yoga tips

शिल्पा शेट्टी: शिल्पा के सेक्सी फिगर पर ना जाने कितने मरते हैं और हर लड़की चाहती है उनकी तरह पतली कमर और हॉट फिगर. शिल्पा को ऐसी फिटनेस मिली है योगा से. शिल्पा योगा की दिवानी हैं और अक्सर योगा करते हुए वो वीडीयो शेयर भी करती हैं. शिल्पा ने योगा की डीवीडी भी रिलीज़ की हैं ताकि लोगों को इंस्पिरेशन मिले और लोग भी फिट रहना सीखें और योग करें. शिल्पा को बाबा रामदेव के योगा सेशन भी अटेंड करते देखा गया है.

Shilpa shetty

बिपाशा बासु: शिल्पा की ही तरह बिपाशा ने भी योगा फ़िटनेस डीवीडी रिलीज़ की है और बिप्स की फिट और यंग बॉडी का राज़ भी योगा में छिपा है. बिपाशा कई बार अपने पति करण सिंह ग्रोवर के साथ भी योगा करती नज़र आती हैं.

Bipasha Basu

करीना कपूर: करीना कितनी फिटनेस कॉन्शियस हैं यह तो सब जानते हैं. करीना ने ही साइज़ ज़ीरो का ट्रेंड भी शुरू किया था. करीना की सेक्सी फ़िंगर ही नहीं बल्कि ग्लोइंग स्किन का राज़ भी योगा में छिपा है. करीना को जिम जाना इतना पसंद नहीं लेकिन उन्हें अपनी फिटनेस तो बनाए रखनी थी क्योंकि वो एक एक्ट्रेस हैं इसीलिए उन्होंने योगा करना शुरू किया और अब वो अपनी फैमिली और दोस्तों को भी योग के लिए प्रेरित करती हैं. बताया जाता है कि करीना के कहने पर ही अब मलाइका भी योगा से प्यार करने लगी हैं और वो भी नियमित रूप से योगा करती हैं.

Kareena kapoor

सुष्मिता सेन: 44 को उम्र में वो इतनी हॉट और फिट हैं तो इसका राज़ छिपा है योग में. वो अपने से पंद्रह साल छोटे रोहमन को डेट कर रही हैं और दोनों साथ में बेहद प्यारे लगते हैं. सुष्मिता को अक्सर अपने बॉयफ़्रेंड रोहमन के साथ योगा करते देखा गया है. वो खुद सोशल मीडिया पर वीडीयो और पिक्स शेयर करती हैं.

Sushmita Sen

जैकलीन फर्नांडिस: जैकलीन अपना योगा रूटीन कभी मिस नहीं करतीं. समय के साथ साथ वो बेहद फिट होती गईं और इसकी वजह है योगा. वो अक्सर योगा करते हुए अपने वीडीयो और तस्वीरें शेयर करती हैं और लोग उनसे प्रेरणा भी लेते हैं क्योंकि उनके ट्रांसफ़ॉर्म को लोगों ने देखा है कि वो अब कितनी फिट हो चुकी हैं. फ़िटनेस को लेकर वो ऑनलाइन इवेंट भी करती हैं जिसमें वो सबको इंस्पायर करती हैं फ़िटनेस के लिए.

Jacqueline Fernandes

मलाइका अरोड़ा: मलाइका की फिटनेस का दीवाना तो सारा वर्ल्ड है. सब जानते हैं कि मलाइका काफ़ी जिम जाती थी और वर्कआआउट कर पसीना बहाती थीं लेकिन जबसे करीना ने उन्हें योगा के फायदों के बारे में सजग किया वो योगा करने पर ज़ोर देने लगीं और हम उनके सोशल मीडिया पर योग करते हुए पोस्ट्स देखते रहते हैं. वो योगा इवेंट्स और हेल्थ एंड वेलनेस साइट्स के साथ पार्टनरशिप और काम भी करती हैं. वो अक्सर योगा पोज़ के ज़रिए लोगों को योग करने के लिए ना सिर्फ़ प्रेरित करती हैं बल्कि इसके मानसिक फ़ायदों के बारे में भी जानकारी देती हैं.

Malaika Arora

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स्ट्रेस या तनाव आजकल आज की भागदौड़भरी ज़िंदगी में हमारे जीवन का हिस्सा बन गया है. आज हालात ये हैं कि हम हर छोटी-छोटी बात का स्ट्रेस ले लेते हैं, पर ये स्ट्रेस हमारी सेहत को  न सिर्फ़ बुरी तरह प्रभावित करता है, बल्कि कई बीमारियों का कारण भी बन जाता है. बीमारियों की इस जड़ स्ट्रेस यानी तनाव को दूर रखने के लिए आज़माएं ये 4 योगासन- सुलभ जानुशिरासन, अधोमुख स्वस्तिकासन, सुप्त बद्धकोणासन, सुप्त सर्वांगासन. ये 4 योगासन नियमित रूप से करने से आप  स्ट्रेस यानी तनाव से आसानी से छुटकारा पा सकते हैं.

Yoga Pose For Stress Relief

तनाव दूर करके मन को शांत रखने के लिए करें ये 10 आसान उपाय

1) रात में सोने से पहले ही अगले दिन की प्लानिंग कर लें. ऐसा करने से आप क्लियर रहेंगे कि अगले दिन आपको किस समय कौन सा काम करना है. काम का सही प्रबंधन करके आप अपना स्ट्रेस काफी हद तक कम कर सकते हैं.

2) रात में जल्दी सोने और सुबह जल्दी उठने की आदत डालें, ताकि आपको पर्याप्त नींद मिल सके. सुबह जल्दी उठने से आप वर्कआउट के लिए आसानी से समय निकाल पाएंगे.

3) किसी भी काम को लास्ट मिनट के लिए न रखें, आप अपने हर काम को जितनी जल्दी निपटा देंगे, आपका तनाव उतना ही कम होता चला जाएगा. अतः अपना हर काम समय से करें. 

4) उतना ही काम हाथ में लें, जितना आप आसानी से कर सकें. मल्टीटास्किंग करने वाले कई लोग हमेशा तनाव में रहते हैं इसलिए काम के साथ-साथ अपनी सेहत का भी विशेष ध्यान रखें. 

5) रोज़ सुबह उठकर सबसे पहले मुस्कुराएं और मन में ये सोचें कि आपका आज का दिन बहुत अच्छा बीतने वाला है.

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Yoga Pose For Stress Relief

6) रोज़ सुबह कुछ समय योग, ध्यान और एक्सरसाइज़ के लिए ज़रूर निकालें. ऐसा करने से आपका स्टेमिना बढ़ेगा और आप अपने काम के प्रति ज़्यादा फोकस्ड रहेंगे. तनाव दूर करके मन को शांत रखने के लिए हमारे बताए 4 योगासन ज़रूर करें, ये 4 योगासन रोज़ करने से आप स्ट्रेस फ्री रहेंगे और अपना हर काम आसानी से पूरा कर लेंगे.

7) अपने खानपान पर विशेष ध्यान दें. हेल्दी डायट लें, ऐसा करने से आप हमेशा फिट और हेल्दी बने रहेंगे. 

8) अपनी हॉबीज़ के लिए समय निकालें. हमारे शौक हमें खुश रखते हैं और हमारा तनाव दूर करते हैं.

9) ऐसे लोगों से दूर रहें जो हर समय नकारात्मक बातें करते हैं. ऐसे लोगों के साथ रहें जो हमेशा पॉज़िटिव रहते हैं.

10) हमेशा अच्छे कपड़े पहनें और बन-ठन के रहें. ऐसा करने से आपका कॉन्फिडेंस बढ़ेगा और आप अपना हर काम कॉन्फिडेंस से करेंगे, जिससे आपको हर काम में सफलता मिलेगी और आप खुश रहेंगे.

तनाव दूर करके मन को शांत रखने के लिए रोज़ करें ये 4 योगासन, इन 4 योगासन को करने की विधि जानने के लिए देखें ये वीडियो :

अगर आपका इम्यून सिस्टम कमज़ोर है, तो बड़ी ही आसानी से आप बीमारी की चपेट में आ सकते हैं. सर्दी-ज़ुकाम, खांसी-बुख़ार, वायरल और बैक्टीरियल इंफेक्शन से बचने के लिए ज़रूरी है कि आप अपनी रोग-प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाएं. यदि आप नियमित रूप से ये 4 योगासन करते हैं, तो इससे आपका इम्यून सिस्टम मज़बूत होगा और आप सर्दी-ज़ुकाम, खांसी-बुख़ार, वायरल और बैक्टीरियल इंफेक्शन से हमेशा बचे रहेंगे. तो आज से ही अपनी इम्युनिटी बढ़ाने के लिए ये 4 योगासन नियमित रूप से करें.

girl doing yoga

इन्फेक्शन से बचने के लिए बढ़ाएं अपनी इम्युनिटी, ये 4 योगासन बढ़ाते हैं इम्यून सिस्टम

इन्फेक्शन से बचने और अपनी इम्युनिटी बढ़ाने के लिए आप सुलभ उत्तानासन, उत्थित पार्श्वकोणासन, सुलभ हलासन और सेतु बंध सर्वांगासन ये 4 योगासन करें. यदि आप नियमित रूप से ये 4योगासन करते हैं, तो आप आसानी से अपना इम्यून सिस्टम मज़बूत बना सकते हैं.

यह भी पढ़ें: 11 योगासन जो आपके बच्चे को बनाएंगे फिट एंड इंटेलिजेंट(11 Yoga That Will Make Your Child Fit And Intelligent)

इम्यून सिस्टम बढ़ाने के लिए कौन-से 4 योगासन हैं और उन्हें करने का सही तरीका क्या है? जानने के लिए देखें ये वीडियो:

पीसीओडी (PCOD) यानी पॉलीसिस्टिक ओवरी डिसीज़ या सिंड्रोम. यह महिलाओं में पाया जानेवाला बहुत ही सामान्य रोग है और बहुत बड़ी संख्या में (लगभग 90 लाख) युवा महिलाएं इससे पीड़ित हैं. हैरानी की बात यह है कि इनमें से भी 60% को यह पता नहीं रहता कि उन्हें यह रोग है. एक व़क्त था जब यह मिडल एज डिसीज़ मानी जाती थी, लेकिन अब ऐसा नहीं रहा. इस रोग में महिलाओं में सेक्स हार्मोंस के असंतुलन के चलते ओवरी में सिस्ट यानी गांठें बन जाती हैं, जिस वजह से गर्भधारण में समस्या होती है. ग़लत खानपान, तनाव, मोटापा, डायबिटीज़, हाई ब्लड प्रेशर आदि के कारण भी पीसीओडी की समस्या हो जाती है. लेकिन योग के ज़रिए आप इस समस्या से निजात पा सकती हैं. योग से आपके पीरियड्स व हार्मोंस संबंधी सभी समस्याएं दूर हो जाएंगी. इस वीडियो में 4 योगासन बताए गए हैं- पश्‍चिमोत्तानासन, धनुरासन, सर्वांगासन और हलासन, ये 4 योगासन करके आप पीसीओडी (PCOD) / पीसीओएस (PCOS) से आसानी से छुटकारा पा सकती हैं.

कम उम्र की लड़कियों को भी हो रहा है पीसीओडी (PCOD) / पीसीओएस (PCOS)
आज की भागदौड़ भरी और तनाव भरी ज़िंदगी में सबसे ज़्यादा हमारी सेहत प्रभावित हो रही है. जो रोग पहले 40-50 की उम्र में होते थे, वो रोग अब बच्चों को भी होने लगे हैं. महिलाओं में भी बड़ी उम्र में पाया जानेवाला रोग पीसीओडी (PCOD) / पीसीओएस (PCOS) अब कम उम्र की लड़कियों में भी दिखाई देने लगा है. इसकी सबसे बड़ी वजह है ग़लत लाइफस्टाइल, गलत खानपान, तनाव, मोटापा आदि.

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पीसीओडी (PCOD) / पीसीओएस (PCOS) के लक्षण
1) अनियमित पीरियड्स यानी मासिक धर्म समय पर न आना
2) चेहरे, छाती, पेट, पीठ पर अधिक बाल उगना
3) अचानक वज़न बढ़ जाना
4) मां न बन पाना
5) इमोशनल इंबैलेंस यानी बेवजह चिंता, तनाव, चिड़चिड़ापन, भावुक हो जाना आदि
6) स्किन ऑयली हो जाना, चेहरे पर पिंपल्स, दाग-धब्बे हो जाना, बार-बार डैंड्रफ हो जाना
7) कई महिलाओं को ओवरी में सिस्ट भी हो जाता है

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पीसीओडी (PCOD) / पीसीओएस (PCOS) से छुटकारा पाने के घरेलू उपाय
पीसीओडी (PCOD) / पीसीओएस (PCOS) को नज़रअंदाज़ करना ठीक नहीं है. पीसीओडी (PCOD) / पीसीओएस (PCOS) के बारे में पता चलते ही इसका इलाज ज़रूर कराएं. साथ ही अपनी लाइफस्टाइल में बदलाव लाकर आप पीसीओडी (PCOD) / पीसीओएस (PCOS) से जल्दी ही छुटकारा पा सकती हैं.

1) हेल्दी खाना खाएं और जंक फूड से परहेज करें.
2) नियमित रूप से योग, ध्यान और एक्सरसाइज़ करें.
3) रात में जल्दी सोएं और सुबह जल्दी उठें.
4) तनाव से दूर रहें.
5) अच्छी किताबें पढ़ें, अच्छा संगीत सुनें, अपने शौक के लिए समय निकालें.
6) मोटापा न बढ़ने दें.
7) पीसीओडी (PCOD) / पीसीओएस (PCOS) के बारे में पता चलते ही अपना इलाज कराएं.

पीसीओडी से घर बैठे छुटकारा पाने के लिए करें ये 4 योगासन, देखें वीडियो:

भागदौड़ और तनाव से भरी ज़िंदगी में मस्तिष्क और मन को शांत बनाए रखना बेहद ज़रूरी है. इसका एक आसान और कारगर तरीक़ा है मेडिटेशन यानी ध्यान. कुछ लोगों को लगता है कि ध्यान करने के लिए किसी ट्रेनर की आवश्यकता होती है या इसमें काफ़ी समय लगता है, पर ऐसा कुछ भी नहीं है. कुछ बातों का ध्यान रखकर आप घर पर ही आसानी से 5 मिनट मेडिटेट करके ख़ुद को स्वस्थ रख सकते हैं.

Health Benefits of Meditation

टाइम सेट कर लें

ध्यान लगाने के लिए सबसे ज़रूरी है कि आप अपने मन को शांत बनाए रखें. मोबाइल में टाइमर सेट कर दें, जिससे आपको ध्यान लगाते समय ये चिंता न रहे कि कहीं आप लेट तो नहीं हो रहे. टाइमर आपका ध्यान भटकने नहीं देगा.

आराम से बैठ जाएं

– घर में किसी एकांत और हवादार जगह पर आराम से बैठ जाएं.
– मेडिटेशन के दौरान ढीले-ढाले आरामदायक कपड़े पहनें.
– शरीर को तनावमुक्त रखें.
– ज़रूरी नहीं कि आप ध्यान लगाने के लिए सुखासन में ही बैठें. अगर पालथी मारकर बैठना आपके लिए असुविधाजनक है, तो आप उस अवस्था में बैठें, जिसमें आप सहज महसूस कर रहे हों. मेडिटेशन तभी पूरी तरह प्रभावकारी होगा जब आप कंफर्टेबल होंगे.
– आप बेड, कुर्सी या ज़मीन पर चादर या कालीन बिछा कर भी मेडिटेट कर सकते हैं.

ब्रीदिंग पर ध्यान दें

– ध्यान लगाने के लिए ज़रूरी है कि आप अपना पूरा ध्यान अपनी सांसों पर केंद्रित करें.
– टाइमर स्टार्ट करें और आंखें बंद करके मेडिटेशन शुरू करें.
– आराम से सांस लें और छोड़ें. इस प्रक्रिया की ओर ध्यान लगाएं.
– ब्रीदिंग पैटर्न न बदलें और न ही कोई और हलचल करें. जैसे सांस लेते हैं, वैसे ही लेते रहें.
– अगर आप आराम से गहरी सांस ले सकते हैं, तो और भी बेहतर होगा. धीरे-धीरे गहरी सांस लें और छोड़ें.

ध्यान केंद्रित करें

– मेडिटेशन के व़क्त मस्तिष्क में कई ख़्याल आते हैं, जो इस प्रक्रिया में बाधक बनते हैं.
– इन ख़्यालों को आने से रोका नहीं जा सकता, लेकिन आपकी कोशिश यही होनी चाहिए कि आप उनसे अपना ध्यान हटाकर ब्रीदिंग पर लगाएं.
– हर एक सांस पर ध्यान दें. आपका पूरा ध्यान तब तक केवल सांस लेने और छोड़ने की प्रक्रिया पर होना चाहिए, जब तक टाइमर का अलार्म समय समाप्ति की घोषणा न कर दे.

फ़ायदे

– रोज़ाना ध्यान लगाने से शारीरिक और मानसिक तौर पर फिट रहा जा सकता है.
– तनाव और थकान दूर होता है.
– मस्तिष्क शांत रहता है और शरीर को ऊर्जा मिलती है.
– काम में ध्यान लगता है और कार्यक्षमता भी बढ़ती है.
– भावनात्मक रूप से मज़बूत बनाता है.
– हाई ब्लडप्रेशर नियंत्रण में रहता है.
– सिरदर्द से आराम मिलता है.
– जिन्हें ग़ुस्सा अधिक आता है, उन्हें ग़ुस्से पर कंट्रोल रखने के लिए मेडिटेशन करना चाहिए.
– 2011 में हुए एक रिसर्च के मुताबिक़, गठिया से ग्रसित लोग अगर नियमित रूप से मेडिटेशन करते हैं, तो उन्हें आराम मिलता है.
– गर्भावस्था के दौरान अक्सर पांच में से एक महिला डिप्रेशन की शिकार होती है. इस समस्या से बचने के लिए मेडिटेशन एकमात्र आसान उपाय है.
– मेडिटेशन आत्मबल को बढ़ाता है, जो एक स्वस्थ जीवन के लिए ज़रूरी है.

अगर आपके पास व़क्त है, तो 20 मिनट तक ध्यान करें. 20 मिनट तक मेडिटेशन करने से 4 घंटे तक सोने जितनी ऊर्जा मिलती है.

सावधानियां

अगर आप किसी तरह की बीमारी से पीड़ित हों, तो ज़्यादा देर तक मेडिटेट न करें. आपके लिए मेडिटेशन का सही तरीक़ा कौन-सा है? ये जानने के लिए किसी प्रोफेशनल की मदद लें.

जंक फूड, अनहेल्दी लाइफस्टाइल ने एक ऐसी सबसे बड़ी समस्या हमें दे दी है, जो ख़ुद कई समस्याओं व रोगों की जड़ है, वो है- मोटापा. मोटापे से मुक्ति और फ्लैट टमी (Yoga For Flat Tummy) के लिए हेल्दी लाइफस्टाइल के साथ-साथ इन आसनों को अपनाएं.

शशांकासन

– वज्रासन में बैठ जाएं और आंखें बंद कर लें.
– सांस लेते हुए दोनों हाथों को ऊपर उठाएं.
– धीरे-धीरे सांस छोड़ते हुए आगे की ओर झुकें और हाथों को स्ट्रेच करते हुए ज़मीन को छुएं.
– यह भी विश्राम प्रदान करने के लिए एक उत्तम अभ्यास है.
– गैस्ट्राइटिस और पेप्टिक अल्सर से पीड़ित लोग और गर्भवती महिलाएं यह आसन न करें. घुटने में दर्द, आर्थराइटिस, पीठ दर्द और हाई बीपी हो, तो वज्रासन में न बैठें, बल्कि कोई और सरल आसन चुनें.

Yoga For Flat Tummy

अन्य लाभः स्फूर्ति, चुस्ती प्रदान कर स्लिम बनाए रखता है. यह पेट की मसल्स को टोन करता है. साथ ही पेट के फैट्स को कम करने के लिए भी यह एक बेहतरीन आसन है. शरीर में रक्तसंचार को सुचारू बनाए रखता है और पेट व लिवर की कार्यक्षमता को भी बढ़ाता है.

फ्लैट टमी के लिए टॉप ४ योगा पोज़ेज़ हैं फायदेमंद– देखें वीडियो:

शलभासन

– पेट के बल लेट जाएं. हथेलियां जांघों के नीचे रखें.
– ठोड़ी ज़मीन से लगाकर रखें.
– धीरे-धीरे अपने पैरों को ऊपर उठाएं.
– घुटनों को मुड़ने न दें (चित्र देखें).
– दोनों पैरों को जितना ऊपर ला सकते हैं, लाएं.
– कुछ क्षण इस स्थिति में रुकें.
– धीरे-धीरे पूर्वावस्था में आ जाएं.
– 30-30 सेकंड के 3-5 राउंड्स.
– आंखें बंद एवं एकाग्रता पीठ व पेट पर हो.
– अगर पीठ या कमर में ज़्यादा दर्द हो, तो एक पैर से भी इसे किया जा सकता है. हर्निया और अपेंडिक्स से पीड़ित व्यक्ति यह आसन न करें.

Yoga

अन्य लाभः जोड़ों के दर्द निवारण में सहायक है. पाचनशक्ति को बढ़ाकर एसिडिटी की समस्या से भी निजात दिलाता है.

धनुरासन

– पेट के बल लेट जाएं.
– अपने दोनों पैरों को घुटने से मोड़ें.
– दोनों हाथों से दोनों पैरों को टखने के पास से पकड़ें.
– धीरे-धीरे अपने शरीर को ऊपर की तरफ़ खींचें. हाथ एकदम खिंचे हों.
– शरीर को नाभि पर भी उठा सकते हैं (चित्र देखें).
– पेटदर्द, पीठदर्द, गर्दन दर्द और घुटने के दर्द में यह आसन न करें.

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Yoga

अन्य लाभः रीढ़ को लचीला बनाकर रक्तसंचार को बेहतर बनाता है. सांस संबंधी समस्याओं में भी काफ़ी
लाभदायक है, इसलिए अस्थमा और ब्रॉन्काइटिस से पीड़ित लोगों को इसकी सलाह दी जाती है.

बचें इन ग़लतियों से

– योग कभी भी सीधे ज़मीन पर न करें, बल्कि योगा मैट, दरी या कालीन बिछाकर करें.
– योग में सांसों का बहुत महत्व है, इसलिए ध्यान रखें कि जब भी शरीर को फैलाएं, तो सांस लें और शरीर को सिकोड़ते व़क्त सांस छोड़ें.
– योगासन सुबह-शाम कर सकते हैं. पर ध्यान रहे कि पानी पीने के तुरंत बाद योगासन न करें, बल्कि 15-20 मिनट रुककर करें. चाय-कॉफी आदि के आधे घंटे बाद ही योगासन करें.
– अपनी क्षमता अनुसार योग करें. उतना ही योगाभ्यास करें, जितना आसानी से कर पाएं. धीरे-धीरे अभ्यास बढ़ाएं.
– योग करते व़क्त फाइनल पोश्‍चर तक पहुंचने की जल्दबाज़ी कभी न करें और न ही किसी पोज़ को ज़बर्दस्ती ट्राई करें.
– ज़्यादा असर चाहते हैं, तो लाइफस्टाइल और खान-पान की आदतें भी बदलें. तभी आपको पूरा फ़ायदा होगा.
– फ़ौरन परिणाम की उम्मीद न करें. योग धीरे-धीरे असर करता है. ख़ुद को कम से कम छह महीने का समय दें.
– योग शुरू करते ही ये सोचकर दवाएं न बंद कर दें कि अब सारी बीमारियां ठीक हो जाएंगी. ध्यान रखें कि योग तुरंत असर नहीं करता. कुछ महीने योगाभ्यास करने के बाद अपना चेकअप करवाएं और डॉक्टर की सलाह के बाद ही कोई फैसला लें.

विराट कोहली, क्रिकेटर

Yoga
“योगाभ्यास करें. इससे आप अधिक रिलैक्स्ड, एनर्जेटिक और एक्टिव महसूस करेंगे.” विराट कोहली ने योग पर ट्वीट करके इस तरह से योग के प्रति अपना प्यार जताया. इंडियन क्रिकेट के पोस्टर बॉय विराट कोहली का मानना है कि किसी भी प्लेयर के लिए फिटनेस बहुत ज़रूरी होती है. फिट रहने के लिए संतुलित भोजन और नियमित एक्सरसाइज़ से बेहतर कुछ भी नहीं.

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