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तनाव दूर करके मन को शांत रखते हैं ये 4 योगासन (4 Yoga Poses For Stress Relief)

स्ट्रेस या तनाव आजकल आज की भागदौड़भरी ज़िंदगी में हमारे जीवन का हिस्सा बन गया है. आज हालात ये हैं कि हम हर छोटी-छोटी बात का स्ट्रेस ले लेते हैं, पर ये स्ट्रेस हमारी सेहत को  न सिर्फ़ बुरी तरह प्रभावित करता है, बल्कि कई बीमारियों का कारण भी बन जाता है. बीमारियों की इस जड़ स्ट्रेस यानी तनाव को दूर रखने के लिए आज़माएं ये 4 योगासन- सुलभ जानुशिरासन, अधोमुख स्वस्तिकासन, सुप्त बद्धकोणासन, सुप्त सर्वांगासन. ये 4 योगासन नियमित रूप से करने से आप  स्ट्रेस यानी तनाव से आसानी से छुटकारा पा सकते हैं.

Yoga Pose For Stress Relief

तनाव दूर करके मन को शांत रखने के लिए करें ये 10 आसान उपाय

1) रात में सोने से पहले ही अगले दिन की प्लानिंग कर लें. ऐसा करने से आप क्लियर रहेंगे कि अगले दिन आपको किस समय कौन सा काम करना है. काम का सही प्रबंधन करके आप अपना स्ट्रेस काफी हद तक कम कर सकते हैं.

2) रात में जल्दी सोने और सुबह जल्दी उठने की आदत डालें, ताकि आपको पर्याप्त नींद मिल सके. सुबह जल्दी उठने से आप वर्कआउट के लिए आसानी से समय निकाल पाएंगे.

3) किसी भी काम को लास्ट मिनट के लिए न रखें, आप अपने हर काम को जितनी जल्दी निपटा देंगे, आपका तनाव उतना ही कम होता चला जाएगा. अतः अपना हर काम समय से करें. 

4) उतना ही काम हाथ में लें, जितना आप आसानी से कर सकें. मल्टीटास्किंग करने वाले कई लोग हमेशा तनाव में रहते हैं इसलिए काम के साथ-साथ अपनी सेहत का भी विशेष ध्यान रखें. 

5) रोज़ सुबह उठकर सबसे पहले मुस्कुराएं और मन में ये सोचें कि आपका आज का दिन बहुत अच्छा बीतने वाला है.

यह भी पढ़ें: पीसीओडी (PCOD)/पीसीओएस (PCOS) से घर बैठे छुटकारा पाने के लिए करें ये 4 योगासन (4 Effective Yoga Poses To Treat PCOD/PCOS At Home)

Yoga Pose For Stress Relief

6) रोज़ सुबह कुछ समय योग, ध्यान और एक्सरसाइज़ के लिए ज़रूर निकालें. ऐसा करने से आपका स्टेमिना बढ़ेगा और आप अपने काम के प्रति ज़्यादा फोकस्ड रहेंगे. तनाव दूर करके मन को शांत रखने के लिए हमारे बताए 4 योगासन ज़रूर करें, ये 4 योगासन रोज़ करने से आप स्ट्रेस फ्री रहेंगे और अपना हर काम आसानी से पूरा कर लेंगे.

7) अपने खानपान पर विशेष ध्यान दें. हेल्दी डायट लें, ऐसा करने से आप हमेशा फिट और हेल्दी बने रहेंगे. 

8) अपनी हॉबीज़ के लिए समय निकालें. हमारे शौक हमें खुश रखते हैं और हमारा तनाव दूर करते हैं.

9) ऐसे लोगों से दूर रहें जो हर समय नकारात्मक बातें करते हैं. ऐसे लोगों के साथ रहें जो हमेशा पॉज़िटिव रहते हैं.

10) हमेशा अच्छे कपड़े पहनें और बन-ठन के रहें. ऐसा करने से आपका कॉन्फिडेंस बढ़ेगा और आप अपना हर काम कॉन्फिडेंस से करेंगे, जिससे आपको हर काम में सफलता मिलेगी और आप खुश रहेंगे.

तनाव दूर करके मन को शांत रखने के लिए रोज़ करें ये 4 योगासन, इन 4 योगासन को करने की विधि जानने के लिए देखें ये वीडियो :

इन्फेक्शन से बचने के लिए बढ़ाएं अपनी इम्युनिटी, ये 4 योगासन बढ़ाते हैं इम्यून सिस्टम (Yoga For Immunity: 4 Yoga Poses Enhance The Immune System)

अगर आपका इम्यून सिस्टम कमज़ोर है, तो बड़ी ही आसानी से आप बीमारी की चपेट में आ सकते हैं. सर्दी-ज़ुकाम, खांसी-बुख़ार, वायरल और बैक्टीरियल इंफेक्शन से बचने के लिए ज़रूरी है कि आप अपनी रोग-प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाएं. यदि आप नियमित रूप से ये 4 योगासन करते हैं, तो इससे आपका इम्यून सिस्टम मज़बूत होगा और आप सर्दी-ज़ुकाम, खांसी-बुख़ार, वायरल और बैक्टीरियल इंफेक्शन से हमेशा बचे रहेंगे. तो आज से ही अपनी इम्युनिटी बढ़ाने के लिए ये 4 योगासन नियमित रूप से करें.

girl doing yoga

इन्फेक्शन से बचने के लिए बढ़ाएं अपनी इम्युनिटी, ये 4 योगासन बढ़ाते हैं इम्यून सिस्टम

इन्फेक्शन से बचने और अपनी इम्युनिटी बढ़ाने के लिए आप सुलभ उत्तानासन, उत्थित पार्श्वकोणासन, सुलभ हलासन और सेतु बंध सर्वांगासन ये 4 योगासन करें. यदि आप नियमित रूप से ये 4योगासन करते हैं, तो आप आसानी से अपना इम्यून सिस्टम मज़बूत बना सकते हैं.

यह भी पढ़ें: 11 योगासन जो आपके बच्चे को बनाएंगे फिट एंड इंटेलिजेंट(11 Yoga That Will Make Your Child Fit And Intelligent)

इम्यून सिस्टम बढ़ाने के लिए कौन-से 4 योगासन हैं और उन्हें करने का सही तरीका क्या है? जानने के लिए देखें ये वीडियो:

पीसीओडी (PCOD)/पीसीओएस (PCOS) से घर बैठे छुटकारा पाने के लिए करें ये 4 योगासन (4 Effective Yoga Poses To Treat PCOD/PCOS At Home)

पीसीओडी (PCOD) यानी पॉलीसिस्टिक ओवरी डिसीज़ या सिंड्रोम. यह महिलाओं में पाया जानेवाला बहुत ही सामान्य रोग है और बहुत बड़ी संख्या में (लगभग 90 लाख) युवा महिलाएं इससे पीड़ित हैं. हैरानी की बात यह है कि इनमें से भी 60% को यह पता नहीं रहता कि उन्हें यह रोग है. एक व़क्त था जब यह मिडल एज डिसीज़ मानी जाती थी, लेकिन अब ऐसा नहीं रहा. इस रोग में महिलाओं में सेक्स हार्मोंस के असंतुलन के चलते ओवरी में सिस्ट यानी गांठें बन जाती हैं, जिस वजह से गर्भधारण में समस्या होती है. ग़लत खानपान, तनाव, मोटापा, डायबिटीज़, हाई ब्लड प्रेशर आदि के कारण भी पीसीओडी की समस्या हो जाती है. लेकिन योग के ज़रिए आप इस समस्या से निजात पा सकती हैं. योग से आपके पीरियड्स व हार्मोंस संबंधी सभी समस्याएं दूर हो जाएंगी. इस वीडियो में 4 योगासन बताए गए हैं- पश्‍चिमोत्तानासन, धनुरासन, सर्वांगासन और हलासन, ये 4 योगासन करके आप पीसीओडी (PCOD) / पीसीओएस (PCOS) से आसानी से छुटकारा पा सकती हैं.

कम उम्र की लड़कियों को भी हो रहा है पीसीओडी (PCOD) / पीसीओएस (PCOS)
आज की भागदौड़ भरी और तनाव भरी ज़िंदगी में सबसे ज़्यादा हमारी सेहत प्रभावित हो रही है. जो रोग पहले 40-50 की उम्र में होते थे, वो रोग अब बच्चों को भी होने लगे हैं. महिलाओं में भी बड़ी उम्र में पाया जानेवाला रोग पीसीओडी (PCOD) / पीसीओएस (PCOS) अब कम उम्र की लड़कियों में भी दिखाई देने लगा है. इसकी सबसे बड़ी वजह है ग़लत लाइफस्टाइल, गलत खानपान, तनाव, मोटापा आदि.

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पीसीओडी (PCOD) / पीसीओएस (PCOS) के लक्षण
1) अनियमित पीरियड्स यानी मासिक धर्म समय पर न आना
2) चेहरे, छाती, पेट, पीठ पर अधिक बाल उगना
3) अचानक वज़न बढ़ जाना
4) मां न बन पाना
5) इमोशनल इंबैलेंस यानी बेवजह चिंता, तनाव, चिड़चिड़ापन, भावुक हो जाना आदि
6) स्किन ऑयली हो जाना, चेहरे पर पिंपल्स, दाग-धब्बे हो जाना, बार-बार डैंड्रफ हो जाना
7) कई महिलाओं को ओवरी में सिस्ट भी हो जाता है

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पीसीओडी (PCOD) / पीसीओएस (PCOS) से छुटकारा पाने के घरेलू उपाय
पीसीओडी (PCOD) / पीसीओएस (PCOS) को नज़रअंदाज़ करना ठीक नहीं है. पीसीओडी (PCOD) / पीसीओएस (PCOS) के बारे में पता चलते ही इसका इलाज ज़रूर कराएं. साथ ही अपनी लाइफस्टाइल में बदलाव लाकर आप पीसीओडी (PCOD) / पीसीओएस (PCOS) से जल्दी ही छुटकारा पा सकती हैं.

1) हेल्दी खाना खाएं और जंक फूड से परहेज करें.
2) नियमित रूप से योग, ध्यान और एक्सरसाइज़ करें.
3) रात में जल्दी सोएं और सुबह जल्दी उठें.
4) तनाव से दूर रहें.
5) अच्छी किताबें पढ़ें, अच्छा संगीत सुनें, अपने शौक के लिए समय निकालें.
6) मोटापा न बढ़ने दें.
7) पीसीओडी (PCOD) / पीसीओएस (PCOS) के बारे में पता चलते ही अपना इलाज कराएं.

पीसीओडी से घर बैठे छुटकारा पाने के लिए करें ये 4 योगासन, देखें वीडियो:

फिटनेस का मतलब वेटलॉस या पतला होना नहीं होता… रुजुता दिवेकर का फिटनेस मंत्र! (Theme- fitness is simple and uncomplicated- The Fitness Project by Rujuta Diwekar)

Rujuta Diwekar

फिटनेस का मतलब वेटलॉस या पतला होना नहीं होता… रुजुता दिवेकर का फिटनेस मंत्र! (Theme- fitness is simple and uncomplicated- The Fitness Project by Rujuta Diwekar)

– फिटनेस बेहद सिंपल है, इसमें आपको क्रांतिकारी डायट प्लान या वर्कआउट्स करने की ज़रूरत ही नहीं.
– दरअसल फिटनेस का मतलब ही लोग ग़लत समझते हैं. फिटनेस का अर्थ पतला हो जाना या वेटलॉस नहीं होता.
– फिटनेस वो होती है, जो आपकी रोज़मर्रा की ज़िंदगी को प्रभावित करती है, उस पर असर डालती है, जैसे- आपका एनर्जी लेवल, नींद की क्वालिटी, पाचन शक्ति आदि.
– रुजुता दिवेकर ने अपने 12 हफ़्तों के फिटनेस प्रोजेक्ट को जब लॉन्च किया था, तो उन्हें बहुत ही ज़्यादा लोगों का समर्थन मिला.
– लोगों को इससे बेहद लाभ भी मिला. उनके इंचेज़ कम हुए और वो अधिक फिट महसूस करने लगे.
पहला हफ़्ता- गाइडलाइन 1- कैसे शुरुआत करें?
– अपने दिन की शुरुआत एक केले से करें या किसी भी फ्रेश फ्रूट से या फिर आप भिगोए हुए बादाम या किशमिश भी ले सकते हैं. चाय-कॉफी से अपना दिन शुरू न करें.
– हां, 10-15 मिनट बाद आप चाय-कॉफी ले सकते हैं.
– यह उठने के 20 मिनट के भीतर ही खा लें और अगर आपको थायरॉइड है, तो गोली लेने के बाद यह मील लें.

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– केला दरअसल उनके लिए सही होता है, जिन्हें या तो पाचन संबंधी समस्या होती है या फिर खाने के बाद कुछ मीठा खाने का मन होता है. बेहतर होगा ताज़ा लोकल वेरायटी का केला लें. हफ़्ते में 2-3 बार ख़रीदें और उन्हें प्लास्टिक बैग की बजाय कपड़े के थैले में लाएं.
– 7-8 भीगी हुई किशमिश केसर के एक या दो स्ट्रैंड के साथ खाएं, यदि आप लो एनर्जी महसूस करते हैं या आपको पीएमएस की बहुत अधिक समस्या है.
– 4-6 भिगोए व छीले हुए बादाम उनके लिए, जिन्हें डायबिटीज़, पीसीओडी, नींद की समस्या, लो फर्टिलिटी है. पीसीओडी की समस्या है, तो पीरियड्स से 10 दिन पहले किशमिशवाले प्लान पर आ जाएं.
– सुबह के इस मील के बाद आप 15-20 मिनट योगा या वर्कआउट कर सकते हैं.
– अगर वर्कआउट नहीं करते, तो इसके बाद एक घंटे के भीतर ही नाश्ता कर सकते हैं.
– सुबह जो पानी पीते हैं, उसे प्लेन ही रखें, उसमें कुछ भी न मिलाएं.
यह पहले हफ़्ते के लिए गाइडलाइन है, उसके बाद हम धीरे-धीरे एक-एक हफ़्तों की गाइडलाइन पर बात करेंगे.

इस फिटनेस प्रोजेक्ट को बेहतर समझने के लिए देखें यह वीडियो

Start your day with banana/ dry fruits

‘The fitness project 2018’ – an open participation public health project – Week 1 guideline#RDfitnessproject2018

Posted by Rujuta Diwekar on Tuesday, 2 January 2018

सौजन्य: https://www.rujutadiwekar.com

हेल्दी सेक्स लाइफ के लिए बेस्ट योगासन (Best Yogasan For Healthy Sex Life)

धर्म, अर्थ, काम (सेक्स) और मोक्ष- ये चार पुरुषार्थ कहे गए हैं. इन्ही चारों की प्राप्ति के लिए हर मनुष्य प्रयत्नशील रहता है. यह तभी संभव है, जब शरीर और मन पूर्ण रूप सें स्वस्थ (Health) हों, क्योंकि शरीर के स्वास्थ्य से ही अर्थ, काम (सेक्स) जैसे लौकिक कार्यों का संपादन होता है. अस्वस्थ तन-मन से न तो धनोपार्जन किया जा सकता है और न ही यौन सुख प्राप्त किया जा सकता है. शरीर की पुष्टी, अंगों की दृढ़ता, मन और इंद्रियों की प्रसन्नता, शरीर की आरोग्यता आदि योग और यौगिक क्रियाओं से ही संभव है. योग (Yoga) मन और शरीर को स्वस्थ करने के साथ-साथ उनकी कार्यक्षमता भी बढ़ाता है. योग से ही मानसिक शक्ति का विकास होता है. मन ही काम (सेक्स) का नियंत्रक और संचालक है. स्वस्थ मन और स्वस्थ शरीर से ही सही मायने में यौन-आनंद प्राप्त किया जा सकता है.

Yogasan For Healthy Sex Life
यौनांगों को विकारमुक्त रखता है योग

– शरीर का मध्य  भाग काम-ऊर्जा से संबंधित है. यदि शरीर का यह भाग पूर्णतया विकसित न हो अथवा विकारग्रस्त हो तो सेक्स क्रिया का संपादन संभव नहीं है. शरीर स्वस्थ भी हो और पूर्णतया विकसित भी हो, ये योग से ही संभव है. योग में प्राय: अधिकांश आसन ऐसे हैं, जो शरीर के मध्य भाग पर किसी न किसी रूप में सीधा प्रभाव डालते हैं, चाहे वह सूर्य नमस्कार हो, उत्तानपादासन हो, भुजंगासन हो अथवा पवनमुक्तासन- ऐसे अनेक यौगिक आसन शरीर के मध्य भाग को स्वस्थ और सशक्त बनाकर सेक्स शक्ति
बढ़ाते हैं.

– वैज्ञानिक शोधों से भी पता चला है कि यौगिक आसनों से यौन विकारों का शमन तथा प्रजनन अंगों की पुष्टी होती है. यूनिवर्सिटी ऑफ़ टेक्सास की सायकोलॉजिस्ट सिंडी मेस्टन के अनुसार, योगासन करने से महिलाओं के दिल की धड़कन और रक्त प्रवाह में जो तेज़ी आती है, उसका सीधा प्रभाव योनि पर भी पड़ता है, जिसके कारण योनि की मांसपेशियों में रक्तसंचार बढ़ जाता है. इसलिए योग करने वाली स्त्रियों की सेक्स क्षमता आम स्त्रियों से  बेहतर होती है.

– कुछ लोग मन की दुर्बलता के कारण नपुंसकता महसूस करते हैं, उनके लिए योगासन किसी वरदान से कम नहीं, क्योंकि योगासन से मन के सभी विकार दूर हो जाते हैं और वह शक्तिशाली बनता है. हाल ही में हुए अध्ययनों से पता चला है कि जो पुरुष नियमित रूप से योगासन करते हैं, उनके नपुंसक होने की आशंका तीन गुना कम हो जाती है. यह अध्ययन अमेरिका के मेसाच्यूसेट्स के एक शोध संस्थान में किया गया.

कामग्रंथियों पर योगासनों का प्रभाव

– योग हमारे सेक्स जीवन पर किस प्रकार प्रभाव डालता है, ये जानने के लिए शरीर स्थित ग्लैंड्युलर सिस्टम (ग्रंथियों की कार्य प्रणाली) को जान लेना ज़रूरी है, क्योंकि ये ग्रंथियां ही यौनशक्ति और सेहत के लिए ज़िम्मेदार हैं. इन्हें ङ्गएन्डोक्राइन ग्लैंड्सफ कहते हैं.

– ये ग्रंथियां ऐसे हार्मोंस का स्राव करती हैं, जिनसे शरीर की अधिकांश क्रियाएं नियंत्रित होती हैं. इन्हीं में से कुछ काम ग्रंथियां हैं (स्त्रियों मे डिंब ग्रंथि और पुरुषों में वृषण ग्रंथि), जिनसे सेक्स हार्मोंस का स्राव होता है. इन्हीं ग्रंथियों पर हमारा सेक्सुअल हेल्थ निर्भर है. यह तभी संभव है, जब ये ग्रंथियां स्वस्थ और विकार रहित हों.

– ग्रंथियों को विकारहित और स्वस्थ रखने में योग महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है. हलासन, सेतुबंध, सर्वांगासन, शीर्षासन ऐसे आसन हैं, जिनके अभ्यास से ग्रंथियों की कार्यप्रणाली दुरुस्त बनी रहती है, जिससे हार्मोंस का स्राव सुचारु रूप से होता है – न कम और न अधिक. यही कारण है कि यौगिक आसनों के अभ्यास से जहां अतिकामुकता पर नियंत्रण होता है, वहीं कामशीतलता की स्थिति में कामेच्छा भी जागृत होती है.

– सामान्यत: जहां यौगिक आसन हमारे शरीर में प्राणशक्ति एवं लचीलापन बढ़ाकर हमें यौन दृष्टी से स्वस्थ रखते हैं, वहीं दूसरी ओर कुछ विशेष यौगिक मुद्राएं एवं बंध हैं, जो हमारी खोई हुई यौनशक्ति को पुन: प्राप्त करने में हमारी सहायता करते हैं, जैसे – महामुद्रा, उद्दीय मुद्रा, अश्‍विनी मुद्रा, मूलबंध, जालंधर बंध आदि. ये मुद्राएं कामेच्छा को बढ़ाकर शरीर में यौन ग्रंथियों एवं प्रजनन अंगों को दृढ़ता तथा उत्तेजना प्रदान करती हैंै. पेल्विक और स्पाइन को भी गतिशीलता एवं लचीलापन प्रदान करने के साथ-साथ ये मुद्राएं शीघ्रपतन, मासिक रक्तस्राव एवं मेनोपॉज़ में आने वाली कठिनाइयों, प्रोस्टेट ग्रंथि का बढ़ जाना, स्त्रियों में कामशीतलता तथा पुरुषों में नपुंसकता आदि विकारों को रोकने में भी सहायक होती हैं.

सेक्सुअल हेल्थ में कुछ उपयोगी आसन

काम की उत्तेजना के लिए कोई विशेष आसन नहीं है. यौगिक आसनों का काम यही है कि वे यौन संस्थानों को स्वस्थ और शरीर के अंग-प्रत्यंगों को शक्तिवान बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं. इससे जहां कामशक्ति व्यवस्थित होती है, वहीं यौन रोगों से मुक्ति मिलती है. ऐसे ही कुछ आसन यहां दिए जा रहे हैं, जो हमारे सेक्सुअल हेल्थ को बढ़ाते हैं.

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Yogasan For Healthy Sex

चक्रासन

–     पीठ के बल लेटकर घुटनों को मोड़ें. एड़ियां नितंबों के समीप लगी हुई हों.

–     दोनों हाथों को उल्टा करके कंधों के पीछे थोड़े अंतर पर रखें. इससे संतुलन बना रहता है.

–     सांस अंदर भरकर कमर एवं छाती को ऊपर उठाएं.

–     धीरे-धीरे हाथ एवं पैरों को समीप लाने का प्रयत्न करें, जिससे शरीर की चक्र जैसी आकृति बन जाए.

–     आसन छोड़ते समय शरीर को ढीला करते हुए कमर ज़मीन पर टिका दें. यह क्रिया 3-4 बार करें.

यह आसन करने से कामशक्ति बढ़ती है. थायरॉइड, थायमस तथा काम ग्रंथियां उत्प्रेरित होती हैं, जिससे हार्मोंस का स्त्राव संतुलित ढंग से होता है. महिलाओं के डिंबाशय और गर्भाशय को अत्याधिक प्रभावित कर यह आसन उनके समस्त रोगों को दूर करता है. बच्चियों और किशोरियों को यह आसन अवश्य करना चाहिए, क्योंकि इससे उनके जननांगों एवं स्तनों का उचित विकास होता है.

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Yogasan For Sex
जानुशिरासन

–   दण्डासन में बैठकर दाएं पैर को मोड़कर पंजे को बाएं जंघा के मूल में लगाएं और एड़ी को सिवनी (उपस्थ व गुदाभाग के बीच का भाग) से सटाकर रखें.

–    दोनों हाथों से बाएं पैर के पंजे को पकड़कर सांस बाहर निकालकर सिर को घुटने से लगाएं. थोड़ी देर रुकने के पश्‍चात् सांस लेते हुए ऊपर उठ जाएं और दूसरे पैर से भी इसी प्रकार दोहराएं.

सेक्स के प्रति उदासीन स्त्रियों में इस आसन से कामवासना जागृत होती है. स्त्री-पुरुष दोनों के यौनांग बलवान होते हैं.

Yogasan For Healthy Sex Life
सुप्त वज्रासन

–     वज्रासन में बैठकर हाथों को पीछे की तरफ़ रखकर उनकी सहायता से शरीर को पीछे झुकाते हुए ज़मीन पर सिर को टिका दें. घुटने मिले हुए तथा ज़मीन पर टिके हुए हों.

–     धीरे-धीरे कंधे, गले और पीठ को भी ज़मीन पर टिकाने की कोशिश करें. हाथों को जंघाओं पर सीधा रखें.

–    आसन को छोड़ते समय कोहनियों और हाथों का सहारा लेते हुए वज्रासन में बैठ जाएं.

इससे स्त्रियों का योनि प्रदेश मज़बूत होता है तथा उन्हें प्रसव के समय अधिक पीड़ा नहीं होती. स्त्री-पुरुष दोनों की जांघें मज़बूत होती हैं. सेक्स संबंध में यह आसन बहुत उपयोगी है.

इनके अतिरिक्त और भी अनेक आसन और मुद्राएं हैं, जो यौनांगों के विकारों को दूर कर उन्हें सबल और क्रियाशील बनाते हैं. ये आसन कामशक्ति को बढ़ाने के साथ-साथ उसे संतुलित और नियंत्रित भी करते हैं. लेकिन इन आसनों का अभ्यास किसी योग विशेषज्ञ गुरु के निर्देशन में करने से ही समुचित लाभ उठाया जा सकता है.

– आलोक शुक्ल

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हेल्दी व ग्लोइंग स्किन के लिए योग (Yoga For Healthy And Glowing Skin)

Yoga For Healthy And Glowing Skin

हेल्दी यंग-ग्लोइंग स्किन (Yoga For Healthy And Glowing Skin) की चाहत भला किसे नहीं होती. आप भी चाहती होंगी कि जहां भी आप जाएं आपके ही हुस्न के चर्चे हों, तो क्यों न इसके लिए थोड़ी मेहनत की जाए. जी हां, रोज़ाना कुछ योगासन करके आप भी पा सकती हैं ऐसी ही खिली-खिली निखरी त्वचा. कौन-से हैं वो योगासन और क्या हैं उनके ब्यूटी बेनीफिट्स आइए जानते हैं.

Yoga For Healthy And Glowing Skin

योग के अमेज़िंग ब्यूटी बेनीफिट्स

योग की ख़ूबियों और फ़ायदों के बारे में हमें अधिक जानकारी दी सर्वा योगा के को-फाउंडर योग गुरु सर्वेश शशि ने.

–     योग नेचुरल क्लींज़र और टोनर की तरह काम करता है.

–     यह फेस अपलिफ्टिंग में काफ़ी फ़ायदेमंद होता है.

–     यह ब्लड सर्कुलेशन को बढ़ाता है, जिससे आपको बेहतर कॉम्प्लेक्शन, टाइट और क्लीयर स्किन मिलती है.

–     इसकी वजह से आपको घने और लंबे बालों के साथ-साथ हेल्दी और शाइनी नेल्स मिलते हैं.

–     वेट लॉस के साथ-साथ बॉडी टोनिंग और शेपिंग में भी मदद करता है.

–     बॉडी टॉक्सिंस को क्लींज़ करके आपको रेडियंट और ग्लोइंग स्किन देता है.

–     यह आपकी फिटनेस का पूरा ध्यान रखता है, जिससे आप रहते हैं चुस्त-दुरुस्त और तंदुरुस्त.

बेस्ट ब्यूटी आसन

उत्तानासन

–    सीधे खड़े हो जाएं और दोनों हाथों को कमर पर रखें.

–     सांस छोड़ते हुए कमर से झुकते हुए नीचे आ जाएं और दोनों हाथों से ज़मीन को छुएं.

–     छाती को जांघों से सटाएं और दोनों हाथों से पैरों की एड़ियों के ऊपर पकड़ें.

–     धीरे-धीरे पूर्वावस्था में आ जाएं.

–     इसे 30-50 सेकंड्स तक करें.

ब्यूटी बेनीफिट्स

–     डिटॉक्सिफिकेशन के लिए यह बेस्ट आसन माना जाता है. बॉडी से टॉक्सिंस को निकालकर यह उसे हेल्दी बनाता है, जिससे स्किन क्लीयर दिखती है.

–     हार्मोंस को संतुलित करके मुंहासों की समस्या से छुटकारा दिलाता है.

–     यह रक्त को शुद्ध करता है, जिससे चेहरे पर नई रौनक़ आती है, रैशेज़ से छुटकारा मिलता है और नई एनर्जी महसूस होती है.

हलासन

–    पीठ के बल लेट जाएं.

–     सांस लेते हुए धीरे-धीरे पैरों को ऊपर उठाएं.

–     पैरों को सिर के पीछे की ओर ले जाएं. पीठ को भी ऊपर उठाते हुए पैरों को ज़मीन पर टिका दें.

–     शुरू-शुरू में हाथों से कमर को सपोर्ट दें.

–     कुछ क्षण रुकें. जिस तरह इस स्थिति में आए थे, वैसे ही वापस आ जाएं.

–     गर्भवती स्त्रियां यह आसन बिल्कुल न करें.

ब्यूटी बेनीफिट्स

–     यह आपकी बॉडी से टॉक्सिंस को निकालने में मदद करता है, जिससे डल स्किन को मिलता है ग्लोइंग इफेक्ट.

–     साथ ही यह कील-मुंहासे से छुटकारा दिलाता है.

–     यह नर्वस सिस्टम को बेहतर बनाता है, जिससे महिलाएं अच्छा फील करती हैं.

–     मस्तिष्क और हृदय में रक्त संचार बढ़ाता है, जिससे त्वचा में नई जान आती है.

सर्वांगासन

–    पीठ के बल लेट जाएं. पैरों को मिलाकर रखें.

–     हाथों को दोनों ओर बगल में सटाकर रखें. हथेलियां ज़मीन की ओर रखें.

–     सांस लेकर पैरों को धीरे-धीरे ऊपर उठाएं. पैरों को उठाते व़क्त हाथों की सहायता भी ले सकते हैं.

–     पैरों को 90 डिग्री या 120 डिग्री पर ले जाकर हाथों को उठाकर कमर के पीछे लगाएं.

–     कोहनी को न उठने दें. पैरों को मिलाकर सीधा रखें.

–     कुछ क्षण रुकें, फिर धीरे-धीरे पूर्वावस्था में आ जाएं.

–     आंखों को बंदकर ध्यान दोनों भौहों के बीच तीसरे नेत्र पर सहजता से रखें.

ब्यूटी बेनीफिट्स

–     यह आसन चेहरे की तरफ़ ब्लड फ्लो को बढ़ा देता है, जिससे चेहरे में नई जान नज़र आती है.

–     चेहरे के दाग़-धब्बों से आपको छुटकारा दिलाता है.

–     ड्राई स्किनवालों के लिए ख़ासतौर से यह आसन फ़ायदेमंद है, क्योंकि यह स्किन को हाइड्रेटेड रखता है, जिससे त्वचा में नमी बनी रहती है.

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अर्द्ध मत्स्येंद्रासन

–    दोनों पैरों को फैलाकर बैठ जाएं.

–     दाहिने पैर को घुटनों से मोड़कर एड़ी को नितंब के पास लगाएं.

–     बाएं पैर को मोड़कर दाहिने घुटने के बाहर की ओर ज़मीन पर रखें.

–     दाहिने हाथ को बाएं घुटने के पास से ले जाते हुए बाएं पैर के पंजे को पकड़ लें.

–     बाएं हाथ को बाईं तरफ़ से कमर पर लपेट लें.

–     गर्दन को पीछे की ओर घुमाकर पीछे देखें.

–     धीरे-धीरे पूर्वावस्था में आ जाएं.

–     यही क्रिया दूसरी तरफ़ से भी करें.

ब्यूटी बेनीफिट्स

–     यह थायरॉइड ग्लैंड की फंक्शनिंग को बेहतर बनाता है, जिससे हार्मोंस संतुलित रहते हैं और हार्मोनल बदलाव के कारण होनेवाली स्किन प्रॉब्लम्स आपको परेशान नहीं करतीं.

–     यह गले और चेहरे की त्वचा को फ्लेक्सिबल बनाता है.

–     चेहरे में कसाव आता है, जिससे आपको मिलती है टोन्ड स्किन.

शवासन

–     पीठ के बल लेट जाएं.

–     दोनों पैरों के बीच एक फीट का फासला रखें.

–     कमर व हाथों के बीच छह इंच के क़रीब फासला रखें. हथेलियां खुली हुई हों.

–     पैरों के पंजों की तरफ़ से शरीर को धीरे-धीरे ढीला छोड़ते जाएं.

–     पूरे शरीर को पूरी तरह से शिथिल छोड़ दें.

–     सांस के अलावा पूरा तन और मन बिल्कुल शांत हो.

–     इसे 3-10 मिनट तक करें, फिर सामान्य अवस्था में आ जाएं.

ब्यूटी बेनीफिट्स

–    यह बेस्ट रिलैक्सिंग पोज़ है, जिससे आप बहुत अच्छा फील करते हैं.

–     इससे नए सेल्स तेज़ी से बनते हैं, जिससे स्किन डल नज़र नहीं आती.

–     इससे आपको न स़िर्फ ग्लोइंग स्किन मिलती है, बल्कि बाल भी शाइनी नज़र आते हैं.

सूर्य नमस्कार

उपरोक्त आसनों के अलावा आप रोज़ाना सूर्य नमस्कार भी कर सकती हैं. यह ब्लड सर्कुलेशन बेहतर बनाता है, जिससे चेहरे का रेडियंट ग्लो वापस आ जाता है. साथ ही यह झुर्रियों को रोकने के साथ ही एजिंग की प्रक्रिया को भी धीमा कर देता है.

फेस योगा

–     ग्लोइंग यंग स्किन के अलावा और क्या-क्या फ़ायदे हैं फेस योगा के आइए जानते हैं.

द वी

–     दोनों हाथों की मिडल फिंगर (मध्यमा) को आईब्रो के बीच में रखकर प्रेस करें और इंडेक्स फिंगर (तर्जनी) को आईब्रोज़ के बाहरी कोनों पर प्रेस करें.

–     गर्दन को बिना हिलाए आंखों से छत की तरफ़ देखने का प्रयास करें.

–     रिलैक्स करें.

–     यह प्रक्रिया छह बार करें और अंत में 10 सेकंड तक आंखों को ज़ोर से बंद करें.

फ़ायदे: आंखों के आसपास सूजन और पफीनेस से राहत. आंखों के पास बारीक़ लकीरें व झुर्रियां जल्दी नहीं पड़तीं.

पफर फिश

–    गालों में हवा भरकर उन्हें फुला लें.

–     होंठों को जितना हो सके उतना भींच लें.

–     हाथों से गालों को 30 सेकंड तक टैप करें.

फ़ायदे: यह प्रक्रिया गालों की त्वचा में कसाव लाती है.

किस द स्काई

–    सिर को पीछे की तरफ़ झुकाएं और ऊपर की तरफ़ किस करें.

–     रिलैक्स करें. सांस बाहर छोड़ते हुए अपने सामने की तरफ़ किस करें.

–     रिलैक्स करें और फिर यही प्रक्रिया दोहराएं.

फ़ायदे: इससे होंठों के आसपास की बारीक़ रेखाओं से छुटकारा मिलता है. गर्दन व जॉलाइन भी अपलिफ्ट होती है.

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ब्यूटीफुल स्किन के लिए मुद्रा

वरुण मुद्रा: अंगूठे और सबसे छोटी उंगली (कनिष्का) के पोरों यानी अग्र भाग से टच करें. रोज़ाना 45 मिनट करें. आप इसे एक बार में या फिर तीन बार में 15-15 मिनट भी कर सकते हैं.

फ़ायदे: जल मुद्रा होने के कारण यह शरीर को हाइड्रेटेड रखती है, जिससे ड्राई स्किन और बालों की समस्या से छुटकारा मिलता है.

–    बॉडी में मॉइश्‍चर लेवल बढ़ता है.

–    झुर्रियों से छुटकारा मिलता है.

पृथ्वी मुद्रा: अंगूठे से अनामिका यानी रिंग फिंगर के पोरों को स्पर्श करें. आप इसे एक बार में 30-45 मिनट या फिर दो-तीन बार में 15-15 मिनट भी कर सकते हैं.

फ़ायदे: यह मुद्रा स्किन, बालों और नेल्स के लिए काफ़ी फ़ायदेमंद है.

–     एजिंग स्किन की समस्या, नाख़ूनों का बार-बार टूटना, बालों का झड़ना जैसी समस्याओं से छुटकारा दिलाती है.

–     अगर कम उम्र में आपके बाल स़फेद हो रहे हैं, तो यह मुद्रा रोज़ाना करें.

– जयप्रकाश सिंह

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दीपिका पादुकोण के फिटनेस मंत्र (Fitness Mantra Of Deepika Padukone)

Deepika Padukone Fitness

दीपिका (Deepika) अपनी फिटनेस (Fitness) को लेकर बेहद सजग है. वह अपनी बॉडी को शेप में रखने के लिए स्ट्रिक्ट वर्कआउट (Strict Workout) और डायट प्लान (Diet Plan) फॉलो करती है. आइए जाने दीपिका की परफेक्ट फिगर का राज़.

डायट सीक्रेट्स
अपने आपको स्लिम-ट्रिम रखने के लिए दीपिका कठोर डायट प्लान को फॉलो करती हैं. इस डायट प्लान को फॉलो करते हुए वे हेल्दी डायट लेती हैं और जंक, ऑयली व स्पाइसी फूड खाने से बचती है. आइए जाने उनका डायट प्लान और डायट रूटीन
ब्रेकफास्ट: 2 अंडे+लो फैट मिल्क/साउथ इंडियन ब्रेकफास्ट- इडली, उपमा, डोसा आदि.
लंच: 2 चपाती+ग्रिल्ड फिश या ताज़ी सब्ज़ियां.
इवनिंग स्नैक्स: नट्स+फिल्टर कॉफी.
डिनर: चपाती+सब्ज़ी+सलाद.

– उन्हें फ्रेश सीज़नल फ्रूट्स खाना बहुत पसंद है. हर दो घंटे में फ्रेश जूस या नारियल पानी पीती हैं.

– रात में नॉनवेज बिल्कुल नहीं खातीं.

– डार्क चॉकलेट खाने का बहुत शौक़ है.

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वर्कआउट रूटीन
– दीपिका पादुकोन का फिटनेस फार्मूला है- मिक्स कार्डियो एक्सरसाइज़, वेट ट्रेनिंग (जिम), डांस और योगा. वह बहुत ही फिटनेस फ्रीक ऐक्टर है, जिन्होंने खेल, योग, जिम, बैलेंस्ड डायट और डिसीप्लीन्ड लाइफ से अपनी बॉडी को टोन्ड और परफेक्ट शेप दी है.

– वह सुबह 6 बजे उठती हैं और फिर आधे घंटे योग और स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज़ करती हैं.

– अपने कॉन्संट्रेशन, स्ट्रेंथ और स्टेमिना में सुधार लाने के लिए उन्हें पाइलेट्स करना पसंद है. पुश-अप्स, पुल-अप्स, क्रंचैज, स्कवैट्स भी उनके वर्कआउट रिज़ीम का महत्वपूर्ण हिस्सा है.

– लाइट वेट एक्सरसाइज़ करती हैं.

– पैरों की एक्सरसाइज़ के लिए करने के लिए डांस करती है.

– स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज़ उनके वर्कआउट रिज़ीम का अभिन्न अंग है.

फिटनेस टिप्स
– दीपिका का फिटनेस मंत्र है कि फिटनेस को अपने जीवन जीने का तरीक़ा बनाओ.

– हमेशा हेल्दी, फ्रेश और पोषक तत्वों से भरपूर आहार लें.
– फिटनेस का मतलब वज़न कम करना या पतला होना नहीं है, बल्कि फिटनेस का अर्थ अंदरूनी तौर पर   स्ट्रॉन्ग होना.
– अपने आप को हेल्दी व फिट रखने के लिए ज़रूरी है कि फिटनेस को नियमित रूप से अपनी दिनचर्या का   अभिन्न अंग बनाएं.
– फिट व हेल्दी रहने के लिए केवल डायट और एक्सरसाइज़ ही महत्वपूर्ण नहीं है, बल्कि अपने वर्कआउट     प्रोग्राम में कुछ खेलों को शामिल करें.

– अपने वर्कआउट रूटीन फॉलो करते हुए जब दीपिका का मूड एक्सरसाइज़ करने का नहीं होता है, तो वह डांस करती हैं. उनका मानना है कि जिम में वर्कआउट करने पर भी अगर आपकी कैलोरीज़ बर्न नहीं हो रही है, तो डांस करें. डांस करने से एक्स्ट्रा कैलोरीज़ बर्न होती है.

– योग करें. योग करने से आप ज़्यादा हेल्दी, यंग और फ्रेश दिखते हैं.

– अगर जिम जाने का समय नहीं मिल पा रहा है, तो स्ट्रेचिंग और हैंड फ्री एक्सरसाइज़ करें.

योगा
– उनके योगा सेशन में 10 सूर्य नमस्कार, वीरभद्रासन, सर्वांगासन, मार्जरासन, डीप ब्रीदिंग, प्राणायाम और ध्यान शामिल है.

डांस एक्सरसाइज़
– दीपिका का मूड जब जिम जाने का नहीं होता है, तो वे भारत नाट्यम, कत्थक और जैज आदि डांस करती हैं.

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– देवांश शर्मा

1021 सूर्य नमस्कार के साथ योग गुरु शम्मी गुप्ता की टीम ने मनाया इंटरनेशनल योगा डे! (International Yoga Day: 1021 Surya Namaskar Done By Yoga Guru Shammi Gupta’s Students)

इंटरनेशनल योगा डे के ख़ास मौ़के पर जानीमानी योग गुरु शम्मी गुप्ता ने मुंबई में सूर्याथॉन का आयोजन किया. इस सूर्याथॉन में हर उम्र के लोगों ने भारी संख्या में हिस्सा लिया और सुबह पांच बजे से अपने सामर्थ्य के अनुसार सूर्य नमस्कार किए. इस सूर्याथॉन की सबसे ख़ास बात ये थी कि इसमें शम्मी गुप्ता की टीम के स्टूडेंट्स नुपूर बिस्वास, किश्‍लय कुमार, राजीव कुमार और प्रिया गुप्ता ने 1021 बार सूर्य नमस्कार का रिकॉर्ड बनाया.

Yoga Guru Shammi Gupta

 

 

6 महीने पहले से शुरू की प्रैक्टिस
शम्मी गुप्ता की स्टूडेंट नुपूर बिस्वास ने बताया कि इन सभी स्टूडेंट्स ने इंटरनेशनल योगा डे के मौके पर 1021 बार सूर्य नमस्कार करने की प्रैक्टिस 6 महीने पहले से ही शुरू कर दी थी. शम्मी गुप्ता ने अपने स्टूडेंट्स का हौसला बढ़ाया और उन्हें 1021 बार सूर्य नमस्कार करने के लिए तैयार किया. नुपूर बिस्वास ने हमें बताया कि वो पिछले 8 सालों से शम्मी के साथ लगातार योगा की प्रैक्टिस कर रही हैं. उन्होंने धीरे-धीरे प्रैक्टिस करके सूर्य नमस्कार की संख्या बढ़ाई. 6 महीने पहले उन्होंने 108 बार से प्रैक्टिस शुरू की और धीरे-धीरे इसकी संख्या बढ़ाती गईं. इसके साथ ही वो नियमित रूप से योगा भी कर रही थीं.

Yoga Guru Shammi Gupta

एक हफ्ते पहले क्या प्रैक्टिस की?
पिछले हफ्ते से इन स्टूडेंट्स ने सूर्य नमस्कार की प्रैक्टिस नहीं की, स़िर्फ स्ट्रेचिंग, स्ट्रेंथनिंग पोश्‍चर किए, ताकि शरीर फ्लैक्सिबल बना रहे, लेकिन कोई शरीर में कोई चोट न लगे, वरना सूर्य नमस्कार करना मुश्किल हो जाता है.
पिछले दो दिनों से ये सभी स्टूडेंट्स अपनी डायट में ज़्यादा से ज़्यादा कार्बोहाइड्रेट (चावल, आलू वगैरह) ले रहे हैं, ताकि उनके शरीर में एनर्जी बनी रहे.

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क्या आप भी सूर्य नमस्कार की प्रैक्टिस करना चाहते हैं?
योग से आप अपनी ज़िंदगी बदल सकते हैं. योग से आप न स़िर्फ अपने शरीर को स्वस्थ बना सकते हैं, बल्कि मानसिक और बौद्धिक रूप से भी ख़ुद को बेहतर बना सकते हैं. यदि आप भी योग व सूर्य नमस्कार की प्रैक्टिस करना चाहते हैं, तो पहले किसी अच्छे योग गुरु के साथ इसकी प्रैक्टिस करें. धीरे-धीरे आपके शरीर की क्षमता बढ़ने लगेगी और योग आपके जीवन में अपने आप शामिल होता जाएगा. इंटरनेशनल योगा डे के इस ख़ास अवसर से आप भी योग की शुरुआत कीजिए और ख़ुद को दीजिए स्वस्थ जीवन का तोहफ़ा!

जानें सूर्य नमस्कार करने का सही तरीक़ा, देखें वीडियो:

योग से 10 तरह के दर्द से छुटकारा पाएं (International Yoga Day: Yoga Poses That Relieve 10 Types Of Body Pain)

International Yoga Day

योग से 10 तरह के दर्द से छुटकारा पाने के लिए के लिए आपको कौन-से योगासन करने चाहिए? इंटरनेशनल योगा डे (International Yoga Day) के ख़ास मौके पर हम आपको बता रहे हैं योग से १० तरह के दर्द से छुटकारा पाने का आसान उपाय.

International Yoga Day

* घुटने के दर्द के लिए 4 योगासन (Top 4 Yoga Poses For Knee Pain)
1) नी रोटेशन-उत्तानासन
2) नी स्ट्रेचिंग-सुलभ उत्तानासन
3) अर्ध तितली आसन-गुल्फ घूर्णन
4) अर्ध कपोत आसन-नी स्ट्रेचिंग

 

* टॉप 4 योगा पोज़ेज़ फॉर बैक पेन (Top 4 Yoga Poses For Back Pain
1) मार्जरासन
2) पूर्व भुजंगासन
3) शलभासन
4) पवनमुक्तासन

 

* टॉप 4 योगा पोज़ेज़ फॉर स्पॉन्डिलाइसिस (Top 4 Yoga Poses For Spondylosis)
1) हैंड इन हैंड आउट ब्रीदिंग
2) प्रसरित चक्रासन
3) शोल्डर रोटेशन
4) एलिफेंट ईयर
5) स्विमिंग स्ट्रोक

* टॉप 4 योगा पोज़ेज़ फॉर सर्वाइकल प्रॉब्लम्स (Top 4 Yoga Poses for Cervical Problems)
1) सुखासन-साइड स्ट्रेच
2) दत्त मुद्रा
3) सुलभ वक्रासन
4) सिंह मुद्रा

 

* टॉप 4 योगा पोज़ेज़ फॉर अर्थराइटिस (Top 4 Yoga Poses for Arthritis)
1) गतियामत मेरु वक्रासन
2) चक्कीचालन क्रिया
3) पवनमुक्तासन क्रिया
4) वीरासन-शोल्डर स्ट्रेच

* टॉप 4 योगा पोज़ेज़ फॉर मसल्स क्रैम्प (Top 4 Yoga Poses for Muscle Cramps)
1) गटियामत-ताड़ासन-उत्तानासन क्रिया
2) पवनमुक्तासन क्रिया
3) अधोमुख श्‍वानासन-स्ट्रेच
4) पूर्ण तितली आसन

* टॉप 4 योगा पोज़ेज़ फॉर साइटिका (Top 4 Yoga Poses for Sciatica)
1) उत्थित एकपादासन
2) सेतुबंधासन
3) पवनमुक्तासन-हिप स्ट्रेच
4) अर्ध शलभासन-शलभासन

 

* टॉप 4 योगा पोज़ेज़ फॉर हैप्पी पीरियड्स (Top 4 Yoga Poses For Period Problems)
1) उपविष्ट कोणासन
2) जानुशिरासन
3) पश्‍चिमोत्तानासन
4) बद्धकोणासन
5) प्रसरित पादोत्तानासन

* टॉप 4 योगा पोज़ेज़ फॉर माइग्रेन (Top 4 Yoga Poses for Migraine)
1) उत्तानासन
2) प्रसरित पादोत्तानासन
3) अधोमुख वीरासन
4) अधोमुख स्वस्तिकासन

* टॉप 4 योगा पोज़ेज़ फॉर वेरीकोज़ वेन्स (Top 4 Yoga Poses for Varicose Veins)
वेरीकोज़ वेन्स की समस्या में भी कई लोगों को दर्द होता है, ऐसे में ये 4 योगा पोज़ेज़ आपको दर्द से राहत दिलाएंगे:
1) सुलभ जानुशिरासन
2) उत्थित एकपादासन
3) विपरीत कर्णी मुद्रा
4) सपोर्टेड विपरीत कर्णी मुद्रा

 

 

मोटापा कम करने के १० योगासन (10 Yoga For Weight Loss Fast And Naturally)

Weight Loss Fast And Naturally

मोटापा कम करने के लिए १० योगासन करके आप कुछ ही दिनों में अपना मोटापा कम (Weight Loss Fast And Naturally) कर सकते हैं. मोटापा कम करने के १० योगासन से आप अपनी बढ़ी हुई तोंद को भी कम कर सकते हैं. स्वस्थ व निरोगी रहने के लिए योग बहुत ज़रूरी है. हम आपको बता रहे हैं मोटापा कम करने के लिए १० योगासन, जिन्हें नियमित रूप से करने से जल्दी ही आपका मोटापा कम हो जाएगा और आपकी तोंद भी कम हो जाएगी.

Weight Loss Fast And Naturally

मोटापा कम करने के लिए कौन-से योगासन करने चाहिए, जानने के लिए देखें ये वीडियो:
* टॉप 4 योगा पोज़ेज़ फॉर वेट लॉस (Top 4 Yoga Poses For Weight Loss)
1) मार्जरासन
2) हस्त दंडासन-चतुरंगा-भुजंगासन
3) नवासन
4) सेतु बंध आसन

बढ़ी हुई तोंद को कम करने के लिए यानी पेट की चर्बी घटाने के लिए कौन-से योगासन करने चाहिए, जानने के लिए देखें ये वीडियो:
* टॉप 4 योगा पोज़ेज़ फॉर फ्लैट टमी (Top 4 Yoga Poses For Flat Tummy) 
1) उत्थित द्विपादासन-नवासन
2) उत्थित द्विपादासन-बद्धकोणासन-सुलभ हलासन
3) हस्तदंडासन-अधोमुख श्‍वानासन
4) अधोमुख श्‍वानासन

सीखें सूर्य नमस्कार करने का सही तरीक़ा (How To do Surya Namaskar)
* स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से सूर्य नमस्कार को सर्वोत्तम अभ्यास माना गया है.
* इससे समस्त अंगों में क्रियाशीलता आती है तथा हार्मोंस संतुलित होते हैं.
* सम्भव हो सके, तो पूर्व दिशा की ओर मुख करके खड़े हो जाएं.
* दोनों हाथों को प्रणामासन की स्थिति में लाएं.
* दोनों पैरों के टखने व अंगूठे मिलाकर रखें.
* श्‍वास अंदर भरकर, हाथों को खोलते हुए कंधे के ऊपर से पीछे की ओर जितना ले जा सकें, ले जाएं (चित्र देखें).
* श्‍वास छोड़ते हुए हाथों को पीछे से सामने की ओर झुकाते हुए पैरों के पास रखें (अगर रख सकें तो).
* पैर घुटने से मुड़ने नहीं चाहिए.
* सिर को घुटने से स्पर्श करने का प्रयास करें.
* नीचे झुकते हुए हाथों को मजबूती से ज़मीन पर लगाएं.
* बाएं पैर को पीछे की ओर ले जाएं. सिर ऊपर की तरफ़ तथा दाहिना घुटना सीने के पास दोनों हाथों के बीच में रहे.
* दाएं पैर को भी पीछे ले जाएं.
* दोनों घुटनों को, चेस्ट को और ठुड्डी को ज़मीन से टच करें.
* श्‍वास भरते हुए आगे की तरफ़ आते हुए सिर को ऊपर की ओर उठाएं. भुजंगासन की तरह श्‍वास छोड़ते हुए सिर को नीचे की ओर करते हुए पेट व कमर के भाग को ऊपर उठाएं और पर्वतासन की स्थिति में आएं (चित्रानुसार).
* एड़ियां ज़मीन से टच होनी चाहिए.
* दाहिने पैर को आगे की ओर करें, दोनों हाथों के बीच लाकर रखें. सिर ऊपर की ओर रहे.
* बाएं पैर को भी आगे लाएं.
* सिर को पुनः घुटनों से स्पर्श करने का प्रयास करें.
* श्‍वास लेते हुए दोनों हाथों को ऊपर ले जाते हुए पीछे की ओर करें.
* और फिर पूर्ववत् यानी प्रणामासन की स्थिति में आ जाएं.
* नीचे झुकते हुए हाथों को मजबूती से ज़मीन
पर लगाएं.
* दायां पैर दोनों हाथों के बीच रखें. घुटना छाती के सामने रखें.
* सिर ऊपर की तरफ़ रखें, अर्द्ध भुजंगासन की तरह.
* दाएं पैर को भी पीछे ले जाएं.
* सिर व गर्दन दोनों हाथों के बीच में रखें.
* इस समय शरीर का सारा वज़न दोनों हाथों और पैरों पर रखें.
* श्‍वास छोड़ते हुए दोनों हाथों को सामने की ओर लाएं और पूर्ववत् प्रणामासन की स्थिति में आ जाएं.
* 3 राउंड से शुरू करें और अपनी क्षमतानुसार राउंड्स बढ़ाएं.

सूर्य नमस्कार करने का सही तरीक़ा जानने के लिए देखें ये वीडियो:

हेल्थ बेनिफिट्स
* सूर्य नमस्कार पेट की चर्बी कम करने के साथ ही कई बीमारियों को दूर करने की क्षमता रखता है.
* विशेषकर मधुमेह, मेरुदण्ड, पाचन संबंधी, समस्त प्रकार के पेट संबंधी विकारों, आमाशय, अग्नाशय, फेफड़ों व हृदय संबंधी विकारों तथा मोटापे से संबंधी समस्या हेतु बहुत उपयोगी है.
* संपूर्ण शरीर में रक्त परिभ्रमण को
सुचारू करता है.
* बल और तेज की वृद्धि करता है.
* मानसिक शांति प्रदान करता है.
* रीढ़ का लचीलापन बढ़ाता है.

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पेट की चर्बी कम करने के लिए ऐसे करें साइक्लिगं: (Weight Loss Fast And Naturally)
* पीठ के बल लेट जाएं.
* बाएं पैर के घुटने को पेट तक लाएं.
* दाहिने पैर को सीधा रखें.
* बाएं पैर को इस तरह घुमाएं, जैसे साइकिल चला रहे हों और फिर सीधा कर लें.
* अब दाहिने पैर से यही क्रिया करें.
* इस प्रकार इस साइक्लिगं की क्रिया को करते रहें.
* 21 से 51 राउंड्स.
* धीरे-धीरे क्षमतानुसार ज़्यादा भी कर सकते हैं.
* फिर विपरीत दिशा में साइक्लिगं करें यानी पहले क्लॉकवाइज़, फिर एंटी क्लॉकवाइज़ करें.

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हेल्थ बेनिफिट्स (Weight Loss Fast And Naturally)
* यह पेट के विकारों के साथ-साथ पेट व कमर की अतिरिक्त चर्बी को कम करता है.
* कूल्हे व घुटने के जोड़ों के दर्द लिए लाभदायक है.
* पैर व जंघा को पुष्ट करता है.
* तेज़ी से वज़न घटाता है.

अनहेल्दी लाइफस्टाइल कहीं आपको बीमार तो नहीं बना रही है? (Is Your Unhealthy Lifestyle Making You Sick?)

Is Your Unhealthy Lifestyle Making You Sick

Unhealthy Lifestyle

अनहेल्दी लाइफस्टाइल (Unhealthy Lifestyle) कहीं आपको बीमार (Sick) तो नहीं बना रही है?

ब्रेकफास्ट न करना

इस बारे में डायटीशियन्स व न्यूट्रीशनिस्टस का कहना है कि ब्रेकफास्ट न करने से वज़न बढ़ना, हदय रोग, चिड़चिड़ापन, मूड स्विंग होना, एनर्जी लेवल कम होना जैसी समस्याएं हो सकती हैं. हाल ही में हुए एक अध्ययन से यह साबित हुआ है कि जो लोग ब्रेकफास्ट नहीं करते हैं, उनमें बैड कोलेस्ट्रॉल का स्तर जल्दी बढ़ता है और रोज़ाना नाश्ता करनेवाले लोगों की तुलना में उन्हें डायबिटीज़ होने की संभावना भी अधिक होती है. जो लोग डायटिंग के नाम पर ब्रेकफास्ट नहीं करते, उन्हें विशेष रूप से इस बात का ध्यान रखना चाहिए. ब्रेकफास्ट न करने पर दिनभर थकान महसूस होती है, एकाग्रता में कमी आने के साथ-साथ कार्यक्षमता भी प्रभावित होती है.

खाना चबाकर न खाना

अधिकतर लोगों में खाना अच्छी तरह से चबाकर न खाने की बुरी आदत होती है. शोधकर्ताओं के अनुसार, अच्छे स्वास्थ्य के लिए ज़रूरी है कि खाने को अच्छी तरह से चबा-चबाकर खाया जाए, लेकिन जो लोग खाने को पूरी तरह से चबाकर नहीं खाते हैं, उनका पाचन तंत्र सुचारू रूप से काम नहीं करता. पाचन तंत्र के सही ढंग से काम न करने के कारण उन्हें कब्ज़, एसिडिटी और गैस की समस्या हो सकती है.

ज़्यादा कॉफी पीना

प्रतिदिन कॉफी पीने के बहुत फ़ायदे होते हैं. कॉफी में ऐसे अनेक एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं, जो हमारी याददाश्त को बढ़ाते हैं, लेकिन ज़रूरत से ज़्यादा कॉफी का सेवन सेहत को हानि पहुंचाता है. औसतन एक व्यक्ति के लिए दो से चार कप कॉफी पीना सामान्य है, लेकिन चार से अधिक कप कॉफी पीने से एंज़ायटी, इंसोम्निया (अनिद्रा) और शरीर में कंपकंपी होने लगती है, जिसके कारण सिरदर्द, ब्लड प्रेशर, हार्ट अटैक और पाचन संबंधी समस्याएं हो सकती हैं. इसके अलावा कॉफी में मौजूद कैफीन नामक तत्व बोन मास डेंसिटी को कम करता है. अधिक मात्रा में कॉफी पीने से हड्डियां कमज़ोर होती हैं और ऑस्टियोपोरोसिस होने की संभावना बढ़ जाती है.

ज़रूरत से ज़्यादा एक्सरसाइज़ करना

सही एक्सरसाइज़ आपको फिट और फ्रेश होने का एहसास कराती है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि ज़रूरत से ज़्यादा एक्सरसाइज़ करना भी आपको बीमार बना देता है. जी हां, ज़रूरत से ज़्यादा एक्सरसाइज़ करने से घुटनों को नुक़सान पहुंचता है, जिससे ऑस्टियोपोरोसिस होने का ख़तरा होता है. अधिक एक्सरसाइज़ करने से थकान महसूस होती है. कई बार मांसपेशियों में खिंचाव आ जाता है. एक शोध के अनुसार, ज़रूरत से ज़्यादा एक्सरसाइज़ करने से ब्लड प्रेशर बढ़ता है, जिससे दिल का दौरा पड़ने की संभावना ब़ढ़ जाती है.

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भारी बैग कैरी करना

हैवी बैग्स उठाने से क्रॉनिक बैक पेन, कंधे और गर्दन में दर्द जैसी समस्याएं होती हैं. हाल ही में प्रकाशित एक अध्ययन के अनुसार, 5.5 किलोग्राम से लेकर 7 किलोग्राम तक का भारी बैग उठाने से गर्दन, कंधे व पीठ में दर्द शुरू होने लगता है, इसलिए बैग ख़रीदते समय ऐसा बैग ख़रीदें, जिसमें हैवी मटेरियल का इस्तेमाल न किया गया हो. हैवी मटेरियलवाले बैग में सामान भरने के कारण बैग और भी भारी हो जाता है और गर्दन व कंधों की मांसपेशियों में खिंचाव आने लगता है, जिसके कारण गर्दन, कंधे व पीठ में दर्द होने लगता है. इसके अलावा पतली स्ट्राइप्सवाले बैग से भी ब्लड सर्कुलेशन रुकने का ख़तरा होता है.

हाई हील पहनना

अधिकतर महिलाएं हाई हील को फैशन एक्सेसरीज़ के तौर पर अपने वॉर्डरोब में ज़रूर रखती है, यह जानते हुए भी कि हाई हील सेहत को नुक़सान पहुंचाती है. हाई हील पहनने से स़िर्फ पैरों में ही दर्द नहीं होता, बल्कि शरीर के अन्य भागों में भी तकली़फें बढ़ जाती हैं. एक अध्ययन के अनुसार, लगभग 70% महिलाएं हाई हील पहनती हैं, जिनमें से 90% महिलाओं को कंधे, पीठ, घुटने और जोड़ों के दर्द की समस्या होती है. हाई हील पहनने से सबसे ज़्यादा दबाव पैरों पर पड़ता है, जिसके कारण बॉडी पोश्‍चर बिगड़ने लगता है. हाई हील का असर स्पाइन पर भी पड़ता है, जिससे पीठ और पिंडलियों में दर्द बढ़ने लगता है.

रात को सोने से पहले ब्रश न करना

ज़्यादातर लोग रात को सोने से पहले ब्रश करने से कतराते हैं. उनकी यह आदत न केवल उनके स्वस्थ दांतों के लिए हानिकारक है, बल्कि उनके हेल्दी रिलेशिपशिप में भी दूरी का कारण बनती है.

अमेरिकन डेंटल एसोसिएशन के डेंटिस्ट किमबर्ली हाम्स के अनुसार, दांतों की अच्छी सेहत के लिए दिन में दो बार ब्रश ज़रूर करना चाहिए. क्योंकि दिनभर खाते रहने के कारण दांतों पर प्लाक की परत जम जाती है, जिसके कारण दांतों में छिपे बैक्टीरिया एक्टिव हो जाते हैं. इसलिए जब भी आप खाना खाते हैं, तो ये बैक्टीरिया एसिड का उत्पादन करना शुरू कर देते हैं, जिससे दांतों में सड़न और सांसों में दुर्गंध की समस्या होने लगती है. इन समस्याओं से बचने के लिए दिन में 2 बार ब्रश करना ज़रूरी है.

पूरी नींद न लेना

स्लीप नामक पत्रिका में छपी एक रिपोर्ट के अनुसार, जो लोग 6 घंटे या 6 घंटे से कम नींद लेते हैं, तो उन्हें कार्डियोेवैस्कुलर डिसीज़, जैसे- दिल की बीमारी, लो ब्लड प्रेशर, तनाव, अवसाद जैसी समस्याएं हो सकती हैं. नींद पूरी न होने के कारण पाचन क्रिया धीमी हो जाती है, जिससे खाना पचने में मुश्किल होती है. इनके अलावा एकाग्रता में भी कमी आने लगती है.

यूरिन रोकना

यूरिन रोकना स्वास्थ्य के लिए हानिकारक होता है, यह जानते हुए भी लोगों में यूरिन रोकने की बुरी आदत होती है. यूरिन के ज़रिए शरीर के विषैले तत्व बाहर निकल जाते हैं. अगर थोड़ा-सा भी यूरिन शरीर में रह जाता है, तो संक्रमण होने का ख़तरा बढ़ जाता है. 2-3 घंटे से अधिक समय तक यूरिन रोकने से किडनी स्टोन और ब्लैडर में सूजन की समस्या हो सकती है. बहुत देर तक यूरिन रोकने से यूटीआई (यूरिन ट्रैक्ट इंफेक्शन) की समस्या हो सकती है, जिसके कारण यूरिनरी ट्रैक में दर्द और यूरिन के साथ-साथ खून भी आने लगता है.

– अभिषेक शर्मा

योग से दूर भगाएं रोग… छठा अंतर्राष्ट्रीय योग सम्मेलन प्रतियोगिता व उत्सव! (6th International Yoga Convention/Competition & Festival)

6th International Yoga Convention/Competition & Festival

6th International Yoga Convention/Competition & Festival

  • अगर हम यह कहें कि आज का दौर चुनौतियों से भरा पड़ा है, तो ग़लत नहीं होगा.
  • हर जगह, हर तरफ़ चुनौतियां ही चुनौतियां हैं. इसकी सबसे बड़ी वजह है हमारी बदली हुई जीवनशैली, जिसने हमें ढेरों तनाव व समस्याएं दे डाली हैं.
  • इन तनावों के चलते सबसे अधिक जो प्रभावित हो रहा है, वह है हमारा स्वास्थ्य. यहां स़िर्फ शारीरिक स्वास्थ्य की ही हम बात नहीं कर रहे, बल्कि मानसिक व भावनात्मक स्वास्थ्य का भी ज़िक्र कर रहे हैं.
  • ऐसे में हम में से अधिकांश लोग आज मन की शांति व बेहतर स्वास्थ्य के जुगाड़ के लिए यहां-वहां भटक रहे हैं.
  • इस भटकाव को रोकने का सबसे बेहतरीन ज़रिया है योग साधना.
  • हम सभी योग के वैज्ञानिक आधार व लाभ से वाक़िफ़ हैं, यही वजह है कि अब पूरी दुनिया योग की शरण में आ रही है.
  • इसी कड़ी में हमेशा की तरह बेहतरीन व सार्थक प्रयास हो रहा है डॉ. ओमानंदजी (गुरुजी) (Om Anandji) की देखरेख में, इंदौर (Indore) के स्वामी परमानंद इंस्टिट्यूट ऑफ योगा साइंसेस एंड रिसर्च (Parmanand Institute Of Yoga Science & Research) की ओर से. जी हां, 23-24 दिसंबर को छठे अंतर्राष्ट्रीय योग सम्मेलन प्रतियोगिता व उत्सव (6th International Yoga Convention/Competition & Festival) का आयोजन किया जाएगा, जिसका लाभ आप सभी ले सकते हैं.

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6th International Yoga Convention/Competition & Festival

  • उत्सव की ख़ास बातेंश्र अंतर्राष्ट्रीय योग कॉन्फ्रेंस की जाएगी, जिसमें योग का स्वास्थ्य, शिक्षा व विश्‍व शांति पर प्रभाव विषय पर चर्चा होगी.
  • अंतर्राष्ट्रीय योगासन प्रतियोगिता का आयोजन.
  • अंतर्राष्ट्रीय मलखम्ब प्रतियोगिता का आयोजन.
  • योग थेरेपी, जिसमें 50 से अधिक रोगों के योग चिकित्सा के सत्र होंगे.
  • सांस्कृतिक कार्यक्रम, स्वादिष्ट व्यंजन व यौगिक कार्यक्रमों का आयोजन.
  • ये तमाम कार्यक्रम राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय संस्थाओं के सहयोग से किए जाएंगे, इसमें अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, इटली, जर्मनी, सिंगापुर, इज़रायल व श्रीलंका से कई इंटरनेशनल योगी व प्रज़ेंटर्स हिस्सा लेंगे.
  • इस संदर्भ में अधिक जानकारी व रजिस्ट्रेशन के लिए यहां संपर्क करें-परमानंद कैंपस, खंडवा रोड, लिंबोदी, न्यू दिगंबर स्कूल के पास, इंदौर- 452020.

6th International Yoga Convention/Competition & Festival

फोन– 8839209014

ईमेल[email protected]

लिंकhttps://paramyoga.org/?page=6th-Internation-Yoga-Convention

  • आप ऊपर दिए लिंक पर जाकर ऑनलाइन ही रजिस्ट्रेशन व फॉर्म भर सकते हैं.

फीस

  • कॉन्फ्रेंस पेपर प्रज़ेंटेशन के लिए 500
  • योग व मलखम्ब प्रतियोगिता के लिए 500
  • जो स्टूडेंट्स व प्रतिभागी सर्टिफिकेट पाना चाहते हैं, उनके लिए 100
  • अन्य प्रतिभागी- निमंत्रण पत्र/पास के ज़रिए आ सकते हैं.