बॉलीवुड के बेहतरीन विलेन में से एक हैं मुकेश ऋषि, जिन्होंने अपनी दमदार आवाज और शानदार खलनायकी से फैंस के दिलों में अपने लिए एक खास जगह बनाई. आज हम आपको बता रहे हैं मुकेश ऋषि और बॉलीवुड के हीमैन धर्मेंद्र से जुड़ा एक किस्सा.

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बॉलीवुड के पॉपुलर विलेन में से एक मुकेश ऋषि हैं मुकेश ऋषि, जिन्होंने बेहद डरावने और खूंखार विलेन का किरदार निभाकर दर्शकों के दिलों में खौफ पैदा कर दिया था. मुकेश ऋषि के खूंखार विलेन वाले किरदार आज भी दर्शकों के जेहन में बसे हुए हैं. जिनमें ‘गुंडा’ के ‘बुल्ला’, ‘जुड़वा’ के ‘रत्नलाल टाइगर’, ‘सूर्यवंशम’ के ‘देशराज ठाकुर’, ‘बंधन’ के ‘गजेंद्र’ से लेकर ‘घातक’ में ‘जीना’ जैसी फिल्में शामिल हैं.

मेरी सहेली पॉडकास्ट पर आए मुकेश ऋषि से जुड़ा एक किस्सा हम आपको बताते हैं. किस्सा साल 1992 में आई फिल्म हमला के सेट से था. इस फिल्म मुकेश विलेन के रोल में थे, और उनके साथ उस दौर के सुपर स्टार धर्मेंद्र थे. शूटिंग करते हुए मुकेश ने जानबूझकर धर्मेंद्र को इग्नोर किया था. सब लोग हैरान थे कि मुकेश ऐसा कैसे कर सकते हैं. इतने बड़े स्टार को कौन नखरे दिखा सकता है. फिर बाद में खुद मुकेश ऋषि ने इसके पीछे का सच बताया.

मुकेश ऋषि ने बताया- मैंने धर्मेंद्र को सेट पर देख लिया था. फिर भी मैंने उन्हें इग्नोर किया था. इसके पीछे की एक ठोस वजह भी थी. धर्मेंद्र जी मेरे लिए बहुत बड़े स्टार रहे हैं. उनके पोस्टर मेरी अलमारी में लगे होते थे. फिल्म हमला में मैं उनके साथ काम कर रहा था. हमारा पहला शूट था. धर्मेंद्र जी सेट पर आए. मुझे भी पता था कि वो वहीं सेट पर है. लेकिन मैं उनसे मिलने नहीं गया. मैंने पहले अपनी लाइनें बोलीं. फिर मैं सेट पर गया और फिर वो शूट पूरा हुआ.

जब शूट पूरा हो गया तो मैं धर्मेंद्रजी के पैरों में गिर गया. उन्हें बताया कि मैंने ये सब इसलिए किया क्योंकि अगर मैं उनसे शूट से पहले मिल लेता तो मैं उस रिस्पेक्ट से बाहर नहीं आ पाता. मैं उनकी बहुत इज्जत करता हूं. तो मैंने सोचा कि पहले सीन पूरा हो जाए तो ही मिलूंगा.

बता दें कि मुकेश ऋषि और धर्मेंद्र ने अनेक फिल्मों में एक साथ में काम किया है. दोनों की पहली फिल्म थी हमला (1992). दूसरी फिल्म जियो शान से (1997), जुल्मोसितम (1998), न्यायदाता (1999)और लौह पुरुष (1999) हैं.
