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रिश्ता जीतने के लिए कभी-कभी हारना भी ज़रूरी (The 13 Winning and Losing Strategies of Marriage)

रिश्ते काग़ज़ों पर इबारतों से नहीं, दिलों में भावनाओं से लिखे जाते हैं. रूठना अगर अपनों का हक़ है, तो मनाना भी एक ज़िम्मेदारी है. याद रखिए, किसी प्रियजन को खो देने के अफसोस से बेहतर है कि अपने अहंकार को खोकर उस रिश्ते को बचा लिया जाए. इसलिए कोई अपना अगर रूठ गया है, तो आज ही पहल कीजिए और उनके चेहरे पर मुस्कान वापस लाइए. मनाना और मान जाना, दोनों ही रिश्ते निभाने की कलाएं हैं. कभी-कभी एक मुस्कुराहट या एक कप चाय भी बड़े-बड़े झगड़े सुलझा देती है. याद रखिए, रिश्ता जीतने के लिए कभी-कभी हारना भी ज़रूरी होता है.

ख़ामोशी छोड़िए

ख़ामोशी ग़लतफहमियों को जन्म देती है. अपनों का रूठना प्रेम की निशानी है. माना कि कोई रूठे, तो तुरंत मनाने के प्रयास अक्सर विफल हो जाते हैं, इसलिए कुछ समय के लिए उन्हें कूल होने के लिए छोड़ देना चाहिए, लेकिन लंबे समय तक इस नाराज़गी पर आपकी ख़ामोशी रिश्तों में दरार डाल सकती है. ऐसे में खामोशी तोड़ कर पहल करना ज़रूरी है.

क्यों जरूरी है मनाना?

आपको समझना होगा कि रिश्ता अहम से बड़ा है. अक्सर ‘मैं ही क्यों झुकूं?’ वाली भावना रिश्तों को ख़त्म कर देती है. झुकना कमज़ोरी नहीं, बल्कि इस बात का प्रमाण है कि आपके लिए रिश्तों और अपने व्यक्ति की अहमियत आपकी ईगो से कहीं ज़्यादा है. मनाना हार नहीं है, बल्कि यह इस बात का सबूत है कि आप उस इंसान को प्यार करते हैं. आपकी एक छोटी सी पहल किसी टूटते हुए रिश्ते को नई ज़िंदगी दे सकती है.

मानसिक सुकून के लिए

अपनों से मनमुटाव होने पर मन भारी रहता है और तनाव बढ़ता है. रूठे हुए साथी या मित्र को मना लेने से मन का बोझ हल्का हो जाता है और घर का माहौल खुशनुमा बना रहता है. जब घर का कोई सदस्य रूठा हो, तो पूरे घर की ऊर्जा नकारात्मक हो जाती है. इसका सीधा असर आपके मानसिक स्वास्थ्य और बच्चों पर पड़ता है. एक प्यारी सी मुस्कान या सॉरी के साथ माहौल को हल्का करना न केवल दूसरों के लिए, बल्कि आपकी अपनी शांति के लिए भी ज़रूरी है.

यादों का निवेश बचाने के लिए

सोचिए, आपने किसी के साथ सालों बिताए, हज़ारों यादगार पल जुटाए और एक छोटी सी बात पर वह सब धुंधला पड़ जाए? अपनों को मनाना दरअसल उन ख़ूबसूरत यादों और भविष्य के साझा सपनों को सुरक्षित रखने का एक निवेश है.

कड़वाहट बढ़ने से रोकने के लिए

नाराज़ व्यक्ति का गुस्सा अगर वक्त पर शांत न किया जाए, तो वह धीरे-धीरे नफरत या दूरी में बदल सकता है. समय रहते मना लेने से कड़वाहट जड़ नहीं पकड़ पाती और रिश्ता तरोताज़ा बना रहता है.

यादों और संबंधों की सुरक्षा

एक छोटा सा झगड़ा सालों की ख़ूबसूरत यादों पर पानी फेर सकता है. रिश्ते को सहेजने का प्रयास यह दर्शाता है कि आप आनेवाले कल को भी उसी इंसान के साथ साझा करना चाहती हैं.

समझिए रिश्तों की अहमियत

रिश्ते रेशम की डोर की तरह होते हैं- ख़ूबसूरत, लेकिन नाज़ुक. किसी भी रिश्ते में, चाहे वह पति-पत्नी का हो, सहेलियों का या मां-बेटी का, छोटी-मोटी तकरार होना स्वाभाविक है, लेकिन समस्या तकरार से नहीं, बल्कि उस रूठने से शुरू होती है, जो बातचीत के दरवाज़े बंद कर देता है. अपनों को मनाना केवल एक औपचारिकता नहीं, बल्कि उस रिश्ते की उम्र बढ़ाने का एक तरीका है.

ऐसे मनाइए रूठे रिश्ते को

कभी-कभी सिर्फ ‘सॉरी’ कहना काफी नहीं होता, खासकर तब जब नाराज़गी गहरी हो. ऐसे में आपकी रचनात्मकता, सच्चाई और पहल की गंभीरता जादू की तरह काम कर सकती है:

खोलें पुरानी यादों का पिटारा

अपने पुराने एल्बम से कोई ऐसी फोटो निकालें, जिसमें आप दोनों बहुत ख़ुश हों. उसे उनके वर्क डेस्क या आईने पर चिपका दें और नीचे लिखें- ‘क्या हम इस मुस्कुराहट को वापस ला सकते हैं?’ पुरानी यादें अक्सर वर्तमान के गुस्से को पिघला देती हैं.

पसंदीदा स्वाद का जादू

कहते हैं दिल का रास्ता पेट से होकर जाता है. कभी-कभी शब्दों से ज़्यादा स्वाद काम कर जाता है. उनकी पसंद की डिश बनाकर सर्व करना एक मूक ‘सॉरी’ की तरह होता है. नाराज़ व्यक्ति के पसंदीदा स्नैक्स या डिश के साथ एक छोटा सा कार्ड रखें, जिस पर लिखा हो- ‘माना गुस्सा जायज़ है, लेकिन इस डिश की क्या ग़लती? ठंडा होने से पहले चख लीजिए!’

सॉरी की डिजिटल झप्पी

अगर आप सामने से बात करने में झिझक रही हैं, तो उनकी पसंदीदा प्लेलिस्ट का कोई गाना भेजें या एक छोटा सा वीडियो संदेश रिकॉर्ड करें जिसमें आप अपनी क्यूट सॉरी वाली शक्ल दिखा रही हों. डिजिटल दुनिया में यह एक व्यक्तिगत स्पर्श होगा.

गिफ्ट कूपन

एक छोटा सा कार्ड बनाएं जिस पर लिखा हो- यह कूपन एक बिना बहस वाली शाम या आपकी पसंद की फिल्म के लिए वैध है. यह मज़ेेदार तरीका न केवल तनाव कम करता है, बल्कि पार्टनर के चेहरे पर मुस्कान भी ले आता है.

मौन मुस्कान और एक झप्पी

कभी-कभी शब्दों की ज़रूरत नहीं होती. बस उनके पास जाकर चुपचाप बैठ जाना या एक जादू की झप्पी देना हज़ार शब्दों से ज़्यादा असरदार होता है. स्पर्श में वह शक्ति है जो बड़े से बड़े विवाद को शांत कर सकती है.

शिखर चंद जैन

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