी बीमारियां ठीक हो जाएंगी. ध्यान रखें कि योग तुरंत असर नहीं करता. कुछ महीने योगाभ्यास करने के बाद अपना चेकअप करवाएं और डॉक्टर की सलाह के बाद ही कोई फैसला लें.

विराट कोहली, क्रिकेटर

Yoga
“योगाभ्यास करें. इससे आप अधिक रिलैक्स्ड, एनर्जेटिक और एक्टिव महसूस करेंगे.” विराट कोहली ने योग पर ट्वीट करके इस तरह से योग के प्रति अपना प्यार जताया. इंडियन क्रिकेट के पोस्टर बॉय विराट कोहली का मानना है कि किसी भी प्लेयर के लिए फिटनेस बहुत ज़रूरी होती है. फिट रहने के लिए संतुलित भोजन और नियमित एक्सरसाइज़ से बेहतर कुछ भी नहीं.

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