दिवंगत एक्टर कादर खान को बॉलीवुड का ऑल राउंडर एक्टर कहा जाता था. उन्होंने हर तरह के किरदार (खलनायक, कॉमेडियन, कैरेक्टर रोल) निभाने के अलावा निर्देशक, प्रोडक्शन, स्क्रिप्ट राइटिंग और डायलॉग राइटिंग जैसे सभी काम किए. आइए जानते हैं दिवंगत कादर खान से जुड़ी कुछ खास बातें -
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- कादर खान का जन्म अफगानिस्तान के काबुल में हुआ था.
- उनकी पैदाइश चौथे नंबर पर हुई थी. कादर खान से पहले उनकी मां ने तीन बेटों को जन्म दिया था, लेकिन जब तक कादर 8 साल के हुए, तब तक उन तीनों की मौत हो गई.
- कादर खान के जन्म के बाद उनके माता-पिता अफगानिस्तान से हिंदुस्तान आ गए. पूरा परिवार मुंबई (धारावी) में रहने लगा.
- जब कादर 1 साल के थे, तब उनके माता-पिता का तलाक हो गया.
- सौतेले पिता के साथ उनका बचपन बेहद गरीबी में बीता. बचपन में वे भीख मांगा करते थे. इस बात का खुलासा उन्होंने अपने इंटरव्यू पर भी किया कि सप्ताह में 3 दिन वे और उनकी मां भूखे पेट सोते थे.

- कादर को बचपन से ही लोगों की नकल करने की आदत थी. उन्हें 8 साल की उम्र में एक नाटक में काम करने का मौका मिला.
- कादर ने मां की बात स्कूल जाना शुरू किया. पढ़ाई में वे बेहद होशियार थे.
- उन्होंने मुंबई के इस्माइल युसुफ कॉलेज से ग्रेजुएशन किया. फिर उन्होंने मुंबई के ही एक कॉलेज से सिविल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की.
- कॉलेज में हुए एक नाटक प्रतियोगिता में उन्हें बेस्ट एक्टर और राइटर का खिताब मिला. इसी बीच उन्हें एक फिल्म के लिए डायलॉग राइटिंग का मौका भी मिला.
- इंजीनियरिंग करने के बाद वे एक कॉलेज में लेक्चरर लग गए.

- एक नाटक के दौरान दिलीप कुमार की नजर कादर खान पर पड़ी. दिलीप कुमार ने उन्हें अपनी फ़िल्मों में काम करने का मौका दिया.
- साल 1973 में फिल्म दाग से उन्होंने अपने फिल्मी करियर की शुरुआत की. और लगभग 300 से अधिक फिल्मों में एक्टिंग की.
- उन्होंने लगभग 250 फिल्मों के लिए डायलॉग भी लिखे.
- आखिरी बार 2015 में आई फिल्म 'हो गया दिमाग का दही' में नजर आए थे.
- कादर खान ने अमिताभ बच्चन के साथ लगभग 21 फिल्मों में साथ बतौर अभिनेता या डायलॉग-स्क्रिप्ट राइटर काम किया था.

- उनकी हिंदी में पकड़ अच्छी थी और उन्हें भाषा की भी अच्छी समझ थीं. यही कारण था कि लोग उनकी डायलॉग डिलीवरी के दीवाने थे.
- 31 दिसंबर, 2018 को कनाडा में कादर खान का निधन हो गया था. उन्हें प्रोग्रेसिव सुप्रा न्यूक्लियर पाल्सी डिसऑर्डर हो गया था.
- उनकी हिंदी में पकड़ अच्छी थी और उन्हें भाषा की भी अच्छी समझ थीं. यही कारण था कि लोग उनकी डायलॉग डिलीवरी के दीवाने थे.
- साल 2019 में पद्मश्री पाने वाले कादर 9 बार फिल्मफेयर में नॉमिनेट भी हुए.
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