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जानें जिम के 8 Exciting सेक्स बेनेफिट्स(8 Exciting Sex Benefits Of Gym)

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जिम में रोज़ाना एक्सरसाइज़ करने से न स़िर्फ बॉडी फिट एंड फाइन रहती है, बल्कि ये सेक्स लाइफ को हेल्दी बनाने में भी मदद करता है. रेग्युलर जिम जाना आपके अंतरंग पलों के लिए क्यों फ़ायदेमंद है? आइए, जानते हैं.

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1. टेस्टोस्टेरॉन लेवल बढ़ता है

अंतरंग पलों में टेस्टोस्टेरॉन हार्मोन महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है. ये हार्मोन सेक्स की इच्छा और क्रियाशीलता के लिए उत्तरदायी है. रिसर्च बताती है कि रेग्युलर एक्सरसाइज़, ख़ासकर जिम में किए जानेवाले स्न्वैट्स से टेस्टोस्टेरॉन लेवल बढ़ता है.

 

2. एनर्जी लेवल बढ़ता है

रेग्युलर एक्सरसाइज़ करने से एनर्जी लेवल बढ़ता है और ये एनर्जी सेक्स लाइफ में भी आपको एनर्जेटिक बनाए रखता है और आप सेक्स को ज़्यादा एंजॉय कर पाते हैं.

 

3. आत्मविश्‍वास बढ़ता है

मोटापा सेक्स के लिए हानिकारक है. इससे जल्दी थकान महसूस होने लगती है और मोटापे का शिकार व्यक्ति पार्टनर को संतुष्ट नहीं कर पाता. इससे उसका आत्मविश्‍वास टूट जाता है और वह सेक्स से दूर भागने लगता है. जिम में एक्सरसाइज़ करने से मोटापा कम होता है और टेस्टोस्टेरॉन लेवल बढ़ने से सेक्स की इच्छा जागने लगती है.

 

4. मिलती है टोन्ड-अट्रैक्टिव बॉडी

स्लिम-ट्रिम व टोन्ड बॉडी सबको आकर्षित करती है. जिम जाने से एब्स टोन्ड होते हैं. हाथ और पैरों की मसल्स स्ट्रॉन्ग होती हैं. महिलाओं की कमर पतली होने लगती है. बॉडी में कर्व्स आने लगते हैं. प्यार के उन ख़ास पलों में आपकी आकर्षक बॉडी पार्टनर को आपके और क़रीब ले आती है.

 

5. दूर होता है स्ट्रेस

आमतौर पर स्ट्रेस के कारण कपल्स अंतरंग पलों को पूरी तरह एंजॉय नहीं कर पाते. तनावग्रस्त होने पर उन्हें सेक्स की इच्छा नहीं होती. स्ट्रेस से स्टेमिना भी घटता है. जिम में रेग्युलर एक्सरसाइज़ स्ट्रेस बस्टर का काम करता है. एक्सरसाइज़ करने के बाद आप रिलैक्स महसूस करते हैं.

 

6. बैलेंस डायट

जिम में एक्सरसाइज़ के साथ ही ट्रेनर आपको डायट चार्ट भी देते हैं. वो आपके एक्सरसाइज़ टाइप और शरीर की ज़रूरतों के अनुसार आपका डायट चार्ट बनाते हैं. वर्कआउट के बाद शरीर को पोषक तत्वों की ज़रूरत पड़ती है. मसल्स और बॉडी बिल्डिंग के लिए हाईप्रोटीन और ज़िंक युक्त डायट लेनी चाहिए. हेल्दी सेक्स लाइफ के लिए बैलेंस डायट बहुत ज़रूरी है.

 

7. ब्रीदिंग पर कंट्रोल होता है

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एक्सरसाइज़ और योग आपको ब्रीदिंग पर कंट्रोल करना सिखाता है और सही ब्रीदिंग टेकनीक से आप सेक्स का ड्यूरेशन और प्लेज़र दोनों बढ़ा सकते हैं.

8. ऑर्गेज़म को बेहतर बनाता है

रिसर्च से ये बात पता चली है कि जो महिलाएं रेग्युलर एक्सरसाइज़ करती हैं, वे जल्दी उत्तेजित हो जाती हैं और ऑगेज़म को एन्जॉय करती हैं. दरअसल एक्सरसाइज़ से उनमें सेक्स हार्मोन्स का लेवल बढ़ जाता है, जिससे वे बेहतर सेक्स पार्टनर साबित होती हैं.

परफेक्ट वाइफ बनने के 9 रूल्स(9 Rules For Perfect Wife)

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कई सपने जो खुली आंखों से देखे थे, अब सच होनेवाले हैं… कई अरमान जो दिल में पल रहे थे अब तक, पूरे होनेवाले हैं… लेकिन इनके साथ एक डर भी जुड़ा है कि क्या मैं उनका दिल जीत पाऊंगी? नई-नवेली दुल्हन के मन में यह डर बना रहता है कि क्या वो अपने पति के दिल पर राज कर पाएगी? क्या वो उनकी नज़रों में परफेक्ट वाइफ बन पाएगी…?

 

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संतुलित रहें, अपना व्यवहार सौम्य रखें:

सबसे पहला रूल तो यही है कि आप अपना मन-मस्तिष्क शांत व संतुलित रखें. डर मन से निकाल दें. आपके सामने आपके पति हैं, जो अब ताउम्र आपके हमसफ़र रहेंगे. पति को आपके व्यवहार में परिपक्वता व सौम्यता नज़र आएगी, तो शुरुआत में ही आपके प्रति उनके भी मन में सम्मान की भावना जागेगी.
ज़िम्मेदारियां शेयर करें:

आप इस सकारात्मक रवैए के साथ रहना शुरू करें कि आप यहां मेहमान नहीं हैं, बल्कि यह आपका घर है, तो यहां से जुड़ी तमाम समस्याएं व ज़िम्मेदारियां आपकी भी उतनी ही हैं, जितनी आपके पति की. आपके पति को यह महसूस होगा कि अब वो अकेले नहीं, आप उनकी ज़िम्मेदारियों में बराबरी का सहयोग करेंगी. चाहे घर के राशन की ज़िम्मेदारी हो या सास-ससुर के स्वास्थ्य से जुड़ी कोई बात, आप पति से बात करके काम व ज़िम्मेदारी बांट लें. इससे न स़िर्फ पति से, बल्कि घर के अन्य सदस्यों से भी आपकी बॉन्डिंग स्ट्रॉन्ग होगी.

 

शिकायतें करने से बचें और सकारात्मक रहें:

सबसे ज़रूरी बात गांठ बांध लें कि शादी में हमेशा ही 50-50 नहीं होता, कभी-कभार 75-25 भी हो सकता है यानी हो सकता है कि आपको एक्स्ट्रा एफर्ट्स डालने पड़ें और ख़ासतौर से शुरुआती दिनों में यह अक्सर करना भी पड़ता है. तो जब भी कोई बात आपके मनोनुकूल न हो, तो शिकायतें करने की बजाय सकारात्मक रुख अपनाएं. हो सकता है आप अभी तक पति व उनके घरवालों को ठीक से समझ न पाई हों, तो उन्हें भी थोड़ा व़क्त दें आपके साथ एडजस्ट होने का. समय के साथ-साथ सब अपनी ज़िम्मेदारियां समझकर सहयोग करने लगेंगे, पर शुरुआत में हो सकता है आपको अपनी क्षमता से थोड़ा अधिक भी करना पड़े, तो निराश न हों.
शादी को ड्यूटी नहीं, रिश्ते की तरह निभाएं:

शादी न तो कोई बंधन है, न ही ड्यूटी, बल्कि यह एक ख़ूबसूरत रिश्ता है, तो इसके प्रति सकारात्मक रहें. शादी जहां जीवन में ढेर सारी ख़ुशियां लाती है, वहीं उसके साथ कुछ ज़िम्मेदारियां भी जुड़ी होती हैं. इन ज़िम्मेदारियों को अगर आप बोझ या ड्यूटी समझेंगी, तो निराश होंगी और यदि इसे अपने रिश्ते की ज़रूरत समझेंगी, तो रिश्ता भी मज़बूत होगा और आप भी परफेक्शनिस्ट बनती चली जाएंगी.
अपनी ख़ूबियों को उजागर करें, कुछ नया सीखने का प्रयास जारी रखें:

अपने हुनर को छिपाएं नहीं, बल्कि सबको पता चलना चाहिए कि आपमें क्या-क्या गुण हैं. वहीं यदि आपको किसी चीज़ की कमी लग रही है, तो उसे सीखने से परहेज़ न करें. कोई भी परफेक्ट नहीं होता, इसलिए सीखने के लिए हमेशा तैयार रहना चाहिए. अगर आपकी सासू मां के हाथों का बना खाना या कोई स्पेशल डिश पति को बहुत पसंद है, तो उनसे कुकिंग के टिप्स जानें. उनका हाथ बंटाएं, इससे आप न स़िर्फ अपनी सासू मां के क़रीब आएंगी बल्कि पति से भी रिश्ता और गहरा होगा.
रिश्तों में आत्मीयता बढ़ाने का हुनर जानें:

पति जब ऑफिस में हों, तो मैसेज के ज़रिए या उनके लंच बॉक्स में लव नोट्स के ज़रिए प्यारभरी बातें कहें, जिससे अलग ही रोमांस व रोमांच का अनुभव हो. कभी-कभी सरप्राइज़ डेट प्लान करें. सास-ससुर व घर के अन्य सदस्यों से भी आत्मीयता बढ़ाने के लिए कभी सरप्राइज़ पार्टी, मूवी या डिनर अरेंज करें, ख़ासतौर से उनके लिए. कभी कोई गिफ्ट बिना किसी ख़ास अवसर के भी दे दें. इससे सबको महसूस होगा कि आपके दिल में उनके लिए ख़ास जगह है.
प्लानिंग व टाइम मैनेजमेंट के ज़रिए ऑर्गेनाइज़्ड रहें:

मायके में भले ही आपका रूटीन अलग हो, लेकिन ससुराल में आपको अलर्ट रहना होगा. सुबह जल्दी उठें. अपना कमरा व्यवस्थित करें. अगर आप वर्किंग हैं, तब भी किचन की कुछ ज़िम्मेदारियां लेने के लिए तत्पर रहें, जैसे- नाश्ता या चाय बना दें. यह सब आप प्लानिंग और टाइम मैनेजमेंट के ज़रिए आसानी से कर सकती हैं. अगले दिन की प्लानिंग रात में ही कर लें. इससे बाकी के घरवाले भी प्रेरित होकर व्यवस्थित रहने का प्रयास करेंगे. घर में हेल्दी कॉम्पटीशन की शुरुआत भी हो सकती है कि कौन जल्दी उठकर सबसे पहले अपने सारे काम करता है आदि. जो जीतेगा उसे गिफ्ट मिलेगा. इस तरह हर हफ़्ते का कोई एक विनर होगा. ऐसा करने से सब और अधिक ज़िम्मेदार बनेंगे और किसी एक पर काम का बोझ भी नहीं आएगा. साथ ही गिफ्ट के आकर्षण से सब बहुत ही ज़्यादा दिलचस्पी लेकर अपने-अपने काम करेंगे. आपका यह ट्रिक आपको सबका फेवरेट बना देगा, ख़ासतौर से पति का.
बदलावों के लिए तैयार रहें:

जीवन की नई शुरुआत में बहुत-से बदलावों से गुज़रना ही पड़ता है. इनसे डरें नहीं, बल्कि ख़ुद को मानसिक रूप से तैयार कर लें कि हो सकता है शुरुआत में आपको रिजेक्शन या नकारात्मक चीज़ों से भी गुज़रना पड़े, लेकिन आपको ख़ुद पर विश्‍वास रखकर सबका विश्‍वास जीतना होगा. सबसे पहले पति का विश्‍वास जीतें. उन्हें यह महसूस कराएं कि आप दिल से प्रयास कर रही हैं और इसमें आपको उनका भी सहयोग चाहिए. ऐसा करने पर पति का भी आप पर विश्‍वास बढ़ेगा और उनको ज़रूर लगेगा कि आप सचमुच परफेक्ट वाइफ हैं.
फिट, हेल्दी व पॉज़ीटिव रहें:

एक्सरसाइज़ व योग से दिन की शुरुआत करें. भले ही आपका रूटीन कितना भी बदल गया हो, हेल्दी हैबिट्स कभी न छोड़ें. अपने साथ-साथ पति को भी प्रेरित करें कि वो भी हेल्दी हैबिट्स अपनाएं. साथ-साथ जॉगिंग करें. उनके मन में यह बात डालें कि आप उनके लिए हमेशा अट्रैक्टिव बने रहने के लिए फिट व हेल्दी रहना चाहती हैं, यह बात उन्हें अच्छी लगेगी और वो भी आपके लिए फिट बने रहने का प्रयास करने लगेंगे. इसके अलावा आप अगर हेल्दी रहेंगी, तभी तो पॉज़ीटिव अप्रोच के साथ सारे काम कर पाएंगी.

 

– रेषा गुप्ता

पहला अफेयर: मुहब्बत के पल (Pahla Affair: Mohabbat Ke Pal)

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पहला अफेयर: मुहब्बत के पल (Pahla Affair: Mohabbat Ke Pal)

जो न सोचा कभी, वो कैसे हो गया… न जाने ये प्यार कैसे हो गया…?
आज भी वो दिन नहीं भूलता, जब मेरा तुम से रिश्ता जुड़ा. एक अजनबी कब इतने क़रीब आ गया कि उसने मेरी सारी तन्हाइयों को अपनी यादों के रंग से भर दिया. कभी-कभी सोचती हूं, तो सब कुछ एक सपने जैसा लगता है. हम दोनों एक ही स्कूल में एक ही क्लास में थे, लेकिन तब मैं तुम्हें जानती भी नहीं थी. और आज तुम मेरी ज़िंदगी का अहम् हिस्सा बन गए हो.

कहां तो मैं कभी किसी भी लड़के से बात तक नहीं करती थी. न ही कभी दिल में ऐसे अरमान जागे कि कोई मिले, जिससे प्यार हो, जिसके साथ सारी ज़िंदगी गुज़ार दूं… लेकिन कहते हैं न नसीब ने जो आपके लिए लिख दिया है, वो होकर ही रहता है. तुम न जाने कब चुपके से मेरे दिल में घर कर गए और मेरी आंखों ने भी मुहब्बत के रंगीन सपने बुनने शुरू कर दिए.

तुमसे जुड़ने के बाद तो जैसे पूरा जीवन ही बदल गया. ज़िंदगी में हज़ारों रंग घुल गए. हर चीज़ में प्यार घुल गया था. सोते-जागते बस तुम ही ख़्यालों में रहते थे. पहले जब भी मैं अपने जीवनसाथी के बारे में सोचती थी, तो हमेशा मन में कई तरह के सवाल उठते थे कि न जाने वो कैसा होगा? मुझे समझेगा या नहीं, हमारे विचार मिलेंगे या नहीं… पर तुमसे मिलने के बाद इन तमाम सवालों के जवाब मुझे मिल गए. तुम्हारी बातों से ही यह महसूस हो गया कि तुम्हारी परवरिश बहुत अच्छी हुई है.

एक लड़की की ख़्वाहिश, उसकी ज़रूरतें तुम बख़ूबी समझते हो. तुम लड़कियों को सम्मान देते हो, उन्हें बराबर का दर्जा देते हो. तुम्हारे विचार उतने ही सुंदर हैं, जितना तुम्हारा मन. शुरुआत में कभी-कभी तो डर लगता था कि एक अजनबी पर इतना विश्‍वास करना ठीक है या नहीं. कहीं मैं ग़लती तो नहीं कर रही, कहीं मेरा विश्‍वास टूट तो नहीं जाएगा… लेकिन तुमने ऐसा होने नहीं दिया.

यक़ीन ही नहीं होता कि आज पूरे छह साल हो गए हम दोनों को साथ-साथ. तुम एक छोर पर हो और मैं दूसरे छोर पर. डिस्टेंस रिलेशनशिप में रिश्ते और विश्‍वास बनाए रखना बेहद मुश्किल होता है. ज़रा-सी ग़लतफ़हमी और छोटी-सी भूल से भी रिश्ता टूट सकता है, लेकिन जब दो दिल इस तरह से मिल जाते हैं, जैसे दो बदन एक जान, तो दूर रहकर भी प्यार निभाना मुमकिन है.

तुमसे मिलने का मौक़ा तो कम ही मिल पाता है, लेकिन जब भी मिलते हो तुम्हारी आंखों में बेशुमार प्यार और अपने लिए सम्मान ही नज़र आता है. तुम मेरी ज़िंदगी में आए, तुमसे मुझे प्यार हुआ… इससे ख़ूबसूरत घटना कोई हो ही नहीं सकती. भले ही हम अभी दूर हैं, लेकिन बहुत जल्द हम साथ होंगे… हमेशा के लिए… प्यार के इस रूहानी एहसास से
रू-ब-रू करवाने के लिए शुक्रिया!

– आद्या अग्रवाल

6 AMAZING लव रूल्स हैप्पी लव लाइफ के लिए (6 Amazing Love Rules For Happy Love Life)

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कहते हैं, अपोज़िट अट्रैक्ट्स, मगर शादी के बाद ये अट्रैक्शन कहीं खो जाता है. कपल्स के रिश्ते कई बार इतने जटिल हो जाते हैं कि उसमें प्यार की गुंजाइश ही नहीं रह जाती. यदि आप अपने रिश्ते की नाज़ुक डोर को उम्रभर थामे रखना चाहते हैं, तो फॉलो करें ये लव रूल्स.

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ख़र्च करने की आदत

यदि आपको हमेशा लेटेस्ट ट्रेंड और फैशन के मुताबिक़ अपना वॉर्डरोब चेंज करने की आदत है और पति बस चार जोड़ी शर्ट और दो जोड़ी जूतों में ही रहना पसंद करते हैं, तो ज़ाहिर है आपकी ये अति ख़र्चीली आदत पति को बिल्कुल रास नहीं आएगी. वो आपके ख़र्च पर उंगली उठाएंगे, जिससे आपके बीच मनमुटाव हो सकता है. सुनैना कहती हैं, मुझे ऑनलाइन शॉपिंग की बुरी लत है, जिससे कई बार मैं ज़रूरत न होने पर भी चीज़ें मंगा लेती हूं, ये सोचकर कि अभी न सही, बाद में काम आएंगी, मगर मेरी ये आदत पति को बिल्कुल पसंद नहीं. इस बात को लेकर उनका मुझसे कई बार झगड़ा भी हो चुका है. वो बिना ज़रूरत के एक पैसा भी ख़र्च नहीं करना चाहते.
क्या कहती है स्टडी?
एक जैसी ख़र्च की आदत न होने पर कपल्स के बीच मनमुटाव ज़्यादा होता है, वो अपने रिश्ते से संतुष्ट नहीं होते. इसके विपरीत यदि पति-पत्नी दोनों ख़र्चीले हैं या फिर दोनों बहुत किफ़ायती हैं, तो उनके बीच मनमुटाव की गुंजाइश बहुत कम रहती है.

मैं नहीं हम

शादी के बाद भले ही आपकी अलग-अलग पहचान हो, मगर बतौर कपल आप एक हो जाते हैं. जो कपल ङ्गमैंफ से ऊपर नहीं उठ पाते उनके रिश्ते में मुश्किलें आ ही जाती हैं और वो अपने रिश्ते से ख़ुश नहीं रहते. बातचीत या बहस के दौरान मैं की बजाय हम जैसे शब्दों का इस्तेमाल करनेवाले पति-पत्नी अन्य कपल्स की तुलना में ज़्यादा संतुष्ट और ख़ुश रहते हैं. रिश्तों की सफलता के लिए अब से आप भी मैं की बजाय हम कहना सीख जाइए.
क्या कहती है स्टडी?
जो कपल्स हम, हमारा जैसे शब्दों का इस्तेमाल करते हैं, उनके बीच प्यार ज़्यादा होता है. उनके रिश्ते में ग़ुस्से और नेगेटिव बिहेवियर के लिए जगह नहीं होती. किसी मुद्दे पर सहमत न होने की स्थिति में उनका साइकोलॉजिकल स्ट्रेस लेवल भी कम होता है. वहीं यदि कपल्स मैं, तुम, मैंने जैसे शब्दों का इस्तेमाल करते हैं, तो ये उनके बीच अलगाव और असंतुष्टि को दर्शाता है.

सकारात्मक सोच

ज़िंदगी के हर मोर्चे पर सफलता के लिए सकारात्मक सोच जितनी ज़रूरी है, उतनी ही ज़रूरी रिश्ते की सफलता के लिए भी है. पॉज़िटिव इंसान ये नहीं सोचता कि उसके पास क्या नहीं है, बल्कि जो है उसके लिए वो भगवान का शुक्रिया अदा करके ख़ुश रहता है. अपने रिश्ते को पॉज़िटिव बनाए रखने के लिए पार्टनर के प्रति आभार व्यक्त करें, एक-दूसरे की क़ामयाबी का साथ मिलकर जश्‍न मनाएं, फन एक्टिविटी साथ में एन्जॉय करें, पार्टनर को स्पेशल फील कराएं.
क्या कहती है स्टडी?
सकारात्मक सोच रखने वाले कपल्स के रिश्ते मज़बूत बनते हैं और वो पार्टनर से संतुष्ट भी रहते हैं. सकारात्मक सोच का मतलब ये नहीं है कि वो समस्याओं को नज़रअंदाज़ करते हैं, बल्कि सकारात्मक सोच से उनके विचारों को विस्तार मिलता है, जिससे दोनों मिलकर किसी भी समस्या का आसानी से हल निकाल लेते हैं.

बेड पर रहें बेस्ट

हैप्पी मैरिड लाइफ के लिए एक्टिव सेक्स लाइफ बेहद ज़रूरी है. जो कपल्स सेक्सुअली कम एक्टिव होते हैं, वो अपने रिश्ते से भी पूरी तरह संतुष्ट नहीं रहते. वहीं दूसरी ओर सेक्सुअली एक्टिव पति-पत्नी का रिश्ता मज़बूत व संतुष्ट रहता है. कुछ लोगों को लगता है कि बढ़ती उम्र के साथ सेक्स लाइफ का रोमांच कम हो जाता है, जबकि ऐसा नहीं है. इसके विपरीत ङ्गप्रैक्टिस मेक्स मैन परफेक्टफ की तर्ज पर कपल्स की सेक्स लाइफ बढ़ती उम्र के साथ और परफेक्ट होती जाती है.
क्या कहती है स्टडी?
30, 40 की बजाय 50 साल की उम्र में पुरुष अपनी सेक्स लाइफ को ज़्यादा एन्जॉय करते हैं, जिससे पार्टनर के साथ उनका रिश्ता भी मज़बूत बनता है.

थैंक्यू कहना भी है ज़रूरी

छोटा-सा शब्द थैंक्यू आपके रिश्ते के लिए बहुत अहम् साबित हो सकता है. ज़रा याद करिए, शादी के शुरुआती दिनों में पार्टनर द्वारा कोई काम करने पर जब आप उन्हें थैंक्यू कहते थे, तो कैसे उनके चेहरे पर मुस्कान बिखर जाती थी. पति-पत्नी यदि एक-दूसरे की मदद की एवज़ में एक-दूसरे के प्रति आभार प्रकट करें, तो निश्‍चय ही ये उनके रिश्ते को सकारात्मक दिशा में ले जाता है और उनके बीच बॉन्डिंग गहरी होती है. अतः इस छोटे शब्द को छोटा समझने की भूल न करें और झट से हमसफ़र को थैंक्यू कहकर स्पेशल फील कराएं.
क्या कहती है स्टडी?
दिल से पार्टनर को कहा गया थैंक्यू शादीशुदा ज़िंदगी को ख़ुशहाल और नई ऊर्जा से भर देता है. जब कपल्स के बीच किसी तरह का मनमुटाव होता है, तो ऐसे नकारात्मक माहौल में किसी छोटी-सी बात के लिए भी दिल से बोला गया थैंक्यू रिश्ते के लिए मरहम का काम करता है.

साथ हंसना भी है फ़ायदेमंद

हंसना भला कौन नहीं चाहता और हंसी से तनाव भी घटता है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि पार्टनर के साथ किसी बात/जोक पर हंसना आपके रिश्ते की सेहत के लिए भी अच्छा है? अतः अकेले में कोई जोक/मैसेज पढ़कर मुस्कुराने की बजाय उसे पार्टनर के साथ शेयर करें और दोनों दिल खोलकर हंसें. इससे सेहत और रिश्ता दोनों बने रहेंगे.
क्या कहती है स्टडी?
साथ हंसने वाले कपल्स का रिश्ता मधुर और मज़बूत होता है. अध्ययन के अनुसार, ऐसे कपल्स एक-दूसरे के प्रति ज़्यादा समर्पित और संतुष्ट रहते हैं. कपल्स का एक साथ हंसना उनके रिश्ते की गहराई और अपनेपन को बढ़ाने के लिए टॉनिक का काम करता है. अध्ययन से ये भी साबित हुआ है कि जो पुरुष पार्टनर अपनी हमसफ़र को हंसने के लिए प्रेरित करते हैं उनका पार्टनर से गहरा लगाव होता है.

कंचन सिंह

पहला अफेयर : साया हो तुम… (Pahla Affair: Saya Ho Tum)

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पहला अफेयर: साया हो तुम… (Pahla Affair: Saya Ho Tum)

कुछ अरमान उन बारिश की बूंदों की तरह होते हैं, जिनको छूने की ख़्वाहिश में हथेलियां तो गीली हो जाती हैं, पर हाथ हमेशा खाली रह जाते हैं. तुमसे मेरा रिश्ता भी कुछ ऐसा ही था, मुझे तुममें ज़िंदगी नज़र आती थी और तुम्हें मुझमें एक ऐसा साथी, जो ज़िंदगी जीने के उतार-चढ़ाव तुम्हेें समझा सके. मैं तुम्हारे साथ हर एक पल बिताना चाहता था, लेकिन तुम्हें रफ़्तार चाहिए थी और उसमें भी आगे ही रहना था. इस भागदौड़ में मैं जाने कब पीछे रह गया और तुम न जाने कहां खो गईं.

न जाने कितने मौसम आए और चले गए, पर मेरा सावन अब भी तुम्हारे लिए तरसता है कि काश! कुछ बूंदें तो मेरे दिल की बंजर ज़मीन पर बरस जाएं. तुम आईं भी तो उसी रफ़्तार से, जैसे गई थीं और अब तो एक हमसफ़र भी साथ था.

मेरा परिचय तुमने ऐसे दिया, “ये है मेरा सबसे ख़ास दोस्त, जिसने हर क़दम पर मेरा साथ दिया था.” मैं मुस्कुरा दिया, “चलो कुछ तो है, जो मेरे हिस्से का है.” बस, एक ख़ुशबू की तरह तुम आईं और मेरे जिस्म के रोएं-रोएं को महका गईं. एक मासूम फूल की तरह तुम्हारी बातों की ख़ुशबू मेरी रूह में हमेशा के लिए बस गई. मैं भी ख़ुश हो गया, चलो कुछ और साल यूं ही कट जाएंगे, तुम्हें सोचते हुए… तुम्हारे वजूद को महसूस करते हुए और तुम्हारी यादों में जीते हुए. हर पल कुछ ऐसा महसूस होता था, जैसे ख़ुद को तुम्हारे ही पास भूल आया हूं.

तुम आज भी मेरे साये की तरह मेरे साथ हो, जिसे मैं देख तो सकता हूं, पर छू नहीं सकता, पा नहीं सकता… पर मैं इसमें ही ख़ुश हूं कि तुम एक अनछुए एहसास की तरह मेरे साथ रहोगी. जब तक मैं जीऊंगा, बस उसी के साथ. ज़रूरी तो नहीं हर रिश्ते को नाम दिया जाए, मेरा और तुम्हारा रिश्ता रूह का रिश्ता है. दिल से जुड़ा है और मैं अपने दिल की धड़कनों में तुम्हें महसूस करता हूं, हर पल तुम्हें याद करता हूं बस…

शिकायत इसलिए नहीं कर सकता, क्योंकि तुमने मुझमें हमेशा सच्चा दोस्त देखा… लेकिन अपने इस दिल को मैं समझा न पाया, जिसने हमेशा तुममें अपनी ज़िंदगी को ही ढूंढ़ा… तुम्हारी आंखों में अपने वजूद को तलाशा और तुम्हारी हर मुस्कुराहट पर ख़ुद को फ़ना
करना चाहा…

तुम्हारे बिना ज़िंदगी जीने की कल्पना भी नहीं कर सकता था, लेकिन जी रहा हूं… इस उम्मीद में कि तुम कहीं न कहीं किसी न किसी रूप में मुझे ज़रूर याद करती होगी… जब दिन ढलता है, तो तुम्हारी रंगत जैसे मेरे आंगन में चांदनी की तरह बिखर जाती है, जब सुबह आती है, तो सुनहरी किरणें तुम्हारी यादें बन जाती हैं… तुम आगे बढ़ती रहो, हमेशा ख़ुश रहो… तुम्हारी ज़िंदगी की रफ़्तार कभी कम न हो, यही ख़्वाहिश है.

जहां तक मेरी बात है, तो मैं एक साये की तरह तुम्हारे पीछे-पीछे चलता रहूंगा, जब भी ज़रूरत होगी, तुम्हें थाम लूंगा…
“खाली पन्नों की तरह दिन पलटते जा
रहे हैं…
ख़बर ही नहीं कि आ रहे हैं या जा
रहे हैं…”

– वीना साधवानी

7 मज़ेदार वजहें: जानें क्यों होती है कपल्स में तू तू-मैं मैं?(7 Funny Reasons: Why Couples Fight?)

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शायद ही कोई ऐसा कपल हो जिनके बीच लड़ाई-झगड़े न हों, क्योंकि जहां प्यार होता है वहीं तक़रार भी होती है, मगर ये तक़रार एक सीमा तक रहे तो ही अच्छा है, वरना रिश्ते में दरार पड़ने लगती है. आमतौर पर किन बातों पर झगड़ते हैं कपल्स? आइए, हम बताते हैं.

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नहीं देते स्पेशल ट्रीटमेंट

अक्सर पत्नियों को ये शिकायत रहती है कि व़क्त के साथ उनके पति बदल गए हैं. रीता कहती हैं, ङ्गङ्घशादी के बाद कुछ महीनों तक मेरे पति कभी अचानक कोई ट्रिप/डिनर प्लान करके या गिफ्ट देकर मुझे स्पेशल फील कराते थे, मगर अब ऐसा नहीं करते. अब तो मुझे ये भी याद नहीं कि पिछली बार उन्होंने मुझे कब गिफ्ट दिया था.फफ दरअसल, महिलाओं को सरप्राइज़ पसंद है, भले ही वो कोई छोटा-मोटा गिफ्ट ही क्यों न हो, इससे उन्हें अपने ख़ास होने का एहसास होता है.
स्मार्ट टिप: यदि आप भी पत्नी को ख़ुश रखना चाहते हैं, तो उन्हें दोबारा सरप्राइज़ देना शुरू कर दीजिए.

 

छुट्टी के दिन भी बस काम

कई बार डिमांडिंग जॉब या टारगेट पूरा करने के चक्कर में पति महोदय संडे के दिन भी ऑफिस चले जाते हैं और उनकी इस हरक़त पर पत्नी नाराज़ हो जाती है. संजना को भी अपने पति से यही शिकायत है. वो कहती हैं, ङ्गङ्घपूरे हफ़्ते मैं संडे का ही तो इंतज़ार करती हूं ताकि हम दोनों साथ समय बिता सकें. हम दोनों वर्किंग हैं इसलिए हमारे पास बस यही एक दिन बचता है, मगर मेरे पति संडे को भी अक्सर ऑफिस चले जाते हैं. इस बात को लेकर हमारे बीच कई बार झगड़ा हो चुका है.फफ जनाब, यदि आप संडे भी ऑफिस के नाम कर देंगे, तो बीवी का आपसे झगड़ना जायज़ है.
स्मार्ट टिप: काम के साथ रिश्तों को मैनेज करना भी ज़रूरी है. बेहतर होगा कि आप संडे का दिन पत्नी के नाम कर दें, वरना करियर ग्राफ भले ऊपर चला जाए, आपके प्यार का ग्राफ नीचे आ जाएगा.

 

सामान इधर-उधर कर देना

ज़्यादातर पुरुषों की आदत होती है कि जो चीज़ जहां से उठाई है, उसे वहीं रखने की बजाय अपनी सुविधानुसार कहीं भी फेंक देते हैं और जब दोबारा ज़रूरत पड़ने पर वो चीज़ नहीं मिलती, तो पत्नी पर चिल्लाने लगते हैं. उनकी इस आदत पर पत्नी चिढ़ जाती है और दोनों में फिर नोंकझोंक शुरू हो जाती है. इसी तरह पति के गीला तौलिया बेड पर रखने और सॉक्स उतारकर किसी कोने में फेंक देने की आदत से भी पत्नी परेशान रहती है.
स्मार्ट टिप: बेहतर होगा कि कोई भी सामान इस्तेमाल करने के बाद उसे वहीं पर रखें, जहां से उठाया था. हर चीज़ को जगह पर रखने से अगली बार उसे ढूंढ़ने में आपको दिक्क़त नहीं होगी और पत्नी भी ख़ुश रहेगी.

 

प्यार गुज़रे ज़माने की बात हो गई

शादी के कुछ साल बाद अधिकांश पति-पत्नी के बीच झगड़े की एक वजह ये भी होती है कि उनके रिश्ते से रोमांस ख़त्म हो गया है. पत्नी को लगता है कि पति परिवार और ऑफिस के काम के बीच उसे भूल चुके हैं और अब वो प्यार नहीं जताते. शादी के शुरुआती दिनों वाला उनका रोमांटिक पार्टनर कहीं खो गया है. इस बात को लेकर भी अक्सर दोनों के बीच बहस छिड़ जाती है. रूपाली कहती हैं, ङ्गङ्घपहले मेरे पति बहुत रोमांटिक थे, मगर अब तो ऐसा लगता है कि वो मुझपर बिल्कुल भी ध्यान नहीं देते. यदि कभी मैं अच्छी तरह तैयार होती हूं, तो भी मुझे नोटिस नहीं करते और न ही कभी उनकी बातों में प्यार झलकता है.
स्मार्ट टिप: माना आपके पास बहुत काम व ज़िम्मेदारियां हैं, मगर रिश्ते की ताज़गी बनाए रखने के लिए आपका रोमांटिक बने रहना ज़रूरी है.

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दोस्तों के साथ ज़्यादा समय बिताना

कई पुरुष छुट्टी के दिन पहले ही दोस्तों के साथ प्लान बनाकर कहीं निकल जाते हैं या फिर उनके साथ कोई गेम खेलते रहते हैं. वे फैमिली के बारे में नहीं सोचते. ये भी नहीं सोचते कि पत्नी और बच्चों को उनके साथ की ज़रूरत है. ऐसे में पत्नी से बहस होना लाज़मी है.
स्मार्ट टिप: आपको दोस्तों के साथ ज़रूर एंजॉय करना चाहिए, मगर पत्नी और बच्चों के प्रति अपनी ज़िम्मेदारी भी याद रखें. अब ये आप पर है कि आप दोस्तों व परिवार के बीच बैलेंस कैसे बनाते हैं.

 

पैरेंट्स के आने पर मायूस दिखना

पति-पत्नी के बीच लड़ाई की ये भी एक वजह होती है. आमतौर पर पति को लगता है कि उसके माता-पिता या रिश्तेदारों के आने पर पत्नी ख़ुश नहीं होती, वो मुंह लटकाए सब काम करती है. इसी तरह पत्नी को ये शिकायत रहती है कि उसके मायकेवालों के आने पर पति ख़ुश नहीं होते. बस, इसी बात पर हो जाती है दोनों के बीच तू-तू, मैं-मैं.
स्मार्ट टिप: दोनों यदि एक-दूसरे के पैरेंट्स को अपना समझें और उनका दिल से स्वागत करें, तो सारी परेशानी दूर हो जाएगी.

 

आज फिर से वही खाना

महिलाओं के लिए, ख़ासकर कामकाजी महिलाओं के लिए रोज़ाना लंच और डिनर में क्या बनाएं ये तय करना बहुत मुश्किल काम होता है. कई बार वो समझ नहीं पातीं कि क्या बनाएं और एक ही डिश रिपीट कर देती हैं, तो पति महोदय का मुंह बन जाता है, ङ्गङ्घये क्या, आज भी वही बोरिंग खाना बनाया है तुमने, कुछ और नहीं बना सकती थी?फफ पति की ऐसी बातों पर अक्सर दोनों के बीच बहसबाज़ी शुरू हो जाती है.
स्मार्ट टिप: पति महोदय को ये समझना चाहिए कि हो सकता है, पत्नी थक गई हो या उसका मूड ठीक न हो, इसलिए डिश रिपीट कर दी. अतः इस बात को तूल देने की बजाय नज़रअंदाज़ करना चाहिए.

सेक्स प्रॉब्लम्स- उनकी बॉडी अब मुझे आकर्षित नहीं करती (Sex Problems- I Am No Longer Attracted To Him)

Sex Problems
Sex Problems
उनकी बॉडी अब मुझे आकर्षित नहीं करती

मुझे लगता है सेक्सुअल डिज़ायर को लेकर मैं एक सामान्य लड़की हूं, लेकिन पिछले दो सालों से मैं अपने पति के प्रति आकर्षण महसूस नहीं कर रही. जबकि वो अच्छे इंसान हैं, लेकिन उनकी बॉडी अब मुझे आकर्षित नहीं करती. क्या यह समस्या दवाओं से ठीक हो सकती है या मुझे काउंसलर की मदद लेनी होगी?

– ईला पारिख, भुज.

आपकी समस्या मैं समझ सकता हूं. बहुत-से लोगों में पार्टनर के प्रति शारीरिक आकर्षण का महत्व इतना नहीं होता, बल्कि आपसी प्यार व सामंजस्य अधिक ज़रूरी होता है और उनका रिश्ता काफ़ी अच्छा भी होता है, क्योंकि रिश्ते की नींव में तो प्यार, केयर व अपनेपन जैसी भावनाएं ही महत्वपूर्ण होती हैं. आपकी समस्या का समाधान काउंसलर के पास ज़रूर होगा, जिससे आप अपनी ज़िंदगी फिर से एंजॉय कर पाएंगी.

मेरे पति के बड़े भाई मुझसे कई बार सेक्स की ख़्वाहिश ज़ाहिर कर चुके हैं

मैं असमंजस में हूं, क्योंकि मेरे पति के बड़े भाई मुझसे कई बार सेक्स की ख़्वाहिश ज़ाहिर कर चुके हैं. मेरे पति बार-बार टूर या देश से बाहर जाते रहते हैं. मैं उन्हें उस समय काफ़ी मिस करती हूं और सेक्स की चाह होने पर भी अब तक मैंने अपने जेठजी को ख़ुद से दूर ही रखा है. क्या यह सही होगा अगर मैं अपने जेठजी के साथ सेक्स करूं? क्या इससे मेरी शादी व सेक्स लाइफ पर
असर पड़ेगा?

– उमा दुबे, गोरखपुर.

बेहतर होगा कि आप अपनी समस्या अपने पति के साथ या काउंसलर से डिसकस करें, ताकि अपनी शादी में आप कुछ बेहतर व हेल्दी सोच सकें. ज़ाहिर है आपके जेठ के अप्रोच पर आप असमंजस में पड़ जाती हैं, क्योंकि शायद आप भी कहीं न कहीं अपनी लालसा को रोक नहीं पा रहीं, लेकिन यह कंफ्यूज़न सही नहीं है. पति के बड़े भाई से ऐसा रिश्ता आपकी शादी को नुक़सान पहुंचाएगा, इसलिए सतर्क रहें.

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डॉ. राजीव आनंद
सेक्सोलॉजिस्ट
([email protected])

7 तरह के पुरुष जिन्हें महिलाएं पसंद करती हैं (7 Types Of Men Every Woman Wants)

Types Of Men

क्या आप बेहद स्मार्ट हैं? क्या आपके सिक्स पैक ऐब्स भी हैं? फिर भी कोई लड़की आपकी ओर ध्यान नहीं दे रही है, जबकि आपके साधारण से दिखनेवाले साथी की बेहद ख़ूबसूरत व आकर्षक गर्लफ्रेंड है. ऐसा क्यों? आइए जानते हैं पुरुषों की वो सात ख़ूबियां, जिन्हें महिलाएं पसंद करती हैं.

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बुद्धिमान पुरुष

ये समझदारीभरी बातें करते हैं. इनका सेंस ऑफ ह्यूमर कमाल का होता है. इनकी बातें, चाहे वो जोक्स, पॉलिटिक्स या दुनिया के किसी भी विषय पर हों, इतनी दिलचस्प होती हैं कि इन्हें हर कोई ध्यान से सुनना चाहता है. इनके साथ घंटों बैठकर भी कोई बोर नहीं होता.
क्यों करते हैं ये दिलों पर राज?
– किसी भी रिश्ते के संवरने में, इंटेलेक्चुअल कनेक्शन होना बेहद ज़रूरी है, अन्यथा रिश्ते बहुत जल्दी बोरिंग हो जाते हैं.
– वहीं दो बुद्धिमान लोगों के बीच रिश्ते ज़्यादा टिकते हैं.
– महिलाएं हमेशा से ही इंटेलिजेंट पुरुष की ओर आकर्षित होती रही हैं.

आत्मविश्‍वासी पुरुष

ऐसे पुरुष मज़बूत इरादों के होते हैं. इन्हें ख़ुद पर पूरा भरोसा होता है. ये कभी इनसिक्योर नहीं होते. इनकी बातों व व्यवहार से ही पावर और कंट्रोल झलकता है. ये दूसरे पुरुषों से ईर्ष्या नहीं रखते, बल्कि इन्हें तो पत्नी के मेल कलीग या दोस्तों से भी ख़तरा महसूस नहीं होता. इनका आत्मविश्‍वास भरा डॉमिनेटिंग नेचर महिलाएं पसंद करती हैं.
क्यों करते हैं ये दिलों पर राज?
– महिलाएं आत्मविश्‍वासी पुरुषों की तरफ़ अधिक आकर्षित होती हैं.
– इन पर आसानी से भरोसा कर लेती हैं.
– ऐसे पुरुष किसी भी बात में महिलाओं पर निर्भर नहीं रहते.
– ख़ुद के निर्णय ख़ुुद लेते हैं.
– महिलाओं पर अपने निर्णय नहीं लादते और उन्हें भी काफ़ी आज़ादी देते हैं.
– बस, यही बातें महिलाओं को उनका मुरीद बना देती हैं.

आर्टिस्टिक पुरुष

आर्टिस्टिक पुरुष स्पॉन्टेनियस होते हैं और वे उसी पल में जीना पसंद करते हैं. ऐसे पुरुष अपने आर्टिस्टिक अंदाज़ व क्रिएटिविटी से महिलाओं को प्रभावित करते रहते हैं, जैसे- अपनी गर्लफ्रेंड के लिए पेंटिंग बनाना या उस पर गाने लिखना. महिलाओं को यह सब बहुत अच्छा लगता है.
क्यों करते हैं ये दिलों पर राज?
– हर महिला ख़ुद को सबसे अलग और ख़ास समझती है.
– जब आर्टिस्टिक पुरुष कहते हैं कि तुम मेरी प्रेरणा हो, तो वे भावुक हो जाती हैं.
– पुरुषों के दिलो-दिमाग़ पर ख़ुद के हावी होने का एहसास उन्हें सुख से भर देता है.

विदेशी या दूसरी संस्कृति से आए पुरुष

महिलाओं को इस तरह के पुरुष बहुत पसंद आते हैं. उनके बोलने का लहज़ा और दुनिया देखने का अलग अंदाज़ इन्हें आकर्षित करता है. महिलाओं को इनके रीति-रिवाज़ और रोज़मर्रा का व्यवहार भले ही थोड़ा अजीब लगता हो, परंतु वे इनकी इतनी दीवानी होती हैं कि इन बातों को अनदेखा कर देती हैं.
क्यों करते हैं ये दिलों पर राज?
– ऐसे पुरुष जो जिज्ञासु प्रवृत्ति के होते हैं, लड़कियों को अच्छे और लुभावने लगते हैं.
– कई बार इनका विदेशी होना लड़कियों को आकर्षित करता है.
– अलग संस्कृति में पले-बढ़े होना और नए कल्चर को जानना इनके क़रीब लाता है.

बिंदास पुरुष

अक्सर महिलाएं बिंदास टाइप के पुरुषों की ओर जल्दी आकर्षित होती हैं. इनके एडवेंचर्स, चाहे वो बाइक चलाना हो, ऑफिस से भागकर मिलने आना हो या कुछ बिंदास काम… कुछ महिलाएं इन अदाओं पर लट्टू हो जाती हैं.
क्यों करते हैं ये दिलों पर राज?
– महिलाएं सोचती हैं कि ऐसे पुरुष दुनिया में अन्य किसी चीज़ की नहीं, बल्कि उनकी परवाह करते हैं.
– अक्सर इसी बात से वे ख़ुश हो जाती हैं.
– बिंदास पुरुषों का बोल्ड स्टाइल उन्हें लुभा जाता है.

सेंसिटिव पुरुष

इस तरह के पुरुष महिलाओं की भावनाओं को समझते हैं और उन्हें मान-सम्मान देते हैं. ऐसे पुरुष आपके लिए कार का दरवाज़ा खोलते हैं, डिनर पर कुर्सी ऑफर करते हैं और डिनर का बिल भी चुकाते हैं. वे इस बात का पूरा ख़्याल रखते हैं कि आपको कोई असुविधा न हो.
क्यों करते हैं ये दिलों पर राज?
– महिलाओं को उनकी रिस्पेक्ट करनेवाली और स्पेस देनेवाली आदत अच्छी लगती है.
– वे जानती हैं कि ज़िंदगीभर साथ निभाने के लिए इस तरह के गुणोंवाला पुरुष होना चाहिए, इसीलिए वे इनकी ओर आकर्षित होती हैं.

रोमांटिक पुरुष

इस तरह के पुरुष रोमांस में विश्‍वास करते हैं और थोड़े फिल्मी होते हैं. वे अपनी गर्लफ्रेंड के लिए हमेशा फूल, बुके या चॉकलेट लेकर आते हैं. कैंडल लाइट डिनर करवाते हैं.
बार-बार फोन करते हैं और अक्सर यह एहसास कराते हैं कि आप हमेशा उनके ख़्यालों में रहती हैं और वे आपको भूल ही नहीं पाते.
क्यों करते हैं ये दिलों पर राज?
– महिलाएं अपनी तारीफ़ सुनना पसंद करती हैं.
– वे ख़ुद को ख़ास समझती हैं और रोमांटिक पुरुष यही एहसास उन्हें कराते हैं.
– महिलाएं उनके रोमांटिक अंदाज़ पर मर मिटती हैं.

– डॉ. सुषमा श्रीराव

पहला अफेयर: प्यार जो दर्द दे गया… (Pahla Affair: Pyar Jo Dard De Gaya)

Pahla Affair

Pahla Affair

पहला अफेयर: प्यार जो दर्द दे गया… (Pahla Affair: Pyar Jo Dard De Gaya)

जैसे ही माधुरी के पति ने दरवाज़ा खोला- आदेश को सामने पाकर माधुरी के होश उड़ गए. वही लंबा-चौड़ा क़द, वही नैन-नक्श, हां उम्र ने उसके कनपटियों के पास के बालों को भूरा बना दिया था. उफ़! तो यह है निमेश का पिता, जिसे वह अपने समधी के रूप में देखना चाह रही थी. वह माज़ी के सागर में गोते खाने लगी. बीते कल की एक-एक घटना चलचित्र की तरह माधुरी के मानस पटल पर उतरने लगी. उसका अतीत अपनी परतें उधेड़ता चला गया… आक्रोश और पीड़ा की अजीब-सी कशमकश में उसका मन दर्द से कराह उठा…

न पूछो कैसे-कैसे निभाते रहे हम,
था आंखों में आब और हंसने का नाटक किए रहे!

यदि उसके पति दिनेश उसे सहारा देकर न थामते, तो वहीं गश खाकर शायद गिर जाती वो. काफ़ी समय बाद होश में आने पर अपने को कमरे में पलंग पर पाया. उसके सवालों की नाव फिर डगमगाने लगी.

उफ़! व़क्त ने यह कैसा बेहूदा मज़ाक किया है उसके साथ. माधुरी के पति उसे होश में आया देख बोले, “मधु, तुम आराम करो, मैं चाय लेकर अभी आया. हां, मैंने लड़केवालों को अभी एक हफ़्ते के लिए टाल दिया है.” ‘लड़केवाले…’ उफ़! ये अल्फ़ाज़ उसे हज़ारों बिच्छुओेंं-सा डंक मार गया था. क्या वह आदी को इतने सस्ते में माफ़ कर पाएगी? ऐसे कई सवाल नागफनी से उठ खड़े हुए. कैसा विधि का विधान है…!

रात हो चली थी. सन्नाटा पसर चुका था. मधु ने अपने आप को 28 साल पीछे धकेला. ज़ेहन में फिर से यादों का सैलाब उमड़ चला, जहां बेइंतहा ख़्वाबों के झरोखे, झरोखों से झांकते हंसी-ठहाके, नई दुनिया के सपने, आसमान को छूनेवाली उड़ानें थीं… पर जीवन के इस पड़ाव पर, जब वह अपना अतीत पीछे छोड़ आई है, उसे व़क्त ने झंझोड़ा है.

क्या इस मोड़ पर आकर आदी से प्रतिशोध लेना वाजिब होगा? माधुरी जानती है, आदी से परिचय, दोनों का इंटरनेट पर विचारों का आदान-प्रदान और फिर एक संग जीवन जीने के न जाने कितने सपने बुन डालना… लेकिन आदी की शादी की ख़बर ने तमाम सपनों को एक ही झटके में उधेड़ दिया था. क्यों वह अपनी बेटी स्वाति को बदले के हवनकुंड में झोंक दे… उसका सिर फटने लगा था. नहीं-नहीं… वह ऐसा नहीं होने देगी. आदी दोषी है, तो वही भुगतेगा… और वह सिसकियों में डूब गई.

सिसकने की आवाज़ मैं साफ़ सुन रही,
लोग कहते हैं घर में दूसरा कोई नहीं…

अगली सुबह उसके अहम् ़फैसला सुनाने का व़क्त था. वह तैयार होकर आईने के सामने खड़ी हुई- ख़ुद को भरपूर निहारा… सोचने लगी कि ऐसी क्या कमी थी उसमें, जो आदी ने… छी:… उसे अब इस नाम से भी घृणा हो रही थी. अब उसे ही जलने दो अग्नि कुंड में. आदी के जीवन में भी तो एक भूकंप आया था, जिसने उसके घरौंदे को तहस-नहस कर दिया था. वो अपनी करनी का फल भुगत ही रहा था.

एक गहरी सांस लेकर उसने कहा, “यहीं रिश्ता तय कीजिए, मेरी तरफ़ से हां समझें.”

– मीरा हिंगोरानी

रिश्ते से डिलीट करें इन 10 आदतों को (10 Habits Happy Couples Must Delete for Happy Relationship)

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पति-पत्नी का रिश्ता प्यार, विश्‍वास और अपनेपन से मज़बूत बनता है, पर अगर पति-पत्नी की कुछ बुरी आदतें रिश्ते को नुक़सान पहुंचाने लगें, तो ऐसी आदतों को तुरंत डिलीट कर देना चाहिए, वरना गृहस्थी की गाड़ी को डगमगाने में देर नहीं लगती.

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आदत- बातें छिपाना या झूठ बोलना

शादीशुदा ज़िंदगी में अक्सर पति-पत्नी एक-दूसरे से कई बातें छुपाते हैं, बहाने बनाते हैं और अपनी ग़लतियों को छुपाने के लिए अक्सर झूठ भी बोलते हैं, पर हमें यह एहसास ही नहीं होता कि ये छोटे-छोटे झूठ हमारे रिश्ते को नकारात्मक रूप से प्रभावित करते हैं. और सबसे बड़ी बात कि ये आपके रिश्ते से विश्‍वास को ख़त्म कर देते हैं.
डिलीट करें: अगर आपसे कोई ग़लती हुई है, तो झूठ बोलने की बजाय उसे मान लें. पार्टनर को इस बारे में बताएं, भले ही उस समय पार्टनर आपसे ग़ुस्सा होगा, लेकिन आपकी बात को ज़रूर समझेगा और सबसे बड़ी बात आपके रिश्ते में हमेशा विश्‍वास बना रहेगा.

आदत- बदलने की कोशिश करना

यह एक बहुत ही ख़तरनाक आदत है. कभी-कभी तो लगता है कि लोग एक-दूसरे को सुधारने के मक़सद से ही शादी करते हैं, ख़ासकर नए शादीशुदा जोड़े, जो सब कुछ अपने मुताबिक़ चाहते हैं. याद रहे, आपकी यह आदत पार्टनर को ग़ुस्सा दिलाने और चिड़चिड़ा बनाने के लिए काफ़ी है, जो आपके रिश्ते के लिए बिल्कुल भी ठीक नहीं.
डिलीट करें: शादी का मतलब एक-दूसरे को अपने मुताबिक़ ढालना नहीं, बल्कि ज़रूरत के मुताबिक़ ढल जाना है. आपको यह बात समझनी होगी कि आप दोनों ही अब तक अलग-अलग माहौल में पले-बढ़े हैं, जिससे आपकी आदतें भी काफ़ी अलग हैं, पर इसका यह बिल्कुल मतलब नहीं कि आपकी आदतें अच्छी हैं और उनकी ग़लत. अपने रिश्ते को थोड़ा समय दें और एक-दूसरे को समझने की कोशिश करें.

आदत- फॉर ग्रांटेड लेना

अक्सर शादी के कुछ सालों बाद लोग अपने रिश्ते को फॉर ग्रांटेड लेने लगते हैं. फॉर ग्रांटेड लेना यानी पार्टनर व रिश्ते के प्रति
लापरवाही भरा रवैया अपनाना, उसके त्याग-समर्पण को महत्व न देना आदि. आपका यह रवैया आपके पार्टनर के मन में आपके लिए चिढ़ और ग़ुस्से के अलावा कुछ और नहीं लाएगा.
डिलीट करें: अपने रिश्ते को इससे बचाना आपकी ज़िम्मेदारी है. पार्टनर जब भी आपके लिए कुछ स्पेशल करता है या आपकी किसी समस्या को बिना कहे सुलझा देता है, तो ङ्गथैंक्यूफ कहकर उसे प्रोत्साहित करें और कोशिश करें कि आप भी समय-समय पर कुछ ऐसा करें, जिससे आपके रिश्ते में हमेशा गर्माहट बनी रहे.

आदत- बातचीत से उठकर चले जाना

अक्सर पार्टनर्स अपनी बात कहकर, सामनेवाले की बात बिना सुने वहां से हट जाते हैं. उन्हें लगता है कि इससे वो बहस को टाल रहे हैं, पर वो यह नहीं जानते कि अपने पार्टनर को अपनी बात रखने का मौक़ा न देकर, वो उसके साथ ज़्यादती कर रहे हैं. ऐसा करने से पार्टनर को बुरा लग सकता है, जिससे वो अगली बार किसी भी मुद्दे पर अपनी बात रखना बंद कर सकता है. इससे रिश्ते में खटास आती है, जो आपके रिश्ते को बिगाड़ सकती है.
डिलीट करें: पति-पत्नी के बीच यह एक नियम होना चाहिए कि जब भी एक किसी समस्या या मुद्दे पर अपनी बात रख रहा हो या सफ़ाई मांग रहा हो, तो दूसरा उसे सुनेगा और उस पर अपनी राय रखेगा और किसी भी हाल में वहां से उठकर नहीं जाएगा. यह नियम आपकी हर समस्या को सुलझा देगा. इस ख़्याल को दिमाग़ से निकाल दें कि उठकर चले जाने से आप बात को ख़त्म कर रहे हैं, बल्कि आप उसे और बढ़ा रहे हैं.

आदत- हर बात में तुलना करना

तुलना किसी को भी अच्छी नहीं लगती, क्योंकि हर व्यक्ति अपनी समझ व क्षमतानुसार काम व व्यवहार करता है, पर कुछ लोगों की आदत होती है, हर बात में पार्टनर की तुलना अपने दोस्तों, पड़ोसी या कलीग्स से करने की. हमेशा तुलना का मकसद पाटर्नर को नीचा दिखाना ही नहीं होता है, बल्कि जाने-अनजाने की गई तुलना भी किसी के आत्मविश्‍वास को कमज़ोर कर सकती है. इसलिए इस तुलनात्मक आदत से अपने रिश्ते को कमज़ोर न होने दें.
डिलीट करें: किसी भी रिश्ते की मज़बूती दो लोगों के मान-सम्मान से बनती है, पर अगर आपके पार्टनर का आत्मविश्‍वास ही कमज़ोर हो, तो भला वह अपने रिश्ते को क्या मज़बूती देगा. पार्टनर का मान-सम्मान आपकी ज़िम्मेदारी है, इसे निभाएं और हर बात में किसी और से तुलना करना छोड़ दें.

आदत- पार्टनर पर नज़र रखना

पार्टनर के मोबाइल में कॉल लॉग चेक करना, सभी मैसेजेस पढ़ना, ईमेल और सोशल नेटवर्किंग साइट्स पर नज़र रखना कुछ लोगों की आदत होती है. इस तरह नज़र रखने का मतलब है कि आप अपने पार्टनर पर शक कर रहे हैं और आपको उन पर विश्‍वास नहीं. ऐसा करके आप अपने पार्टनर के विश्‍वास को तोड़ते हैं, जो आपके रिश्ते के लिए ठीक नहीं.
डिलीट करें: पार्टनर पर नज़र रखने से पहले यह ध्यान रखें कि हर व्यक्ति का अपना पर्सनल स्पेस होता है, जिसमें अतिक्रमण किसी को भी पसंद नहीं आता. आपको हर व़क्त सैटेलाइट बनकर घूमने की ज़रूरत नहीं, अपने पार्टनर पर विश्‍वास करना भी सीखें. कुछ लोग एहतियात के तौर पर ऐसा करते हैं, ताकि समय रहते अपने रिश्ते को संभाल सकें, पर अक्सर बेवजह का शक रिश्तों को बर्बाद कर देता है. अगर आपके मन में कोई बात है, तो जासूसी करने की बजाय पार्टनर से आमने-सामने बैठकर बात करें.

आदत- दूसरों के सामने बेइज़्ज़ती करना

दूसरों के सामने ख़ुद की अहमियत बढ़ाने के लिए पार्टनर की बेइज़्ज़ती करना एक बचकानी आदत है. इसका इस्तेमाल ज़्यादातर पुरुष करते हैं, पर महिलाएं भी इस मामले में पीछे नहीं. ऐसा करनेवाले पार्टनर्स अक्सर यह भूल जाते हैं कि उनकी इस आदत को लोग उनके रिश्ते की असफलता मानते हैं.
डिलीट करें: पति-पत्नी का व्यवहार घर-बाहर एक समान होना चाहिए. आप एक-दूसरे का सम्मान जितना घर में करते हैं, उतना ही दूसरों के सामने भी करें. अगर कभी मन-मुटाव भी हो गया है, तो उसे अपने घर के बाहर न ले जाएं. दूसरों के सामने हमेशा अपने पार्टनर की तारीफ़ करें, पर अगर यह नहीं कर सकते, तो कम से कम ऐसी बात न कहें, जिससे उन्हें बेइज़्ज़ती महसूस हो.

आदत- हर व़क्त कमियां गिनाना

आप किसी काम के नहीं हो,फ ङ्गआपने ऐसा क्यों किया,फ ङ्गआपको कुछ आता भी है,फ जैसे उलाहनों से अपने पार्टनर की कमियां गिनाना बहुत ग़लत आदत है. पार्टनर में कमियां और ख़ामियां निकालना बहुत आसान है, पर उनकी ख़ूबियों को पहचानकर उनकी तारीफ़ करना बहुत मुश्किल.
डिलीट करें: पति-पत्नी का फज़र्र् एक-दूसरे की कमियां गिनाना नहीं, बल्कि उन कमियों के साथ अपनाना है. आख़िर कमियां किसमें नहीं होतीं, इस दुनिया में कोई भी परफेक्ट नहीं है. हम सबमें कुछ न कुछ कमी है. शादी का मतलब ही होता है, पार्टनर को उसकी ख़ूबियों और कमियों के साथ अपनाना, फिर शिकायत किस बात की. पार्टनर की कमियां गिनाने से पहले ख़ुद का आकलन भी कर लें. अगर आप परफेक्ट नहीं, तो भला दूसरों से ऐसी उम्मीद क्यों.

आदत- इमोशनल ब्लैकमेल करना

अपने पार्टनर को इमोशनली ब्लैकमेल करना कुछ लोगों की आदत में शुमार होता है. अक्सर अपनी ज़िद मनवाने के लिए कपल्स इसका इस्तेमाल करते हैं. ङ्गङ्घअगर आप मुझसे प्यार करते हैं, तो ऐसा ज़रूर करेंगे…फफ जैसी इमोशनल बातों से अपनी ज़िद मनवाते हैं. अपनी बात को मनवाने के लिए कभी रोना-धोना, तो कभी सेक्स को हथियार की तरह इस्तेमाल करते हैं.
डिलीट करें: अपने पार्टनर को इमोशनली ब्लैकमेल करके भले ही आप अपनी बात मनवा लेते हैं, पर इससे पार्टनर आपको ज़िद्दी और स्वार्थी समझने लगता है. उनके मन में अपनी ऐसी छवि न बनने दें और जल्द से जल्द अपनी इस आदत को डिलीट करें.

आदत- स़िर्फ अपने बारे में सोचना

मेरी पसंद, मेरी आदतें, मेरा विचार, मेरा रहन-सहन, मेरा कंफर्ट… जैसी बातें आपके वैवाहिक जीवन के लिए उचित नहीं. अपने बारे में सोचना अच्छी आदत है, पर स़िर्फ अपने बारे में सोचकर पार्टनर को तवज्जो न देना सही नहीं है, जो आपके वैवाहिक जीवन को भी प्रभावित करता है. शादी का मतलब पहले स़िर्फ मैं नहीं, बल्कि हम होता है, इस बात को समझें.
डिलीट करें: ध्यान रखें, वैवाहिक जीवन दो लोगों से जुड़ा रिश्ता है. शादी में कई समझौते करने पड़ते हैं, इसलिए हमेशा ख़ुद को आगे रखने की बजाय, अपने रिश्ते को आगे रखें, जिससे आपकी शादीशुदा ज़िंदगी हमेशा ख़ुशहाल बनी रहे.

– सुनीता सिंह

शादी से पहले ज़रूर पूछें ये 6 Important फाइनेंशियल सवाल(6 Most Important Money Talk You Need to Have Before Marriage)

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शादी जीवन का सबसे अहम् फैसला होता है, जहां नए लोग, नए घर के साथ ही वैवाहिक ज़िंदगी के रूप में लड़कियों के लिए जीवन की एक नई शुरुआत भी होती है. उन्होंने भले ही अपना करियर बना लिया हो, आत्मनिर्भर हो गई हों, पर विवाह से पहले, उनके मन में भविष्य की आर्थिक सुरक्षा को लेकर कई सवालों की कशमकश चलती रहती है. आइए जानते हैं, शादी से पहले मन में आनेवाले फ़ाइनेंशियल लाइफ़ से जुड़े 6 महत्वपूर्ण सवालों के बारे में.

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ज्वॉइंट अकाउंट खुलवाएं या अलग?

– शादी से पहले लड़कियों को सबसे ज़्यादा जो सवाल परेशान करता है, वह यह कि शादी के बाद दोनों ही अपना अलग-अलग सेविंग अकाउंट खोलें या ज्वॉइंट अकाउंट रखें.
– ज्वॉइंट अकाउंट की तरफ़ लड़कियों का झुकाव ़ज़्यादा होता है, क्योंकि वे सोचती हैं कि जब सब कुछ एक है, तो अकाउंट भी एक ही होना चाहिए.
– इसमें सबसे बड़ा फ़ायदा यह होता है कि यदि कभी अचानक पैसे की ज़रूरत पड़ जाए और दोनों में से एक व्यक्ति बाहर गया हो, तो दूसरे के साइन से पैसे निकाले जा सकते हैं और काम नहीं रुकता.
– लेकिन कई बार इसमें पैसों के हिसाब में गड़बड़ी होने से संबंधों में दरार आने का ख़तरा भी होता है.
– ऐसे में समझदारी इसी में है कि ज्वॉइंट अकाउंट खुलवाने के साथ-साथ, ख़ुद का एक अलग सेविंग अकाउंट भी खुलवाएं.
– यदि आप कामकाजी हैं, तो सैलरी का कुछ हिस्सा उसमें जमा कर सकती हैं, पर यदि हाउसवाइफ़ हैं, तो घर ख़र्च से की गई कुछ बचत उसमें जमा कर सकती हैं और ज़रूरत के वक़्त निकाल सकती हैं.
– ध्यान रहे कि अकाउंट का नॉमिनी जीवनसाथी को ही बनाएं.

उधार या लोन शेयर करूं या नहीं?

– शादी के बाद भावनात्मक रूप से भले ही ङ्गतेरे दुख अब मेरेफ की क़समें ली गई हों, पर जब उधार या लोन चुकाने की बारी आती है, तो कई बार सोच बदल जाती है.
– ऐसे में ख़ुद से सवाल करें कि क्या आप पार्टनर के ख़र्च को अपने अकाउंट से देने के लिए आर्थिक रूप से समर्थ या
तैयार हैं?
– यदि आप जवाब ङ्गहांफ चुनती हैं, तो आपको अपना इनवेस्टमेंट पोर्टफोलियो फिर से बनाना चाहिए.
– साथ ही यह भी देखना होगा कि आपका यह निर्णय आपके लक्ष्य को और आपके सपनों को प्रभावित न करे.

उत्तरदायित्व की ज़िम्मेदारी लें या नहीं?

– कई लोग उत्तरदायित्वों की ज़िम्मेदारी हंसी-ख़ुशी ले लेते हैं, तो कई लोग मुकर जाते हैं और ज़्यादातर लोग बीच का रास्ता चुनते हैं. ये सब बातें हमारी लाइफ़स्टाइल, परवरिश और मनी मैटर्स पर निर्भर करती हैं.

– यदि दोनों पार्टनर्स उत्तरदायित्वों के मामले में एकमत नहीं होते, तो भविष्य में कई अहम् निर्णय लेने में उन्हें समस्याएं आ सकती हैं, जैसे- कार के लिए लोन, बच्चों की पढ़ाई के लिए लोन, रिटायरमेंट के लिए निवेश या दूसरा घर ख़रीदने के लिए निवेश आदि.
– बेहतर होगा कि इन सब बातों के बारे में अच्छी तरह सोच-समझकर आपस में डिसकस करें और अपनी ज़िम्मेदारी उठाएं.

क्या पति-पत्नी दोनों का इंश्योरेंस करवाना चाहिए?

– अक्सर पति के लाइफ़ इंश्योरेंस को अधिक महत्व दिया जाता है.
– लेकिन इस बात का भी ख़्याल रखें कि पत्नी भी सभी चीज़ों में बराबर की हिस्सेदार होती है. अतः उसकी ज़िंदगी को सुरक्षित बनाना भी उतना ही महत्वपूर्ण है.
– इसलिए एक सही इंश्योरेंस पॉलिसी लेना बहुत ज़रूरी होता है.

क्या हेल्थ पॉलिसी या मेडिक्लेम करवाना चाहिए?

– शादी के तुरंत बाद हेल्थ पॉलिसी अवश्य लें.
– जितनी जल्दी यानी कम उम्र में पॉलिसी लेंगे, प्रीमियम उतना ही कम देना पड़ेगा.
– इसके अलावा पत्नी की मेडिक्लेम पॉलिसी भी ली जा सकती है. इससे मेटरनिटी और मेडिकल संबंधी ख़र्च भी आसानी से कवर हो जाते हैं.

क्या हर जगह पार्टनर को नॉमिनी बनाना होगा या वसीयत बदलनी होगी?

– शादी के बाद काफ़ी वक़्त तो घूमने-फिरने, मौज-मस्ती में निकल जाता है और नॉमिनीवाली बात याद ही नहीं रहती.
– इन बातों में देरी न करें. ऑफ़िस के प्रॉविडेंट फंड, बैंक अकाउंट्स और अन्य इनवेस्टमेंट वाली जगहों पर, जहां पहले आपने परिवार के किसी अन्य सदस्य को नॉमिनी बनाया है, उपयुक्त जगहों पर बदलकर पार्टनर का नाम डलवा दें.
– कई बार नॉमिनी बदलने में होनेवाली देरी अनेक परेशानियों को जन्म दे सकती है.
– यदि कभी कोई दुर्घटना घट जाए, तो पत्नी को पैसे नहीं मिल पाते, जिसकी वह हक़दार है. अतः इस काम को प्राथमिकता देते हुए पहले करें.
– यदि दूसरा विवाह है, तो यह सोचना होगा कि पहले विवाह से हुए बच्चों को उनका हक़ मिल सके और नए फैमिली मेंबर्स के साथ भी अन्याय न हो. अतः हरेक निर्णय सोच-समझकर लें.
बेहतर होगा कि मन में उठ रहे हर सवाल का जवाब पहले ख़ुद से मांगें और फिर खुले दिल से पार्टनर के साथ डिसकस करें और तभी अपनी फ़ाइनेंशियल प्लानिंग करें.

पहला अफेयर: प्यार की दास्तान (Pahla Affair: Pyar Ki Dastaan)

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Pahla Affair

पहला अफेयर: प्यार की दास्तान (Pahla Affair: Pyar Ki Dastaan)

व़क्त का सफ़र… हर क़दम पर अपने अक्स छोड़ता चला गया. कभी याद बनकर… कभी तुम्हारी शोख़ियां… कभी रंजिशें… कभी तक़रार, तो कभी तुनकमिज़ाजी और कभी नज़दीकियों के पल… मुझे उस कल की याद दिला रहे हैं, जिसे मैंने कभी कल नहीं होने दिया… स़िर्फ आज और आज तक ही उसे सीमित रखा है. तुम्हारे साथ बिताया हर पल, हर लम्हा इस कदर संजोया है मैंने, जैसे कल की ही बात है…!

लेकिन कई बार ऐसा भी मुक़ाम आता रहा, जब तुम्हें कोई नहीं समझ सका और इस बार तो तुमने हद ही कर दी… हर वर्ष की तरह हमारे कॉलेज में वार्षिक समारोह का आज समापन दिवस था, साथ ही इस कॉलेज में हमारा अंतिम वर्ष भी था. स्टेज के सामने हॉल में दर्शकदीर्घा की पहली पंक्ति में वीआईपी अतिथियों के साथ तुम्हारे परिवार के लोग बैठे हुए थे. इसी पंक्ति के आख़िरी कोने में एक खंभे का सहारा लिए मैं भी वहां खड़ा था. आज कार्यक्रम के अंत में तुम्हें एक क्लासिकल गीत प्रस्तुत करना था और हाथ में माइक लिए जब तुम स्टेज पर आई, तो वहां मुझे इस तरह अकेला खड़ा देखकर न जाने अचानक तुम्हें क्या सूझा, जो अपना एक हाथ उठाकर मेरी ओर इशारा करते हुए बड़ी बेबाक़ी के साथ तुम गा उठी थी…

“बहुत प्यार करते हैं तुमको सनम
क़सम चाहे ले लो ख़ुदा की क़सम…”

मेरी ओर इस तरह इशारा करके सरेआम मेरे प्रति जिस तरह अपने प्यार का तुमने इज़हार कर डाला, वो हम सबके लिए बड़ा ही अप्रत्याशित था. उस समय सबकी नज़रें मेरी ओर उठी हुई थीं… और यह देख तुम्हारे पिताजी का सिर शर्म से झुकता चला गया… वे स़िर्फ तुम्हारे पिता ही नहीं, बल्कि हमारे इस कॉलेज के प्रिंसिपल भी थे. उस समय उनकी वो दशा देख मैं इस क़दर आहत हुआ कि वहां एक पल भी खड़े रहना मेरे लिए मुश्किल हो गया था.

वे हमेशा से मेरे लिए पिता समान थे. इस कॉलेज का सबसे मेधावी छात्र होने के कारण उनके स्नेह का पात्र होना मेरे लिए बड़े गौरव की बात थी. लेकिन इस अप्रिय घटना ने मुझे इस क़दर विचलित कर दिया था कि वहां किसी को बताए बिना मैं अपनी दादी के पास अपने पैतृक शहर चला आया. आज एक माह हो गया मुझे यहां… और हर दिन यह महसूस होता है, जैसे सब कुछ बिखर गया. ज़िंदगी वहीं ठहर गई, जहां सब कुछ खो गया. बस, मैं ही बेवजह चलता गया… चलता ही गया… इतना चला कि जब मुड़कर देखा, तो पाया तुम कहीं थी ही नहीं…! लेकिन विगत कई दिनों से बार-बार ये भी एहसास होने लगता था कि तुम्हारे क़दम मुझ तक पहुंचने के लिए उठ चुके हैं और देखो मेरा यह एहसास कितना सच था.

आज सुबह तुम्हारा एसएमएस आया कि आज दोपहर दो बजे की ट्रेन से तुम आ रही हो. और फिर ट्रेन के आते ही तुम मेरे सामने थी. आज भी तुम उतनी ही ख़ूबसूरत लग रही थी, जितनी पांच साल पहले… अपनी पहली मुलाक़ात में तुम्हें देखते ही मेरा दिल मुझसे ख़ुदा हाफ़िज़ कहकर तुम्हारे पास चला गया था. शायद तुम-सा हसीन दुनिया में कोई और नहीं था. तुम्हारी ख़ूबसूरती तो वैसी ही थी आज भी, लेकिन आज तुम वो पहलेवाली रेणुका भी नहीं लग रही थीं. तुम्हारा वो शोख़ अंदाज़, वो सारे तेवर और आंखों की वो कशिश, जो तुम्हारे सौंदर्य का सबसे बड़ा आकर्षण थीं, नज़र नहीं आ रही थी. आज

तुम्हारी उन आंखों में स़िर्फ गिले-शिकवे थे, जो मुझसे कह रहे थे…‘क्या कोई इस तरह भी चला आता है?’ और फिर तुम्हारी आंखें नम होती चली गईं… तुम्हारी ऐसी दशा देख बहुत दुखी होकर जब तुम्हें अपने हृदय से लगा लिया, तो मेरे सीने में अपना मुंह छिपाकर तुम्हारे कांपते होंठों के स्पर्श कह गए प्यार की वो दास्तान, जिसे समझने को एक पल बहुत है… पर एक ज़िंदगी भी कम है…!!!

– विजय दीप राजवानी