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बॉलीवुड में स्टारकिड्स को भी बहुत संघर्ष करना पड़ता है- तुषार कपूर ने किया खुलासा, एक्टर को भुगतना पड़ा अपने पिता जितेंद्र के स्टारडम का खामियाजा (Jeetendra’s Son Tusshar Kapoor Talks About Struggle Of Starkids In Bollywood Says We Work Equally Hard)

शानदार एक्टिंग, बेहतरीन डांस और दमदार आवाज से दर्शकों का जीतने वाले बॉलीवुड के वेटरन और दिग्गज एक्टर जितेंद्र के बेटे तुषार कपूर ने भी एक्टिंग के क्षेत्र में बॉलीवुड में हाथ आजमाया. लेकिन उन्हें वो सफलता नहीं मिली, जो उनके पिता सुपरस्टार जितेंद्र को मिली थी. एक इंटरव्यू में एक्टर तुषार कपूर ने अपना दर्द बयां करते हुए कहा कि नेपोकिड्स होने के बाद भी उन्हें बॉलीवुड में कड़ा संघर्ष करना पड़ा. साथ ही अपने पिता जितेंद्र के स्टारडम का बोझ भी उठाना पड़ा.

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Tusshar Kapoor

बॉलीवुड एक्टर तुषार कपूर ने एक इंटरव्यू में अपने शुरुआती करियर और नेपोटिज्म को लेकर खुलकर बात की. तुषार ने साल 2001में आई फिल्म 'मुझे कुछ कहना है’ से अपने एक्टिंग करियर की शुरुआत की. फिल्म ब्लॉकबस्टर रही. तुषार को लोगों का प्यार भी मिला, बाद की सभी फिल्में flop रहीं. उन्हें लगातार आलोचनाओं का सामना करना पड़ा. उस वक्त इंडस्ट्री में 'नेपोटिज्म' शब्द ईजाद नहीं हुआ था लेकिन मीडिया का एक वर्ग उन्हें लगातार जज कर रहा था.

Jeetendra and Tusshar Kapoor

इंटरव्यू के दौरान तुषार कपूर बोले - यदि आप किसी प्रेस कॉन्फ्रेंस में बिना मेकअप किए और सिंपल लुक में जाते हैं तो लोग कहते हैं कि आप हीरो जैसे नहीं दिखते. और अगर अच्छे से रेडी होकर तामझाम के साथ जाते हैं, तो बोलते हैं कि आप बहुत फिल्मी हो. कोई भी आदमी आपको नीचे गिराने का मौका नहीं छोड़ता है. इस इंडस्ट्री में जमे रहने के लिए आपको बहुत मोटी चमड़ी का इंसान बनना पड़ता है. मेरी फर्स्ट फिल्म सुपरहिट थी, नहीं तो प्रेशर में मैं भी टूट सकता था. मैंने अपनी आलोचनाओं की तरफ ध्यान नहीं दिया. सिर्फ अपने काम पर फोकस किया.

Jeetendra and Tusshar Kapoor

नेपोकिड्स के बारे अपना दर्द छिपाते हुए तुषार ने बताया कि लोग मानते हैं कि बेशक स्टारकिड्स को रेड कार्पेट बिछा गया मिलता है, लेकिन हकीकत अलग है. हमें भी उतनी ही मेहनत करनी पड़ती है. पहली फिल्म तो मेहनत मशक्कत के बाद मिल जाती है, लेकिन उसके बाद हर कदम पर खुद को साबित करना होता है.

Jeetendra and Tusshar Kapoor

बहुत कम ऐसा होता है कि आउटसाइडर को बॉलीवुड में प्रशंसा मिलती है. वहीं दूसरी तरफ स्टारकिड्स को उनकी मेहनत के बाद ‘मल्टी-स्टारर’ जैसे टैग दिए जाते हैं. लेकिन अब समय के साथ मैं सब सीख गया हूं.

Tusshar Kapoor

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