खाना केवल पेट भरने के लिए नहीं, बल्कि रिश्तों को मज़बूत करने का भी एक माध्यम है, इसलिए खाते समय अपना पूरा ध्यान भोजन और वहां मौजूद लोगों पर रखें, क्योंकि ईटिंग ऐटिकेट्स न केवल आपकी परवरिश को दर्शाते हैं, बल्कि ये दूसरों के प्रति आपके सम्मान को भी प्रकट करते हैं. चाहे आप किसी पारिवारिक कार्यक्रम में हों या किसी प्रोफेशनल मीटिंग में, सही ढंग से खाना आपको आना ही चाहिए.
बैठने और डिनर शुरू करने का भी एक तरीक़ा होता है-
इंतज़ार करना सीखें
जब तक घर के सभी मेंबर या फिर जहां आप डिनर के लिए गए हैं, वहां मेज़बान डिनर टेबल पर ना आ जाएं, तब तक आप खाना शुरू ना करें.
नैपकीन यूज़ करना
बैठने के बाद सबसे पहले अगर वहां नैपकीन रखी है, तो उसे अपनी गोद में रखें. यह इसलिए होता है कि खाना आदि गिर न जाए आपके कपड़ों पर. इस नैपकीन से सिर्फ़ अपनी उंगलियों को पोंछना चाहिए और मुंह को डैब करके पोंछना चाहिए. इसे पूरा मुंह पोंछने के लिए यूज़ ना करें.
खाना खाते समय किन बातों का ध्यान रखें-
मुंह बंद करके खाना खाएं
कुछ लोगों की आदत होती है कि वह हंसते हुए और बात करते हुए खाना खाते हैं और इस बात का भी ध्यान नहीं रखते कि ऐसा करने में आपके मुंह से खाना टेबल पर या दूसरों की प्लेट पर गिर जाता है. ऐसा करना बहुत बुरा होता है और दूसरों का मन ख़राब होता है.
छोटे-छोटे बाइट्स लें
हमेशा छोटे बाइट्स लें, ताकि आप आसानी से चबा सकें और यदि कोई कुछ पूछे, तो जल्दी उत्तर दे सकें.
अपने फोन को डाइनिंग टेबल से दूर रखें
क्या आप उन लोगों में से हैं, जो 24 घंटे अपने फोन में लगे रहते हैं? खाने की टेबल पर आपका ध्यान फोन पर नहीं होना चाहिए. यह सामने वाले के प्रति आपकी डिसरिस्पेक्ट दर्शाता है. अपने स्मार्टफोन को टेबल से दूर रखें और साइलेंट या वायब्रेशन मोड पर सेट करें. जब तक आप भोजन समाप्त न कर लें और मेज से दूर न हो जाएं, तब तक कॉल और मैसेज को बार-बार चेक बिल्कुल न करें.
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कोहनियों को मेज से दूर रखें
खाते समय अपनी कोहनियों को मेज पर न टिकाएं. ऐसा करना अच्छा नहीं लगता.
खाने में कमियां ना निकालें
किसी और के घर जाने पर खाने की टेबल पर किसी डिश की बुराई करना या उनमें कमियां निकालना आपको रूड दिखाता है. ज़रूरी नहीं कि खाने की टेबल पर हर कुछ आपकी पसंद का ही सर्व किया जाए या उसी तरी़के से बनाया गया हो जैसा आप घर पर खाते हैं. वैसे तो अपने घर पर भी खाने की बुराई नहीं करनी चाहिए, क्योंकि खाना चाहे किसी ने भी बनाया हो, उसकी मेहनत लगी है बनाने में.
डिनर टेबल पर मेकअप ना करें
कई महिलाओं की आदत होती है डिनर टेबल पर बैठकर बार-बार अपने बाल संवारने की. यह बहुत ग़लत बात है. आपको पता भी नहीं होता ऐसा करने में आपके कितने बाल टूट कर टेबल पर गिर जाते हैं. इसलिए डिनर करते हुए अपने बाल बार-बार सही ना करें.
कोई डिश दूर रखी है तो उसे पास करने के लिए कहें
मान लीजिए कोई डिश आपकी पहुंच से दूर है, तो आप क्या करेंगे? झुककर या उठकर उसे लेने की कोशिश करेंगे, है न! ऐसा बिल्कुल नहीं करना है. ऐसे में आपके कपड़े गंदे हो सकते हैं और कई बार चीज़ें गिर भी सकती हैं. बेहतर है कि आप अपने सामने वाले को वो डिश सर्व करने को कहें. अगर कुछ डिशेज उनकी पहुंच से दूर हैं, तो आप भी उसे अपने साथी की तरफ़ बढ़ाएं.
फोर्क और नाइफ से खाना ज़रूरी नहीं है
अगर आपको इन चीज़ों से खाना नहीं आता और आप कम्फर्टेबल नहीं हैं, तो ज़बरदस्ती किसी को दिखाने के लिए ऊलजलूल तरी़के से ना खाएं. यह और ज़्यादा बुरा लगता है. इससे अच्छा है आप स्पून से खा लें या जैसे भी आप कम्फर्टेबल हो वैसे खाएं.

बहुत जल्दी जल्दी ना खाएं
ऐसा ना हो कि आपका खाना ख़त्म ही हो जाए और सामने वाला तब तक ढंग से शुरू भी न कर पाया हो. ऐसे में उसको खाना मुश्किल हो जाएगा. इसलिए अच्छा है कि आप धीरे-धीरे खाएं और बाकी लोगों की स्पीड को मैच करें, वरना बाकी लोग अनकम्फर्टेबल हो जाएंगे.
छोटी और बड़ी प्लेट में क्या रखें
स्पून की तरह प्लेट्स की साइज़ भी ख़ास चीज़ों के हिसाब से होती हैं. छोटी प्लेट रोटी या ब्रेड आदि के लिए होती है और बड़ी प्लेट बाकी चीज़ों के लिए. लेकिन अक्सर लोग रोटी को बड़ी प्लेट में रखने की ग़लती करते हैं तो इसका ध्यान रखें.
सर्विंग साइज़ का ध्यान
अपनी प्लेट में उतना ही खाना लें, जितना आप खा सकते हैं. खाना बर्बाद करने से बचें. दूसरी बार लेने से पहले फैमिली के बारे में भी सोच लें. ऐसा न हो कि कोई चीज़ थोड़ी कम हो और बाकी लोगों के लिए बचे ही नहीं.
देरी से न पहुंचें
खाने के तय समय पर ना पहुंचना होस्ट की प्लानिंग में रुकावट पैदा कर सकता है. इससे खाना ठंडा होने का डर रहता है या कोई चीज़ ठंडी परोसनी है, तो वो तैयारी भी प्रभावित हो सकती है. इससे ना केवल होस्ट को असुविधा हो सकती है, बल्कि बाकी लोग भी आपके इंतज़ार में परेशान हो सकते हैं.
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अगर आप किसी रेस्टोरेंट में डिनर के लिए गए हैं तो ध्यान दें-
वेटर से ठीक से बात करें
सबसे पहली बात जिसका आपको ख़्याल रखना है वो यह कि वेटर को ऑर्डर देते समय आप उससे आराम से बात करें. कई लोग वेटर से बहुत बद्तमीज़ी से बात करते हैं. ऐसा करने पर आप ख़ुद ही अपनी इमेज ख़राब करते हैं. आप चाहें तो वेटर से सलाह भी ले सकते हैं कि यहां कि स्पेशल डिश क्या है. इस दौरान मेन्यू में देखने की बजाय वेटर को देखते हुए उससे बात करें.
वेटर को साइन लैंग्वेज से बुलाएं
जब कभी बाहर खाना खाने जाएं, तो वेटर को हाथ हिलाकर या आवाज़ देकर नहीं बुलाना चाहिए. पहले टेबल पर आराम से बैठें और जो भी आसपास वेटर हो, उसे आंखों से इशारा करते हुए बुलाएं या फिर एक्सक्यूज़ मी कहकर बुलाएं.
फिनिश और रेस्ट पोज़ीशन का मतलब ज़रूर पता होना चाहिए
जब आप खाना खा रहे हैं और बीच में रुके हुए हैं, उसे रेस्ट पोज़ीशन कहते हैं. इस दौरान आपकी छुरी प्लेट पर होनी चाहिए और कांटा प्लेट के बीच में होना चाहिए. इससे वेटर को पता चल जाता है कि आपका खाना ख़त्म नहीं हुआ है. अगर आपको ये दिखाना है कि आपने खाना खा लिया है. तो आप कांटे को छुरी के नीचे तिरछा करके रख दीजिए. इससे वेटर समझ जाएगा कि आपका खाना ख़त्म हो चुका है.
हमेशा होस्ट को पे करने दें
टेबल पर इस तरह की कभी लड़ाई नहीं होनी चाहिए कि कौन बिल देगा. अगर आप होस्ट हैं, तो बिल पे करना आपकी ज़िम्मेदारी है. अगर आप रीयूनियन में आए हैं, तो पहले से ही बिल बांटने के लिए दोस्तों से कह दें और टेबल पर एक व्यक्ति को पे करने दें. बाद में आप उस व्यक्ति को अपने खाने के पैसे दे सकते हैं.
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डेजर्ट खाते हुए किस चम्मच का इस्तेमाल करें
डेजर्ट या आइसक्रीम को जिस तरह से परोसा जाता है, इसे उसी हिसाब से खाया भी जाता है. अगर इसे डेजर्ट या आइसक्रीम के कटोरे में परोसा जाता है, तो चम्मच का इस्तेमाल करें. अगर इसे प्लेट में परोसा जाता है, तब आपको चम्मच की जगह कांटे का इस्तेमाल करना चाहिए. अगर केक और आइसक्रीम एक साथ खा रहे हैं, तो आप दोनों चीज़ों का इस्तेमाल कर सकते हैं. आमतौर पर डेजर्ट के साथ स्पून या फोर्क भी सर्व किया जाता है. यदि ऐसा न हो, तो आप होस्ट से या रेस्तरां में इसकी मांग कर सकते हैं.
खाना खाने के बाद
अगर किसी के घर खाने पर गए हैं, तो उठते हुए खाने की तारीफ़ ज़रूर करें. भले ही वह आपके टेस्ट का ना हो, लेकिन उनकी मेहमांनवाज़ी की सराहना करना तो बनता है.
- शिखा जैन

