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जगजीत सिंह के पिता चाहते थे वे इंजीनियर बने, पर उन्हें गायकी रास आई.. उनकी मखमली आवाज़ के जादू को सुनते हैं उनकी ग़ज़लों में… (Birth Anniversary: Melodious Songs Of The Jagjit Singh)

अपनी मर्ज़ी से कहां अपने सफ़र के हम हैं
रुख़ हवाओं का जिधर का है उधर के हम हैं…

निदा फ़ाज़ली की इस ग़ज़ल को जगजीत सिंह ने अपनी मधुर आवाज़ से और भी ख़ूबसूरत और आकर्षक बना दिया था. सच है कि कई बार ज़िंदगी के सफ़र में ना चाहते हुए भी हमें अनजाने रास्तों से गुज़रना पड़ता ही है.
आज जगजीत सिंहजी से जुड़ी कुछ कही-अनकही बातों को जानते हैं. साथ ही दिलों को मदहोश कर देनेवाले उनकी ग़ज़लों को भी देखते-सुनते हैं.
जगजीत सिंह का पूरा नाम जगमोहन सिंह धीमन था. वे राजस्थान के गंगाशहर के रहनेवाले थे. उनके पिता चाहते थे कि वे इंजीनियर या आईएएस ऑफिसर बने, लेकिन जगजीत दिल से संगीत के दीवाने थे. वे गाना चाहते थे. अपनी आवाज़ को एक मुक़ाम देना चाहते थे. उनकी पढ़ाई की किताबों से अधिक तो उनकी संगीत के साजो-सामान रहते थे.
पिता की इच्छा का मान रखते हुए वे जालंधर पढ़ाई के लिए गए. उन दिनों वे जालंधर के रेडियो और अपने कॉलेज में भी गाया करते थे. लेकिन सिंगर बनने की चाह दिनोंदिन बढ़ती गई. उनका यह सोचना था कि वह अपने घर गए, तो कभी उनके पिता उन्हें गायक नहीं बनने देंगे, इसलिए वे मुंबई आ गए.
यहां पर काफ़ी संघर्ष करना पड़ा. खाने के लिए उन्होंने होटलों में गाना शुरू किया, ताकि भरपेट भोजन मिल सके. फिर पार्टियों-इवेंट आदि में ग़ज़ल और गाना गाने लगे. उन्होंने ऐड में जिंगल के लिए भी अपनी आवाज़ दी, जिसे लोगों ने काफ़ी पसंद भी किया. ऐसे छोटे-मोटे काम करते रहे और आगे बढ़ते रहे.
उसी दरमियान उनकी मुलाक़ात अजीज मर्चेंट से हुई, जो गुजराती फिल्मों में संगीतकार थे. उन्होंने जगजीत सिंह को एक ऑफर दिया कि उनके लिए बढ़िया काम है. उन्हें ख़ुशी हुई कि फिल्मों में गाने का मौक़ा मिलेगा. लेकिन जब निर्माता से मिलना हुआ, तो उन्होंने फिल्म के हीरो का ऑफर किया. जगजीतजी गाने में अपना करियर बनाना चाहते थे. उन्होंने कहा कि वे यह नहीं कर सकते.
70 के दशक में लता मंगेशकर, मोहम्मद रफी, किशोर कुमार जैसे गायकों का बोलबाला था. तब जगजीत सिंह ने सोचा कि ऐसे तो वे अपने पैर नहीं जमा पाएंगे. तब उन्होंने और चित्रा सिंह ने मिलकर ग़ज़ल सिंगिंग में आगे बढ़ने का निर्णय लिया. उन्होंने अपना पहला एल्बम ‘द अनफॉरगेटेबल’ रिलीज़ किया. यह एल्बम लोगों को इतना पसंद आया कि सुपर-डुपर हिट हो गया. फिर उसके बाद तो जगजीत-चित्रा के एल्बम की सीरीज़ निकलने लगी. लोगों को ख़ूब पसंद आने लगे.70 के दशक के सबसे मशहूर ग़ज़ल गायक जगजीत सिंह आज हमारे बीच नहीं हैं… लेकिन उनकी मखमली आवाज़ का जादू सदा रहेगा. गाने और ग़ज़लों को उनकी आवाज़ और भी उम्दा व ख़ूबसूरत बना देती हैं. आज उनके जन्मदिन पर उनकी बेहतरीन गीत-संगीत के कलेक्शन को सुनते-देखते हैं…

https://youtu.be/ErEpj63mkuU
Jagjit Singh

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