- मेरा नाम अभिषेक बच्चन के नाम पर रखा गया था, परंतु बाद में बदलकर कृष्णा अभिषेक कर दिया गया था.
- कोई कुछ भी कहे, मेरे मामा (गोविंदा) मामा नंबर वन हैं. मैं उनका बहुत आदर करता हूं, उनसे प्यार भी बहुत है. हमारे बीच किसी भी तरह की कोई कड़वाहट नहीं है.

- धरम जी का क़िरदार निभाना मेरा हमेशा से फेवरेट रहा है. वे सदा मेरे दिल के क़रीब रहे हैं. धर्मेंद्र जी सरल व प्यारे थे. मुझे उनसे बहुत प्यार मिला है.
- आज की भागदौड़ भरी तनावपूर्ण ज़िंदगी में हम किसी को हंसा देते हैं, उनका मूड ख़ुशनुमा बना देते हैं, तो हमारे लिए इससे बड़ी ख़ुशी और कुछ हो ही नहीं सकती. और हम कॉमेडियन्स को फैंस से बहुत प्यार मिलता है. मुझे तो ख़ासकर महिलाओं से बेहद प्यार, आशीर्वाद व सराहना मिलती रहती है, जिसके लिए मैं उनका तहेदिल से शुक्रगुज़ार हूं.
- हर शो के पहले हमारी काफ़ी तैयारी होती है. टीम वर्क होता है. कभी लाइव शो में कुछ ग़लती हो भी जाती है, तो सभी मिलकर उसे संभाल लेते हैं और मज़ेदार बात यह भी है कि यही सीन लोगों को बहुत ज़्यादा पसंद भी आता है. कपिल-सुनील भाई, किकू हम सब के बीच इतना अच्छा तालमेल है कि हर सीन लाजवाब हो जाता है.
- हमारी स्क्रिप्ट भी बहुत लंबी होती है, जिसके लिए ख़ूब रिहर्सल करते हैं. अच्छे परिणाम के लिए कड़ी मेहनत तो लगती ही है.

- मेरे लिए तो मेरी हर भूमिका चुनौतीपूर्ण रही है. कैमरे का सामना करते समय थोड़ी घबराहट रहती है, किंतु यही हौसला भी बढ़ाता है और सब कुछ बढ़िया हो जाता है.
- मुझे जब तनाव होता है तो उसे भी मैं मज़ाक में उड़ा देता हूं. वैसे भी उस समय मेरे सामने कश्मीरा (पत्नी) रहती है और मेरे लिए तो वो ही स्ट्रेस... आप समझ सकते हैं.
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- आज के नए-नए कॉमेडियन काफ़ी टैलेंटेड हैं और बहुत अच्छा काम कर रहे हैं. हम सीनियर्स को रिस्पेक्ट देते हैं. हम भी उनसे बहुत कुछ सीखते हैं. मेरा यह मानना है कि हम सभी एक-दूसरे से कुछ न कुछ सीखते हैं.
- ऊषा गुप्ता

