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‘आज भी जी करदा है पिंड अपने नू जावां’ धर्मेंद्र ने आखिरी फ़िल्म में जताई थी गांव जाने की ख्वाहिश, इक्कीस में आखिरी बार उनकी आवाज़ सुनकर इमोशनल हुए फैंस (‘Aaj bhi ji karda hai pind apne nu jaanwa’ Dharmendra yearns to return to his village in moving poem from final film Ikkis, fans get emotional)

बॉलीवुड के लीजेंड एक्टर धर्मेंद्र (Dharmendra) अब इस दुनिया में नहीं हैं. 24 नवंबर को उनका निधन (RIP Dharmendra) हो गया था. उनकी फैमिली, बॉलीवुड और फैंस उनके जाने का गम भुला नहीं पा रहे हैं. सोशल मीडिया पर उनकी पुरानी तस्वीरें, वीडियोज़ और गाने शेयर करके फैंस लगातार धर्मेंद्र को याद कर रहे हैं और उन्हें श्रद्धांजलि दे रहे हैं. इस बीच फ़िल्म 'इक्कीस' (Dharmendra's last film Ikkis) के मेकर्स ने फ़िल्म से एक क्लिप शेयर करके धरम पाजी को श्रद्धांजलि (Tribute to Dharmendra) दी है. इस क्लिप में धरम पाजी ने गांव जाने की इच्छा जताई है. धर्मेंद्र की आवाज़ में ये उनकी ये कविता सुनकर अब फैंस की आंखें नम हो रही हैं. 

Dharmendra

धर्मेंद्र की लाइफ की अनसुनी कहानियां सुनने के लिए देखें ये पॉडकास्ट:

धर्मेंद्र शानदार एक्टर होने के साथ ही बहुत अच्छे इंसान भी थे. वो मिट्टी के बेटे थे और आख़िरी सांस तक उन्हें अपने गांव की मिट्टी से बहुत लगाव था. और उनका ये जुड़ाव उनकी आखिरी कविता में भी साफ झलक रहा है, जिसे उनकी आखिरी फ़िल्म इक्कीस में शामिल किया गया है. 

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अब धर्मेंद्र को ट्रिब्यूट देने के लिए इक्कीस के मेकर्स ने फ़िल्म की ये क्लिप अपने सोशल मीडिया पेज पर रिलीज़ की है. धर्मेंद्र द्वारा पंजाबी में लिखी गई ये कविता उन्हीं की आवाज़ में सुनाई दे रही है. इस क्लिप में धर्मेंद्र कहते हैं, 'आज भी जी करदा है पिंड अपने नू जावां'. आप भी सुनें धर्मेंद्र की आवाज़ में उनकी आखरी कविता.

इस क्लिप में वे अपनी जड़ों, अपनी जन्मभूमि पर लौटने की अपनी इच्छा बता रहे हैं.।वीडियो में धर्मेंद्र अपनी जन्मभूमि पर जाते, लोगों से मिलते और बीते दिनों की यादों को ताजा करते दिख रहे हैं. इत्तेफाक से यह फिल्म असरानी की आखिरी फिल्म भी है, जिनका बीते 20 अक्टूबर को निधन हो गया था. एक छोटे से सीन में धर्मेंद्र और असरानी हंसते हुए नजर आते हैं.

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इक्कीस के मेकर्स ने सोशल मीडिया पर ये वीडियो शेयर करते हुए लिखा, 'आज भी जी करदा है, पिंड अपने नू जावां. धरम जी मिट्टी के सच्चे बेटे थे, और उनके शब्दों में उस मिट्टी की खुशबू है. उनकी यह कविता एक तड़प है, एक लीजेंड की दूसरे लीजेंड को श्रद्धांजलि. हमें यह टाइमलेस कविता देने के लिए धन्यवाद."

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फैंस अब धर्मेंद्र की आखिरी बार आवाज़ सुनकर और उनकी ये कविता सुनकर इमोशनल हो रहे हैं और उन्हें याद करके उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित कर रहे हैं. बता दें कि इक्कीस दिवंगत धर्मेंद्र की आखिरी फ़िल्म है, जो 25 दिसंबर को रिलीज हो रही है.

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