एक्टर कॉमेडियन राजपाल यादव (Rajpal Yadav) करोड़ों के चेक बाउंस मामले में दिल्ली की तिहाड़ जेल (Rajpal Yadav in Tihar Jail) में बंद हैं. चेक बाउंस केस में दिल्ली हाई कोर्ट से राहत न मिलने के बाद उन्होंने खुद सरेंडर कर दिया है. सरेंडर करने से पहले उन्होंने कहा था कि उनके पास वापस लौटाने के लिए पैसे नहीं हैं. वो अकेले हैं और अकेले ही इस मुश्किल हालात का सामना करना होगा. राजपाल यादव (Rajpal Yadav) के इस कंफेशन ने लोगों को इमोशनल कर दिया और फ़िल्म इंडस्ट्री के इस सच को भी सामने ला दिया कि मुश्किल समय में यहां कोई आपका अपना नहीं है. हालांकि बाद में सोनू सूद राजपाल की मदद को आगे आए और उनकी देखादेखी अब कई लोग राजपाल की ओर मदद का हाथ बढ़ा रहे हैं. इस बीच एक्टर नवाजुद्दीन सिद्दीकी (Nawazuddin Siddiqui) को सोशल मीडिया पर जमकर ट्रोल किया जा रहा है और इस ट्रोलिंग के पीछे वजह भी है.

दरअसल करीब एक साल पहले नवाजुद्दीन सिद्दीकी ने एक इंटरव्यू में राजपाल यादव की जमकर तारीफ (Nawazuddin Siddiqui praised Rajpal Yadav’s generosity) की थी और बताया था कि इंडस्ट्री के कई स्ट्रगलिंग एक्टर्स ने अपने बुरे दिनों में राजपाल के घर खाना खाया है. खुद उन्होंने भी अपने बुरे दौर में उनके घर कई बार खाना खाया है. नवाजुद्दीन का ये इंटरव्यू अब वायरल हो रहा है.

नवाज़ुद्दीन सिद्दीकी ने अपने इस इंटरव्यू में कहा था, "जब राजपाल का काम चल रहा था, बहुत लोग उसके घर पर खाना खाते थे और कभी भी उफ्फ नहीं किया उस आदमी ने, हमेशा दिया. जब हम स्ट्रगल कर रहे थे, मैं क्या बहुत सारे एक्टर जब स्ट्रगल कर रहे थे तो राजपाल का जो घर था एक लंगर की तरह था कोई भी आ कर खा सकता था. बहुत ही कमाल का इंसान है वो. सच बता रहा हूं वो देखने से लगेगा नहीं इस पूरी इंडस्ट्री में सबसे एजुकेटेड एक्टर हम ही दोनों हैं जो दिखने से नहीं लगेगा. स्क्रीन पर भले ही वो जोक्स सुनाता हो, लेकिन असल जिंदगी में वो बेहद सेंसिटिव इंसान है."

नवाज़ुद्दीन ने बताया कि ये वो दौर था जब राजपाल यादव के लिए फिल्मों में किरदार लिखे जा रहे थे. उनकी परफॉरमेंस ने बड़े-बड़े एक्टर्स को पीछे छोड़ दिया था. ऐसे में उनके घर स्ट्रगलिंग एक्टर खाना खाने पहुंच जाया करते थे. इस इंटरव्यू के वायरल होने के बाद नेटीज़न्स नवाज़ुद्दीन पर जमकर गुस्सा निकाल रहे हैं और मुसीबत के समय राजपाल जैसे दोस्त की मदद न करने पर उन्हें बुरी तरह ट्रोल कर रहे हैं.
बता दें साल 2010 में राजपाल यादव ने अपनी डायरेक्टोरियल फिल्म ‘अता पता लापता’ को फाइनेंस करने के लिए मुरली प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड से 5 करोड़ रुपये उधार लिए थे. फिल्म बुरी तरह फ्लॉप हो गई और वो 5 करोड़ का कर्ज चुका नहीं पाए. ये मामला कई सालों से चल रहा है. इसी मामले में उन्हें तिहाड़ जेल के सामने आत्मसमर्पण करना पड़ा है और वो जेल में बंद हैं.
