नाना पाटेकर (Nana Patekar) के निधन (Nana Patekar’s death) से पूरी फ़िल्म इंडस्ट्री शोक में डूब गई है. किसी को अब भी यकीन नहीं हो रहा है कि नाना अब हमारे बीच नहीं हैं. लोग उनकी पुरानी बातें याद कर (Remembering Nana Patekar) उन्हें याद कर रहे हैं. ऐसे में मौत और ज़िंदगी पर उनका एक पुराना बयान भी वायरल हो रहा है, जिसमें उन्होंने बताया था कि उन्होंने अपनी अंत्येष्टि के लिए 12 मन लकड़ियां इकठ्ठी9 कर रखी हैं.

यह इंटरव्यू कोरोना महामारी के दौरान हर तरफ मौत के खौफ के अनुभव के बीच दिया था और ज़िंदगी और मौत पर गहरी बात शेयर की थी. नाना ने कहा था, “मुझे मालूम है कि कल मरने वाला हूं मैं, मुझे मृत्यु पर विश्वास है. इसी वजह से मुझे इन बातों में कोई दिलचस्पी नहीं है. जो लोग सोचते हैं कि हम कभी मरने वाले नहीं हैं, वो बटोरते रहते हैं. वो बस जुटाते रहते हैं.”

नाना ने आगे कहा था, “मुझे मालूम है कि जाना है और 12 मन लकड़ी लगने वाली है. यही मेरी पूरी प्रॉपर्टी है. इसी के साथ चला जाऊंगा. मैंने अपने लिए 12 मन सूखी लकड़ियां जमा कर रखी हैं और परिवार से कह दिया है कि मुझे इसी में जलाना. गीली लकड़ी का इस्तेमाल मत करना, नहीं तो धुआं उठेगा और लोगों की आंखों में पानी आ जाएगा. और मरते वक्त मुझे यह गलतफहमी होगी कि वो मेरे लिए रो रहे हैं. कम से कम मरते वक्त तक गलतफहमी नहीं होनी चाहिए.”

उन्होंने कहा था, “मौत के दो-चार दिन बाद कोई याद नहीं रखता. इसलिए मैंने अपने परिवार से कह रखा है कि मेरे मरने के बाद मेरी कोई तस्वीर मत लगाना.” नानां ने कहा कि वो मृत्यु में विश्वास करते हैं और ज़िंदगी की सच्चाई को जानते हैं, इसलिए बेहद सादगीभरा जीवन जीते हैं. नाना का मानना था कि मौत का एहसास इंसान को ज़्यादा सच्चा और बेहतर बनाता है.

अब उनके निधन के बाद उनका ये इंटरव्यू खूब वायरल हो रहा है और जीवन-मृत्यु पर उनके विचार पढ़कर उनके फैंस और चाहनेवाले भावुक हो रहे हैं.
