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सेक्स प्रॉब्लम्स- पति के सेक्सुअल रिक्वेस्ट से असहज महसूस करती हूं… (Sex Problems- Uncomfortable With Husband’s Sexual Request…)

Uncomfortable With Husband's Sexual Request

 

Uncomfortable With Husband's Sexual Request

मेरे पति 45 साल के हैं. उनकी अजीब-सी डिमांड है कि सेक्स के दौरान मैं उनसे डर्टी टॉक्स करूं. वो चाहते हैं कि उनकी बॉडी और प्राइवेट पार्ट्स को लेकर मैं सेक्सी अंदाज़ में कुछ अच्छा बोलूं, इससे उन्हें उत्तेजना महसूस होती है. मेरी समस्या यह है कि मुझे यह सब फनी लगता है, क्योंकि मैं उच्च शिक्षित परिवार से हूं और मेरे लिए यह करना आसान नहीं है. पति के सेक्सुअल रिक्वेस्ट से असहज महसूस करती हूं…

– प्रिया सुंदर, हैदराबाद.

ऐसे बहुत-से पुरुष हैं, जो एक ख़ास तरी़के से अधिक उत्तेजित होते हैं, इसी तरह से बहुत-सी महिलाएं भी हैं, जो ख़ास तरी़के से सेक्स या फोरप्ले करने पर अधिक उत्तेजना महसूस करती हैं. इसमें कुछ भी ग़लत नहीं है, जब तक कि आप दोनों इसे एंजॉय करें और किसी को हर्ट न हो. आप इसे सहजता से लेने का प्रयास करें और फ्लो के साथ जाएं, ताकि आपका पार्टनर भी बेस्ट दे सके और आप दोनों के निजी क्षण और भी रोमांचक हों.

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हमारी शादी को 18 साल हो चुके हैं. मेरे पति यूं तो मुझमें दिलचस्पी लेते हैं, लेकिन कभी-कभार मैं यह महसूस करती हूं कि वो मुझे नज़रअंदाज़ कर रहे हैं. हाल ही में मुझे पता चला है कि उनका अपने पुरुष असिस्टेंट के साथ अफेयर है. पूछने पर उन्होंने कहा कि वो बायसेक्सुअल हैं और इस अफेयर से मुझे कोई फ़र्क़ नहीं पड़ना चाहिए. मैं इस स्थिति को कैसे हैंडल करूं?

– माधवी आचार्य, मध्य प्रदेश.

समाज में 15% लोग ऐसे होते हैं, जिन्हें यदि मौक़ा मिले, तो वो बायसेक्सुअल हो सकते हैं. बेहतर होगा कि आप इसे अच्छा-बुरा या पाप-पुण्य के नज़रिए से न देखें. आपके पति आपसे प्यार करते हैं और आपका ख़्याल रखते हैं, यह अच्छी बात है. आप बहुत अधिक इस विषय पर न सोचें, वरना आपको मानसिक समस्या हो सकती है. इसे सहजता से लें.

डॉ. राजीव आनंद
सेक्सोलॉजिस्ट
([email protected])

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Amazing! सेक्स पावर बढ़ाने के 25 चमत्कारी फॉर्मूले (25 Homemade Tips To Boost Your Sex Power)

Homemade Tips To Boost Your Sex Power
रोज़मर्रा की भागदौड़ और स्ट्रेस हमारी सेक्सुअल लाइफ को भी प्रभावित कर रहा है, ऐसे में अपनी सेक्स लाइफ को हेल्दी रखने के लिए अपनाएं कुछ घरेलू नुस्खें और बढ़ाएं अपनी सेक्स पावर…

Homemade Tips To Boost Your Sex Power

1. 5-5 अखरोट, बादाम और मुनक्काइन सभी को हर रोज़ सुबह ख़ूब चबाचबाकर खाएं और ऊपर से एक ग्लास दूध पीएं. इस प्रयोग से सेक्सुअल पावर बढ़ने के साथसाथ शरीर भी मज़बूत होगा. यदि चाहें, तो उपरोक्त मात्रा को अपनी पाचन शक्ति के अनुसार घटाबढ़ा सकते हैं.

2. भोजन के साथ अथवा आधे घंटे बाद सोंठ, कालीमिर्च और छोटी पीपरि का सम भाग चूर्ण 3 ग्राम (एक टीस्पून) की मात्रा में सादे पानी के साथ सेवन करने से सेक्सुआलिटी में लाभ होता है.

3. वसंत कुसुमाकर रस की 2-2 गोली सुबहशाम दूध के साथ सेवन करने से नपुंसकता, इंद्रिय दुर्बलता, शुक्रक्षय आदि विकार दूर हो जाते हैं.

4. 20 ग्राम पिस्ता बारीक पिसा हुआ, 20 ग्राम मिश्री का चूर्ण, 5 ग्राम सोंठ का चूर्ण और 10 ग्राम शहद व 1 रत्ती भांगसभी को एक साथ मिलाकर (यह एक खुराक है) गर्म दूध के साथ सेवन करें. इस प्रयोग से केवल आठ दिनोें में ही सेक्स संबंधी कमज़ोरी व नपुंसकता से राहत मिलने लगती है.

5. 8-10 मुनक्का लेकर उसे रात को पानी में भिगो दें. सुबह उसे चबाकर खा लेें. शीघ्रपतन में लाभ होता है.

6. शतावर के रस का नियमित रूप से सेवन करने से सेक्सुअल कमज़ोरी दूर होती है.

7. तुलसी के बीज या जड़ को कूटपीसकर चूर्ण बना लें. संपूर्ण चूर्ण के बराबर पुराना गुड़ मिलाकर 3-3 ग्राम की गोलियां बना लें. 1-1 गोली सुबहशाम मीठे दूध के साथ 40 दिन तक सेवन करें. इससे सेक्सुअल पावर बढ़ता है.

8. 10 ग्राम प्याज़ का रस, 15 ग्राम शहद, 5 ग्राम घी और 10 ग्राम अदरक का रससबको एक साथ मिलाकर नियमित रूप से 21 दिन तक सुबह सेवन करें. इससे नपुंसकता दूर होती है और सेक्स पावर मेें वृद्धि होती है.

9. शतावर, अश्‍वगंधा, कौंच बीज, मूसली और गोखरूसभी को बराबर मात्रा में लेकर चूर्ण बनाकर रख लें. इसे 3 से 5 ग्राम की मात्रा में सुबहशाम दूध के साथ सेवन करें. यह नपुंसकता एवं यौन दुर्बलता को दूर करनेवाला उत्तम घरेलू नुस्ख़ा है.

10. तुलसी के बीज व जड़ एवं कौंच बीजतीनों को बराबर मात्रा में लेकर बारीक चूर्ण बनाकर रख लें. प्रतिदिन सुबह 5 ग्राम चूर्ण (लगभग एक चम्मच) खाकर ऊपर से एक ग्लास मीठा दूध पीएं. ऐसा नियमित डेढ़ महीने तक सेवन करने से नपुंसकता दूर हो जाती है और कामोत्तेजना बढ़ती है, लेकिन इसके सेवन काल में सेक्सुअल क्रिया से बचना चाहिए.

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Homemade Tips To Boost Your Sex Power

11. नपुंसकता को दूर करने और सेक्स क्रिया में उत्तेजना व शक्ति लाने के लिए कद्दूकस किए हुए नारियल में 4-5 बूंद बरगद का दूध व दो चम्मच शहद मिलाकर सेवन करें. अगर मक्खन मिल जाए, तो एक चम्मच उसे भी मिला लें. यह नुस्ख़ा 20-25 दिन तक इस्तेमाल करें. यदि इस दौरान सेक्स से बचकर रहेंगे, तो अधिक लाभ होगा.

12. 5 ग्राम काली मूसली का चूर्ण और आधा ग्राम वंगभस्म दोनों को थोड़ेसे शहद में मिलाकर सुबह खाली पेट और रात को सोने से पहले चाटकर सेवन करें. इससे शीघ्रपतन की शिकायत दूर होती है.

13. बादाम गिरी, छुहारा, खसखस, छोटी इलायची और मिश्री लेकर कूटपीसकर रख लें. इसे 7-8 ग्राम की मात्रा में दूध के साथ सेवन करने से शीघ्रपतन का शमन होता है.

14. जो लोग दुर्बल मन के कारण नपुंसकता महसूस करते हैं, उनके लिए टहलना किसी वरदान से कम नहीं. हाल ही में हुए अध्ययनों से यह पता चला है कि जो पुरुष नियमित रूप से रोज़ाना दो मील तक टहलते हैं, उनके नपुंसक होने की आशंका तीन गुना कम हो जाती है.

15. ताज़े आंवले का रस शहद के साथ मिलाकर सेवन करने से शीघ्रपतन की समस्या में लाभ होता है.

16. 50 ग्राम स़फेद मूलसी, 100 ग्राम तालमखाना, 150 ग्राम गोखरू तथा 300 ग्राम मिश्री लेकर बारीक चूर्ण बना लें. इसे 5-10 ग्राम की मात्रा में सुबहशाम दूध के साथ सेवन करने से शीघ्रपतन दूर होता है.

17. नियमित रूप से एक्सरसाइज़ करनेवालों में सेक्सुअल सक्रियता बढ़ जाती है यानी अच्छी रहती है. वैज्ञानिकों का मानना है कि सेक्सुअल हेल्थ के लिए ज़रूरी सेक्स हार्मोन टेस्टोस्टेरॉन की मात्रा एक्सरसाइज़ से बढ़ जाने के कारण ही ऐसा होता है.

18. बड़ के कच्चे फलों को छाया में सुखाकर कपड़छान चूर्ण बनाकर रख लें. इस चूर्ण को 10-15 ग्राम की मात्रा में सुबहशाम गाय के दूध के साथ सेवन करें. 45 दिन तक नियमित इस नुस्ख़े का सेवन करें और इसके इस्तेमाल के दौरान सेक्सुअल रिलेशन न रखें.

19. 5 ग्राम विदारीकंद चूर्ण में घी व शहद (विषम मात्रा) मिलाकर सेवन करने से कामशक्ति की वृद्धि होती है. इसका प्रयोग लंबे समय तक करना चाहिए.

20. कौंच के शुद्ध किए हुए बीजों का चूर्ण बनाकर रख लें. 5-5 ग्राम चूर्ण सुबहशाम मीठे दूध के साथ सेवन करने से अद्भुत यौनशक्ति की प्राप्ति होती है.

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Homemade Tips To Boost Your Sex Power

21. तालमखाना का बीज और कौंच बीज सम मात्रा में लेकर चूर्ण बनाएं. 5 ग्राम इस चूर्ण को 5 ग्राम शक्कर में मिलाकर दूध के साथ सुबहशाम पीने से कभी भी वीर्य का क्षय नहीं होता है.

22. घीकुमारि के पत्तों के गूदे का रस 20-25 मि.ली. की मात्रा में सुबह खाली पेट पीने से शरीर में चुस्तीफुर्ती और शारीरिक शक्ति के साथसाथ पुरुष यौनशक्ति भी बढ़ती है.

23. इमली के बीजों की गिरी पीसकर उसे बरगद के दूध में डालकर 12 घंटे तक खरल करें. फिर मटर के बराबर गोलियां बनाकर छाया में सुखाकर रख लें. 1-1 गोली सुबहशाम दूध के साथ सेवन करने से वीर्य प्रमेह में लाभ होता है.

24. 150 ग्राम सिंघाड़े का आटा, 15 ग्राम पिसे हुए छुहारे, 10 ग्राम सोंठ चूर्णसभी को एक लीटर गाय के दूध में मिलाकर धीमी आंच पर पकाएं. जब खोवा जैसा हो जाए, तो इसमें 125 ग्राम घी डालकर भूनें और आधा किलो खांड डालकर सुरक्षित रख लें. इसे 10 से 20 ग्राम की मात्रा में सुबहशाम दूध के साथ सेवन करें. यह वीर्य प्रमेह, स्वप्नदोष और वीर्य की तरलता का रामबाण नुस्ख़ा है.

25. सेक्स के पहले फोरप्ले ज़रूर करना चाहिए. कम से कम 10-15 मिनट के फोरप्ले के बाद ही कपल्स को सेक्स करना चाहिए. इससे सेक्सुअल क्रिया आनंददायक व संतुष्टि भरी होती है.

 

अनंत

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सेक्स प्रॉब्लम्स- क्या उम्रदराज़ होने पर सेक्स कर सकते हैं? (Sex Problems-Do Older Adults Continue To Have Sex?)

Do Older Adults Continue To Have Sex

 

Do Older Adults Continue To Have Sex

मेरी शादी को 32 साल हो चुके हैं और मेरे दोनों बच्चों की भी शादी हो चुकी है. मैं यह जानना चाहती हूं कि क्या इस उम्र में सेक्स करना बंद कर देना चाहिए? मेरे कुछ फ्रेंड्स ने मुझे कहा है कि अब हम 55-60 की उम्र के हो गए हैं, तो हमें सेक्स करना छोड़ देना चाहिए, जबकि मैं और मेरे पति एक-दूसरे से बेहद प्यार करते हैं और सेक्स एंजॉय करते हैं. क्या उम्रदराज़ होने पर सेक्स कर सकते हैं?

– निकी जेकब, मैसूर.

क्या एक उम्र के बाद आप सोना, खाना-पीना, हंसना-बोलना बंद कर देते हैं? नहीं न. इसी तरह जब तक आप दोनों सहज हैं और एंजॉय कर रहे हैं, तो कोई दूसरा आपके लिए यह निर्णय नहीं ले सकता कि आपको यह करना है या नहीं. दूसरों की बातों पर ध्यान न दें और अपनी सेक्स लाइफ खुलकर एंजॉय करें.

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मेरी शादी को 6 साल हो चुके हैं और मेरा एक बेटा भी है. मैं अपने स्तनों के आकार को लेकर परेशान हूं. मेरा दाहिना स्तन बाएं के मुक़ाबले थोड़ा छोटा है और इसी वजह से मैं काफ़ी असहज हो जाती हूं, ख़ासतौर से सेक्स के समय. इस वजह से न तो मैं ख़ुद सेक्स को एंजॉय कर पाती हूं और न ही पति को ठीक से सहयोग दे पाती हूं, जिसके कारण मेरे पति भी ग़ुस्सा हो जाते हैं.

– तन्वी वर्मा, पंजाब.

अपने शरीर को लेकर अक्सर लोग असहज होते हैं, लेकिन सच्चाई यही है कि जब दो लोग आपस में प्यार करते हैं और निजी पलों में क़रीब आते हैं, तो सारी बातें गौण हो जाती हैं. बेहतर होगा कि आप इस हिचक को दूर करें और पर्सनल मोमेंट्स को एंजॉय करें.

डॉ. राजीव आनंद
सेक्सोलॉजिस्ट
([email protected])

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ख़ुशहाल ससुराल के लिए अपनाएं ये 19 हैप्पी टिप्स (19 Happy Tips For NewlyWeds)

Happy Tips For NewlyWeds
नए रिश्तों से भरे-पूरे परिवार को ख़ुश रखने की ज़िम्मेदारी नई बहू पर होती है. सभी की उम्मीदों पर ख़री उतर पाऊंगी या नहीं, जैसे कई सवाल उसके मन में उमड़ते-घुमड़ते रहते हैं. दुल्हन की इन्हीं उलझनों को सुलझाने के लिए हमने बात की मैरिज काउंसलर ज़ीनत भारद्वाज से.

Happy Tips For NewlyWeds

हैप्पी टिप्स नई दुल्हन के लिए

1. बच्चों को दें भरपूर प्यार

सबसे पहले परिवार के बच्चों से दोस्ती करें. उनकी फेवरेट चीज़ें देकर उन्हें ख़ुश रखें और ढेर सारा प्यार करें. बच्चे ख़ुश रहेंगे, तो घर के बाकी सदस्य अपने आप ख़ुश रहेंगे.

2. बड़े-बुज़ुर्गों के लिए बच्चे बन जाएं

घर के बड़े-बुज़ुर्गों के साथ थोड़ी देर बैठें, उनसे बातें करें. उनसे बात करते समय बहुत ज़्यादा मैच्योरिटी की बजाय थोड़ा बचपना दिखाएं और अपनी शरारतों के बारे में उन्हें बताएं, उन्हें बहुत अच्छा लगेगा.

3. हमउम्र को बनाएं दोस्त

ननद, देवर, रिश्तेदारों के बच्चे, जो भी आपके हमउम्र हैं, उनसे दोस्तों की तरह ही व्यवहार करें. बहुत ज़्यादा दिखावा करने की बजाय, जैसी हैं, वैसी ही रहें. याद रखें, आपकी इन्हीं ख़ूबियों के कारण आपके ससुरालवाले आपको पसंद करते हैं.

4. हर व़क्त हो चेहरे पर मुस्कान

हंसता हुआ चेहरा किसी भी उदास चेहरे को मुस्कुराने पर मजबूर कर देता है. आपके चेहरे की मुस्कान देखकर परिवार के हर सदस्य का चेहरा खिल उठेगा.

5. रिश्तेदारों को घरवालों जैसा प्यार दें

शादी में दूर-दूर के रिश्तेदार इकट्ठा होते हैं. उनसे परिवार के सदस्यों जैसा व्यवहार करें. रिश्तेदारों को यह बहुत अच्छा लगता है कि नई बहू उनसे अजनबियों जैसा व्यवहार नहीं कर रही.

6. नए घर की ख़ुशहाली की ज़िम्मेदारी आपकी है

आपको यह समझना होगा कि आपकी शादी स़िर्फ एक पुरुष से नहीं, बल्कि उसके पूरे परिवार से हुई है. इसलिए स़िर्फ पति ही नहीं, बल्कि पूरे परिवार की ज़िम्मेदारी आपकी है.

7. आपका ख़ुश रहना ख़ुद आपके हाथ में है

ख़ुशियां आपको अपनी शादी से मिली हैं, उन्हें ताउम्र बनाए रखना आपके ही हाथ में है. आपकी ही तरह आपके ससुराल वाले भी काफ़ी दुविधा में होंगे कि नई दुल्हन उन्हें दिल से अपनाएगी या नहीं. इसलिए अपने नए घर को प्यार और ख़ुशियों से भर दें. सास-ससुर को माता-पिता मानें, इससे आप भी ख़ुश रहेंगी और आपके ससुरालवाले भी.

8. हर पल को एंजॉय करें

भविष्य की चिंता छोड़कर इन सुनहरे पलों को एंजॉय करें. परिवार को संभालना, ज़िम्मेदारियां पूरी करना, सभी की उम्मीदों पर खरी उतरना, तो उम्रभर लगा रहेगा. फ़िलहाल जो व़क्त है, उसे एंजॉय करें और ख़ुद के साथ-साथ दूसरों को भी ख़ुश रखें.

9. सुपरवुमन बनने की कोशिश न करें

नई बहू के लिए यह समझना बहुत ज़रूरी है कि वह उतनी ही ज़िम्मेदारियां उठाए, जितना वह निभा सकती है. सारी ज़िम्मेदारियां लेकर चिड़चिड़ी होने की बजाय परिवार में बांटना सीखें. सुपरवुमन बनने के चक्कर में अपनी सेहत की दुश्मन न बनें.

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Happy Tips For NewlyWeds

कुछ टिप्स दूल्हे राजा के लिए भी

10. नई-नवेली दुल्हन को इस नए माहौल में सहज महसूस करवाना आपका फ़र्ज़ है. उसने आंखों में कई सपने संजो रखे हैं, जिन्हें वो आपके साथ पूरा करना चाहती है. उसकी हर छोटी-बड़ी ख़ुशियों का ध्यान रखना अब आपकी ज़िम्मेदारी है.

11. पत्नी को पत्नी न समझकर दोस्त समझें. उससे कुछ दुराव-छिपाव न करें, जो भी है, खुले दिल से उसे बताएं. ग सभी के दिलों में अपनी जगह बनाने के लिए उसे हर व़क्त आपकी ज़रूरत पड़ेगी. उसका सपोर्ट सिस्टम बनकर उसकी मदद करें.

12. कमियां हर किसी में होती हैं, इसलिए उसकी अच्छाइयों को देखें और परिवारवालों के सामने उन्हें दिखाने की कोशिश करें.

13. उसकी छोटी-छोटी ग़लतियों को नज़रअंदाज़ करें, फ़िर देखें कि कैसे आपकी शादी दूसरों के लिए एक उदाहरण बन सकती है.

14. ससुराल में अपनी पत्नी के लिए एक सम्माननीय स्थान बनाना आपका काम है. आप जिस नज़र से अपनी पत्नी को देखेंगे, जिस तरह उसके साथ व्यवहार करेंगे, परिवार के बाकी सदस्य भी वही फॉलो करेंगे.

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ससुरालवाले भी समझें

15. बहू को बेटी कहने भर से वह बेटी नहीं हो जाती, उसके साथ बेटी जैसा व्यवहार भी करना होता है.

16. जो छूट और आज़ादी आप अपनी बेटी को देते थे, वही बहू को भी दें. बहू का टैग लगाकर रिश्ते को बोझिल न बनाएं.

17. अगर आप अपनी बहू को भरपूर प्यार और अपनापन देंगे, तो वह भी आपकी और आपके बेटे की ज़िंदगी को ख़ुशियों से भरने में कोई कमी नहीं रखेगी.

18. घर के बड़े होने के नाते छोटों के लिए प्रेरणा स्रोत व उदाहरण बनें. अगर आप अपनी पत्नी की इज़्ज़त करेंगे, तो बेटा कभी भी अपनी पत्नी की बेइज़्ज़ती नहीं करेगा.

19. छोटा-बड़ा कोई भी निर्णय लेते समय बहू की राय ज़रूर मांगें. इससे उसका आत्मविश्‍वास बढ़ेगा और परिवार के लिए बेहतर सोच की उसमें भावना बढ़ेगी.

– अनीता सिंह

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हर किसी को जाननी चाहिए सेक्स से ज़ुड़ी ये 35 रोचक बातें (35 Interesting Facts About Sex)

Interesting Facts About Sex
सेक्स से जुड़ी बहुतसी ऐसी बातें हैं जिनके बारे में शायद ही आपको कोई जानकारी हो. आपकी सेक्स नॉलेज को बढ़ाने के लिए प्रस्तुत है वैज्ञानिकों द्वारा समयसमय पर किए गए सेक्स संबंधी शोध और सर्वे रिपोर्ट्स की संक्षिप्त जानकारी.

Interesting Facts About Sex

1. सप्ताह में दो या तीन बार सेक्स करनेवाले लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ जाती है.

2. एक सर्वे के अनुसार, 60% पुरुष चाहते हैं कि सेक्स के लिए औरत पहल करे.

3. सेक्स के दौरान हार्ट अटैक से मरनेवाले पुरुषों में से 85% पुरुष ऐसे होते हैं, जो अपनी पत्नी को धोखा दे रहे होते हैं.

4. जिन लोगों को अनिद्रा की शिकायत हो, उनके लिए सेक्स से बेहतर कुछ हो ही नहीं सकता, क्योंकि सेक्स के बाद अच्छी नींद आती है. रिसर्च के अनुसार, ये नींदवाली दूसरी दवाओं की तुलना में 10 गुना ज़्यादा कारगर है.

5. 20% पुरुषों को ओरल सेक्स से आनंद आता है, जबकि 6% महिलाओं को ये महज़ फोरप्ले का हिस्सा लगता है.

6. अमेरिका में 12-15 साल के किशारों में ओरल सेक्स का चलन तेज़ी से बढ़ रहा है और मज़ेदार बात तो ये है कि वो इसे सेक्सुअल क्रिया मानते ही नहीं.

7. 25 % महिलाएं सोचती हैं कि पुरुष रुपएपैसे से सेक्सी बनता है.

8. ज़्यादा सेक्स करनेवाले पुरुषों की दाढ़ी अपेक्षाकृत तेज़ी से बढ़ती है.

9. लेटेक्स कंडोम की औसत लाइफ़ 2 साल होती है.

10. रोमांटिक उपन्यास पढ़नेवाली औरतें ऐसे उपन्यास न पढ़नेवाली औरतों की तुलना में सेक्स का ज़्यादा आनंद उठा सकती हैं.

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11. यूनिवर्सिटी ऑफ रोचेस्टर्स के मनोवैज्ञानिकों द्वारा किए गए शोध के अनुसार, पुरुष किसी भी दूसरे रंग के मुक़ाबले लाल रंग के परिधान में महिलाओं की ओर ज़्यादा आकर्षित होते हैं.

12. हाल ही में हुए शोध के अनुसार, जिन महिलाओं में इमोशनल इंटेलिजेन्स (अपनी भावनाओं को समझने के साथसाथ अपने आसपास रहनेवाले लोगों की भावनाओं व ज़रूरतों की समझ) बेहतर होती है, वे सेक्स में उतनी ही अच्छी पार्टनर साबित होती हैं.

13. अक्सर कहा जाता है कि महिलाओं को सेक्स के लिए उत्तेजित होने में कम से कम 20 मिनट का समय लगता है, परंतु शोध से पता चला है कि किसी पुरुष की कल्पना और फोरप्ले से उत्तेजित होने में उन्हें मात्र 10 मिनट लगता है.

14. पुरुष तथा महिलाएं दोनों ही एक दिन में कई बार ऑगैऱ्ज्म का अनुभव कर सकते हैं.

15. अगर किसी महिला में सेक्स उत्तेजना उत्पन्न नहीं होती, तो एक बार ‘बर्थ कंट्रोल पिल्स’ को बदलकर देखें, क्योंकि कई बार अलगअलग पिल्स में पाए जानेवाले हार्मोंस सेक्स की उत्तेजना को प्रभावित करते हैं. इन्हें बदलने से समस्या हल हो सकती है.

Interesting Facts About Sex

 

16. कई बार सीमेन (वीर्य) से ब्लीच जैसी गंध आती है. इससे कोई हानि नहीं है. यह प्राकृतिक डिसइंफेक्टेंट होता है एवं स्पर्म्स को योनि में पाए जानेवाले एसिड के बुरे प्रभाव से बचाता है.

17. एंकलबोन के नीचे एड़ी में सर्कुलर मसाज करने से सेक्सुअल उत्तेजना बढ़ती है.

18. पुरुष रात्रि की नींद के दौरान औसतन 4 या 5 बार इरेक्शन अनुभव करते हैं.

19. रिसर्च द्वारा पता चला है कि जो लड़कियां साइकिल रेस में हिस्सा लेती हैं या हर हफ़्ते 100 मील साइकिल चलाती हैं, उनकी बाह्य जननेंद्रियों का सेंसेशन कम हो जाता है.

20. पेनिस की लंबाई का ऑर्गैज़्म से कोई संबंध नहीं होता, क्योंकि योनि का केवल 1/3 भाग ही संवेदनशील होता है. अगर सेक्स पोज़ीशन सही हो, तो छोटा पेनिस भी ऑर्गैज़्म दे सकता है.

21. जर्मन शोधकर्ताओं के अनुसार, सुरक्षित रिलेशनशिप में महिलाओं की सेक्सुअल इच्छा कम हो जाती है. 4-5 साल साथसाथ रहने के बाद महिलाएं पुरुषों की इच्छानुसार सेक्स करती हैं.

22. ऐसे पुरुष, जिनके अनेक स्रियों से संबंध होते हैं, वे सेक्स को बहुत महत्वपूर्ण तो समझते हैं, परंतु अपने रिलेशनशिप से पूरी तरह संतुष्ट नहीं होते.

23. एक सर्वे के अनुसार, सेक्स के लिए कपल्स की सबसे पसंदीदा जगह बेडरूम के अलावा कार होती है.

24. यूनिवर्सिटी ऑफ ट्रॉम्प में हुए रिसर्च के अनुसार, नीली आंखोंवाले पुरुष अक्सर नीली आंखोंवाली स्री को ही पसंद करतेे हैं. यदि उनका बच्चा भूरी आंखोंवाला हुआ, तो वे सोचते हैं कि उनकी पत्नी ने उनके साथ धोखा किया है. वैसे आनुवांशिकता का नियम भी यही कहता है.

25. महिलाएं पीरियड्स के दौरान या उसके ठीक पहले ज़्यादा सुखद ऑर्गैज़्म का अनुभव करती हैं. ऐसा उनके पेल्विक एरिया में रक्तसंचार के बढ़ने के कारण होता है.

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26. सेक्स के दौरान पुरुषों की अपेक्षा महिलाएं ज़्यादा कल्पनाशील हो जाती हैं. इस तरह की सेक्सुअल फेंटेसी से उन्हें संतुष्टि तो मिलती ही है, आपसी संबंध भी मज़बूत होते हैं.

27. जो पुरुष ज़्यादातर सेक्सुअल फेंटेसी में रहते हैं, वे अपने रोमांटिक रिलेशनशिप से कम संतुष्ट रहते हैं.

28. एक रिसर्च के अनुसार, कॉलेज के दौरान जो लड़के सेक्स में लिप्त रहते हैं, वे अक्सर डिप्रेशन में चले जाते हैं, जबकि सेक्स न करनेवाले विद्यार्थी नॉर्मल रहते हैं.

29. कुछ महिलाओं को सीमेन (वीर्य) से एलर्जी होती है. सीमेन में मौजूद प्रोटीन के कारण उनके जननांग एवंं शरीर के अन्य हिस्सों पर जलन व खुजली की समस्या हो जाती है.

30. अध्ययन बताते हैं कि सेक्स से सिरदर्द व जा़ेडों का दर्द दूर होता है. वास्तव में ऑर्गैज़्म के तुरंत बाद ऑक्सीटोसिन हार्मोन का लेवल 5 गुना बढ़ जाता है, जिससे एंडॉरफिन हार्मोन का स्राव होता है. यह दर्द को दूर भगाता है.

31. सामान्यतः ऐसा समझा जाता है कि प्रेग्नेंसी से सेक्स की इच्छा मर जाती है, परंतु ऐसा नहीं है. गर्भावस्था के दौरान ज़्यादातर महिलाओं की सेक्स की इच्छा या तो बढ़ जाती है या पहले जैसी ही होती है.

32. रिसर्च के अनुसार, सिगरेट नहीं पीनेवालों की सेक्स की इच्छा, आनंद व संतुष्टि सिगरेट पीनेवालों की अपेक्षा ज़्यादा होती है.

33. जर्नल ऑफ सेक्स रिसर्च के अनुसार, कपल्स सामान्य तौर पर फोरप्ले में 11 से 13 मिनट लगाते हैं.

34. एक सर्वे के अनुसार, हफ़्ते में 3 या 4 बार सेक्स करने की इच्छा रखनेवाले पुरुषों व महिलाओं की संख्या में बढ़ोतरी हो रही है.

35. जर्नल ऑफ सेक्सुअल मेडिसिन में छपी रिपोर्ट के अनुसार, बर्थ कंट्रोल पिल्स लेने से महिलाओं में सेक्स करने की इच्छा कम हो जाती है.

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पहला अफेयर: डायट चार्ट (Pahla Affair: Diet Chart)

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पहला अफेयर: डायट चार्ट (Pahla Affair: Diet Chart)

बात उन दिनों की है, जब मैं डायटीशियन का कोर्स कर रही थी. कॉलेज की पढ़ाई के बाद हमारी 6 महीने की इंटर्नशिप रहती है, जिसके लिए दिल्ली के मौलाना आज़ाद मेडिकल हॉस्पिटल जाना रहता था. घर से सुबह 9 बजे से हॉस्पिटल के लिए निकलना, फिर शाम 7 बजे तक वापस आना, काफ़ी व्यस्त दिनचर्या रहती थी. पढ़ाई के अलावा कुछ भी सोचने का व़क्त नहीं मिलता था. किसी छुट्टीवाले दिन यह ज़रूर एहसास होता था कि घर में शादी के बारे में सोचा जाने लगा है. हालांकि मुझसे शादी के बारे में जानने का कोई प्रयास नहीं किया गया था. बस, यही कहते थे कि अपनी पढ़ाई मन लगाकर करो, समय आने पर सब काम हो ही जाते हैं.

मिसेज़ इंदू आहूजा, हमारी चीफ डायटीशियन थीं. एक दिन उनसे किसी बात पर विचार-विमर्श कर रही थी कि तभी एक साथ तीन लड़के कमरे में आए. यही सोचकर कि डायट चार्ट बनवाने आए हैं, मैंने उन्हें इंतज़ार करने को कहा. किंतु वे तीनों टेबल पर ही आ गए, यह कहते हुए कि डायट चार्ट बनवाना है और कुछ जानकारी भी लेनी है. वैसे तो इतने लोग आते हैं, मेरा ध्यान किसी पर नहीं जाता, परंतु न जाने क्यूं उनमें से एक लड़के पर मेरी नज़र गई, तो मैं उसे देखती ही रह गई. एक अलग ही आकर्षण था उसमें. मन में अजीब-सी हलचल हुई. शायद यह पहली नज़र के प्यार का हल्का-सा एहसास था.

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वे तीनों अपना काम पूरा होते ही चले गए, जाते-जाते भी मैं उसी लड़के को देख रही थी, उसने भी मुड़कर देखा और मेरी नज़रें उससे मिलीं, अच्छा लगा. ख़ैर, बात आई-गई हो गई और मैं भी अपने काम में व्यस्त हो गई. बीच-बीच में उसका ख़्याल एक मीठे एहसास की तरह तन-मन को भिगो जाता था.

क़रीब एक महीने बाद एक दिन मम्मी-पापा ने अपने पास बुलाया और कहने लगे, “अब पढ़ाई पूरी हो गई, इंटर्नशिप भी ख़त्म होनेवाली है, तो सोचा क्यों न शादी के बारे में तुमसे बात करें.” मेरा मन तैयार नहीं हो रहा था, क्योंकि मैं जॉब करना चाहती थी. मम्मी-पापा भी शायद समझ गए थे, सो उन्होंने कहा, “एक लड़का देखा है. घर-परिवार भी अच्छा है. सारी बातें पक्की हैं, लेकिन तेरा फैसला ही अंतिम होगा. अगर लड़का पसंद न आए, तो जैसा तू चाहेगी, वैसा ही होगा.” मैंने भी हां कर दी, लेकिन इस बीच रह-रहकर मेरी आंखों के सामने उसी हॉस्पिटलवाले लड़के की तस्वीर घूम जाती. मुझे अपने ऊपर हंसी भी आती कि ये तो बचपना है.

ख़ैर, दिल्ली के बिड़ला मंदिर में देखने की बात तय हुई. निश्‍चित समय पर हम लोग वहां पहुंच गए. थोड़ी ही देर में लड़केवाले भी आ गए. उनके बीच अचानक उस परिचित चेहरे पर मेरी नज़र पड़ी, मुझे तो विश्‍वास ही नहीं हो रहा था. मैंने सबसे नज़रें चुराकर दो-तीन बार आंखें उठाकर उसे देखने की कोशिश की. जैसे ही उसने भी मुझे देखा, तो मेरे मुंह से अनायास ही निकल गया, “अरे, आप? आप तो हॉस्पिटल में आए थे. यहां कैसे?” मैं कुछ समझ ही नहीं पा रही थी, इसी बीच मुझे सम्मिलित हंसी के ठहाके सुनाई दिए. मेरी तंद्रा भंग हुई, तो देखा सबकी नज़रें मेरी ओर ही थीं और अब चौंकने की मेरी बारी थी. मुझे बताया गया कि दरअसल ये अपने दोनों भाइयों के साथ मुझे देखने ही हॉस्पिटल आए थे. मां ने बताया, “तुम्हें फोटो में सबने पसंद कर लिया था, लेकिन सबने सोचा कि एक बार तुम दोनों आमने-सामने एक-दूसरे को देख लो, तो बेहतर होगा.”

मुझे तो विश्‍वास ही नहीं हो रहा था कि जिसे पहली नज़र में चाहा, वही मुझे मिल गया. हम दोनों की हां थी, सो शादी भी जल्दी हो गई. आज मैं अपनी गृहस्थी में सुखी-संतुष्ट हूं और बार-बार ऊपरवाले का शुक्रिया अदा करती हूं कि मेरा पहला प्यार ही मेरे जन्म-जन्मांतर का प्यार बन गया.

– प्रीता जैन

महिलाओं की गॉसिप के 10 दिलचस्प टॉपिक (10 Most Interesting Gossip Topics of Women)

Most Interesting Gossip Topics of Women
आख़िर महिलाएं इतनी बातूनी क्यों होती हैं? क्यों उनकी बातें कभी ख़त्म नहीं होतीं? किन मुद्दों पर होती है महिलाओं की बातचीत? क्यों महिलाओं को कहा जाता है गॉसिप क्वीन? महिलाओं की गॉसिप के दिलचस्प पहलू को आइए, और क़रीब से जानते हैं. 

Most Interesting Gossip Topics of Women

आपको ऐसी महिला पसंद है, जो हर व़क्त स्ट्रेस में रहती है, जिसे ज़िंदगी से बहुत शिकायतें हैं, जो लोगों से मिलना-जुलना पसंद नहीं करती, जिसे अपने पड़ोसी के घर की भी ख़बर नहीं रहती… या फिर ऐसी महिला, जिसकी आवाज़ हमेशा आपके आसपास खनकती रहती है, जिसे सजना-संवरना पसंद है, जिसे अपने आसपास की हर बात की ख़बर रहती है, जिसका सेंस ऑफ ह्यूमर कमाल का है, जिसके साथ आप एक मिनट के लिए भी बोर नहीं हो सकते, जो अपनी फ्रेंड्स के साथ दिल खोलकर हंसी-मज़ाक या यूं कह लीजिए कि गॉसिप करती है. जी नहीं, हम गॉसिप की पैरवी नहीं कर रहे, बस इतना बताना चाहते हैं कि हेल्दी गॉसिप सेहत के लिए अच्छी होती है और ये बात रिसर्च द्वारा भी साबित हो चुकी है.

गॉसिप का हेल्थ कनेक्शन 

रिसर्च से यह सिद्ध हो चुका है कि गॉसिप करना हमारी सेहत के लिए अच्छा होता है. चटपटी बातें सुनने या गॉसिप करने से न स़िर्फ मनोरंजन हो जाता है, बल्कि इससे मस्तिष्क में डोपामाइन (फीलगुड हार्मोन) का स्तर बढ़ जाता है. इसका फ़ायदा ये होता है कि एक तो हम ख़ुशी महसूस करते हैं. दूसरे, जिन लोगों के साथ हम गॉसिप करते हैं, उनके साथ हमारी बॉन्डिंग बढ़ जाती है. इसीलिए महिलाओं की गॉसिप चटपटी और मनोरंजक होती है और उनकी अपनी फ्रेंड्स के साथ बॉन्डिंग भी अच्छी होती है. इसी बॉन्डिंग के कारण महिलाएं अपनी अधिकतर बातें और सीक्रेट्स भी अपनी फ्रेंड्स के साथ शेयर करती हैं, लेकिन पुरुष ऐसा नहीं कर पाते. पुरुष एक हद तक ही अपनी बातें अपने दोस्तों के साथ शेयर करते हैं, वे हर बात दोस्तों से शेयर नहीं करते.

महिलाएं क्यों करती हैं गॉसिप? 

क्योंकि गॉसिप करना महिलाओं को अच्छा लगता है. इससे उन्हें अपने आसपास होनेवाली हर घटना की ख़बर रहती है. दूसरों की ज़िंदगी में क्या चल रहा है इसकी ख़बर रहती है और सबसे ख़ास बात ये कि इससे उनका स्ट्रेस दूर होता है और उनका मनोरंजन होता है. फ्रेंड्स के साथ गॉसिप करते हुए कब घंटों गुज़र जाते हैं, इसका उन्हें पता ही नहीं चलता. साथ ही फ्रेंड्स के साथ मन की बात शेयर करके महिलाएं हल्का महसूस करती हैं और फिर से नई ऊर्जा महसूस करती हैं.

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Most Interesting Gossip Topics of Women

ये हैं महिलाओं के गॉसिप टॉपिक

गॉसिप और महिलाओं का चोली-दामन का साथ माना जाता है. जहां चार फ्रेंड मिल जाएं, वहां महिलाओं की गॉसिप शुरू हो जाती है. आख़िर महिलाएं इतनी गॉसिप क्यों करती हैं और क्या होते हैं महिलाओं की गॉसिप के टॉपिक? आइए, जानते हैं.

1) ख़ूबसूरती

ख़ूबसूरती महिलाओं की पहली ज़रूरत है. हर महिला हर उम्र में ख़ूबसूरत नज़र आना चाहती है. ऐसे में जब उनकी पड़ोसन, कलीग, रिश्तेदार आदि में से जो भी महिला उनसे ज़्यादा ख़ूबसूरत नज़र आती है या अपनी ख़ूबसूरती पर बहुत ध्यान देती है, तो वो उनके गॉसिप का टॉपिक बन जाती है. या तो वो उसकी ये कहकर बुराई करती हैं कि जब देखो, मैडम टिप टॉप में रहती है. पता नहीं, घर का कोई काम भी करती हैं या नहीं. या फिर उसकी तरह ख़ूबसूरत नज़र आने के लिए उसकी ख़ूबसूरती के सीक्रेट्स पता करने की कोशिश करती रहती हैं.

2) कपड़े

महिलाओं का कपड़ों से कुछ इस कदर मोह होता है कि उनके लिए कहा जाता है, भले ही महिलाओं की आलमारी में कपड़े रखने की जगह न हो, फिर भी वो हमेशा यही कहती हैं कि उनके पास  पहनने के लिए कपड़े ही नहीं हैं, इसीलिए दूसरी महिलाओं के अच्छे-बुरे कपड़े महिलाओं की गॉसिप का हॉट टॉपिक होते हैं. महिलाएं जब भी किसी फंक्शन में जाती हैं, तो उनकी नज़र अपने आसपास की हर महिला के कपड़े पर होती है. फिर जब कुछ महिलाएं साथ मिलकर बातें करने लगती हैं, तो उनकी गॉसिप का टॉपिक दूसरी महिलाओं के कपड़े ही होते हैं.

3) गहने

महिलाओं के लिए गहने उनका रुतबा होता है. भले ही वो हर ओकेज़न पर गहने ना पहनें, लेकिन उनके पास पर्याप्त गहने हों, ये उनकी ख़्वाहिश ज़रूर होती है. इसीलिए शादियों में जब दुल्हन को गहने चढ़ते हैं, तो परिवार और रिश्तेदार महिलाओं की पैनी नज़रें यही टटोलती रहती हैं कि आख़िर दुल्हन को कितने गहने चढ़े हैं. भले ही उन गहनों से उनका कोई लेना-देना नहीं होता, फिर भी शादियों में दुल्हन के गहने महिलाओं की गॉसिप का ख़ास टॉपिक होते हैं. किस फ्रेंड ने कब, कितने गहने ख़रीदे, इसकी भी उन्हें पूरी ख़बर रहती है.

 4) मोटापा

कोई महिला चाहे कितनी भी मोटी क्यों न हो, वो अपने लिए मोटा शब्द नहीं सुन सकती, लेकिन दूसरी महिला यदि मोटी है, तो ये गॉसिप का विषय बन जाता है. इसी तरह यदि कोई महिला फिट है और अपनी फिटनेस पर ध्यान देती है, तो उसकी फिटनेस मोटी महिलाओं के गॉसिप का विषय बन जाती है. फिर मोटी महिलाएं, जो ख़ुद तो फिटनेस के लिए कुछ नहीं करतीं, उस फिट महिला की फिटनेस का राज़ जान लेना चाहती हैं. या फिर ये कहती हैं कि ज़रूर वो कोई दवा या ट्रीटमेंट ले रही होगी, वरना इतना फिट रहना कैसे मुमकिन है.

5) सास-बहू 

महिलाओं के लिए ये कभी न ख़त्म होनेवाला विषय है. सास-बहू की नोक-झोंक की तरह ही उनके बारे में गॉसिप होना भी आम बात है. इसमें सास की फ्रेंड्स मिलकर एक-दूसरे की बहू के बारे में गॉसिप करती हैं और बहू की फ्रेंड्स अपनी-अपनी सास की बुराई करती हैं. ये गॉसिप लगभग हर घर की कहानी है.

 6) पड़ोसी

पड़ोसी हमारे जितने अच्छे दोस्त होते हैं, उतने बड़े कॉम्पिटीटर (प्रतिस्पर्धी) भी होते हैं. आपके पड़ोसी ने इतनी जल्दी एक और घर कैसे ख़रीद लिया, उनकी इनकम इतनी जल्दी कैसे बढ़ गई, वो अचानक इतनी महंगी चीज़ें कैसे ख़रीदने लगे हैं… ये तमाम बातें पड़ोसियों की गॉसिप का हिस्सा हैं और एक सोसाइटी में रहनेवाली महिलाएं आपस में अपने-अपने पड़ोसियों के बारे में ऐसी गॉसिप करती रहती हैं. पड़ोसी के घर में कब, क्या हो रहा है, इसकी महिलाएं पूरी ख़बर रखती हैं.

7) पति

महिलाओं की गॉसिप में उनके पति का ज़िक्र न हो, ऐसा तो हो ही नहीं सकता. पति की तारीफ़ से लेकर उनकी बुराई तक हर बात महिलाएं अपनी फ्रेंड्स के साथ शेयर करती हैं. इस गॉसिप का आलम ये होता है कि महिलाओं को अपने पति की कुछ ख़बर हो या ना हो, लेकिन अपनी फ्रेंड के पति के बारे में सब कुछ पता होता है.

8) अफेयर

ये एक ऐसा विषय है, जिसमें महिलाओं की बहुत रुचि होती है. किसका किसके साथ चक्कर चल रहा है, ये महिलाओं की गॉसिप का एक दिलचस्प टॉपिक होता है. दरअसल, हम सभी को दूसरों की ज़िंदगी में झांकने में बहुत मज़ा आता है, इसीलिए किसी के भी अफेयर की ख़बरें रातोंरात फैल जाती हैं.

9) सेक्स

ये एक ऐसा विषय है, जो पुरुष और महिला दोनों को लुभाता है. फ्रेंड्स के साथ सेक्स के बारे में बात या गॉसिप करने में पुरुष और महिला दोनों को मज़ा आता है. इसकी सबसे बड़ी वजह ये है कि फ्रेंड्स के साथ सेक्स के बारे में बात करने में कोई झिझक महसूस नहीं होती, लेकिन ऐसा हम किसी और के साथ नहीं कर सकते.

10) सेलिब्रिटीज़

अपने पसंदीदा सेलिब्रिटीज़ के बारे में बात करना पुरुष और महिला दोनों को पसंद आता है. साथ ही किस सेलिब्रिटी की पर्सनल लाइफ में क्या चल रहा है, ये भी पुरुष और महिला दोनों के गॉसिप का ख़ास मुद्दा होता है. सेलिब्रिटीज़ को लोग जितना पसंद करते हैं, उनके बारे में गॉसिप करना भी उतना ही पसंद करते हैं.

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Most Interesting Gossip Topics of Women

पुरुषों के गॉसिप के 10 टॉपिक

ऐसा बिल्कुल नहीं है कि स़िर्फ महिलाएं गॉसिप करती हैं. पुरुष भी गॉसिप करते हैं, लेकिन उनके गॉसिप के टॉपिक महिलाओं से अलग होते हैं. आइए, जानते हैं पुरुष किन टॉपिक पर करते हैं गॉसिप-

1) पैसा: परिवार या समाज द्वारा पुरुष पर पैसे कमाने का प्रेशर हमेशा बना रहता है, इसलिए पुरुष पैसे के बारे में गॉसिप करना पसंद करते हैं.

2) पावर: पावरफुल लोगों के जीवन से जुड़ी अच्छी-बुरी बातों का ज़िक्र करना पुरुषों को बहुत पसंद आता है, इसलिए वो अपने दोस्तों के साथ इस विषय पर गॉसिप करना पसंद करते हैं.

3) प्रमोशन: पैसे की तरह ही प्रमोशन भी पुरुषों की गॉसिप का हॉट टॉपिक होता है. किसे, कितना प्रमोशन मिला, ये जानने में पुरुषों की बहुत दिलचस्पी होती है.

4) सेक्स: ऐसा माना जाता है कि पुरुष दिनभर में कई बार सेक्स के बारे में सोचते हैं, इसीलिए जब वो अपने दोस्तों के साथ बैठते हैं, तो इस विषय पर बात करने में उन्हें बहुत मज़ा आता है.

5) अफेयर: महिलाओं की तरह ही पुरुषों को भी दूसरों के अ़फेयर के बारे में जानने में बहुत दिलचस्पी होती है, इसलिए वो इस बारे में गॉसिप करना पसंद करते हैं.

6) स्पोर्ट्स: स्पोर्ट्स लगभग सभी पुरुषों को पसंद आता है और इस पर बात करने में भी उनकी बहुत दिलचस्पी होती है.

7) सेलिब्रिटीज़: महिलाओं की तरह ही पुरुषों को भी सेलिब्रिटीज़ की ज़िंदगी में झांकना अच्छा लगता है.

8) एडवेंचर: पुरुषों को वाइल्ड लाइफ, कोई खोज, युद्ध जैसे एडवेंचर बहुत पसंद आते हैं, इसीलिए जब कुछ दोस्त साथ मिलकर बातें करते हैं, तो उनकी बातचीत में एडवेंचर भी शामिल होता है.

9) साइंस: विज्ञान से जुड़े शोध, रिसर्च आदि बातों में भी पुरुषों की बहुत दिलचस्पी होती है और मौक़ा मिलते ही वो इस बारे में अपना ज्ञान बघारने में पीछे नहीं रहते.

10) टेक्नोलॉजी: लेटेस्ट मोबाइल, कैमरा, कार आदि पुरुषों को बहुत आकर्षित करते हैं, इसलिए जब वो अपने दोस्तों के साथ होते हैं, तो इनके बारे में बात करना नहीं भूलते.

गॉसिप के 10 फ़ायदे 

गॉसिप करने में कोई बुराई नहीं है, बशर्ते उससे किसी का, किसी भी तरह से कोई नुक़सान न हो रहा हो. फ्रेंड्स के साथ फन के लिए की गई गॉसिप के कई फ़ायदे भी हैं.

* हंसी-मज़ाक का बेहतरीन माध्यम है

* स्ट्रेस दूर होता है

* फ्रेंड्स के साथ बॉन्डिंग बढ़ती है

* नए फ्रेंड्स बनते हैं

* सेंस ऑफ ह्यूमर बढ़ता है

– ख़बरों से अपडेटेड रहते हैं

– लोगों में जल्दी घुल-मिल जाते हैं

– थोड़ी देर के लिए सब कुछ भूल जाते हैं

– नई जानकारी मिलती है

– रिश्तों और दुनियादारी को समझ पाते हैं

 – कमला बडोनी

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आख़िर क्यों बनते हैं अमर्यादित रिश्ते? (Why Do We Have Immoral Relationships In Our Society?)

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हर रिश्ते की अपनी एक मर्यादा होती है, पर जब कोई रिश्ते की मर्यादा को लांघ देता है और उस रिश्ते को तार-तार कर देता है, तो ऐसे रिश्ते अपनी गरिमा को ही नहीं, विश्‍वास को भी खो बैठते हैैं. आख़िर क्यों बन जाते हैं ऐसे अमर्यादित रिश्ते (Extramarital Affairs)? आइए जानते हैं.में आए दिन अख़बार-टीवी पर पढ़ने-देखने को मिलते हैं कि भाभी-देवर के अनैतिक रिश्ते… अपनी ही भतीजी के साथ चाचा के संबंध… दामाद ने सास के साथ भागकर शादी कर ली… ससुर बहू के साथ बरसों से रिलेशन में है… भतीजे-बुआ समाज को दरकिनार कर लीव इन में रह रहे हैं… ऐसे में दिल में यही ख़्याल आता है कि कहां जा रहा है समाज…? क्या भाई-बहन, माता-पिता के पवित्र रिश्ते भी बेमानी होते जा रहे हैं? ऐसे कई सवाल मन में उमड़ते-घुमड़ते रहते हैं. इस सिलसिले में हमने सायकोलॉजिस्ट परमिंदर निज्जर से बात की. आइए, इस पर एक नज़र डालते हैं. उनके अनुसार, रिश्तों के कलंकित होने का कोई एक कारण नहीं होता, बल्कि बहुत-सी छोटी-छोटी बातें होती हैं, जो सोसायटी में ऐसे रिश्ते को जन्म देती हैं.

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– फास्ट लाइफ इसका सबसे बड़ा कारण है. जहां हर कोई सब कुछ जल्दी और शॉर्टकट में चाह रहा है. ऐसे में सही-ग़लत के बारे में सोचने का वक़्त ही नहीं मिलता.

– इट्स माई लाइफ का फंडा भी लोगों के सिर चढ़कर बोल रहा है. हर कोई अपनी ज़िंदगी को अपने हिसाब से ही जीना चाहता है, जिसमें उसे किसी भी तरह की दख़लअंदाज़ी पसंद नहीं.

– कई केसेस में देखा गया है कि वे क़रीबी रिश्ते, जो अमर्यादित क़दम उठाते हैं, उनकी वजह उस शख़्स से गहरे तौर पर प्रभावित होना भी है.

– जैसे चाचा को अपनी भतीजी में वे सभी ख़ूबियां दिखाई देती हैं, जो जीवनसाथी में चाहिए होती हैं. और जब वो ख़ासियत कहीं नहीं मिलतीं, तो वे इस रिश्ते में ही बंधकर आगे बढ़ने से नहीं हिचकिचाते.

– बचपन से लड़की ही नहीं, लड़कों के भी अपने रोल मॉडल होते हैं. जब वो उन्हें अपनी सास, चाची, बुआ आदि में दिखते हैं. तब वे सब ऊंच-नीच की परवाह किए बगैर इस रिश्ते को थाम लेते हैं.

– संयुक्त परिवार का टूटना भी इन रिश्तों के पनपने का बड़ा कारण है, क्योंकि जब सब साथ रहते थे, तब हर रिश्ते में अपनापन, संस्कार, उसकी मर्यादा का निर्वाह बचपन से ही होता था. तब ऐसी ग़लती कम ही होती थी.

– पैरेंट्स की बिज़ी लाइफ भी ऐसे रिश्ते के लिए माहौल प्रदान करती है. उस पर पति-पत्नी दोनों ही अति व्यस्त व कामकाजी हैं, तो वे बच्चों को बहुत कम समय ही दे पाते हैं, जिससे उनके भटकने और बिगड़ने की संभावनाएं बढ़ जाती हैं.

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रिश्तों की अहमियत को समझें…

– हम चाहे कितने भी मॉडर्न हो जाएं, पर हर रिश्ते की मर्यादा और मापदंड ज्यों का त्यों बना रहेगा. इस बात को समझें और हर रिश्ते को सम्मान दें.

– अरेंज मैरिज हो या लव मैरिज उसकी अपनी ख़ूबसूरती व सामाजिक स्वीकृति होती है. इससे अलग रिश्ते ग़लत ही होते हैं.ू

– अमर्यादित रिश्ते न जाने कितने डर, शंका-आशंका, अस्थिरता को पैदा करते हैं.

– सामाजिक बहिष्कार और अपनों से दूरियां जीवन को हाशिए पर ले आती हैं.

– ऐसे रिश्तों का अंत अक्सर आत्महत्या, हत्या या फिर मानसिक विक्षिप्तता के रूप में होता है.

extramarital affairs

दूर रहना ही समाधान…

– तमाम केसेस को देखते हुए मनोवैज्ञानिकों का मानना है कि ऐसे रिश्ते से दूर रहना ही इसका समाधान है.  ू

– यूं तो जीवन में हर किसी के क़दम कभी न कभी डगमगाते ही हैं, पर ऐसे समय में अपनों का साथ, सही काउंसलिंग, धैर्य आदि द्वारा इससे उबरा जा सकता है.

– जब कभी आपको लगे कि आप किसी अमर्यादित रिश्ते की तरफ़ झुक रहे हैं, तब आत्मविश्‍लेषण करें.

– अपने रिश्ते को रिवाइव करें. पार्टनर के साथ कुछ दिन के लिए कहीं घूमने निकल जाएं.

– शादी के दिनों को, जीवनसाथी के साथ बिताए ख़ूबसूरत लम्हों को तरोताज़ा करें.

– पार्टनर से दूर होने के कारणों को ढूंढ़ें और उन्हें सुलझाने की कोशिश करें.

– अपने किसी ख़ास दोस्त/सहेली से सलाह लें. अपनी दुविधा को बताएं.

– रिश्ते जीने का संबल होने चाहिए, न कि हर पल डर व हीनभावना का कारण.

– ख़ुद को अपने किसी शौक़ में इन्वॉल्व करें.

– आपके रिश्ते आपके बच्चों और बड़ों के लिए रोल मॉडल की तरह होते हैं. ये बात हमेशा याद रखें.

– घर-परिवार, बच्चे से जुड़ी अपनी ज़िम्मेदारियों को नए सिरे से उठाएं और ख़ुद को उनसे जुड़े रहने के लिए प्रोत्साहित करें.

– आंकड़ों के अनुसार, अमर्यादित रिश्तों का आकर्षण बस जुनून या फिर एक निश्‍चित सीमा तक रहता है. जब वो हैंगओवर उतरता है, तब सिवाय दुख, क्षोभ, पछतावे के कुछ नहीं रहता.

– ऊषा गुप्ता

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जानें हैप्पी लव लाइफ का रोमांटिक साइंस (Romantic Science Of Happy Love Life)

Romantic Science Of Happy Love Life
कहते हैं, अपोज़िट अट्रैक्ट्स, मगर शादी के बाद ये अट्रैक्शन कहीं खो जाता है. कपल्स के रिश्ते कई बार इतने जटिल हो जाते हैं कि उसमें प्यार की गुंजाइश ही नहीं रह जाती. यदि आप अपने रिश्ते की नाज़ुक डोर को उम्रभर थामे रखना चाहते हैं, तो कौन से लव रूल्स फॉलो करें? बता रही हैं कंचन सिंह.

ख़र्च करने की आदत

यदि आपको हमेशा लेटेस्ट ट्रेंड और फैशन के मुताबिक़ अपना वॉर्डरोब चेंज करने की आदत है और पति बस चार जोड़ी शर्ट और दो जोड़ी जूतों में ही रहना पसंद करते हैं, तो ज़ाहिर है आपकी ये अति ख़र्चीली आदत पति को बिल्कुल रास नहीं आएगी. वो आपके ख़र्च पर उंगली उठाएंगे, जिससे आपके बीच मनमुटाव हो सकता है. सुनैना कहती हैं, “मुझे ऑनलाइन शॉपिंग की बुरी लत है, जिससे कई बार मैं ज़रूरत न होने पर भी चीज़ें मंगा लेती हूं, ये सोचकर कि अभी न सही, बाद में काम आएंगी, मगर मेरी ये आदत पति को बिल्कुल पसंद नहीं. इस बात को लेकर उनका मुझसे कई बार झगड़ा भी हो चुका है. वो बिना ज़रूरत के एक पैसा भी ख़र्च नहीं करना चाहते.”

क्या कहती है स्टडी?

एक जैसी ख़र्च की आदत न होने पर कपल्स के बीच मनमुटाव ज़्यादा होता है, वो अपने रिश्ते से संतुष्ट नहीं होते. इसके विपरीत यदि पति-पत्नी दोनों ख़र्चीले हैं या फिर दोनों बहुत किफ़ायती हैं, तो उनके बीच मनमुटाव की गुंजाइश बहुत कम रहती है.

मैं नहीं हम

शादी के बाद भले ही आपकी अलग-अलग पहचान हो, मगर बतौर कपल आप एक हो जाते हैं. जो कपल ‘मैं’ से ऊपर नहीं उठ पाते उनके रिश्ते में मुश्किलें आ ही जाती हैं और वो अपने रिश्ते से ख़ुश नहीं रहते. बातचीत या बहस के दौरान मैं की बजाय हम जैसे शब्दों का इस्तेमाल करनेवाले पति-पत्नी अन्य कपल्स की तुलना में ज़्यादा संतुष्ट और ख़ुश रहते हैं. रिश्तों की सफलता के लिए अब से आप भी मैं की बजाय हम कहना सीख जाइए.

क्या कहती है स्टडी?

जो कपल्स हम, हमारा जैसे शब्दों का इस्तेमाल करते हैं, उनके बीच प्यार ज़्यादा होता है. उनके रिश्ते में ग़ुस्से और नेगेटिव बिहेवियर के लिए जगह नहीं होती. किसी मुद्दे पर सहमत न होने की स्थिति में उनका साइकोलॉजिकल स्ट्रेस लेवल भी कम होता है. वहीं यदि कपल्स मैं, तुम, मैंने जैसे शब्दों का इस्तेमाल करते हैं, तो ये उनके बीच अलगाव और असंतुष्टि को दर्शाता है.

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सकारात्मक सोच

ज़िंदगी के हर मोर्चे पर सफलता के लिए सकारात्मक सोच जितनी ज़रूरी है, उतनी ही ज़रूरी रिश्ते की सफलता के लिए भी है. पॉज़िटिव इंसान ये नहीं सोचता कि उसके पास क्या नहीं है, बल्कि जो है उसके लिए वो भगवान का शुक्रिया अदा करके ख़ुश रहता है. अपने रिश्ते को पॉज़िटिव बनाए रखने के लिए पार्टनर के प्रति आभार व्यक्त करें, एक-दूसरे की क़ामयाबी का साथ मिलकर जश्‍न मनाएं, फन एक्टिविटी साथ में एन्जॉय करें, पार्टनर को स्पेशल फील कराएं.

क्या कहती है स्टडी?

सकारात्मक सोच रखने वाले कपल्स के रिश्ते मज़बूत बनते हैं और वो पार्टनर से संतुष्ट भी रहते हैं. सकारात्मक सोच का मतलब ये नहीं है कि वो समस्याओं को नज़रअंदाज़ करते हैं, बल्कि सकारात्मक सोच से उनके विचारों को विस्तार मिलता है, जिससे दोनों मिलकर किसी भी समस्या का आसानी से हल निकाल लेते हैं.

बेड पर रहें बेस्ट

हैप्पी मैरिड लाइफ के लिए एक्टिव सेक्स लाइफ बेहद ज़रूरी है. जो कपल्स सेक्सुअली कम एक्टिव होते हैं, वो अपने रिश्ते से भी पूरी तरह संतुष्ट नहीं रहते. वहीं दूसरी ओर सेक्सुअली एक्टिव पति-पत्नी का रिश्ता मज़बूत व संतुष्ट रहता है. कुछ लोगों को लगता है कि बढ़ती उम्र के साथ सेक्स लाइफ का रोमांच कम हो जाता है, जबकि ऐसा नहीं है. इसके विपरीत ‘प्रैक्टिस मेक्स मैन परफेक्ट’ की तर्ज पर कपल्स की सेक्स लाइफ बढ़ती उम्र के साथ और परफेक्ट होती जाती है.

क्या कहती है स्टडी?

30, 40 की बजाय 50 साल की उम्र में पुरुष अपनी सेक्स लाइफ को ज़्यादा एन्जॉय करते हैं, जिससे पार्टनर के साथ उनका रिश्ता भी मज़बूत बनता है.

थैंक्यू कहना भी है ज़रूरी

छोटा-सा शब्द थैंक्यू आपके रिश्ते के लिए बहुत अहम् साबित हो सकता है. ज़रा याद करिए, शादी के शुरुआती दिनों में पार्टनर द्वारा कोई काम करने पर जब आप उन्हें थैंक्यू कहते थे, तो कैसे उनके चेहरे पर मुस्कान बिखर जाती थी. पति-पत्नी यदि एक-दूसरे की मदद की एवज़ में एक-दूसरे के प्रति आभार प्रकट करें, तो निश्‍चय ही ये उनके रिश्ते को सकारात्मक दिशा में ले जाता है और उनके बीच बॉन्डिंग गहरी होती है. अतः इस छोटे शब्द को छोटा समझने की भूल न करें और झट से हमसफ़र को थैंक्यू कहकर स्पेशल फील कराएं.

क्या कहती है स्टडी?

दिल से पार्टनर को कहा गया थैंक्यू शादीशुदा ज़िंदगी को ख़ुशहाल और नई ऊर्जा से भर देता है. जब कपल्स के बीच किसी तरह का मनमुटाव होता है, तो ऐसे नकारात्मक माहौल में किसी छोटी-सी बात के लिए भी दिल से बोला गया थैंक्यू रिश्ते के लिए मरहम का काम करता है.

साथ हंसना भी है फ़ायदेमंद

हंसना भला कौन नहीं चाहता और हंसी से तनाव भी घटता है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि पार्टनर के साथ किसी बात/जोक पर हंसना आपके रिश्ते की सेहत के लिए भी अच्छा है? अतः अकेले में कोई जोक/मैसेज पढ़कर मुस्कुराने की बजाय उसे पार्टनर के साथ शेयर करें और दोनों दिल खोलकर हंसें. इससे सेहत और रिश्ता दोनों बने रहेंगे.

क्या कहती है स्टडी?

साथ हंसने वाले कपल्स का रिश्ता मधुर और मज़बूत होता है. अध्ययन के अनुसार, ऐसे कपल्स एक-दूसरे के प्रति ज़्यादा समर्पित और संतुष्ट रहते हैं. कपल्स का एक साथ हंसना उनके रिश्ते की गहराई और अपनेपन को बढ़ाने के लिए टॉनिक का काम करता है. अध्ययन से ये भी साबित हुआ है कि जो पुरुष पार्टनर अपनी हमसफ़र को हंसने के लिए प्रेरित करते हैं उनका पार्टनर से गहरा लगाव होता है.

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पहला अफेयर: पहला-पहला प्यार है… (Pahla Affair: Pahla Pahla Pyar Hai)

Pahla Affair, Pahla Pahla Pyar Hai
Pahla Affair, Pahla Pahla Pyar Hai
पहला अफेयर: पहला-पहला प्यार है… (Pahla Affair: Pahla Pahla Pyar Hai)

भारतीय नारी के लिए पहला प्यार ही उसके जीवन का आधार होता है. मम्मी-पापा ने भी बचपन से यही सिखाया था कि भारतीय संस्कृति में लड़कियां पहले शादी करती हैं और बाद में उन्हें प्यार होता है. उस वक़्त तक मैं प्यार के एहसास से भी अनजान थी. मेरा तो शौक़ था पढ़ाई और कविताएं लिखना.

जब मम्मी ने मेरी शादी का फैसला सुनाया, तब मेरी उम्र मात्र 17 वर्ष थी.

“पर अभी तो मुझे पढ़ना है.” मैं चिल्लाई थी.

“अभी कौन-सा शादी कर रहे हैं? तू अपनी पढ़ाई पर ध्यान दे.”  मां ने मुझे आश्‍वस्त किया. आख़िर मैं भी जानना चाहती थी कि वो शख़्स कौन है? जब नाम सुना तो पैरों तले ज़मीन ही खिसक गई. हमारे सामनेवाले मकान में रहनेवाले राज ही मेरे होनेवाले पति थे.
मेरी ख़ामोशी को मेरी हां मान लिया गया था. बात आगे चली तो उनकी तरफ़ से भी हां कर दी गई. मेरी दो शर्तें थीं- एक तो मुझे पढ़ाई जारी रखनी है और दूसरी ये कि कॉलोनी में इस रिश्ते की चर्चा नहीं होनी चाहिए. .

हमारी सगाई कर दी गई, परंतु बाकी लोगों से इस बात को छुपाए रखा गया. एक दिन मम्मी से मिलने उनकी सहकर्मी आईं. उनको विदा करने मैं और मम्मी दरवाज़े तक आए तो सामने राज को खड़ा देखकर मैं छुपकर भागना ही चाहती थी कि मम्मी ने अपना पांव मेरे पांव पर ज़ोर से रख दिया. मैं घबरा-सी गई. मुझे कुछ समझ में नहीं आ रहा था कि मैं क्या करूं. मम्मी ने पांव तब तक दबाए रखा, जब तक वो सहकर्मी विदा नहीं हो गई. उनके जाने के बाद मम्मी ने डांटा कि इस तरह भागने की क्या ज़रूरत थी. ऐसे तो किसी को न मालूम हो तो भी पता चल जाएगा.

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आख़िर इस रिश्ते का ऐलान तो करना ही था. ऐलान होते ही चारों तरफ़ हंगामा हो गया था. इस तरह आमने-सामने घरों में रिश्ता होने का कॉलोनी में यह एक अनोखा उदाहरण था. लेकिन मैं इन सबसे दूर पढ़ाई में व्यस्त थी. मुश्किल ये थी कि अब उनका सामना करना भी दूभर हो गया था मेरे लिए. जैसे ही राज सामने दिखते, मैं भागकर अपने घर में घुसकर दरवाज़ा बंद कर लेती.
एक दिन मेरे पीठ दिखाते ही वे बोल पड़े, “नाराज़ हो क्या?” मेरे पांव ठिठक गए. दिल ने कहा, पलटकर देख लूं, पर संस्कारों में मिली मर्यादा मुझे राज को खुलेआम देखने से रोक रही थी.

बस, यहीं से कुछ हलचल-सी हुई मन में. मेरा कवि मन जो प्यार के विषय से अछूता था, कुछ चाहने लगा था. मेरी सारी भावनाएं कलमबद्ध होने लगी थीं. मन में राज के लिए प्यार का अंकुर फूट चुका था, लेकिन मैं उनसे मिलने का साहस नहीं कर पाई. हां, अपनी खिड़की से उनकी एक झलक पाने के लिए हमेशा बेताब रही.

एक दिन मैं अपनी पड़ोस की सहेली के घर बैठी थी कि राज वहां जान-बूझकर पहुंच गए. उन्हें देख मैं घबराहट के मारे सहेली के बाथरूम में जाकर घुस गई. बाथरूम में नल से पानी बह रहा था और नल था कि बंद होने का नाम ही नहीं ले रहा था. मेरे सारे कपड़े भीग गए. मैं फिर भी बाहर नहीं आई. मैं ख़ुद ही नहीं समझ पा रही थी, जिनको देखने के लिए मैं घंटों अपनी खिड़की में खड़ी रहती थी, उनके सामने आते ही मेरी ऐसी हालत क्यों हो जाती है?

वो पहली बार था, जब मैंने प्यार के एहसास को महसूस किया था. आख़िर दो वर्ष बाद इस प्यार की परिणति विवाह में हुई. अब तक डायरी में लिखी सारी भावनाएं शादी के बाद जब मैंने राज के सामने रखीं तो वे आश्‍चर्यचकित रह गए. बोले, “कभी चेहरा भी न दिखानेवाली लड़की अपने मन में इतनी भावनाएं रखती है मेरे प्रति.” आज ज़िंदगी में फूल ही फूल खिले हैं. हम दोनों एक-दूसरे का हाथ थामे अपने पहले प्यार से बनी राहों पर चल रहे हैं.

– संगीता सेठी

समझदारी की सेल्फी से सुधारें बिगड़े रिश्तों की तस्वीर (Smart Ways To Get Your Relationship On Track)

Relationship On Track

चल बेटा सेल्फी ले ले रे… जी हां, ज़माना सेल्फी का है. हम ख़ुद को कैमरे में कैद करने का एक मौक़ा भी नहीं चूकते. हमारी पूरी कोशिश होती है कि हर तस्वीर में हम अच्छे दिखें. तो चलिए, हम भी आपसे सेल्फी लेने के लिए कहते हैं, पर यह सेल्फी होगी आपके व्यवहार की. कितना अच्छा होता अगर कोई ऐसा कैमरा भी होता, जो हमारी सेल्फी में हमारी अंदरूनी ख़ूबसूरती दिखाता या हमारी गलतियां भी दिखाता. आप शायद समझ ही गए होंगे कि यहां बात हो रही है आत्मविश्‍लेषण की.

Relationship On Track
क्यों ज़रूरी है समझदारी की सेल्फी?

अमूमन हमारे जितने मन-मुटाव होते हैं, अधिकतर में हम दूसरों पर सारा दोष मढ़ कर बड़ी आसानी से आगे बढ़ जाते हैं. लेकिन आगे बढ़ते समय हम यह भूल जाते हैं कि कई सारे रिश्ते पीछे ही छूट गए. हमें ऐसा लगता है कि हमें इन रिश्तों की, सगे-संबंधियों की कोई ज़रूरत ही नहीं, पर क्या आप जानते हैं कि आपकी यही सोच आपकी सबसे बड़ी ग़लती है. और ना स़िर्फ ग़लती है, बल्कि समाज के लिए यह सोच बहुत बड़ा ख़तरा भी है, क्योंकि मनुष्य एक सामाजिक प्राणी है.

रिश्तों से अपने आपको अलग कर लेना या उनसे दूर जाना हमारे सामाजिक, मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है. तो यह तो तय है कि रिश्तों को सहेजना बहुत ही आवश्यक है, तो क्यों ना रिश्तों की इस तस्वीर को सुंदर बनाएं.

आजकल किताबी ज्ञान की हम में कोई कमी नहीं, पर याद रखिए किताबें समझदारी नहीं बांटतीं, इसके लिए हमारे अंतर्मन का जागृत होना ज़रूरी है. लेकिन इसे जागृत किया कैसे जाए, यह बहुत आसान नहीं, पर हां मुश्किल भी नहीं. इसके लिए आपको किसी और को नहीं, बल्कि ख़ुद को पहचानने की ज़रूरत है. साथ ही यह कोई एक दिवसीय कार्यक्रम ना होकर निरंतर प्रक्रिया है. आपको बस, करना इतना है कि रोज़ अपनी एक सेल्फी
खींचनी है और यह सेल्फी आप कैसे और कौन-से कैमरे से खीचेंगे, यह हम आपको बताएंगे.

कैसे खींचें समझदारी से सेल्फी?

सच्चाई की फ्लैश लाइट चमकाएं

सच्चाई बहुत ज़रूरी है, क्योंकि झूठ आपको कमज़ोर बनाता है. झूठा अहंकार आपको बार-बार झूठ बोलने पर मजबूर करेगा. इसलिए जब भी किसी से बात करें, तो अपना सच के फ्लैशवाला कैमरा साथ ले जाना ना भूलें. सच बोलना आपको ताक़त देगा. जब कभी आप झूठ का सहारा लेने की कोशिश करें, तो अपने आपको रोक लें. यह स़िर्फ आप कर सकते हैं, क्योंकि केवल आप ही जानते हैं कि आप कब झूठ का सहारा ले रहे हैं. इसके लिए आप ख़ुद को एक छोटी-सी चुनौती भी दे सकते हैं. सोने से पहले किसी काग़ज़ पर दिनभर में आपके द्वारा बोले छोटे से छोटे झूठ की ़फेहरिस्त बनाएं और अगले दिन पिछले दिन से कम झूठ बोलने की कोशिश करें.

अपनी तस्वीर में लाएं अच्छाई की ब्राइटनेस

बेवजह की जलन, दूसरों की नाकामयाबी में ख़ुश होना… ये सभी चीज़ें आपकी अच्छाई को ख़त्म करती है. इस तरह की भावनाएं आपके समझदारी के आईने को धूमिल कर सकती हैं. ये सभी भावनाएं ना स़िर्फ आपके रिश्ते को प्रभावित करती हैं, बल्कि आपके
सोचने-समझने की क्षमता को कमज़ोर करती हैं. जब आपकी अच्छाई चमकेगी, तो आपके अंतर्मन की तस्वीर भी उजली-उजली होगी.
इसके लिए भी एक काम किया जा सकता है. रोज़ कम से कम एक अच्छा काम करें, जैसे- बिना किसी स्वार्थ के दूसरों की मदद.

दूर करें शिकायतों की उदासी

अपनी सेल्फी में यह ज़रूर ध्यान से देखें कि कहीं आप हमेशा जीवन से शिकायतें तो नहीं करते रहते. जिसे अपने जीवन से हमेशा स़िर्फ शिकायतें ही होती हैं, उसका ख़ुश रहना असंभव है. शिकायतों पर ध्यान केंद्रित करने से अच्छा है कि आप उन उपायों पर ध्यान दें, जिनसे शिकायतों को दूर किया जा सकता है. इसके अलावा यह ध्यान में रखें कि कुछ भी परफेक्ट नहीं होता. अपने जीवन को कुछ कमियों के साथ स्वीकार करें.

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खींचें हाई डेफिनेशन तस्वीर

जब समझदारी के कैमरे से सेल्फी लेनी है, तो कोशिश करें कि आपकी तस्वीर हाई डेफिनेशन हो यानी छोटी-छोटी बातों में ना फंसें. यही छोटी बातें हमें छोटा बना देती हैं. अपने जीने के स्तर को ऊंचा उठाएं. झगड़े या छोटी-मोटी नोंक-झोंक, मान-अपमान इन चीज़ों से ऊपर उठकर सोचें. अगर यह छोटी बातें तस्वीर से चली जाएं, तो ख़ुशियों के रंग निखरकर आएंगे.

कहीं तस्वीर में शिकन ना आ जाए

अगर आप जल्दी किसी को माफ़ नहीं कर सकते हैं या किसी बुरी घटना को जल्दी भूल नहीं सकते, तो संभल जाएं, आपकी सेल्फी की ख़ूबसूरती ख़तरे में है. तो करना बस इतना है कि जल्दी से अपनी समझदारी के कैमरे को चार्ज करिए और अपने चेहरे पर आई इस शिकन को मिटा दीजिए. दरअसल, दूसरों को माफ़ करना और कुछ क़िस्से-कहानियों को भूल जाना किसी और के लिए नहीं, बल्कि आपके अपने मानसिक स्वास्थ्य के लिए बहुत ज़रूरी है. अंग्रेज़ी में कहते हैं ना ‘फॉरगेट एंड फॉरगिव’ ये चीज़ें ना स़िर्फ आपको ऊपर उठाती हैं, बल्कि कई सारे रिश्तों को फिर से संवारने का एक और मौक़ा भी देती हैं.

माफ़ी मांग लें

जिस तरह माफ़ करके आगे बढ़ना महत्वपूर्ण है, उसी तरह अपनी ग़लती होने पर या कभी-कभी स़िर्फ परिस्थितियों को संभालने के लिए माफ़ी मांगना ज़रूरी है. माफी मांगने को अपने अहम् के साथ ना जोड़ें यानी माफ़ी मांगने से आप छोटे नहीं होते.

संवार लें बिगड़ी हुई तस्वीर

अगर इतनी जद्दोज़ेहद के बाद भी सेल्फी बिगड़ ही जाए, तो उसे वैसा ही मत छोड़ें, बल्कि अपनी समझदारी से उसे ठीक कर लें. कई बार ऐसा होता है कि लाख संभालने के बावजूद कुछ रिश्ते हाथ से फिसलने लगते हैं. ना चाहते हुए भी हममें वह चीज़ें आ जाती हैं, जो हमारे व्यक्तित्व को ख़राब करती हैं. अगर ऐसा होता भी है, तो वहीं पर रुककर पहले आत्मविश्‍लेषण करें. अपने स्वभाव की बुरी आदतों को दूर करने की कोशिश करें और फिर आगे बढ़ें. इस सेल्फी में आपको ख़ूबसूरत तो दिखना है, पर बाहरी मेकअप से नहीं, बल्कि प्राकृतिक निखार से. याद रखिए कि आपको तस्वीर में सुंदर कैमरा या तस्वीर खींचनेवाला नहीं बनाता, बल्कि आप ख़ुुद बनाते हैं. कहने का तात्पर्य यह है कि जब आप अपने जीवन में ख़ुश ना हों, तो किसी और पर दोष मढ़ने से पहले एक बार ख़ुद को परख लें.

– विजया कठाले निबंधे

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पहला अफेयर: वो एक पल (Pahla Affair: Wo Ek Pal)

Pahla Affair, Wo Ek Pal
Pahla Affair, Wo Ek Pal
पहला अफेयर: वो एक पल (Pahla Affair: Wo Ek Pal)

दिल क्यों बेचैन है, आंख नम है क्यूं… शायद दिल का कोई टांका उधड़ा है…

जाने क्यों ये पंक्तियां मेरे ज़ेहन में सरगोशी कर उठीं. शायद इसका कारण यही रहा होगा कि कोई ज़रूरी काग़ज़ात तलाश करते हुए मेरे हाथों में एक पुरानी पारिवारिक तस्वीर लग गई, जिसमें ‘तुम’ भी हो. वही मनमोहक, चित्ताकर्षक मुस्कान, जो मेरी अंतर्मन की गहराइयों में उतर गई थी. मैं अतीत के गलियारे में उतरता चला जा रहा हूं. पीछे छूट रहा है वर्तमान. मेरी बुआजी के नए घर का शुभ मुहूर्त था कानपुर में. मैं सपरिवार शामिल होने पहुंचा. बुआजी ने मुझे घर की डेकोरेशन का काम सौंपा था, क्योंकि मैं इंटीरियर डेकोरेशन का कोर्स कर रहा था. बस, यही एक काम मेरे दिल को लुभानेवाला था. मैंने अपनी समस्त इंद्रियां केंद्रित कर दी थीं, जान लगा दी थी इस काम को अंजाम देने में.

फंक्शनवाले दिन डेकोरेशन को देखकर सभी के मुंह से निकला ‘वाह’ शब्द मानो मुझे पुरस्कृत कर रहा था, लेकिन उसी गहमा गहमी में एक सुरीला कंठ मुझे झंकृत कर गया… ‘वाओ! क्या बात है?’ जैसे ही मैंने मुड़कर देखा, तो बुआजी की छोटी बेटी यानी मेरी बहन गरिमा के पास एक ख़ूबसूरत परी-सी हल्के सांवले वर्णवाली लड़की खड़ी थी. वह लगातार कुछ कहे जा रही थी, मगर मेरी श्रवणशक्ति होशोहवास खो बैठी. मेरा दिल पहली बार किसी के लिए धड़का था. पहली नज़र में कोई इस क़दर भा जाए, यह पहला अनुभव था मेरा.

मेरी बहन ने डेकोरेशन का क्रेडिट मुझे देते हुए मेरा उससे परिचय करवाया. मैं अपलक उसे निहारता रहा. लेकिन जब गरिमा ने परिचय के दौरान यह कहा कि ‘तुम्हारी’ मंगनी हो चुकी है और एक हफ़्ते बाद ही तुम्हारी शादी है किसी एनआरआई से, तो मुझे झटका-सा लगा. तुम शादी करके इंग्लैंड चली जाओगी.

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यह भाग्य का कैसा क्रूर मज़ाक था कि एक क्षण पहले कुबेर का ख़ज़ाना सौंपकर अगले ही क्षण सारी ख़ुशियां छीन लीं. मेरे चेहरे पर एक के बाद एक कई रंग आकर चले गए. मैंने एक क्षीण मुस्कान के साथ उसे उज्ज्वल भविष्य की
शुभकामनाएं दीं.

मेरे पहले प्यार का ये कैसा अंजाम था? मैं बस ऊपरवाले से बार-बार यही सवाल कर रहा था. उस पर मेरी बदनसीबी का कटाक्ष देखिए, मुझे न स़िर्फ तुम्हारी शादी में शामिल होना पड़ा, बल्कि सारा डेकोरेशन का काम भी करना पड़ा. मेरे लिए यह मंज़र ही कहर बरपानेवाला था.

ख़ैर, मैं मन में एक टीस और ज़िंदगीभर के लिए नासूर लिए वापस अपने शहर आ गया. आज मैं शादीशुदा ज़िंदगी जी रहा हूं, दो प्यारे बच्चे भी हैं, ज़िंदगी से कोई शिकायत भी नहीं, फिर भी दिल का एक कोना सूना-सा लगता है, मानो वो कोना रिक्त रह गया हो.
तुम जहां भी हो, ख़ुश रहो. तुम्हें तो पता भी नहीं होगा कि दुनिया में कोई ऐसा भी है, जो अपनी ज़िंदगी के उस एक पल की क़ीमत आज तक चुका रहा है, जिस पल उसने तुम्हें देखा था. लाख चाहकर भी मैं तुम्हें भूल नहीं पाया. मुहब्बत भी कभी इम्तिहान लेती है. तुम्हें तो शायद मैं याद भी नहीं और एक मैं हूं, जो तुम्हारी यादों को आज तक सीने में संजोए घूम रहा हूं.

मैं अपनी पत्नी से बेवफ़ाई भी नहीं कर रहा, क्योंकि तुम्हारी तो मैं इबादत करता हूं और मरते दम तक करता रहूंगा. तुम ख़ुश रहो, सलामत रहो, यही दुआ है. मुझे तुम्हारी कोई ख़बर तक नहीं, लेकिन यही यक़ीन है कि मेरी जो सांसें चल रही हैं, वो इस बात का सबूत हैं कि तुम सलामत हो!

– कुलविन्दर वालिया